सुप्रीम कोर्ट
S. 354C IPC | बिना इजाज़त महिला की फोटो लेना जुर्म नहीं, अगर वह कोई प्राइवेट काम नहीं कर रही हो तो: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी महिला की फ़ोटो खींचना और उसकी सहमति के बिना मोबाइल फ़ोन पर उसका वीडियो बनाना, जब वह कोई "प्राइवेट काम" नहीं कर रही हो तो भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354C के तहत वॉयरिज्म (तांक-झांक करना) का अपराध नहीं माना जाएगा।इस तरह, जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने एक आदमी को बरी कर दिया, जिस पर शिकायतकर्ता को उसके फ़ोटो खींचकर और अपने मोबाइल फ़ोन पर वीडियो बनाकर धमकाने का आरोप था, जिसके बारे में उसने दावा किया कि उसके काम ने उसकी प्राइवेसी में दखल दिया और...
सिर्फ़ माता-पिता का वर्क-फ़्रॉम-होम स्टेटस बच्चे की कस्टडी तय नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ इसलिए कि कोई माता-पिता घर से काम कर रहा है, उसे बच्चे की कस्टडी का हक़ नहीं मिल जाता। कोर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि माता-पिता हमेशा बच्चे के साथ मौजूद नहीं रह सकते। साथ ही उन्हें रोज़ी-रोटी कमाने के लिए बाहर जाना पड़ता है, जिससे माता-पिता को बच्चे की कस्टडी लेने से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्जल भुयान की बेंच ने पिता को कस्टडी दिए जाने को चुनौती देने वाली माँ की अपील पर सुनवाई करते हुए कहा,"इसलिए हम इस बात से सहमत नहीं हैं कि अगर एक...
दिव्यांगों के अधिकार: सुप्रीम कोर्ट ने UPSC को एग्जाम से 7 दिन पहले तक स्क्राइब बदलने की इजाज़त देने का दिया निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने एक फ़ैसला सुनाया, जिससे दिव्यांग UPSC कैंडिडेट्स के लिए स्क्राइब का नाम बदलना आसान हो जाएगा और जिन्हें देखने में दिक्कत है, उनके लिए स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर लागू करने में भी मदद मिलेगी।कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक, UPSC एग्जाम में बैठने वाले कैंडिडेट्स, जो स्क्राइब के लिए एलिजिबल हैं, उन्हें एग्जाम से कम-से-कम 7 दिन पहले तक स्क्राइब का नाम बदलने की रिक्वेस्ट करने की इजाज़त होगी। इसके अलावा, UPSC अपने एग्जाम में देखने में दिक्कत वाले कैंडिडेट्स के लिए स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर के...
दिल्ली दंगे UAPA केस में ज़मानत याचिका: सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद, शरजील, गुलफिशा और अन्य से स्थायी पता देने को कहा
दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में ज़मानत याचिकाओं पर सुनवाई टालते हुए सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों से अगली सुनवाई तक सभी याचिकाकर्ताओं का स्थायी पता देने को कहा।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरा हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद की दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में ज़मानत की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के 2 सितंबर के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें ज़मानत देने से...
PMLA के तहत कुर्क कॉर्पोरेट देनदार की संपत्ति सुप्रीम कोर्ट ने सफल समाधान आवेदक को लौटाने का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 8(8) के दूसरे प्रावधान का उपयोग करते हुए V Hotels Limited की जब्त संपत्तियों को उसके सफल समाधान आवेदक (SRA) Macrotech Developers Limited को लौटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश मामले की विशिष्ट परिस्थितियों और पक्षों की सहमति पर आधारित है और इसे नज़ीर (precedent) नहीं माना जाएगा।मामले की पृष्ठभूमिV Hotels Limited, IBC के तहत दिवाला प्रक्रिया में गया था और NCLT, मुंबई ने Macrotech Developers की समाधान योजना को मंज़ूरी...
कोई इंटरलिंक्ड प्रोसेस पावर का इस्तेमाल करता है तो कॉटन फैब्रिक के लिए सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में छूट नहीं मिलेगी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर मैन्युफैक्चरिंग चेन के किसी भी स्टेज पर पावर का इस्तेमाल होता है तो मैन्युफैक्चरर प्रोसेस्ड कॉटन फैब्रिक के लिए सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में छूट का दावा नहीं कर सकते, भले ही काम अलग-अलग यूनिट्स के ज़रिए किया जा रहा हो। कोर्ट ने उस ड्यूटी और पेनल्टी की मांग को बहाल किया, जिसे कस्टम्स, एक्साइज और सर्विस टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (CESTAT) ने खारिज कर दिया था।बिना पावर या स्टीम की मदद के प्रोसेस किए गए 'कॉटन फैब्रिक' के लिए एक्साइज ड्यूटी में छूट का दावा करने के लिए...
गर्भवती महिला सुनेली खातून और बेटे की वापसी पर राज़ी हुआ केंद्र : सुप्रीम कोर्ट में दिया मानवीय आधार पर आश्वासन
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को केंद्र सरकार ने भरोसा दिलाया कि बांग्लादेश निर्वासित की गई गर्भवती महिला सुनेली खातून और उसके आठ वर्षीय पुत्र साबिर को मानवीय आधार पर भारत वापस लाया जाएगा। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की पीठ के समक्ष यह बयान दिया।अदालत को बताया गया कि सरकार आवश्यक प्रक्रिया का पालन करते हुए दोनों को भारत लाएगी और यह कदम मामले के गुण-दोष पर उसके रुख को प्रभावित किए बिना उठाया जा रहा है। साथ ही सरकार अपने अधिकार सुरक्षित रखते हुए उनकी...
केरल हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ BCI की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की उस अपील पर नोटिस जारी किया, जिसमें केरल हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें कहा गया कि 6 मई, 2024 के बाद केरल राज्य बार काउंसिल के पास अनुशासनात्मक कार्यवाही जारी रखने का कोई अधिकार नहीं बचता, क्योंकि उसका कार्यकाल समाप्त हो चुका था। कानून के अनुसार विशेष समिति का गठन नहीं किया गया था।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की पीठ ने इस मामले में नोटिस जारी करते हुए सुनवाई शुरू की।यह मामला केरल हाईकोर्ट...
तलाकशुदा मुस्लिम महिला शादी में पति को दिए गए तोहफ़े वापस पाने की हकदार: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (2 दिसंबर) को कहा कि एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) एक्ट, 1986 के तहत शादी के समय अपने पति द्वारा अपने पिता से लिए गए कैश और सोने के गहने वापस पाने की हकदार है।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कलकत्ता हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया, जिसमें एक तलाकशुदा मुस्लिम महिला के 7 लाख रुपये और शादी के रजिस्टर (क़ाबिलनामा) में बताए गए सोने के गहनों के दावे को खारिज कर दिया गया, जो उसके पिता ने उसके पूर्व पति को तोहफ़े के तौर...
SIR की आड़ में ECI नागरिकता टेस्ट नहीं कर सकता: याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में बताया
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रोसेस को चुनौती देने वाले याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के सामने दलील दी कि इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (ECI) के पास SIR एक्सरसाइज की आड़ में किसी व्यक्ति की नागरिकता तय करने का कोई अधिकार नहीं है।चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच कई राज्यों में शुरू किए गए SIR को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। पिछले हफ्ते याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ द पीपल एक्ट, 1950 ECI को मौजूदा रूप में SIR करने का...
आने वाले HCBA नागपुर चुनावों में महिलाओं के लिए पांच पोस्ट रिज़र्व की जाएं: सुप्रीम कोर्ट का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, नागपुर के आने वाले चुनावों में वाइस प्रेसिडेंट का एक पद, ट्रेज़रर का पद और एग्जीक्यूटिव मेंबर्स के तीन पद महिला मेंबर्स के लिए रिज़र्व करने का निर्देश दिया।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि एसोसिएशन के ऑफिस बेयरर्स 12 दिसंबर, 2025 को होने वाले चुनाव में इन पांच पोस्ट को महिला मेंबर्स के लिए तय करने पर सहमत हो गए।कोर्ट ने कहा,"इसलिए यह निर्देश दिया जाता है कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, नागपुर के आने वाले चुनाव में वाइस...
जमानत पर सुनवाई के दौरान चलाई गई उमर खालिद की स्पीच; सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- 'ये वे स्टूडेंट्स हैं, जिन्होंने कुछ खास मुद्दों पर आंदोलन किया'
सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को हुई ओपन कोर्ट सुनवाई के दौरान आरोपी उमर खालिद का अमरावती में दी गई स्पीच भाषण चलाते हुए सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कहा कि गांधीवादी तरीके से सिविल नाफरमानी की वकालत करना साज़िश नहीं हो सकती, और किसी एकेडमिक को सालों तक ऐसे आंदोलन के लिए जेल में रखने से कोई पब्लिक इंटरेस्ट पूरा नहीं होगा, जिसने कुछ मुद्दे उठाए हों, सही या गलत।उन्होंने कहा,"मैं खुद से सवाल पूछता हूं। एक इंस्टीट्यूशन में एक एकेडेमिक्स, वह किसी देश या राज्य को उखाड़ फेंकने के लिए क्या कर सकता है?...
Maharashtra Slum Areas Act | ज़मीन खरीदने का राज्य का अधिकार मालिक के खास अधिकार पर निर्भर: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (2 दिसंबर) को मुंबई के मलाड में मनोरंजन के मैदान (RG) के तौर पर रिज़र्व 2,005-स्क्वायर-मीटर के प्लॉट के ज़रूरी अधिग्रहण की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि महाराष्ट्र स्लम एरिया (इम्प्रूवमेंट, क्लियरेंस और रीडेवलपमेंट) एक्ट, 1971 (स्लम एक्ट) (Maharashtra Slum Areas Act) के तहत स्लम-प्रभावित प्रॉपर्टी को रीडेवलप करने के ज़मीन मालिक के खास कानूनी अधिकार को ओवरराइड करने के लिए राज्य के ज़रूरी अधिग्रहण के अधिकार का इस्तेमाल नहीं किया जा...
'क्या आपके भाषण UAPA के तहत 'आतंकी कृत्य' नहीं माने जा सकते?' शरजील इमाम से सुप्रीम कोर्ट का सवाल
दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साज़िश मामले में दायर जमानत याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आरोपी शरजील इमाम के कुछ भाषणों पर सवाल उठाए और पूछा कि क्या इन भाषणों को उकसावे या UAPA के तहत आतंकवादी कृत्य नहीं माना जा सकता।सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणीजस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजरिया की खंडपीठ उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरा हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनकी जमानत दिल्ली हाई कोर्ट ने 2 सितंबर को खारिज कर दी...
सजा दिलाने की चाह में अभियोजक अदालत की सहायता का कर्तव्य नहीं छोड़ सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (1 दिसंबर) को एक हत्या मामले में तीन आरोपियों की सजा को पलटते हुए सार्वजनिक अभियोजकों की भूमिका पर गंभीर टिप्पणी की।न्यायालय ने कहा कि अभियोजकों से यह अपेक्षा की जाती है कि वे स्वतंत्र रूप से कार्य करें और केवल किसी भी कीमत पर दोषसिद्धि करवाने के उद्देश्य से अदालत के “स्टेट के वकील” की तरह व्यवहार न करें।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने उस अपील की सुनवाई की जिसमें यह सामने आया कि आरोपियों को धारा 313 दंड प्रक्रिया संहिता के तहत दिए गए बयान के दौरान...
इंटरव्यू के बाद चयन मानदंड नहीं बदले जा सकते : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने यह दोहराते हुए कि मूल्यांकन के अंतिम चरण के पूरा होने के बाद चयन मानदंड बदले नहीं जा सकते, जम्मू-कश्मीर सर्विसेज़ सेलेक्शन बोर्ड (JKSSB) की उस अपील को खारिज कर दिया जिसमें हाई कोर्ट द्वारा प्रभावित उम्मीदवारों के लिए एक अतिरिक्त पद सृजित करने का निर्देश दिया गया था। यह निर्देश उस स्थिति में दिया गया था जब इंटरव्यू के बाद बोर्ड ने फॉरेस्टर भर्ती के लिए मूल्यांकन मानदंड बदल दिए थे।सुप्रीम कोर्ट का निष्कर्षजस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की खंडपीठ ने कहा कि इंटरव्यू...
मानवीय आधार पर गर्भवती महिला और उसके बेटे को बांग्लादेश से वापस लाने पर विचार करें : सुप्रीम कोर्ट का केंद्र को निर्देश
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह निर्देश लेने को कहा कि हाल ही में बांग्लादेश भेजी गई एक गर्भवती महिला और उसके आठ वर्षीय बेटे को वापस लाने की संभावना क्या है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले पर “पूरी तरह मानवीय आधार पर” विचार किया जाना चाहिए। चीफ जस्टिस सुर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की और अगली तारीख 3 दिसंबर तय की। सीनियर एडवोकेट संजय हेगड़े ने बताया कि सोनाली खातून, जो प्रतिवादी भोदू शेख की बेटी हैं, गर्भावस्था के उन्नत चरण में थीं और उन्हें भी...
सुप्रीम कोर्ट ने CBI को डिजिटल अरेस्ट स्कैम के मामलों की जांच करने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को CBI को डिजिटल अरेस्ट स्कैम के मामलों की जांच करने का आदेश दिया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने डिजिटल अरेस्ट के मुद्दे पर खुद से लिए गए मामले में यह आदेश दिया। बेंच ने कहा कि इन स्कैम पर देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी को “तुरंत ध्यान” देना चाहिए। कोर्ट ने निर्देश दिया कि CBI पहले उन मामलों की जांच करेगी, जिनमें सीधे डिजिटल अरेस्ट स्कैम की रिपोर्ट की गई, जबकि बाद के फेज में साइबर क्राइम के दूसरे तरीकों की जांच की जा सकती...
मुकदमा दायर होने से पहले बेची गई संपत्ति पर कुर्की नहीं लगाई जा सकती : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी संपत्ति का रजिस्टर्ड सेल डीड के माध्यम से मुकदमा दायर होने से पहले ही हस्तांतरण हो चुका है तो उस संपत्ति को सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश 38 नियम 5 के तहत निर्णय से पहले कुर्क नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि इस प्रावधान के तहत कुर्की केवल उसी संपत्ति पर लगाई जा सकती है, जो मुकदमा दायर होने की तारीख पर प्रतिवादी की स्वामित्व वाली हो।जस्टिस बी. वी. नागरत्ना एवं जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने केरल हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट के फैसलों को पलटते हुए यह...
BREAKING: वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन पर समय-वृद्धि से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, ट्रिब्यूनल जाने की छूट
सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ संपत्तियों का विवरण सरकारी डिजिटल पोर्टल पर अपलोड करने के लिए समय-सीमा बढ़ाने से सोमवार को इनकार किया। अदालत ने कहा कि क़ानून के प्रावधानों के तहत वक्फ ट्रिब्यूनल को उचित मामलों में समय बढ़ाने का अधिकार दिया गया और आवेदक व्यक्तिगत रूप से ट्रिब्यूनल के समक्ष आवेदन कर सकते हैं।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने सभी अर्ज़ियों का निस्तारण करते हुए आवेदकों को तय समय-सीमा समाप्त होने से पहले संबंधित ट्रिब्यूनल से संपर्क करने की स्वतंत्रता प्रदान...



















