बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला: गाली-गलौज ही IPC की धारा 294 के तहत अपराध नहीं
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि केवल अपमानजनक, अश्लील या मानहानिकारक भाषा का उपयोग करना भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 294 के तहत अपराध नहीं है, जब तक कि वह कार्य अश्लील न हो और किसी सार्वजनिक स्थान पर या उसके पास किसी अन्य व्यक्ति को झुंझलाहट न पहुंचाए।जस्टिस एम. एम. नेरलिकर ने दोहराया कि अपराध साबित करने के लिए झुंझलाहट और अश्लीलता दोनों ही अनिवार्य तत्व हैं। इन्हें साक्ष्य के माध्यम से विशेष रूप से स्थापित किया जाना चाहिए।याचिकाकर्ता पर सरकारी कॉलेज के प्रिंसिपल के...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 'JIO' ट्रेडमार्क उल्लंघन मामले में रिलायंस को अंतरिम राहत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड को अंतरिम निषेधाज्ञा जारी करते हुए www.jiocabs.com डोमेन नाम से टैक्सी सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनियों द्वारा उसके रजिस्टर्ड 'JIO' ट्रेडमार्क के इस्तेमाल पर रोक लगाई।जस्टिस सोमशेखर सुंदरेशन की पीठ ने कहा कि रिलायंस ने प्रथम दृष्टया एक मजबूत मामला बनाया और कहा कि एक प्रसिद्ध ब्रांड का निरंतर उपयोग गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।पीठ ने कहा,"एक प्रसिद्ध और संरक्षित ब्रांड नाम का निरंतर उपयोग वास्तव में गंभीर नुकसान पहुंचाएगा। प्रतिवादियों...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने BNS और ST/ST Act के तहत दर्ज मामले में अपीलकर्ता को दी अंतरिम राहत
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए मुकेश लल्लू प्रसाद यादव को अग्रिम जमानत के रूप में अंतरिम संरक्षण प्रदान किया। यह आदेश सी.आर. नं. 57/2025 के संदर्भ में पारित हुआ, जो वंगांव पुलिस स्टेशन, पालघर (महाराष्ट्र) में भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (SC/ST Act) के अंतर्गत दर्ज किया गया।जस्टिस एस. एम. मोडक की खंडपीठ ने यह आदेश क्रिमिनल अपील क्रमांक 969/2025 में पारित किया।सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता की ओर...
बॉम्बे HC ने शिल्पा शेट्टी-राज कुंद्रा से कहा, विदेश जाने से पहले जमा करें ₹60 करोड़
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार (8 अक्टूबर) को अभिनेता शिल्पा शेट्टी और उनके व्यवसायी पति राज कुंद्रा से कहा कि यदि वे लॉस एंजेलिस और अन्य विदेशी देशों की यात्रा के लिए अपनी याचिका पर विचार कराना चाहते हैं, तो उन्हें ₹60 करोड़ जमा करना होगा।यह याचिका तब दायर की गई थी जब इस जोड़े ने उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) को रद्द करने का अनुरोध किया था, जो एक एफआईआर से जुड़ा था, जिसमें कथित ₹60 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया गया था। एफआईआर व्यवसायी दीपक कोठारी के द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिन्होंने दावा किया कि...
नागरिकों का सार्वजनिक कार्यालयों में जाने का पूर्ण अधिकार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूर्व कर्मचारी पर WCL परिसर में प्रतिबंध को सही ठहराया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि कोई भी नागरिक शिकायत दर्ज करने के नाम पर सार्वजनिक कार्यालयों में जाने का पूर्ण अधिकार नहीं जता सकता।नागपुर पीठ में कार्यरत जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस रजनीश व्यास की खंडपीठ ने वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) का फैसला बरकरार रखा, जिसमें पूर्व कर्मचारी किशोर चाकोले को "पर्सोना नॉन ग्राटा" (Persona Non Grata - अवांछित व्यक्ति) घोषित करते हुए उसके WCL परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी।कोर्ट ने गौर किया कि चाकोले जिसे 2004 में नौकरी से हटा दिया गया...
पोर्टल बंद होने पर नियुक्ति अस्वीकार करना असंवैधानिक: बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिक्षक के पक्ष में सुनाया फैसला
बॉम्बे हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने हाल ही में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि किसी शिक्षक की नियुक्ति को केवल इस आधार पर अस्वीकार करना अवैध है कि भर्ती अनिवार्य पवित्रा पोर्टल के माध्यम से नहीं की गई यदि वह पोर्टल भर्ती के समय गैर-कार्यशील था। कोर्ट ने कहा कि शिक्षा अधिकारी द्वारा स्कूल के पूर्व संचारों का जवाब न देना भी अस्वीकृति का आधार नहीं हो सकता।जस्टिस एम.एस. कर्णिक और जस्टिस शर्मिला यू. देशमुख की खंडपीठ ने शिक्षा अधिकारी के आदेश को अटिकाऊ और मनमाना बताते हुए रद्द कर दिया।मामलायाचिकाकर्ता...
खाता धोखाधड़ी मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल अंबानी की याचिका खारिज की
उद्योगपति अनिल अंबानी द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि जब भी किसी कंपनी के खाते को "धोखाधड़ी" के रूप में वर्गीकृत किया जाता है तो उसके प्रमोटर, निदेशक या उक्त कंपनी पर नियंत्रण रखने वाला कोई भी व्यक्ति भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के मास्टर निर्देश, 2024 के तहत दंडात्मक कार्रवाई के लिए स्वतः ही उत्तरदायी हो जाता है।गौरतलब है कि अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के लोन अकाउंट को इस साल जून में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा "धोखाधड़ी" घोषित किया गया था, जिसमें...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कुंबी-मराठा को OBC दर्जा देने वाले GR को रोके जाने से किया इनकार, राज्य से मांगा जवाब
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा 2 सितंबर को जारी सरकारी संकल्प (GR) को रोकने की याचिकाओं में अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया, जिसमें कुंबी, मराठा-कुंबी और कुंबी-मराठा को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में शामिल करने का निर्णय लिया गया था।चीफ़ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंकद की डिवीजन बेंच ने हालांकि राज्य के सामाजिक न्याय विभाग को आदेश दिया कि वह इस GR के खिलाफ दायर याचिकाओं का जवाब प्रस्तुत करे। अंतरिम राहत की तत्काल आवश्यकता के एक तर्क में कहा गया कि महाराष्ट्र में जल्द ही नगर...
'फादर स्टेन स्वामी की स्वाभाविक मृत्यु हुई, उन्हें शीघ्र मेडिकल ट्रीटमेंट दिया गया': राज्य ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बताया
बॉम्बे हाईकोर्ट को सोमवार को सूचित किया गया कि फादर स्टेन स्वामी की मृत्यु पर अनिवार्य मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट मई की शुरुआत में महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (MSHRC) के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसमें निष्कर्ष निकाला गया कि उनकी मृत्यु 'स्वाभाविक' है।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस रंजीतसिंह भोंसले की खंडपीठ को राज्य द्वारा सूचित किया गया कि MSHRC के अध्यक्ष जस्टिस (रिटायर) अनंत बदर और सदस्य संजय कुमार की पीठ ने 2 मई, 2025 को मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट स्वीकार की थी, जिसमें निष्कर्ष निकाला गया कि स्वामी...
शराब लाइसेंस मामले में FIR के खिलाफ समीर वानखेड़े की याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने नया नोटिस जारी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को विवादास्पद IRS अधिकारी समीर वानखेड़े द्वारा 2022 में दायर याचिका पर नया नोटिस जारी किया। इस याचिका में नवी मुंबई में एक होटल शुरू करने के लिए शराब लाइसेंस प्राप्त करने हेतु अपनी उम्र कथित रूप से गलत बताने के आरोप में उनके खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग की गई। वानखेड़े ने नाबालिग रहते हुए नवी मुंबई में एक होटल शुरू करने के लिए शराब लाइसेंस प्राप्त किया।बता दें, ठाणे के कोपरी पुलिस स्टेशन ने वानखेड़े के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 181 (लोक सेवक को झूठा...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने घरेलू टूर्नामेंट खेलने के इच्छुक OCI क्रिकेटरों को अंतरिम राहत देने से इनकार किया
यह देखते हुए कि OCI कार्डधारकों को भारत में घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंटों में खेलने की अनुमति देना भारतीय नागरिकों की कीमत पर होगा, बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में भारतीय प्रवासी नागरिकों (OCI) के एक समूह को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उस प्रस्ताव को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें ऐसे टूर्नामेंटों में भाग लेने से प्रतिबंधित किया गया।जस्टिस एम एस सोनक और जस्टिस अद्वैत एम सेठना की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने स्पष्ट मनमानी का मामला नहीं बनाया या...
सीलबंद संपत्ति से छेड़छाड़ और विलंब के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट ने 25 लाख का भारी जुर्माना लगाया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में यह स्पष्ट किया कि कोई भी अधिभोगी (Occupant) जो कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त किरायेदार नहीं है। उसे मालिक की अनुमति के बिना परिसर में किसी भी तरह के तीसरे पक्ष के अधिकार बनाने या सौंपने का कोई हक़, शीर्षक या हित नहीं है।जस्टिस कमल खाता ने ऑटो क्रेडिट कॉर्पोरेशन और रेखा प्रकाश जैन के आचरण पर गंभीर संज्ञान लिया। इन दोनों ने सील की गई संपत्ति में हस्तक्षेप करने और वसीयत संबंधी कार्यवाही में देरी करने की कोशिश की। कोर्ट ने न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग के लिए...
'केवल अनुबंध की जानकारी या उससे होने वाले आकस्मिक लाभों की संभावना, निजता स्थापित करने के लिए पर्याप्त नहीं': बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि किसी अनुबंध या उससे होने वाले आकस्मिक लाभों की जानकारी मात्र से अनुबंध की निजता स्थापित नहीं हो सकती या तीसरे पक्ष के विरुद्ध प्रवर्तनीय अधिकार प्रदान नहीं किए जा सकते। अदालत ने निर्णय दिया कि प्रत्यक्ष संविदात्मक संबंध के अभाव में, कोई वाद-कारण उत्पन्न नहीं होता।जस्टिस कमल खता अमेय रियल्टी एंड कंस्ट्रक्शन एलएलपी (प्रतिवादी नंबर 9) द्वारा दायर अंतरिम आवेदन पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें श्री कंस्ट्रक्शन कंपनी (वादी) द्वारा दायर वाद को खारिज करने का अनुरोध किया गया था।...
धोखाधड़ी के आरोपों और DRT में लंबित कार्यवाही से मध्यस्थता पर रोक नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट का फ़ैसला
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) के दायरे पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि केवल आपराधिक FIR दर्ज होने या ऋण वसूली न्यायाधिकरण (DRT) में कार्यवाही लंबित होने से विवादों को मध्यस्थता के लिए संदर्भित करने पर कोई रोक नहीं लगती है।जस्टिस अद्वैत एम. सेथना की पीठ ने मध्यस्थता अधिनियम, 1996 की धारा 11 के तहत दायर आवेदन स्वीकार किया और मंगल क्रेडिट एंड फिनकॉर्प लिमिटेड और उल्का चंद्रशेखर नायर के बीच ऋण विवादों के समाधान के लिए पूर्व चीफ जस्टिस नरेश एच. पाटिल को एकमात्र मध्यस्थ...
गिरफ्तारी अपमान लाती है, स्थायी दाग छोड़ती है: अवैध गिरफ्तारी पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार पर 1 लाख का जुर्माना लगाया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में महाराष्ट्र सरकार पर 1 लाख का जुर्माना लगाते हुए कहा कि एक कर्नाटक निवासी व्यक्ति को गलत धाराओं में फंसाकर अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया और 20 दिनों तक जेल में रखा गया, जो कानून का गंभीर दुरुपयोग है।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस संदीश पाटिल की खंडपीठ ने पाया कि बांद्रा पुलिस थाने के इंस्पेक्टर प्रदीप केरकर और उपनिरीक्षक कपिल शिरसाठ ने अपने सीनियर अधिकारियों से अनुमति लिए बिना ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 409 (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात) जोड़ दी...
'सार्वजनिक भूमि हड़पने का आम तरीका': दक्षिण मुंबई में झुग्गी पुनर्वास के लिए 33 एकड़ सरकारी ज़मीन के आवंटन पर हाईकोर्ट ने आपत्ति जताई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में दक्षिण मुंबई के पॉश इलाके कफ परेड और कोलाबा में झुग्गीवासियों द्वारा अतिक्रमण की गई लगभग 33 एकड़ सरकारी ज़मीन को 65,000 झुग्गियों के पुनर्विकास और पुनर्वास की आड़ में बेचने के राज्य सरकार के प्रयास पर सवाल उठाया।जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस आरती साठे की खंडपीठ यह देखकर हैरान रह गई कि झुग्गीवासियों ने सरकारी ज़मीन पर अतिक्रमण कर लिया और अब उन्होंने एक सोसाइटी का गठन किया और झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) के तहत पुनर्वास भवन के निर्माण के लिए डेवलपर को नियुक्त...
AI Tools यूज़ करके सेलिब्रिटी वॉइस का अनधिकृत उपयोग अधिकारों का उल्लंघन: बॉम्बे हाईकोर्ट ने आशा भोसले को राहत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि बिना सहमति के किसी भी आवाज़ को सेलिब्रिटी की आवाज़ में बदलने की अनुमति देने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स उपलब्ध कराना व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन है।जस्टिस आरिफ एस. डॉक्टर प्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोसले द्वारा दायर मुकदमे की सुनवाई कर रहे थे। आशा भोसले ने उन कंपनियों के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिन पर AI-आधारित एप्लिकेशन विकसित करने और पेश करने का आरोप है, जिन्होंने गाने और अन्य सामग्री बनाने के लिए उनकी आवाज़ का क्लोन बनाया। इन एप्लिकेशन ने...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल अंबानी की SBI द्वारा उनके लोन खाते को "धोखाधड़ी" घोषित करने के खिलाफ याचिका खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के उस आदेश को खारिज करने से इनकार कर दिया, जिसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस के लोन खाते और इसके अध्यक्ष अनिल अंबानी को "धोखाधड़ी (Fraud)" के रूप में वर्गीकृत किया गया था।जस्टिस रेवती मोहित-डेरे और डॉ. नीला गोखले की डिवीजन बेंच ने यह आदेश सुनाया। ध्यान देने योग्य है कि अंबानी और उनकी कंपनी के खाते को "धोखाधड़ी" के रूप में 13 जून 2025 को आरबीआई के मास्टर डायरेक्शन्स ऑन फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट और SBI की आंतरिक नीति के तहत वर्गीकृत किया गया था। ...
भीमा कोरेगांव मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने हनी बाबू की ज़मानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर हनी बाबू की ज़मानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया।बाबू पर एल्गार परिषद भीमा कोरेगांव मामले में कथित भूमिका के लिए मामला दर्ज किया गया।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस रंजीत सिंह भोंसले की खंडपीठ ने बाबू द्वारा दायर ज़मानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया।जस्टिस गडकरी ने मामले को फैसले के लिए बंद करते हुए कहा,"हमें आदेश सुनाने में कुछ समय लग सकता है।"गौरतलब है कि स्पेशल कोर्ट के आदेश के खिलाफ बाबू की प्रारंभिक अपील हाईकोर्ट ने खारिज...
लिखित बयान दाखिल करने की परिसीमा का प्रारंभिक बिंदु समन की तामील की तिथि: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 (CPC) के आदेश VIII नियम 1 के तहत लिखित बयान दाखिल करने की समय-सीमा प्रतिवादी द्वारा वकालतनामा दाखिल करने की तिथि से नहीं, बल्कि वादपत्र की प्रति के साथ समन की तामील की तिथि से शुरू होती है। अदालत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वादपत्र की तामील की ज़िम्मेदारी वादी की है और प्रतिवादी से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वह केवल इसलिए वादपत्र की प्रति प्राप्त करने के लिए अदालत में आवेदन करे, क्योंकि वकालतनामा पहले ही दाखिल किया जा चुका है।जस्टिस...


















