राज�थान हाईकोट
अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के आदेश पर राजस्थान हाईकोर्ट की रोक, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई का निर्देश
राजस्थान हाईकोर्ट ने शहरी विकास एवं आवास विभाग के 12 मार्च 2025 के आदेश पर रोक लगाई, जिसके तहत जयपुर में राजस्थान हाउसिंग बोर्ड के लिए अधिग्रहित जमीन पर बनी अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमणों को कथित तौर पर नियमित करने की बात कही गई थी।जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने कहा कि यह आदेश "अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमणों को बढ़ावा देता है, जिससे सार्वजनिक धन को भारी नुकसान होगा।"अदालत ने संबंधित अधिकारियों पर भी कड़ी टिप्पणी करते हुए निर्देश दिया कि ऐसे अतिक्रमणों को हटाया जाए और...
राज्य सरकार नकली मार्कशीट मामले में MLA पर दर्ज केस वापस नहीं ले सकती: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने चूरू से बीजेपी विधायक हरलाल सिंह के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को वापस लेने की राज्य सरकार की अर्जी खारिज कर दी है। यह मामला 2015 में जिला परिषद चुनाव लड़ने के लिए नकली कक्षा 10 की मार्कशीट लगाने से जुड़ा है।जस्टिस इंदरजीत सिंह और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने इस अपराध को "लोक पद और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग से जुड़ा गंभीर अपराध करार देते हुए कहा कि राज्य यह साबित करने में विफल रहा कि केस वापसी से "लोक न्याय, कानून-व्यवस्था और शांति के उद्देश्यों की पूर्ति होगी।"अदालत ने...
भर्ती प्रक्रिया में वेबसाइट पर दिए गए निर्देश भी विज्ञापन का अभिन्न हिस्सा: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की अपील खारिज की, जिसमें आयोग ने असिस्टेंट प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर (APO) पद के लिए आवेदन करने वाले उन उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठने से रोकने की मांग की थी, जिन्होंने आवेदन की अंतिम तिथि तक अपनी विधि (लॉ) की डिग्री पूरी नहीं की थी बल्कि परीक्षा में सम्मिलित हो रहे थे।जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस बिपिन गुप्ता की खंडपीठ ने सिंगल बेंच वह आदेश बरकरार रखा, जिसमें ऐसे उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई।RPSC का तर्क था कि भर्ती...
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में जर्जर स्कूल भवनों के उपयोग पर रोक लगाई, स्टूडेंट्स के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया
एक कक्षा की छत और दीवार गिरने से 7 बच्चों की मौत से संबंधित स्वतः संज्ञान मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जर्जर स्कूल भवनों/कमरों के उपयोग पर रोक लगाई और वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया।जुलाई, 2025 में न्यायालय ने राजस्थान के सरकारी स्कूल में हुई उस घटना का स्वतः संज्ञान लिया था, जिसमें 7 बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से आवश्यक रिपोर्ट मांगी थी।22 अगस्त, 2025 को जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल और जस्टिस अशोक कुमार जैन की खंडपीठ ने वकीलों की सुनवाई और...
'यात्रा' एक सामान्य शब्द, इसे जाना-पहचाना चिह्न घोषित नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रैवल कंपनी को अंतरिम निषेधाज्ञा देने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि "यात्रा" शब्द एक सामान्य और वर्णनात्मक शब्द है, जिस पर यात्रा कंपनी यात्रा ऑनलाइन लिमिटेड द्वारा एकाधिकार का दावा नहीं किया जा सकता। जस्टिस तेजस करिया ने कहा कि यद्यपि 'यात्रा' चिह्न प्रमुख है, फिर भी यात्रा कंपनी इस पर एकाधिकार का दावा नहीं कर सकती क्योंकि यह यात्रा और पर्यटन सेवाओं के लिए सामान्य और सामान्य रूप से वर्णनात्मक है।न्यायालय ने मैक कॉन्फ्रेंसेज एंड इवेंट्स लिमिटेड के खिलाफ ट्रेडमार्क उल्लंघन के मुकदमे में यात्रा द्वारा दायर अंतरिम निषेधाज्ञा को...
प्रवेश के दौरान संस्थागत वरीयता सभी छात्रों पर लागू, उत्तीर्ण वर्ष के आधार पर भेदभाव लागू नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
एकल न्यायाधीश के फैसले से असहमत होते हुए, राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि प्रवेश के चरण में संस्थानों द्वारा लागू की जाने वाली संस्थागत वरीयताएं उस संस्थान से उत्तीर्ण सभी छात्रों पर लागू होनी चाहिए, और उत्तीर्णता वर्ष के आधार पर उन छात्रों के बीच कोई कृत्रिम भेदभाव नहीं किया जा सकता। न्यायालय एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा संस्थान वरीयता के अंतर्गत नए छात्रों के लिए एक अलग श्रेणी बनाने की अनुमति देने वाले एकल पीठ के फैसले को चुनौती दी गई थी।इसके कारण, भले ही...
O.21 R.32(5) CPC | यदि निर्णय-ऋणी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करता है तो निष्पादन न्यायालय संपत्ति का कब्जा बहाल कर सकता है: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि जहां निषेधात्मक निषेधाज्ञा का आदेश, निर्णीत ऋणी द्वारा विवादित संपत्ति से डिक्री धारक को बेदखल करने के जानबूझकर और गैरकानूनी कृत्य के कारण निरर्थक हो जाता है, वहां निष्पादन न्यायालय को आदेश 21 नियम 32(5) सीपीसी के तहत कब्जा बहाल करने का निर्देश देने का अधिकार है। जस्टिस फरजंद अली ने इस तर्क को खारिज करते हुए कि निष्पादन न्यायालय का अधिकार क्षेत्र केवल डिक्री को लागू करने तक सीमित है, जो इस मामले में केवल निषेधात्मक निषेधाज्ञा थी, न कि कब्जा सौंपना, कहा, "निषेधात्मक...
राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा, आपराधिक मामले में बरी होने के बाद कर्मचारी को वेतन से वंचित करना गलत; सरकार को मुआवजा देने का आदेश
राजस्थान हाईकोर्ट ने माना कि किसी कर्मचारी को उस अवधि के लिए वेतन देने से इनकार करना, जब उसे आपराधिक आरोपों में हिरासत में रखा गया था - जो आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में कदाचार से संबंधित नहीं थे - और बाद में बरी कर दिया गया था, अन्यायपूर्ण था। जस्टिस आनंद शर्मा ने अपने आदेश में कहा,"व्यापक और हितकर सिद्धांत यह है कि जहां किसी कर्मचारी को आपराधिक आरोपों में हिरासत में रखा जाता है, जो उसके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में कदाचार से संबंधित नहीं थे और बाद में बरी कर दिया जाता है, तो कर्मचारी...
सरकार पंचायत चुनावों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित नहीं कर सकती, यह संविधान के अनुच्छेद 243-ई के विपरीत: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने माना कि नए पंचायत चुनाव कराने के लिए विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया का पालन किए बिना, अपनी-अपनी पंचायतों के विघटन के छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी, अगले चुनाव तक प्रशासक के पद पर बने रहने की अनुमति प्राप्त औपचारिक सरपंचों को हटाना, संवैधानिक आदेश के उल्लंघन का एक ज्वलंत उदाहरण है। जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने आगे कहा कि इन चुनावों को लंबे समय तक स्थगित रखने से स्थानीय स्तर पर शासन में शून्यता पैदा हो सकती है, और राजस्थान सरकार से अपेक्षा की जाती है कि वह इस...
Order 41 Rule 27 CPC: अपील लंबित रहने पर अतिरिक्त साक्ष्य की अर्जी पर फैसला अंतिम सुनवाई में ही होगा : राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) की Order 41 Rule 27 के तहत अपील के दौरान दाखिल की गई अतिरिक्त साक्ष्य लेने की अर्जी पर फैसला अपील की अंतिम सुनवाई के समय ही किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की अर्जी को अपील की सुनवाई से पहले तय करना न्यायिक दृष्टि से उचित नहीं होगा।मामला उस समय उठा, जब याचिकाकर्ता के खिलाफ किराया न्यायाधिकरण ने बेदखली का आदेश पारित किया था। इस आदेश के खिलाफ अपील दायर की गई, जो विचाराधीन थी। अपील लंबित रहते हुए याचिकाकर्ता ने...
मास्टर प्लान में गांव को 'शहरी क्षेत्र' घोषित किए जाने पर राज्य ऐसे क्षेत्र के विकास के लिए भूमि परिवर्तन की अनुमति दे सकता है: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने सुजानगढ़ मास्टर प्लान 2036 में असोटा गांव को शामिल करने को चुनौती देने वाली याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया कि यह ग्राम पंचायत की आपत्तियों के बावजूद किया गया था और यह पंचायत की स्वायत्तता के लिए हानिकारक था। जस्टिस कुलदीप माथुर ने कहा कि इस तरह के समावेशन से पहले संबंधित ग्राम पंचायत के साथ किया गया परामर्श पर्याप्त था और नीतिगत निर्णय लेने के लिए सहमति अनिवार्य नहीं थी।कोर्ट ने कहा,"यहां यह ध्यान देने योग्य है कि 'सुजानगढ़ मास्टर प्लान 2036' में असोटा गांव को...
आगे की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति के इच्छुक व्यक्ति से चयन से पहले नौकरी से इस्तीफा देने की उम्मीद नहीं की जा सकती: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने विदेश में शिक्षा के लिए इच्छुक एक छात्र को राहत प्रदान की। विदेश में अध्ययन के लिए उस छात्र की ओर से राज्य सरकार की स्वामी विवेकानंद शैक्षणिक उत्कृष्टता छात्रवृत्ति योजना के तहत किए गए आवेदन को इस आधार पर खारिज कर दिया गया था कि वह अपना कोर्स शुरू होने से एक महीने पहले अपनी नौकरी का इस्तीफा पेश करने में विफल रहा था। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता से कोर्स में चयन से पहले अपनी नौकरी से इस्तीफा देने की उम्मीद नहीं की जा सकती। कोर्ट ने छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की भूमिका पर और...
अतिक्रमणकारियों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के अधिकारियों को अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया, पुलिस को कार्रवाई की चेतावनी दी
राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमणकारियों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं हो सकती। न्यायालय ने नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वे विभिन्न शहरों और कस्बों के नगर निगमों और नगर परिषदों को शहर/कस्बों की सड़कों और फुटपाथों पर किए गए अवैध अतिक्रमणों को हटाने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश जारी करें।मनोज टिबरेवाल आकाश मामले का हवाला देते हुए जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित ने कहा,"अतिक्रमण हटाने का ऐसा अभियान राज्य स्तर पर चलाया जाना चाहिए...
राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: चैरिटेबल ट्रस्ट की 700 दिन की देरी माफ, कोर्ट बोला- कोई दुर्भावना नहीं थी
राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट की ऑडिट रिपोर्ट दाख़िल करने में हुई 700 दिन की देरी को माफ कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जब संस्था समाजोपयोगी चैरिटेबल गतिविधियां कर रही है। इसके अलावा, देरी में कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नहीं है तो केवल समयसीमा की तकनीकी अड़चन के कारण कर छूट का लाभ नहीं रोका जा सकता।जस्टिस के.आर. श्रीराम और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि आयकर कानून ने विलंब को माफ करने के लिए व्यापक विवेकाधिकार दिया है। ऐसे मामलों में संतुलित व...
राजस्थान हाईकोर्ट ने मृतक की पत्नी की आपत्ति के बावजूद विधवा उम्मीदवारों के लिए आयोजित परीक्षा में महिला को बैठने की अनुमति दी
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक पुरुष की विधवा होने का दावा कर रही एक महिला को अनुसूचित जनजाति (विधवा) श्रेणी के अंतर्गत प्रारंभिक शिक्षा में डिप्लोमा कोर्ट पूरा करने की अनुमति दी, जबकि मृतक की पत्नी ने उसकी "विधवा" स्थिति को चुनौती दी थी।जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने कहा कि याचिकाकर्ता की मृतक की "विधवा" या "तलाकशुदा पत्नी" के रूप में स्थिति पर न्यायालय निर्णय नहीं कर सकता, क्योंकि यह एक विवादित तथ्यात्मक प्रश्न है। हालांकि, न्यायालय ने कहा कि चूंकि उसे एक अंतरिम आदेश के आधार पर कोर्स जारी रखने की अनुमति...
स्कूल ने स्टूडेंट का फॉर्म CBSE को नहीं भेजा, कोर्ट ने जताई नाराज़गी: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक स्कूल को तीन बार याद दिलाने के बावजूद सुधार परीक्षा लिखने के लिए एक छात्र का परीक्षा फॉर्म सीबीएसई को नहीं भेजने पर हैरानी जताई है।इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि स्कूल ने पहले ही छात्र को 1.10 लाख रुपये का मुआवजा दिया था और छात्र को विषय के लिए रिपीट पेपर में उपस्थित होने की अनुमति दी गई थी, अदालत ने सीबीएसई को एक सप्ताह में परिणाम घोषित करने का निर्देश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया। जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने अपने आदेश में कहा, बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,...
'अंधा होना सपनों को नष्ट नहीं कर सकता': राजस्थान हाईकोर्ट ने कोर्स पूरा करने में MBBS छात्र की मदद के लिए पैनल का गठन किया, जिसने 2 साल बाद दृष्टि खो दी थी
राजस्थान हाईकोर्ट ने एम्स, दिल्ली में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, जो एक एमबीबीएस छात्रा की जांच करेगी जो दो साल का कोर्स पूरा करने के बाद दृष्टिहीन हो गई थी। समिति ने उसे कोर्स पूरा करने में सक्षम बनाने के लिए उपयुक्त तौर-तरीकों और पद्धतियों की सिफारिश की है। जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने कहा कि भारत और विदेशों में ऐसे कई लोग हैं जो दृष्टिबाधित होने के बावजूद सफल डॉक्टर बने। उन्होंने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम का हवाला दिया और कहा कि दिशानिर्देश बनाते समय दिव्यांग डॉक्टरों पर भी विचार किया...
CrPC की धारा 102 | क्या सिर्फ़ पुलिस के पत्र पर बैंक खाते ज़ब्त किए जा सकते हैं? राजस्थान हाईकोर्ट ने बार के सदस्यों से सुझाव मांगे
राजस्थान हाईकोर्ट ने सामान्य नोटिस जारी कर बार के सभी सदस्यों को इस मुद्दे पर विचार करने के लिए आमंत्रित किया, क्या सिर्फ़ पुलिस (जांच एजेंसी) से प्राप्त पत्र के आधार पर CrPC की धारा 102, के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना खाताधारक का बैंक अकाउंट ज़ब्त किया जा सकता है?जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ऐसे व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसका बैंक अकाउंट बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने पुलिस से प्राप्त एक पत्र के आधार पर कथित तौर पर CrPC की धारा 102 के तहत निर्धारित किसी भी प्रक्रिया...
राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम बापू की अंतरिम जमानत 29 अगस्त तक बढ़ाई, मेडिकल बोर्ड को स्वास्थ्य जांच का दिया निर्देश
गुजरात हाईकोर्ट द्वारा मेडिकल आधार पर आसाराम बापू की अस्थायी जमानत 21 अगस्त तक बढ़ाने के आदेश के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने भी 2013 के दुष्कर्म मामले में उन्हें दी गई जमानत 29 अगस्त 2025 तक बढ़ा दी।पिछले महीने 8 जुलाई, 2025 के आदेश में जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने गुजरात हाईकोर्ट के 3 जुलाई के आदेश के आधार पर जमानत 12 अगस्त तक बढ़ाई थी। उस आदेश में गुजरात हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मेडिकल आधार पर आगे जमानत बढ़ाने का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।सुप्रीम कोर्ट...
राजस्थान हाईकोर्ट ने सड़कों से आवारा कुत्तों और अन्य जानवरों को हटाने का आदेश दिया, बाधा पैदा करने वालों पर दर्ज होगी FIR
राजस्थान हाईकोर्ट ने सोमवार (11 अगस्त) को नगर निकायों को शहर की सड़कों से आवारा कुत्तों और अन्य जानवरों को हटाने का निर्देश दिया। साथ ही यह सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया कि उन्हें कम से कम शारीरिक नुकसान हो।अदालत ने आगे कहा कि यदि कोई भी नगर निकायों को सड़कों/कॉलोनियों/सार्वजनिक रास्तों से आवारा जानवरों को हटाने से रोकता है तो नगर निगम के अधिकारी/कर्मचारी ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं, जिसमें लोक सेवकों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालने के लिए FIR दर्ज...














