संपादकीय
'राज्य के कितने पुलिस स्टेशनों में महिलाओं के लिए टॉयलेट नहीं हैं?' इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष विभिन्न लॉ कॉलेजों के छात्रों द्वारा एक याचिका दायर की गई है, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार को ऐसे पुलिस स्टेशनों में महिलाओं के शौचालयों के निर्माण को सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है, जहां लेडिज़ टॉयलेट का निर्माण नहीं हुआ है।याचिका में यह भी निर्देश देने की मांग की गई है कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करे कि इस तरह के शौचालयों में शौचालय, पानी, बिजली, पंखा, डोरबर्न जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं हों, जिससे महिलाओं की निजता और गरिमा का ध्यान रखा जा...
अगर कॉरपोरेट देनदार ने उधारकर्ता के दायित्व का निर्वहन करने का वचन दिए बिना, केवल शेयरों को गिरवी रखकर सिक्योरिटी की पेशकश की है, तो वो IBC के तहत 'वित्तीय लेनदार' नहीं बनेगा : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि अगर किसी कॉरपोरेट देनदार ने उधारकर्ता के दायित्व का निर्वहन करने का वचन दिए बिना, केवल शेयरों को गिरवी रखकर सिक्योरिटी की पेशकश की है, तो ऐसे मामले में लेनदार 'वित्तीय लेनदार' नहीं बनेगा जैसा कि इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत परिभाषित किया गया है।न्यायालय ने माना कि इस तरह के लेनदार एक सुरक्षित लेनदार हो सकते हैं, लेकिन दिवाला समाधान प्रक्रिया में भाग लेने के हकदार IBC के तहत वित्तीय लेनदार नहीं होंगे।उदाहरणों का जिक्र करते हुए, न्यायमूर्ति अशोक भूषण की...
आजीवन कारावास की सजा को कम करनाः सीआरपीसी की धारा 435 के तहत केंद्र की सहमति आवश्यक, हालांकि बिना किसी कारण इनकार नहीं किया जा सकता
दिल्ली उच्च न्यायालय ने माना है कि सीआरपीसी की धारा 435 के तहत किसी कैदी की समय से पहले रिहाई के लिए केंद्र सरकार की "सहमति" आवश्यक है।यह प्रावधान राज्य सरकार को कुछ मामलों में सीआरपीसी की धारा 432 (सजा को निलंबित या शिथिल करने की शक्ति) और 433 (सजा को कम करने की शक्ति ) के तहत प्रदान की गई शक्तियों का उपयोग करने के लिए प्रतिबंधित करता है, जहां विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 के तहत गठित दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान द्वारा जांच की गई है, या किसी अन्य एजेंसी को, केंद्र सरकार के साथ 'परामर्श'...
केवल करेंसी नोटों की बरामदगी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत अपराध कायम करने के लिए पर्याप्त नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केवल करेंसी नोटों का क़ब्ज़ा या बरामदगी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत अपराध कायम करने के लिए पर्याप्त नहीं है।आरोप साबित करने के लिए, यह उचित संदेह से परे साबित किया जाना चाहिए कि अभियुक्त ने स्वेच्छा से रिश्वत के रूप में जानते हुए ये पैसा स्वीकार किया। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस आर सुभाष रेड्डी और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने भ्रष्टाचार के एक मामले में एक व्यक्ति को सजा देने के हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए कहा।इस मामले में, आरोपी, जो मदुरै नगर निगम का...
"हाईकोर्ट से संपर्क करें " : सुप्रीम कोर्ट ने ' लव जिहाद' अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं को वापस लेने की स्वतंत्रता दी
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गैरकानूनी धर्म परिवर्तन पर विवादास्पद उत्तर प्रदेश अध्यादेश को चुनौती देने वाली दो रिट याचिकाओं को वापस लेने की अनुमति दी - उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्रता देते हुए- जिसे आमतौर पर 'लव जिहाद' अध्यादेश के रूप में जाना जाता है ।भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय इस मामले से निपटने के लिए इच्छुक नहीं है जब उच्च न्यायालय पहले से ही इस पर विचार कर रहा है।सीजेआई ने याचिकाकर्ताओं के वकील से कहा, "उच्च न्यायालय...
140 वकीलों ने किसान आंदोलन के दौरान दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं के बंद होने के खिलाफ सीजेआई को पत्र लिखा, स्वत: संज्ञान लेने की मांग
140 वकीलों के एक समूह ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को चल रहे किसान आंदोलन के दौरान दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं के बंद होने के खिलाफ पत्र लिखा है।A group of 140 lawyers submits a letter petition before the Chief Justice of India again the internet shutdown imposed in parts of Delhi-NCR during the ongoing farmers protests.#FarmersProtests #InternetShutdowns pic.twitter.com/PlxUVRqny3— Live Law (@LiveLawIndia) February 3, 2021किसानों की गणतंत्र दिवस की ट्रैक्टर रैली हिंसक हो जाने...
"हमें यकीन है कि सरकार जांच कर रही है " : सुप्रीम कोर्ट ने गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा की जांच करने की याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को उपयुक्त सरकारी मंत्रालय में प्रतिनिधित्व देने के लिए स्वतंत्रता के साथ याचिका वापस लेने की अनुमति दी।भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने पीठ की अध्यक्षता करते हुए मौखिक रूप से कहा कि सरकार पहले से ही इस मामले की जांच कर रही है और याचिकाकर्ताओं से प्रतिनिधित्व के साथ उपयुक्त मंत्रालय का रुख...
अनुच्छेद 227 के तहत हाईकोर्ट याचिकाएं तय करते समय अनुच्छेद 136 के दृष्टिकोण को नहीं अपना सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत उच्च न्यायालय द्वारा याचिकाएं तय करते समय संविधान के अनुच्छेद 136 के दृष्टिकोण को नहीं अपनाया जा सकता।न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर एक अपील पर सुनवाई करते हुए ये अवलोकन किया, जिसमें राजस्व मंडल, ग्वालियर के आदेश पर हमला किया गया है। न्यायालय ने लागू आदेश को रद्द कर दिया और कारणों और पक्षकारों की प्रस्तुतियों की उचित...
शशि थरूर, राजदीप सरदेसाई ने किसान प्रदर्शन के दौरान सिख युवक की मौत पर ट्वीट करने पर दर्ज FIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी
कांग्रेस नेता और सांसद डॉ शशि थरूर और पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत के बारे में कथित तौर पर असत्यापित खबर साझा करने के लिए विभिन्न राज्यों में दर्ज कई एफआईआर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।पत्रकार मृणाल पांडे, जफर आगा, परेश नाथ और अनंत नाथ ने भी एफआईआर को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस सांसद शशि थरूर और छह पत्रकारों के खिलाफ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश...
भ्रष्टाचार समाज के खिलाफ अपराध है : सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को बरी करने के गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को रद्द किया
भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत अपराध समाज के खिलाफ अपराध हैं, सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार के एक मामले में एक आरोपी को बरी करने के गुजरात उच्च न्यायालय के फैसले को रद्द करते हुए कहा।इस मामले में, आरोपी, जो आईटीआई, गांधी नगर में सहायक निदेशक था, को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) और 13 (2) के साथ पढ़ते हुए धारा 7 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था। अपील की अनुमति देते हुए, उच्च न्यायालय ने उसे बरी कर दिया और इससे दुखी होकर राज्य ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।फैसले...
भारत का संविधान (Constitution of India) भाग 5: भारत के संविधान के अंतर्गत लोक सेवाओं में अवसर की समानता
पिछले आलेख में भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 के अंतर्गत विधि के समक्ष समान संरक्षण के संदर्भ में चर्चा की गई थी, इस आलेख में लोक सेवाओं में अवसर की समानता के अधिकार के संबंध में चर्चा की जा रही है जिसका उल्लेख भारत के संविधान के अनुच्छेद 16 के अंतर्गत किया गया है।लोक सेवाओं में अवसर की समानता (अनुच्छेद 16)लोक सेवाएं अर्थात सरकारी नौकरी। भारत के संविधान के अनुच्छेद 16 के अंतर्गत भारत क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी नागरिक के बीच कोई भी सरकारी नौकरी अर्थात लोक सेवाओं में किसी प्रकार का ऐसा भेदभाव नहीं...
किसान प्रदर्शन : किसानों की सुरक्षा व संरक्षण और प्रदर्शन के दौरान सिख युवक की मौत के मामले की जांच की मांग, सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर कर मांग की गई है कि अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि वह विभिन्न बाॅर्डर यानी सिंघू,गाजीपुर और टिकरी पर प्रदर्शन कर रहे किसानों की सुरक्षा व संरक्षण को सुनिश्चित करें और उनको पानी व बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं उपलब्ध कराएं। याचिकाकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन के दौरान उत्तराखंड के जिला उधम सिंह नगर के बाजपुर निवासी नवनीत सिंह की मौत की दुर्भाग्यपूर्ण घटना की भी स्वतंत्र जांच की मांग की है,जिसे कथित तौर पर बंदूक की गोली लगी थी,लेकिन उसकी पीएमआर में मौत का कारण...
'जन गण मन'वीडियो में युवक की मौत का मामलाः दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली पर हलफनामा दायर करने को कहा
23 वर्षीय फैजान की मौत के मामले में कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच करवाने की मांग करने वाली एक याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा है कि वह दस्तावेजों के संरक्षण और पुलिस स्टेशन में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली के संबंध में एक हलफनामा दायर करें। गौरतबल है कि पिछले साल वायरल हुए एक वीडियो में फैजान को देखा गया था। इस वीडियो में दिल्ली दंगों के दौरान पुलिस अधिकारी जमीन पर पड़े पांच घायल लोगों को राष्ट्रगान गाने के लिए मजबूर कर रहे थे। हाईकोर्ट, फैजान की माँ किसमटुन की तरफ...
'जमानत नियम है, जेल अपवाद ': दिल्ली कोर्ट ने किसान आंदोलन के दौरान गिरफ्तार पत्रकार मनदीप पुनिया को जमानत दी
रोहिणी कोर्ट (दिल्ली) के उत्तरी जिला के मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने किसान आंदोलन को कवर करते हुए दिल्ली पुलिस द्वारा सिंघु बॉर्डर से 30 जनवरी को हिरासत में लिए गए स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पुनिया को जमानत दी। यह देखते हुए कि कोई संभावना नहीं है कि अभियुक्त / आवेदक किसी भी पुलिस अधिकारी को प्रभावित करने में सक्षम है और उससे कोई जब्ती नहीं की जानी है, मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सतवीर सिंह लांबा ने उन्हें 25,000 रुपये की राशि या इसके समान राशि में जमानत बांड प्रस्तुत करने पर जमानत दी।कोर्ट...
बार काउंसिल ऑफ इंडिया कोई 'एंटरप्राइज (उद्यम)' नहीं है: भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने बीसीआई के खिलाफ प्रभुत्व के दुरुपयोग की शिकायत खारिज की
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने शिकायत को खारिज कर दिया है जिसमें आरोप लगाया गया था कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया कानूनी शिक्षा में प्रवेश करने के लिए अधिकतम आयु सीमा लगाकर "अपने प्रमुख पद का दुरुपयोग कर रही है"। केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग में 52 वर्षीय कार्यकारी इंजीनियर थुपिली रवेन्द्र बाबू द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसने रिटायरमेंट के बाद कानूनी शिक्षा लेने की इच्छा जताई थी। शिकायतकर्ता का आरोप कानूनी शिक्षा नियमों 2008 के खंड 28 पर है, जिसमें सामान्य वर्ग से संबंधित उम्मीदवारों को कानूनी...
सुप्रीम कोर्ट ने ' हेट स्पीच ' मामले में आप सासंद संजय सिंह के खिलाफ यूपी कोर्ट द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट पर रोक लगाने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पिछले साल अगस्त में लखनऊ, यूपी में अपने संवाददाता सम्मेलन में ' हेट स्पीच ' के लिए एफआईआर के सिलसिले में आम आदमी पार्टी (आप ) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।12.08.2020 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, उन्होंने कुछ बयान दिए, जिसके बारे में पुलिस स्टेशन हजरतगंज, लखनऊ में धारा 153-ए, 153-बी, 501, 505 (1), 505 (2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के बाद, जांच अधिकारी ने उपरोक्त धाराओं के तहत 07.09.2020 को आरोप पत्र...
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया : सीआरपीसी की धारा 319 के तहत ट्रायल कोर्ट की असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल संयम से किया जाना चाहिए
सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा है कि किसी अपराध के लिए दोषी प्रतीत होने वाले अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही शुरू करने को लेकर आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 319 के तहत ट्रायल कोर्ट की शक्तियां विवेकाधीन और असाधारण हैं, जिसका इस्तेमाल संयम से किया जाना चाहिए।इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने एक वास्तविक शिकायतकर्ता की ओर से दायर अर्जी मंजूर कर ली और एक व्यक्ति को समन किया। चूंकि वह व्यक्ति पेश नहीं हुआ, इसलिए कोर्ट ने गैर - जमानती वारंट जारी किया और सीआरपीसी की धारा 446 के तहत नोटिस...
स्पीडी ट्रायल के मौलिक अधिकार का उल्लंघन यूएपीए केस में संवैधानिक अदालतों के लिए जमानत देने का आधार : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यूएपीए की धारा 43 डी (5) संवैधानिक न्यायालयों की क्षमता को मौलिक ट्रायल के उल्लंघन के आधार पर ज़मानत देने की क्षमता से बाहर नहीं करती है।न्यायमूर्ति एनवी रमना, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने यह भी कहा कि उस समय प्रावधान की कठोरता पिघल जाएगी, जहां ट्रायल के किसी उचित समय के भीतर पूरा होने की संभावना नहीं है और पहले से ही निर्धारित सजा अवधि के पूरे होने की संभावना काफी हद तक बढ़ गई है।अदालत ने इस प्रकार केरल उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ...
"वह हमेशा वकीलों के लिए खड़े हुए हैं", पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल ने एजी अतुल नंदा को सदस्यता से हटाने के पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रस्ताव पर रोक लगाई
पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (HCBA) के एजी अतुल नंदो को सदस्यता से हटाने के एक प्रस्ताव पर रोक लगा दी है। काउंसिल ने कहा है कि एजी अतुल नंदा को सदस्यता के हटाने के एचसीबीए के फैसला को मनमाने तरीके से लिया गया था।काउंसिल ने कहा, "... अतुल नंदा हमेशा अधिवक्ताओं के लिए खड़े हुए हैं। एचसीबीए का संकल्प तथ्यों के खिलाफ है। अतुल नंदा ने सार्वजनिक रूप से कई बार न्यायालयों के फिजिकल कामकाज को फिर से शुरू करने का समर्थन किया है।"सोमवार को, पंजाब और हरियाणा...
UAPA अधिनियम की धारा 43 D (5) में जमानत प्रतिबंध NDPS अधिनियम की धारा 37 की तुलना में कम कठोर है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट सोमवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 43D (5), नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक सब्सटंस (NDPS) अधिनियम की धारा 37 की तुलना में कम कठोर है। UAPA और NDPS के प्रासंगिक प्रावधान निम्नानुसार हैं:धारा 43D(5) UAPAइस अधिनियम के अध्याय 4 और 6 के तहत किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अपराध का आरोप नहीं लगाया जाएगा, यदि हिरासत में है, तो जमानत पर या अपने स्वयं के बांड पर रिहा किया जा सकता है, जब तक कि लोक अभियोजक को इस तरह की रिहाई के लिए...



















