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फिल्म '120 बहादुर' की रिलीज़ को हाईकोर्ट की मंजूरी, निर्माता बोले- सभी सैनिकों के नाम क्रेडिट्स में शामिल
दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को फरहान अख्तर की आगामी फिल्म “120 बहादुर”, जो 1962 के रेज़ांग ला युद्ध पर आधारित है, की देशभर में थिएटर रिलीज़ की अनुमति दे दी।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस शैल जैन की खंडपीठ ने फिल्म निर्माता के उस बयान पर ध्यान दिया कि युद्ध में शामिल सभी 120 शहीद सैनिकों के नाम फिल्म के अंत में श्रेय (credits) के रूप में शामिल किए गए हैं। यह फिल्म मेजर शैतान सिंह भाटी के शौर्य पर आधारित है, जिन्हें 1962 के रेज़ांग ला युद्ध में वीरता के लिए परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया था।...
खेल मंत्रालय किसी भी इंटरनेशनल फेडरेशन द्वारा चुनी गई किसी भी संस्था को NSF मान्यता देने के लिए रबर स्टैंप की तरह काम नहीं कर सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि केंद्रीय खेल मंत्रालय किसी भी इंटरनेशनल फेडरेशन द्वारा चुनी गई किसी भी संस्था या बॉडी को नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (NSF) की मान्यता देने के लिए सिर्फ़ "रबर स्टैंप" की तरह काम नहीं कर सकता।जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा,"साफ़ है कि किसी NSF की मान्यता किसी भी इंटरनेशनल फेडरेशन के आदेश/मर्जी/निर्देश पर नहीं हो सकती। MYAS से यह उम्मीद नहीं की जाती कि वह सिर्फ़ रबर स्टैंप की तरह काम करे और इंटरनेशनल फेडरेशन द्वारा चुनी गई किसी भी बॉडी/संस्था को मान्यता दे (भले ही उस बॉडी से...
डिजीपब ने केंद्र की कंटेंट ब्लॉकिंग शक्तियों को चुनौती देने वाली X कॉर्प की याचिका खारिज होने के खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट में अपील की
डिजीपब न्यूज़ इंडिया फाउंडेशन और पत्रकार अभिनंदन सेखरी ने कर्नाटक हाईकोर्ट में अपील की, जिसमें एक सिंगल जज के उस आदेश को चुनौती दी गई। इसमें US-बेस्ड माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X कॉर्प (पहले ट्विटर) द्वारा केंद्र की कंटेंट ब्लॉकिंग शक्ति को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी गई थी।डिजीपब डिजिटल मीडिया न्यूज़ का प्रतिनिधि समूह है और उसका कहना है कि उसके सदस्य X जैसे इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म पर न केवल अपनी पत्रकारिता सामग्री साझा करने और वितरित करने के लिए बल्कि डिजिटल युग में अपनी राय व्यक्त करने...
दिल्ली हाईकोर्ट ने हिट एंड रन केस में व्यक्ति के प्रत्यर्पण के लिए कनाडा सरकार की रिक्वेस्ट पर मजिस्ट्रियल जांच को सही ठहराया
दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय नागरिक द्वारा दायर याचिका खारिज की, जिसमें उसने केंद्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी थी। इसमें कनाडा सरकार की उस रिक्वेस्ट पर मजिस्ट्रियल जांच शुरू करने का आदेश दिया गया था, जिसमें एक कथित हिट-एंड-रन मामले में पैदल चलने वाले व्यक्ति की मौत हो गई थी और उसके प्रत्यर्पण की मांग की गई थी।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा कि पवन मलिक ने प्रत्यर्पण अधिनियम की धारा 5 के तहत विदेश मंत्रालय द्वारा दर्ज की गई संतुष्टि में कोई कमी नहीं दिखाई।कोर्ट ने कहा कि जो बात मायने रखती है, वह मलिक...
वाहनों से होने वाला प्रदूषण सिर्फ़ उनकी उम्र पर निर्भर नहीं: चीफ जस्टिस बीआर गवई
Delhi-NCR वायु प्रदूषण मामले की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि कारों/वाहनों से होने वाला प्रदूषण सिर्फ़ उनकी उम्र पर निर्भर नहीं करता। इसमें उनके द्वारा तय की गई दूरी को भी शामिल किया जाना चाहिए।चीफ जस्टिस ने कहा कि कुछ वाहन एक साल में 30,000 किलोमीटर से ज़्यादा चल सकते हैं, लेकिन कुछ अन्य, जैसे जजों के आधिकारिक वाहन, पांच साल में 15,000 किलोमीटर भी नहीं चल पाते।सीजेआई बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ एमसी मेहता मामले में Delhi-NCR में...
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट | मोटर दुर्घटना मामलों में मृतक की आय का निर्धारण सही, जब वेतन प्रमाणपत्र साबित हो और क्रॉस एग्जामिनेशन में चुनौती न दी जाए
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मोटर दुर्घटना दावों में मृतक की मासिक आय का आकलन तब विधिसम्मत माना जाएगा, जब उसका वेतन प्रमाणपत्र रिकॉर्ड पर साबित हो जाए और जिरह के दौरान उस पर कोई चुनौती न दी गई हो।जस्टिस जिया लाल भारद्वाज ने कहा कि दावा अधिकरण ने मृतक की मासिक आय 25,000 रुपये आंकी थी और यह निर्धारण सही है, क्योंकि वेतन प्रमाणपत्र न केवल सिद्ध हुआ, बल्कि उस पर प्रतिपक्ष ने कोई आपत्ति भी नहीं उठाई।इसके साथ ही अदालत ने यह भी दोहराया कि सिविल प्रक्रिया संहिता (CPC) के आदेश 41 नियम 33 के...
मकान बनाने के लिए दुकान बनाना जरूरी नहीं, दिल्ली नगर निगम पर 10 लाख जुर्माना: सुप्रीम कोर्ट:
सुप्रीम कोर्ट ने दक्षिणी दिल्ली की नगर निकाय (अब नगर निगम दिल्ली) को निर्देश दिया है कि वह 85 वर्ष पुराने जर्जर मकान के पुनर्निर्माण की अनुमति न देने और 15 से अधिक वर्षों तक परिवार को परेशान करने के लिए 10 लाख रुपये का मुआवज़ा दे।मामला दरियागंज स्थित एक 85 साल पुराने जर्जर मकान से जुड़ा है, जिसे गिराकर नया आवासीय मकान बनाने के लिए मालिकों ने 2010 में दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (SDMC) को नक्शा स्वीकृति हेतु आवेदन दिया था। निगम ने कोई निर्णय नहीं लिया। इसके बाद मालिकों ने दिल्ली नगर निगम अधिनियम,...
SEBI के दोहरे मापदंड पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार; इंडियाबुल्स जांच में ढिलाई पर CBI के 'ठंडे रवैये' पर भी सवाल
सिटीज़न्स व्हिसलब्लोअर फ़ोरम की इंडियाबुल्स हाउसिंग फ़ाइनेंस लिमिटेड (अब सम्मान कैपिटल) के विरुद्ध SIT जांच की मांग वाली याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आज SEBI की जांच को लेकर अनिच्छा पर कड़ी नाराज़गी जताई।जस्टिस सूर्यकांत ने तीखे शब्दों में कहा— “जब संपत्तियाँ कब्ज़े में लेकर बेचने की बात आती है तो आप कहते हैं कि पूरे देश में एकमात्र हमारे पास अधिकार है। लेकिन जब जांच की बात आती है? क्या आपके अधिकारियों के कुछ निहित स्वार्थ हैं? जब कोर्ट आपको अधिकार दे रहा है तो दिक्कत क्या है? हर...
भीमा कोरेगांव मामले में ज्योति जगताप को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम ज़मानत
सुप्रीम कोर्ट ने भीमा कोरेगांव-एल्गार परिषद मामले में एक्टिविस्ट और सांस्कृतिक संगठन कला कबीर मंच की सदस्य ज्योति जगताप को अगली सुनवाई, जो फरवरी 2026 में है, तक अंतरिम ज़मानत दी।जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया। जगताप की ओर से सीनियर एडवोकेट अपर्णा भट्ट ने खंडपीठ को बताया कि वह पाँच साल से ज़्यादा समय से हिरासत में हैं।खंडपीठ अगली सुनवाई तक अंतरिम ज़मानत देने पर सहमत हो गई।गौरतलब है कि इसी खंडपीठ ने हाल ही में सह-आरोपी महेश राउत को भी मेडिकल आधार...
नोरी जामा मस्जिद को अब और ध्वस्त नहीं किया जाएगा: हाईकोर्ट ने दर्ज किया यूपी सरकार का आश्वासन
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फतेहपुर-नोरी जामा मस्जिद प्रबंध समिति की याचिका को इस आधार पर निस्तारित कर दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट रूप से आश्वासन दिया कि धार्मिक संरचना पर अब किसी तरह की आगे की तोड़फोड़ आवश्यक नहीं है।जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने कहा कि जब राज्य सरकार ने साफ शब्दों में यह स्थिति स्पष्ट कर दी तो याचिकाकर्ता के अधिकार विधिक प्रक्रिया के माध्यम से पर्याप्त रूप से संरक्षित रहेंगे। अदालत ने समिति को उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 24 के तहत...
COVID लॉकडाउन में मास्क न पहनने पर वकील के खिलाफ दर्ज FIR रद्द: हाईकोर्ट ने दिया यह निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने अप्रैल, 2020 के COVID-19 लॉकडाउन के दौरान अपने घर के बाहर बिना मास्क खड़े होने पर एक वकील के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की।जस्टिस संजीव नरूला ने वकील की ओर से दिए गए इस बयान को स्वीकार किया कि वह बिना किसी दोष-स्वीकारोक्ति के नागरिक दायित्व के रूप में दिल्ली पुलिस वेलफेयर फंड में 10,000 रुपए जमा करने को तैयार हैं। अदालत ने निर्देश दिया कि राशि चार सप्ताह के भीतर जमा की जाए और इसकी रसीद एक सप्ताह के भीतर जांच अधिकारी को सौंपी जाए।वकील भूपेंद्र लाकड़ा ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा...
बिहार एक्साइज नियम | केवल शराब की मात्रा के आधार पर जब्त वाहन की रिहाई रोका जाना जनहित नहीं: हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने बिहार निषेध एवं मद्यनिषेध नियमावली, 2021 के नियम 12A(3) की अहम व्याख्या करते हुए कहा कि 'जनहित' का अर्थ कठोर, स्थिर या यांत्रिक ढंग से नहीं समझा जा सकता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जब्त वाहन की रिहाई से इनकार करने का आधार केवल शराब की मात्रा नहीं हो सकता, बल्कि संबंधित प्राधिकारी को पूरे वैधानिक ढाँचे के अनुरूप कई महत्वपूर्ण तथ्यों का समुचित मूल्यांकन करना आवश्यक है।जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और जस्टिस सौरेंद्र पांडेय की खंडपीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आयुक्त...
Transfer of Property Act | एग्रीमेंट टू सेल से संपत्ति में कोई हक़ नहीं बनता: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया सिद्धांत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि ट्रांसफर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट (Transfer of Property Act) की धारा 54 के अनुसार एग्रीमेंट टू सेल (बिक्री का समझौता) संपत्ति में कोई हक़, स्वामित्व या हित पैदा नहीं करता। अदालत ने कहा कि ऐसा समझौता केवल उस अधिकार को जन्म देता है, जिसके आधार पर भविष्य में विधिवत पंजीकृत सेल डीड हासिल की जा सकती है, लेकिन इससे संपत्ति पर कोई कानूनी स्वामित्व नहीं मिलता।जस्टिस मनोज कुमार निगम ने सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों स्टेट ऑफ यूपी बनाम डिस्ट्रिक्ट जज तथा रंभाई...
BREAKING| जिला जज के पदों पर न्यायिक अधिकारियों के लिए कोई कोटा नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए दिशानिर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जिला जजों के पदों पर पदोन्नत जजों के लिए किसी स्पेशल कोटा/वेटेज की संभावना को खारिज कर दिया। साथ ही कहा कि उच्च न्यायिक सेवा में सीधी भर्ती के असमान प्रतिनिधित्व का कोई राष्ट्रव्यापी पैटर्न नहीं है।कोर्ट ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों के बीच "नाराजगी" की भावना उच्च न्यायिक सेवा (HJS) संवर्ग के भीतर किसी भी कृत्रिम वर्गीकरण को उचित नहीं ठहरा सकती। विभिन्न स्रोतों (नियमित पदोन्नति, सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा और सीधी भर्ती) से एक सामान्य संवर्ग में प्रवेश और वार्षिक...
विदेशी आरोपियों द्वारा फर्जी ज़मानती देने की बढ़ती घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित, जमानत सत्यापन की राष्ट्रीय प्रणाली बनाने की मांग
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में नारकोटिक्स मामलों में विदेशी आरोपियों द्वारा फर्जी ज़मानतदार प्रस्तुत कर ज़मानत लेकर फरार होने की चिंताजनक प्रवृत्ति पर कड़ी टिप्पणी की।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की खंडपीठ एक ऐसे मामले से रूबरू हुई, जिसमें NDPS Act के तहत पकड़े गए नाइजीरियाई आरोपी को ज़मानत ऐसी ज़मानतदारी पर मिली जो बाद में पूरी तरह फर्जी पाई गई।अदालत ने सवाल उठाया कि क्या ट्रायल कोर्टों के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा तैयार किया गया ज़मानती सत्यापन मॉड्यूल प्रभावी...
केरल हाईकोर्ट के मुनम्बम भूमि वक़्फ़ नहीं वाले निष्कर्ष को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, वक़्फ़ संगठन ने दाख़िल की विशेष अनुमति याचिका
केरल हाईकोर्ट के उस निष्कर्ष को चुनौती देते हुए कि मुनम्बम की 404.76 एकड़ भूमि वक़्फ़ नहीं है, केरल वक़्फ़ संरक्षण वेधि ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाख़िल की है। यह याचिका 10 अक्टूबर को हाईकोर्ट की डिवीज़न बेंच द्वारा दिए गए उस फैसले के विरुद्ध है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा भूमि की प्रकृति और सीमा की जांच के लिए एक सदस्यीय आयोग की नियुक्ति को वैध ठहराया गया।पृष्ठभूमिमुनम्बम विवाद एर्नाकुलम ज़िले की 404.76 एकड़ भूमि से जुड़ा है, जिसे 1950 में मोहम्मद सिद्दीक सैत द्वारा फ़ारूक़...
मंडोली जेल में वसूली और मारपीट पर हाईकोर्ट की गंभीर टिप्पणी, कैदी की शिकायत CBI को भेजी
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंडोली जेल में अंडरट्रायल कैदी द्वारा लगाए गए वसूली और हिरासत में मारपीट के आरोपों को अत्यंत गंभीर बताते हुए मामले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को भेजने का निर्देश दिया।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा कि आरोप प्रथम दृष्टया रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से समर्थित हैं, जिन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।अदालत ने निर्देश दिया कि कैदी फरमान की याचिका को उस CBI जांच में शिकायत के रूप में शामिल किया जाए, जो इसी तरह के आरोपों को लेकर अदालत की निगरानी में पहले से चल रही है। कोर्ट ने कहा...
पॉक्सो मामले में बेंगलुरु कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा को तलब किया
बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट ने मंगलवार (18 नवंबर) को कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और अन्य आरोपियों को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के तहत दर्ज एक मामले में समन जारी किया।अदालत ने अपने आदेश में कहा,"जैसा कि पहले ही कहा जा चुका है, माननीय कर्नाटक हाईकोर्ट ने संज्ञान लेने और आरोपी नंबर 1 से 4 को समन जारी करने के आदेश की पुष्टि की है। इसके अलावा, POCSO Act की धारा 35 के अनुसार, संज्ञान लेने के 30 दिनों के भीतर बच्चे का साक्ष्य दर्ज किया जाना चाहिए। इसलिए अदालत...
Delhi Air Pollution | सुप्रीम कोर्ट ने CAQM से NCR में स्कूली खेल गतिविधियों को स्थगित करने के निर्देश पर विचार करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (19 नवंबर) को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) से अनुरोध किया कि वह दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) के स्कूलों को नवंबर-दिसंबर में होने वाले खेल और खेल प्रतियोगिताओं को वायु गुणवत्ता में सुधार के बाद सुरक्षित महीनों में स्थगित करने के निर्देश जारी करने पर विचार करे।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने यह निर्देश तब दिया, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर तक गिर जाने के समय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर...
कागज़ी बाघ बना दी गई है न्यायपालिका: बेगूसराय में ADJ का आरोप, डीएम–एसपी को बचाने के लिए केस छीने जाने पर की टिप्पणी
बिहार के बेगूसराय ज़िले में अधीनस्थ न्यायपालिका और ज़िला प्रशासन के बीच अभूतपूर्व टकराव सामने आया। एडीशनल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशन जज -III, ब्रजेश कुमार सिंह ने 17 नवंबर 2025 को पारित एक बेहद कड़े आदेश में स्पष्ट शब्दों में दर्ज किया कि प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशन जज द्वारा निष्पादन वाद को अंतिम चरण में उनसे वापस लेकर अपने पास मंगाना केवल ज़िला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को अवमानना कार्यवाही से बचाने के उद्देश्य से किया गया कदम है।जज सिंह ने लिखा कि इस तरह की कार्रवाई न सिर्फ़ न्यायिक स्वतंत्रता...




















