इलाहाबाद हाईकोट

ज़मानत नियम है: राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने के आरोप में एक साल जेल में बिताने वाले आरोपी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी राहत
ज़मानत नियम है: राष्ट्रीय ध्वज का 'अपमान' करने के आरोप में एक साल जेल में बिताने वाले आरोपी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दी राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ़्ते ऐसे व्यक्ति की दूसरी ज़मानत याचिका मंज़ूर की, जिस पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज पर एक कुत्ते को बिठाकर उसका अपमान करने वाली तस्वीर अपलोड करने और अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर कथित तौर पर 'पाकिस्तान-समर्थक' सामग्री पोस्ट करने का आरोप था।जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला की पीठ ने आरोपी वासिक त्यागी को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट के हालिया फ़ैसले सैयद इफ़्तिख़ार अंद्राबी बनाम राष्ट्रीय जांच एजेंसी, जम्मू 2026 LiveLaw (SC) 512 का हवाला दिया, जिसमें 'ज़मानत नियम है और जेल अपवाद' के...

राहुल गांधी के खिलाफ केस लड़ रहे BJP कार्यकर्ता को Z+ सुरक्षा देने का मामला: केंद्र ने हाईकोर्ट में कहा- जल्द होगा फैसला
राहुल गांधी के खिलाफ केस लड़ रहे BJP कार्यकर्ता को Z+ सुरक्षा देने का मामला: केंद्र ने हाईकोर्ट में कहा- जल्द होगा फैसला

केंद्र सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि गृह मंत्रालय (MHA) BJP सदस्य एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर 'Z+' श्रेणी की सुरक्षा कवर की अर्जी पर "फिर से विचार कर रहा है और उसकी नए सिरे से जांच कर रहा है।" शिशिर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ हाई कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की हैं।केंद्र सरकार की बात पर ध्यान देते हुए जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस ज़फीर अहमद की बेंच ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि "किसी नागरिक के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार को पूरी तरह से...

हुक्का बार चलाने का कोई मौलिक अधिकार नहीं, यह गतिविधि रेस एक्स्ट्रा कमर्शियम के दायरे में आती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
हुक्का बार चलाने का कोई मौलिक अधिकार नहीं, यह गतिविधि 'रेस एक्स्ट्रा कमर्शियम' के दायरे में आती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि नागरिकों के पास हुक्का बार चलाने का कोई मौलिक अधिकार नहीं है, क्योंकि ऐसी गतिविधियां 'रेस एक्स्ट्रा कमर्शियम' (वाणिज्य से बाहर/परे की चीज़ें) के कानूनी सिद्धांत के अंतर्गत आती हैं।यह टिप्पणी जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की डिवीज़न बेंच ने एम्पेरियो ग्रैंड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर रिट याचिका की सुनवाई के दौरान की। यह कंपनी लखनऊ में होटल और रेस्टोरेंट का कारोबार करती है।याचिकाकर्ता का पक्ष यह था कि उसके पास खाद्य...

पेशेवर कामों के लिए वकीलों पर केस चलाना मतलब बार का अंत: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील के खिलाफ साज़िश की FIR रद्द की
पेशेवर कामों के लिए वकीलों पर केस चलाना मतलब 'बार का अंत': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वकील के खिलाफ साज़िश की FIR रद्द की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में राज्य के कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट को वकील के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए फटकार लगाई। वकील ने यह काम अपनी पेशेवर हैसियत से किया था।एक कड़ा संदेश देते हुए जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की बेंच ने कहा कि अगर वकीलों पर पेशेवर काम करने के लिए केस चलाया जाता है तो यह "बार के अस्तित्व का ही अंत" होगा। साथ ही एडवोकेट्स एक्ट के तहत प्रैक्टिस करने के वकील के अधिकार का भी अंत होगा।इस तरह बेंच ने हाईकोर्ट में 'एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड' और याचिकाकर्ता-समर्पण जैन के खिलाफ...

दहेज हत्या के मामलों में आजीवन कारावास को सामान्य प्रक्रिया के तौर पर नहीं दिया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
दहेज हत्या के मामलों में आजीवन कारावास को 'सामान्य प्रक्रिया' के तौर पर नहीं दिया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि IPC की धारा 304-B ​​के तहत दहेज हत्या के अपराध के लिए अधिकतम सज़ा, यानी आजीवन कारावास, को "सामान्य प्रक्रिया" के तौर पर नहीं थोपा जाना चाहिए। इसके बजाय, यह 'कठोरतम' सज़ा केवल "दुर्लभतम से दुर्लभ" मामलों में ही दी जानी चाहिए।जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने 2012 के एक दहेज हत्या मामले में पति और उसके माता-पिता की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की।हालांकि, खंडपीठ ने 'आनुपातिक सज़ा' के सिद्धांत को लागू करते हुए ट्रायल कोर्ट...

श्रम कानून उल्लंघन मामले में अज़ीम प्रेमजी को राहत, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द की आपराधिक कार्यवाही
श्रम कानून उल्लंघन मामले में अज़ीम प्रेमजी को राहत, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द की आपराधिक कार्यवाही

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विप्रो के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अज़ीम प्रेमजी के खिलाफ श्रम कानून उल्लंघन के आरोपों से जुड़े आपराधिक मामला और समन आदेश रद्द किया।जस्टिस जफीर अहमद की एकलपीठ ने कहा कि केवल किसी व्यक्ति के पद के आधार पर उस पर आपराधिक जिम्मेदारी नहीं डाली जा सकती, जब तक कानून में स्पष्ट रूप से ऐसा प्रावधान न हो या उसके खिलाफ प्रत्यक्ष भूमिका के ठोस आरोप न हों।अदालत ने कहा,“केवल पदनाम के आधार पर यांत्रिक तरीके से आपराधिक दायित्व तय नहीं किया जा सकता, जब तक कि कानून में परोक्ष दायित्व का...

राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग: इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर
राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग: इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) में रिट याचिका दायर की गई, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की भारतीय नागरिकता रद्द करने की मांग की गई।यह याचिका वकील अशोक पांडे और डेंटिस्ट रजनीश कुमार सिंह ने दायर की। याचिका में राहुल गांधी के लोकसभा चुनाव को भी चुनौती दी गई और उनके खिलाफ 'क्वो वारंटो' (Quo Warranto) रिट जारी करने की मांग की गई। इसके ज़रिए रायबरेली लोकसभा सीट से सांसद के तौर पर काम करने के उनके अधिकार पर सवाल उठाया गया।इस मामले की सुनवाई मंगलवार को जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अवधेश...

किशोरावस्था के आपराधिक मामले नौकरी में बाधा नहीं बन सकते : इलाहाबाद हाईकोर्ट
किशोरावस्था के आपराधिक मामले नौकरी में बाधा नहीं बन सकते : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि किशोरावस्था में किए गए अपराध में दोषसिद्धि या ऐसे मामले की लंबित सुनवाई किसी व्यक्ति को वयस्क होने पर नौकरी पाने से अयोग्य नहीं ठहरा सकती। कोर्ट ने कहा कि लंबित आपराधिक मामलों के आधार पर किसी व्यक्ति को रोजगार से वंचित करना उसके जीवन और आजीविका पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है।जस्टिस श्री प्रकाश सिंह ने किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2000 की धारा 19 का हवाला देते हुए कहा कि कानून का उद्देश्य यह...

आय से अधिक संपत्ति मामले में FIR से पहले स्पष्टीकरण मांगना जरूरी नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट
आय से अधिक संपत्ति मामले में FIR से पहले स्पष्टीकरण मांगना जरूरी नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी लोक सेवक को उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से पहले कथित आय से अधिक संपत्ति का स्पष्टीकरण देने का कोई अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने से पहले आरोपी से जवाब मांगना कानूनन आवश्यक नहीं है।जस्टिस अब्दुल मोइन और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने यह टिप्पणी एक सरकारी कर्मचारी द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए की। याचिकाकर्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(b) और 13(2) के तहत एफआईआर...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किए कानपुर बम ब्लास्ट और राज नारायण-इंदिरा गांधी केस के हिंदी अनुवादित ऐतिहासिक फैसले
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किए कानपुर बम ब्लास्ट और राज नारायण-इंदिरा गांधी केस के हिंदी अनुवादित ऐतिहासिक फैसले

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपनी ऐतिहासिक निर्णय श्रृंखला के चौथे और पांचवें संस्करण के तहत दो महत्वपूर्ण मामलों के हिंदी अनुवाद ई-पुस्तिका स्वरूप में जारी किए हैं। इनमें स्वतंत्रता पूर्व कानपुर बम विस्फोट प्रकरण और ऐतिहासिक राज नारायण बनाम इंदिरा नेहरू गांधी मामले में पारित फैसले शामिल हैं। इन ई-पुस्तिकाओं का लोकार्पण 20 मई 2026 को ए-आई असिस्टेड लीगल एडवाइजरी, ई-एएचसीआर और आईएलआर समिति द्वारा किया गया।चौथे संस्करण में 15 मार्च 1946 को इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा कानपुर बम विस्फोट मामले में दिए गए फैसले...

अदालत की तय समयसीमा के बाद बिना अनुमति बढ़ाए चली विभागीय कार्रवाई अमान्य हो सकती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
अदालत की तय समयसीमा के बाद बिना अनुमति बढ़ाए चली विभागीय कार्रवाई अमान्य हो सकती है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि यदि अदालत द्वारा तय समयसीमा समाप्त होने के बाद विभागीय कार्रवाई पूरी की जाती है और संबंधित प्राधिकारी समय बढ़ाने के लिए कोई वास्तविक प्रयास नहीं करता तो ऐसी कार्रवाई अमान्य मानी जा सकती हजस्टिस श्री प्रकाश सिंह ने यूनियन ऑफ इंडिया बनाम शरवन कुमार मामला और उत्तर प्रदेश राज्य बनाम राम प्रकाश सिंह मामला के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि हर मामले में तय समय के भीतर विभागीय जांच पूरी कर पाना संभव नहीं होता। ऐसे में संबंधित प्राधिकारी समयसीमा समाप्त...

यूपी में बढ़ रहे हैं बाल विवाह: हाईकोर्ट ने पुलिस को दोषी ठहराया, कहा - दूल्हों और मदद करने वालों पर केस दर्ज करने में नाकाम रही पुलिस
'यूपी में बढ़ रहे हैं बाल विवाह': हाईकोर्ट ने पुलिस को दोषी ठहराया, कहा - दूल्हों और मदद करने वालों पर केस दर्ज करने में नाकाम रही पुलिस

एक अहम टिप्पणी में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि उत्तर प्रदेश में बाल विवाह बढ़ रहे हैं, क्योंकि यूपी पुलिस ऐसे गैर-कानूनी विवाहों के दूल्हों और मदद करने वालों पर 'बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006' के तहत केस दर्ज करने में नाकाम रही है।उल्लेखनीय है कि कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आज तक उसके सामने एक भी ऐसा मामला नहीं आया, जिसमें पुलिस ने 2006 के अधिनियम की धारा 10 [बाल विवाह कराने पर सज़ा] और धारा 11 [बाल विवाह को बढ़ावा देने या उसकी इजाज़त देने पर सज़ा] के तहत, किसी नाबालिग लड़की से...

हाईकोर्ट ने एक बार फिर यूपी के गन कल्चर पर निशाना साधा, बृज भूषण और अन्य लोगों के हथियारों के लाइसेंस की जानकारी मांगी
हाईकोर्ट ने एक बार फिर यूपी के 'गन कल्चर' पर निशाना साधा, बृज भूषण और अन्य लोगों के हथियारों के लाइसेंस की जानकारी मांगी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को एक बार फिर उत्तर प्रदेश राज्य में फैले 'गन कल्चर' (हथियारों के चलन) पर निशाना साधा। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन अक्सर सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ता है और आम लोगों में डर और असुरक्षा की भावना पैदा करता है।जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने टिप्पणी की कि जिस समाज में हथियारबंद लोग अपनी ताकत दिखाकर और धमकियां देकर अपना दबदबा बनाते हैं, वह समाज न तो ज़्यादा आज़ाद होता है और न ही ज़्यादा शांतिपूर्ण।सिंगल जज ने आगे कहा,"...बल्कि, यह लोगों के...

गंगा इफ्तार | हिंदू समुदाय से माफ़ी मांगने और माँ गंगा का जीवन भर सम्मान करने के वादा पर मिली आरोपियों को जमानत
गंगा इफ्तार | हिंदू समुदाय से माफ़ी मांगने और 'माँ गंगा' का जीवन भर सम्मान करने के वादा पर मिली आरोपियों को जमानत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को 3 मुस्लिम पुरुषों को ज़मानत दी। इन पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने, गंगा नदी (वाराणसी में) में एक नाव पर मांसाहारी भोजन करने और बचा हुआ कचरा नदी में फेंकने का आरोप है।जस्टिस राजीव लोचन की बेंच ने कहा कि आरोपियों ने कोर्ट में बिना शर्त माफ़ी मांगकर "सच्चा पछतावा" दिखाया। इसी बेंच ने पहले एक अलग आदेश के ज़रिए 5 अन्य सह-आरोपियों को भी राहत दी थी।उनके सप्लीमेंट्री हलफ़नामे पर भरोसा करते हुए कोर्ट ने कहा कि आवेदकों ने 'हाथ जोड़कर' हिंदू समुदाय से माफ़ी मांगी और पूरी...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन अधिनियम के तहत शिकायत में रिलायंस बायो एनर्जी को दी अंतरिम राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन अधिनियम के तहत शिकायत में रिलायंस बायो एनर्जी को दी अंतरिम राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021' के तहत दायर एक शिकायत मामले में रिलायंस बायो एनर्जी को अंतरिम राहत दी।रिलायंस बायो एनर्जी, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की एक सहायक कंपनी है, जो कृषि अपशिष्ट (पराली) का उपयोग करके पूरे भारत में कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया में है।एक फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा निरीक्षण किए जाने के बाद रामपुर, जिला-हापुड़ के चिताउली गांव में स्थित एक यूनिट के संबंध में अधिनियम की धारा...

“कोई खुद को भगवान न बताए” बयान पर FIR; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतम खट्टर को दी राहत
“कोई खुद को भगवान न बताए” बयान पर FIR; इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गौतम खट्टर को दी राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूट्यूबर गौतम खट्टर को राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा को 14 जुलाई तक बढ़ा दिया है। गौतम खट्टर पर 'श्री करौली शंकर महादेव बाबा' उर्फ 'करौली सरकार' के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप है।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए शिकायतकर्ता पक्ष को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। अब मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी।दरअसल, गौतम खट्टर ने कानपुर निवासी...

इसके अस्तित्व पर ही सवाल उठाता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NHRC को हिरासत में हुई मौत का केस सिर्फ़ पुलिस के बयान पर बंद करने के लिए फटकारा
'इसके अस्तित्व पर ही सवाल उठाता है': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NHRC को हिरासत में हुई मौत का केस सिर्फ़ पुलिस के बयान पर बंद करने के लिए फटकारा

यह देखते हुए कि एक दिव्यांग व्यक्ति की हिरासत में हुई मौत का 16 साल पुराना मामला गंभीर "संस्थागत विफलताओं" को उजागर करता है, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और UP पुलिस को फटकारा और मामले की सच्चाई सामने लाने में हाईकोर्ट की अपनी प्रक्रियागत देरी को भी स्वीकार किया।अपने 16-पृष्ठों के आदेश में कोर्ट ने NHRC की कड़ी आलोचना की कि उसने बिना किसी स्वतंत्र जाँच के, पुलिस के बयान को ही अंतिम सत्य मानकर 2009 के इस मामले को बंद कर दिया।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस...

आरोपी के रिश्तेदारों को पुलिस द्वारा प्रताड़ित करना औपनिवेशिक प्रथा, यह अनुच्छेद 21 का उल्लंघन: इलाहाबाद हाईकोर्ट
आरोपी के रिश्तेदारों को पुलिस द्वारा प्रताड़ित करना 'औपनिवेशिक प्रथा', यह अनुच्छेद 21 का उल्लंघन: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि पुलिस द्वारा किसी आरोपी के रिश्तेदारों को प्रताड़ित करना या परेशान करना एक 'औपनिवेशिक प्रथा' है, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गारंटीकृत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करती है।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की पीठ ने कहा कि आज के समय में पुलिस के पास आरोपी का पता लगाने और उसे न्याय के कटघरे में लाने के लिए वैज्ञानिक तरीके मौजूद हैं, न कि उसके रिश्तेदारों को डराना-धमकाना।इस खंडपीठ ने ये टिप्पणियां एक दंपति (मुनिता देवी...

एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास पर यूपी सरकार को हाईकोर्ट की फटकार, शीर्ष अधिकारियों को किया तलब
एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास पर यूपी सरकार को हाईकोर्ट की फटकार, शीर्ष अधिकारियों को किया तलब

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसिड अटैक पीड़ितों के पुनर्वास, मुआवजे और दीर्घकालिक सहायता को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार इस गंभीर मुद्दे को हल्के और लापरवाह तरीके से ले रही है और अब तक कोई ठोस पुनर्वास नीति तैयार नहीं की गई।जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि एसिड अटैक पीड़ितों के लिए प्रभावी और समयबद्ध नीति बनाने के लिए सरकार की ओर से उच्च प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस प्रयास दिखाई नहीं देता।अदालत ने इस मामले में...