हाईकोर्ट

पैकेज/कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी में अनलिमिटेड पैसेंजर लायबिलिटी तब तक कवर नहीं होती, जब तक पॉलिसी में ऐसा प्रावधान न हो: एमपी हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि पैकेज या कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी अपने आप में अनलिमिटेड लायबिलिटी (असीमित दायित्व) को कवर नहीं करती है, जिसमें वाहन में सवार यात्रियों के लिए अनलिमिटेड रिस्क (असीमित जोखिम) भी शामिल है, जब तक कि पॉलिसी में ऐसा प्रावधान न किया गया हो। [2026 LiveLaw (MP) 334]यह देखते हुए कि मालिक ने अनलिमिटेड रिस्क को कवर करने के लिए ज़्यादा प्रीमियम का भुगतान नहीं किया, जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने कहा:"आज की कानूनी स्थिति यह है कि इंश्योरेंस कंपनी की लायबिलिटी इंश्योरेंस...

झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं-13वीं JPSC परीक्षाओं के ज़रिए की गई नियुक्तियां रद्द करने के राज्य सरकार के फ़ैसले पर लगाई रोक

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार (20 अगस्त) को एक अंतरिम आदेश में राज्य सरकार के उन आदेशों पर रोक लगाई, जिनके तहत 11वीं से 13वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षाओं के ज़रिए की गई नियुक्तियों को रद्द किया गया।गौरतलब है कि राज्य सरकार ने हाल ही में JPSC परीक्षाओं के आयोजन में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के कई हफ़्तों तक चले विरोध-प्रदर्शन के बाद इन परीक्षाओं को रद्द कर दिया था।हाईकोर्ट उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिनमें नियुक्तियां रद्द करने वाले राज्य सरकार के...

सिलेक्शन प्रोसेस शुरू होने के बाद मेडिकल फैकल्टी पोस्ट के लिए इंटरव्यू में कम-से-कम मार्क्स की शर्त नहीं जोड़ी जा सकती: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) के उस फैसले को रद्द किया, जिसमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती के लिए इंटरव्यू स्टेज में कम से कम क्वालिफाइंग मार्क्स की शर्त जोड़ी गई। कोर्ट ने कहा कि भर्ती करने वाली अथॉरिटी सिलेक्शन प्रोसेस शुरू होने के बाद एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में बदलाव नहीं कर सकती, खासकर तब जब शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स की लिस्ट पहले ही पब्लिश हो चुकी हो।बदलाव के समय और असर पर सवाल उठाते हुए जस्टिस हरप्रीत सिंह बरार ने कहा कि...

बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाना पॉलिसी से जुड़ा फ़ैसला, कोर्ट इस पर निर्देश नहीं दे सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार किया। इस याचिका में 13 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से रोकने और 13 से 16 साल के बच्चों के लिए कंटेंट को रेगुलेट करने के लिए गाइडलाइंस बनाने या कानून लाने की मांग की गई।जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने कहा कि बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने का मामला केंद्र सरकार का पॉलिसी से जुड़ा फ़ैसला है और कोर्ट ऐसा कोई निर्देश नहीं दे सकता।कोर्ट ने...

केंद्र सरकार आदर्श नियोक्ता, समान स्थिति वाले कर्मचारियों से भेदभाव नहीं कर सकती: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार 'आदर्श नियोक्ता' होने के नाते सार्वजनिक रोजगार में समानता के मूल सिद्धांत का उल्लंघन नहीं कर सकती। समान परिस्थितियों में नियुक्त कर्मचारियों के साथ एक जैसा व्यवहार किया जाना जरूरी है।अदालत ने इसी आधार पर 25 अस्थायी डॉक्टरों में से एक डॉक्टर को उसकी प्रारंभिक नियुक्ति की तारीख से नियमित करने के आदेश को बरकरार रखा और केंद्र सरकार की याचिका खारिज की। जस्टिस पार्थ सारथी चटर्जी और कार्यवाहक चीफ जस्टिस तपाब्रत चक्रवर्ती की खंडपीठ ने कहा कि जब कर्मचारियों की...

पीड़िता के मुकरने से ही जमानत का आधार नहीं बनता: मेडिकल रिपोर्ट में यौन अपराध की पुष्टि तो एमपी हाईकोर्ट ने जमानत ठुकराई

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी की नियमित जमानत याचिका खारिज की।अदालत ने कहा कि केवल पीड़िता के मुकदमे के दौरान अपने बयान से मुकर जाने से आरोपी को जमानत का अधिकार नहीं मिल जाता, खासकर तब जब मेडिकल साक्ष्य दुष्कर्म की पुष्टि करते हों।जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की पीठ ने कहा कि आपराधिक मुकदमा सत्य की तलाश की प्रक्रिया है। आरोपी या पीड़िता में से किसी को भी झूठ या अन्य तरीकों से मुकदमे की प्रक्रिया को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।मामले के अनुसार नाबालिग...

MP हाईकोर्ट: बार एसोसिएशन चुनाव में हार के सदमे में वकील नहीं पहुंचे, कोर्ट ने टाला मामला

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (19 अगस्त) को एक मामले की सुनवाई स्थगित कर दी, जब अदालत ने टिप्पणी की कि मामले में बहस करने वाले अधिवक्ता हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव में हार के बाद लगे 'सदमे' के कारण आज उपलब्ध नहीं हैं।मामला सुनवाई के लिए आया तो अपीलकर्ता की ओर से मौजूद दूसरे अधिवक्ता ने adjournment की मांग की। इस पर जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की पीठ ने टिप्पणी की:“ऐसा प्रतीत होता है कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में हार के कारण सदमे में होने की वजह से बहस करने वाले...

दिव्यांग अभ्यर्थी को MBBS के लिए अयोग्य बताने से पहले बतानी होगी कार्यात्मक कमी: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने बाएं हाथ के जन्मजात विकार के आधार पर MBBS स्टूडेंट को मेडिकल शिक्षा के लिए अयोग्य घोषित करने वाली मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट खारिज की।हाईकोर्ट ने कहा कि केवल दिव्यांगता या शारीरिक विकार के आधार पर किसी स्टूडेंट को MBBS कोर्स के लिए अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। मेडिकल बोर्ड को यह स्पष्ट करना होगा कि छात्र में कौन-सी विशिष्ट कार्यात्मक कमी है और वह कमी मेडिकल कोर्स पूरा करने में किस तरह बाधा बनती है।जस्टिस नूपुर भाटी की पीठ ने कहा कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया...

उपाय से वंचित नहीं छोड़ा जा सकता: ई-टेंडर अपील पर विवाद में राजस्थान हाईकोर्ट ने ऑफलाइन अपील की दी अनुमति

राजस्थान हाईकोर्ट ने ई-टेंडर प्रक्रिया में अपील दाखिल करने को लेकर हुए विवाद में असफल बोलीदाता को राहत देते हुए उसे ऑफलाइन अपील दाखिल करने की अनुमति दी। अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को अपने कानूनी उपाय से वंचित नहीं छोड़ा जा सकता। साथ ही, अपील पर अंतिम निर्णय होने तक निविदा प्रक्रिया पर रोक लगाई गई।जस्टिस अनूप कुमार ढांड की पीठ ने याचिकाकर्ता को संबंधित विभाग के समक्ष 24 घंटे के भीतर अपील की प्रति ऑफलाइन जमा करने की अनुमति दी। अदालत ने विभाग को निर्देश दिया कि वह अपील पर शीघ्र निर्णय करे।मामला...

दोषसिद्धि पर पहले ही रोक, फिर भी कर्मचारी की सेवा समाप्ति पर राजस्थान हाईकोर्ट ने लगाई रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने आपराधिक मामले में दोषसिद्धि की जानकारी छिपाने के आरोप में बर्खास्त किए गए सरकारी कर्मचारी को अंतरिम राहत देते हुए उसकी सेवा समाप्ति के आदेश पर रोक लगाई। अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक सेवा समाप्ति के आदेश का प्रभाव और क्रियान्वयन स्थगित रहेगा।जस्टिस अनूप सिंघी की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए इस तथ्य पर गौर किया कि कर्मचारी की दोषसिद्धि पर पहले ही हाईकोर्ट की समकक्ष पीठ रोक लगा चुकी थी। उस आदेश में अदालत ने कहा कि दोषसिद्धि को प्रभावी...

बीमारी, गर्भावस्था और भारी बारिश के कारण शारीरिक परीक्षा छूटी तो एक मौका और: राजस्थान हाईकोर्ट ने दी राहत

राजस्थान हाईकोर्ट ने उपनिरीक्षक और प्लाटून कमांडर भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल नहीं हो पाने वाले अभ्यर्थियों को एक बार फिर परीक्षा देने का मौका दिया।अदालत ने बीमारी, शारीरिक चोट, गर्भावस्था और भारी बारिश जैसी वास्तविक और अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण परीक्षा से वंचित रहे अभ्यर्थियों के लिए सितंबर 2026 में दोबारा शारीरिक दक्षता परीक्षा कराने का निर्देश दिया।जस्टिस समीर जैन की पीठ ने स्पष्ट किया कि यह राहत केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को मिलेगी, जो निर्धारित तारीख पर वास्तविक और उचित...

दबाव में न आए कानून विभाग, स्वतंत्र होकर ले फैसला: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 650 दिन की देरी वाली अपील खारिज की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून के एक मामले में बरी किए जाने के खिलाफ अपील दाखिल करने में हुई 650 दिन की देरी को माफ करने से इनकार करते हुए राज्य सरकार की याचिका खारिज की।हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य का कानून एवं न्याय विभाग किसी दूसरे विभाग के दबाव में आकर फैसला न बदले बल्कि कानून के अनुसार स्वतंत्र और निष्पक्ष राय दे।नागपुर पीठ के जस्टिस महेंद्र नर्लिकर ने मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, यवतमाल पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने कहा कि विभागों के...

Prayagraj Waterlogging | हाईकोर्ट का म्युनिसिपल कमिश्नर और DM को निर्देश: निचले इलाकों से बारिश का पानी पंप करके निकाला जाए

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुधवार को प्रयागराज के म्युनिसिपल कमिश्नर और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जमा बारिश का पानी मोरी गेट, दारागंज के रास्ते पंप करके निकाला जाए।जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने प्रयागराज में जल-जमाव से जुड़ी एक स्वतः संज्ञान (suo motu) याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया।बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार के स्थानीय निकाय निदेशक (Director, Local Bodies) को भी निर्देश दिया कि वे...

BCI से एनरोलमेंट के लिए मान्यता प्राप्त UK लॉ डिग्री, भारत में 3-साल के LLB कोर्स में एडमिशन के लिए पहली डिग्री नहीं मानी जा सकती: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि किसी विदेशी यूनिवर्सिटी से मिली तीन साल की अंडरग्रेजुएट लॉ डिग्री, जिसे विदेशी लॉ डिग्री के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत Bar Council of India (BCI) ने मान्यता दी है, उसे भारत में तीन साल के LL.B. कोर्स में एडमिशन के लिए ज़रूरी "पहली डिग्री" (First Degree) नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी कानूनी मकसद के लिए विदेशी लॉ डिग्री को मान्यता मिलने का मतलब यह नहीं है कि वह किसी दूसरे अलग कानूनी मकसद के लिए भी योग्यता देती है।जस्टिस आर.आई. छागला और जस्टिस फरहान पी....

अगर कर्मचारी आरोपों से इनकार करता है तो छोटी सज़ा के मामले में भी विभागीय जांच ज़रूरी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी अपने ऊपर लगे आरोपों (जो तथ्यों पर आधारित हों) से इनकार करता है तो उसके खिलाफ़ नियमित विभागीय जांच होनी चाहिए। ऐसे कर्मचारी को अपनी बात रखने या सुनवाई का मौका दिया जाना चाहिए, भले ही उसे छोटी सज़ा ही क्यों न मिल रही हो। [2026 LiveLaw (MP) 331]जस्टिस आनंद सिंह बहरावत की बेंच ने कहा:"छोटी सज़ा के मामले में भी आरोपी कर्मचारी को अपनी बात कहने या अपने ऊपर लगे आरोपों के संबंध में अपना स्पष्टीकरण देने का मौका दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, अगर आरोप...

लिस पेंडेंस ज़बरदस्ती या बिना मर्ज़ी के संपत्ति हस्तांतरण पर भी लागू होता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 'लिस पेंडेंस' का सिद्धांत कोर्ट की नीलामी से हुई बिक्री (जो बिना मर्ज़ी के संपत्ति हस्तांतरण है) पर भी लागू होता है और नीलामी में खरीदने वाला व्यक्ति उस संपत्ति को इस शर्त के साथ खरीदता है कि उस पर पहले से चल रहे मुकदमे का नतीजा क्या होगा।कोर्ट ने साफ़ किया कि इस सिद्धांत को लागू करने का आधार पहले से किए गए दावे या समझौते की जानकारी (नोटिस) नहीं है; यह सिद्धांत इसलिए लागू होता है, क्योंकि मुकदमा खुद लंबित होता है।'ट्रांसफर ऑफ़ प्रॉपर्टी एक्ट' की धारा 52 में 'लिस...

लेबर कोर्ट के फैसले का पालन न करना आपराधिक अपराध: एमपी हाईकोर्ट ने देर से नौकरी पर बहाल करने की अवधि के लिए वेतन का आदेश दिया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि लेबर कोर्ट के फैसले में तय समय-सीमा का पालन न करना 'इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट्स एक्ट, 1947' की धारा 29 के तहत एक आपराधिक अपराध है। [2026 LiveLaw (MP) 332]जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने गौर किया कि लेबर कोर्ट ने कर्मचारी को एक महीने के भीतर नौकरी पर बहाल करने का निर्देश दिया, जिसमें एमपी रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ने देरी की। अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू करने के बजाय, एग्जीक्यूटिंग कोर्ट ने कार्यवाही बंद की।एग्जीक्यूटिंग कोर्ट का आदेश रद्द करते हुए बेंच ने...