इलाहाबाद हाईकोट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के सभी शैक्षणिक संस्थानों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के सभी शैक्षणिक संस्थानों में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह कहते हुए सख्त रुख अपनाया कि शैक्षणिक संस्थान केवल शिक्षा देने के लिए हैं, न कि व्यावसायिक गतिविधियों के लिए, उत्तर प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में प्रदर्शनी, मेले या अन्य किसी भी व्यावसायिक गतिविधि के आयोजन पर रोक लगा दी है।यह आदेश उस जनहित याचिका (PIL) में दिया गया, जिसमें एक डिग्री कॉलेज के परिसर में इस वर्ष की शुरुआत में एक वाणिज्यिक मेला आयोजित किए जाने को चुनौती दी गई थी। चीफ़ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने कहा — “शैक्षणिक संस्थान...

नीलामी क्रेता को जैसी है जहां है बिक्री में बकाया राशि का सत्यापन करना होगा, अघोषित देनदारियों के लिए बैंक उत्तरदायी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
नीलामी क्रेता को "जैसी है जहां है" बिक्री में बकाया राशि का सत्यापन करना होगा, अघोषित देनदारियों के लिए बैंक उत्तरदायी नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में व्यवस्था दी कि नीलामी क्रेता का यह कर्तव्य है कि वह नीलाम की जा रही संपत्ति पर बकाया राशि और देनदारियों की "जैसी है जहां है", "जैसी है जो है" और "जो कुछ भी है" के आधार पर जांच करे।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने कहा:"जब कोई व्यक्ति किसी नीलामी में भाग लेता है और उसे पता होता है कि संपत्ति "जैसी है जहां है", "जैसी है जो है और "जो कुछ भी है" की शर्तों के साथ ई-नीलामी की जा रही है तो संभावित बोलीदाता, जो मामले के तथ्यों के अनुसार क्रेता...

भूमि पर अतिक्रमण का खतरा और सार्वजनिक उद्देश्य के लिए प्रस्तावित उपयोग, भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 17 के तहत तात्कालिकता खंड लागू करने के लिए पर्याप्त नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
भूमि पर अतिक्रमण का खतरा और सार्वजनिक उद्देश्य के लिए प्रस्तावित उपयोग, भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 17 के तहत तात्कालिकता खंड लागू करने के लिए पर्याप्त नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया है कि केवल अतिक्रमण का खतरा और यह कहना कि भूमि का उपयोग सार्वजनिक उद्देश्य के लिए नियोजित विकास हेतु किया जाना है, भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 की धारा 17 के तहत तात्कालिकता खंड लागू करने और भूस्वामियों की आपत्तियाँ मांगने, उनकी सुनवाई करने और उन पर निर्णय लेने की वैधानिक आवश्यकता से छूट देने को उचित नहीं ठहराएगा।गाजियाबाद विकास प्राधिकरण द्वारा शुरू की गई 2004 की अधिग्रहण कार्यवाही पर विचार करते हुए और सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए जस्टिस मनोज...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने SAHARA की सहकारी समितियों के खिलाफ ED जांच रद्द करने से किया इनकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने SAHARA की सहकारी समितियों के खिलाफ ED जांच रद्द करने से किया इनकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने हाल ही में सहारा से जुड़ी चार सहकारी समितियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा शुरू की गई तलाशी और ज़ब्ती की कार्रवाई रद्द करने से इनकार किया।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला बनता है और धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) के तहत कार्यवाही में केवल इसलिए हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता, क्योंकि संबंधित अपराधों में से एक में क्लोजर रिपोर्ट दायर कर दी गई।इस प्रकार, सिंगल जज ने मेसर्स हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी...

व्हाट्सएप मैसेज में अनकहे शब्द भी बढ़ा सकते हैं दुश्मनी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
व्हाट्सएप मैसेज में अनकहे शब्द भी बढ़ा सकते हैं दुश्मनी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि भले ही कोई व्हाट्सएप मैसेज सीधे तौर पर धर्म का उल्लेख न करता हो लेकिन उसके 'अनकहे शब्दों' और सूक्ष्म संदेश के माध्यम से भी समुदायों के बीच शत्रुता, नफरत या वैमनस्य को बढ़ावा मिल सकता है।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने अफक अहमद नामक याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की। याचिकाकर्ता पर कथित तौर पर कई लोगों को भड़काऊ व्हाट्सएप मैसेज भेजने का आरोप था।आरोप है कि कथित मैसेज में याचिकाकर्ता ने एक...

IBC की धारा 238 गैर-बाधक खंड, जो विद्युत अधिनियम के प्रावधानों को रद्द करता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
IBC की धारा 238 गैर-बाधक खंड, जो विद्युत अधिनियम के प्रावधानों को रद्द करता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, 2016, विद्युत आपूर्ति संहिता, 2005 के साथ विद्युत अधिनियम, 2003 के प्रावधानों को रद्द करता है।जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने कहा,“दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता, 2016 की धारा 238 एक गैर-बाधक खंड है, जिसका अर्थ है कि यह दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता को वर्तमान में लागू अन्य कानूनों या उससे असंगत किसी भी दस्तावेज़ पर अधिरोहण प्रभाव की शक्ति प्रदान करती है। यह एक विशेष धारा है, जो यह सुनिश्चित करती है कि दिवाला...

शिक्षकों की अनुपस्थिति गरीब स्टूडेंट्स के शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन: इलाहाबाद हाईकोर्ट
शिक्षकों की अनुपस्थिति गरीब स्टूडेंट्स के शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन: इलाहाबाद हाईकोर्ट

शिक्षक के कर्तव्य की पवित्रता और प्रत्येक बच्चे के शिक्षा के संवैधानिक अधिकार को रेखांकित करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में ग्रामीण प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में शिक्षकों की पूरे स्कूल समय में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियम बनाने का आह्वान किया।जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि की पीठ ने कहा कि प्राथमिक संस्थानों में शिक्षकों की अनुपस्थिति निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिनियम 2009 के मूल उद्देश्य को विफल करती है। इस प्रकार गरीब ग्रामीण बच्चों के शिक्षा के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करती...

दंगा मामले में नाबालिगों को झूठा फंसाए जाने पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बहराइच के एसपी को निर्देश दिया
दंगा मामले में नाबालिगों को झूठा फंसाए जाने पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बहराइच के एसपी को निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने हाल ही में बहराइच के पुलिस अधीक्षक को भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) और SC/ST Act के विभिन्न प्रावधानों के तहत दर्ज FIR में 13 और 11 वर्ष की आयु के दो नाबालिगों को 'झूठे फंसाए जाने' की जांच करने का निर्देश दिया।जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि यदि एसपी को लगता है कि नाबालिगों को झूठा फंसाया गया है तो दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।खंडपीठ ने यह आदेश छह याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर आपराधिक रिट याचिका...

डेस्क पर तैनात ED क्लर्क द्वारा समन तामील कराने पर गंभीर संदेह: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने PMLA मामले में अनुचित सेवा की ओर इशारा किया
डेस्क पर तैनात ED क्लर्क द्वारा समन तामील कराने पर गंभीर संदेह: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने PMLA मामले में 'अनुचित' सेवा की ओर इशारा किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने हाल ही में कथित उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती पेपर लीक से जुड़े धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा समन तामील कराने की कार्रवाई पर गंभीर संदेह जताया, जबकि एक उच्च श्रेणी लिपिक (UDC), जिसे आमतौर पर डेस्क पर काम सौंपा जाता है, वह समन तामील कराता है।जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने आरोपी को अग्रिम जमानत देते हुए कहा कि ED क्लर्क द्वारा समन तामील उचित तरीके से नहीं किया गया और उसे समन तामील कराने में इस्तेमाल की जा सकने वाली आधुनिक तकनीक की जानकारी नहीं थी।पीठ ने...

व्यवस्थागत विफलता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुजारा भत्ता संबंधी सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों की अनदेखी पर न्यायिक अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा
'व्यवस्थागत विफलता': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुजारा भत्ता संबंधी सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों की अनदेखी पर न्यायिक अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा

हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक कड़े आदेश में घरेलू हिंसा अधिनियम, 2005 के तहत गुजारा भत्ता संबंधी मामलों में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के बाध्यकारी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने में अधीनस्थ कोर्ट द्वारा "व्यवस्थागत विफलता" और "उदासीनता की स्थिति" पर गंभीर चिंता व्यक्त की।जस्टिस विनोद दिवाकर की पीठ ने वाराणसी में न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में लंबित अधिनियम, 2005 की धारा 12 के तहत एक शिकायत मामले में कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश देने की मांग वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह...

रविवार की सुनवाई | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण मामले में पुलिस अधीक्षक को तलब करने के बाद FIR का आरोप लगाने वाले वकील को राहत दी
रविवार की सुनवाई | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण मामले में पुलिस अधीक्षक को तलब करने के बाद FIR का आरोप लगाने वाले वकील को राहत दी

रविवार की एक तत्काल सुनवाई में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक वकील को गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया, जिसने आरोप लगाया कि फतेहगढ़ की पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के कहने पर उसके खिलाफ दुर्भावनापूर्ण FIR दर्ज की गई। यह आरोप अदालत द्वारा अलग बंदी प्रत्यक्षीकरण मामले में पुलिस अधीक्षक को तलब किए जाने के कुछ ही दिनों बाद लगाया गया।जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस संजीव कुमार की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता (वकील अवधेश मिश्रा) को संगठित अपराध, आपराधिक षडयंत्र, जबरन वसूली और अन्य कथित अपराधों के लिए...

सामाजिक दबाव में स्वतंत्रता पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतरधार्मिक जोड़े को रिहा किया
'सामाजिक दबाव में स्वतंत्रता पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतरधार्मिक जोड़े को रिहा किया

पुलिस द्वारा अंतरधार्मिक जोड़े को हिरासत में लिए जाने को 'अवैध' और "संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन" बताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अंतरधार्मिक जोड़े (मुस्लिम पुरुष और हिंदू महिला) को रिहा कर दिया, जो इस सप्ताह की शुरुआत में अदालती सुनवाई में शामिल होने के बाद लापता हो गए थे और पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए थे।जस्टिस सलिल कुमार राय और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने अधिकारियों को अलीगढ़ तक सुरक्षित पहुँच सुनिश्चित करने और जोड़े की निरंतर सुरक्षा सुनिश्चित...

POCSO Act को न्योता देगा वयस्क पति के साथ सहवास: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग मां को 18 वर्ष की होने तक आश्रय गृह में रहने का निर्देश दिया
POCSO Act को न्योता देगा वयस्क पति के साथ सहवास: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग मां को 18 वर्ष की होने तक आश्रय गृह में रहने का निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक अहम फैसला सुनाते हुए 17 वर्षीय नाबालिग मां को उसके वयस्क पति के साथ रहने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जब तक वह 5 अक्टूबर, 2026 को बालिग नहीं हो जाती, तब तक उसे सरकारी आश्रय गृह में ही रहना होगा।जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस संजीव कुमार की खंडपीठ ने नाबालिग लड़की और उसके दो माह के बच्चे की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर यह आदेश पारित किया।न्यायालय ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक नाबालिग को किसी वयस्क के साथ सहवास करने की...

शैक्षणिक संस्थानों की संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को सर्कुलर जारी करने का दिया निर्देश
शैक्षणिक संस्थानों की संपत्तियों का व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को सर्कुलर जारी करने का दिया निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक आदेश में कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश राज्य में शैक्षणिक संस्थानों की अचल संपत्तियों जिनमें उनके खेल के मैदान भी शामिल हैं, का उपयोग किसी भी परिस्थिति में 'वाणिज्यिक उद्देश्यों जैसे प्रदर्शनियों, व्यापार मेलों या बिक्री के लिए नहीं किया जा सकता है।चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को एक महीने के भीतर एक स्पष्ट और असंदिग्ध सर्कुलर जारी करने का निर्देश दिया, जिसमें राज्य भर के स्कूल और कॉलेज परिसरों में ऐसे गैर-शैक्षणिक...

Kamlesh Tiwari Murder Case | हाईकोर्ट ने अक्टूबर 2019 में गिरफ्तार कथित हत्यारे को ज़मानत देने से किया इनकार
Kamlesh Tiwari Murder Case | हाईकोर्ट ने अक्टूबर 2019 में गिरफ्तार कथित हत्यारे को ज़मानत देने से किया इनकार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी से संबंधित 2019 के हत्याकांड के दो मुख्य अभियुक्तों में से एक अशफ़ाक़ हुसैन को ज़मानत देने से इनकार किया।जस्टिस कृष्ण पहल की पीठ ने कहा कि प्रत्यक्षदर्शी की पहचान, सीसीटीवी फुटेज और अभियुक्त से .32 बोर की पिस्तौल की बरामदगी सहित रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री, मुक़दमा लंबित रहने तक अभियुक्त की रिहाई के लिए उपयुक्त नहीं बनाती।सिंगल जज ने यह भी कहा कि आवेदक की घटनास्थल पर मौजूदगी स्थापित है और गुजरात का निवासी होने के बावजूद उसने...

अत्यावश्यक मामला: सुनवाई के बाद अंतर-धार्मिक जोड़े के लापता होने पर शनिवार को विशेष सुनवाई करेगा हाईकोर्ट
'अत्यावश्यक मामला': सुनवाई के बाद अंतर-धार्मिक जोड़े के 'लापता' होने पर शनिवार को विशेष सुनवाई करेगा हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश पुलिस अधिकारियों को अंतर-धार्मिक जोड़े को अदालत में पेश करने का निर्देश दिया, जो इस सप्ताह की शुरुआत में हाईकोर्ट में एक सुनवाई में शामिल होने के बाद कथित तौर पर लापता हो गए थे।जस्टिस सलिल कुमार राय और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ कथित रूप से लापता जोड़े के संबंध में दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के लिए शनिवार (18 अक्टूबर), एक गैर-कार्य दिवस, को एक विशेष सुनवाई आयोजित करेगी।खंडपीठ ने कहा,"रिट याचिका में दिए गए कथनों के आधार पर हम...

जेल में रहते हुए हिंदू देवी-देवताओं को कथित तौर पर निशाना बनाने वाली किताबें कैसे लिख और बाँट रहे हैं रामपाल: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेलर से मांगा जवाब
जेल में रहते हुए हिंदू देवी-देवताओं को कथित तौर पर निशाना बनाने वाली किताबें कैसे लिख और बाँट रहे हैं रामपाल: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेलर से मांगा जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने मंगलवार को हिसार सेंट्रल जेल (हरियाणा) के जेलर को यह समझाने का निर्देश दिया कि स्वयंभू संत रामपाल, जो वर्तमान में जेल में बंद हैं, वह कथित तौर पर हिंदू देवी-देवताओं को निशाना बनाने वाली किताबें कैसे लिख और वितरित कर रहे हैं।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने यह आदेश हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस और अन्य द्वारा दायर एक याचिका पर पारित किया।इस याचिका में हिंदू देवी-देवताओं के कथित रूप से अशोभनीय चित्रण वाली पुस्तकों और अन्य साहित्य पर पूर्ण प्रतिबंध,...