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व्यभिचार के आधार पर तलाक की मांग करते समय जीवनसाथी के कथित प्रेमी को पक्षकार बनाना अनिवार्य: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि व्यभिचार के आधार पर तलाक की मांग करते समय जीवनसाथी के कथित प्रेमी को पक्षकार बनाना न केवल आवश्यक है, बल्कि अनिवार्य भी है।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की खंडपीठ ने कहा,"ऐसी (तलाक) याचिकाओं को नियंत्रित करने वाले प्रक्रियात्मक ढांचे के अनुसार, कथित वैवाहिक अपराध (व्यभिचार) का पूरा विवरण प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है, जिसमें कथित रूप से शामिल व्यक्ति की पहचान भी शामिल है। न्यायालयों ने न्यायनिर्णयन में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ऐसे व्यक्ति को...
भर्ती प्रक्रिया में पात्रता के लिए किसी संगठन के लिए काम करना, उसमें काम करने के समान नहीं माना जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी संगठन के लिए काम करना, किसी संगठन में काम करने के समान नहीं माना जा सकता और भर्ती नियमों की व्याख्या करते समय 'रोज़गार' और 'पैनल में शामिल' को अलग-अलग माना जाना चाहिए।जस्टिस मनोज जैन ने भारतीय मानक ब्यूरो में सहायक निदेशक (विधि) की याचिका पर विचार करते हुए कहा,"निस्संदेह, विज्ञापन में दिए गए मुख्य शब्द केंद्र/राज्य उपक्रम में संबंधित क्षेत्र में 'तीन वर्ष' का अनुभव हैं। मैं उपरोक्त मानदंडों में प्रयुक्त शब्द "में" पर ज़ोर देना चाहूंगा। कोई व्यक्ति न्यायालय के समक्ष...
'अमेरिकी गांजा' 'भारतीय गांजे' से ज़्यादा महंगा होने से NDPS Act के तहत दोषसिद्धि नहीं बढ़ती: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि "सिर्फ़ इसलिए कि अमेरिकी गांजा भारतीय गांजे से ज़्यादा महंगा है, अमेरिकी गांजा में दोषसिद्धि नहीं बढ़ती।"जस्टिस गिरीश कठपालिया ने NDPS Act के आरोपी की ज़मानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की।याचिकाकर्ता को 871 ग्राम गांजा रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जो कि एक छोटी मात्रा था।उसकी ज़मानत का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता के पास से अमेरिकी गांजा बरामद किया गया, जो भारतीय गांजे से कहीं ज़्यादा महंगा है।इस तर्क को खारिज करते हुए...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भारत-पाक युद्ध में घायल हुए सैनिक को दिव्यांगता लाभ देने से इनकार करने पर केंद्र सरकार की निंदा की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में विस्फोट के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए सैनिक को दिव्यांगता लाभ देने से इनकार करने पर केंद्र सरकार की आलोचना की।न्यायालय ने सशस्त्र बल न्यायाधिकरण (AFT) के उस आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार की याचिका खारिज की, जिसके तहत मृतक सैनिक की पत्नी को पेंशन लाभ प्रदान किया गया।शाम सिंह को पाकिस्तान की ओर से आए एक बम के उनके पास फटने से चोटें आईं और हमले के कारण उनकी आँखों की रोशनी चली गई। उन्हें लगी यह चोट न तो सैन्य सेवा के कारण थी और न ही...
राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाने वाले व्यक्ति को मिली सुरक्षा, हाईकोर्ट ने कहा- बहुत प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ पीठ) ने गुरुवार को भारत सरकार को निर्देश दिया कि वह उस व्यक्ति को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल से निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) तत्काल उपलब्ध कराए, जिसने सांसद प्रियंका वाड्रा और सांसद एवं विपक्ष के नेता राहुल गांधी के विरुद्ध कई मामलों में लगातार धमकियां मिलने का दावा किया था, जिसमें उनकी नागरिकता पर सवाल उठाना भी शामिल है।जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस बृज राज सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश एस विग्नेश शिशिर की सुनवाई के दौरान पारित किया, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कर्नाटक...
'वसीयत की प्रति के साथ प्रोबेट प्रदान करना वैध निष्पादन का निर्णायक प्रमाण': झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने माना कि एक बार वसीयत की प्रति के साथ प्रोबेट प्रदान कर दिए जाने पर यह निष्पादक की नियुक्ति और वसीयत के वैध निष्पादन को निर्णायक रूप से सिद्ध कर देता है। न्यायालय ने दोहराया कि प्रोबेट कार्यवाही में निर्धारण का एकमात्र मुद्दा वसीयत की वास्तविकता और उचित निष्पादन है, न कि संपत्ति के स्वामित्व या अस्तित्व से संबंधित प्रश्न।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 की धारा 276 सहपठित धारा 300 के तहत बीरेन पोद्दार द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें...
पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस एम. रवींद्र भट सिंगापुर के आर्बिट्रेशन चैंबर्स में पहले भारतीय सदस्य बने
सिंगापुर के मध्यस्थता चैंबर्स ने दो नए सदस्यों सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एम. रवींद्र भट और एलन एंड ग्लेडहिल के पार्टनर तथा सीआईएसी के पूर्व सीईओ एवं रजिस्ट्रार मिन निंग ऊ की नियुक्ति के साथ अपने पैनल का विस्तार किया।जस्टिस भट मध्यस्थता चैंबर्स के पहले भारतीय सदस्य बने हैं। 2009 में दिल्ली इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर की स्थापना में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। अपने न्यायिक करियर के दौरान, उन्होंने कई ऐतिहासिक संविधान पीठों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिन्होंने महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रश्नों...
बिना सबूत के शादी के उपहारों को स्वतः 'अस्पष्टीकृत आय' नहीं माना जा सकता: ITAT
आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) की अहमदाबाद पीठ ने कहा कि बिना सबूत के शादी के उपहारों को स्वतः 'अस्पष्टीकृत आय' नहीं माना जा सकता।डॉ. बीआरआर कुमार (उपाध्यक्ष) और सिद्धार्थ नौटियाल (न्यायिक सदस्य) ने कहा कि शादी के उपहारों का शादी की तारीख से पहले प्राप्त होना ही इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा सकता कि वे असली नहीं हैं, जबकि कर निर्धारण कार्यवाही के दौरान उपहार प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की पूरी सूची विधिवत प्रस्तुत की गई और करदाता द्वारा प्रस्तुत की गई व्यक्तियों की सूची में कोई विशेष दोष नहीं...
Dharmasthala Burial Case | बेंगलुरु कोर्ट ने मंदिर प्रशासन के खिलाफ मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक लगाते हुए नया आदेश जारी किया
बेंगलुरु सिविल कोर्ट ने धर्मस्थल दफन मामलों से संबंधित मंदिर प्रशासन या परिवार के खिलाफ अपमानजनक सामग्री प्रकाशित करने से कुछ मीडिया घरानों पर रोक लगाते हुए एक नया अंतरिम आदेश जारी किया।शहर की सिविल कोर्ट ने कहा,"सीपीसी की धारा 151 के साथ आदेश XXXIX नियम 1 और 2 के तहत वादी द्वारा दायर I.A. संख्या II आंशिक रूप से स्वीकार की जाती है। प्रतिवादी (प्रतिवादी नंबर 22, 27, 28, 34, 37, 57, 60, 61, 90, 91, 92, 100, 101, 109, 153, 157, 210, 214, 217, 218, 241, 264, 275, 278, 280, 286, 287, 295, 299, 301,...
निर्वाचन अधिकारियों को अपनी ड्यूटी में लापरवाही करने पर सजा
Representation of the People Act, 1950 की धारा 32 निर्वाचन अधिकारियों द्वारा आधिकारिक कर्तव्य के उल्लंघन को दंडनीय बनाती है, जो मतदाता सूची की शुद्धता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। धारा 32 का मुख्य उद्देश्य निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (Electoral Registration Officers - ERO) और सहायक अधिकारियों को उनके कर्तव्यों का पालन करने के लिए बाध्य करना है। यदि कोई अधिकारी बिना उचित कारण के मतदाता सूची की तैयारी, संशोधन या सुधार में लापरवाही बरतता है, तो वह दो साल तक की सज़ा...
मतदाता सूची में झूठी जानकारी देकर नाम शामिल करवाने का क्राइम
संविधान के अनुच्छेद 324 से 329 तक निर्वाचन संबंधी प्रावधान हैं, लेकिन व्यावहारिक रूप से निर्वाचन की तैयारी और मतदाता सूचियों के निर्माण के लिए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 एक महत्वपूर्ण कानून है। यह अधिनियम मतदाता सूचियों की तैयारी, संशोधन और सुधार से संबंधित है। इस अधिनियम की धारा 31 विशेष रूप से मतदाता सूची से जुड़ी झूठी घोषणाओं को दंडनीय अपराध बनाती है। धारा 31 का उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना है, क्योंकि मतदाता सूची ही निर्वाचन का आधार है। यदि कोई व्यक्ति मतदाता सूची की...
'क्या सरकारी रियायतों पर बने अस्पताल EWS/BPL मरीजों को मुफ्त उपचार प्रदान करते हैं?' निगरानी की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट सरकारी जमीन पर या सरकारी रियायतों के साथ बने निजी अस्पतालों में EWS/BPL मरीजों के लिए मुफ्त इलाज की कमी से जुड़ी जनहित याचिका पर विचार करने के लिए सहमत हो गया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस एनवी अंजारिया और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इस मामले में भारत संघ, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया।यह याचिका मैग्सेसे पुरस्कार विजेता और राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध सोशल एक्टिविस्ट संदीप पांडे द्वारा दायर की गई।यह याचिका ऐसे प्राइवेट अस्पतालों द्वारा...
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में शहरी गरीबों के लिए दो आश्रय गृहों पर NALSA से रिपोर्ट मांगी
दिल्ली के आनंद विहार और सराय काले खां में बेघर लोगों के लिए अस्थायी आश्रय गृहों के स्थानांतरण से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने NALSA को प्रस्तावित नए आश्रय गृहों में राज्य द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की क्षमता और गुणवत्ता पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस एनवी अंजारिया और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच देश भर में शहरी बेघरों के लिए आश्रय गृह स्थापित करने के मुद्दे पर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।केंद्र सरकार के वकीलों ने दलील दी...
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से बंगाली प्रवासी कामगारों को केवल भाषा के कारण विदेशी बताकर हिरासत में लिए जाने के आरोपों की पुष्टि करने को कहा
पश्चिम बंगाल के प्रवासी मुस्लिम कामगारों को बांग्लादेशी नागरिक होने के संदेह में हिरासत में लिए जाने का विरोध करने वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा कि क्या बंगाली भाषी प्रवासियों को केवल विशेष भाषा के प्रयोग के कारण विदेशी बताकर हिरासत में लिया गया था।जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने मामले की सुनवाई की और याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर अंतरिम आवेदन पर नोटिस जारी किया, जिसमें प्रतिवादी-प्राधिकारियों को किसी भी व्यक्ति...
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 26 से 27: अभयारण्य की घोषणा और विनियमन के लिए एक मार्गदर्शिका
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 (Wildlife Protection Act, 1972) भारत की विविध वनस्पतियों और जीवों के संरक्षण के लिए कानूनी आधार (legal basis) है। इस अधिनियम के भीतर, वन्यजीव अभयारण्यों के निर्माण और प्रबंधन के लिए एक विस्तृत कानूनी ढाँचा (legal framework) स्थापित किया गया है।जबकि अधिनियम के पिछले खंड प्रारंभिक सर्वेक्षण (initial survey) और भूमि अधिग्रहण (land acquisition) प्रक्रियाओं पर केंद्रित हैं, धारा 26 से 27 तक के खंड अधिकारों के प्रत्यायोजन (delegation), अभयारण्य की औपचारिक घोषणा और इन...
जल अधिनियम, 1974 की धारा 25 : नए आउटलेट और नए डिस्चार्ज पर रोक
जल अधिनियम, 1974 का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यही है कि किसी भी जल स्रोत – जैसे नदी (Stream), कुआँ (Well), नाला (Sewer) या भूमि (Land) – को प्रदूषित होने से बचाया जा सके। धारा 25 इसी दिशा में एक बहुत अहम प्रावधान है। यह धारा उद्योगों, कारखानों, संस्थानों और अन्य गतिविधियों पर नियंत्रण लगाती है ताकि बिना अनुमति के कोई भी नया प्रदूषित जल निकासी (Discharge of Sewage or Trade Effluent) शुरू न हो सके।सरल शब्दों में कहा जाए तो इस धारा के तहत यह नियम है कि यदि कोई नया उद्योग लगाना चाहता है, नया आउटलेट...
राजस्थान हाईकोर्ट के सेशन जज पर की गई टिप्पणियां स्थगित, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाई, जिसमें स्पेशल जज (POCSO Court) के खिलाफ कठोर टिप्पणियां और प्रतिकूल अभिलेख दर्ज करने के निर्देश दिए गए।जस्टिस जे.के. महेश्वरी और जस्टिस विजय विश्नोई की खंडपीठ ने यह आदेश सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे की दलीलों को सुनने के बाद दिया। मामला विशेष अनुमति याचिका (SLP) के रूप में सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था।मामले की पृष्ठभूमिनाबालिग बालिका ने बलात्कार का आरोप लगाया, जिसमें कहा गया कि घटना में उसके पिता ने भी सहयोग किया। बाद में यह तय हुआ कि...
सरकारी कर्मचारी का तबादला केवल विधायक की सिफारिश पर किए जाने से अवैध नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी सरकारी कर्मचारी का स्थानांतरण केवल विधान सभा सदस्य (विधायक) के कहने या उसकी सिफ़ारिश पर किए जाने से अमान्य नहीं होगा। जस्टिस एसजी पंडित और जस्टिस केवी अरविंद की खंडपीठ ने तहसीलदार एस वेंकटेशप्पा द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए यह बात कही।उन्होंने कर्नाटक प्रशासनिक न्यायाधिकरण के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें प्रतिवादी संख्या 4 के स्थानांतरण और उनकी जगह 31.12.2024 की अधिसूचना के तहत नियुक्ति के आदेश को रद्द करने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया था।यह...
S. 91 CrPC | अभियुक्त को अपने खिलाफ अपराध सिद्ध करने वाले साक्ष्य पेश करने के लिए समन नहीं किया जा सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने माना कि किसी अभियुक्त को CrPC की धारा 91 के तहत अपने विरुद्ध कोई भी आपत्तिजनक सामग्री प्रस्तुत करने के लिए समन नहीं किया जा सकता, जिसका इस्तेमाल मुकदमे में उसके विरुद्ध किया जा सकता है। जस्टिस पार्थ सारथी सेन ने कहा,"इस न्यायालय को ऐसा प्रतीत होता है कि बार से उद्धृत कई कथित निर्णयों से यह पता चलता है कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 91 को अधिनियमित करते समय विधायी मंशा कभी यह नहीं थी कि न्यायालय किसी अभियुक्त को कोई भी आपत्तिजनक सामग्री प्रस्तुत करने के लिए समन कर सके जिसका...
बिहार पुलिस भर्ती: 17 साल बाद उच्च योग्यता के बावजूद पद से वंचित 252 उम्मीदवारों को हाईकोर्ट से राहत
पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 2004 के एक विज्ञापन के तहत बिहार पुलिस में 252 उम्मीदवारों को उप-निरीक्षक के रूप में नियुक्त करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा कि पहले से नियुक्त 133 उम्मीदवारों से अधिक अंक प्राप्त करने के बावजूद उन्हें नियुक्ति देने से इनकार करना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल ने यह फैसला उन असफल उम्मीदवारों द्वारा दायर तीन रिट याचिकाओं को स्वीकार करते हुए सुनाया, जिन्होंने शारीरिक और लिखित दोनों परीक्षाएं...




















