मध्य प्रदेश कैबिनेट ने धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जबलपुर के फेज-II निर्माण के लिए ₹197.13 करोड़ की मंज़ूरी दी

Praveen Mishra

23 Dec 2025 6:09 PM IST

  • मध्य प्रदेश कैबिनेट ने धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जबलपुर के फेज-II निर्माण के लिए ₹197.13 करोड़ की मंज़ूरी दी

    मध्य प्रदेश सरकार की मंत्रिपरिषद ने सोमवार, 22 दिसंबर, 2025 को धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जबलपुर के स्थायी परिसर में फेज–II निर्माण कार्य के लिए ₹197 करोड़ 13 लाख की राशि को स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृत राशि से विश्वविद्यालय परिसर में प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक भवन, स्टाफ आवास, कैंपस की बाउंड्री वॉल तथा अन्य आवश्यक सहायक अवसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) का निर्माण किया जाएगा।

    वर्तमान में धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में बी.ए. एल.एल.बी. (ऑनर्स), एल.एल.एम. एवं पीएच.डी. कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय अपने वैधानिक ढांचे के अंतर्गत माननीय जस्टिस श्री जे. के. माहेश्वरी, सुप्रीम कोर्ट, के विजिटर मार्गदर्शन में कार्य कर रहे है। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय माननीय जस्टिस श्री संजीव सचदेवा, चीफ़ जस्टिस, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय एवं कुलाधिपति, तथा माननीय जस्टिस श्री विवेक अग्रवाल, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय एवं सदस्य, जनरल काउंसिल, के पदेन पर्यवेक्षण में संचालित हो रहे हैं।

    इस महत्वपूर्ण निर्णय के अवसर पर, विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार सिन्हा एवं रजिस्ट्रार डॉ. प्रवीण त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन स्थायी परिसर के विकास हेतु निरंतर सहयोग प्रदान करने के लिए डॉ. मोहन यादव, माननीय मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश, के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने श्री इंदर सिंह परमार, माननीय उच्च शिक्षा मंत्री, मंत्रिपरिषद के सदस्यों, विभिन्न शासकीय विभागों, तथा विश्वविद्यालय की जनरल काउंसिल, कार्यकारी परिषद, शैक्षणिक परिषद, वित्त समिति एवं अन्य शासी निकायों के सदस्यों को उनके मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

    विश्वविद्यालय परिसर का फेज–I निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है, जिसमें छात्र एवं छात्राओं के लिए पृथक हॉस्टल, कुल 824 कमरों की आवासीय क्षमता, तथा विशाल मेस सुविधाएँ सम्मिलित हैं। विश्वविद्यालय वैधानिक एवं प्रशासनिक औपचारिकताओं के अधीन, शीघ्र ही अपने शैक्षणिक एवं आवासीय कार्यों को नए परिसर में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखता है।

    अपने सार्वजनिक दायित्व और शैक्षणिक मिशन की पुनः पुष्टि करते हुए, धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी संवैधानिक मूल्यों, न्याय तक समान पहुंच और सामाजिक न्याय पर आधारित समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण विधिक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, तथा समाज और राष्ट्र की सेवा हेतु सक्षम भविष्य के वकीलों एवं नेतृत्वकर्ताओं के निर्माण के लिए सतत प्रयासरत है।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

    Next Story