मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
सिर्फ कॉल डिटेल रिकॉर्ड से आपराधिक साजिश साबित नहीं होती: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक साजिश का मामला नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने कहा कि जब तक बातचीत की सामग्री या “साझा आपराधिक मंशा” का ठोस प्रमाण न हो, तब तक केवल बार-बार फोन कॉल होना साजिश साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।जस्टिस हिमांशु जोशी की पीठ ने क्राइम ब्रांच में तैनात कांस्टेबल के खिलाफ दर्ज आपराधिक कार्यवाही और आरोपपत्र रद्द करते हुए यह फैसला सुनाया।अदालत ने कहा,“बातचीत की सामग्री के अभाव में केवल...
दोहरे दंड के खिलाफ याचिका देरी के आधार पर खारिज नहीं की जा सकती: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि 'दोहरे दंड' (double jeopardy) के सिद्धांत का हवाला देने वाली याचिकाओं को केवल देरी या सबूत पेश करने की ज़रूरत के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि दोहरे दंड से सुरक्षा एक संवैधानिक और मौलिक अधिकार है। इसे ट्रायल के दौरान किसी भी समय इस्तेमाल किया जा सकता है।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की बेंच ने यह टिप्पणी की:"जब ऐसी कोई याचिका, जिसमें दोहरे दंड के सिद्धांत का हवाला दिया गया हो, दायर की जाती है तो उसे न तो देरी के आधार पर और न ही इस आधार पर...
भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद विवाद: जैन समुदाय ने भी मांगा विवादित स्थल पर पूजा करने का अधिकार
भोजशाला मंदिर-कमल मौला मस्जिद विवाद पर चल रही सुनवाई में जैन याचिकाकर्ताओं ने बुधवार (6 मई) को यह तर्क दिया कि विवादित स्थल की वास्तुकला की विशेषताएं माउंट आबू में स्थित दिलवाड़ा जैन मंदिरों से मिलती-जुलती हैं।यह विवाद भोजशाला से जुड़ा है, जो 11वीं सदी का एक स्मारक है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित है। हिंदू इस स्थल को वाग्देवी, यानी देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर मानते हैं, जबकि मुस्लिम इसे कमल मौला मस्जिद मानते हैं। ASI द्वारा 2003 में किए गए एक समझौते के तहत हिंदू मंगलवार...
नाबालिग यदि स्वयं घर छोड़कर जाए तो साथ जाने मात्र से अपहरण नहीं बनता: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई नाबालिग अपनी इच्छा से घर छोड़कर जाती है और कोई वयस्क केवल उसके साथ जाता है तो मात्र इस आधार पर उसे वैध अभिभावक की अभिरक्षा से अपहरण का दोषी नहीं ठहराया जा सकता।जस्टिस प्रदीप मित्तल की पीठ ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 361 के तहत ले जाना या बहलाकर साथ ले जाना सिद्ध करने के लिए आरोपी की ओर से कोई सक्रिय और सकारात्मक कृत्य होना आवश्यक है।अदालत ने कहा,“धारा 361 में प्रयुक्त 'ले जाना' शब्द का अर्थ है आरोपी द्वारा ऐसा स्वैच्छिक और जानबूझकर...
दूसरे राज्य में जाने पर स्वतः नहीं मिलेगा अनुसूचित जाति का लाभ, भले वही जाति वहां भी सूचीबद्ध हो: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि कोई व्यक्ति यदि एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित होता है तो वह अपने साथ अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं ले जा सकता, भले ही उसकी जाति दोनों राज्यों में अनुसूचित जाति के रूप में मान्य हो।जस्टिस आनंद सिंह बहरावत की पीठ ने कहा कि किसी जाति को किसी विशेष राज्य में अनुसूचित जाति का दर्जा वहां की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर दिया जाता है जो दूसरे राज्य में समान हो यह आवश्यक नहीं है।अदालत ने कहा,“एक...
अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को अपनी पसंद का प्राचार्य चुनने का पूर्ण अधिकार: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्यप्रदेश ने कहा है कि अल्पसंख्यक सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों (minority aided educational institutions) को अपने संस्थान का प्रमुख चुनने का संवैधानिक अधिकार है और इस अधिकार पर कोई भी प्रतिबंध संविधान के Article 30(1) का उल्लंघन होगा।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस आनंद सिंह बहारावत की खंडपीठ ने कहा कि यदि किसी अल्पसंख्यक संस्थान का प्रबंधन योग्य व्यक्ति को प्राचार्य या हेडमास्टर नियुक्त करने का फैसला करता है, तो अदालत उस निर्णय की उचितता या प्रक्रिया की जांच नहीं कर सकती।मामला S.S.L. Jain P.G....
ई-रिक्शा के रेगुलेशन और हाईवे पर उनके चलने पर रोक लगाने की मांग वाली PIL पर हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया, जिसमें राज्य में ई-रिक्शा के बिना किसी रेगुलेशन के चलने को लेकर चिंता जताई गई।जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की डिवीज़न बेंच ने याचिका स्वीकार करने पर शुरुआती दलीलें सुनने के बाद निर्देश दिया:"प्रतिवादियों को सात कामकाजी दिनों के भीतर प्रोसेस फीस जमा करने पर नोटिस जारी किया जाए, जिसका जवाब चार हफ़्तों के भीतर देना होगा। इस बीच प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाता है कि वे अपना जवाब दाखिल करें।"याचिका में कहा गया कि भारत में...
जांच में खामियां होने पर भी अगर दुराचार स्वतंत्र रूप से साबित हो जाए तो सज़ा बरकरार रह सकती है: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एमपी ग्रामीण बैंक में काम करने वाले ब्रांच मैनेजर को अनिवार्य रिटायरमेंट देने के अनुशासनात्मक अधिकारी का आदेश बरकरार रखा, भले ही उसके खिलाफ की गई अनुशासनात्मक जांच में प्रक्रियागत खामियां पाई गईं।जस्टिस आशीष श्रोती की बेंच ने पाया कि प्रक्रियागत चूकों के कारण जांच में खामियां आ गई थीं, लेकिन वित्तीय दुराचार के स्वतंत्र सबूत अनिवार्य रिटायरमेंट की सज़ा बरकरार रखने के लिए काफी है।बेंच ने ज़ोर देकर कहा:"बैंक के एक सीनियर ऑफिसर होने के नाते याचिकाकर्ता से यह उम्मीद की जाती थी...
अनुकंपा नियुक्ति पैतृक संपत्ति नहीं, उत्तराधिकार प्रमाणपत्र मांगना मनमाना: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनुकंपा नियुक्ति कोई पैतृक संपत्ति या उत्तराधिकार से मिलने वाला अधिकार नहीं है, इसलिए उसके लिए उत्तराधिकार प्रमाणपत्र मांगना मनमाना और कानूनविहीन है।जस्टिस जय कुमार पिल्लई ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति मृत कर्मचारी के परिवार को अचानक आई आर्थिक कठिनाई से राहत देने के लिए नियोक्ता द्वारा दी जाने वाली रियायत है, न कि ऐसा अधिकार जो उत्तराधिकार के रूप में वारिसों में बंटे।अदालत ने कहा,“अनुकंपा नियुक्ति कोई पैतृक संपत्ति या संपत्ति संबंधी अधिकार नहीं है, जो...
भोजशाला विवाद में केंद्र का बड़ा दावा: नमाज़ की अनुमति वाला 1935 का नोटिफिकेशन वैध नहीं
भोजशाला मंदिर–कमाल मौला मस्जिद विवाद में केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को बताया कि वर्ष 1935 में धार रियासत द्वारा जारी वह अधिसूचना, जिसके आधार पर मुस्लिम पक्ष नमाज़ के अधिकार का दावा करता है विधिक रूप से वैध नहीं है।मामले की सुनवाई जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ के समक्ष हुई।केंद्र और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सुनील कुमार जैन ने दलील दी कि भोजशाला को वर्ष 1904 में ही संरक्षित स्मारक घोषित किया जा चुका है, इसलिए उसके बाद धार...
मृतकों के सम्मानजनक परिवहन के लिए मुफ्त शव वाहन हेल्पलाइन का प्रचार करे राज्य: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जनहित याचिका (PIL) का निपटारा करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह अपनी मुफ्त शव वाहन सेवा, 'मध्य प्रदेश मुक्ति वाहन योजना' का व्यापक प्रचार सुनिश्चित करे।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने याचिका का निपटारा यह देखते हुए किया कि राज्य सरकार ने पहले ही एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर स्थापित किया।खंडपीठ ने निर्देश दिया:"इस तथ्य को देखते हुए कि प्रतिवादी/राज्य प्राधिकरण ने याचिकाकर्ता द्वारा की गई प्रार्थना का पहले ही पालन किया, इस याचिका में अब और...
UAPA के तहत ज़मानत देने से मना करने का आधार सिर्फ़ इस्लामिक सेमिनार में हिस्सा लेना नहीं हो सकता: हाईकोर्ट ने तीन लोगों को किया रिहा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आरोपी तीन लोगों को ज़मानत दी। कोर्ट ने कहा कि इस्लामिक साहित्य पर किसी सेमिनार में सिर्फ़ हिस्सा लेना ही, UAPA के तहत ज़मानत पर रोक लगाने वाले प्रावधानों के तहत अपने आप में कोई अपराध नहीं है।जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन की डिवीज़न बेंच ने कहा कि सेमिनार में हिस्सा लेने के अलावा, अभियोजन पक्ष आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोपों के समर्थन में कोई भी प्रथम दृष्टया सबूत पेश नहीं कर...
सामान्य वर्ग के स्टूडेंट्स को भेदभाव की शिकायतों से बाहर रखने का आरोप: UGC के इक्विटी नियमों पर एससी की रोक के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट करेगा सर्कुलर की जांच
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्टूडेंट शिकायत निवारण समिति को निर्देश दिया कि वह सामान्य वर्ग सहित सभी श्रेणियों के छात्रों से मिली भेदभाव की शिकायतों पर विचार करे।यह निर्देश याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें राज्य सरकार द्वारा 2 फरवरी को जारी सर्कुलर को चुनौती दी गई। इस सर्कुलर में सामान्य वर्ग के छात्रों को समिति के समक्ष भेदभाव के आधार पर विवाद उठाने से बाहर रखा गया।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने निर्देश दिया:"स्टूडेंट शिकायत निवारण समिति, यदि प्राप्त होती है तो...
एक की मौत, दो ने काटी उम्रकैद: 14 साल बाद हाईकोर्ट ने हत्या के दोषियों को किया बरी, सबूत गढ़ने के आरोप में जांच अधिकारी के खिलाफ FIR का आदेश
हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के चौदह साल बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आठ लोगों को बरी किया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष का मामला जांच अधिकारी द्वारा पेश किए गए मनगढ़ंत सबूतों पर आधारित था।इस बीच दोषियों में से एक की मौत हो गई, जबकि दो ने अपनी उम्रकैद की सज़ा पूरी की और रिहा हो गए।इस मामले के महत्व को देखते हुए जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र की डिवीज़न बेंच ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया कि वे उक्त जांच अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज करें।कोर्ट ने निर्देश देते...
वसुंधरा राजे के 'फर्जी पत्र' विवाद को लेकर पुलिस पर तीन लोगों को अवैध रूप से हिरासत में रखने का आरोप, हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को मजिस्ट्रेट कोर्ट को निर्देश दिया कि वह उन तीन लोगों के बयान दर्ज करे, जिन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें बिना कोर्ट में पेश किए लगभग दो दिनों तक अवैध रूप से हिरासत में रखा। इन लोगों पर राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से जुड़ा कथित पत्र फैलाने का आरोप है, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर BJP के रुख की आलोचना की गई।राज्य सरकार और याचिकाकर्ताओं द्वारा पेश किए गए विरोधाभासी बयानों को संज्ञान में लेते हुए चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: महिला ऑपरेटर से पुलिसकर्मियों की सांस सूंघवाना “चौंकाने वाला”
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (29 अप्रैल) को एक पुलिस इंस्पेक्टर के आचरण पर कड़ी नाराज़गी जताई, जिस पर आरोप है कि उसने डायल-100 कंट्रोल रूम में निजी महिला कॉल ऑपरेटर से नशे में संदिग्ध पुरुष पुलिसकर्मियों की सांस चेक करवाई।चीफ़ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान तीखी टिप्पणी करते हुए कहा—“क्या यह एक अधिकारी के लिए उचित है? क्या वह खुद जांच नहीं कर सकता था? एक महिला कर्मचारी को पुरुष पुलिसकर्मियों की सांस सूंघने के लिए क्यों बुलाया गया?”यह मामला 19 फरवरी 2026 के...
भोजशाला विवाद: सरस्वती मंदिर तोड़े जाने का कोई ऐतिहासिक रिकॉर्ड नहीं, यह केवल काल्पनिक कथा- मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट से कहा
भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद विवाद में मुस्लिम पक्ष ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट को बताया कि भोजशाला परिसर में सरस्वती मंदिर तोड़े जाने का कोई ऐतिहासिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है और इस संबंध में प्रस्तुत दावा केवल काल्पनिक परिकल्पना है।मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी ने जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ के समक्ष यह दलील दी।विवाद 11वीं शताब्दी के संरक्षित स्मारक भोजशाला से संबंधित है, जिसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित किया गया। हिंदू पक्ष इस स्थल को देवी...
थानों में बिना CCTV वाले हिस्सों में नहीं ले जाए जाएं आरोपी या शिकायतकर्ता: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, हिरासत हिंसा रोकने को बॉडी कैमरा अनिवार्य करने के निर्देश
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत में हिंसा के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि राज्य के किसी भी थाने में आरोपी या शिकायतकर्ता को ऐसे स्थान पर न ले जाया जाए जहां CCTV कैमरे न लगे हों।अदालत ने पुलिसकर्मियों के लिए बॉडी कैमरा उपयोग की व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया।जस्टिस सुभोध अभ्यंकर की एकलपीठ ने इंदौर पुलिस आयुक्तालय को निर्देश देते हुए कहा कि शौचालय और कपड़े बदलने के कक्ष जैसे अपवादों को छोड़कर थानों के सभी हिस्से निगरानी के दायरे में होने चाहिए।अदालत ने राज्य सरकार को यह भी...
सरदार सरोवर विस्थापितों की शिकायतें दूर करे सरकार: मेधा पाटकर की याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का निर्देश
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सरदार सरोवर बांध परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और भूखंड आवंटन से जुड़ी शिकायतों पर राज्य सरकार को कार्रवाई करने का निर्देश दिया।अदालत ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर द्वारा उठाए गए मुद्दों पर अतिरिक्त मुख्य सचिव गंभीरता से विचार करें और उनका समाधान सुनिश्चित करें।जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि 6 मार्च 2026 को प्रस्तुत शिकायतों पर निर्णय लेने से पहले यदि...
कानूनी संशोधनों को पिछली तारीख से लागू करके लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारी के नियमितीकरण से इनकार नहीं किया जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि कानूनी संशोधनों को पिछली तारीख से लागू करके उस कर्मचारी के हासिल अधिकारों को खत्म नहीं किया जा सकता, जो दशकों से लगातार सेवा कर रहा है।जस्टिस जय कुमार पिल्लई की बेंच ने यह टिप्पणी की:"हालांकि, इस कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता 1989 में सेवा में आया था और 2016 का संशोधन लागू होने से काफी पहले ही उसने नियमितीकरण के लिए अपनी ज़रूरी सेवा अवधि पूरी कर ली थी। कानूनी संशोधनों को पिछली तारीख से लागू करके उस कर्मचारी के हासिल अधिकारों को खत्म नहीं किया जा सकता, जो...

















