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सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 78: आदेश 17 (स्थगन) के नियम 1 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश किसी वाद में स्थगन के अर्थ को स्पष्ट करते हुए यह बताता है कि अदालत किन किन परिस्थितियों में स्थगन आदेश दे सकती है। यह आदेश के अंतर्गत न्यायालय को स्थगन के मामले में व्यापक शक्तियां दी गई है। इस आलेख के अंतर्गत आदेश 17 के नियम 1 पर टिका प्रस्तुत किया जा रहा है।नियम-1 न्यायालय समय दे सकेगा और सुनवाई स्थगित कर सकेगा (1) यदि वाद के किसी भी प्रक्रम पर पर्याप्त हेतुक दर्शित किया जाता है तो न्यायालय लेखबद्ध कारणों से पक्षकारों या उनमें से...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 77: आदेश 16(क) के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 16(क) कारागार में परिरुद्ध या निरुद्ध साक्षियों की हाजिरी के प्रावधान करता है। यह एक छोटा सा आदेश है जो यह स्पष्ट करता है कि यदि कोई साक्षी जेल में निरुद्ध है तब उसकी हाजिरी किसी सिविल वाद में कैसे करवाई जा सकती है। इस आदेश के अंतर्गत कुल 7 नियम समाविष्ट किये गए हैं जिनका इस आलेख में उल्लेख किया जा रहा है, इस प्रकार इस आलेख के अंतर्गत समस्त आदेश 16(क) पर टिप्पणी प्रस्तुत की जा रही है।नियम-1 परिभाषाएं-इस आदेश में -(क) "निरुद्ध" के...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 76: आदेश 16 नियम 14 से 21 तक के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 16 साक्षियों को समन करना और उनकी हाजिरी से संबंधित है। इस आलेख के अंतर्गत नियम 14 से 21 तक के प्रावधानों पर प्रकाश डाला जा रहा है।नियम-14 जो व्यक्ति वाद में पर व्यक्ति हैं उन्हें न्यायालय साक्षियों के रुप में स्वप्रेरणा से समन कर सकेगा-हाजिरी और उपस्थिति के बारे में इस संहिता के उपबंधों और तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन रहते हुए, जहां न्यायालय किसी भी समय यह आवश्यक समझता है कि [ किसी ऐसे व्यक्ति की परीक्षा की जाए जिसके अन्तगर्त...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 75: आदेश 16 नियम 10 से 13 तक के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 16 साक्षियों को समन करना और उनकी हाजिरी से संबंधित है। इस आलेख के अंतर्गत उन नियमों पर चर्चा की जा रही है जो यह स्पष्ट करते हैं कि जब साक्षी को हाज़िर होने हेतु आदेश किया जाए और वह हाज़िर होने में असफल हो तब क्या प्रक्रिया होगी। इस आलेख के अंतर्गत महत्वपूर्ण नियम 10,11,12 एवं 13 पर विश्लेषण किया जा रहा है।नियम-10 जहां साक्षी समन का अनुपालन करने में असफल रहता है वहां प्रक्रिया-(1) जहां वह व्यक्ति जिसके नाम साक्ष्य देने को हाजिर होने के...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 74: आदेश 16 नियम 1 व 1(क) के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 16 साक्षियों को समन करना और उनकी हाजिरी से संबंधित है। जब किसी वाद का निपटारा प्रथम सुनवाई को नहीं होता है तब न्यायालय आगे की कार्यवाही करते हैं साक्षियों को समन जारी कर विचारण प्रारंभ किया जाता है। इस आलेख के अंतर्गत नियम 1 व 1(क) के प्रावधानों पर चर्चा की जा रही है।नियम-1 साक्षियों की सूची और साक्षियों को रामन- (1) ऐसी तारीख को या इसके पूर्व जो न्यायालय नियत करे और जो विवाद्यकों का निपटारा ] कर दिए जाने से पन्द्रह दिन पश्चात् न हो,...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 73: आदेश 15 नियम 4 एवं 5 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 15 प्रथम सुनवाई में वाद का निपटारा है। यह आदेश उन प्रावधानों को स्पष्ट करता है जो यह बताते हैं कि न्यायालय किन मामलों में प्रथम सुनवाई को वाद का निपटारा कर सकता है और किस प्रक्रिया से कर सकता है। इस आलेख के अंतर्गत आदेश 15 के नियम 4 व 3 पर संयुक्त रूप से टिप्पणी प्रस्तुत की जा रही है।नियम-4 साक्ष्य पेश करने में असफलता-जहाँ समन वाद के अन्तिम निपटारे के लिए निकाला गया है और दोनों में से कोई भी पक्षकार वह साक्ष्य पेश करने में पर्याप्त...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 72: आदेश 15 नियम 1 से 3 तक के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 15 प्रथम सुनवाई में वाद का निपटारा है। यह आदेश उन प्रावधानों को स्पष्ट करता है जो यह बताते हैं कि न्यायालय किन मामलों में प्रथम सुनवाई को वाद का निपटारा कर सकता है और किस प्रक्रिया से कर सकता है। इस आलेख के अंतर्गत आदेश 15 के नियम 1,2 व 3 पर संयुक्त रूप से टिप्पणी प्रस्तुत की जा रही है।नियम-1 जब पक्षकारों में कोई विवाद नहीं है-जहाँ वाद की प्रथम सुनवाई में यह प्रतीत होता है कि विधि के या तथ्य के किसी प्रश्न पर पक्षकारों में विवाद नहीं...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 71: आदेश 14 नियम 5 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 14 विवाद्यकों का स्थिरीकरण और विधि विवाद्यकों के आधार पर या उन विवाद्यकों के आधार पर जिन पर रजामन्दी (सहमति) हो गई है वाद का अवधारण से संबंधित है। इस आलेख के अंतर्गत इस आदेश के नियम 5 पर प्रकाश डाला जा रहा है।नियम-5 विवाद्यकों का संशोधन और उन्हें काट देने की शक्ति (1) न्यायालय डिक्री पारित करने से पूर्व किसी भी समय ऐसे निबन्धनों पर जो वह ठीक समझे, विवाद्यकों का संशोधन कर सकेगा या अतिरिक्त विवाद्यकों की विरचना कर सकेगा और ऐसे सभी...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 70: आदेश 14 नियम 3 एवं 4 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 14 विवाद्यकों का स्थिरीकरण और विधि विवाद्यकों के आधार पर या उन विवाद्यकों के आधार पर जिन पर रजामन्दी (सहमति) हो गई है वाद का अवधारण से संबंधित है। इस आलेख के अंतर्गत इस आदेश के नियम 3 एवं 4 पर विवेचना की जा रही है।नियम- 3 वह सामग्री जिससे विवाद्यकों की विरचना की जा सकेगी-न्यायालय निम्नलिखित सभी सामग्री से या उसमें से किसी से विवाद्यकों की विरचना कर सकेगा-(क) पक्षकारों द्वारा या उनकी ओर से उपस्थित किन्हीं व्यक्तियों द्वारा या ऐसे...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 69: आदेश 14 नियम 2 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 14 विवाद्यकों का स्थिरीकरण और विधि विवाद्यकों के आधार पर या उन विवाद्यकों के आधार पर जिन पर रजामन्दी (सहमति) हो गई है वाद का अवधारण से संबंधित है। इस आलेख के अंतर्गत इस आदेश के नियम 2 पर चर्चा की जा रही है।नियम-2 न्यायालय द्वारा सभी विवाद्यकों पर निर्णय सुनाया जाना(1) इस बात के होते हुए भी कि वाद का निपटारा प्रारम्भिक विवाद्यक पर किया जा सकेगा, न्यायालय उपनियम (2) के उपबन्धों के अधीन रहते हुए सभी विवाद्यकों पर निर्णय सुनायेगा।(2)...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 68: आदेश 14 नियम 1 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 14 विवाद्यकों का स्थिरीकरण और विधि विवाद्यकों के आधार पर या उन विवाद्यकों के आधार पर जिन पर रजामन्दी (सहमति) हो गई है वाद का अवधारण से संबंधित है। यह विचारण से ठीक पूर्व का प्रक्रम है। इस स्तर पर न्यायालय किसी भी वाद में वाद प्रश्न तय कर देती है अर्थात उन नियमों को तय कर देती है जिस पर विचारण कर न्यायलय अपना निर्णय देगी। यह संहिता का एक महत्वपूर्ण आदेश है एवं इसका विस्तार पूर्वक अध्ययन किया जाना चाहिए। इस आलेख के अंतर्गत आदेश 14 के...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 67: आदेश 13(क) के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 13(क) संक्षिप्त निर्णय से संबंधित है। यह आदेश वाणिज्यिक वादों हेतु संहिता में डाला गया है। यह संहिता में नया जोड़ा गया छोटा आदेश है। इस आलेख के अंतर्गत इस आदेश 13(क) पर टिप्पणी प्रस्तुत की जा रही है।आदेश 13(क)- संक्षिप्त निर्णयनियम-1 ऐसे वादों की व्याप्ति और वर्ग, जिनको यह आदेश लागू होता है-(1) इस आदेश में वह प्रक्रिया उपवर्णित है, जिसके द्वारा कोई न्यायालय मौखिक साक्ष्य अभिलिखित किये बिना किसी वाणिज्यिक विवाद स सम्बन्धित किसी दावे का...
भारतीय न्याय संहिता के 'हिट एंड रन' प्रावधान में ऐसा क्या है, जिससे मचा हुआ हल्ला
हाल ही में ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) में शामिल प्रावधान के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया, जिसमें हिट एंड रन मामलों में मौत के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।हिट एंड रन मामलों पर क्या कहता है नया कानून?BNS की धारा 106 (2) में कहा गया कि "जो कोई भी लापरवाही से वाहन चलाकर किसी व्यक्ति की मौत का कारण बनता है, जो गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है और घटना के तुरंत बाद किसी पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को इसकी सूचना दिए बिना भाग जाता है,...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 66: आदेश 13 नियम 7 से 11 तक के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 13 दस्तावेजों का पेश किया जाना परिबद्ध किया जाना और लौटाया जाना से संबंधित है। इस आलेख के अंतर्गत आदेश 13 के नियम 7,8,9,10 व 11 पर विवेचना प्रस्तुत की जा रही है।नियम-7 गृहीत दस्तावेजों का अभिलेख में सम्मिलित किया जाना और नामंजूर की गई दस्तावेज को लौटाया जाना(1) हर ऐसी दस्तावेजों जो साक्ष्य में ग्रहण कर ली गई है या जहाँ नियम 5 के अधीन मूल प्रति के स्थान में उसकी प्रति रखी गई है वहाँ उसकी प्रति, वाद के अभिलेख का भाग होगी।(2) दस्तावेजें...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 65: आदेश 13 नियम 3 से 6 तक के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 13 दस्तावेजों का पेश किया जाना परिबद्ध किया जाना और लौटाया जाना से संबंधित है। इस आलेख के अंतर्गत आदेश 13 के नियम 3,4,5 एवं 6 पर टिप्पणी प्रस्तुत की जा रही है।नियम-3 विसंगत या अग्राही दस्तावेजों का नामंजूर किया जाना-न्यायालय वाद के किसी भी प्रक्रम में ऐसी किसी भी दस्तावेज को, जिसे वह विसंगत या अन्यथा अग्राह्य समझता है, ऐसे नामंजूर करने के आधारों को अभिलिखित करके नामंजूर कर सकेगा।नियम-4 साक्ष्य में गृहीत दस्तावेजों पर पृष्ठांकन-ठीक...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 64: आदेश 13 नियम 1 के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 13 दस्तावेजों का पेश किया जाना परिबद्ध किया जाना और लौटाया जाना से संबंधित है। कोई भी वाद दस्तावेजों की बुनियादी पर टिका होता है, इस आदेश के अंतर्गत दस्तावेजों से संबंधित प्रावधान किए गए हैं, यह बताया गया है कि दस्तावेज कब कैसे पेश किए जाएंगे और उन्हें कैसे लौटाया जाएगा। इस आलेख के अंतर्गत आदेश 13 के नियम 1 पर चर्चा की जा रही है।नियम-1 मूल दस्तावेजों का विवाद्यकों के स्थिरीकरण के समय या उसके पूर्व पेश किया जाना- (1) पक्षकार या उनके...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 63: आदेश 12 नियम 4 से 6 तक के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 12 स्वीकृति से संबंधित है। आपराधिक विधि की तरह ही सिविल लॉ में भी स्वीकृति के प्रावधान दिए गए हैं जहां कोई पक्षकार किसी भी मामले को स्वीकार कर सकता है। स्वीकृति के इस आदेश में अलग अलग नियम हैं जो पूरी तरह से स्वीकृति के प्रावधानों को स्पष्ट कर देते हैं। इस आलेख के अंतर्गत इस आदेश के महत्वपूर्ण नियमों 4,5 एवं 6 पर विवेचना की जा रही है।नियम-4 तथ्यों को स्वीकृत करने की सूचना-कोई भी पक्षकार किसी भी अन्य पक्षकार से सुनवाई के लिए नियत दिन...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 62: आदेश 12 नियम 1 से 3(क) तक के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 12 स्वीकृति से संबंधित है। आपराधिक विधि की तरह ही सिविल लॉ में भी स्वीकृति के प्रावधान दिए गए हैं जहां कोई पक्षकार किसी भी मामले को स्वीकार कर सकता है। यह आदेश इन ही स्वीकृति के प्रावधानों को अलग अलग नियमों में निश्चित करता है। इस आलेख के अंतर्गत आदेश 12 के नियम 1,2,2(क),3 एवं 3(क) विवेचना प्रस्तुत की जा रही है।नियम-1 मामले की स्वीकृति की सूचना-वाद का कोई भी पक्षकार अपने लिखित अभिवचन द्वारा या अन्यथा लिखित रूप में सूचना दे सकेगा कि...
सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 आदेश भाग 61: आदेश 11 नियम 19 से 23 तक के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 (Civil Procedure Code,1908) का आदेश 11 परिप्रश्न एवं प्रकटीकरण से संबंधित है। इस आलेख के अंतर्गत संयुक्त रूप से नियम 19,20,21,22 एवं 23 पर विवेचना की जा रही है।नियम-19 सत्यापित प्रतियां (1) जहां किन्हीं कारबार की बहियों के लिए आवेदन किया गया है यहां यदि न्यायालय यह ठीक समझे तो वह मूल बहियों के निरीक्षण का आदेश देने के बजाय उनमें की किन्हीं प्रविष्टियों की प्रति देने के लिए और किसी ऐसे व्यक्ति के, जिसने मूल प्रविष्टियों से प्रति की तुलना कर ली है, शपथपत्र द्वारा उन...
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908 आदेश भाग 60: आदेश 11 नियम 15 से 18 तक के प्रावधान
सिविल प्रक्रिया संहिता,1908(Civil Procedure Code,1908) का आदेश 11 परिप्रश्न एवं प्रकटीकरण से संबंधित है। इस आलेख के अंतर्गत संयुक्त रूप से नियम 15,16,17 एवं 18 पर विवेचना की जा रही है।नियम-15 अभिवचनों या शपथपत्रों में निर्दिष्ट दस्तावेजों का निरीक्षण-वाद का हर पक्षकार किसी भी ऐसे अन्य पक्षकार को, जिसके अभिवचनों या शपथपत्रों में किसी दस्तावेज के प्रति निर्देश किया गया है[या जिसने अपने अभिवचनों से उपाबद्ध किसी सूची में किसी दस्तावेज की प्रविष्टि की है]विवाद्यकों के स्थिरीकरण के समय या उसके पूर्व।...












