बॉम्बे हाईकोर्ट

सर रतन टाटा ट्रस्ट की बोर्ड बैठक पर रोक की मांग वाली याचिका वापस, बॉम्बे हाईकोर्ट ने जताई नाराज़गी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सर रतन टाटा ट्रस्ट की 16 मई को प्रस्तावित महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को वापस लेने की अनुमति देते हुए निस्तारित किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता के आचरण पर कड़ी नाराज़गी जताई और कहा कि मामला चौंकाने वाली स्थिति दर्शाता है।जस्टिस अद्वैत सेठना और जस्टिस संदेश पाटिल की अवकाशकालीन खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी।याचिकाकर्ता सुरेश पाटिलखेड़े ने अदालत से मांग की थी कि सर रतन टाटा ट्रस्ट की बोर्ड बैठक पर रोक लगाई जाए। उनका दावा था कि ट्रस्ट...

गलत राजस्व प्रविष्टियों के आधार पर संपत्ति के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 300-ए के तहत मिले संपत्ति के अधिकार को गलत राजस्व प्रविष्टियों के आधार पर समाप्त नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि भू-धारकों को कानून के अनुसार नोटिस ही जारी नहीं किया गया, तो रिकॉर्ड सुधारने में हुई देरी को आधार बनाकर उन्हें उनकी जमीन से वंचित नहीं किया जा सकता।जस्टिस सिद्धेश्वर एस. थोम्बरे रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें मंत्री द्वारा पारित उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसके जरिए उप निदेशक, भू-अभिलेख का आदेश रद्द कर दिया गया था। उप...

सर्विस बॉन्ड का उल्लंघन करके इस्तीफ़ा देने वाला कर्मचारी, एम्प्लॉयर को रिलीविंग लेटर या अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह फ़ैसला दिया कि जो कर्मचारी सर्विस बॉन्ड का उल्लंघन करके इस्तीफ़ा देता है, वह इस बात पर ज़ोर नहीं दे सकता कि एम्प्लॉयर उसे रिलीविंग लेटर या अनुभव प्रमाण पत्र जारी करे। कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि जब कोई इस्तीफ़ा किसी वैध सर्विस बॉन्ड के तहत अनुबंध संबंधी दायित्वों के विपरीत दिया जाता है तो एम्प्लॉयर के लिए इस्तीफ़ा स्वीकार न करना उचित है। परिणामस्वरूप, उसे रिलीविंग या सेवा प्रमाण पत्र जारी करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।जस्टिस संदीप वी. मार्ने एक एविएशन कंपनी द्वारा दायर...

सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले में अमित शाह को मिली राहत बरकरार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मिली राहत को चुनौती देने वाली अंतरिम याचिका खारिज की।अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह याचिका संभवतः किसी “राजनीतिक विरोधी” के इशारे पर दायर की गई हो सकती है। चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखाड की खंडपीठ ने 22 पुलिसकर्मियों को बरी किए जाने के फैसले को भी बरकरार रखा।यह मामला सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और सहयोगी तुलसीराम प्रजापति की कथित फर्जी मुठभेड़ से जुड़ा है।अदालत ने अपने...

सोहराबुद्दीन फर्जी मुठभेड़ मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 22 पुलिसकर्मियों की बरी बरकरार रखी, कहा- साजिश साबित नहीं

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और सहयोगी तुलसीराम प्रजापति के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में 22 पुलिसकर्मियों को बरी किए जाने के फैसले को बरकरार रखा है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष कथित साजिश और अपहरण की कहानी साबित करने में विफल रहा तथा पूरा मामला केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था, जिसकी कड़ियां पूरी तरह साबित नहीं हो सकीं।चीफ़ जस्टिस शील नागू चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखाड की खंडपीठ ने कहा कि 90 से अधिक गवाह hostile हो गए, जिससे अभियोजन के मामले की विश्वसनीयता...

आधार डीएक्टिवेशन, बायोमेट्रिक मिसमैच के कारण असली निवासियों को बिना किसी उपाय के नहीं छोड़ा जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट ने जारी कीं गाइडलाइंस

बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन बढ़ते मामलों पर संज्ञान लेते हुए, जिनमें नागरिकों को बायोमेट्रिक मिसमैच, आधार कार्ड के डीएक्टिवेशन या सस्पेंशन के कारण अदालतों का दरवाज़ा खटखटाने पर मजबूर होना पड़ रहा है, विस्तृत गाइडलाइंस जारी कीं। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ऐसे मामलों से निपटने में 'नागरिक-केंद्रित' (citizen-centric) दृष्टिकोण अपनाएं और यह भी सुनिश्चित करें कि शिकायतों का निवारण चार हफ़्तों के भीतर हो जाए।जस्टिस रविंद्र घुगे और जस्टिस हितेन वेनेगांवकर की डिवीज़न बेंच ने पाया कि ऐसे कई...

अनिल अंबानी-रिपब्लिक टीवी विवाद सुलझने की उम्मीद, बॉम्बे हाईकोर्ट ने आपसी समाधान पर दिया जोर

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (8 मई) को उद्योगपति अनिल अंबानी और रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी के बीच चल रहे मानहानि विवाद को लेकर उम्मीद जताई कि मामला आपसी सहमति से सुलझ सकता है। कोर्ट ने चैनल से यह भी कहा कि वह अंबानी द्वारा चिन्हित कथित आपत्तिजनक सामग्री पर विचार करे।जस्टिस आरिफ डॉक्टर की पीठ अनिल अंबानी द्वारा रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी के खिलाफ दायर मानहानि याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में चल रही जांचों को लेकर चैनल की रिपोर्टिंग को आपत्तिजनक बताया गया है।सुनवाई के...

बाबा सिद्दीकी हत्याकांड : बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से किया इनकार, कहा- सह-आरोपी का कबूलनामा भी साक्ष्य

पूर्व महाराष्ट्र मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या से जुड़े मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज की। हाईकोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) के तहत सह-आरोपी का कबूलनामा भी साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य है और प्रथम दृष्टया आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सामग्री मौजूद है।जस्टिस रविंद्र जोशी ने आरोपी चेतन परधी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध सामग्री से यह संकेत मिलता है कि वह उस संगठित गिरोह का सदस्य था, जिसने बाबा सिद्दीकी की हत्या की...

सोहराबुद्दीन कथित फर्जी मुठभेड़ मामला: 22 पुलिसकर्मियों की बरी होने के खिलाफ दायर अपील हाईकोर्ट ने की खारिज

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और सहयोगी तुलसीराम प्रजापति के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में 22 पुलिसकर्मियों को बरी किए जाने के खिलाफ दायर अपीलों को खारिज किया।चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम अंखाड की खंडपीठ ने गुरुवार को खुले न्यायालय में यह फैसला सुनाया।ये अपीलें सोहराबुद्दीन के भाइयों रुबाबुद्दीन और नयाबुद्दीन द्वारा दायर की गई थीं, जिनमें स्पेशल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें गुजरात के 22 पुलिसकर्मियों को बरी कर दिया गया।सुनवाई के दौरान केंद्रीय...

गोद लेने के आदेश का अधिकार जिला मजिस्ट्रेट को देना वैध, 2021 संशोधन बरकरार: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम (JJ Act) में वर्ष 2021 में किए गए उस संशोधन को संवैधानिक रूप से वैध ठहराया, जिसके तहत गोद लेने के आदेश जारी करने की शक्ति अदालतों से लेकर जिला मजिस्ट्रेट को सौंप दी गई।जस्टिस भारती डांगरे और जस्टिस मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने कहा कि केवल मंच बदलने से संवैधानिक सिद्धांतों का उल्लंघन नहीं होता और यह संशोधन गोद लेने की प्रक्रिया को अधिक त्वरित एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया।याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि गोद लेने का...

डॉ. आंबेडकर शोर-शराबे नहीं, बौद्धिक विकास और वंचितों के उत्थान को देते थे प्राथमिकता: बॉम्बे हाइकोर्ट ने जन्म जयंती समारोहों पर उठाए सवाल

बॉम्बे हाइकोर्ट ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर तेज आवाज, नारेबाजी और पटाखों के साथ होने वाले आयोजनों पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि डॉ. आंबेडकर संभवतः ऐसे उत्सव के बजाय बौद्धिक विकास, सामाजिक सुधार और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण पर केंद्रित आयोजन को प्राथमिकता देते थे।जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के और जस्टिस निवेदिता मेहता की खंडपीठ ने नागपुर स्थित संविधान चौक पर डॉ. आंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर हुए कार्यक्रमों के दौरान अत्यधिक शोर, नारेबाजी और पटाखों पर आपत्ति जताई। अदालत के समक्ष न्यायमित्र...

Bhima-Koregaon Case: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 8 साल जेल में बिताने के बाद सुरेंद्र गाडलिंग को ज़मानत दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को वकील-कार्यकर्ता सुरेंद्र गाडलिंग को ज़मानत दी। गाडलिंग भीमा-कोरेगांव - एल्गार परिषद मामले में 6 जून, 2018 से जेल में बंद हैं। कोर्ट ने उनकी लंबी कैद को देखते हुए यह फ़ैसला सुनाया। इस मामले में नामज़द 16 लोगों में से वह आख़िरी व्यक्ति हैं जो अभी भी जेल में हैं।जस्टिस अजय गाडकरी और जस्टिस कमल खाटा की डिवीज़न बेंच ने ओपन कोर्ट में आदेश सुनाते हुए गाडलिंग को सामान्य शर्तों पर ज़मानत दी। ये वही शर्तें हैं जो स्पेशल कोर्ट ने हनी बाबू जैसे अन्य सह-आरोपियों पर लगाई थीं।बेंच...

शादी तय होने पर दुष्कर्म आरोपी को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- विवाह तक न हो कठोर कार्रवाई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक दुष्कर्म आरोपी को अंतरिम राहत देते हुए उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई, जबकि उसकी अग्रिम जमानत याचिका निचली अदालत में लंबित है।अदालत ने यह राहत इस आधार पर दी कि आरोपी का विवाह 4 मई, 2026 को निर्धारित है।जस्टिस अश्विन भोबे ने आदेश पारित करते हुए जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि आरोपी की लंबित अग्रिम जमानत याचिका पर विशेष अदालत द्वारा निर्णय होने तक उसके विरुद्ध कोई कठोर कदम न उठाया जाए। अदालत ने कहा कि आरोपी और उसके परिवार द्वारा विवाह की सभी तैयारियां की जा चुकी हैं, और यह एक...

धुरंधर पटकथा विवाद: संतोष कुमार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को दिया आश्वासन, आदित्य धर के खिलाफ मानहानिकारक बयान नहीं देंगे

फिल्म धुरंधर की कथित पटकथा नकल विवाद में फिल्मकार संतोष कुमार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को आश्वासन दिया कि वह निर्देशक आदित्य धर के खिलाफ भविष्य में कोई मानहानिकारक बयान नहीं देंगे।जस्टिस आरिफ डॉक्टर के समक्ष सुनवाई के दौरान संतोष कुमार की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल आदित्य धर के विरुद्ध उपलब्ध विधिक उपाय अपनाएंगे, लेकिन मीडिया में अब कोई अपमानजनक या मानहानिकारक टिप्पणी नहीं करेंगे।संतोष कुमार का दावा है कि फिल्म धुरंधर की पटकथा उनकी मूल रचना डी साहेबद की नकल है। इस संबंध में उन्होंने...

2014 में ही समाप्त हो चुका था 5% मुस्लिम आरक्षण, कोई कोटा खत्म नहीं किया गया: महाराष्ट्र सरकार ने हाईकोर्ट से कहा

महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि वर्ष 2014 में मुस्लिम समुदाय को दिया गया 5 प्रतिशत आरक्षण उसी वर्ष दिसंबर में समाप्त हो गया था। इसलिए फरवरी 2026 के सरकारी प्रस्ताव द्वारा किसी भी मौजूदा आरक्षण को समाप्त नहीं किया गया।जस्टिस रियाज़ छागला और जस्टिस अद्वैत सेठना की खंडपीठ वकील एजाज़ नक़वी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है।याचिका में 17 फरवरी 2026 के उस सरकारी प्रस्ताव को चुनौती दी गई, जिसके जरिए राज्य ने 2014 के मुस्लिम आरक्षण संबंधी प्रावधान वापस लिए थे।राज्य सरकार ने सामाजिक...

अनिल अंबानी ने Republic TV पर लगाया फिर से आपत्तिजनक प्रसारण करने का आरोप, हाईकोर्ट का संयम बरतने का निर्देश

उद्योगपति अनिल अंबानी ने बुधवार (29 अप्रैल) को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि अदालत द्वारा Republic TV और उसके एडिटर-इन-चीफ़ अर्णब गोस्वामी से संयम बरतने के लिए कहने के बावजूद, चैनल पर उनके खिलाफ फिर से कुछ आपत्तिजनक प्रसारण किया गया।सिंगल-जज जस्टिस आरिफ डॉक्टर अंबानी द्वारा गोस्वामी और उनके चैनल के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे की सुनवाई कर रहे हैं।गौरतलब है कि पिछली दो सुनवाइयों में अदालत ने गोस्वामी को यह स्पष्ट किया कि हालांकि वह अंबानी के खिलाफ चल रही जांचों के बारे में रिपोर्टिंग करने से...

26/11 मामले में बरी फहीम अंसारी को पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट देने से इनकार, बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुरक्षा चिंताओं को माना उचित

बॉम्बे हाईकोर्ट ने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में बरी किए गए फहीम अंसारी की वह याचिका खारिज की, जिसमें उसने ऑटो-रिक्शा चलाकर आजीविका कमाने के लिए अनिवार्य पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश मांगा था।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस रणजीतसिंह भोंसले की खंडपीठ ने कहा कि मामले के तथ्यों और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा व्यक्त चिंताओं को देखते हुए पुलिस द्वारा प्रमाणपत्र देने से इनकार करना उचित है।अदालत ने कहा,“मामले के तथ्यों और सुरक्षा कारणों को देखते हुए प्राधिकारियों द्वारा पुलिस...

नरेंद्र दाभोलकर हत्या मामले में दोषी शरद कालसकर को बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंधविश्वास विरोधी कार्यकर्ता नरेंद्र दाभोलकर की हत्या मामले में दोषी ठहराए गए शरद कालसकर को जमानत दी। अदालत ने उनकी अपील लंबित रहने तक उन्हें राहत प्रदान की।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस रणजीतसिंह भोंसले की खंडपीठ ने बुधवार को यह आदेश पारित करते हुए कालसकर को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का निर्देश दिया।सुनवाई के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जमानत आदेश पर चार सप्ताह की रोक लगाने की मांग की लेकिन हाईकोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया।अदालत ने कहा,“जब हम पहले ही...