संपादकीय
दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान पुलिस द्वारा अवैध रूप से हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की रिहाई की मांग, दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें न सिर्फ किसानों को बल्कि सभी व्यक्तियों को रिहा करने की मांग की गई है, जिन्हें कथित तौर पर 26 जनवरी को या उसके बाद राजधानी दिल्ली में आयोजित किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा अवैध रूप से हिरासत में लिया गया है। याचिकाकर्ता जो कानून के छात्र है, उसने अधिवक्ता आशिमा मंडला और एडवोकेट मंदाकिनी सिंह के माध्यम से याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि इस तरह की गिरफ्तारी भारत के संविधान के अनुच्छेद 14,...
वर्चुअल कोर्ट के साथ साथ फिज़िकल हियरिंग भी शुरू होगी, मुख्य न्यायाधीश ने आश्वासन दिया
भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने आश्वासन दिया है कि वर्चुअल कोर्ट के साथ फिजिकल सुनवाई भी जल्द से जल्द हाइब्रिड तरीके से फिर से शुरू होगी। सीजेआई ने कहा कि चिकित्सा सलाह (मेडिकल एडवाइस) पर विचार करने और सभी हितधारकों के स्वास्थ्य के संबंध में मौजूदा बाधाओं को दूर करने के बाद टेक्नोलॉजी स्ट्रक्चर और रजिस्ट्री कर्मचारियों की उपलब्धता के साथ फिजिकल सुनवाई के मुद्दे पर विचार किया जाएगा। सीजेआई ने सोमवार को उनके द्वारा बुलाई गई एक बैठक में यह बात कही, जिसमें भारत के सॉलिसिटर जनरल, बार काउंसिल...
आयकर सीमा में नहीं होगा बदलाव, 75 पार के बुजुर्गों को रिटर्न भरने की जरूरत नहींः बजट 2021 की महत्वपूर्ण घोषणाएं
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट पेश किया। बजट में पेश किए गए कर प्रस्तावों इस प्रकार हैं:-कॉरपोरेट और व्यक्तिगत, दोनों कर दरें अपरिवर्तित रहेंगी। हालांकि, 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन वरिष्ठ नागरिकों, जिन्हें केवल पेंशन या ब्याज से आय होती है, राहत होगी। उन्हें आयकर रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होगी।-अ-गंभीर कर चोरी के मामले में मूल्यांकन के पुनः आरंभी की अवधि 6 वर्ष से घटाकर 3 वर्ष कर दी गई है। हालांकि, गंभीर कर धोखाधड़ी के मामले में, जहां...
"मां- पिता के पास लड़की की कस्टडी हमेशा अवैध हिरासत नहीं होती " : सुप्रीम कोर्ट ने ' 'आध्यात्मिक गुरु' की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर कहा
भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने सोमवार को उस व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया , जिसमें उसने 'आध्यात्मिक गुरु' होने का दावा करते हुए, केरल हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें उसकी 'आध्यात्मिक लिव-इन पार्टनर ' को उसके माता-पिता की अवैध हिरासत से रिहा कराने की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया गया था।न्यायालय ने यह कहते हुए याचिका पर सुनवाई करने के लिए असहमति व्यक्त की कि उच्च न्यायालय ने यह नहीं पाया है कि महिला...
जन्मपूर्व लिंग निर्धारण एक गंभीर अपराध है, इससे लैंगिग समानता और गरिमा को नुकसान पहुंचता है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जन्मपूर्व लिंग निर्धारण समाज के लिए गंभीर परिणाम के साथ गंभीर अपराध है।न्यायमूर्ति मोहन एम. शांतानागौदर की अध्यक्षता वाली पीठ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें कोर्ट ने आरोपी द्वारा दायर अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा, "हमें अपने समाज से कन्या भ्रूण हत्या और बालिकाओं के प्रति अमानवीयता को खत्म करने के लिए सख्त दृष्टिकोण अपनाना होगा।"आरोपी पर भारतीय दंड संहिता, मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 और प्री...
ईपीएफ - सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखने का फैसला वापस लिया जिसमें कहा गया था कि वेतन के अनुपात में ही पेंशन हो
सुप्रीम कोर्ट ने केरल उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका को खारिज करने के अपने आदेश को वापस ले लिया है, जिसमें कर्मचारी पेंशन (संशोधन) योजना, 2014 को रद्द किया गया था जिसमें अधिकतम पेंशन योग्य वेतन प्रतिमाह 15, 000 प्रति माह था।जस्टिस उदय उमेश ललित, जस्टिस एस हेमंत गुप्ता और जस्टिस रवींद्र भट की बेंच ने भारत संघ और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर एसएलपी को 25.02.2021 को प्रारंभिक सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।केंद्र सरकार का तर्क है...
सीपीसी 96 के तहत अपीलीय अदालत के अधिकार क्षेत्र में कानून के सवालों के साथ-साथ तथ्य की अपील पर फिर से सुनवाई करना शामिल : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने पाया है कि सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 96 के तहत एक अपीलीय अदालत के अधिकार क्षेत्र में कानून के सवालों के साथ-साथ तथ्य की अपील पर फिर से सुनवाई करना शामिल है।न्यायमूर्ति एस अब्दुल नज़ीर और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने इस तरह से कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा पारित एक आदेश को रद्द करते हुए अवलोकन किया जिसने एक ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर अपील को खारिज कर दिया था।ट्रायल कोर्ट के आदेश में भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम की धारा 278 के तहत एक श्रीनिवास गंभीर द्वारा निष्पादित...
धारा 377 आईपीसी और पोक्सो अधिनियम के तहत बच्चों के खिलाफ हुए अपराधों के मामले को पक्ष आपस में समझौता करके खत्म नहीं कर सकतेःदिल्ली उच्च न्यायालय
दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि अदालत केवल इस आधार पर एफआईआर को रद्द करने की अनुमति नहीं दे सकती है कि पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया है, जबकि एफआईआर भारतीय दंड संहिता की धारा 377 और पोक्सो अधिनियम के तहत बच्चों के खिलाफ जघन्य अपराधों से संबंधित है।जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद ने पटेल नगर थाने में आईपीसी की धारा 377, पोक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत दर्ज एफआईआर, जिसे धारा 482 सीआरपीसी के तहत रद्द करने की प्रार्थना की गई थी, को रद्द करने से इनकार कर दिया।आईपीसी की धारा 377 के तहत...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : जानिए सुप्रीम कोर्ट में कैसा रहा पिछला सप्ताह
25 जनवरी 2021 से 29 जनवरी 2021 तक सुप्रीम कोर्ट के कुछ ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़रसुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय को निर्देश दिया कि उस लॉ स्टूडेंट के 5 वें सेमेस्टर का परिणाम घोषित करे, जिसकी अटेंडेंस प्रेग्नेंसी के कारण कम थीसुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय को निर्देश दिया कि वह उस विधि छात्रा के 5 वें सेमेस्टर का परिणाम घोषित करे, जो अपनी गर्भावस्था के कारण अपेक्षित 70% उपस्थिति मानदंडों को पूरा नहीं कर सकी। अंकिता मीणा अपनी गर्भावस्था के कारण 4 वें सेमेस्टर के दौरान कई कक्षाएं छूटने के...
जहां न्यूनतम सजा का प्रावधान नहीं है और अधिकतम सजा दस साल से अधिक है तो डिफ़ॉल्ट जमानत का अधिकार कहां होगा ? सुप्रीम कोर्ट करेगा परीक्षण
सुप्रीम कोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 (2) के तहत डिफ़ॉल्ट जमानत के प्रयोजनों के लिए चार्जशीट दाखिल करने के लिए आवश्यक अवधि के संबंध में कानूनी स्थिति की जांच करने का निर्णय लिया है, जब अपराध में न्यूनतम सजा का प्रावधान नहीं है लेकिन अधिकतम सजा के लिए निर्धारित कारावास की अवधि दस वर्ष से अधिक है। न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले में कानून के इस सवाल पर नोटिस जारी किया (राज्य दिल्ली एनसीटी बनाम राजीव शर्मा)।यह एक विशेष अनुमति याचिका थी, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय...
नियुक्ति को उचित समय में चुनौती नहीं दी गई : सुप्रीम कोर्ट ने सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति को रद्द करने के आदेश को रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया जिसमें सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति को यह देखते हुए रद्द कर दिया गया था कि नियुक्ति को लागू अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उचित समय में चुनौती नहीं दी गई थी।इस मामले में, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की कार्यकारी परिषद ने 08.08.2005 को चयन समिति की सिफारिशों पर सहायक प्रोफेसर और डॉ जितेंद्र कुमार राव को लेक्चरर के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दी। 13.02.2009 को, राव ने कुलपति के सामने पूरन चंद की नियुक्ति को चुनौती देते हुए एक...
सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद मुठभेड़ की जांच के लिए आयोग को 6 महीने का समय और दिया
सुप्रीम कोर्ट की बेंच जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यम ने हैदराबाद में 6 दिसंबर, 2019 को पशु चिकित्सक से बलात्कार करने के चार अभियुक्तों की कथित मुठभेड़ की जांच और अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए जांच आयोग को छह महीने का समय और दे दिया।यह दूसरा अवसर है जिसमें सर्वोच्च न्यायालय ने अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए आयोग को छह महीने का समय दिया है। इससे पहले जुलाई 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद में 6 दिसंबर, 2019 को चार अभियुक्तों की...
क्या किराए का गैर-भुगतान IBC कोड के अर्थ के भीतर एक परिचालन ऋण के रूप में योग्य होगा? सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
क्या किराए का गैर-भुगतान इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड 2016 की धारा 5 (21) के अर्थ के भीतर एक परिचालन ऋण के रूप में योग्य होगा? सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल द्वारा पारित एक आदेश के खिलाफ दायर अपील में नोटिस जारी किया।इस मामले में, मकान मालिक ने इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016 की धारा 9 के तहत अर्जी दाखिल की, जिसे इस आधार पर फैसला करने वाले प्राधिकरण द्वारा खारिज कर दिया गया था कि IBC की धारा 5 (21) के तहत अचल संपत्ति के किराए की प्रकृति में बकाया परिचालन ऋण के रूप में...
"इन महिलाओं ने राष्ट्र की सेवा की, क्यों उन्हें फिर से मुकदमेबाजी के चक्र में धकेल दिया": सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से परमानेंट कमीशन के मामले में मतभेदों को हल करने का आग्रह किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एक बार अंतिम निर्णय और आदेश के माध्यम से कार्यवाही का निपटारा कर दिया गया है, इसके कार्यान्वयन के लिए एक विविध आवेदन कायम नहीं है। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ एनी नागराज के मामले में 17 मार्च, 2020 के फैसले के अनुसार, दिशा निर्देशों के लिए एक आवेदन पर सुनवाई कर रही थी। इसमें कहा गया था कि भारतीय नौसेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन में सेवा दे रही महिला अधिकारी, उनके पुरुष समकक्षों के समान परमानेंट सर्विस कमीशन की हकदार थी।महिला उम्मीदवारों की...
'अदालत की नींव बहुत मजबूत, आलोचना करना अवमानना नहीं है ' : मुकुल रोहतगी ने रचिता तनेजा के लिए कहा
न्यायपालिका के खिलाफ अपने ट्वीट के लिए कार्टूनिस्ट रचिता तनेजा के खिलाफ शुरू की गई अवमानना कार्यवाही में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि ' अदालत की आलोचना करना अवमानना नहीं है।'रोहतगी ने तनेजा की ओर से शुक्रवार को कहा, "मुझे नहीं पता कि कोर्ट ने नोटिस क्यों जारी किया है। कोर्ट की नींव काफी मजबूत है।"उनके जवाबों पर प्रतिक्रिया देते हुए, न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने टिप्पणी की, "हम सहमत हैं। लेकिन इन दिनों हर किसी के साथ चीजें बहुत दूर जा रही हैं."उन्होंने कहा, "यहां 25...
सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई टाली
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ न्यायपालिका की आलोचना करने वाले उनके ट्वीट पर शुरू किए गए आपराधिक अवमानना मामले को दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया।जस्टिस अशोक भूषण के नेतृत्व वाली पीठ ने याचिकाकर्ता के अनुरोध पर मामले को स्थगित करने की अनुमति दी, ताकि उसे कामरा के जवाबी हलफनामे का जवाब देने में सक्षम बनाया जा सके।याचिकाकर्ता की ओर से पेश एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उन्हें शुक्रवार सुबह ही कामरा का हलफनामा मिला था। इसलिए उन्होंने जवाब देने के लिए...
व्हाट्सएप पे' द्वारा निजता दिशा- निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) प्लेटफॉर्म पर डेटा सुरक्षा से संबंधित एक याचिका में एक हस्तक्षेप आवेदन पर नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया है कि व्हाट्सएप पे मामले के न्यायालय के समक्ष लंबित होने के बावजूद भारत में पूर्ण पैमाने पर परिचालन शुरू करने के लिए तैयार है।भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह की दलीलें सुनीं, जो आवेदक की ओर से पेश हुए और आईए में नोटिस जारी करने के लिए आगे बढ़ीं।मामला अब सोमवार, 1 फरवरी तक के...
UPI प्लेटफॉर्म नियमों का पालन करें, ये सुनिश्चित करने का काम NPCI का है: रिजर्व बैंक ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्यसभा सांसद बिनॉय विश्वम की याचिका पर दायर एक हलफनामे में, आरबीआई ने प्रस्तुत किया है कि अमेजन, गूगल और व्हाट्सएप जैसी कंपनियों ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को नियंत्रित करने वाले कानूनों के अनुपालन में काम किया है, ये यह सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की है,आरबीआई की नहीं।तत्काल मामले में याचिका में आरबीआई और एनपीसीआई को निर्देश देने की मांग की गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि व्हाट्सएप, गूगल, अमेजन और...
भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 : एक बार राज्य ने कब्जा ले लिया तो भूस्वामी का टाइटल समाप्त हो जाता है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि एक बार राज्य द्वारा कब्जा कर लिए जाने के बाद, भूमि राज्य के साथ पूरी तरह से निहित हो जाती है और भूस्वामी का टाइटल समाप्त हो जाता है।जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस संजीव खन्ना ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ असम औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड द्वारा दायर याचिका को अनुमति दी जिसमें भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 के तहत पारित किए गए फैसले को शून्य करार दिया गया था।यह अवार्ड गिलापुकरी चाय कंपनी लिमिटेड से संबंधित भूमि के संबंध में जारी किए गए भूमि अधिग्रहण अधिसूचना...
'हम उस प्रसारण से चिंतित हैं, जो हिंसा भड़काते हैं ' : सुप्रीम कोर्ट ने केबल टीवी एक्ट के तहत शक्तियों पर केंद्र से स्पष्टीकरण मांगा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार से केबल टीवी नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम 1994 के तहत उस सामग्री के प्रसारण (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा) को नियंत्रित करने के लिए कहा, जिसमें हिंसा भड़काने की प्रवृत्ति है।सीजेआई के नेतृत्व वाली बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा, "हम लोगों के बारे में इतना चिंतित नहीं हैं, लोग इन दिनों कुछ भी कह रहे हैं। हम उन स्थितियों से चिंतित हैं जो हिंसा पैदा कर सकती हैं और संपत्ति और जीवन को नुकसान पहुंचा सकती हैं।"याचिकाओं में उन खबरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है,...


















