हाईकोर्ट

बिहार सरकार के जाति सर्वेक्षण के खिलाफ दायर याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई अप्रैल में
बिहार सरकार के जाति सर्वेक्षण के खिलाफ दायर याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई अप्रैल में

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार राज्य द्वारा किए गए जाति-आधारित सर्वेक्षण की संवैधानिकता के खिलाफ दायर जनहित याचिका (पीआईएल) याचिकाओं अंतिम सुनवाई अप्रैल में निर्धारित की।जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की खंडपीठ ने सोमवार, पांच फरवरी को बिहार सरकार के फैसले को बरकरार रखने के पिछले साल 2 अगस्त को दिए गए पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ गैर-सरकारी संगठनों यूथ फॉर इक्वेलिटी और एक सोच एक प्रयास और अन्य द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिकाओं पर सुनवाई की।याचिकाओं में बिहार सरकार द्वारा जाति आधारित...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने डीएनए किट टेंडर के लिए रिश्वत लेने की आरोपी एफएसएल की उप निदेशक को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने डीएनए किट टेंडर के लिए रिश्वत लेने की आरोपी एफएसएल की उप निदेशक को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फोरेंसिक साइंस लैब, मधुबन, करनाल, हरियाणा की उप निदेशक को भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तारी की आशंका से अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। उन पर एक कंपनी के कर्मचारियों से टेंडर प्रदान करने के लिए रिश्वत मांगने और स्वीकार करने का आरोप था।आरोप था कि याचिकाकर्ता ने कंपनी को टेंडर दिलाने और डीएनएस/पीसीआर किट के बिलों का भुगतान करने के लिए 11 लाख रुपये की रिश्वत ली थी।गिरफ्तारी पूर्व जमानत को खारिज करते हुए जस्टिस अनूप चितकारा ने कहा, "डीएनए परीक्षण किट की खरीद...

कांग्रेस पार्षद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पंचकुला में 3 साल से अधिक समय से लंबित मेयर चुनाव कराने की मांग की
कांग्रेस पार्षद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पंचकुला में 3 साल से अधिक समय से लंबित मेयर चुनाव कराने की मांग की

हरियाणा के पंचकुला के एक कांग्रेस पार्षद ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें उसने पंचकुला नगर निगम के भीतर वरिष्ठ उप महापौर और उप महापौर के पदों के लिए चुनाव कराने के निर्देश देने की मांग की। निर्वाचित पार्षद अक्षयदीप चौधरी ने याचिका में कहा कि नगर निगम अधिनियम, 1994 और हरियाणा नगर निगम चुनाव नियम, 1994 के तहत स्पष्ट जनादेश कि इन चुनावों को नव-निर्वाचित नगरपालिका पार्षदों की अधिसूचना के 60 दिनों के भीतर आयोजित करने की आवश्यकता होती है, के बावजूद पद 30.12.2020 से तीन...

अपमानजनक सामग्री को रीट्वीट करना मानहानि के समान: दिल्ली हाइकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ समन रद्द करने से इनकार किया
अपमानजनक सामग्री को रीट्वीट करना मानहानि के समान: दिल्ली हाइकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ समन रद्द करने से इनकार किया

दिल्ली हाइकोर्ट ने 2018 में यूट्यूबर ध्रुव राठी द्वारा पोस्ट किए गए कथित मानहानिकारक वीडियो को रीट्वीट करने के लिए आपराधिक मानहानि मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ जारी समन रद्द करने से इनकार कर दिया।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि मानहानिकारक सामग्री को रीट्वीट करने पर भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 499 के तहत मानहानि का अपराध होगा।अदालत ने मजिस्ट्रेट द्वारा पारित समन आदेश और उसी के खिलाफ केजरीवाल की पुनर्विचार याचिका को खारिज करने वाले सत्र न्यायालय द्वारा पारित...

गुवाहाटी हाइकोर्ट ने पेटा के प्रतिनिधित्व पर अनधिकृत भैंस लड़ाई को रोकने के लिए नगांव जिला प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया
गुवाहाटी हाइकोर्ट ने पेटा के प्रतिनिधित्व पर अनधिकृत भैंस लड़ाई को रोकने के लिए नगांव जिला प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया

गुवाहाटी हाइकोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार को भैंसों की लड़ाई (मोह-जुज) की घटना को रोकने की मांग करने वाले प्रतिनिधित्व पर गौर करने का निर्देश दिया, जो 04 फरवरी को असम के हाथीगढ़ में आयोजित होने वाली थी।पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) इंडिया द्वारा दायर रिट याचिका में असम सरकार द्वारा जारी 27 दिसंबर 2023 की अधिसूचना को चुनौती दी गई। इसके द्वारा उसने एक वर्ष के विशिष्ट समय में भैंस की लड़ाई को पूरा करने की, जो कि माघ बिहू के अगले दस दिन (अर्थात् 15 से 25 जनवरी तक) अनुमति दी...

गवाहों को आरोपी के पक्ष में गवाही देने की धमकी दी जा रही है, वकील केस लेने को तैयार नहीं: जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट ने वकील बाबर कादरी हत्याकांड की सुनवाई श्रीनगर से जम्मू ट्रांसफर की
गवाहों को आरोपी के पक्ष में गवाही देने की धमकी दी जा रही है, वकील केस लेने को तैयार नहीं: जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट ने वकील बाबर कादरी हत्याकांड की सुनवाई श्रीनगर से जम्मू ट्रांसफर की

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाइकोर्ट ने वकील बाबर कादरी की हत्या के मामले की सुनवाई श्रीनगर से जम्मू में एनआईए अधिनियम (NIA Act) के तहत नामित स्पेशल जज की अदालत में ट्रांसफर करने का आदेश दिया। यह निर्णय गवाहों की सुरक्षा पर चिंताओं और निष्पक्ष सुनवाई की आवश्यकता के जवाब में आया।गौरतलब है कि वकील कादरी पर 24 सितंबर, 2020 को श्रीनगर में उनके आवास पर जानलेवा हमला किया गया। अज्ञात आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में कादरी पर गोलीबारी की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और अंततः उनकी मृत्यु हो...

सार्वजनिक निकायों के खिलाफ निजी कानून के उपाय रिट क्षेत्राधिकार के माध्यम से लागू नहीं किए जा सकते: जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट
सार्वजनिक निकायों के खिलाफ निजी कानून के उपाय रिट क्षेत्राधिकार के माध्यम से लागू नहीं किए जा सकते: जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट

सार्वजनिक और निजी कानून मामलों और उनके निवारण सिस्टम के बीच अंतर करते हुए जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाइकोर्ट ने फैसला सुनाया कि निजी उपचारों को असाधारण रिट क्षेत्राधिकार के माध्यम से लागू नहीं किया जा सकता। यहां तक ​​कि सार्वजनिक अधिकारियों के खिलाफ भी नहीं।जस्टिस जावेद इकबाल वानी की पीठ ने स्पष्ट किया कि भले ही कर्तव्य निभाने वाला कोई निकाय इसे रिट क्षेत्राधिकार के लिए उत्तरदायी बनाता है, लेकिन सार्वजनिक तत्व वाले कार्यों को छोड़कर उसके सभी कार्य न्यायिक पुनर्विचार के अधीन नहीं हैं।मामले की...

UP Municipalities Act | नगर पालिका निषेधाज्ञा वाद का उद्देश्य विफल होने पर उसे नोटिस देना अनिवार्य नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
UP Municipalities Act | नगर पालिका निषेधाज्ञा वाद का उद्देश्य विफल होने पर उसे नोटिस देना अनिवार्य नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश 7 नियम 11 सीपीसी (वादी की अस्वीकृति) के तहत आवेदन की अस्वीकृति को इस आधार पर बरकरार रखा कि यूपी नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 326 के तहत नोटिस अनिवार्य नहीं, यदि यह निषेधाज्ञा मुकदमे के उद्देश्य को विफल कर देगा।उ.प्र. नगर पालिका अधिनियम, 1916 की धारा 326 नगर पालिका या उसके अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे का प्रावधान करती है, नगर पालिका और उसके अधिकारियों को दो महीने की नोटिस अवधि प्रदान करना अनिवार्य है। नोटिस में कार्रवाई का कारण मांगी गई राहत की प्रकृति, दावा किए गए...

UP Police Act | SHO के खिलाफ कार्यवाही में एक ही मजिस्ट्रेट गवाह और जज दोनों नहीं हो सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट
UP Police Act | SHO के खिलाफ कार्यवाही में एक ही मजिस्ट्रेट गवाह और जज दोनों नहीं हो सकते: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना कि यूपी पुलिस अधिनियम (UP Police Act) की धारा 29 के तहत SHO (प्रभारी निरीक्षक) के खिलाफ उनके द्वारा शुरू किए गए मामले में एक ही मजिस्ट्रेट गवाह और जज नहीं हो सकता।UP Police Act की धारा 29 में उल्लिखित पुलिस अधिकारी द्वारा कर्तव्यों की उपेक्षा के लिए दंड का प्रावधान है, जिसमें कानून के किसी भी प्रावधान या सक्षम प्राधिकारी द्वारा दिए गए वैध आदेश का जानबूझकर उल्लंघन या उपेक्षा शामिल है। ऐसे दोषी पुलिस अधिकारी के लिए दंड तीन महीने तक का वेतन, या कारावास, कठोर श्रम के साथ या...

सार्वजनिक शांति, सुरक्षा के लिए हानिकारक आचरण पर आपराधिक मामला लंबित होने के दौरान शस्त्र लाइसेंस रद्द किया जा सकता है: इलाहाबाद हाइकोर्ट
सार्वजनिक शांति, सुरक्षा के लिए हानिकारक आचरण पर आपराधिक मामला लंबित होने के दौरान शस्त्र लाइसेंस रद्द किया जा सकता है: इलाहाबाद हाइकोर्ट

इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ पीठ ने इस आधार पर फायरआर्म्स लाइसेंस रद्द करने को बरकरार रखा कि याचिकाकर्ता के आचरण के सार्वजनिक शांति और सुरक्षा के लिए हानिकारक होने के संबंध में प्राधिकरण द्वारा स्पष्ट रूप से तथ्यात्मक निष्कर्ष दर्ज किए गए।कोर्ट ने कहा कि शस्त्र अधिनियम, 1959 (Arms Act, 1959) की धारा 17 लाइसेंसिंग प्राधिकारी को दिए गए फायरआर्म्स लाइसेंस की शर्तों को बदलने का अधिकार देती है। लाइसेंसिंग प्राधिकारी के पास फायरआर्म्स लाइसेंस निलंबित या रद्द करने की भी शक्ति है, यदि अन्य बातों के साथ...

दिल्ली हाईकोर्ट ने महरौली में ध्वस्त की गई 600 साल पुरानी मस्जिद की जगह पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने महरौली में ध्वस्त की गई 600 साल पुरानी मस्जिद की जगह पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को उस जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया, जिस पर शहर के महरौली इलाके में 600 साल पुरानी मस्जिद, मस्जिद अखोनजी को ध्वस्त कर दिया गया।जस्टिस सचिन दत्ता ने दिल्ली वक्फ बोर्ड की प्रबंध समिति द्वारा दायर जरूरी आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। 12 फरवरी तक यथास्थिति बरकरार रहेगी।अदालत ने हालांकि स्पष्ट किया कि यथास्थिति का आदेश केवल उस खसरा संख्या के संबंध में पारित किया गया, जहां मस्जिद स्थित थी और यह DDA पर आसपास के...

मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य की जिला न्यायपालिका के लिए हाइब्रिड सुनवाई अनिवार्य की
मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य की जिला न्यायपालिका के लिए हाइब्रिड सुनवाई अनिवार्य की

मद्रास हाईकोर्ट ने 5 फरवरी 2024 से राज्य की जिला न्यायपालिका में वीसी मोड के माध्यम से हाइब्रिड सुनवाई अनिवार्य की।मद्रास हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी अधिसूचना में आरजी ने कहा कि चीफ जस्टिस की मंजूरी पर अनिवार्य सुविधा को अधिसूचित किया गया। अधिसूचना में बार के सदस्यों से सभी न्यायालयों में सुविधा का उपयोग करने और सुविधा के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए सहयोग करने का भी आग्रह किया गया।अधिसूचना में कहा गया,“हाईकोर्ट, मद्रास, माननीय चीफ जस्टिस के अनुमोदन पर अधिसूचित करता है कि हाइब्रिड वीसी...

गुजरात हाइकोर्ट ने 9 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए नोटिस जारी किया
गुजरात हाइकोर्ट ने 9 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए नोटिस जारी किया

गुजरात हाइकोर्ट ने 9 मार्च, 2024 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के कार्यक्रम और विवरण की घोषणा करते हुए नोटिस जारी किया।नोटिस में राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) और गुजरात राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्दिष्ट लोक अदालत के दौरान संबोधित किए जाने वाले विषयों की रूपरेखा दी गई।मार्च, 2024 के दूसरे शनिवार को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत निम्नलिखित मामलों पर केंद्रित होगी।आपराधिक समझौता योग्य अपराध, धारा 138 के तहत NI Act के मामले, धन वसूली के मामले, MACT मामले, श्रम...

झारखंड हाईकोर्ट ED की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली हेमंत सोरेन की याचिका पर 12 फरवरी को सुनवाई करेगा
झारखंड हाईकोर्ट ED की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली हेमंत सोरेन की याचिका पर 12 फरवरी को सुनवाई करेगा

झारखंड हाईकोर्ट ने भूमि घोटाले में कथित संलिप्तता के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की याचिका पर सुनवाई 12 फरवरी तक के लिए स्थगित की।एक्टिंग चीफ जस्टिस चन्द्रशेखर और जस्टिस राजेश कुमार की खंडपीठ ने ऐसा करते हुए सोरेन को याचिका वापस लेने की मांग करने वाला अपना आवेदन वापस लेने की अनुमति दी और ED को 9 फरवरी तक हेमंत की याचिका में संशोधन के लिए दायर आवेदन पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा।खंडपीठ ने आदेश दिया,"माननीय सुप्रीम...

गुजरात हाइकोर्ट की चीफ जस्टिस ने तीन केंद्रीय जेलों में मनो-सामाजिक देखभाल केंद्रों का उद्घाटन किया
गुजरात हाइकोर्ट की चीफ जस्टिस ने तीन केंद्रीय जेलों में मनो-सामाजिक देखभाल केंद्रों का उद्घाटन किया

गुजरात हाइकोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल ने शनिवार को राजकोट, सूरत और वडोदरा की केंद्रीय जेलों में जेल के कैदियों के पुनर्वास, सुधार और पुन: एकीकरण के लिए मनो-सामाजिक देखभाल केंद्रों का उद्घाटन किया।गुजरात राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण और राज्य सरकार के नेतृत्व में यह पहल 2022 में अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल में शुरू किए गए पायलट कार्यक्रम का विस्तार करती है।उद्घाटन समारोह के दौरान जस्टिस बीरेन वैष्णव ने 19 अगस्त, 2022 को राष्ट्रीय राष्ट्र विश्वविद्यालय (RRU) के साथ साझेदारी में साबरमती...

निर्धारित योग्यता नहीं रखने वाले व्यक्ति को नियुक्ति नहीं दी जा सकती, भले ही वे भर्ती के लिए निर्धारित सभी परीक्षाओं में उत्तीर्ण हों: जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट
निर्धारित योग्यता नहीं रखने वाले व्यक्ति को नियुक्ति नहीं दी जा सकती, भले ही वे भर्ती के लिए निर्धारित सभी परीक्षाओं में उत्तीर्ण हों: जम्मू-कश्मीर हाइकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाइकोर्ट ने फैसला सुनाया कि भले ही कोई उम्मीदवार भर्ती परीक्षाओं में अच्छा स्कोर करता हो, लेकिन बुनियादी पात्रता मानदंडों की कमी होने पर उन्हें नियुक्त नहीं किया जा सकता।जस्टिस संजीव कुमार ने मैट्रिक योग्यता न होने के बावजूद भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में कांस्टेबल (GD) के लिए चयन प्रक्रिया में भाग लेने वाले व्यक्ति द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए कहा,"भर्ती के लिए पात्रता चयन के मूल है और जिस व्यक्ति के पास निर्धारित योग्यता नहीं है, उसे पद के विरुद्ध नियुक्त नहीं...

Bihar Prohibition & Excise Act | यदि मोटरसाइकिल केवल सवार के पास से बरामद हुई तो यह नहीं माना जा सकता कि मोटरसाइकिल का इस्तेमाल अवैध शराब ले जाने के लिए किया गया: हाईकोर्ट
Bihar Prohibition & Excise Act | यदि मोटरसाइकिल केवल सवार के पास से बरामद हुई तो यह नहीं माना जा सकता कि मोटरसाइकिल का इस्तेमाल अवैध शराब ले जाने के लिए किया गया: हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि बिहार निषेध और उत्पाद शुल्क अधिनियम, 2016 (Bihar Prohibition & Excise Act) के तहत मोटरसाइकिल को अवैध शराब के परिवहन के लिए 'इस्तेमाल' नहीं किया गया माना जा सकता है, अगर वह उस पर सवार व्यक्तियों के कब्जे में पाई गई हो।जस्टिस पीबी बजंतरी और जिंतेंद्र कुमार की खंडपीठ ने कहा,“मामले की बात करें तो याचिकाकर्ता की मोटरसाइकिल से कोई नशीला पदार्थ या शराब बरामद नहीं हुआ। याचिकाकर्ता के पैंट से केवल 180 एमएल शराब बरामद हुई। ऐसी स्थिति में यह नहीं माना जा सकता कि...

हाईकोर्ट ने अधिकारियों की कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं को किया खारिज, बागेश्वर धाम को हनुमंत कथा कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी
हाईकोर्ट ने अधिकारियों की कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं को किया खारिज, बागेश्वर धाम को "हनुमंत कथा" कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी

झारखंड हाईकोर्ट ने हनुमंत कथा आयोजन समिति (समिति) को "हनुमंत कथा" कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दे दी है। हालांकि राज्य के अधिकारियों ने शुरू में मंजूरी देने से इनकार किया था।कोर्ट ने समिति को अनुमति देते हुए कहा,"इसमें कोई संदेह नहीं है कि उत्तरदाता प्रतिबंध लगा सकते हैं, लेकिन ऐसे प्रतिबंधों का आधार संविधान के अनुच्छेद 19(3) में उल्लिखित आधार के अनुरूप होना चाहिए।"समिति ने रिट याचिका दायर कर मेदिनीनगर, जिला-पलामू में 10.02.2024 से 15.02.2024 तक "हनुमंत कथा" के आयोजन के लिए सहमति और अनुमति...