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सर्विस के दौरान विकलांगता के लिए सहानुभूति की ज़रूरत है, सज़ा की नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अनाधिकृत अनुपस्थिति के लिए कर्मचारी के खिलाफ चार्जशीट रद्द की
सर्विस के दौरान विकलांगता के लिए सहानुभूति की ज़रूरत है, सज़ा की नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अनाधिकृत अनुपस्थिति के लिए कर्मचारी के खिलाफ चार्जशीट रद्द की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी का दावा खारिज करने वाला आदेश रद्द कर दिया, जिसे सर्विस के दौरान 70% विकलांगता हो गई। कोर्ट ने राज्य को निर्देश दिया कि उसे रिटायरमेंट की उम्र तक पूरी सर्विस सुविधाओं के साथ एक सुपरन्यूमरेरी पद पर रखा जाए।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा,"एक कर्मचारी जिसने अपनी ज़िंदगी का सबसे अच्छा समय सार्वजनिक सेवा में लगाया, उसे अपनी सबसे कमज़ोर स्थिति में कठोरता का सामना नहीं करना चाहिए। सर्विस के दौरान हुई दिव्यांगता के लिए दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि...

केरल हाईकोर्ट ने स्टेट बार काउंसिल को वकीलों से ली गई ₹5K ज़्यादा एनरोलमेंट फीस वापस करने का आदेश दिया
केरल हाईकोर्ट ने स्टेट बार काउंसिल को वकीलों से ली गई ₹5K ज़्यादा एनरोलमेंट फीस वापस करने का आदेश दिया

केरल हाईकोर्ट ने सोमवार (19 जनवरी) को केरल बार काउंसिल को सात वकीलों से उनके एनरोलमेंट के लिए ली गई ज़्यादा रकम वापस करने का निर्देश दिया।याचिकाकर्ताओं के अनुसार, BCK ने उनसे कानून द्वारा तय फीस 750 रुपये से 5000 रुपये ज़्यादा लिए थे। उन्होंने तर्क दिया कि यह एक गैर-कानूनी वसूली थी, जो गौरव कुमार बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में सुप्रीम कोर्ट के हाल के फैसले का सीधा उल्लंघन है।BCK द्वारा दायर जवाबी हलफनामे में संस्था ने याचिकाकर्ताओं के संपर्क करने पर ज़्यादा रकम वापस करने पर सहमति जताई।मामला जब...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने केंद्र से भारतीय नागरिकता के लिए ऑनलाइन आवेदन से जुड़ा नोटिफिकेशन जमा करने को कहा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने केंद्र से भारतीय नागरिकता के लिए ऑनलाइन आवेदन से जुड़ा नोटिफिकेशन जमा करने को कहा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार (19 जनवरी) को केंद्र सरकार से उस नोटिफिकेशन को रिकॉर्ड पर रखने को कहा, जिसके तहत भारतीय नागरिकता के लिए ऑनलाइन आवेदन संबंधित डिप्टी कमिश्नर के पास करना होता है।कोर्ट एक महिला की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जो अपने पति के साथ वैवाहिक विवाद के बाद अपने बेटे के लिए नागरिकता मांग रही थी, जो कनाडा में पैदा हुआ और फिलहाल उसके साथ भारत में रह रहा है।दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद जस्टिस बीएम श्याम प्रसाद ने अपने आदेश में कहा:"मिस्टर शांति भूषण DSG ने कहा कि ऐसा अंतरिम आदेश...

अगर घर के काम आउटसोर्स किए जाएं तो उन्हें ज़्यादा सैलरी मिलेगी: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना मुआवज़ा बढ़ाकर ₹1.18 करोड़ किया
अगर घर के काम आउटसोर्स किए जाएं तो उन्हें ज़्यादा सैलरी मिलेगी: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना मुआवज़ा बढ़ाकर ₹1.18 करोड़ किया

इस बात पर ज़ोर देते हुए कि एक गृहिणी का काम सिर्फ़ देखभाल करने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई तरह की सेवाएं शामिल हैं, जिनके लिए अगर उन्हें आउटसोर्स किया जाए तो काफ़ी ज़्यादा पैसे मिलेंगे, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मोटर दुर्घटना क्लेम में दिए गए मुआवज़े को बढ़ाकर ₹58.22 लाख से ₹1.18 करोड़ कर दिया।जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा,"एक गृहिणी का काम सिर्फ़ देखभाल से कहीं ज़्यादा है, इसमें पूरे परिवार के लिए खाना बनाना; किराने का सामान और घर का सामान खरीदना; घर और आस-पास की सफ़ाई और रखरखाव;...

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर राहत शिविरों की स्थितियों पर जस्टिस गीता मित्तल समिति से रिपोर्ट मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर राहत शिविरों की स्थितियों पर जस्टिस गीता मित्तल समिति से रिपोर्ट मांगी

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस गीता मित्तल की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति से मणिपुर में जातीय हिंसा से विस्थापित हुए लोगों के लिए बनाए गए 14 राहत शिविरों में सुविधाओं की कमियों के मुद्दे पर एक रिपोर्ट सौंपने को कहा।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच मणिपुर हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मणिपुर के चुराचांदपुर में 14 राहत शिविरों की रहने की स्थितियों की जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से...

प्राइवेट स्कूलों की फीस ज़्यादा, लेकिन जल्दबाज़ी में रेगुलेशन ठीक नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली स्कूल फीस कानून को साल के बीच में लागू करने पर उठाए सवाल
'प्राइवेट स्कूलों की फीस ज़्यादा, लेकिन जल्दबाज़ी में रेगुलेशन ठीक नहीं': सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली स्कूल फीस कानून को साल के बीच में लागू करने पर उठाए सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस बात पर चिंता जताई कि दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों की फीस को रेगुलेट करने के लिए पिछले महीने बनाए गए कानून, दिल्ली स्कूल एजुकेशन (फीस तय करने और रेगुलेशन में पारदर्शिता) एक्ट, 2025, और उसके बाद जारी सरकारी सर्कुलर को मौजूदा एकेडमिक साल में किस तरह लागू किया जा रहा है।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा कि हालांकि इस कानून का मकसद लोगों की भलाई है, लेकिन जल्दबाज़ी में और पिछली तारीख से लागू करने से स्कूलों के लिए प्रैक्टिकल और फाइनेंशियल दिक्कतें...

राज्य PSCs द्वारा की जाने वाली इंजीनियरिंग प्रोफेसरों की सीधी भर्ती पर AICTE नियम लागू नहीं होते: सुप्रीम कोर्ट
राज्य PSCs द्वारा की जाने वाली इंजीनियरिंग प्रोफेसरों की सीधी भर्ती पर AICTE नियम लागू नहीं होते: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (19 जनवरी) को कहा कि ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) के नियम राज्य के पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रोफेसरों के पदों पर सीधी भर्ती के मामलों में लागू नहीं होते हैं।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने गुजरात हाईकोर्ट का फैसला रद्द करते हुए यह बात कही, जिसमें राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रोफेसरों की भर्ती के मामलों में राज्य भर्ती नियमों पर AICTE नियमों को प्राथमिकता दी गई।बेंच ने कहा, "राज्य द्वारा बनाए गए...

महर्षि वाल्मीकि पर कथित टिप्पणी मामले सीनियर जर्नालिस्ट अंजना ओम कश्यप को राहत, हाइकोर्ट ने खारिज की याचिका
महर्षि वाल्मीकि पर कथित टिप्पणी मामले सीनियर जर्नालिस्ट अंजना ओम कश्यप को राहत, हाइकोर्ट ने खारिज की याचिका

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने आज तक चैनल और उसकी सीनियर पत्रकार अंजना ओम कश्यप के खिलाफ दायर जनहित याचिका (PIL) खारिज की। यह याचिका एक कथित वीडियो प्रसारण को लेकर दायर की गई थी, जिसमें यह कहा गया कि भगवान महर्षि वाल्मीकि पहले रत्नाकर नाम के डकैत थे।याचिकाकर्ता का आरोप था कि इस तरह का कथन भगवान महर्षि वाल्मीकि के प्रति अपमानजनक है, इससे धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और यह एक पूजनीय व्यक्तित्व की छवि को ठेस पहुंचाता है। याचिका में यह भी कहा गया कि इस दावे के समर्थन में कोई ऐतिहासिक तथ्य मौजूद नहीं...

सामान्य श्रेणी के कट-ऑफ से अधिक अंक पाने वाले आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार को अनारक्षित पद पर शामिल किया जाएगा: सुप्रीम कोर्ट
सामान्य श्रेणी के कट-ऑफ से अधिक अंक पाने वाले आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार को अनारक्षित पद पर शामिल किया जाएगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया कि यदि आरक्षित श्रेणी का कोई उम्मीदवार सामान्य श्रेणी के कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त करता है, तो उसे अनारक्षित (जनरल) श्रेणी की रिक्त सीट पर नियुक्त किए जाने का अधिकार होगा।जस्टिस एम.एम. सुंदरश और जस्टिस एस.सी. शर्मा की खंडपीठ ने कहा,“अब यह विधि का स्थापित सिद्धांत है कि आरक्षित श्रेणी से संबंधित वह उम्मीदवार, जिसने सामान्य श्रेणी के कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उसे खुली/अनारक्षित रिक्त सीट के विरुद्ध चयनित माना जाएगा।”मामले के तथ्ययह मामला एयरपोर्ट...

पश्चिम बंगाल SIR | कक्षा 10 का एडमिट कार्ड स्वीकार करना होगा: सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से कहा
पश्चिम बंगाल SIR | कक्षा 10 का एडमिट कार्ड स्वीकार करना होगा: सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग से कहा

पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य बोर्ड द्वारा जारी कक्षा 10 (माध्यमिक) का एडमिट कार्ड गणना (एन्यूमरेशन) के लिए एक वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जयमाल्या बागची की खंडपीठ पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।सुनवाई के दौरान तृणमूल कांग्रेस...

अदीना मस्जिद-आदिनाथ मंदिर विवाद: कलकत्ता हाइकोर्ट पहुंचा मामला, याचिका में दावा- हिंदू देवताओं से भरा है स्थल
अदीना मस्जिद-आदिनाथ मंदिर विवाद: कलकत्ता हाइकोर्ट पहुंचा मामला, याचिका में दावा- 'हिंदू देवताओं से भरा है स्थल'

पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में स्थित ऐतिहासिक अदीना स्मारक को लेकर एक नई कानूनी लड़ाई शुरू हो गई। कलकत्ता हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर दावा किया गया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने अदीना मस्जिद के रूप में इस स्थल को गलत तरीके से वर्गीकृत किया, जबकि वहां हिंदू देवी-देवताओं की प्रतिमाएं और मंदिर के स्पष्ट अवशेष मौजूद हैं।चीफ जस्टिस सुजय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने सोमवार (19 जनवरी 2026) को इस मामले पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता अधिवक्ता हरि शंकर जैन ने मांग की कि ASI...

उन्नाव रेप केस: कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाइकोर्ट से बड़ा झटका, सजा निलंबित करने की याचिका दूसरी बार खारिज
उन्नाव रेप केस: कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाइकोर्ट से बड़ा झटका, सजा निलंबित करने की याचिका दूसरी बार खारिज

दिल्ली हाइकोर्ट ने सोमवार (19 जनवरी 2026) को उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित करने की याचिका खारिज की। सेंगर इस मामले में 10 साल की सजा काट रहा है और उसने अपनी सजा को स्थगित करने की गुहार लगाई थी।जस्टिस रविंदर डुडेजा की पीठ ने याचिका यह कहते हुए खारिज की कि सेंगर के आपराधिक इतिहास और मामले की परिस्थितियों में ऐसा कोई नया बदलाव नहीं आया, जिसके आधार पर उसे राहत दी जा सके।पूरा मामलायह मामला अप्रैल 2018 का है, जब उन्नाव...

प्रोबेट कार्यवाही लंबित होने से रजिस्टर्ड वसीयत में जालसाजी के आरोप वाली FIR पर कोई रोक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
प्रोबेट कार्यवाही लंबित होने से रजिस्टर्ड वसीयत में जालसाजी के आरोप वाली FIR पर कोई रोक नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने रजिस्टर्ड वसीयत में जालसाजी के आरोप वाली FIR रद्द करने से यह कहते हुए इनकार किया कि वसीयत की वैधता की जांच करने वाली प्रोबेट कार्यवाही लंबित होने से जाली दस्तावेज़ बनाने और इस्तेमाल करने के आरोपों की समानांतर आपराधिक जांच पर कोई रोक नहीं लगती है।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की बेंच ने अपने आदेश में यह कहा:"इसलिए जालसाजी, दस्तावेज़ों में हेरफेर और उनका गलत फायदे के लिए इस्तेमाल सिर्फ सिविल अमान्यता के मामले नहीं हैं, बल्कि आपराधिक कानून के तहत स्वतंत्र अपराध हैं। इसलिए किसी...

पश्चिम बंगाल SIR प्रक्रिया: सुप्रीम कोर्ट ने लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी सत्यापन को पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग को दिए विस्तृत निर्देश
पश्चिम बंगाल SIR प्रक्रिया: सुप्रीम कोर्ट ने 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' सत्यापन को पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग को दिए विस्तृत निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision–SIR) प्रक्रिया के संबंध में चुनाव आयोग को कई अहम निर्देश जारी किए। अदालत ने कहा कि 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' श्रेणी में रखे गए मतदाताओं का सत्यापन पूरी तरह पारदर्शी ढंग से हो और इससे लोगों को अनावश्यक तनाव या असुविधा न हो।अदालत ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि जिन व्यक्तियों को गणना (एन्यूमरेशन) फॉर्म में कथित 'लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी' के आधार पर नोटिस भेजे गए हैं, उनकी सूची पंचायत भवन और ब्लॉक...

चेक जारी करने वाले द्वारा पेमेंट रोकने के लिए किए गए बड़े बदलाव पर NI Act की धारा 138 लागू होगी; बदलाव किसने किया यह जांच का विषय: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
चेक जारी करने वाले द्वारा पेमेंट रोकने के लिए किए गए बड़े बदलाव पर NI Act की धारा 138 लागू होगी; 'बदलाव किसने किया' यह जांच का विषय: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

इस बात पर ज़ोर देते हुए कि चेक में किया गया कोई बड़ा बदलाव अपने आप में आरोपी को आपराधिक ज़िम्मेदारी से बरी नहीं करता, जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NI Act) के तहत निर्णायक कारक सिर्फ़ बदलाव की मौजूदगी नहीं है, बल्कि उस व्यक्ति की पहचान है जिसने वह बदलाव किया।जस्टिस संजय धर की बेंच ने फैसला सुनाया कि जहां पेमेंट रोकने और धारा 138 के तहत कार्यवाही को नाकाम करने के लिए खुद ड्रॉअर द्वारा बदलाव किया जाता है, वहां मुक़दमे को शुरुआती दौर में ही खत्म नहीं किया...

मालवीय नगर चुनाव विवाद: सतीश उपाध्याय की जीत बरकरार, हाइकोर्ट ने खारिज की सोमनाथ भारती की याचिका
मालवीय नगर चुनाव विवाद: सतीश उपाध्याय की जीत बरकरार, हाइकोर्ट ने खारिज की सोमनाथ भारती की याचिका

दिल्ली हाइकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के सीनियर नेता और पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती को बड़ा कानूनी झटका दिया। अदालत ने मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय के निर्वाचन को चुनौती देने वाली भारती की चुनाव याचिका खारिज की।जस्टिस जसमीत सिंह की एकल पीठ ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि याचिका में एक ऐसी गंभीर कानूनी खामी है, जिसे बाद में सुधारा नहीं जा सकता। गौरतलब है कि वर्ष 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में सतीश उपाध्याय ने सोमनाथ भारती को मात्र 2,131 मतों...

SC/ST Act के तहत अपराध के लिए अपमान का आधार पीड़ित का अनुसूचित जाति/जनजाति से होना जरूरी: सुप्रीम कोर्ट
SC/ST Act के तहत अपराध के लिए अपमान का आधार पीड़ित का अनुसूचित जाति/जनजाति से होना जरूरी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि केवल अपशब्दों का प्रयोग करना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत अपराध नहीं है, जब तक कि ऐसा कृत्य किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अपमानित करने के स्पष्ट इरादे से न किया गया हो। अदालत ने कहा कि केवल अपमान, भले ही आरोपी को पीड़ित की जाति की जानकारी हो, तब तक दंडनीय नहीं है जब तक उसमें जातिगत अपमान का विशिष्ट आशय सिद्ध न हो।जस्टिस जे. बी. पारदीवाला और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने अपीलकर्ता के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को...