पटना हाईकोट
केवल अपने रिश्ते के आधार पर बेटा पिता के स्वामित्व वाली इमारत में निवास के अधिकार का दावा नहीं कर सकता: पटना हाइकोर्ट
पटना हाइकोर्ट ने माता-पिता और सीनियर सिटीजन के भरण-पोषण और कल्याण एक्ट 2007 (Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act) के मामले तहत फैसला सुनाया। हाइकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि केवल उनके रिश्ते के आधार पर बेटे को पिता के स्वामित्व वाली प्रॉपर्टी में निवास का दावा करने का अधिकार नहीं है। चीफ जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस पार्थ सारथी की खंडपीठ ने इस मामले में बेटे की उत्पादक व्यवसाय में भागीदारी, उसकी कमाई की क्षमता और किराये का खर्च वहन करने की क्षमता पर विचार करते हुए...
जीवनसाथी द्वारा विवाहेत्तर अवैध संबंध का आरोप लगाना क्रूरता: पटना हाईकोर्ट
एक उल्लेखनीय फैसले में, पटना हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी महिला द्वारा अपने पति के खिलाफ व्यभिचार, अनैतिक यौन संबंध और जबरन वेश्यावृत्ति के निराधार आरोप लगाना न केवल उत्पीड़न और चरित्र हनन है, बल्कि समाज में व्यक्ति की सार्वजनिक प्रतिष्ठा को भी धूमिल करता है।जस्टिस पीबी बजथरी और जस्टिस रमेश चंद मालवीय की डिवीजन बेंच ने कहा, “एक पति या पत्नी द्वारा दूसरे पर विवाहेतर विभिन्न व्यक्तियों के साथ कथित अवैध संबंध रखने का झूठा आरोप लगाना मानसिक क्रूरता है। वर्तमान मामले में, प्रतिवादी - पत्नी ने...
सामूहिक बलात्कार और हत्या मामला: पटना हाईकोर्ट ने मौत की सजा पाए व्यक्ति को बरी किया, यह बताई वजह
पटना हाईकोर्ट ने 12 वर्षीय लड़की की हत्या और बलात्कार के दोषी व्यक्ति को दी गई मौत की सज़ा को पलट दिया। अदालत इस फैसले पर तब पहुंची जब पता चला कि अभियोजन पक्ष का पूरा मामला केवल आरोपी व्यक्ति के घर में प्रवेश करने वाले ट्रैकर कुत्ते की उपस्थिति पर निर्भर है।जस्टिस आशुतोष कुमार और जस्टिस आलोक कुमार पांडे की खंडपीठ ने कहा,"हम यह समझने में विफल हैं कि ट्रायल कोर्ट उसी तरह कैसे आगे बढ़ी जैसे जांच आगे बढ़ी थी, इस धारणा पर कि कुत्ते ने अपीलकर्ता के घर में घुसने में कभी गलती नहीं की होगी। कुत्ते के...



