राज�थान हाईकोट

काला हिरण शिकार मामला: राजस्थान सरकार ने एक्टर सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम को बरी किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया
काला हिरण शिकार मामला: राजस्थान सरकार ने एक्टर सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम को बरी किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया

राजस्थान सरकार ने 1998 के काला हिरण शिकार मामले में एक्टर सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, तब्बू और नीलम को ट्रायल कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया।जस्टिस मनोज कुमार गर्ग ने 16 मई को राज्य की अपील पर सुनवाई की और अपने आदेश में कहा,"मामले को आरोपी सलमान खान द्वारा दायर आपराधिक अपील के साथ 28.07.2025 को सूचीबद्ध करें।"2018 में मामले के मुख्य आरोपी एक्टर सलमान खान को जोधपुर के सेशन कोर्ट ने दोषी ठहराया था जबकि सह-आरोपी एक्टर सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे...

कांस्टेबल ने 4 दिन तक जब्त अफीम अवैध रूप से रखी अपने पास, हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार
कांस्टेबल ने 4 दिन तक जब्त अफीम अवैध रूप से रखी अपने पास, हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार

राजस्थान हाईकोर्ट ने NDPS Act के तहत आरोपी पुलिस कांस्टेबल की FIR रद्द करने की याचिका खारिज कर दी, जिसने एक वाहन से बरामद की गई अफीम को चार दिन तक अवैध रूप से अपने पास रखा।जस्टिस फर्जंद अली ने इस मामले को कानून लागू करने वाली एजेंसी के सदस्यों द्वारा शक्ति के दुरुपयोग और अवैध गतिविधियों का एक अनोखा उदाहरण करार दिया। कोर्ट ने कहा कि कानून के तहत किसी भी प्रकार का प्राधिकरण या लाइसेंस होने के बावजूद मादक पदार्थ का कब्जे में होना स्वयं में एक अपराध है।याचिकाकर्ता कांस्टेबल और उसका सहकर्मी...

रोजगार रिकॉर्ड में आकस्मिक/दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी को न दर्शाना आम बात: राजस्थान ‌हाईकोर्ट ने ऐसे कर्मचारी को अवॉर्ड देने को बरकरार रखा
रोजगार रिकॉर्ड में आकस्मिक/दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी को न दर्शाना आम बात: राजस्थान ‌हाईकोर्ट ने ऐसे कर्मचारी को अवॉर्ड देने को बरकरार रखा

राजस्थान हाईकोर्ट ने कर्मचारी प्रतिकर अधिनियम के तहत न्यायाधिकरण के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी (प्रतिवादी) को प्रतिकर प्रदान किया गया था, जो अपने रोजगार के दौरान घायल हो गया था, लेकिन कर्मचारी राज्य बीमा रजिस्टर या नियोक्ता-अपीलकर्ता के उपस्थिति रजिस्टर में दिखाई नहीं दे रहा था। न्यायाधिकरण के इस तर्क से सहमत होते हुए कि कर्मचारी एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हो सकता है, न्यायमूर्ति अरुण मोंगा की पीठ ने कहा कि औपचारिक रोजगार रिकॉर्ड में आकस्मिक या दैनिक वेतनभोगी...

कोचिंग सेंटर्स में 14 आत्महत्याएं, फिर भी नहीं बना कानून: राजस्थान हाईकोर्ट ने जताई कड़ी नाराज़गी
कोचिंग सेंटर्स में 14 आत्महत्याएं, फिर भी नहीं बना कानून: राजस्थान हाईकोर्ट ने जताई कड़ी नाराज़गी

राजस्थान हाईकोर्ट ने कोटा सहित अन्य कोचिंग संस्थानों में बढ़ती स्टूडेंट आत्महत्याओं पर गंभीर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि साल 2025 में अब तक 14 स्टूडेंट आत्महत्या कर चुके हैं लेकिन राज्य सरकार ने 2016 से लंबित जनहित याचिका के बावजूद कोई कानून नहीं बनाया।चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस मुकेश राजपुरोहित की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि कोर्ट ने बार-बार दिशा-निर्देश जारी कर स्थिति सुधारने का प्रयास किया, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।प्रतिवादी कोचिंग संस्थान की ओर से यह दलील दी गई कि...

कर्मचारी को नया नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद राज्य पहले की नियुक्ति में बांड की शर्त लागू नहीं कर सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
कर्मचारी को नया नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद राज्य पहले की नियुक्ति में बांड की शर्त लागू नहीं कर सकता: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि यदि किसी कर्मचारी को नई नियुक्ति पत्र जारी किया गया तो वह अब पुरानी नौकरी के बॉन्ड की शर्तों से बंधा नहीं रह सकता।जस्टिस रेखा बोरणा याचिका पर सुनवाई कर रही थीं, जिसमें राज्य सरकार द्वारा महिला कर्मचारी से 5 लाख रुपये की वसूली के आदेश को चुनौती दी गई थी। राज्य सरकार का कहना था कि याचिकाकर्ता ने कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर पद पर रहते हुए 5 साल की सेवा पूरी किए बिना इस्तीफा दिया और नर्सिंग ऑफिसर के पद पर नियुक्त हो गई> इसलिए उसे बॉन्ड की रकम चुकानी...

राजस्थान हाईकोर्ट ने 16 गैर-कार्यशील लोक अदालतों पर राज्य के जवाब की आलोचना की, प्रधान विधि सचिव को 22 मई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने 16 गैर-कार्यशील लोक अदालतों पर राज्य के जवाब की आलोचना की, प्रधान विधि सचिव को 22 मई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया

16 गैर-कार्यशील स्थायी लोक अदालतों से संबंधित एक स्वप्रेरणा याचिका में राजस्थान हाईकोर्ट ने गुरुवार (15 मई) को राज्य सरकार द्वारा दायर हलफनामे पर असंतोष व्यक्त किया और कानूनी मामलों के विभाग के प्रधान सचिव को अगली सुनवाई की तारीख पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश दिया।जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा,"इस न्यायालय द्वारा 13 मई 2025 को जारी निर्देश के अनुपालन में हलफनामा दायर किया गया लेकिन यह बहुत ज्यादा असंतोषजनक है।"न्यायालय ने 13 मई...

कार्य में देरी के लिए जिम्मेदार पक्ष द्वारा लगाए गए निश्चित हर्जाने की वापसी में मध्यस्थता अधिनियम की धारा 37 के तहत हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट
कार्य में देरी के लिए जिम्मेदार पक्ष द्वारा लगाए गए निश्चित हर्जाने की वापसी में मध्यस्थता अधिनियम की धारा 37 के तहत हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने माना कि कार्य के पूरा होने में देरी के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार पक्ष द्वारा परिसमाप्त क्षतिपूर्ति लगाना अनुचित है। जस्टिस अवनीश झिंगन और जस्टिस भुवन गोयल की पीठ ने कहा, इसलिए, मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 37 के तहत अपीलीय हस्तक्षेप के सीमित दायरे को देखते हुए, इस तरह की क्षतिपूर्ति वापस करने के मध्यस्थ के निर्देश में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है। तथ्यराजस्थान शहरी अवसंरचना विकास परियोजना ने 03.02.2003 के अनुबंध के तहत ब्यावर रोड, अजमेर को चौड़ा और मजबूत...

झूठे बलात्कार के आरोप असामान्य नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने पार्टियों के बीच दुश्मनी और चिकित्सा साक्ष्य की कमी का हवाला देते हुए दोषी को बरी किया
'झूठे बलात्कार के आरोप असामान्य नहीं': राजस्थान हाईकोर्ट ने पार्टियों के बीच दुश्मनी और चिकित्सा साक्ष्य की कमी का हवाला देते हुए दोषी को बरी किया

राजस्‍थान हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के एक आदेश को दरकिनार करते हुए बलात्कार के एक दोषी को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि चूंकि झूठे आरोप असामान्य नहीं हैं, इसलिए न्यायपालिका को विवेक और समझदारी से काम लेना चाहिए, खासकर बलात्कार जैसे गंभीर आरोपों वाले मामलों में। यह माना गया कि इस तरह के आरोप बदला लेने, जबरन वसूली या वित्तीय दायित्वों से बचने जैसे उद्देश्यों से प्रेरित हो सकते हैं।जस्टिस मनोज कुमार गर्ग की पीठ ने यह फैसला अभियोजन पक्ष की गवाही की वैज्ञानिक और चिकित्सा साक्ष्य से पुष्टि न होने, FSL...

राजस्थान हाईकोर्ट ने 16 गैर-कार्यशील लोक अदालतों पर मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने 16 गैर-कार्यशील लोक अदालतों पर मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया

राजस्थान हाईकोर्ट ने मंगलवार (13 मई) को दैनिक भास्कर की रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लिया, जिसमें दावा किया गया कि राज्य सरकार द्वारा 9 अप्रैल को पारित आदेश के कारण 16 स्थायी लोक अदालतें काम नहीं कर रही हैं, इसे न्याय तक पहुंच से संबंधित एक बहुत गंभीर मुद्दा करार दिया।जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि जोधपुर में लगभग 972 मामले लंबित हैं। इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि स्थायी लोक अदालतों के माध्यम से लगभग 10,000 मामले लंबित हो...

राजस्थान हाईकोर्ट ने आईडीबीआई बैंक को साइबर अपराध के पीड़ित को 58 लाख रुपये वापस करने का निर्देश दिया, ग्राहकों का डेटा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने आईडीबीआई बैंक को साइबर अपराध के पीड़ित को 58 लाख रुपये वापस करने का निर्देश दिया, ग्राहकों का डेटा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया

डिजिटल धोखाधड़ी के एक पीड़ित को राहत प्रदान करते हुए, जिसने अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन के कारण अपने आईडीबीआई बैंक खाते से 58 लाख रुपये गंवा दिए थे, राजस्थान हाईकोर्ट ने बैंक को निर्देश दिया कि वह 6 जुलाई, 2017 के परिपत्र में आरबीआई द्वारा "शून्य देयता" निर्देश के मद्देनजर ब्याज के साथ पूरी राशि वापस करे। परिपत्र के अनुसार, किसी के बैंक खाते में किसी भी अनधिकृत लेनदेन की स्थिति में, यदि धोखाधड़ी के संबंध में शिकायत तीन कार्य दिवसों की अवधि के भीतर की जाती है, तो ऐसे ग्राहक की "शून्य देयता"...

राजस्थान हाईकोर्ट ने बच्चे को वयस्क वीडियो दिखाने के लिए व्यक्ति के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप बरकरार रखा, कहा- उत्पीड़न साबित होने पर इरादे को माना जाना चाहिए
राजस्थान हाईकोर्ट ने बच्चे को वयस्क वीडियो दिखाने के लिए व्यक्ति के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप बरकरार रखा, कहा- उत्पीड़न साबित होने पर इरादे को माना जाना चाहिए

राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि POCSO Act की धारा 11 और 30 के व्यापक अध्ययन से पता चलता है कि यौन उत्पीड़न के लिए अभियोजन पक्ष द्वारा यौन उत्पीड़न के कृत्य को साबित करने के बाद विशेष न्यायालय को यौन इरादे के अस्तित्व को मानने का अधिकार है।जस्टिस मनोज कुमार गर्ग ने POCSO Act के तहत याचिकाकर्ताओं के खिलाफ लगाए गए आरोपों के लिए दायर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणियां कीं, जिसमें याचिकाकर्ता के वकील की ओर से तर्क दिया गया कि बच्चे को वयस्क वीडियो दिखाने का कृत्य अकेले में...

सेवा समाप्ति कानून मृत्युदंड जैसा: राजस्थान हाईकोर्ट ने केवल कारण बताओ नोटिस के आधार पर पीटी प्रशिक्षक को हटाने के आदेश को रद्द किया
'सेवा समाप्ति कानून मृत्युदंड जैसा': राजस्थान हाईकोर्ट ने केवल कारण बताओ नोटिस के आधार पर पीटी प्रशिक्षक को हटाने के आदेश को रद्द किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने आरोप पत्र या अनुशासनात्मक जांच के बिना बर्खास्त किए गए सरकारी कर्मचारी को बहाल करने का निर्देश देते हुए कहा कि सेवा समाप्ति कानून मृत्युदंड के समान है, जिसे निर्दोष व्यक्तियों को दंडित होने से बचाने के लिए उचित जांच के बाद ही पारित किया जा सकता है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर एक शारीरिक प्रशिक्षण प्रशिक्षक द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसे कारण बताओ नोटिस के आधार पर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसने बिना कोई आरोप पत्र जारी किए या कोई...

राजस्थान हाईकोर्ट ने कक्षा 10वीं के सामान्य वर्ग के स्टूडेंट की उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन का आदेश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने कक्षा 10वीं के सामान्य वर्ग के स्टूडेंट की उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन का आदेश दिया

कक्षा 10वीं के एक स्टूडेंट की याचिका पर सुनवाई करते हुए, जिसे निरीक्षक द्वारा सामाजिक विज्ञान का गलत प्रश्न पत्र दिया गया, राजस्थान हाईकोर्ट ने स्टूडेंट को सामान्य/साधारण स्टूडेंट मानते हुए उसकी उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन का निर्देश दिया और कहा कि निरीक्षक की गलती के कारण उसे परेशानी नहीं होनी चाहिए।जस्टिस अनूप कुमार ढांड सामान्य वर्ग की स्टूडेंट की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जो राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रही थी। सामाजिक विज्ञान के प्रश्नपत्र में...

राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने सीमा पार की अस्थिर स्थिति के कारण 16 मई तक नो-वर्क अवधि की मांग करते हुए चीफ जस्टिस को पत्र लिखा
राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने सीमा पार की अस्थिर स्थिति के कारण 16 मई तक नो-वर्क अवधि की मांग करते हुए चीफ जस्टिस को पत्र लिखा

बाद के घटनाक्रमों के मद्देनजर एडवोकेट एसोसिएशन ने नो-वर्क के लिए अपना प्रतिनिधित्व वापस लेने का फैसला किया और आज से सामान्य रूप से काम करना जारी रखेगा।राजस्थान हाईकोर्ट अधिवक्ता संघ (एसोसिएशन) ने राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से अनुरोध किया कि वे 12 मई, 2025 से 5 दिनों की अवधि के लिए नो-वर्क अवधि घोषित करें क्षेत्र में मौजूदा संवेदनशील और अस्थिर स्थिति निरंतर ब्लैकआउट और अलगाववादी और विघटनकारी ताकतों द्वारा उत्पन्न आसन्न खतरे के मद्देनजर।चीफ जस्टिस को लिखे पत्र के अनुसार, यह अनुरोध तनावपूर्ण...

डॉक्टर संभवतः चिकित्सा लापरवाही नहीं करेंगे, क्योंकि इससे उनकी पेशेवर और आर्थिक स्थिरता बर्बाद हो सकती है: राजस्थान हाईकोर्ट ने FIR रद्द की
डॉक्टर संभवतः 'चिकित्सा लापरवाही' नहीं करेंगे, क्योंकि इससे उनकी पेशेवर और आर्थिक स्थिरता बर्बाद हो सकती है: राजस्थान हाईकोर्ट ने FIR रद्द की

राजस्‍‌थान हाईकोर्ट ने निजी डॉक्टरों के खिलाफ दर्ज एक FIR को रद्द कर दिया, जिन पर एक महिला मरीज का लापरवाही से इलाज करने का आरोप था, जिसमें उसकी मौत हो गई। हाईकोर्ट ने कहा कि यह मान लेना गलत होगा कि कोई डॉक्टर या संस्थान जानबूझकर लापरवाहीपूर्ण चिकित्सा पद्धतियों का इस्तेमाल कर अपनी प्रतिष्ठा को जोखिम में डालेगा। ऐसा करते हुए न्यायालय ने कहा कि "पेशेवर बर्बादी, आर्थिक गिरावट और अंततः संस्थागत पतन का जोखिम" ऐसे कारक हैं जो डॉक्टरों/चिकित्सा संस्थानों की ओर से देखभाल के मानक में किसी भी जानबूझकर...

न्यूनतम मजदूरी के आधार पर मुआवजा तय करना तर्कसंगत नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने मृतक MBBS स्टूडेंट के परिजनों को मुआवजा बढ़ाकर एक करोड़ किया
न्यूनतम मजदूरी के आधार पर मुआवजा तय करना तर्कसंगत नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने मृतक MBBS स्टूडेंट के परिजनों को मुआवजा बढ़ाकर एक करोड़ किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक मृतक द्वितीय वर्ष के MBBS स्टूडेंट के परिजनों को मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) द्वारा दिए गए लगभग 12 लाख के मुआवजे को बढ़ाकर ₹1 करोड़ से अधिक कर दिया। अदालत ने कहा कि मृतक की आय की संभावनाओं का आकलन कुशल श्रमिक की न्यूनतम मजदूरी के आधार पर करना पूरी तरह से अवास्तविक, अत्यधिक तकनीकी और सीमित सोच का परिणाम है।जस्टिस अरुण मोंगा ने टिप्पणी की कि युवा पेशेवरों से संबंधित मामलों में अदालतों को कठोर अंकगणितीय गणनाओं और आय प्रमाण की जिद से ऊपर उठना चाहिए। न्यूनतम मजदूरी...

राजस्थान हाईकोर्ट ने ई-सिगरेट की ऑनलाइन बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस के जवाब पर असंतोष व्यक्त किया, DGP को निवारक कदमों की जानकारी देने का आदेश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने ई-सिगरेट की ऑनलाइन बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस के जवाब पर असंतोष व्यक्त किया, DGP को निवारक कदमों की जानकारी देने का आदेश दिया

ई-सिगरेट की ऑनलाइन बिक्री के खतरे पर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा दायर जवाब पर असंतोष व्यक्त किया। साथ ही राज्य के पुलिस महानिदेशक को इस तरह की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए निवारक तंत्र के विकास और कार्यान्वयन पर विस्तृत हलफनामे के माध्यम से जानकारी देने का निर्देश दिया।अदालत ने पुलिस मुख्यालय के प्रभारी अधिकारी को अगली सुनवाई की तारीख पर अदालत में उपस्थित रहने और उठाए गए आवश्यक कदमों के बारे में जानकारी देने का भी निर्देश दिया।संदर्भ के लिए हाईकोर्ट ने निर्देश...

स्वैच्छिक रिटायरमेंट के आवेदन की स्वीकृति के बाद वापसी पर पूर्ण प्रतिबंध अनुचित: राजस्थान हाईकोर्ट ने सिविल सेवा पेंशन नियमों के प्रावधान को सीमित किया
स्वैच्छिक रिटायरमेंट के आवेदन की स्वीकृति के बाद वापसी पर पूर्ण प्रतिबंध अनुचित: राजस्थान हाईकोर्ट ने सिविल सेवा पेंशन नियमों के प्रावधान को सीमित किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सिविल सेवा (पेंशन) नियमों के नियम 50(4) में दिए गए उस प्रावधान को पढ़कर सीमित किया, जिसमें स्वैच्छिक रिटायरमेंट के आवेदन की स्वीकृति के बाद उसे वापस लेने पर पूर्ण प्रतिबंध था। अदालत ने कहा कि किसी कर्मचारी को उसके रिटायरमेंट आवेदन को प्रभावी होने से पहले वापस लेने के विकल्प से वंचित करना इस योजना को स्पष्ट रूप से मनमाना और अनुचित बना देता है।अदालत ने यह भी माना कि स्वैच्छिक रिटायरमेंट के आवेदन की वापसी को मना करना विवेकपूर्ण विचार के बिना नहीं किया जा सकता।नियम 50(1)...

एक बार नकारात्मक पुलिस रिपोर्ट दाखिल होने के बाद नामांकन पत्र में प्रथम दृष्टया जानकारी प्रकट करने की जरूरत नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने विधायक के खिलाफ चुनाव याचिका खारिज की
एक बार नकारात्मक पुलिस रिपोर्ट दाखिल होने के बाद नामांकन पत्र में प्रथम दृष्टया जानकारी प्रकट करने की जरूरत नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट ने विधायक के खिलाफ चुनाव याचिका खारिज की

राजस्थान हाईकोर्ट ने हनुमानगढ़ विधायक गणेशराज बंसल के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कुछ आपराधिक मामलों का खुलासा न करने का आरोप लगाया गया था। न्यायालय ने कहा कि एक बार पुलिस द्वारा प्रथम दृष्टया नकारात्मक अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दिए जाने के बाद सफल उम्मीदवार को नामांकन पत्र में उन मामलों का खुलासा करने की आवश्यकता नहीं है। ज‌स्टिस दिनेश मेहता ने अपने आदेश में कहा, "इस न्यायालय को याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए मुद्दे की वैधता और स्थायित्व के बारे में अपनी आपत्ति...

राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व MLA प्रमोद जैन भाया की FIR रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व MLA प्रमोद जैन भाया की FIR रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज की

राजस्थान हाईकोर्ट ने कांग्रेस (Congress) के पूर्व विधायक और राज्य कैबिनेट मंत्री प्रमोद जैन भाया, उनके मित्रों और रिश्तेदारों द्वारा दायर की गई याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसमें 13 FIR रद्द करने की मांग की गई थी। अपनी याचिकाओं में उन्होंने यह दावा किया था कि ये FIR राजनीतिक उद्देश्यों से दर्ज की गईं और सत्तारूढ़ दल के प्रभाव में जांच एजेंसियों द्वारा उनका संचालन किया गया।न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं की FIR को एक साथ जोड़ने की याचिका भी खारिज की, क्योंकि यह पाया गया कि 'समानता का परीक्षण' संतुष्ट...