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सिर्फ श्री नाम समान होने पर श्रीलंकाई नागरिक को ठहराया आरोपी: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की UAPA के तहत दोषसिद्धि
सिर्फ 'श्री' नाम समान होने पर श्रीलंकाई नागरिक को ठहराया आरोपी: सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की UAPA के तहत दोषसिद्धि

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम [UAPA] के तहत दोषी ठहराए गए एक श्रीलंकाई नागरिक की सजा रद्द कर दी। अदालत ने पाया कि आरोपी की पहचान गलत तरीके से एक फरार मुख्य आरोपी के रूप में कर दी गई थी, केवल इसलिए क्योंकि दोनों के नाम में “श्री” शब्द समान था।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विजय बिश्नोई की खंडपीठ ने मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ और ट्रायल कोर्ट के फैसलों को रद्द करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी की पहचान विश्वसनीय साक्ष्यों से साबित...

एक हाईकोर्ट जज को सुप्रीम कोर्ट के तेज़ी से निपटाने के निर्देश वाले केस की सुनवाई के लिए रात 7 बजे तक बैठना पड़ा: CJI सूर्यकांत
'एक हाईकोर्ट जज को सुप्रीम कोर्ट के तेज़ी से निपटाने के निर्देश वाले केस की सुनवाई के लिए रात 7 बजे तक बैठना पड़ा': CJI सूर्यकांत

इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक मामले की जल्द सुनवाई की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह हाई कोर्ट के जजों पर उनके काम के बोझ को ध्यान में रखे बिना समय-सीमा तय करके उन पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाल सकता।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज को सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय समय-सीमा के भीतर एक मामले की सुनवाई करने के लिए नियमित मामलों के बाद रात 7:10 बजे तक बैठना पड़ा। आखिरकार उन्होंने आदेश पारित करने को टाल दिया, यह लिखते हुए...

हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस को वर्चुअल सुनवाई के के लिए न्यायिक निर्देश जारी करना उचित नहीं: CJI सूर्यकांत
हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस को वर्चुअल सुनवाई के के लिए न्यायिक निर्देश जारी करना उचित नहीं': CJI सूर्यकांत

'सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को याचिका पर सुनवाई करने में अनिच्छा ज़ाहिर की। इस याचिका में ईंधन की खपत कम करने के उपाय के तौर पर दिल्ली की सभी अदालतों में वर्चुअल सुनवाई की अनुमति देने के निर्देश मांगे गए थे।जब एक वकील ने याचिका को तुरंत लिस्ट करने के लिए मौखिक रूप से ज़िक्र किया तो चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है, जिसे न्यायिक पक्ष पर लिया जाए। CJI ने यह भी बताया कि उन्होंने पहले ही हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस से वर्चुअल सुनवाई की अनुमति देने का अनुरोध किया।"शायद...

क्राइम सीन का री-एक्टमेंट हर स्थिति में खुद के खिलाफ गवाही देने के अधिकार का उल्लंघन नहीं करेगा: सुप्रीम कोर्ट
क्राइम सीन का री-एक्टमेंट हर स्थिति में 'खुद के खिलाफ गवाही देने के अधिकार' का उल्लंघन नहीं करेगा: सुप्रीम कोर्ट

यह देखते हुए कि जघन्य अपराधों की जांच में 'अपराध स्थल के री-एक्टमेंट' की तकनीक को काफी अहमियत मिल रही है, सुप्रीम कोर्ट ने इस तकनीक के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि अपराध स्थल के री-एक्टमेंट को सिर्फ इसलिए असंवैधानिक बताकर पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसमें आरोपी भी शामिल होता है।कोर्ट ने साफ किया कि अपराध स्थल के री-एक्टमेंट में आरोपी की भागीदारी संविधान के अनुच्छेद 20(3) (खुद के खिलाफ गवाही देने के मौलिक अधिकार) का उल्लंघन तभी मानी जाएगी, जब इसके ज़रिए आरोपी को अपनी...

दिल्ली बार काउंसिल चुनाव: मतगणना पर रोक हटाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- मामले में गंभीर मुद्दे
दिल्ली बार काउंसिल चुनाव: मतगणना पर रोक हटाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- मामले में गंभीर मुद्दे

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली बार काउंसिल चुनावों की मतगणना जारी रखने की अनुमति देने से इनकार किया।अदालत ने कहा कि मामले में गंभीर मुद्दे शामिल हैं और फिलहाल पहले पारित रोक संबंधी आदेश में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने मौखिक अनुरोध करते हुए कहा कि मतगणना की प्रक्रिया जारी रहने दी जाए, भले ही अंतिम परिणाम घोषित न किए जाएं।इस पर चीफ जस्टिस ने कहा,“हम इसकी अनुमति नहीं देंगे। मामले में गंभीर मुद्दे हैं। आप...

2 लाख से अधिक डॉग बाइट मामले; सुप्रीम कोर्ट बोला- आवारा कुत्तों की समस्या अब बेहद चिंताजनक
2 लाख से अधिक डॉग बाइट मामले; सुप्रीम कोर्ट बोला- आवारा कुत्तों की समस्या अब बेहद चिंताजनक

देशभर में बढ़ते कुत्तों के हमलों और डॉग बाइट की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आवारा कुत्तों की समस्या अब “अत्यंत चिंताजनक” स्तर तक पहुंच चुकी है और यह सीधे तौर पर सार्वजनिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गई है। अदालत ने कहा कि यह घटनाएं अब इक्का-दुक्का नहीं रहीं, बल्कि पूरे देश में लगातार और व्यापक रूप से सामने आ रही हैं, जिनमें गंभीर शारीरिक चोटें, मानसिक आघात और कई मामलों में लोगों की मौत तक हो रही है।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की...

बैंक बड़ी कंपनियों को भारी लोन देने में लापरवाह, लेकिन आम लोगों को मामूली लोन देने में भी बहुत सख़्त: सुप्रीम कोर्ट
बैंक बड़ी कंपनियों को भारी लोन देने में लापरवाह, लेकिन आम लोगों को मामूली लोन देने में भी बहुत सख़्त: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में टिप्पणी की कि आम तौर पर बैंक बड़ी कंपनियों को भारी रकम लोन के तौर पर देने में बहुत लापरवाह हो गए हैं, लेकिन जब आम लोगों की बात आती है तो वे बहुत ज़्यादा छानबीन करते हैं, जो अक्सर "उत्पीड़न की सीमा तक" पहुंच जाती है।ये टिप्पणियाँ जस्टिस अहसानुद्दीन अमनुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने एक ऐसे मामले में कीं, जिसमें याचिकाकर्ता कंपनी भास्कर इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने बिना यह ठीक से जाँच किए कि लोन चुकाया जा पाएगा या नहीं, 8,90,000 रुपये...

BNSS लागू होने के बाद संज्ञान लिया गया हो तो PMLA शिकायत में आरोपी की सुनवाई पहले होना ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट
BNSS लागू होने के बाद संज्ञान लिया गया हो तो PMLA शिकायत में आरोपी की सुनवाई पहले होना ज़रूरी: सुप्रीम कोर्ट

एक अहम फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर कोई मजिस्ट्रेट, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के लागू होने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, 2002 (PMLA) के तहत किसी कथित अपराध का संज्ञान लेता है तो BNSS की धारा 223(1) के पहले प्रावधान का पालन न करने पर वह संज्ञान रद्द माना जाएगा। इस प्रावधान के तहत संज्ञान लेने से पहले आरोपी को सुनवाई का मौका देना ज़रूरी है, भले ही शिकायत BNSS के लागू होने से पहले ही दायर की गई हो।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस नोंगमीकापम कोटिश्वर सिंह की बेंच ने...

ज़मीन मालिकों को दूसरे कानूनी फ़ायदे पाने के लिए कानूनी मुआवज़ा छोड़ने पर मजबूर नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
ज़मीन मालिकों को दूसरे कानूनी फ़ायदे पाने के लिए कानूनी मुआवज़ा छोड़ने पर मजबूर नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (20 मई) को फ़ैसला सुनाया कि मुआवज़े के कानूनी अधिकार को नागरिक अधिकारियों द्वारा लगाई गई अनुबंध की शर्तों के ज़रिए छोड़ा नहीं जा सकता। कोर्ट ने साफ़ किया कि एक बार जब कोई कानून किसी व्यक्ति को मुआवज़े का अधिकार दे देता है तो उस अधिकार को सिर्फ़ इसलिए छोड़ा हुआ नहीं माना जा सकता, क्योंकि ज़मीन मालिक ने किसी दूसरे कानूनी फ़ायदे या सुविधा को पाने की शर्त के तौर पर उसे छोड़ने पर सहमति दी थी।जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की बेंच ने बृहन्मुंबई म्युनिसिपल...

असहमति की आवाज़ को कट्टर और असहिष्णु समूहों से बचाना जरूरी : जस्टिस उज्जल भुइयां
असहमति की आवाज़ को कट्टर और असहिष्णु समूहों से बचाना जरूरी : जस्टिस उज्जल भुइयां

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति के अधिकार की रक्षा होना बेहद जरूरी है और असहमति रखने वालों को राज्य तथा गैर-राज्य दोनों प्रकार के दमनकारी और कट्टरपंथी समूहों से संरक्षण मिलना चाहिए।जस्टिस भुइयां इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ द्वारा आयोजित स्मृति निर्मला देवी बाम अंतरराष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कानून हमें अलग-अलग विचारों और मतों के साथ संवाद करना सिखाता है और भारतीय संविधान भी इसी भावना को स्वीकार करता...

सरकारी कानूनी पैनलों में महिला वकीलों को 30 प्रतिशत आरक्षण की मांग: सुप्रीम कोर्ट का केंद्र और राज्यों को नोटिस
सरकारी कानूनी पैनलों में महिला वकीलों को 30 प्रतिशत आरक्षण की मांग: सुप्रीम कोर्ट का केंद्र और राज्यों को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी कानूनी पैनलों में महिला वकीलों के लिए कम-से-कम 30 प्रतिशत आरक्षण की मांग करने वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और सभी राज्यों को नोटिस जारी किया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने यह आदेश पारित किया। अदालत सीनियर एडवोकेट विकास सिंह की दलीलें सुन रही थी, जो याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए।यह जनहित याचिका लाडली फाउंडेशन ट्रस्ट ने दायर की। याचिका में मांग की गई कि सभी हाइकोर्ट पैनलों, सरकारी विधि अधिकारियों के पदों...

बार-बार अग्रिम ज़मानत याचिकाएं दायर करना प्रक्रिया का दुरुपयोग, इससे मुक़दमेबाज़ी महज़ जुआ बनकर रह जाती है: सुप्रीम कोर्ट
बार-बार अग्रिम ज़मानत याचिकाएं दायर करना प्रक्रिया का दुरुपयोग, इससे मुक़दमेबाज़ी महज़ जुआ बनकर रह जाती है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कम समय के अंतराल पर बार-बार अग्रिम ज़मानत याचिकाएं दायर करने की प्रथा पर नाराज़गी ज़ाहिर की। कोर्ट ने कहा कि अग्रिम ज़मानत का उपाय, जिसका मकसद किसी आरोपी की निजी आज़ादी को पहले से ही सुरक्षित रखना है, उसे महज़ एक जुआ बनाकर नहीं रखा जा सकता।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच द्वारा पारित आदेश रद्द किया। इस आदेश में प्रतिवादी-आरोपी को उसकी लगातार तीसरी याचिका पर अग्रिम ज़मानत दी गई थी। कोर्ट ने पाया कि पिछली दो अग्रिम...

शैक्षणिक संस्थानों में आवारा कुत्तों को खिलाना है तो डॉग-बाइट की जिम्मेदारी भी लें : सुप्रीम कोर्ट
शैक्षणिक संस्थानों में आवारा कुत्तों को खिलाना है तो डॉग-बाइट की जिम्मेदारी भी लें : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि शैक्षणिक संस्थानों में पशु कल्याण समूह (Animal Welfare Groups) या छात्र संगठन तभी आवारा कुत्तों को खाना खिला सकते हैं या उनकी देखभाल कर सकते हैं, जब वे परिसर में किसी भी डॉग-बाइट या संबंधित नुकसान की कानूनी जिम्मेदारी लेने का औपचारिक हलफनामा (Affidavit) दें।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की खंडपीठ ने कहा कि आवारा कुत्तों के अधिकारों और संरक्षण को मानव जीवन एवं...

आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त : सभी हाईकोर्ट्स को निगरानी के निर्देश, लापरवाह अधिकारियों पर अवमानना कार्रवाई की चेतावनी
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त : सभी हाईकोर्ट्स को निगरानी के निर्देश, लापरवाह अधिकारियों पर अवमानना कार्रवाई की चेतावनी

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को देशभर के सभी हाईकोर्ट्स को निर्देश दिया कि वे आवारा कुत्तों को स्कूलों, अस्पतालों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों से हटाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन की निगरानी के लिए स्वतः संज्ञान (Suo Motu) रिट याचिकाएं दर्ज करें। अदालत ने चेतावनी दी कि आदेशों का लगातार उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही (Contempt Proceedings) शुरू की जा सकती है।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की खंडपीठ ने यह...

BREAKING | सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देशों में बदलाव से किया इनकार, कहा- कुत्तों के काटने का खतरा बढ़ रहा है
BREAKING | सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देशों में बदलाव से किया इनकार, कहा- 'कुत्तों के काटने का खतरा बढ़ रहा है'

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपने पहले के निर्देशों को वापस लेने से इनकार किया। इन निर्देशों में कहा गया कि अस्पतालों, बस स्टैंडों, स्कूलों, रेलवे स्टेशनों जैसी सार्वजनिक जगहों से पकड़े गए आवारा कुत्तों को वैक्सीनेशन/नसबंदी के बाद उसी जगह पर वापस नहीं छोड़ा जाना चाहिए।जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने उन कई अर्जियों को खारिज किया, जिनमें पिछले साल नवंबर में कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों में बदलाव की मांग की गई। दूसरे शब्दों में, सार्वजनिक जगहों के परिसर से...

कुत्तों को संस्थागत परिसरों में रहने का पूर्ण अधिकार नहीं, ABC नियम ऐसे परिसरों में उन्हें छोड़ने को अनिवार्य नहीं बनाते: सुप्रीम कोर्ट
कुत्तों को संस्थागत परिसरों में रहने का पूर्ण अधिकार नहीं, ABC नियम ऐसे परिसरों में उन्हें छोड़ने को अनिवार्य नहीं बनाते: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि स्कूलों, अस्पतालों, खेल परिसरों, हवाई अड्डों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों जैसे संस्थागत और प्रतिबंधित-पहुंच वाले परिसरों में पाए जाने वाले आवारा कुत्तों को 'पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2023' के तहत "सड़क के कुत्ते" या "सामुदायिक कुत्ते" के रूप में नहीं माना जा सकता। इसलिए वे पकड़े जाने और नसबंदी के बाद उसी स्थान पर वापस छोड़े जाने का दावा नहीं कर सकते।कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों के पास सभी श्रेणियों के स्थानों पर रहने का कोई "अखंडनीय या पूर्ण अधिकार" नहीं है, चाहे उन...

UAPA ज़मानत पर सुप्रीम कोर्ट के विरोधाभासी फ़ैसलों को लेकर बड़ी बेंच के पास मामला भेजने की मांग करेगी दिल्ली पुलिस
UAPA ज़मानत पर सुप्रीम कोर्ट के विरोधाभासी फ़ैसलों को लेकर बड़ी बेंच के पास मामला भेजने की मांग करेगी दिल्ली पुलिस

दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को मौखिक रूप से बताया कि गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत ज़मानत देने के मुद्दे पर एक बड़ी बेंच द्वारा विचार किए जाने की ज़रूरत हो सकती है, क्योंकि इस मामले में लागू होने वाले कानूनी मानकों पर अलग-अलग बेंचों के फ़ैसले आपस में विरोधाभासी लग रहे हैं।एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पी.बी. वराले की बेंच के सामने यह बात रखी। यह बेंच दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के आरोपी तस्लीम अहमद और 'यूनाइटेड अगेंस्ट हेट'...