पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

Punjab Civil Service Rules | अनुशासनात्मक अधिकारी जांच रिपोर्ट से असंतुष्ट होने पर आगे की जांच का आदेश दे सकता है, नई जांच का नहीं: हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि जब कोई अनुशासनात्मक अधिकारी जांच रिपोर्ट से असंतुष्ट होता है, तो पंजाब सिविल सेवा (दंड और अपील) नियम, 1970 का नियम 9 उसे मामले को आगे की जांच के लिए भेजने की अनुमति देता है, लेकिन "यह उन्हीं आरोपों पर नई या 'डी नोवो' (शुरुआत से) जांच करने के लिए किसी नए जांच अधिकारी की नियुक्ति को अधिकृत नहीं करता है।" [2026 LiveLaw (PH) 283]।एक रिटायर जिला कार्यक्रम अधिकारी की रिट याचिका स्वीकार करते हुए जस्टिस संदीप मौदगिल ने माना कि यह मुद्दा अब "रेस इंटेग्रा" (ऐसा मुद्दा...

पहली शादी कायम होने का आरोप अपने आप में दूसरी शादी से भरण-पोषण रोकने का आधार नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि किसी महिला की पहली शादी के कायम होने का आरोप अपने आप में उसे दूसरी शादी से भरण-पोषण पाने के अधिकार से वंचित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत भरण-पोषण का प्रावधान सामाजिक न्याय का उपाय है और केवल तकनीकी आधार पर इसका लाभ नहीं रोका जा सकता।जस्टिस मनदीप पन्नू ने यह टिप्पणी उस आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को खारिज करते हुए की, जिसमें पति ने अपनी पत्नी को दिए गए भरण-पोषण को चुनौती दी थी।फैमिली कोर्ट ने पत्नी...

प्रधानमंत्री मोदी पर सोशल मीडिया पोस्ट: प्रोफेसर मधु किश्वर ने FIR रद्द कराने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया
शिक्षाविद् मधु पूर्णिमा किश्वर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संबंधित एक वीडियो पर सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चंडीगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR को रद्द कराने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया।जस्टिस विक्रम अग्रवाल ने चंडीगढ़ प्रशासन को किश्वर की याचिका में लगाए गए आरोपों और दावों पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।हाईकोर्ट ने पक्षकारों से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि किश्वर की FIR रद्द कराने की याचिका सुनवाई योग्य किस आधार पर है।कोर्ट ने इस संबंध में एक समन्वय पीठ के कुलदीप सिंह बनाम...

₹5 लाख रिश्वत मामले में निलंबित DIG गिल को जमानत से इनकार, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने रोपड़ रेंज के निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर को CBI के रिश्वत मामले में नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस मनीषा बत्रा ने उनकी दूसरी जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपी से सीधे रकम बरामद न होना महत्वपूर्ण नहीं है, जब सह-आरोपी ने उसकी ओर से रिश्वत स्वीकार की हो।CBI के अनुसार, भुल्लर ने एक कारोबारी के खिलाफ दर्ज FIR में कार्रवाई से राहत और अनुकूल व्यवहार के लिए कृष्णानु के जरिए रिश्वत मांगी थी। जांच के दौरान दोनों के बीच बातचीत रिकॉर्ड की गई, जिसमें कथित...

UAPA | सरकारी इमारत पर खालिस्तान-समर्थक नारे लिखने के आरोपी व्यक्ति को हाईकोर्ट से मिली ज़मानत
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को स्थायी ज़मानत दी। उस पर सरकारी इमारत पर खालिस्तान-समर्थक नारे लिखने और प्रतिबंधित संगठन "सिख्स फॉर जस्टिस" से जुड़ा झंडा फहराने का आरोप था। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया था। [2026 LiveLaw (PH) 268]जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज और जस्टिस सुखविंदर कौर ने कहा,"अपीलकर्ता की भूमिका, पेंट के खाली डिब्बे मिलने की बात, और उसकी हिरासत की अवधि को देखते हुए। साथ ही यह भी...

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 21 साल बाद गैर-इरादतन हत्या के मामले में सज़ा रद्द की, कहा- अभियोजन पक्ष ने तथ्यों को छिपाया
गैर-इरादतन हत्या के मामले में 2005 की सज़ा रद्द करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष उसी घटना में चार आरोपियों को लगी गंभीर और धारदार चोटों के बारे में बताने में नाकाम रहा। यह कोई मामूली चूक नहीं थी, बल्कि अहम तथ्यों को जानबूझकर छिपाना था, जिसने उनके मामले की बुनियाद को ही हिला दिया। [2026 LL (PH) 264]जस्टिस एच. एस. ग्रेवाल ने अपील मंज़ूर की और अपीलकर्ताओं को IPC की धारा 148, 304 और 323 (धारा 149 के साथ) के तहत आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने माना कि सबूतों से पता चलता है...

PG मेडिकल दाखिले के लिए पहले 2 साल ग्रामीण सेवा जरूरी नहीं, 5 साल का बॉन्ड पर्याप्त: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि हरियाणा में 40% इन-सर्विस कोटे के तहत पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए डॉक्टरों का पहले से दो साल ग्रामीण, दूरदराज या कठिन क्षेत्र में सेवा करना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, उन्हें PG डिग्री हासिल करने के बाद ऐसे क्षेत्रों में 5 साल सेवा देने का बॉन्ड देना होगा।कार्यवाहक चीफ़ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने उन MBBS डॉक्टरों की याचिका खारिज कर दी, जिन्होंने इन-सर्विस कोटे का लाभ केवल उन डॉक्टरों तक सीमित करने की मांग की...

चंडीगढ़ में अब तक फैमिली कोर्ट न बनना 'गंभीर मुद्दा': पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जल्द स्थापना के दिए निर्देश
चंडीगढ़ में अब तक फैमिली कोर्ट की स्थापना नहीं होने को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने “गंभीर मुद्दा” बताया। कोर्ट ने केंद्र और संबंधित अधिकारियों को चंडीगढ़ में फैमिली कोर्ट स्थापित करने की दिशा में जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें बताया गया कि चंडीगढ़ जिला कोर्ट परिसर में अब तक अलग से फैमिली कोर्ट स्थापित नहीं किया गया, जबकि हाईकोर्ट ने वर्ष 2017 में ही इसके गठन को मंजूरी दे दी...

'कैजुअल लीव पर मौजूद कर्मचारी को ड्यूटी पर माना जाएगा': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सैनिक की विधवा को स्पेशल फैमिली पेंशन देने का फैसला सही ठहराया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माना कि कैजुअल लीव (आकस्मिक अवकाश) के दौरान कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा पड़ने) से हुई सेना के जवान की मौत को मिलिट्री सर्विस से जुड़ा हुआ माना जाएगा। इस आधार पर उनकी विधवा को स्पेशल फैमिली पेंशन दी जाएगी। [2026 LL (PH) 261]जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस अमरिंदर सिंह ग्रेवाल की डिवीजन बेंच ने भारत सरकार की याचिका खारिज की, जिसमें आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल, रीजनल बेंच, चंडीगढ़ के आदेश को चुनौती दी गई थी। ट्रिब्यूनल ने विधवा को सामान्य फैमिली पेंशन के बजाय स्पेशल...

अपील में दोषसिद्धि बरकरार रहने के बाद भी हो सकता है चेक बाउंस मामले में समझौता: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि परक्राम्य लिखत अधिनियम (NI Act ) की धारा 138 के तहत चेक अनादरण (चेक बाउंस) के मामलों में अपील में दोषसिद्धि बरकरार रहने के बाद भी समझौता किया जा सकता है। यदि पक्षकार आपसी सहमति से विवाद सुलझा लेते हैं तो हाईकोर्ट अपने अंतर्निहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए दोषसिद्धि को भी निरस्त कर सकता है।जस्टिस सुमीत गोयल ने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते के समय सामान्यतः लगाए जाने वाले खर्च (कॉस्ट) को माफ करने का अधिकार अदालतों के पास है, लेकिन इसका...

हमले में कृपाण का इस्तेमाल करने के आरोपी सिख व्यक्ति पर आर्म्स एक्ट के तहत आरोप सही: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि कृपाण का इस्तेमाल करके चोट पहुँचाने के आरोपी सिख व्यक्ति को आरोप तय करने के चरण में संविधान के आर्टिकल 25 के स्पष्टीकरण I (Explanation I) के तहत मिलने वाली संवैधानिक सुरक्षा का दावा करने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने माना कि कृपाण को आस्था की ज़रूरी चीज़ के तौर पर रखा गया था या हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया गया, इसका फ़ैसला सिर्फ़ ट्रायल के दौरान ही हो सकता है।इस तरह कोर्ट ने उन आरोपियों के समूह के ख़िलाफ़ IPC की धारा 307 (हत्या की कोशिश) के तहत लगे आरोप को...

राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बकाया पैसे रोककर अपना वित्तीय संकट हल नहीं कर सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) द्वारा दायर 'लेटर्स पेटेंट अपील्स' (LPA) खारिज की। कोर्ट ने कहा कि जब राज्य ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) देने के लिए केंद्र सरकार का तरीका अपनाया तो उस पर बकाया किस्तों का भुगतान करने की बाध्यता बन गई। राज्य वित्तीय तंगी का बहाना बनाकर इन्हें अनिश्चित काल के लिए टाल नहीं सकता।एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर ने कहा,"कल्याणकारी राज्य अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की...

महंगाई भत्ते का बकाया चुकाए बिना बड़े विज्ञापन अभियान नहीं चला सकेगी पंजाब सरकार: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) की वह अपील खारिज की, जिसमें कर्मचारियों और पेंशनरों को लंबित महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) का भुगतान करने के सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती दी गई। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि जब तक कर्मचारियों और पेंशनरों का पूरा बकाया नहीं चुकाया जाता, तब तक वह बड़े पैमाने पर विज्ञापन अभियानों पर खर्च नहीं करेगी।एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने कहा कि वित्तीय...

फोन पर दी गई जातिसूचक गालियां SC/ST Act के तहत अपराध नहीं, यदि घटना 'सार्वजनिक दृश्य' में न हो: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने फोन पर कथित रूप से जातिसूचक गालियां दी हैं, तो मात्र इस आधार पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) की धाराएं लागू नहीं होंगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि इन धाराओं के तहत अपराध तभी बनता है, जब कथित घटना पब्लिक व्यू में घटित हुई हो।जस्टिस आलोक जैन ने ट्रायल कोर्ट का वह आदेश बरकरार रखा, जिसमें आरोपी को SC/ST Act की धारा 3(1)(र) और 3(1)(स) के आरोपों से आरोपमुक्त कर दिया गया।मामले...

शांतिपूर्ण प्रदर्शन मौलिक अधिकार, लेकिन इसके नाम पर अदालतों तक लोगों की पहुंच नहीं रोकी जा सकती: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कानूनी सहायता रक्षा अधिवक्ता (LADC) योजना के विरोध में चल रही वकीलों की हड़ताल पर सुनवाई के दौरान कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है, लेकिन इसके नाम पर लोगों को अदालतों तक पहुंचने और न्याय पाने से वंचित नहीं किया जा सकता।एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्र और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा,"न्याय तक पहुंच को अवरुद्ध नहीं किया जा सकता। शांतिपूर्ण प्रदर्शन का मतलब यह नहीं है कि 27 दिनों तक वादकारियों को अदालतों तक...

पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट ने 20 साल पुराने दोहरे हत्याकांड मामले में दो लोगों को बरी किया, कहा- सिर्फ़ 'लास्ट सीन' थ्योरी काफ़ी नहीं
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महिला और उसके 11 साल के बेटे की हत्या के लगभग 20 साल बाद दो लोगों को बरी किया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष (Prosecution) घटनाओं की ऐसी पूरी कड़ी साबित करने में नाकाम रहा, जिस पर कोई शक न हो, और बिना किसी पुख्ता सबूत के सिर्फ़ "लास्ट सीन" थ्योरी (यानी उन्हें आखिरी बार साथ देखा गया) के आधार पर उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता। [2026 LiveLaw (PH) 244]जस्टिस राजेश भारद्वाज और जस्टिस दीपक मनचंदा ने कहा,"हमारी सोच यह है कि अभियोजन पक्ष अपील करने वालों के खिलाफ़ अपना मामला...

वकील बेशर्मी से अदालतों का काम रोक रहे, दबाव में नहीं झुकेगी व्यवस्था: वकीलों की हड़ताल पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कानूनी सहायता रक्षा अधिवक्ता (LADC) योजना के विरोध में वकीलों की हड़ताल पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि योजना के दुरुपयोग को लेकर कोई वास्तविक शिकायत है तो उस पर विचार किया जा सकता है लेकिन अदालतों का कामकाज ठप करना किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्र और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ यह टिप्पणी जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि वकीलों की लगातार हड़ताल के कारण पूरे पंजाब में वादकारियों...

हिंसक संघर्ष के दावे के बावजूद चोटों का न होना: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 22 साल पहले रेप के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 2004 में रेप के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बरी किया। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष के सबूतों में कई कमियां थीं, जिनमें पीड़िता के हिंसक संघर्ष के दावे के बावजूद शरीर पर कोई चोट न होना शामिल है। इन कमियों के कुल असर से एक उचित संदेह पैदा होता है, जो दोषसिद्धि को पलटने के लिए काफी है। [2026 LL (PH) 240]जस्टिस रूपिंदरजीत चहल ने कहा,"हिंसक शारीरिक संघर्ष के खास आरोप के बावजूद चोटों का बिल्कुल न होना, घटना स्थल पर कथित तौर पर कुचली गई गेहूं की फसल का कोई निशान न...

'उम्मीद है समझदारी से काम लिया जाएगा और मामला शांति से सुलझाया जाएगा': LADC स्कीम के खिलाफ वकीलों की हड़ताल पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई। इसमें आरोप लगाया गया कि 'लीगल एड डिफेंस काउंसिल' (LADC) स्कीम के खिलाफ वकीलों की हड़ताल की वजह से पंजाब में लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट, बार काउंसिल के सदस्यों और सीनियर वकीलों की बात सुनने के बाद कोर्ट ने उम्मीद जताई कि यह विवाद बिना किसी कानूनी दखल के शांति से सुलझा लिया जाएगा।एक्टिंग चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की डिवीजन बेंच ने कहा:"हमारी गुजारिश...

हरभजन सिंह की सुरक्षा इसलिए नहीं हटाई गईकि उन्होंने AAP छोड़ी, उनके घर के बाहर 'गद्दार' कहकर विरोध करना कोई खतरा नहीं: हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की सुरक्षा वापस लेने के मामले में दखल देने से इनकार किया। कोर्ट का मानना है कि आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ने के बाद उनके घर के बाहर विरोध-प्रदर्शन और उन्हें "गद्दार" बताने वाले पोस्टर लगाने से उनकी जान और आज़ादी को खतरा साबित नहीं होता।जस्टिस त्रिभुवन दहिया ने कहा,"यह नहीं कहा जा सकता कि याचिकाकर्ता की सुरक्षा अचानक पार्टी छोड़ने की वजह से हटाई गई। सुरक्षा हटाने का फैसला रिव्यू कमेटी ने बहुत पहले ही ले लिया था, जिसे नकारा नहीं गया। उनके घर...
