पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
'आम तौर पर 32 साल का व्यक्ति वसीयत नहीं बनाता': पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने संदिग्ध हालात में 4 साल के बच्चे के नाम प्रॉपर्टी करने वाली वसीयत खारिज की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रतिवादी (डिफेंडेंट) की रेगुलर दूसरी अपील खारिज की। प्रतिवादी ने दो अदालतों के उन फैसलों को चुनौती दी थी, जिनमें एक वसीयत को जाली करार दिया गया था और डिक्लेरेशन, कब्ज़े और स्थायी रोक (परमानेंट इंजंक्शन) के मुकदमे को वादी के पक्ष में सुनाया गया था। इन फैसलों में 32 साल के व्यक्ति द्वारा वसीयत बनाने पर संदेह जताया गया था। [2026 LiveLaw (PH) 211]जस्टिस विक्रम अग्रवाल ने कहा,"वसीयत बनाते समय गुरसेवक सिंह की उम्र लगभग 32 साल थी। यह अपने आप में एक संदिग्ध बात है, क्योंकि...
कथित उत्पीड़न के कारण दिया गया इस्तीफ़ा 'स्वेच्छा से' नहीं था: हाईकोर्ट ने IIT रोपड़ की PhD स्कॉलर को पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (IIT), रोपड़ को निर्देश दिया कि वह एक PhD स्कॉलर को अपनी पढ़ाई फिर से शुरू करने की अनुमति दे। कोर्ट ने माना कि उसका इस्तीफ़ा स्वेच्छा से नहीं दिया गया, बल्कि फैकल्टी सदस्यों द्वारा कथित उत्पीड़न के कारण पैदा हुए मजबूर करने वाले हालात में दिया गया। [2026 LiveLaw (PH) 211]जस्टिस कुलदीप तिवारी ने कहा,"इस कोर्ट को यह घोषित करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है कि इस्तीफ़ा स्वेच्छा से नहीं दिया गया, बल्कि जैसा कि ऊपर बताया गया, यह मजबूर करने...
सरकार नागरिकों की जमीन पर अवैध कब्जा कर मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकती: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट, मुआवजा देने का आदेश
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि कल्याणकारी राज्य होने के नाते सरकार नागरिकों की निजी जमीन पर प्रतिकूल कब्जे का सिद्धांत लागू कर मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकती। अदालत ने हरियाणा सरकार को बिना भूमि अधिग्रहण के सिंचाई नहर के लिए इस्तेमाल की गई निजी जमीन का उचित मुआवजा तीन महीने के भीतर देने का निर्देश दिया।जस्टिस रमेश कुमारी ने कहा कि राज्य का दायित्व अपने नागरिकों के जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति की रक्षा करना है। सरकार को नागरिकों की जमीन पर अवैध कब्जा कर उसे अपनी...
प्रतिकूल कब्जे (Adverse Possession) के आधार पर निजी जमीन पर मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकता राज्य: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि एक कल्याणकारी राज्य (Welfare State) होने के नाते सरकार निजी भूमि पर प्रतिकूल कब्जे (Adverse Possession) का दावा कर मालिकाना हक हासिल नहीं कर सकती। अदालत ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया कि सिंचाई नहर (डिस्ट्रिब्यूटरी) के लिए इस्तेमाल की गई निजी जमीन का उचित मुआवजा तीन महीने के भीतर भूमि मालिकों को दिया जाए।2026 LiveLaw (PH) 209 में जस्टिस रमेश कुमारी ने कहा कि राज्य का दायित्व नागरिकों के जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति की रक्षा करना है। सरकार नागरिकों की जमीन पर...
शौर्य चक्र सम्मानित बलविंदर सिंह संधू हत्याकांड: NIA मामले में आरोपी को जमानत देने से हाईकोर्ट का इनकार
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने शौर्य चक्र सम्मानित कॉमरेड बलविंदर सिंह संधू की हत्या से जुड़े NIA मामले में आरोपी गुरविंदर सिंह उर्फ बाबा की नियमित जमानत याचिका खारिज की।अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री प्रथम दृष्टया आरोपी की आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता की ओर संकेत करती है। जस्टिस अर्चना पुरी और जस्टिस रमेश कुमारी की खंडपीठ ने कहा कि उपलब्ध सामग्री से यह प्रतीत होता है कि आरोपी का झुकाव आतंकवाद की ओर था।अदालत ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 43-डी(5) के कड़े...
Haryana Civil Services: हाईकोर्ट ने शुरुआती परीक्षा के नतीजों में दखल देने से इनकार किया, फाइनल आंसर की को सही ठहराया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सिविल सर्विसेज (HCS) (एग्जीक्यूटिव ब्रांच) और उससे जुड़ी सेवाओं की शुरुआती परीक्षा के नतीजों को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं को खारिज किया। कोर्ट ने दोहराया कि विषय के जानकारों द्वारा तय की गई आंसर की में दखल देने के मामले में अदालतों को संयम बरतना चाहिए। [2026 LiveLaw (PH) 208]जस्टिस जगमोहन बंसल ने कहा,"इस मामले में संबंधित आयोग ने ईमानदारी और पारदर्शिता से काम किया। आयोग ने उम्मीदवारों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की। अगर याचिकाकर्ताओं की...
फर्जी जमानत आदेश बनाकर ₹10 लाख से अधिक की ठगी का मामला: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने वकील को अग्रिम जमानत देने से किया इनकार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फर्जी जमानत आदेश तैयार कर शिकायतकर्ताओं से 10 लाख रुपये से अधिक की कथित ठगी करने के आरोपी एक वकील की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की।अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि केवल वकील होना अग्रिम जमानत दिए जाने का आधार नहीं हो सकता। जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा,"सिर्फ इसलिए कि याचिकाकर्ता एक प्रैक्टिस करने वाले वकील है, उसे अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती। किसी व्यक्ति का पेशा उसे कानून से ऊपर नहीं रखता और न ही अग्रिम जमानत पर विचार के लिए अलग मानक तय करता है।" अदालत ने कहा कि अग्रिम...
हरियाणा में नेशनल हेल्थ मिशन के कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा 7वें वेतन आयोग का फ़ायदा: हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन (NHM), हरियाणा के तहत कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी 7वें वेतन आयोग के फ़ायदों के हकदार हैं। कोर्ट ने माना कि एक बार जब राज्य ने सोच-समझकर एक व्यवस्थित वेतन ढांचा अपनाया और पहले के वेतन आयोगों के फ़ायदे दिए तो वह मनमाने ढंग से समानता से इनकार नहीं कर सकता। [2026 LiveLaw (PH) 206]।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,"राज्य से एक आदर्श नियोक्ता (model employer) के तौर पर, निष्पक्षता, पारदर्शिता और एकरूपता के साथ काम करने की उम्मीद की जाती है।...
पैसेंजर ट्रेन में बम धमाका रेलवे एक्ट के तहत 'हादसा', रेलवे मुआवज़ा देने के लिए ज़िम्मेदाक: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पैसेंजर ट्रेन में बम धमाके के पीड़ितों को मुआवज़ा देने के लिए भारत सरकार (यूनियन ऑफ़ इंडिया) की ज़िम्मेदारी बरकरार रखी। कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटना रेलवे एक्ट, 1989 की धारा 124 के तहत "हादसे" की परिभाषा में आती है। [2026 LiveLaw (PH) 204]जस्टिस पंकज जैन ने कहा,"एक बार यह तय हो जाने के बाद कि ट्रेन में आग या धमाका 'हादसे' की परिभाषा में आता है तो भारत सरकार ट्रेन/रेलवे स्टेशन पर बम धमाके से हुई मौत के लिए मुआवज़ा देने की अपनी ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकती।" कोर्ट ने भारत...
भूमि अधिग्रहण मुआवजा तय करने में अदालतें धारा 26 के मानकों से बंधी नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण मामलों में मुआवजा बढ़ाने से संबंधित संदर्भ याचिकाओं पर निर्णय करते समय अदालतें या प्राधिकरण, उचित मुआवजा एवं पारदर्शिता अधिकार, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन अधिनियम, 2013 की धारा 26 में निर्धारित बाजार मूल्य के मानकों से बाध्य नहीं हैं।जस्टिस हरकेश मनुजा ने स्पष्ट किया कि धारा 26 में दिए गए मानक केवल कलेक्टर के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत हैं। ये अदालतों या प्राधिकरणों की स्वतंत्र न्यायिक शक्ति को सीमित नहीं कर...
कॉपीराइट शिकायत पर गीत हटाना वैध, फेसबुक की कार्रवाई बरकरार: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फेसबुक पेज से सामग्री हटाए जाने को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि कॉपीराइट धारक की शिकायत मिलने के बाद मंच ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के अनुसार कार्रवाई की थी। इसलिए गीत हटाने में कोई अवैधता नहीं है।जस्टिस जगमोहन बंसल ने कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि याचिकाकर्ता को यह जानकारी दे दी गई कि उसके पेज से एक गीत इसलिए हटाया गया, क्योंकि उसे कॉपीराइट स्वामी की अनुमति के बिना अपलोड किया गया।...
कानूनी वारिस, मृतक ट्रस्टी द्वारा 'रिप्रेजेंटेटिव कैपेसिटी' में दायर मुकदमे को आगे नहीं बढ़ा सकते; यह अधिकार जीवित ट्रस्टी के पास होता है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि मृतक ट्रस्टी के कानूनी वारिसों को उस मुकदमे को आगे बढ़ाने के लिए पक्षकार नहीं बनाया जा सकता, जिसे ट्रस्टी ने 'रिप्रेजेंटेटिव कैपेसिटी' (प्रतिनिधि के तौर पर) में दायर किया। कोर्ट ने दोहराया कि ऐसे मुकदमे को आगे बढ़ाने का अधिकार केवल जीवित या विधिवत नियुक्त ट्रस्टियों के पास होता है। [2026 LiveLaw (PH) 200]।जस्टिस विकास बहल ने रिवीजन याचिका खारिज की, जिसमें ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें मृतक वादी के कानूनी वारिस को प्रतिस्थापित (substitution)...
जजों पर प्रभाव का दावा करके पैसे ऐंठने से न्याय व्यवस्था में जनता का भरोसा कम होता है: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने ज़मानत देने से इनकार किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को रेगुलर ज़मानत देने से इनकार किया। उस पर एक धोखाधड़ी की योजना में शामिल होने का आरोप है, जिसमें हाईकोर्ट के जजों पर प्रभाव डालकर कोर्ट से अपने पक्ष में आदेश दिलाने के झूठे बहाने से एक मुक़दमेबाज़ से बड़ी रकम ऐंठी गई थी।जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज ने कहा,"यह कोर्ट याचिकाकर्ता पर लगे उन खास आरोपों को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता, जिनमें कहा गया कि वह पैसे इकट्ठा करने में सक्रिय रूप से शामिल है और शिकायतकर्ता को बार-बार भरोसा दिलाता है कि सह-आरोपियों द्वारा...
क्या लिव-इन कपल्स कानूनी शर्तें पूरी किए बिना पुलिस सुरक्षा मांग सकते हैं?: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का जवाब
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक कपल की याचिका खारिज की। इस कपल ने अपने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर रिश्तेदारों द्वारा कथित तौर पर परेशान किए जाने से सुरक्षा की मांग की। कोर्ट ने कहा कि लिव-इन रिलेशनशिप के लिए कानूनी रूप से मान्य शर्तों को पूरा किए बिना ऐसी सुरक्षा नहीं दी जा सकती। [2026 LiveLaw (PH) 196]जस्टिस संदीप मौदगिल ने गौर किया कि याचिकाकर्ता लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रह रहे थे, लेकिन याचिकाकर्ता नंबर 2 (लड़का) की उम्र अभी शादी के लायक नहीं हुई। वह बाद में याचिकाकर्ता नंबर 1 (लड़की) से शादी...
पंजाब सरकार ने पत्रकार रत्तनदीप ढालीवाल की याचिका का किया विरोध, हाईकोर्ट में कहा- समय से पहले दायर की गई याचिका
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पत्रकार और यूट्यूबर रत्तनदीप सिंह ढालीवाल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने उसका विरोध करते हुए कहा कि यह याचिका समय से पहले दायर की गई और सुनवाई योग्य नहीं है।मामले की सुनवाई जस्टिस राजेश भारद्वाज की पीठ के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान पंजाब के एडवोकेट जरनल मनींदरजीत सिंह बेदी ने अदालत को बताया कि पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ता को अपने दावों के समर्थन में शपथपत्र दाखिल करने के लिए कहा गया।हालांकि, याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि शपथपत्र दाखिल किया...
पहली पत्नी की मृत्यु के बाद हुई शादी, फिर भी 'दूसरी पत्नी' बताकर आधी पेंशन नहीं रोकी जा सकती: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैमिली पेंशन से जुड़े महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के समय केवल एक ही विधवा जीवित है और पहली पत्नी से कोई पात्र आश्रित मौजूद नहीं है, तो जीवित विधवा को पूरी यानी 100 प्रतिशत फैमिली पेंशन मिलेगी। केवल उसे दूसरी पत्नी बताकर पेंशन का आधा हिस्सा रोका नहीं जा सकता।जस्टिस नमित कुमार ने कहा कि पेंशन के बंटवारे का नियम तभी लागू होता है, जब एक ही समय में एक से अधिक पात्र दावेदार मौजूद हों। यदि केवल एक ही पात्र व्यक्ति है तो राज्य सरकार...
स्वास्थ्य का अधिकार जीवन के अधिकार का अभिन्न हिस्सा, मेडिकल प्रतिपूर्ति नीतियों पर पुनर्विचार जरूरी: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि स्वास्थ्य और चिकित्सा सुविधा का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न हिस्सा है। अदालत ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति से जुड़े मामलों में मानवीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए सरकार को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करने का संकेत दिया।जस्टिस संदीप मौद्गिल ने मेडिकल खर्च की प्रतिपूर्ति से जुड़े कई मामलों का निस्तारण करते हुए कहा कि सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं की व्याख्या...
पेशेवर रूप से सक्रिय पत्नी की यात्रा न कर पाने की दलील पर भरोसा नहीं: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने तलाक का केस ट्रांसफर करने से इनकार किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक पत्नी की ट्रांसफर याचिका खारिज की। पत्नी ने अपने पति द्वारा दायर तलाक के केस को अमृतसर से होशियारपुर ट्रांसफर करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि ऐसा ट्रांसफर करने के लिए कोई ठोस आधार या वास्तविक कठिनाई नहीं दिखाई दी।जस्टिस निधि गुप्ता ने कहा,"इसके अलावा, रिकॉर्ड में मौजूद जानकारी, जिसमें प्रतिवादी नंबर 1 द्वारा लगाई गई तस्वीरें भी शामिल हैं, उससे पता चलता है कि याचिकाकर्ता-पत्नी पेशेवर रूप से सक्रिय है। इसलिए पहली नज़र में यह दलील कि वह अमृतसर की यात्रा करने में...
पूर्व IAS अधिकारी अशोक खेमका को 'एम्पैनल्ड एडिशनल सेक्रेटरी' माना जाए, नियुक्ति न करने के फैसले को मनमाना: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने रिटायर्ड IAS अधिकारी अशोक खेमका की याचिका को मंज़ूरी दी। कोर्ट ने कहा कि भारत सरकार में अतिरिक्त सचिव/सचिव के पद के लिए एम्पैनलमेंट (सूचीबद्ध करने) से इनकार करना - जबकि अन्य अधिकारियों को ऐसी ही छूट दी गई - भेदभावपूर्ण है और संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है।जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस दीपक मनचंदा की डिवीज़न बेंच सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। CAT ने खेमका के एम्पैनलमेंट के दावे को इस...
बिल्डर की लापरवाही का खामियाजा नहीं भुगतेंगे खरीदार: हाईकोर्ट ने 500 से अधिक परिवारों को अस्थायी बिजली देने का दिया आदेश
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जीरकपुर स्थित सुषमा वेलेंसिया अपार्टमेंट परियोजना में रहने वाले 500 से अधिक परिवारों को बड़ी राहत देते हुए अस्थायी बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने का आदेश दिया।हाईकोर्ट ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच लोगों को केवल तकनीकी औपचारिकताओं के कारण बुनियादी सुविधा से वंचित नहीं रखा जा सकता।मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस संजय वशिष्ठ ने कहा,"देश के नागरिक एक कल्याणकारी राज्य में रहते हैं और उन्हें व्यवस्था या प्रशासन की विफलता के कारण बेसहारा नहीं छोड़ा जा सकता। भीषण गर्मी में छोटे...


















