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कर्मचारियों से परामर्श न लेने मात्र से बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली अवैध नहीं: सुप्रीम कोर्ट
कर्मचारियों से परामर्श न लेने मात्र से बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली अवैध नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा ओडिशा के महालेखाकार (लेखांकन एवं व्यय) कार्यालय में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (Biometric Attendance System - BAS) लागू करने के फैसले को सही ठहराया है। कोर्ट ने कर्मचारियों की इस दलील को खारिज कर दिया कि इस प्रणाली को लागू करने से पहले उनसे परामर्श नहीं किया गया था।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की खंडपीठ ने ओडिशा हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली की शुरुआत को अवैध ठहराया गया था। कोर्ट ने...

तमिलनाडु में प्रमोटेड और डायरेक्ट भर्ती जजों की सीनियरिटी 3:1 अनुपात से तय करने के नियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
तमिलनाडु में प्रमोटेड और डायरेक्ट भर्ती जजों की सीनियरिटी 3:1 अनुपात से तय करने के नियम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

तमिलनाडु की एक जिला न्यायाधीश ने राज्य की उच्च न्यायिक सेवा में वरिष्ठता संरचना को पिछली तारीख से बदलने वाले सरकारी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, यह कहते हुए कि यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।उस समय के चीफ़ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस के. विनोद चंद्रन भी शामिल थे, ने इस याचिका पर नोटिस जारी कर राज्य सरकार से जवाब मांगा। यह याचिका एस. समीना, जो वर्तमान में प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज, इरोड के पद पर कार्यरत हैं, ने...

सुप्रीम कोर्ट ने सोशल और ई-स्पोर्ट्स के नाम पर चल रहे ऑनलाइन जुए पर प्रतिबंध की याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने सोशल और ई-स्पोर्ट्स के नाम पर चल रहे ऑनलाइन जुए पर प्रतिबंध की याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन जुए और सट्टेबाज़ी प्लेटफॉर्म्स पर देशव्यापी प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली एक एनजीओ द्वारा दायर याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया है कि ये प्लेटफॉर्म्स “सोशल” और “ई-स्पोर्ट्स गेम्स” के नाम पर गैरकानूनी रूप से जुआ और सट्टा संचालन कर रहे हैं।कोर्ट ने आदेश में कहा,“याचिकाकर्ता के अनुसार, वर्तमान में लगभग दो हजार ऐप्स ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी से संबंधित हैं। याचिकाकर्ता चाहता है कि सरकार युवाओं के हित में तुरंत कार्रवाई करे। नोटिस जारी...

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी बार काउंसिल में दिव्यांग वकीलों के लिए पद आरक्षित करने से किया इनकार, BCI को दिया यह निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने यूपी बार काउंसिल में दिव्यांग वकीलों के लिए पद आरक्षित करने से किया इनकार, BCI को दिया यह निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को बार निकायों में दिव्यांग वकीलों के लिए पद आरक्षित करने का निर्देश देने से इनकार किया।जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने वकील की जनहित याचिका पर यह आदेश पारित किया, जिसमें अन्य बातों के अलावा, BCI और यूपी बार काउंसिल को बार काउंसिल और बार एसोसिएशन में दिव्यांग व्यक्तियों, जो वकालत कर रहे हैं, उनके लिए कुछ पद आरक्षित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।अदालत ने यह देखते हुए ऐसा...

कस्टम मामले में लुलु मॉल्स को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने आयातित ट्रैम्पोलिन पर 93 लाख रुपये ड्यूटी की मांग वाली अपील की खारिज
कस्टम मामले में लुलु मॉल्स को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने आयातित ट्रैम्पोलिन पर 93 लाख रुपये ड्यूटी की मांग वाली अपील की खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में (31 अक्टूबर) कस्टम द्वारा दायर अपील खारिज की, जिसमें लुलु इंटरनेशनल शॉपिंग मॉल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयातित मनोरंजन उपकरणों, जिनमें ट्रैम्पोलिन भी शामिल हैं, उसके वर्गीकरण और मूल्यांकन को चुनौती दी गई थी।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की खंडपीठ ने कहा कि जिम्नास्टिक उपकरणों की श्रेणी में ट्रैम्पोलिन और अन्य उपकरणों के वर्गीकरण में कोई त्रुटि नहीं है।खंडपीठ ने कहा,"हमें ट्रैम्पोलिन और अन्य वस्तुओं के वर्गीकरण में कोई त्रुटि नहीं दिखती, जैसा कि...

उपहार अग्निकांड: दिल्ली हाईकोर्ट जज ने साक्ष्यों से छेड़छाड़ मामले की सुनवाई से खुद को अलग किया
उपहार अग्निकांड: दिल्ली हाईकोर्ट जज ने साक्ष्यों से छेड़छाड़ मामले की सुनवाई से खुद को अलग किया

दिल्ली हाईकोर्ट जज जस्टिस अमित महाजन ने वर्ष 1997 में हुई उपहार अग्निकांड से जुड़े साक्ष्यों से छेड़छाड़ मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।शिकायतकर्ता द्वारा यह आशंका व्यक्त किए जाने के बाद कि चूंकि जस्टिस महाजन ने किसी समय मेसर्स अंसल हाउसिंग एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड का वकील के रूप में प्रतिनिधित्व किया था, इसलिए उन्हें निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिल पाएगी।शिकायतकर्ता ने अनुरोध किया कि मामले को किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए, याचिकाकर्ताओं की ओर से उपस्थित वकील ने इस आशंका पर गंभीर...

केवल एक पक्षकार के अनुपस्थित रहने पर तलाक नहीं दिया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
केवल एक पक्षकार के अनुपस्थित रहने पर तलाक नहीं दिया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि केवल एक पक्ष के अनुपस्थित रहने या लिखित बयान दाखिल न करने पर तलाक का आदेश पारित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने आगे कहा कि एकपक्षीय कार्यवाही में भी ट्रायल कोर्ट को विवाह विच्छेद करने से पहले याचिकाकर्ता के साक्ष्य का स्वतंत्र रूप से आकलन करना चाहिए और गुण-दोष के आधार पर निष्कर्ष दर्ज करने चाहिए।जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस संदेश डी. पाटिल की खंडपीठ फैमिली कोर्ट द्वारा 5 नवंबर 2024 को पारित तलाक के फैसले और डिक्री को चुनौती देने वाली फैमिली कोर्ट की अपील पर सुनवाई कर...

विवाह से परे | भारत के विकसित होते सामाजिक परिदृश्य में सुरक्षा, भरण-पोषण और समानता की राह
विवाह से परे | भारत के विकसित होते सामाजिक परिदृश्य में सुरक्षा, भरण-पोषण और समानता की राह

पांच साल पहले जब अंजलि और राजेश पुणे में साथ रहने लगे, तो उन्होंने इसे अपने रिश्ते का स्वाभाविक विकास माना। उन्होंने खर्चे और ज़िम्मेदारियां बांटी, यहां तक कि एक घर भी किराए पर लिया। हालांकि, जब रिश्ता अचानक टूट गया, तो अंजलि को किराया चुकाने और अकेले अपना जीवन चलाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। उलझन और चिंता में, वह सोच रही थी कि क्या उसके पास कोई कानूनी रास्ता है। उसकी जैसी कहानियां शहरी भारत में तेज़ी से आम हो रही हैं, जहां सामाजिक मानदंड कानूनी मान्यता से ज़्यादा तेज़ी से बदल रहे हैं। जहां समाज...

राजस्थान धर्मांतरण विरोधी कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, जारी किया नोटिस
राजस्थान धर्मांतरण विरोधी कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, जारी किया नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2025 के प्रावधानों को असंवैधानिक बताते हुए चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया।जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने राजस्थान सरकार से जवाब तलब करते हुए यह आदेश पारित किया। याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट अभय महादेव थिप्से पेश हुए।गौरतलब है कि इसी तरह की जनहित याचिका (दशरथ कुमार हिनुनिया बनाम राजस्थान राज्य) न्यायालय के समक्ष सूचीबद्ध थी, जिस पर सीनियर एडवोकेट हुज़ेफ़ा अहमदी ने बहस की। इस...

पानी की बोतल के लिए 100 रुपये, कॉफ़ी के लिए 700 रुपये: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अगर मल्टीप्लेक्स रेट तय नहीं हुए तो सिनेमा हॉल खाली हो जाएंगे
'पानी की बोतल के लिए 100 रुपये, कॉफ़ी के लिए 700 रुपये': सुप्रीम कोर्ट ने कहा, अगर मल्टीप्लेक्स रेट तय नहीं हुए तो सिनेमा हॉल खाली हो जाएंगे

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मौखिक रूप से मल्टीप्लेक्स में सिनेमा टिकटों के साथ-साथ खाने-पीने की चीज़ों के लिए वसूली जा रही अत्यधिक दरों पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि दरें उचित रूप से तय होनी चाहिए ताकि लोग सिनेमा हॉल देखने आएं। कोर्ट ने चेतावनी दी, "वरना सिनेमा हॉल खाली हो जाएंगे।"जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया और अन्य द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कर्नाटक हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा मल्टीप्लेक्स टिकटों की कीमत 100 रुपये तक...

डिजिटल अरेस्ट घोटालों के ज़रिए 3000 करोड़ रुपये की वसूली चौंकाने वाली: सुप्रीम कोर्ट जारी करेगा सख्त निर्देश
'डिजिटल अरेस्ट घोटालों के ज़रिए 3000 करोड़ रुपये की वसूली चौंकाने वाली': सुप्रीम कोर्ट जारी करेगा सख्त निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस बात पर हैरानी जताई कि पूरे भारत में पीड़ितों ने डिजिटल अरेस्ट घोटाले में सामूहिक रूप से लगभग ₹3000 करोड़ का नुकसान उठाया।ऑनलाइन घोटालों और प्रतिरूपण रैकेट में वृद्धि को रोकने के लिए स्वतः संज्ञान से शुरू किए गए एक मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने स्थिति को "चौंकाने वाला" बताया और तत्काल और कड़े न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल दिया।जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत सीलबंद लिफाफे पर गौर करने के बाद जस्टिस कांत ने...

आप जानते हैं कि नेपाल में प्रतिबंध लगाने की कोशिश के बाद क्या हुआ?: नाबालिगों की पोर्नोग्राफी तक पहुंच रोकने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट
'आप जानते हैं कि नेपाल में प्रतिबंध लगाने की कोशिश के बाद क्या हुआ?': नाबालिगों की पोर्नोग्राफी तक पहुंच रोकने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट 18 साल से कम उम्र के लोगों के लिए पोर्नोग्राफी तक पहुंच और पोर्न देखने पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर विचार करने वाला है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा कि यह मामला सरकार के नीतिगत अधिकार क्षेत्र में आता है।याचिकाकर्ता के वकील वरुण ठाकुर ने ज़ोर देकर कहा कि युवाओं के लिए डिजिटल पहुंच की शुरुआत, खासकर COVID-19 महामारी के बाद 14-18 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को बस एक क्लिक में पोर्नोग्राफी के संपर्क में ला दिया।उन्होंने...

ममता बनर्जी ने किया था छुप कर विवाह: दावा करने वाली किताब के वकील ने किए थे अंश पोस्ट, हाईकोर्ट ने मानहानि मामला रद्द करने से किया इनकार
'ममता बनर्जी ने किया था छुप कर विवाह': दावा करने वाली किताब के वकील ने किए थे अंश पोस्ट, हाईकोर्ट ने मानहानि मामला रद्द करने से किया इनकार

कलकत्ता हाईकोर्ट ने वकील कौस्तव बागची को समन जारी करने का ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द करने से इनकार कर दिया। बागची पर एक किताब के अंश ऑनलाइन अपलोड करने का आरोप है, जिसमें दावा किया गया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक व्यक्ति से गुप्त रूप से विवाह किया था और अपने निजी जीवन के बारे में भी चर्चा की थी।जस्टिस अपूर्व सिन्हा रे ने बागची की इस दलील को खारिज कर दिया कि सरकारी वकील इस मामले में निजी शिकायत दर्ज नहीं कर सकते, क्योंकि यह मुख्यमंत्री के निजी जीवन से जुड़ा है।अदालत ने कहा कि...

Delhi Riots UAPA Case | सुप्रीम कोर्ट ने मीरान हैदर, शिफा उर रहमान और मोहम्मद सलीम की ज़मानत याचिकाओं पर की सुनवाई
Delhi Riots UAPA Case | सुप्रीम कोर्ट ने मीरान हैदर, शिफा उर रहमान और मोहम्मद सलीम की ज़मानत याचिकाओं पर की सुनवाई

दिल्ली दंगों की व्यापक साजिश के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 3 नवंबर को मीरान हैदर, शिफा उर रहमान और मोहम्मद सलीम खान द्वारा दायर याचिकाओं पर दलीलें सुनीं। इन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत आपराधिक साजिश के आरोप हैं।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर को तय की।इससे पहले शुक्रवार को खंडपीठ ने उमर खालिद, शरजील इमाम और गुलफिशा फातिमा की दलीलों पर सुनवाई पूरी की थीं।ये याचिकाएं दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा 2...

दिल्ली कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व कोयला सचिव को बरी किया, कहा- उनके कृत्य जनहित के विरुद्ध नहीं थे
दिल्ली कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व कोयला सचिव को बरी किया, कहा- उनके कृत्य जनहित के विरुद्ध नहीं थे

दिल्ली कोर्ट ने फतेहपुर ईस्ट कोल ब्लॉक के आवंटन से संबंधित मामले में पूर्व कोयला सचिव और कई अन्य व्यक्तियों को बरी कर दिया।राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज धीरज मोर ने केंद्रीय कोयला मंत्रालय के तत्कालीन सचिव हरीश चंद्र गुप्ता और चार अन्य आरोपियों को बरी कर दिया।CBI द्वारा प्रारंभिक जांच के बाद मेसर्स आर.के.एम. पावरजेन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (RKMPPL), उसके निदेशकों और केंद्रीय कोयला मंत्रालय के अधिकारियों से जुड़े आपराधिक षडयंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों पर मामला दर्ज किया गया।FIR के...

हक़ फ़िल्म की रिलीज़ के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची शाहबानो की बेटी, कहा- निर्माता ने मां की पहचान के उपयोग की अनुमति नहीं ली
'हक़' फ़िल्म की रिलीज़ के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची शाहबानो की बेटी, कहा- निर्माता ने मां की पहचान के उपयोग की अनुमति नहीं ली

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सोमवार (3 नवंबर) को शाहबानो बेगम की बेटी ने फिल्म 'हक़' (Haq) की रिलीज़ को चुनौती देते हुए याचिका दायर की है। इस फिल्म में यामी गौतम धर और इमरान हाशमी मुख्य भूमिकाओं में हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि फिल्म में उनकी मां शाहबानो बेगम की पहचान और निजी जीवन का उपयोग बिना अनुमति के किया गया है।यह फिल्म 7 नवंबर को रिलीज़ होने वाली है और बताया जा रहा है कि यह सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले "मोहम्मद अहमद खान बनाम शाहबानो बेगम (1985)" से प्रेरित है, जिसमें अदालत ने CrPC की धारा...

UAE में हिरासत में लिए गए सेलीना जेटली के भाई के लिए प्रभावी कानूनी सहायता सुनिश्चित की जाए: दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश
UAE में हिरासत में लिए गए सेलीना जेटली के भाई के लिए प्रभावी कानूनी सहायता सुनिश्चित की जाए: दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को अभिनेत्री सेलीना जेटली की याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्होंने अपने भाई — सेवानिवृत्त मेजर विक्रांत कुमार जेटली — के लिए यूएई में गिरफ्तारी और हिरासत के दौरान प्रभावी कानूनी प्रतिनिधित्व की मांग की है।जस्टिस सचिन दत्ता ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा और सुनवाई की अगली तारीख 4 दिसंबर तय की। सेलीना जेटली सुनवाई के दौरान स्वयं कोर्ट में मौजूद रहीं। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उनके भाई को कानूनी सहायता और परिवार से संपर्क सुनिश्चित करें, और इसके लिए...