कर्नाटक हाईकोर्ट ने केंद्र से भारतीय नागरिकता के लिए ऑनलाइन आवेदन से जुड़ा नोटिफिकेशन जमा करने को कहा

Shahadat

19 Jan 2026 7:43 PM IST

  • कर्नाटक हाईकोर्ट ने केंद्र से भारतीय नागरिकता के लिए ऑनलाइन आवेदन से जुड़ा नोटिफिकेशन जमा करने को कहा

    कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार (19 जनवरी) को केंद्र सरकार से उस नोटिफिकेशन को रिकॉर्ड पर रखने को कहा, जिसके तहत भारतीय नागरिकता के लिए ऑनलाइन आवेदन संबंधित डिप्टी कमिश्नर के पास करना होता है।

    कोर्ट एक महिला की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जो अपने पति के साथ वैवाहिक विवाद के बाद अपने बेटे के लिए नागरिकता मांग रही थी, जो कनाडा में पैदा हुआ और फिलहाल उसके साथ भारत में रह रहा है।

    दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद जस्टिस बीएम श्याम प्रसाद ने अपने आदेश में कहा:

    "मिस्टर शांति भूषण DSG ने कहा कि ऐसा अंतरिम आदेश याचिकाकर्ता के फायदे में नहीं होगा और अगर पहली याचिकाकर्ता (मां) सच में दूसरे याचिकाकर्ता, उसके बेटे, जो कनाडा में पैदा हुआ है, उसके लिए नागरिकता चाहती है तो उसे उचित नोटिफिकेशन के अनुसार क्षेत्राधिकार वाले डिप्टी कमिश्नर के पास आवेदन करना होगा। DSG ने कहा कि नोटिफिकेशन की एक कॉपी अगली सुनवाई की तारीख पर रिकॉर्ड पर रखी जाएगी... ऑफिस को निर्देश दिया जाता है कि इस याचिका को 19 फरवरी को फिर से लिस्ट किया जाए।"

    केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए डिप्टी सॉलिसिटर जनरल शांति भूषण ने कहा कि इस मामले में मां अपने बेटे के लिए भारतीय नागरिकता चाहती है, जो कनाडा में पैदा हुआ है।

    प्रक्रिया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि डिप्टी कमिश्नर को एक ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा और उसे गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा।

    अन्य प्रार्थनाओं के अलावा, याचिका में यह भी मांग की गई कि नागरिकता अधिनियम की धारा 14 के प्रावधान, जो याचिकाकर्ता के बेटे को भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से रोकते हैं, असंवैधानिक हैं और केंद्र को उसके बेटे को नागरिकता जारी करने का निर्देश दिया जाए।

    बता दें, धारा 14 केंद्र सरकार को विशिष्ट धाराओं (5, 6, और 7A) के तहत नागरिकता के आवेदनों को बिना कोई कारण बताए स्वीकार या अस्वीकार करने का विवेक देती है।

    इस बीच याचिका में केंद्र को निर्देश देने की मांग की गई कि कनाडा के ओंटारियो के सुपीरियर कोर्ट ऑफ जस्टिस द्वारा उसके बेटे को नागरिकता जारी न करने के आदेश के आधार पर कोई भी जल्दबाजी में कार्रवाई न की जाए।

    मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।

    Case title: SMT ROSHINI B H AND ANOTHER v/s THE UNION OF INDIA AND OTHERS

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