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देरी की माफ़ी को अधिकार नहीं माना जा सकता, यह पूरी तरह कोर्ट का फ़ैसला: सुप्रीम कोर्ट
देरी की माफ़ी को अधिकार नहीं माना जा सकता, यह पूरी तरह कोर्ट का फ़ैसला: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि देरी की माफ़ी को अधिकार नहीं माना जा सकता और यह पूरी तरह से कोर्ट का फ़ैसला है।कोर्ट ने यह बात ओडिशा राज्य की स्पेशल लीव पिटीशन को टाइम-बार खत्म होने के कारण खारिज करते हुए कही।अपने फ़ैसले में कोर्ट ने ओडिशा राज्य की चार महीने की काफ़ी देरी से टाइम-बार खत्म हो चुकी अपील दायर करने में सुस्त रवैये के लिए खिंचाई की। साथ ही राज्य की माफ़ी की अर्ज़ी खारिज की, जो ऊपर के अधिकारियों से मंज़ूरी लेने में प्रोसेस में देरी के कमज़ोर और आम बहाने पर आधारित थी।जस्टिस दीपांकर दत्ता...

मजिस्ट्रेट शुरुआती चार्जशीट पर कॉग्निजेंस लेने के बाद भी बाद की क्लोजर रिपोर्ट पर विचार करने के लिए मजबूर: इलाहाबाद हाईकोर्ट
मजिस्ट्रेट शुरुआती चार्जशीट पर कॉग्निजेंस लेने के बाद भी बाद की 'क्लोजर रिपोर्ट' पर विचार करने के लिए मजबूर: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि मजिस्ट्रेट पुलिस द्वारा फाइल की गई फाइनल रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) पर विचार करने और ऑर्डर पास करने के लिए कानूनी रूप से मजबूर है, उन मामलों में भी जहां उसने पहले की चार्जशीट के आधार पर अपराध का कॉग्निजेंस लिया।जस्टिस अनिल कुमार-X की बेंच ने कहा कि अगर मजिस्ट्रेट फाइनल रिपोर्ट पर विचार किए बिना मामले में आगे बढ़ता है तो ऐसी कोई कार्रवाई न करना "प्रोसिजरल गैर-कानूनी" माना जाएगा।कोर्ट ने आगे फैसला सुनाया कि वास्तव में मजिस्ट्रेट को प्राइमरी रिपोर्ट (शुरुआती...

दिल्ली हाईकोर्ट विमेन लॉयर्स फोरम ने अबॉर्शन अधिकारों पर पिताओं के वीटो पर आयोजित की डिबेट
दिल्ली हाईकोर्ट विमेन लॉयर्स फोरम ने "अबॉर्शन अधिकारों पर पिताओं के वीटो" पर आयोजित की डिबेट

दिल्ली हाईकोर्ट विमेन लॉयर्स फोरम ने 13 फरवरी को "यह सदन पिताओं को अबॉर्शन के अधिकारों पर वीटो देगा" प्रस्ताव पर एक पब्लिक बहस की।यह इवेंट दिल्ली हाईकोर्ट की ओल्ड बिल्डिंग में बार रूम नंबर 18 में हुआ।इसमें जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह, जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा और जस्टिस नीना बंसल कृष्णा शामिल हुए।दूसरे मेहमानों में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा, सीनियर एडवोकेट एन. हरिहरन (दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट) शामिल थे।गणमान्य लोगों ने दिल्ली हाईकोर्ट बार में पार्लियामेंट्री-स्टाइल की...

सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक को कस्टडी में दी गई पेनड्राइव पेश करने का निर्देश दिया, यूनियन के भाषणों की ट्रांसक्रिप्ट की सटीकता पर शक
सुप्रीम कोर्ट ने सोनम वांगचुक को कस्टडी में दी गई पेनड्राइव पेश करने का निर्देश दिया, यूनियन के भाषणों की ट्रांसक्रिप्ट की सटीकता पर शक

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (16 फरवरी) को जोधपुर जेल सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिया कि वह लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को यूनियन अधिकारियों द्वारा दी गई पेनड्राइव को सीलबंद लिफाफे में पेश करे, जब वह 29 सितंबर, 2025 को कस्टडी में थे।यह तब हुआ जब वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि अंगमो, जिन्होंने नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत उनकी हिरासत को चुनौती दी, उनकी ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि उनके भाषणों के चार वीडियो, जिनका हवाला हिरासत में लेने वाले अधिकारी ने हिरासत के आदेश में...

शरीयत आवेदन अधिनियम के तहत नियम क्यों नहीं बने? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और यूपी सरकार से मांगा जवाब
शरीयत आवेदन अधिनियम के तहत नियम क्यों नहीं बने? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और यूपी सरकार से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) आवेदन अधिनियम, 1937 की धारा 4 के तहत आवश्यक नियम अब तक क्यों नहीं बनाए गए।जस्टीस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करते हुए यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या उत्तर प्रदेश में उक्त अधिनियम की धारा 4 को प्रभावी रूप से लागू किया गया है।धारा 3 और 4 का महत्वअदालत ने कहा कि नियमों के अभाव में कोई मुस्लिम व्यक्ति धारा 3 के तहत आवश्यक घोषणा...

शादी से पहले किसी पर भरोसा न करें: शारीरिक संबंधों पर सुप्रीम कोर्ट ने दी सावधानी बरतने की सलाह
शादी से पहले किसी पर भरोसा न करें: शारीरिक संबंधों पर सुप्रीम कोर्ट ने दी सावधानी बरतने की सलाह

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि विवाह से पहले लड़का-लड़की एक-दूसरे के लिए मूलतः अजनबी होते हैं, इसलिए शादी से पहले शारीरिक संबंध बनाने के मामलों में अत्यंत सावधानी बरतनी चाहिए। अदालत एक ऐसे व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिस पर झूठे विवाह के वादे पर दुष्कर्म का आरोप है।जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी।अदालत की टिप्पणीसुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा:“शायद हम पुराने विचारों के हैं, लेकिन...

आदिवासी गांव में पादरियों व धर्मांतरितों के प्रवेश पर रोक वाले होर्डिंग्स के खिलाफ याचिका, सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज
आदिवासी गांव में पादरियों व धर्मांतरितों के प्रवेश पर रोक वाले होर्डिंग्स के खिलाफ याचिका, सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने आज छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी, जिसमें ग्राम सभा द्वारा गांव के प्रवेश द्वारों पर लगाए गए ऐसे होर्डिंग/सूचना बोर्ड को सही ठहराया गया था, जिनमें ईसाई पादरियों और धर्मांतरण कर चुके ईसाइयों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्वेस (याचिकाकर्ता की ओर से) और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया।ग्राम सभा का तर्कबताया गया कि ग्राम सभा ने यह...

देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बदनाम नहीं होने दे सकते: अमृत विल्सन की OCI रद्दीकरण याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट की टिप्पणी
देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बदनाम नहीं होने दे सकते: अमृत विल्सन की OCI रद्दीकरण याचिका पर दिल्ली हाइकोर्ट की टिप्पणी

दिल्ली हइकोर्ट ने यूनाइटेड किंगडम स्थित लेखिका और पत्रकार अमृत विल्सन की OCI कार्ड रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार से अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।सुनवाई के दौरान जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा,“हम इतने सहिष्णु राज्य नहीं हो सकते कि अपने ही देश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आलोचना या बदनाम होने की अनुमति दे दें।”अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि अमृत विल्सन के संबंध में इंटेलिजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट्स मौजूद हैं, जिनमें उनके कथित भारत-विरोधी...

एक ही FIR में दो अग्रिम जमानत याचिकाएं दायर करने पर हाईकोर्ट ने वकील को लगाई फटकार, 50 हजार रुपये जुर्माना
एक ही FIR में दो अग्रिम जमानत याचिकाएं दायर करने पर हाईकोर्ट ने वकील को लगाई फटकार, 50 हजार रुपये जुर्माना

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने चावल व्यापार से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में वकील की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि एक ही FIR में अलग-अलग वकीलों के माध्यम से दो अग्रिम जमानत याचिकाएं दायर करना और दोनों में समान कार्यवाही लंबित न होने का हलफनामा देना फोरम शॉपिंग है और न्यायिक पवित्रता के विरुद्ध है।जस्टिस सुमीत गोयल ने कहा कि याचिकाकर्ता ने एक ही FIR के आधार पर दो अलग-अलग याचिकाओं के माध्यम से विवेकाधीन राहत मांगी। दोनों याचिकाओं के साथ यह शपथपत्र संलग्न था कि...

छोटे अपराध में दर्ज FIR रद्द होने के बाद नौकरी से इनकार नहीं किया जा सकता: गुजरात हाइकोर्ट
छोटे अपराध में दर्ज FIR रद्द होने के बाद नौकरी से इनकार नहीं किया जा सकता: गुजरात हाइकोर्ट

गुजरात हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि किसी अभ्यर्थी के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला जिसे बाद में रद्द कर दिया गया हो, केवल उसी आधार पर उसे पुलिस बल में नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आपराधिक मामला लंबित होना या पूर्व में दर्ज होना अपने आप में अयोग्यता का आधार नहीं बन सकता।जस्टिस निरजार एस. देसाई भारतभाई खुमसिंहभाई सांगोद द्वारा दायर विशेष सिविल आवेदन पर सुनवाई कर रहे थे।याचिकाकर्ता ने 12.10.2023 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत चयनित होने के...

BREAKING| असम CM के खिलाफ हेट स्पीच मामले में FIR की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा: हाईकोर्ट जाएं
BREAKING| असम CM के खिलाफ हेट स्पीच मामले में FIR की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा: हाईकोर्ट जाएं

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उन याचिकाकर्ताओं से हाईकोर्ट जाने के लिए कहा, जिन्होंने संविधान के आर्टिकल 32 के तहत असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ हेट स्पीच से जुड़े अपराधों के लिए कार्रवाई की मांग की थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने आर्टिकल 32 का इस्तेमाल करने में हिचकिचाहट दिखाई। साथ ही कहा कि याचिकाकर्ता को पहले अधिकार क्षेत्र वाले हाईकोर्ट में जाना चाहिए।चीफ जस्टिस ने पक्षकारों के हाईकोर्ट को बायपास करके सीधे सुप्रीम...

कुछ खामियों को दूर करना होगा: RTI एक्ट में DPDP संशोधन को चुनौती देने वाली याचिकाएँ सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी पीठ को भेजीं
'कुछ खामियों को दूर करना होगा': RTI एक्ट में DPDP संशोधन को चुनौती देने वाली याचिकाएँ सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी पीठ को भेजीं

सुप्रीम कोर्ट ने आज डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम, 2023 (DPDP Act) और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन नियम, 2025 के उन प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया, जिनके माध्यम से सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम में संशोधन किया गया है। अदालत ने माना कि मामला गंभीर और विचारणीय है तथा इसे बड़ी पीठ के समक्ष भेज दिया।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया।किन याचिकाओं पर सुनवाईखंडपीठ तीन रिट याचिकाओं...

सबरीमाला संदर्भित मुद्दों पर 7 अप्रैल से सुनवाई करेगी सुप्रीम कोर्ट की 9-जजों की खंडपीठ
सबरीमाला संदर्भित मुद्दों पर 7 अप्रैल से सुनवाई करेगी सुप्रीम कोर्ट की 9-जजों की खंडपीठ

सुप्रीम कोर्ट की 9-न्यायाधीशों की संविधान पीठ सबरीमाला मामले की समीक्षा याचिकाओं से जुड़े संदर्भित मुद्दों पर 7 अप्रैल 2026 से सुनवाई शुरू करेगी, जो 22 अप्रैल 2026 तक जारी रहने की संभावना है। खंडपीठ की संरचना मुख्य न्यायाधीश द्वारा अलग से प्रशासनिक आदेश के माध्यम से अधिसूचित की जाएगी।चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की तीन-न्यायाधीशों की खंडपीठ ने आज यह आदेश पारित किया कि मामले को 9-न्यायाधीशों की बड़ी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।सुनवाई का कार्यक्रम7 से 9...

SC/ST Act | विरोध याचिका पर विचार करते समय स्पेशल कोर्ट को पुलिस की रेफर रिपोर्ट जांचकर कारणयुक्त आदेश देना अनिवार्य: केरल हाइकोर्ट
SC/ST Act | विरोध याचिका पर विचार करते समय स्पेशल कोर्ट को पुलिस की रेफर रिपोर्ट जांचकर कारणयुक्त आदेश देना अनिवार्य: केरल हाइकोर्ट

केरल हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के तहत दायर विरोध याचिका (प्रोटेस्ट शिकायत) पर विचार करते समय स्पेशल कोर्ट को जांच अधिकारी द्वारा दाखिल की गई रेफर रिपोर्ट का परीक्षण करना होगा और उसे स्वीकार या अस्वीकार करने के संबंध में कारणयुक्त आदेश पारित करना अनिवार्य है।जस्टिस ए. बदरुद्दीन एक अपील पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें स्पेशल कोर्ट द्वारा SC/ST Act की धारा 3(1)(r) और 3(1)(s) के तहत संज्ञान लेने के आदेश को चुनौती दी गई।मामले में...

कोडीन तय सीमा से अधिक होने पर NDPS Act लागू, मिलावटी कफ सिरप मामले में दो आरोपियों को जमानत से इनकार: इलाहाबाद हाइकोर्ट
कोडीन तय सीमा से अधिक होने पर NDPS Act लागू, मिलावटी कफ सिरप मामले में दो आरोपियों को जमानत से इनकार: इलाहाबाद हाइकोर्ट

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने कोडीन आधारित कफ सिरप की अवैध खेप बरामद होने के मामले में दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज की। अदालत ने कहा कि अधिसूचना में दी गई छूट का लाभ तभी मिलेगा जब उसकी शर्तों का कड़ाई से पालन किया जाए।जस्टिस आशुतोष श्रीवास्तव की पीठ ने कहा,“अदालत की राय में छूट संबंधी प्रावधानों का सख्ती और शाब्दिक रूप से पालन किया जाना आवश्यक है तथा जिन शर्तों के अधीन छूट दी गई, उनका कठोरता से अनुपालन होना चाहिए, किसी भी शर्त का उल्लंघन दावेदार को छूट के लाभ से वंचित कर देगा। वर्तमान मामले में अवैध...

BNSS की धारा 346(2) | पहले से हिरासत में बंद आरोपी को 15 दिन से अधिक रिमांड अवैध नहीं, हर मामले में हैबियस कॉर्पस नहीं चलेगा: गुजरात हाइकोर्ट
BNSS की धारा 346(2) | पहले से हिरासत में बंद आरोपी को 15 दिन से अधिक रिमांड अवैध नहीं, हर मामले में हैबियस कॉर्पस नहीं चलेगा: गुजरात हाइकोर्ट

गुजरात हाइकोर्ट ने कहा कि यदि कोई आरोपी पहले से न्यायिक हिरासत में है तो उसे 15 दिन से अधिक अवधि के लिए रिमांड पर रखना अवैध नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि हैबियस कॉर्पस याचिका हर ऐसे मामले में स्वीकार्य नहीं होगी, जब तक यह न दिखाया जाए कि रिमांड आदेश पूरी तरह अवैध, अधिकार क्षेत्र से बाहर या यांत्रिक ढंग से पारित किया गया।जस्टिस एन.एस. संजय गौड़ा और जस्टिस डी.एम. व्यास की खंडपीठ दो जुड़ी हुई हैबियस कॉर्पस याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिन्हें विनोदभाई तिलकधारी तिवारी ने अपने पुत्रों की रिहाई के...

BREAKING| सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की बेंच करेगी 17 मार्च को इंडस्ट्री की परिभाषा पर रेफरेंस पर सुनवाई
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की बेंच करेगी 17 मार्च को 'इंडस्ट्री' की परिभाषा पर रेफरेंस पर सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट 17 मार्च को इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट, 1947 की धारा 2(j) के तहत 'इंडस्ट्री' की परिभाषा पर 9 जजों की बेंच के रेफरेंस पर सुनवाई करेगा।यह रेफरेंस 1978 में बैंगलोर वाटर सप्लाई बनाम ए राजप्पा केस में दिए गए 7 जजों की बेंच के फैसले के खिलाफ है, जिसमें 'इंडस्ट्री' की एक बड़ी परिभाषा तय की गई, जिसमें सरकारी काम, पब्लिक यूटिलिटी, हॉस्पिटल, एजुकेशनल और रिसर्च इंस्टीट्यूशन, प्रोफेशन और क्लब शामिल थे।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच...