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वादी ज़रूरी जानकारी छिपाकर 'साफ़ हाथों' से कोर्ट नहीं आता, उसे 'विशिष्ट पालन' का अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (10 मार्च) को 'विशिष्ट पालन' (Specific Performance) के लिए दायर एक मुकदमा खारिज किया। कोर्ट ने कहा कि जो वादी ज़रूरी जानकारी छिपाकर 'साफ़ हाथों' (Unclean Hands) से कोर्ट नहीं आता, उसे 'विशिष्ट पालन' जैसी न्यायसंगत राहत पाने का अधिकार नहीं है।कोर्ट ने कहा,"विशिष्ट पालन के मुकदमे में पक्षकारों का आचरण बहुत मायने रखता है। इससे कोर्ट को सबूतों का मूल्यांकन करने में मदद मिलती है ताकि यह पता चल सके कि समझौते के समय पक्षकारों की नीयत (Bona Fides) कैसी थी। अगर कोर्ट के मन में...
S. 66 Companies Act | शेयर कैपिटल में कमी के लिए मूल्यांकन रिपोर्ट ज़रूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (10 मार्च) को फैसला सुनाया कि जब कोई कंपनी कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत शेयर पूंजी में कमी करती है तो मूल्यांकन रिपोर्ट प्राप्त करना या उसे प्रसारित करना कोई कानूनी ज़रूरत नहीं है, हालांकि कंपनियां सावधानी के तौर पर ऐसी रिपोर्ट प्राप्त कर सकती हैं।जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने भारती टेलीकॉम लिमिटेड की शेयर पूंजी में कमी के खिलाफ अल्पसंख्यक शेयरधारकों द्वारा दायर अपीलों के ग्रुप को खारिज करते हुए कहा,"शेयर पूंजी में कमी एक विशेष प्रस्ताव और...
मुस्लिम महिलाओं के उत्तराधिकार अधिकारों पर सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी- 'UCC ही समाधान'
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक जनहित याचिका पर संक्षिप्त सुनवाई की, जिसमें मुस्लिम पर्सनल लॉ के कुछ प्रावधानों को महिलाओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण बताते हुए चुनौती दी गई है।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश एडवोकेट प्रशांत भूषण से पूछा कि क्या अदालत पर्सनल लॉ की संवैधानिक वैधता पर फैसला दे सकती है। जस्टिस बागची ने बॉम्बे हाईकोर्ट के प्रसिद्ध 'नरसू अप्पा माली' फैसले का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि पर्सनल लॉ को...
'कंबाला दौड़ को कर्नाटक के कुछ ही इलाकों तक क्यों सीमित रखा जाए?': सुप्रीम कोर्ट ने PETA की चुनौती खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने 'पीपल फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स' (PETA) इंडिया की याचिका खारिज की, जो कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें कहा गया था कि कर्नाटक में कंबाला और बैलों की दौड़ को सिर्फ तटीय जिलों - दक्षिण कन्नड़ और उडुपी तक ही सीमित नहीं रखा जा सकता।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।PETA के वकील ने दलील दी कि ये कार्यक्रम बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड में आयोजित करने का प्रस्ताव है, जबकि ये बेंगलुरु की परंपरा और संस्कृति का हिस्सा नहीं...
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रेनिंग के दौरान विकलांग हुए कैडेट्स के लिए भत्तों पर फैसला न लेने के लिए रक्षा और वित्त सचिवों को चेतावनी दी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उसने उन सैन्य कैडेट्स को आर्थिक लाभ देने पर कोई फैसला नहीं लिया, जिन्हें ट्रेनिंग के दौरान चोट या विकलांगता के कारण सेना से बाहर कर दिया जाता है।कोर्ट ने कहा,"हमने 20 जनवरी को 6 हफ़्ते का समय दिया था। लेकिन इस मामले में कोई प्रगति नहीं हुई। हमारी समझ से बाहर है कि इस कोर्ट द्वारा इस मुद्दे पर खुद संज्ञान (suo motu) लेने के बावजूद रक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय की ओर से कोई जवाब क्यों नहीं आया।" जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस...
सोनम वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर अब 17 मार्च को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका की सुनवाई टाल दी। इस याचिका में लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1980 के तहत निवारक हिरासत में रखे जाने को गैर-कानूनी घोषित करने की मांग की गई। यह याचिका उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंगमो ने दायर की।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने सुनवाई अगले मंगलवार तक के लिए टाल दी। कोर्ट को एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने बताया कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की तबीयत ठीक नहीं है और वे आज कोर्ट नहीं आ...
चौंकाने वाली बात: जम्मू कश्मीर में 5 साल से ज़्यादा समय से 350 से ज़्यादा ट्रायल पेंडिंग- सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे यह जानकर बहुत निराशा हुई कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में 351 सेशन ट्रायल 5 साल से ज़्यादा समय से पेंडिंग हैं। इन मामलों में से 250 मामले गवाहों के मौखिक बयान दर्ज करने के चरण में पेंडिंग हैं।यह याद दिलाते हुए कि आरोपियों को जल्द ट्रायल का अधिकार है, कोर्ट ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश को पेंडिंग ट्रायल को जल्द से जल्द खत्म करने के लिए एक योजना बनानी चाहिए।उल्लेखनीय है कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक मामले में आरोपी एक व्यक्ति को ज़मानत दी थी, जब...
फोन टैपिंग मामले की जांच पूरी होने पर सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना के पूर्व इंटेलिजेंस चीफ को अग्रिम जमानत दी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तेलंगाना स्टेट इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व चीफ टी प्रभाकर राव को कथित अवैध फोन टैपिंग मामले में अग्रिम जमानत दी।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने यह राहत तब दी, जब राज्य सरकार ने बताया कि जांच लगभग पूरी हो चुकी है। साथ ही राव ने कहा कि उन्होंने कोर्ट के सभी आदेशों का पालन किया है और जांच में सहयोग किया।कोर्ट ने कहा,"पेश की गई दलीलों के आधार पर, हम आरोपी को दी गई अंतरिम सुरक्षा को स्थायी बनाते हुए इस अपील का निपटारा करते हैं..." जब इस मामले की सुनवाई...
सुप्रीम कोर्ट पूरे देश में विचाराधीन कैदियों को अदालतों में पेश न किए जाने के मामले की जांच करेगा, सभी हाई कोर्ट और DGP से जवाब मांगा
एक अहम घटनाक्रम में सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका के दायरे को बढ़ा दिया। यह याचिका मूल रूप से महाराष्ट्र की अदालतों में विचाराधीन कैदियों को पेश न किए जाने से जुड़ी थी, लेकिन अब कोर्ट पूरे देश के स्तर पर इस मुद्दे की जांच करेगा।यह देखते हुए कि आरोपियों को अदालतों में पेश न करना एक देशव्यापी समस्या है, जो किसी एक राज्य तक सीमित नहीं है और जिस पर व्यापक रूप से विचार-विमर्श की ज़रूरत है, जस्टिस अहसानुद्दीन अमनुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने निर्देश दिया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों...
'अधिकारियों की लापरवाही से सार्वजनिक ढांचा हुआ क्षतिग्रस्त': जोजरी नदी प्रदूषण मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
राजस्थान की जोजरी नदी के प्रदूषण से जुड़े स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि नदी के पुनर्जीवन के लिए गठित हाई-लेवल इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी को पर्याप्त लॉजिस्टिक सहायता नहीं दी जा रही है।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि राजस्थान के अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने अदालत के समक्ष सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली से ऐसा प्रतीत नहीं होता कि वे इस मुद्दे...
पश्चिम बंगाल SIR: मतदाता सूची से नाम हटाने के खिलाफ अपील सुनने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दिया पूर्व हाईकोर्ट जजों का ट्रिब्यूनल बनाने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ अपील सुनने के लिए अपीलीय ट्रिब्यूनल गठित किए जाएं, जिनमें पूर्व हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश और पूर्व हाईकोर्ट न्यायाधीश शामिल होंगे।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने यह निर्देश उस समय दिया जब याचिकाकर्ताओं की ओर से यह चिंता जताई गई कि SIR प्रक्रिया में दावों को खारिज किए जाने के खिलाफ स्वतंत्र अपील तंत्र मौजूद नहीं...
लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत, पीएम और पहलगाम हमले पर पोस्ट से जुड़ा मामला
सुप्रीम कोर्ट ने लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को गिरफ्तारी से राहत देते हुए अग्रिम जमानत दी। बता दें, यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक पोस्ट से जुड़ा है।जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने यह आदेश पारित किया।सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से अदालत को बताया गया कि कोर्ट के पहले के आदेश के अनुसार नेहा सिंह राठौर जांच अधिकारियों के सामने पेश हो चुकी हैं और उनका बयान दर्ज कर लिया गया।इसके बाद अदालत...
बिना वजह मामलों का मेंशन न करें, वरना सूचीबद्ध नहीं करूंगा: CJI सूर्यकांत की वकीलों को सख्त चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने मंगलवार को वकीलों द्वारा बार-बार मामलों को सूचीबद्ध कराने के लिए मौखिक उल्लेख (मेंशन) करने की प्रथा पर नाराज़गी जताई।उन्होंने साफ कहा कि अब मामलों की सूचीबद्धता के लिए स्वचालित व्यवस्था लागू हो चुकी है, इसलिए रोज सुबह अदालत में आकर मेंशन करने की आवश्यकता नहीं है।अदालत में कई वकीलों को मामलों का उल्लेख करने के लिए कतार में खड़ा देख चीफ जस्टिस ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि इससे गलत संदेश जाता है कि बिना मेंशन किए मामला सूचीबद्ध नहीं होगा।CJI ने कहा,“आप सब...
COVID-19 टीकाकरण से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के लिए 'नो-फॉल्ट मुआवजा नीति' बनाए केंद्र: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह कोविड-19 टीकाकरण के बाद गंभीर प्रतिकूल प्रभाव (Adverse Events) झेलने वाले लोगों के लिए “नो-फॉल्ट मुआवजा नीति” तैयार करे।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने यह निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि टीकाकरण के बाद होने वाली प्रतिकूल घटनाओं की निगरानी के लिए पहले से मौजूद AEFI (Adverse Events Following Immunization) प्रणाली पहले की तरह ही जारी रहेगी।अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे प्रतिकूल प्रभावों से संबंधित डेटा समय-समय पर...
फैक्ट चेक यूनिट से जुड़े आईटी नियमों पर बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को मंजूरी दी
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें बॉम्बे हाईकोर्ट के सितंबर 2024 के फैसले को चुनौती दी गई है। इस फैसले में हाईकोर्ट ने आईटी नियमों के उन प्रावधानों को रद्द कर दिया था, जो केंद्र सरकार को फैक्ट चेक यूनिट (FCU) स्थापित करने का अधिकार देते थे।हालांकि, अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की उस मांग को खारिज कर दिया, जिसमें हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने की अपील की गई थी।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस आर. महादेवन...
पुणे पोर्शे दुर्घटना मामला: ब्लड सैंपल बदलने की साजिश के आरोपी नाबालिग चालक के पिता को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पुणे पोर्शे कार दुर्घटना मामले में नाबालिग आरोपी के पिता विशाल अग्रवाल को जमानत दे दी। यह मामला 19 मई 2024 को हुए उस हादसे से जुड़ा है जिसमें पोर्शे कार की टक्कर से दो लोगों की मौत हो गई थी।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ ने कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री और इस तथ्य को देखते हुए कि इसी मामले में अन्य आरोपियों को भी राहत दी जा चुकी है, याचिकाकर्ता जमानत का हकदार है। अदालत ने यह भी नोट किया कि अग्रवाल पिछले 22 महीनों से जेल में हैं।अदालत ने कहा...
Order XLI Rule 27 CPC | अपील के चरण में अतिरिक्त सबूत पेश करने का कोई निहित अधिकार नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (9 मार्च) को फैसला सुनाया कि पक्षकारों के पास अपील के चरण में CPC के Order XLI Rule 27 के तहत रिकॉर्ड पर अतिरिक्त सबूत लाने का कोई निहित अधिकार नहीं है, क्योंकि यह अपील कोर्ट के विवेक पर निर्भर करता है कि वह CPC के Order XLI Rule 27 में बताई गई कुछ शर्तों के पूरा होने पर ही अतिरिक्त सबूतों की अनुमति दे।जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने यह टिप्पणी की,"...अपील कोर्ट अतिरिक्त सबूतों की अनुमति तभी दे सकता है, जब वह इस बात से संतुष्ट हो जाए कि CPC के Order XLI Rule...
ग्वालियर में हज़रत शेख मुहम्मद गौस की मज़ार पर उर्स और नमाज़ की इजाज़त की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने मांगा ASI से जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के एक आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। इस आदेश में हाईकोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के उस फैसले को सही ठहराया था, जिसमें ग्वालियर में हज़रत शेख मुहम्मद गौस की मज़ार पर (जो केंद्र द्वारा संरक्षित स्मारक है) उर्स और नमाज़ की इजाज़त देने से मना कर दिया गया था।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने ASI और भारत सरकार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) के जवाब में एक जवाबी...
NCERT ने स्वतः संज्ञान मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले न्यायिक भ्रष्टाचार पर अध्याय के लिए माफी मांगी
नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कक्षा 8 की पाठ्यपुस्तक में न्यायिक भ्रष्टाचार पर एक अध्याय प्रकाशित करने के लिए सार्वजनिक माफी मांगी।उल्लेखनीय है कि यह सार्वजनिक माफी उस स्वतः संज्ञान मामले में सुप्रीम कोर्ट की निर्धारित सुनवाई से एक दिन पहले आई, जिसमें कोर्ट ने 26 फरवरी को NCERT के निदेशक और स्कूली शिक्षा विभाग के सचिव को अवमानना की कार्यवाही के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किए।अध्याय की सामग्री का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने पाठ्यपुस्तक के वितरण पर रोक लगाने और...
बहू से झगड़ा करना अपने आपमें क्रूरता या दहेज उत्पीड़न का अपराध नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (9 मार्च) को दहेज उत्पीड़न के मामले में महिला के सास-ससुर के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द की। कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप अस्पष्ट और एक जैसे हैं।कोर्ट ने कहा कि अपील करने वालों (सास-ससुर) के खिलाफ एकमात्र आरोप यह है कि वे महिला से झगड़ा करते थे। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ झगड़ा करना अपने आप में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A और दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत घरेलू क्रूरता या दहेज उत्पीड़न का अपराध नहीं माना जाएगा।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस...




















