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भारतीय संविधान का अनुच्छेद 17: उद्धरण चिह्नों में 'अस्पृश्यता'
भारत का संविधान अपनी विशिष्टता के साथ बनाया गया, जहां संस्थापक सदस्य सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों को लिखने का विकल्प चुनते हैं। दुनिया भर के विभिन्न संविधानों ने भारतीय संविधान के निर्माण को प्रेरित किया होगा, हालांकि, शब्दों का चयन, शैली और प्रारूपण में विशिष्टता भारत के लिए अद्वितीय रही है। इसका एक उदाहरण अस्पृश्यता से संबंधित प्रावधान को शामिल करना है। संविधान के अनुच्छेद 17 में कहा गया:"अस्पृश्यता" का उन्मूलन किया जाता है और किसी भी रूप में इसका पालन निषिद्ध है। "अस्पृश्यता" से...
अधिनियम के विपरीत नियम: भारतीय EZZ नियम, 2025 में मत्स्य पालन के सतत दोहन के मसौदे में दंड संबंधी प्रावधानों का विश्लेषण
परिचयक्या कोई प्रत्यायोजित विधान किसी अपराध का सृजन कर सकता है या दंड निर्धारित कर सकता है? साथ ही, क्या वह दंड के निर्णय की प्रक्रियाएं इस प्रकार निर्धारित कर सकता है जो मूल कानून में प्रदत्त अपराधों, उनकी जांच और मुकदमे की योजना के विपरीत हो? ये ऐसे प्रश्न हैं जो भारतीय अनन्य आर्थिक क्षेत्र (आईजेडजेड) नियम, 2025 (जिसे आगे 'मसौदा नियम 2025' कहा जाएगा) के मसौदे को पढ़ते ही मन में आते हैं, जिसे हाल ही में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सार्वजनिक परामर्श के लिए प्रकाशित...
सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्पष्ट संदेश- भारत बुल्डोजर के शासन से नहीं, कानून के शासन से चलता है: मॉरीशस में चीफ जस्टिस बीआर गवई
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई ने शुक्रवार को मॉरीशस यूनिवर्सिटी में सर मौरिस रॉल्ट स्मारक व्याख्यान दिया, जहां उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि लोकतंत्र का सार यह सुनिश्चित करने में निहित है कि कानून मनमानी शक्ति का साधन बनने के बजाय न्याय प्रदान करे।"सबसे बड़े लोकतंत्र में कानून का शासन" विषय पर बोलते हुए चीफ जस्टिस गवई ने कहा:"केवल वैधानिकता ही निष्पक्षता या न्याय प्रदान नहीं करती। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि किसी चीज़ को वैध बना देने का मतलब यह नहीं है कि वह न्यायसंगत है। इतिहास इस...
संभल के रयान बुज़ुर्ग गांव की मस्जिद प्रबंधन ने राज्य सरकार के विध्वंस नोटिस के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया
संभल की रयान बुज़ुर्ग मस्जिद के प्रबंधन ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए विध्वंस नोटिस को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।जस्टिस दिनेश पाठक की स्पेशल बेंच ने मामले की सुनवाई की। अदालत 29 सितंबर से अवकाश पर है।मस्जिद प्रबंधन ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67 के तहत कार्यवाही में सक्षम प्राधिकारी द्वारा पारित 2 सितंबर के आदेश को चुनौती दी।प्रशासन ने हाल ही में मस्जिद को यह दावा करते हुए नोटिस दिया कि यह गाँव में खाद के गड्ढे/तालाब की ज़मीन पर बनी है।...
AI Tools यूज़ करके सेलिब्रिटी वॉइस का अनधिकृत उपयोग अधिकारों का उल्लंघन: बॉम्बे हाईकोर्ट ने आशा भोसले को राहत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि बिना सहमति के किसी भी आवाज़ को सेलिब्रिटी की आवाज़ में बदलने की अनुमति देने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स उपलब्ध कराना व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन है।जस्टिस आरिफ एस. डॉक्टर प्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोसले द्वारा दायर मुकदमे की सुनवाई कर रहे थे। आशा भोसले ने उन कंपनियों के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था, जिन पर AI-आधारित एप्लिकेशन विकसित करने और पेश करने का आरोप है, जिन्होंने गाने और अन्य सामग्री बनाने के लिए उनकी आवाज़ का क्लोन बनाया। इन एप्लिकेशन ने...
Drishti IAS ने UPSC परिणाम विज्ञापन में किया भ्रामक दावा, लगा 5 लाख रुपये का जुर्माना
सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने Drishti IAS (VDK Eduventures Pvt. Ltd.) पर UPSC सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन (CSE) 2022 के परिणामों के बारे में भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित करने के लिए 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।Drishti IAS ने अपने विज्ञापन में प्रमुख रूप से दावा किया था कि “UPSC CSE 2022 में 216+ चयन” हुए, साथ ही सफल उम्मीदवारों के नाम और फोटो भी दिए। लेकिन CCPA ने पाया कि यह दावा भ्रामक था क्योंकि इसमें इन उम्मीदवारों द्वारा लिए गए कोर्स के प्रकार और अवधि जैसी महत्वपूर्ण जानकारी...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल अंबानी की SBI द्वारा उनके लोन खाते को "धोखाधड़ी" घोषित करने के खिलाफ याचिका खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को राज्य बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के उस आदेश को खारिज करने से इनकार कर दिया, जिसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस के लोन खाते और इसके अध्यक्ष अनिल अंबानी को "धोखाधड़ी (Fraud)" के रूप में वर्गीकृत किया गया था।जस्टिस रेवती मोहित-डेरे और डॉ. नीला गोखले की डिवीजन बेंच ने यह आदेश सुनाया। ध्यान देने योग्य है कि अंबानी और उनकी कंपनी के खाते को "धोखाधड़ी" के रूप में 13 जून 2025 को आरबीआई के मास्टर डायरेक्शन्स ऑन फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट और SBI की आंतरिक नीति के तहत वर्गीकृत किया गया था। ...
जिला उपभोक्ता आयोग ने डॉक्टरों की लापरवाही के लिए हॉस्पिटल को 50 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया
चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-II, जिसमें अमरिंदर सिंह सिद्धू (अध्यक्ष) और बृज मोहन शर्मा (सदस्य) की बेंच ने हीलिंग हॉस्पिटल और पैरामेडिकल साइंसेज संस्थान और तीन डॉक्टरों को गंभीर और अस्थिर स्थिति में मरीज को रेफर करने के लिए चिकित्सकीय लापरवाही का दोषी पाया। आयोग ने शिकायतकर्ता को 50 लाख रुपये का मुआवजा भी दिया।पूरा मामला: शिकायतकर्ता, 45 वर्षीय महिला निवासी मोहाली, पंजाब, को 25 नवंबर 2020 को हीलिंग हॉस्पिटल में गैस्ट्रो संबंधित समस्या (सिरदर्द, उल्टी, पेट दर्द और पीठ दर्द) के कारण...
BJP सांसद द्वारा IAS से मदद मांगने पर दर्ज FIR कर्नाटक हाईकोर्ट ने खारिज की
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में भाजपा सांसद डॉ. के. सुधाकर के खिलाफ एक आपराधिक मामले को खारिज कर दिया। यह मामला उनके द्वारा एक IAS अधिकारी को मदद के लिए मैसेज करने के आरोप में दर्ज किया गया था, जबकि चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव 2024 से एक दिन पहले सह-आरोपी के घर से ₹4.8 करोड़ नकद जब्त किया था।जस्टिस एम. आई. अरुण ने IPC की धारा 171B (रिश्वत), 171C (चुनाव में अनुचित प्रभाव) और 511 (जीवन कारावास या अन्य सजा के योग्य अपराध करने का प्रयास) तथा प्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 123 (भ्रष्ट प्रथाएँ) के तहत...
दिल्ली जिला आयोग ने सैमसंग इंडिया और उसके सर्विस सेंटर को खराब मोबाइल न बदलने पर दोषी ठहराया
दिल्ली (उत्तर) जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की पीठ, जिसमें अध्यक्ष दिव्या ज्योति जयपुरियार, सदस्य अश्वनी मेहता और सदस्य हरप्रीत कौर शामिल थीं, ने सैमसंग इंडिया और उसके अधिकृत सेवा केंद्र को उस मोबाइल फोन को बदलने में असफल रहने के लिए दोषी ठहराया जिसमें निर्माण दोष पाया गया था।पूरा मामला: 22.03.2024 को शिकायतकर्ता ने क्रोमा, नई दिल्ली से सैमसंग A35 मोबाइल (मॉडल नंबर SM–A356E/DS) ₹30,999 में खरीदा। शिकायत के अनुसार, खरीद के तीसरे दिन ही मोबाइल की LCD डिस्प्ले पर एक लाइन दिखने लगी। 10वें दिन...
गुजरात हाईकोर्ट ने 400 साल पुरानी मस्जिद के आंशिक विध्वंस पर रोक से किया इनकार, सड़क चौड़ीकरण परियोजना को दी हरी झंडी
गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार (3 अक्टूबर) को अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) की उस योजना पर रोक लगाने से इनकार किया, जिसमें सरसपुर स्थित लगभग 400 साल पुरानी मंचा मस्जिद के एक हिस्से को तोड़कर सड़क चौड़ीकरण किया जाना है।चीफ जस्टिस ए.एस. सुपेहिया और जस्टिस एल.एस. पीरजादा की खंडपीठ ने मुतवल्ली की अपील खारिज करते हुए कहा कि मस्जिद की मुख्य संरचना को तोड़ा नहीं जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के लिए मंदिर, मकान और व्यावसायिक संपत्तियां भी शामिल की गई हैं।मामलामुतवल्ली ने हाईकोर्ट में दलील दी थी कि मस्जिद...
भीमा कोरेगांव मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने हनी बाबू की ज़मानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर हनी बाबू की ज़मानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया।बाबू पर एल्गार परिषद भीमा कोरेगांव मामले में कथित भूमिका के लिए मामला दर्ज किया गया।जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस रंजीत सिंह भोंसले की खंडपीठ ने बाबू द्वारा दायर ज़मानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया।जस्टिस गडकरी ने मामले को फैसले के लिए बंद करते हुए कहा,"हमें आदेश सुनाने में कुछ समय लग सकता है।"गौरतलब है कि स्पेशल कोर्ट के आदेश के खिलाफ बाबू की प्रारंभिक अपील हाईकोर्ट ने खारिज...
NDPS Act : चार्जशीट के साथ FSL रिपोर्ट न होने से जमानत का अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण अवलोकन में कहा है कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस अधिनियम (NDPA Act) के तहत दर्ज मामलों में विशेष रूप से जब व्यावसायिक मात्रा में मादक पदार्थ बरामद हुआ हो और NDPA Act की धारा 37 के तहत जमानत पर रोक लागू होती हो तो केवल चार्जशीट के साथ फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) रिपोर्ट संलग्न न होने के कारण आरोपी को जमानत का अधिकार नहीं मिल जाता।जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए आरोपी की दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी। यह आरोपी नवंबर 2024...
पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा प्रोमोशन के लिए पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री के बराबर नहीं: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा को पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री के समान नहीं माना जा सकता और ऐसे में मेडिकल एजुकेशन सर्विस रूल्स के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर प्रोमोशन का दावा डिप्लोमा धारक नहीं कर सकते।जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर और जस्टिस सुशील कु्करेजा की खंडपीठ ने कहा कि 1999 के हिमाचल प्रदेश मेडिकल एजुकेशन सर्विस रूल्स में कहीं भी पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा का उल्लेख नहीं है। नियमों में पोस्ट-ग्रेजुएशन शब्द का आशय केवल पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री से ही लिया जाएगा।मामले में...
चीफ जस्टिस बीआर गवई मॉरीशस के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और चीफ जस्टिस से की मुलाकात
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई मॉरीशस की चीफ जस्टिस रेहाना बीबी मुंगली-गुलबुल के निमंत्रण पर तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मॉरीशस पहुंचे।चीफ जस्टिस गवई अपने परिवार के साथ मॉरीशस स्थित महात्मा गांधी संस्थान (MGI) में गांधी जयंती समारोह में शामिल हुए और महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। MGI, भारत और मॉरीशस की एक संयुक्त पहल है, जो भारतीय संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने के लिए काम करती है।अपनी यात्रा के दौरान, चीफ जस्टिस गवई ने राष्ट्रपति धर्मबीर गोखूल से मुलाकात की और...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1982 के हत्याकांड में दोषसिद्धि का फैसला वापस लेने की 30 से अधिक वर्षों से फरार आरोपी की याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में 1982 के हत्याकांड के संबंध में आरोपी (हाईकोर्ट के समक्ष अपीलकर्ता) की दोषसिद्धि की पुष्टि करने वाले इस वर्ष मार्च में पारित अपने फैसले को वापस लेने की मांग वाली याचिका खारिज की।जस्टिस विवेक कुमार बिड़ला और जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि की खंडपीठ ने कहा कि CrPC की धारा 362 के तहत इस आवेदन पर रोक है, जो आपराधिक अदालतों को लिपिकीय या अंकगणितीय त्रुटियों को ठीक करने के अलावा हस्ताक्षरित निर्णयों की समीक्षा या परिवर्तन करने से रोकती है।अदालत ने आरोपी-अपीलकर्ता के आचरण पर भी...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 40 साल पुराने हत्या केस में आरोपी को बरी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1984 के चर्चित हत्या मामले में लगभग चार दशक बाद बचे हुए एकमात्र आरोपी सुरेश को बरी किया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा और घटनाक्रम में गंभीर विरोधाभास पाए गए।मामला मथुरा का है, जहां 17 सितम्बर 1984 को चरन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। FIR में आरोप लगाया गया कि ज़मीन विवाद के चलते छह लोग जिनमें मृतक के भाई और भतीजे भी शामिल थे, हथियारों के साथ पहुंचे और गोलीबारी की। 1986 में सेशन कोर्ट ने सभी आरोपियों को उम्रकैद की सज़ा...
लिव-इन पार्टनर से भरण-पोषण का हक़ नहीं, जब उसी पर लगाया हो रेप का आरोप: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख हाईकोर्ट
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने अहम फैसले में स्पष्ट किया कि कोई महिला अपने लिव-इन पार्टनर से भरण-पोषण की मांग नहीं कर सकती यदि उसने उसी पर रेप का आरोप लगाया हो और उसे दोषी ठहराया गया हो।जस्टिस विनोद चटर्जी कौल की पीठ ने प्रिंसिपल सेशन जज कठुआ का आदेश बरकरार रखा, जिसमें मजिस्ट्रेट द्वारा महिला को दी गई अंतरिम भरण-पोषण राशि को रद्द कर दिया गया था।महिला का कहना था कि वह 10 वर्षों तक प्रतिवादी के साथ रही एक बच्चा भी हुआ और विवाह का आश्वासन दिया गया लेकिन शादी नहीं हुई। उसने दलील दी कि लंबे समय...
विवाह का अपरिवर्तनीय विघटन: पति-पत्नी का अधिकार या अदालत का विशेषाधिकार?
"एक विवाह जो सभी उद्देश्यों के लिए समाप्त हो चुका है, उसे न्यायिक निर्णय द्वारा पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता।" - नवीन कोहली बनाम नीलू कोहली (2006) 4 SCC 558, 62सुप्रीम कोर्ट का यह अवलोकन भारतीय पारिवारिक कानून में सबसे अधिक बहस वाले मुद्दों में से एक को आकार दे रहा है: क्या विवाह का अपरिवर्तनीय विघटन (आईबीएम) को हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत तलाक के लिए एक वैधानिक आधार के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए, या क्या यह केवल संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत न्यायालय की असाधारण शक्ति के माध्यम से...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ के एक पार्क में अवैध अतिक्रमण और अस्थायी मंदिरों की जांच के आदेश दिए
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने हाल ही में लखनऊ के सार्वजनिक पार्क में अनधिकृत अतिक्रमण पर कड़ी आपत्ति जताई और अधिकारियों को इस बात की जांच करने का निर्देश दिया कि उस ज़मीन पर अस्थायी मंदिर और अन्य गैर-सार्वजनिक ढांचे कैसे बनने दिए गए।जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस बृज राज सिंह की खंडपीठ ने पार्क में अवैध अतिक्रमण हटाने और असामाजिक गतिविधियों को रोकने की मांग वाली रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।याचिकाकर्ता कॉलोनी निवासी बेबी पाल ने दलील दी कि कभी हरियाली, झूलों और मनोरंजन...



















