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क्या सेशन कोर्ट जाए बिना सीधे हाई कोर्ट में अग्रिम ज़मानत के लिए अर्ज़ी दी जा सकती है? सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में केरल हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर फ़ैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें गिरफ़्तारी से पहले ज़मानत (Pre-Arrest Bail) दी गई, जबकि याचिकाकर्ताओं ने पहले सेशन कोर्ट में अर्ज़ी नहीं दी थी। हालांकि, कोर्ट ने अंतरिम सुरक्षा को पक्का कर दिया, लेकिन उसने एक बड़ा सवाल उठाया कि क्या हाईकोर्ट को सीधे अग्रिम ज़मानत की अर्जियों पर विचार करना चाहिए, जबकि मामले की सुनवाई पहले सेशन कोर्ट में नहीं हुई हो।यह मामला हाल ही में मोहम्मद रसाल सी बनाम केरल राज्य मामले में...

Guruvayur Temple | सुप्रीम कोर्ट का देवस्वोम बोर्ड को निर्देश: पिछले साल की तरह एकादशी पर उदयस्तमन पूजा जारी रखें

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर के प्रशासन और मुख्य तांत्री (पुजारी) को निर्देश दिया कि वे 'वृश्चिकम एकादशी' (जो इस साल 21 नवंबर को है) पर उदयस्तमन पूजा उसी तरह जारी रखें, जैसे पहले की परंपरा के अनुसार होती रही है।कोर्ट ने पिछले साल 25 अक्टूबर को दिए गए अपने उसी आदेश को दोहराया, जो मंदिर प्रशासन के उस फैसले के खिलाफ था जिसमें भीड़ प्रबंधन की चिंताओं के कारण एकादशी पर पूजा रद्द कर दी गई।बता दें, यह विवाद तब शुरू हुआ था जब मंदिर प्रशासन ने तांत्री के समर्थन से भीड़ प्रबंधन में...

Bengal SIR - कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनावों से पहले अपील के जल्द निपटारे के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे वोटर

पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) के बाद वोटर लिस्ट से हटाए गए पांच लोग सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। वे चाहते हैं कि अपीलेट ट्रिब्यूनल उनकी अपील पर जल्द फैसला लें ताकि वे नवंबर में होने वाले कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनावों में वोट डाल सकें।पश्चिम बंगाल SIR मामले में वकील प्रशांत भूषण के ज़रिए दायर एक अर्ज़ी में आवेदकों का दावा है कि उन्हें बिना किसी नोटिस के लिस्ट से हटा दिया गया।वे SIR के फ़ैसले लेने की प्रक्रिया और इसे शुरू करने के मूल रिकॉर्ड की जांच के लिए एक स्पेशल...

सुप्रीम कोर्ट ने NALSA से कहा- वे परमानेंट लोक अदालत के सदस्यों के लिए बेहतर पे-स्केल की मांग वाली याचिका पर विचार करें

परमानेंट लोक अदालत के सदस्यों के लिए बेहतर पे-स्केल की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत ने कहा कि परमानेंट लोक अदालत के सदस्य स्वेच्छा से सेवा देते हैं और वे दूसरों के बराबर वेतन की मांग नहीं कर सकते।CJI ने कहा,"ये कानूनी सहायता योजना का हिस्सा हैं। अगर आपको लगता है कि यह काम का नहीं है तो कृपया इसे छोड़ दें। यह एक तरह की स्वैच्छिक सेवा है। इसमें रिटायर्ड जज और वकील अपनी सेवाएं देते हैं। ये ऐसी सेवाएं नहीं हैं, जिनमें सेवा की शर्तें, बराबरी या समानता जैसी...

जस्टिस उज्ज्वल भुइयां के समर्थन में आये जस्टिस ओक, कहा- बड़े पैमाने पर वोटिंग का अधिकार छीनने के खिलाफ टिप्पणी गलत नहीं

जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की इस टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया कि वोटर्स से बड़े पैमाने पर वोटिंग का अधिकार छीनने को कोई भी कोर्ट सही नहीं ठहरा सकता। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अभय ओक ने जस्टिस भुइयां का बचाव करते हुए कहा कि मौजूदा सुप्रीम कोर्ट जज ने कोई न्यायिक अनुचित काम नहीं किया।जस्टिस ओक ने कहा कि किसी दूसरी बेंच या अपनी ही बेंच के सामने चल रहे मामले के गुण-दोष पर मौजूदा जज का टिप्पणी करना शायद सही नहीं होगा। लेकिन जस्टिस भुइयां के भाषण में ऐसा कुछ नहीं हुआ।उन्होंने कहा कि जज भी...

Shiv Sena Row | ECI के लिए धनुष-बाण चिह्न शिंदे गुट को देना ज़रूरी था, क्योंकि उसने पाया कि वही असली पार्टी है: सुप्रीम कोर्ट में दलील

शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने सीनियर एडवोकेट नीरज किशन कौल ने दलील दी कि जब भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने यह तय कर लिया कि एकनाथ शिंदे गुट ही असली राजनीतिक पार्टी है तो उसके लिए शिवसेना का रिज़र्व्ड चुनाव चिह्न (धनुष-बाण) उसी गुट को आवंटित करना ज़रूरी हो गया।उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव चिह्न को "लगातार चलने वाली कार्रवाई" (Continuing Cause of Action) नहीं माना जा सकता, जो बाद की घटनाओं के आधार पर विरोधी गुटों के बीच बदलता रहे। उन्होंने तर्क दिया कि ECI का शिंदे गुट को 'धनुष-बाण' का...

प्रक्रिया का उल्लंघन ज़ब्ती को अमान्य नहीं करेगा, लेकिन सबूत की अहमियत पर असर डाल सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (8 अक्टूबर) को कहा कि आरोपी द्वारा अपनी जगह से की गई ज़ब्ती के बारे में कोई स्पष्टीकरण न दे पाना उसके खिलाफ दोषी होने का सबूत नहीं माना जा सकता, और ज़ब्ती के सही होने का सबूत देने की ज़िम्मेदारी अभियोजन पक्ष की ही रहती है।जस्टिस उज्ज्वल भुयान और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की बेंच ने उस मामले की सुनवाई की, जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद बेंच ने आपराधिक विश्वासघात (IPC की धारा 409 के तहत) के कथित अपराध में आरोपी के बरी होने का फैसला पलट दिया था। हाईकोर्ट ने उसके घर से...

सुप्रीम कोर्ट में CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर संधू व विवेक जोशी की नियुक्ति को चुनौती

सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी के खिलाफ 'को वारंटो' (अधिकार-पृच्छा) रिट की मांग करते हुए एक याचिका दायर की गई। इसमें आरोप लगाया गया कि उनकी नियुक्तियां 'मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023' के तहत निर्धारित प्रक्रिया का उल्लंघन करके की गईं।सुरी पायला द्वारा अनुच्छेद 32 के तहत दायर यह रिट याचिका 14 मार्च, 2024 की उन अधिसूचनाओं को चुनौती देती है जिनके तहत ज्ञानेश कुमार और...

मौत की सज़ा उम्रकैद में बदलने पर जस्टिस दत्ता की टिप्पणी: सुप्रीम कोर्ट के माफ़ करने वाले रवैये की वजह से देश में अपराध बढ़ रहे हैं

सज़ा कम करने (रेमिशन) से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान, जस्टिस दीपांकर दत्ता ने मौत की सज़ा को उम्रकैद में बदलने के सुप्रीम कोर्ट के माफ़ करने वाले रवैये की मौखिक रूप से आलोचना की। उन्होंने कहा कि कोर्ट को कभी न कभी एक सीमा तय करनी होगी, क्योंकि अपराधों की बढ़ती संख्या के कारण देश संकट का सामना कर रहा है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ऐसे मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें एक व्यक्ति को हत्या का दोषी ठहराया गया था और उसने अपनी सज़ा कम करने की मांग की थी।जस्टिस दत्ता ने मौखिक...

झारखंड DGP नियुक्ति विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 6 महीने से कम सेवा वाले अधिकारी की नियुक्ति पर नियम प्रथमदृष्टया Prakash Singh फैसले के खिलाफ

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के DGP की नियुक्ति से जुड़े नियमों पर प्रथमदृष्टया सवाल उठाते हुए कहा है कि 2025 का वह प्रावधान, जिसके तहत सेवानिवृत्ति से 6 महीने से कम की सेवा शेष रहने वाले अधिकारी को भी DGP नियुक्ति के लिए विचार किया जा सकता है, Prakash Singh फैसले में निर्धारित कानून के विपरीत प्रतीत होता है।चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ ने मामले में सीनियर एडवोकेट राजू रामचंद्रन को Amicus Curiae के रूप में अन्य राज्यों में DGP नियुक्ति से संबंधित कानूनों...

सुप्रीम कोर्ट कर रहा स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के मरीजों को वित्तीय सहायता के लिए समर्पित कोष पर विचार

सुप्रीम कोर्ट ने एक दुर्लभ आनुवंशिक विकार स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी से पीड़ित लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एक समर्पित कोष के निर्माण पर सुझाव मांगे।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ एसएमए रोगियों के लिए पर्याप्त और व्यवस्थित उपचार की कमी पर उठाए गए स्वत: संज्ञान मामले पर सुनवाई कर रही थी।सीनियर एडवोकेट अपराजिता सिंह (एमिक्स क्यूरी के रूप में नियुक्त) और एएसजी अनिल कौशिक उपस्थित हुए।यह मामला कॉमेडियन समय रैना और अन्य से संबंधित...

Delhi Women Safety | सुप्रीम कोर्ट का आदेश: पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाएं, कैब-बस ड्राइवरों की जांच करें और गैर-कानूनी शराब की दुकानें बंद करें

दिल्ली-NCR में हाल ही में हुई रेप की घटनाओं पर खुद संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (5 अक्टूबर) को दिल्ली पुलिस, स्थानीय प्रशासन और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को तुरंत बचाव के उपाय करने का निर्देश दिया। इन निर्देशों में बीट पेट्रोलिंग बढ़ाना, पब्लिक ट्रांसपोर्ट ड्राइवरों की सघन जांच और गैर-कानूनी शराब की दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने चिंता जताते हुए कहा कि सवाल सिर्फ़ यह नहीं है कि सही निर्देश मौजूद हैं या नहीं, बल्कि यह...

सुप्रीम कोर्ट ने सीएम भगवंत मान के OSD के ख़िलाफ़ CBI जांच को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई स्थगित की

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कल तक के लिए टाल दी, जिसमें पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ऑफ़िस से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने और आपराधिक मामला दर्ज करने का निर्देश दिया गया।यह मामला जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच के सामने लिस्ट किया गया। जैसे ही मामले पर सुनवाई शुरू हुई जस्टिस दत्ता ने कहा कि इस मामले पर कल (शुक्रवार) सुनवाई होगी,...

अगर ब्रेकअप के बाद कोई आत्महत्या कर ले तो इसे हमेशा आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं कहा जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला की आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में छह लोगों के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द की। महिला के पार्टनर ने कथित तौर पर उससे शादी करने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि शादी से इनकार करना, भले ही उसके बाद आत्महत्या हो जाए, अपने आप में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला नहीं बनता।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि लोग स्थितियों पर अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया देते हैं और ब्रेकअप के बाद...

Freebies To Doctors : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से फार्मा मार्केटिंग प्रैक्टिस पर नियम बनाने के लिए कमेटी बनाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह फार्मास्युटिकल कंपनियों की अनैतिक मार्केटिंग गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कानूनी नियम बनाने की सिफारिश करने वाली कमेटी बनाए।कोर्ट ने कहा,"कमेटी सुझावों और विचारों पर विचार करेगी और केंद्र सरकार को अपनी सिफारिशें देगी। केंद्र सरकार के अनुपालन हलफनामे पर विचार करने के लिए इस मामले को 29 जनवरी को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया जाता है।" जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह आदेश एक याचिका पर सुनाया, जिसमें फार्मास्युटिकल कंपनियों...

लोधी-काल के स्मारक बने गौशाला और कूड़ा फेंकने की जगह: सुप्रीम कोर्ट ने ASI को लगाई फटकार, कहा- एजेंसी ने अपनी साख खोई

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (7 अक्टूबर) को दिल्ली में हेरिटेज साइट्स (धरोहर स्थलों) के संरक्षण में गंभीर कमियां पाए जाने के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधिकारियों के खिलाफ कड़े आदेश जारी किए।कोर्ट यह देखकर हैरान रह गया कि लोधी-काल के एक स्मारक का इस्तेमाल अब गौशाला के तौर पर किया जा रहा था, और 13वीं सदी की एक इमारत पर निजी कब्ज़ा हो गया।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने ASI के महानिदेशक (जो कोर्ट के पिछले आदेश के बाद वहां मौजूद थे) से...

Shiv Sena Row | सुप्रीम कोर्ट ने ECI के विधायी बहुमत टेस्ट के इस्तेमाल पर सवाल उठाए, पूछा- दोनों गुटों को आधिकारिक चुनाव चिह्न क्यों नहीं रोका गया

शिवसेना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सवाल किया कि क्या भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने शिवसेना के विरोधी गुटों के बीच विवाद पर फैसला करते समय - 'चुनाव चिह्न आदेश' के पैरा 15 के तहत - पार्टी के आरक्षित चुनाव चिह्न को किसी भी गुट को न देने के विकल्प पर विचार किया था।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच उद्धव ठाकरे की उस चुनौती पर सुनवाई कर रही है, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग के उस फैसले को चुनौती दी है - जो 'चुनाव चिह्न आदेश' के पैरा 15 के तहत...

सिविल डिक्री को तेज़ी से लागू करने में रुकावट बनने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के फैसलों पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि उसे दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीज़न बेंच के उस फ़ैसले के बारे में कुछ करना होगा, जो ज़ाहिर तौर पर कोर्ट के लिए 'एक्ज़ीक्यूशन याचिकाओं' (फ़ैसले को लागू करने की याचिकाओं) का तेज़ी से निपटारा करने में बाधा बन रहा है। साथ ही कोर्ट ने उम्मीद भी जताई क्योंकि पिछले छह महीनों में बड़ी संख्या में एक्ज़ीक्यूशन याचिकाओं का निपटारा किया गया, खासकर गुजरात हाईकोर्ट की अगुवाई में।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच देश भर में लंबित एक्ज़ीक्यूशन याचिकाओं के...

सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता का तर्क: CEC की नियुक्ति मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा ने ECI से अपने बेटे के संबंध का खुलासा नहीं किया

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के मामले में 2 जजों की बेंच के बंटे हुए फैसले (स्प्लिट वर्डिक्ट) को वापस लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई। इसमें दावा किया गया कि जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा, जो फैसला सुनाने वाली बेंच का हिस्सा थे, ने चुनाव आयोग के साथ अपने बेटे के संबंध का खुलासा नहीं किया।कहा गया,"याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मामले की 5 सुनवाइयों के दौरान किसी भी समय जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने पार्टियों को यह नहीं बताया कि उनके बेटे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में ECI के लिए स्टैंडिंग काउंसिल के...