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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने JEE (एडवांस्ड) परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण बाधा का सामने करने वाले ITT अभ्यर्थी की याचिका पर विचार करने को कहा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 9 जुलाई को एक IIT अभ्यर्थी की याचिका का निपटारा किया। इस याचिका में अभ्यर्थी ने आरोप लगाया कि 18 मई 2025 को हुई JEE (Advanced) की परीक्षा के पेपर 2 के दौरान उसके कंप्यूटर में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे उसकी परफॉर्मेंस पर असर पड़ा।कोर्ट ने मामले का निपटारा करते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को निर्देश दिया कि वह स्टूडेंट की शिकायत पर विचार करे।अभ्यर्थी ने कहा कि उसे जो कंप्यूटर मिला था, उसमें लगातार माउस लैग करता रहा स्क्रीन झपकती रही और माउस काम नहीं कर रहा था, जिससे वह...
NEET-PG 2025| उत्तर पुस्तिकाओं का खुलासा करने संबंधी याचिकाओं पर 3 अगस्त के बाद होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह NEET-PG 2025 परीक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं और उत्तर कुंजियों का खुलासा न करने के मुद्दे पर 3 अगस्त के बाद सुनवाई करेगा।जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की खंडपीठ NEET PG 2025 परीक्षा के आयोजन से संबंधित कई मुद्दों से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। ये मुद्दे राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBE) द्वारा पहले अपनाई गई दो-पाली नीति और NEET-PG परीक्षा की उत्तर कुंजी और उत्तर पुस्तिकाओं तक पहुंच प्रदान करने से राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (NBE) द्वारा इनकार...
कर्नल हमला मामला: चंडीगढ़ पुलिस की निष्क्रियता की जांच CBI को सौंपने की याचिका पर हाईकोर्ट ने SIT प्रमुख को तलब किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस के विशेष जांच दल (SIT) के प्रमुख को तलब किया। यह SIT उस मामले की जांच के लिए गठित की गई थी, जिसमें मार्च में पंजाब पुलिस द्वारा कर्नल पर कथित रूप से बर्बर हमला किया गया था। यह याचिका निष्पक्ष जांच में विफलता का आरोप लगाते हुए CBI को जांच सौंपने की मांग करते हुए दायर की गई थी।नई दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय में तैनात कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाथ ने आरोप लगाया कि 13 मार्च की रात को पंजाब पुलिस के चार इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों और उनके हथियारबंद अधीनस्थों ने...
न्यायालय कानून में त्रुटियों को पूर्वव्यापी प्रभाव से सुधारने का आदेश नहीं दे सकते: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि न्यायालय विधायिका को अधिनियमित कानूनों में कथित लिपिकीय त्रुटियों को सुधारने या विधायी परिवर्तनों को पूर्वव्यापी प्रभाव देने का निर्देश देने वाली रिट जारी नहीं कर सकते। न्यायालय ने कहा कि भले ही सीमा शुल्क में किसी परिवर्तन को सुधारात्मक या स्पष्टीकरणात्मक माना जाता हो, ऐसे परिवर्तनों को पूर्वव्यापी प्रभाव देना पूरी तरह से विधायी क्षेत्राधिकार में आता है।जस्टिस एम.एस. सोनक और जितेंद्र जैन की खंडपीठ आरती ड्रग्स लिमिटेड द्वारा दायर याचिका पर फैसला सुना रही थी, जिसमें...
हिंदुओं में विवाह केवल सामाजिक अनुबंध नहीं, दो आत्माओं का आध्यात्मिक मिलन, DV Act का दुरुपयोग खतरनाक: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक परिवार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A के तहत दर्ज मामला खारिज करते हुए कहा कि वैवाहिक कलह आजकल समाज में एक खतरा बन गया है और दो व्यक्तियों के बीच छोटी-छोटी बातों पर झगड़े के कारण हिंदुओं के लिए 'पवित्र' विवाह की अवधारणा को धक्का लग रहा है।जस्टिस नितिन साम्ब्रे और जस्टिस महेंद्र नेर्लिकर की खंडपीठ ने महिलाओं द्वारा पति के अधिक से अधिक रिश्तेदारों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के 'प्रवृत्ति' पर ध्यान दिया और कहा कि वैवाहिक कलह के मामलों को 'अलग' नजरिए से...
अस्पताल में भर्ती होने के कारण चीफ जस्टिस नहीं संभाल पाए कार्यभार
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई को हाल ही में तेलंगाना की अपनी यात्रा के दौरान गंभीर संक्रमण होने के बाद दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हो रहा है। एक-दो दिन में उनके आधिकारिक कार्यभार संभालने की उम्मीद है।सीजेआई आज यानी 14 जुलाई को अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट रिकॉर्ड से छेड़छाड़ के आरोप में आज़म खान की ट्रायल ट्रांसफर याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आज़म खान द्वारा दायर ट्रांसफर याचिका खारिज की। इस याचिका में खान ने उत्तर प्रदेश में लंबित 2007 के भड़काऊ भाषण मामले की सुनवाई को दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की थी। इस आधार पर कि सबूतों से छेड़छाड़ की गई।खान की दलील थी कि कथित भड़काऊ भाषण की फाइल रिकॉर्ड में वीडियो क्लिप के रूप में प्रस्तुत की गई, लेकिन उसमें छेड़छाड़ करके उसे ऑडियो फाइल में बदल दिया गया।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन.के. सिंह की खंडपीठ के समक्ष खान की ओर से सीनियर एडवोकेट...
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद कार्टूनिस्ट प्रधानमंत्री पर आपत्तिजनक पोस्ट हटाने को राजी
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (14 जुलाई) को इंदौर के एक कार्टूनिस्ट को मौखिक रूप से फटकार लगाई, जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस पर आपत्तिजनक टिप्पणियों और एक कार्टून को लेकर मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट ने कहा कि उनका आचरण भड़काऊ और अपरिपक्व था। जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें फेसबुक पर पोस्ट किए गए एक कार्टून...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत दिव्यांगजनों के अधिकारों के प्रति UPSRTC अधिकारियों को संवेदनशील बनाने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि सभी अधिकारी दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत गारंटीकृत दिव्यांगजनों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील हों। निगम में कार्यरत एक कर्मचारी, जिसे दिव्यांगता से पीड़ित होने के कारण कोई भी पद देने से मना कर दिया गया था, के मामले की सुनवाई करते हुए, जस्टिस अजय भनोट ने कहा, “उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, लखनऊ के प्रबंध निदेशक यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी अधिकारी...
"अनियमित सोशल मीडिया के कारण न्यायिक कार्य संवेदनशील हो गए हैं": उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर अनियंत्रित ट्रोलिंग और न्यायपालिका की आलोचना पर चिंता जताई है और कहा है कि विनियमन के अभाव ने इन दिनों न्यायिक कार्यप्रणाली को और अधिक संवेदनशील और अस्थिर बना दिया है। जस्टिस दीक्षित कृष्ण श्रीपाद और जस्टिस मृगांक शेखर साहू की खंडपीठ ने एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी की समयपूर्व सेवानिवृत्ति के खिलाफ एक रिट याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए निम्नलिखित टिप्पणी की - अमेरिकी न्यायाधीश रिचर्ड ए पॉसनर ने कहा, "न्याय करना कठिन है।" और न्यायाधीश होना भी। आजकल,...
बहू से पति और ससुर की जमानत के लिए पैसे जुटाने को कहना दहेज नहीं: गुजरात हाईकोर्ट
दहेज हत्या के आरोपी एक महिला के ससुराल वालों को बरी करने के फैसले को बरकरार रखते हुए, गुजरात हाईकोर्ट ने कहा कि किसी अन्य मामले में ज़मानत के लिए आवेदन करने हेतु कानूनी खर्च के लिए उससे पैसे की मांग करना दहेज नहीं माना जाएगा और इसे "दहेज की अवैध मांग" से संबंधित उत्पीड़न नहीं माना जा सकता, जिसके कारण महिला ने आत्महत्या की। राज्य की अपील में सत्र न्यायालय द्वारा 2013 में दिए गए उस फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें आरोपियों - ससुर, सास, ननद और देवर (प्रतिवादी संख्या 1 से 4) - को भारतीय दंड संहिता...
संपदा अधिकारियों द्वारा पारित किराया मूल्यांकन आदेश जम्मू-कश्मीर सार्वजनिक परिसर अधिनियम के तहत अपील योग्य, रिट याचिकाएं विचारणीय नहीं: जेएंड के हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने इस कानूनी सिद्धांत को पुष्ट करते हुए कि संवैधानिक अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने से पहले वैधानिक उपायों का प्रयोग किया जाना आवश्यक है, कहा कि जम्मू-कश्मीर सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत अधिभोगियों की बेदखली) अधिनियम, 1988 की धारा 10 के तहत पारित आदेश उसी अधिनियम की धारा 12 के तहत अपील योग्य हैं। तदनुसार, जस्टिस संजीव कुमार और जस्टिस संजय परिहार की पीठ ने दो अंतर-न्यायालयीय अपीलों को खारिज कर दिया और पुष्टि की कि अनुच्छेद 226 के तहत रिट अधिकार क्षेत्र को वैधानिक अपीलीय...
शिवसेना चुनाव चिन्ह विवाद पर अगस्त में सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट अगस्त में उद्धव ठाकरे की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने शिवसेना का आधिकारिक नाम और चुनाव चिह्न ('धनुष-बाण') एकनाथ शिंदे गुट को आवंटित करने के भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के फैसले को चुनौती दी है।महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अंतरिम राहत की मांग करते हुए उद्धव ठाकरे द्वारा दायर आवेदन पर यह मामला जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया।जस्टिस कांत ने संकेत दिया कि बेहतर होगा कि मुख्य मामले की ही सुनवाई और निर्णय किया जाए।...
The Immigration & Foreigners Bill 2025 : Explained
सरकार ने "इमिग्रेशन एंड फॉरनर्स बिल, 2025" पेश किया है, जो देश में विदेशी नागरिकों के प्रवेश, ठहराव और निष्कासन से जुड़े नियमों को एक नया कानूनी ढांचा देगा। यह बिल मौजूदा विदेशी अधिनियम की जगह लेगा और अवैध घुसपैठ, वीज़ा उल्लंघन और नागरिकता से जुड़े मामलों को सख्ती से नियंत्रित करेगा। जानिए इस नए बिल के प्रमुख प्रावधान, असर और इससे जुड़ा विवाद।
सरकार ज़्यादा कुछ नहीं कर सकती : यमन में निमिषा प्रिया की फांसी पर रोक की याचिका पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
भारत सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यमन में केरल की नर्स निमिषा प्रिया की आगामी फांसी को रोकने के लिए सरकार एक हद तक ही जा सकती है और हम उस सीमा तक पहुँच चुके हैं।यह मामला जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ के समक्ष आया।सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल नामक संगठन की ओर से याचिका दायर की गई थी। कोर्ट को बताया गया कि प्रिया का परिवार और समर्थक शरियत कानून के तहत क्षमा प्राप्त करने के लिए 'ब्लड मनी' (रक्त धन) को लेकर पीड़ित के परिवार...
मुरादाबाद मॉब लिंचिंग | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट के 'तहसीन पूनावाला' निर्देशों के अनुपालन पर बेहतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह उत्तर प्रदेश सरकार को तहसीन एस. पूनावाला बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (2018) मामले में सु्प्रीक कोर्ट द्वारा मॉब लिंचिंग और भीड़ हिंसा की घटनाओं को रोकने और उनका समाधान करने के संबंध में दिए गए दिशानिर्देशों/निर्देशों, विशेष रूप से निर्णय के पैराग्राफ 40.13 से 40.21 में दिए गए निर्देशों के अनुपालन के संबंध में एक बेहतर प्रति-हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया। जस्टिस सिद्धार्थ और जस्टिस अवनीश सक्सेना की पीठ ने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में गोकशी के संदेह में मारे...
सूचीबद्ध मामलों में वकील की गैर-हाजिरी पेशेवर कदाचार के बराबर: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह सूचीबद्ध अधिकांश मामलों में, वह भी कई तारीखों पर, वकीलों के उपस्थित न होने पर आपत्ति जताते हुए उनके आचरण को 'पेशेवर कदाचार' करार दिया, जो न्यायालय के अनुसार 'बेंच हंटिंग' या 'फोरम शॉपिंग' के समान है। जस्टिस कृष्ण पहल की पीठ ने एक ज़मानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें बार-बार सूचीबद्ध होने [पिछले 7 महीनों में 5 बार] के बावजूद, आवेदक की ओर से कोई भी उपस्थित नहीं हुआ।3 जुलाई को भी, सूची संशोधित होने के बाद मामले की सुनवाई होने के बावजूद, आवेदक के...
अवैध कब्ज़ेदारों को कब्जे के दस्तावेज़ न होने के बावजूद बिजली का अधिकार: कलकत्ता हाईकोर्ट
पोर्ट ब्लेयर स्थित कलकत्ता हाईकोर्ट की सर्किट बेंच ने फैसला सुनाया कि सरकारी राजस्व भूमि पर अवैध कब्ज़े वाले व्यक्ति को केवल संयुक्त विद्युत नियामक आयोग (JERC) विनियम, 2018 के खंड 5.30 में सूचीबद्ध स्वामित्व या कब्जे के दस्तावेज़ प्रस्तुत न करने के आधार पर बिजली देने से वंचित नहीं किया जा सकता।न्यायालय ने कहा है कि यह खंड दस्तावेज़ी आवश्यकताओं को रेखांकित करता है लेकिन इसका उपयोग औपचारिक स्वामित्व के बिना भूमि पर कब्ज़ा करने वाले व्यक्तियों के लिए बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं को अवरुद्ध करने के लिए...
हरियाणा में आयोजित दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ 6 लाख से ज़्यादा मामलों का निपटारा
हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (HALSA) ने 12 जुलाई, 2025 को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की जज एवं HALSA की कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस लीसा गिल के मार्गदर्शन में वर्ष की दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह लोक अदालत हरियाणा के सभी 22 ज़िलों और 34 उप-मंडलों में ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरणों (DLSA) के माध्यम से आयोजित की गई।इसमें एक प्रमुख उपलब्धि कश्मीर बनाम सिमर नामक 11 साल पुराने आपराधिक मामले का निपटारा है, जो करनाल ज़िला न्यायालय में लंबित था। करनाल में आयोजित राष्ट्रीय लोक...
बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण: वैधानिक प्राधिकार, संवैधानिक सीमाएं और नीतिगत चिंताएं
जून 2025 में, भारत के चुनाव आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, बिहार में मतदाता सूचियों का एक विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू किया। शहरी प्रवास और दोहराव के मद्देनजर मतदाता सूचियों को परिष्कृत करने के उद्देश्य से किया गया यह संशोधन, "विशेष" और "गहन" पुनरीक्षण की अवधारणाओं को मिलाकर, स्थापित वैधानिक ढांचों से पूरी तरह अलग है, जिनकी न तो अधिनियम में और न ही मतदाता पंजीकरण नियम, 1960 में परिकल्पना की गई है। इससे भी अधिक आश्चर्यजनक बात यह है कि यह लाखों...



















