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हिमाचल प्रदेश किराया नियंत्रण अधिनियम, 2023 के तहत जुर्माने की वसूली और पुराने कानून के तहत की गई कार्रवाई की वैधता : धारा 31 और 32
हिमाचल प्रदेश किराया नियंत्रण अधिनियम, 2023 की धारा 31 के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति पर इस अधिनियम के उल्लंघन (Violation) के कारण Controller द्वारा जुर्माना (Fine) लगाया जाता है, तो उसे तय समय सीमा में जुर्माना जमा करना होगा। यदि वह समय पर जुर्माना नहीं भरता है, तो Controller उचित कारण (Valid Reason) के आधार पर उसे कुछ और समय दे सकता है।लेकिन अगर इसके बाद भी जुर्माना जमा नहीं किया जाता, तो इस राशि को दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (Code of Criminal Procedure, 1973) के प्रावधानों (Provisions) के अनुसार...
क्या हर मुस्लिम पब्लिक ट्रस्ट को वक्फ माना जाएगा?
सुप्रीम कोर्ट ने Maharashtra State Board of Waqfs v. Shaikh Yusuf Bhai Chawla (2022) मामले में यह महत्वपूर्ण सवाल उठाया कि क्या सभी मुस्लिम Public Trusts को Waqf Act, 1995 के तहत स्वचालित रूप से Waqf माना जाना चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हर Muslim Public Trust को Waqf नहीं माना जा सकता, जब तक कि यह कानूनी रूप से Waqf की आवश्यक शर्तों को पूरा न करता हो।कानूनी ढांचा (Legal Framework) इस विवाद में दो प्रमुख कानूनों की व्याख्या की गई: 1. Waqf Act, 1995 – यह उन संपत्तियों (Property) को नियंत्रित...
न्यायालय में अवमानना से संबंधित प्रक्रिया – भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 384
न्यायालय की अवमानना (Contempt of Court) एक गंभीर अपराध है क्योंकि यह न्यायपालिका की गरिमा (Dignity) और अधिकार (Authority) को कमजोर करता है।भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 - BNSS) की धारा 384 न्यायालय (Court) के समक्ष किए गए अवमाननापूर्ण कृत्यों (Contemptuous Acts) से निपटने की विशेष प्रक्रिया (Procedure) प्रदान करती है। यह प्रावधान (Provision) न्यायालय को त्वरित कार्रवाई (Immediate Action) का अधिकार देता है, साथ ही आरोपी (Accused) को अपना पक्ष रखने...
हिमाचल प्रदेश किराया नियंत्रण अधिनियम 2023 के तहत धारा 30 में उल्लिखित दंड
हिमाचल प्रदेश किराया नियंत्रण अधिनियम, 2023 (Himachal Pradesh Rent Control Act, 2023) मकान मालिक (Landlord) और किरायेदार (Tenant) के बीच संबंधों को नियंत्रित करता है।यह सुनिश्चित करता है कि दोनों पक्ष इस अधिनियम के प्रावधानों (Provisions) का पालन करें और किराये से जुड़े नियमों का उल्लंघन न करें। इस अधिनियम को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए Section 30 में उन लोगों के लिए दंड (Penalty) निर्धारित किया गया है जो इसके प्रावधानों का उल्लंघन करते हैं। इन दंडों में जुर्माना (Fine) और कारावास...
क्या कर्मचारी विदेश यात्रा करने पर भी अवकाश यात्रा रियायत की छूट का दावा कर सकते हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बनाम असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (2022) मामले में यह तय किया कि यदि Leave Travel Concession (LTC) के तहत यात्रा में विदेश (Foreign Travel) शामिल हो, तो क्या इसे टैक्स छूट (Tax Exemption) मिल सकती है।कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा, जिसमें यह कहा गया था कि LTC केवल भारत के भीतर यात्रा (Domestic Travel) के लिए है, और अगर यात्रा में विदेशी स्थान शामिल हैं, तो इसे आयकर अधिनियम (Income Tax Act) की धारा 10(5) के तहत छूट नहीं मिल सकती। कोर्ट...
झूठे साक्ष्य देने पर त्वरित सुनवाई की प्रक्रिया : धारा 383 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023
न्यायिक प्रक्रिया (Judicial Proceedings) में झूठे साक्ष्य (False Evidence) देना एक गंभीर अपराध है, जिससे निर्दोष को सजा मिल सकती है या अपराधी छूट सकता है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 - BNSS, 2023) की धारा 383 इस अपराध को रोकने के लिए एक त्वरित (Immediate) कानूनी प्रक्रिया उपलब्ध कराती है।यह धारा सेशन न्यायालय (Court of Session) या प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट (Magistrate of the First Class) को यह शक्ति देती है कि यदि किसी गवाही (Testimony) में जानबूझकर...
भारतीय स्टांप अधिनियम की धारा 49 के तहत खराब हो चुके स्टांप पर छूट प्राप्त करने की प्रक्रिया
परिचय (Introduction)भारतीय स्टैम्प अधिनियम (Indian Stamp Act) के तहत विभिन्न कानूनी और वित्तीय दस्तावेजों (Documents) पर स्टैम्प शुल्क (Stamp Duty) लगाया जाता है। हालांकि, कई बार ऐसा होता है कि खरीदा गया स्टैम्प किसी गलती, त्रुटि या अन्य कारणों से उपयोग के योग्य नहीं रह जाता। इस तरह के मामलों में, धारा 49 (Section 49) के तहत व्यक्ति को राहत प्रदान की जाती है, ताकि उसकी आर्थिक हानि न हो। यह प्रावधान इस बात को सुनिश्चित करता है कि यदि कोई स्टैम्प गलती से खराब हो गया है, तो उसका पुनः उपयोग...
Transfer Of Property में गिफ्ट को कौन कैंसिल कर सकता है?
प्रतिसंहरण का अधिकार दाता का व्यक्तिगत अधिकार है। अतः इस अधिकार का प्रयोग केवल वह ही कर सकेगा। वह इस अधिकार का अन्तरण नहीं कर सकेगा क्योंकि इस अधिकार की प्रकृति, वाद संस्थित करने का अधिकार को प्रकृति जैसी हो तथा वाद संस्थित करने का अधिकार इसी अधिनियम की धारा 6 (ङ) के अन्तर्गत अनन्तरणीय घोषित किया गया है। फलतः यह भी एक अनन्तरणीय अधिकार है, पर यह अधिकार दाता की मृत्यु के पश्चात् उसके उत्तराधिकारियों को उत्तराधिकार में प्राप्त हो सकेगा कपट अथवा अनुचित प्रभाव के आधार पर गिफ्ट को रद्द कराने का अधिकार...
Transfer Of Property में गिफ्ट को कैसे कैंसल किया जा सकता है?
Transfer Of Property Act के अंतर्गत गिफ्ट एक महत्वपूर्ण अंतरण का माध्यम है। यह प्रश्न सदा देखने को मिलता है कि गिफ्ट को निरस्त किए जाने संबंधित क्या प्रावधान है। संपत्ति अंतरण अधिनियम की धारा 126 गिफ्ट को निरस्त किए जाने संबंधित प्रावधानों को उल्लेखित करती है।गिफ्ट एक प्रतिफल रहित संव्यवहार है जिसमें सम्पत्ति का स्वामी बिना प्रतिफल के सम्पत्ति का स्वामित्व अन्तरित करता है। साधारणतया गिफ्ट के सम्बन्ध में यह मानकर चला जाता है कि गिफ्ट अविखण्डनीय एवं अप्रतिसंहरणीय होगा, क्योंकि स्वामित्व का अन्तरण...
बिना स्टैम्प वाले बिल और प्रोमिसरी नोट की स्टैम्पिंग और शुल्क व दंड की वसूली : धारा 47-48, भारतीय स्टैम्प अधिनियम
भारतीय स्टैम्प अधिनियम (Indian Stamp Act) का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी वित्तीय दस्तावेज (Financial Documents) कानूनी रूप से मान्य (Legally Valid) हों और सरकार को स्टैम्प शुल्क (Stamp Duty) के रूप में मिलने वाला राजस्व (Revenue) सुरक्षित रहे। इस अधिनियम की धारा 47 और 48 दो महत्वपूर्ण नियमों को निर्धारित करती हैं।धारा 47 यह बताती है कि यदि कोई बिल ऑफ एक्सचेंज (Bill of Exchange) या प्रोमिसरी नोट (Promissory Note) बिना स्टैम्प (Unstamped) के भुगतान के लिए प्रस्तुत किया जाता है, तो...
न्यायिक कार्यवाही के स्थानांतरण और मकान मालिक तथा किरायेदार की जानकारी देने की बाध्यता – धारा 28 और 29 हिमाचल प्रदेश किराया नियंत्रण अधिनियम, 2023
हिमाचल प्रदेश किराया नियंत्रण अधिनियम, 2023 (Himachal Pradesh Rent Control Act, 2023) मकान मालिक (Landlord) और किरायेदार (Tenant) के बीच संबंधों को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है। इस अधिनियम में कई महत्वपूर्ण प्रावधान (Provisions) दिए गए हैं, जिनमें से धारा 28 और 29 विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।धारा 28 न्यायिक कार्यवाही (Proceedings) के स्थानांतरण (Transfer) से संबंधित है, जबकि धारा 29 मकान मालिक और किरायेदार को किराए की संपत्ति (Rented Property) से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करने के लिए...
क्या Software License पर Service Tax लगाया जा सकता है? एक कानूनी विश्लेषण
सुप्रीम कोर्ट के मामले Commissioner of Service Tax, Delhi बनाम Quick Heal Technologies Ltd. (2022) में एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न पर फैसला दिया गया।इसमें यह तय किया गया कि क्या End User License Agreement (EULA) के तहत बेचा गया software license भारतीय संविधान के अनुच्छेद 366(29A)(d) के तहत "काल्पनिक बिक्री" (Deemed Sale) मानी जाएगी और इस पर केवल VAT लगेगा या फिर इसे सेवा (Service) मानकर Service Tax लगाया जाएगा। इस फैसले का software उद्योग (Software Industry) और कराधान (Taxation) पर बड़ा असर पड़ा...
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 380, 381 और 382: न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले अपराधों पर अपील और न्यायिक प्रक्रिया
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 - BNSS) में न्यायालय (Court) की कार्यवाही को प्रभावित करने वाले अपराधों (Offences Affecting the Administration of Justice) से निपटने के लिए विस्तृत प्रावधान दिए गए हैं।अध्याय 28 (Chapter XXVIII) में न्यायिक कार्यवाही (Judicial Proceedings) को प्रभावित करने वाले अपराधों पर कार्रवाई की प्रक्रिया तय की गई है। इसमें धारा 379 (Section 379), 380 (Section 380), 381 (Section 381) और 382 (Section 382) प्रमुख हैं। पिछले लेख में...
Transfer Of Property में गिफ्ट का रजिस्ट्रीकरण
यदि गिफ्ट की विषयवस्तु अचल सम्पत्ति है तो उसका रजिस्ट्रीकरण आवश्यक होगा तथा इस धारा के अन्तर्गत एक वैध गिफ्ट का सृजन होगा लेकिन एक मुसलमान द्वारा किया गया गिफ्ट मौखिक हो सकेगा तथा एक रजिस्ट्रीकृत विलेख की आवश्यकता नहीं होगी गिफ्ट की वैधता के लिए यदि पक्षकारों के अशिक्षित होने के कारण दान-विलेख रजिस्ट्रीकृत नहीं हुआ है तो इस गिफ्ट के फलस्वरूप आदाता में किसी प्रकार का हित सृजित नहीं होगा। कालान्तर में यदि इस दान-विलेख को रजिस्ट्रीकृत किया जाता है जिससे कि गिफ्ट सम्पत्ति का भविष्य में संव्यवहार न...
Transfer Of Property में गिफ्ट से किसी प्रॉपर्टी का ट्रांसफर
Transfer Of Property Act की धारा 123 के अंतर्गत गिफ्ट के माध्यम से संपत्ति के अंतरण से संबंधित प्रक्रिया को प्रस्तुत किया गया है। गिफ्ट भी संपत्ति के अंतरण का एक माध्यम है। धारा 123 गिफ्ट से होने वाले संपत्ति के अंतरण से संबंधित विस्तृत प्रक्रिया का उल्लेख कर रही है। धारा 123, गिफ्ट किस प्रकार किया जाए के सम्बन्ध में प्रावधान प्रस्तुत करती है। धारा 123 का प्रथम पैरा यह उपबन्धित करता है कि अचल सम्पत्ति का गिफ्ट करने के लिए आवश्यक है कि अन्तरण दाता द्वारा या उसकी ओर से हस्ताक्षरित और कम से कम दो...
स्टांप-कानून के उल्लंघन पर अभियोजन और संबंधित प्रावधान : धारा 43-46, भारतीय स्टांप अधिनियम
भारतीय स्टांप अधिनियम के तहत दस्तावेजों (Instruments) पर सही स्टांप शुल्क लगाया जाना आवश्यक है। यदि कोई दस्तावेज़ अनुचित रूप से स्टांप किया गया है या स्टांप शुल्क की चोरी हुई है, तो इस पर न केवल दंड (Penalty) लगाया जा सकता है, बल्कि दोषी व्यक्ति पर मुकदमा (Prosecution) भी चलाया जा सकता है।इसके अलावा, कुछ मामलों में स्टांप शुल्क या दंड की वसूली और वापसी (Refund) के भी प्रावधान हैं। इस लेख में हम धारा 43 से 46 तक के प्रावधानों को विस्तार से समझेंगे। धारा 43: स्टांप-कानून के उल्लंघन पर अभियोजन...
हिमाचल प्रदेश किराया नियंत्रण अधिनियम, 2023 की धारा 25, 26 और 27 का सरल व्याख्यान
हिमाचल प्रदेश किराया नियंत्रण अधिनियम, 2023 (Himachal Pradesh Rent Control Act, 2023) मकान मालिक (Landlord) और किरायेदार (Tenant) के बीच संबंधों को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया कानून है। यह अधिनियम दोनों पक्षों के अधिकारों (Rights) और कर्तव्यों (Duties) को स्पष्ट रूप से निर्धारित करता है ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।यह कानून केवल विवादों (Disputes) का निपटारा करने के लिए ही नहीं है, बल्कि इसमें आदेशों (Orders) को लागू करने, गवाहों (Witnesses) को बुलाने और अपीलों (Appeals) की प्रक्रिया...
न्यायालय में झूठे साक्ष्य और बाधा उत्पन्न करने पर कानूनी कार्रवाई : धारा 379 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023
Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita, 2023 (BNSS), जो पहले की Criminal Procedure Code (CrPC) को बदलकर लागू हुई है, इसमें कई महत्वपूर्ण प्रावधान (Provisions) शामिल किए गए हैं ताकि न्याय प्रणाली (Judicial System) को सुचारू रूप से चलाया जा सके। इनमें से एक महत्वपूर्ण प्रावधान Section 379 है, जो न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले अपराधों (Offences Affecting the Administration of Justice) से निपटने की प्रक्रिया (Procedure) को स्पष्ट करता है।यह प्रावधान Section 215 से जुड़ा हुआ है, जिसमें ऐसे...
यौन अपराध मामलों में 'Two-Finger Test' का कानूनी और नैतिक विश्लेषण
सुप्रीम कोर्ट ने State of Jharkhand v. Shailendra Kumar Rai @ Pandav Rai केस में महत्वपूर्ण कानूनी मुद्दों पर फैसला दिया, जिनमें मरते समय दिए गए बयान (Dying Declaration), यौन अपराधों (Sexual Offences) में मेडिकल सबूतों की भूमिका और विवादित 'Two-Finger Test' शामिल हैं।कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह टेस्ट वैज्ञानिक रूप से गलत है, महिलाओं की गरिमा (Dignity) के खिलाफ है और इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। यह फैसला महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों को मजबूत करता है और न्यायपालिका की...
Transfer Of Property में गिफ्ट के इंग्रेडिएंट
जीवित व्यक्तियों के बीच दान के इंग्रेडियंट सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 122 केवल दो जीवित व्यक्तियों के बीच ही दान द्वारा सम्पत्ति के अन्तरण के सम्बन्ध में प्रावधान प्रस्तुत करती है। इसके अनुसार दान के निम्नलिखित इंग्रेडियंट हैं-प्रतिफल की अनुपस्थितिपक्षकारदाता एवं आदातादान को विषयवस्तुदाता द्वारा आदाता के पक्ष में सम्पत्ति का स्वैच्छिक अन्तरणआदाता द्वारा दान की स्वीकृतिप्रतिफल की अनुपस्थिति कोई भी विधिक संविदा प्रतिफल के बगैर अप्रवर्तनीय मानी जाती है। दान का संव्यवहार भी एक प्रकार की संविदा...