इलाहाबाद हाईकोट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नीलामी क्रेता को उसकी मनमानी कार्रवाई पर क्षतिपूर्ति करने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा को दिया निर्देश वापस लिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नीलामी क्रेता को उसकी 'मनमानी' कार्रवाई पर क्षतिपूर्ति करने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा को दिया निर्देश वापस लिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह सफल बोलीदाता (नीलामी क्रेता) को क्षतिपूर्ति करने के लिए दिए गए अपने निर्देश को वापस ले लिया, जिसमें बोलीदाता से बयाना राशि स्वीकार करने के बावजूद, नीलामी की गई संपत्ति को चूककर्ता उधारकर्ता (मूल उधारकर्ता) को वापस करने की कथित 'मनमानी' कार्रवाई की गई थी।बता दें, 9 अप्रैल को न्यायालय ने सौरभ सिंह चौहान द्वारा दायर एक रिट याचिका पर विचार करते हुए यह आदेश पारित किया, जिन्होंने दावा किया था कि उन्होंने SARFAESI Act के तहत विचाराधीन संपत्ति के लिए सफलतापूर्वक बोली...

संभल मस्जिद संरक्षित स्मारक; हिंदू वादी केवल प्रवेश की मांग कर रहे हैं, धार्मिक चरित्र में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
संभल मस्जिद संरक्षित स्मारक; हिंदू वादी केवल प्रवेश की मांग कर रहे हैं, धार्मिक चरित्र में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा: इलाहाबाद हाईकोर्ट

संभल की शाही जामा मस्जिद का सर्वेक्षण करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर को निर्देश देने वाले ट्रायल कोर्ट के नवंबर 2024 के आदेश के खिलाफ मस्जिद समिति की याचिका खारिज करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा।इसके साथ ही जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया हिंदू वादियों द्वारा दायर मुकदमा - जिसमें दावा किया गया कि मस्जिद का निर्माण 1526 में वहां मौजूद हिंदू मंदिर को ध्वस्त करने के बाद किया गया था - पूजा स्थल अधिनियम 1991 के तहत प्रतिबंधित नहीं है, क्योंकि वे...

BREAKING | संभल मस्जिद विवाद: हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का सर्वे ऑर्डर रखा बरकरार, कहा- हिंदू वादियों का मुकदमा वर्जित नहीं
BREAKING | संभल मस्जिद विवाद: हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का सर्वे ऑर्डर रखा बरकरार, कहा- हिंदू वादियों का मुकदमा 'वर्जित नहीं'

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिद समिति की याचिका खारिज कर दी, जिसमें 19 नवंबर को पारित ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। इस आदेश में एडवोकेट आयुक्त को मस्जिद का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि मस्जिद का निर्माण मंदिर को नष्ट करने के बाद किया गया।इसके साथ ही जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने ट्रायल कोर्ट का सर्वेक्षण आदेश बरकरार रखा। इसने यह भी कहा कि हिंदू वादियों पर प्रथम दृष्टया कोई प्रतिबंध नहीं है।ट्रायल कोर्ट का आदेश महंत ऋषिराज गिरि सहित आठ...

बहराइच दरगाह मेला: हाईकोर्ट ने अनुष्ठानों और श्रद्धालुओं के प्रवेश की दी अनुमति, मेला आयोजित न करने का आदेश रखा बरकरार
बहराइच दरगाह मेला: हाईकोर्ट ने अनुष्ठानों और श्रद्धालुओं के प्रवेश की दी अनुमति, मेला आयोजित न करने का आदेश रखा बरकरार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शनिवार को विशेष सुनवाई में बहराइच जिले में सैयद सालार मसूद गाजी दरगाह में सदियों पुराने वार्षिक 'जेठ मेला' के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनुमति देने से इनकार करने के मामले में हस्तक्षेप करने से (अभी के लिए) इनकार कर दिया।जस्टिस अताउ रहमान मसूदी और जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने अंतरिम उपाय के रूप में दरगाह शरीफ में अनुष्ठानिक प्रथाओं को पूरा करने के लिए नियमित गतिविधियों की अनुमति दी।इस संबंध में राज्य को दरगाह शरीफ के प्रबंधन को प्रशासित करने वाली समिति के साथ...

आरोपी को चोटों का स्पष्टीकरण न देना प्रथम दृष्टया उसकी आत्मरक्षा याचिका का समर्थन करता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
आरोपी को चोटों का स्पष्टीकरण न देना प्रथम दृष्टया उसकी आत्मरक्षा याचिका का समर्थन करता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि जब एक ही घटना में आरोपी और शिकायतकर्ता दोनों को चोटें आती हैं, और अभियोजन पक्ष द्वारा अभियुक्त को चोटों के बारे में नहीं बताया जाता है, तो यह संदेह पैदा करता है कि क्या घटना की वास्तविक उत्पत्ति और प्रकृति को पूरी तरह से और ईमानदारी से प्रस्तुत किया गया है।जस्टिस विवेक कुमार बिड़ला और जस्टिस नंद प्रभा शुक्ला की खंडपीठ ने 48 साल पुराने हत्या के मामले में दो दोषियों की दोषसिद्धि को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह की चूक अभियोजन पक्ष के मामले की विश्वसनीयता को...

धर्म परिवर्तन पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: धर्म की श्रेष्ठता का दावा सेक्युलरिज़्म के खिलाफ, संविधान जबरन धर्म परिवर्तन की इजाज़त नहीं देता
धर्म परिवर्तन पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: धर्म की श्रेष्ठता का दावा सेक्युलरिज़्म के खिलाफ, संविधान जबरन धर्म परिवर्तन की इजाज़त नहीं देता

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को स्वतंत्र रूप से धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार देता है लेकिन यह जबरन या धोखे से किए गए धर्म परिवर्तन का समर्थन नहीं करता।जस्टिस विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने कहा,"अनुच्छेद 25(1) अंतरात्मा की स्वतंत्रता और धर्म को स्वतंत्र रूप से मानने, पालन करने और प्रचार करने का अधिकार देता है। लेकिन यह अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के अधीन है।"अदालत ने कहा कि यह सीमाएं इसलिए जरूरी...

मध्यस्थता का लंबित होना स्टाम्प अधिकारियों को स्टाम्प अधिनियम के तहत कार्यवाही शुरू करने से नहीं रोकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
मध्यस्थता का लंबित होना स्टाम्प अधिकारियों को स्टाम्प अधिनियम के तहत कार्यवाही शुरू करने से नहीं रोकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि मध्यस्थता कार्यवाही के लंबित रहने से स्टाम्प अधिकारियों के भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत कार्यवाही शुरू करने के अधिकार क्षेत्र पर रोक नहीं लगती है। मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 और भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत मध्यस्थता समझौतों के बीच परस्पर क्रिया में, उच्चतम न्यायालय ने एक बिना स्टाम्प वाले समझौते से निपटते हुए माना कि स्टाम्प शुल्क की अपर्याप्तता के परिणामस्वरूप मध्यस्थता कार्यवाही नहीं रुकेगी।यह माना गया कि मध्यस्थ स्टाम्प शुल्क की पर्याप्तता पर...

जमानत याचिका के साथ केस डायरी जोड़ना अब सामान्य प्रक्रिया, इसी आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
जमानत याचिका के साथ केस डायरी जोड़ना अब सामान्य प्रक्रिया, इसी आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि न तो किसी व्यक्ति को जमानत से इनकार किया जा सकता है और न ही उसकी जमानत याचिका का विरोध मुख्य रूप से इस आधार पर किया जा सकता है कि केस डायरी के अंश उसकी जमानत याचिका के साथ संलग्न किए गए थे।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने हत्या के आरोपी को समानता के आधार पर जमानत देते हुए कहा, 'नैसर्गिक न्याय का यह बुनियादी सिद्धांत है कि किसी भी व्यक्ति को सुनवाई का पर्याप्त अवसर दिए बिना उसकी निंदा नहीं की जानी चाहिए, जिसमें उसके खिलाफ सामग्री की प्रतियां उपलब्ध...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 गैर-कार्य शनिवारों को हाईकोर्ट कार्य दिवस घोषित करने पर बार से राय मांगी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 गैर-कार्य शनिवारों को हाईकोर्ट कार्य दिवस घोषित करने पर बार से राय मांगी

14 मई 2025 को जारी अपने आधिकारिक पत्र में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के कार्यालय ने इस मुद्दे पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन एडवोकेट एसोसिएशन और अवध बार एसोसिएशन (लखनऊ पीठ) के अध्यक्ष और सचिव से राय मांगी।इन दिनों इसका उपयोग 5 वर्ष से अधिक पुराने मामलों की सुनवाई के लिए किया जा सकता है।यह पत्र राष्ट्रीय न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (NCMS)-2024 की नीति एवं कार्य योजना के पैरा 49 (ii) में उल्लिखित अनुशंसा के अनुसरण में लिखा गया।इसमें कहा गया,"प्रत्येक माह का एक शनिवार 5 वर्ष से अधिक पुराने मामलों की सुनवाई...

कुरान ने उचित कारण से दी बहुविवाह की अनुमति, लेकिन पुरुष करते हैं इसका गलत इस्तेमाल: UCC के पक्ष में इलाहाबाद हाईकोर्ट
कुरान ने उचित कारण से दी बहुविवाह की अनुमति, लेकिन पुरुष करते हैं इसका गलत इस्तेमाल: UCC के पक्ष में इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि इस्लाम कुछ परिस्थितियों में और कुछ शर्तों के साथ एक से अधिक विवाह (बहुविवाह) की अनुमति देता है, लेकिन इस अनुमति का मुस्लिम कानून के आदेश के विरुद्ध भी 'व्यापक रूप से दुरुपयोग' किया जाता है। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि प्रारंभिक इस्लामी काल में विधवाओं और अनाथों की रक्षा के लिए कुरान के तहत बहुविवाह की सशर्त अनुमति दी गई थी, हालांकि, अब उक्त प्रावधान का पुरुषों द्वारा 'स्वार्थी उद्देश्यों' के लिए दुरुपयोग किया जा रहा हैइस बात पर गौर करते हुए,...

विचाराधीन कैदी को पासपोर्ट जारी करने/पुनः जारी करने/नवीनीकरण के लिए आवेदन करने से पहले विदेश यात्रा के लिए अदालत से अनुमति लेनी होगी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
विचाराधीन कैदी को पासपोर्ट जारी करने/पुनः जारी करने/नवीनीकरण के लिए आवेदन करने से पहले विदेश यात्रा के लिए अदालत से अनुमति लेनी होगी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कहा है कि विचाराधीन कैदी को पासपोर्ट प्राधिकारी के समक्ष पासपोर्ट जारी करने, पुनः जारी करने या नवीनीकरण के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित न्यायालय से विदेश यात्रा की अनुमति लेनी होगी। जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने कहा, "पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के प्रावधानों और अधिनियम, 1967 की धारा 22 के तहत जारी अधिसूचना को सरलता से पढ़ने पर यह एकमात्र तार्किक निष्कर्ष निकलता है कि ऐसे सभी मामलों में, जिनमें आपराधिक कार्यवाही लंबित है और पासपोर्ट अधिनियम,...

हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम द्वारा प्रदत्त अधिकार बीमा अधिनियम की धारा 39(7) के तहत नामित व्यक्ति द्वारा दावा किए गए अधिकारों पर प्रभावी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम द्वारा प्रदत्त अधिकार बीमा अधिनियम की धारा 39(7) के तहत नामित व्यक्ति द्वारा दावा किए गए अधिकारों पर प्रभावी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 बीमा अधिनियम, 1938 पर प्रभावी है, क्योंकि पूर्व के तहत उत्तराधिकारी को गारंटीकृत अधिकार, बाद के अधिनियम के तहत नामित व्यक्ति को गारंटीकृत अधिकारों से पराजित नहीं किए जा सकते। मृतक की बेटी के अधिकारों के विरुद्ध अपनी मृत बेटी की बीमा राशि पर मां-नामांकित व्यक्ति के दावे से निपटते हुए, ज‌स्टिस पंकज भाटिया ने कहा,"बीमा अधिनियम और हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, दोनों प्रावधानों की सामंजस्यपूर्ण व्याख्या पर, हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम द्वारा...

संभल विवाद | जुमा मस्जिद केंद्रीय संरक्षित स्मारक, यह कोई धार्मिक स्थल या सार्वजनिक पूजा स्थल नहीं: ASI ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में कहा
संभल विवाद | जुमा मस्जिद केंद्रीय संरक्षित स्मारक, यह कोई धार्मिक स्थल या सार्वजनिक पूजा स्थल नहीं: ASI ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को चंदौसी (संभल) में शाही जामा मस्जिद समिति द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया, जिसमें ट्रायल कोर्ट के 19 नवंबर के आदेश को चुनौती दी गई थी। इस आदेश में मस्जिद परिसर का सर्वेक्षण करने के लिए एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति का निर्देश दिया गया था, जिसमें दावा किया गया कि मस्जिद को मंदिर को ध्वस्त करने के बाद बनाया गया था।जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने मस्जिद समिति, मूल हिंदू वादी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और उत्तर प्रदेश सरकार की दलीलें...

अवैध संबंध के आरोप में निलंबित डीएसपी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत, यूपी सरकार के आदेश पर लगाई रोक
अवैध संबंध के आरोप में निलंबित डीएसपी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत, यूपी सरकार के आदेश पर लगाई रोक

उत्तर प्रदेश पुलिस के DSP रैंक के अधिकारी मोहम्मद मोसिन खान को बड़ी राहत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके निलंबन आदेश पर रोक लगा दी। खान पर आरोप था कि उन्होंने शादीशुदा होने के बावजूद एक अन्य महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे।खान के खिलाफ IIT कानपुर की एक स्टूडेंटE द्वारा BNS की धारा 69 (छलपूर्वक यौन संबंध बनाना आदि) के तहत FIR दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद इस वर्ष मार्च में उन्हें निलंबित कर दिया गया था।निलंबन के आदेश को चुनौती देते हुए खान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ता के वकील ने...

हज यात्रा पूर्ण अधिकार नहीं, सजा काटने के बाद भी जाया जा सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने IPC की धारा 304 के तहत दोषी करार व्यक्ति को जमानत देने से किया इनकार
हज यात्रा पूर्ण अधिकार नहीं, सजा काटने के बाद भी जाया जा सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने IPC की धारा 304 के तहत दोषी करार व्यक्ति को जमानत देने से किया इनकार

जस्टिस आलोक माथुर की पीठ ने कहा कि हज के लिए तीर्थ यात्रा करने का अधिकार पूर्ण नहीं है। इस पर रोक लगाई जा सकती है, क्योंकि इस समय जमानत देने से उसके देश के कानून के चंगुल से बाहर भागने की संभावना बढ़ सकती है। पीठ ने कहा कि जेल में सजा काटने के बाद भी वह इस तरह की धार्मिक पूजा कर सकता है।एकल जज ने अपने आदेश में कहा,"अपीलकर्ता अपनी सजा पूरी करने के बाद कानून के अनुसार हज के लिए अपने विकल्प का प्रयोग करने के लिए स्वतंत्र होगा। अनुच्छेद 21 व्यक्ति को कानून के अनुसार स्वतंत्रता प्रदान करता है। राज्य...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूट्यूबर एल्विश यादव की चार्जशीट और समन के खिलाफ याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूट्यूबर एल्विश यादव की चार्जशीट और समन के खिलाफ याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूट्यूबर एल्विश यादव की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज FIR में दर्ज चार्जशीट के खिलाफ दायर की गई थी। उन पर यूट्यूब वीडियो बनाने के लिए सांपों और सांप के जहर का कथित रूप से दुरुपयोग करने का आरोप है।उनके खिलाफ रेव पार्टियों का आयोजन करने और विदेशियों को बुलाने के आरोप भी हैं, जो लोगों को सांप के जहर और अन्य नशीली दवाओं का सेवन करवाते हैं।जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की पीठ ने मौखिक रूप से यह टिप्पणी करने के बाद उनकी याचिका खारिज कर दी कि यादव के खिलाफ चार्जशीट और...

ग्राम सभा की भूमि पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही स्वीकार्य नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
ग्राम सभा की भूमि पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही स्वीकार्य नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया कि ग्राम सभा की भूमि पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत कार्यवाही स्वीकार्य नहीं है।सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत कार्यवाही को रद्द करते हुए जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव ने मुंशी लाल एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले में अपने समन्वय पीठ के पहले के निर्णय पर भरोसा किया, जिसमें कहा गया कि जहां तक ​​ग्राम सभा की भूमि पर अवैध अतिक्रमण, क्षति या अतिक्रमण के लिए आपराधिक कार्यवाही का सवाल है तो वह की...