संपादकीय
सुप्रीम कोर्ट ने हाईब्रिड सुनवाई की एसओपी पर मतभेद सुलझाने के लिए जजों की समिति और एससीबीए के बीच बैठक की आवश्यकता जताई
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि हाइब्रिड सुनवाई के लिए तैयार की गई विवादास्पद एसओपी पर जजों की समिति और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच एक बैठक होनी चाहिए।आदेश में न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और आर सुभाष रेड्डी की एक पीठ ने कहा,"सार्थक परामर्श केवल न्यायाधीशों की समिति के साथ हो सकता है।"पीठ ने आदेश दिया,"हम मानते हैं कि यह उन चीजों की फिटनेस में होगा कि बार के सदस्य एसओपी की धारणा में अपने मतभेदों को दूर करें, जिसके लिए उपयुक्त पाठ्यक्रम बार के...
कंज्यूमर प्रोटेक्टशन एक्ट, 2019 से पहले दायर की गई सभी उपभोक्ता शिकायतों को सीपीए 1986 के तहत विशेष न्यायिक क्षेत्र के अनुसार फोरम द्वारा सुना जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (सीपीए) 2019 के प्रभाव में आने से पहले दायर की गई उपभोक्ता शिकायतों की सुनवाई उन फोरम पर जारी रहनी चाहिए, जिनमें उन्हें पूर्ववर्ती उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत विशेष अधिकार क्षेत्र के अनुसार दायर किया गया था।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की खंडपीठ ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के निर्देशों को पलट दिया, जिसमें कहा गया था कि अधिनियम, 1986 के अनुसार पहले से स्थापित मामलों को अधिनियम,...
अनुच्छेद 226 के तहत राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग द्वारा पारित आदेशों पर रिट याचिका सुनवाई योग्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग द्वारा पारित निर्णय और आदेशों को चुनौती देने वाली रिट याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।इस मामले में, एम.पी. राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग [जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम के आदेश को बरकरार रखते हुए एक संशोधन याचिका को खारिज करते हुए] के आदेश को एक रिट याचिका दायर करके उच्च न्यायालय के समक्ष चुनौती दी गई थी।रजिस्ट्री ने आपत्ति जताई और कहा कि सिसिली कल्लारकाल बनाम वाहन कारखाना [(2012) 8 SCC [ 524] में सुप्रीम...
किशोर-न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2000 के अंतर्गत संरक्षण की आवश्यकता वाले बालक के संदर्भ में प्रावधान
किशोर न्याय अधिनियम केवल किशोरों के संबंध में उन किशोरों के लिए ही उपबंध नहीं करता है जो किसी अपराध में संलिप्त है अपितु इसमे उन बालकों को भी शामिल किया गया है जिन्हें देख रेख की आवश्यकता है। इससे संबंधित प्रावधानों को यहां इस आलेख में प्रस्तुत किया जा रहा है।चाइल्ड वेलफेयर कमेटीइस अधिनियम की धारा 29 के अंतर्गत प्रत्येक जिले के लिए, जैसा कि अधिसूचना में विहित किया जाए देख रेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बालक के कल्याण के लिए ऐसी समिति को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग और कर्तव्यों का निर्वहन करने के...
सीआरपीसी 319 के तहत मुख्य गवाह के परीक्षण के आधार पर भी आरोपी को समन जारी किया जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यहां तक कि मुख्य गवाह के परीक्षण के आधार पर भी एक अभियुक्त को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत समन जारी किया जा सकता है और अदालत को उसके साथ जिरह तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है।न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने कहा कि यदि मुख्य गवाह के परीक्षण के आधार पर न्यायालय संतुष्ट है कि प्रस्तावित अभियुक्त के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला है, तो न्यायालय धारा 319 सीआरपीसी के तहत शक्तियों का प्रयोग कर सकता है और ऐसे व्यक्ति को आरोपी के रूप में...
बाटला हाउस एनकाउंटर : अदालत ने रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस मानते हुए दोषी आरिज़ खान को मौत की सज़ा सुनाई
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को आरिज खान उर्फ जुनैद को 2008 के बटला हाउस मुठभेड़ से संबंधित मामले में दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई।मामले में पुलिस निरीक्षक मोहन चंद शर्मा और दो कथित आतंकवादी मुठभेड़ में मारे गए थे। कोर्ट ने आरिज खान धारा 186, 333, 353, 302, 307, 174A, 34 आईपीसी और शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत दोषी पाया।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने इसे दुर्लभ में दुर्लभतम (रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस) मामले का उदाहरण मानते हुए मौत की सजा सुनाई।कोर्ट ने दोषी पर 11 लाख रुपए का जुर्माना...
पीजी आयुर्वेद योग्य व्यक्तियों को आधुनिक सर्जरी का अभ्यास करने की अनुमति के नियम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन (सीसीआईएम) द्वारा तय विनियमों को चुनौती देने वाली याचिका में नोटिस जारी किया है जिसमें पीजी आयुर्वेद योग्य व्यक्तियों को आधुनिक सर्जरी का अभ्यास करने के लिए अनुमति देने की मांग की गई है।सीजेआई एसए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यम की तीन जजों की पीठ ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया है, जिसमें सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन (सीसीआईएम) द्वारा PG...
क्या गैरकानूनी हिरासत की अवधि को डिफ़ॉल्ट जमानत की अवधि में शामिल किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट गौतम नवलखा की याचिका पर 22 मार्च को सुनवाई करेगा
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह एक्टिविस्ट गौतम नवलखा की याचिका पर 22 मार्च सुनवाई करेगा।गौतम नवलखा ने सुप्रीम कोर्ट में बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें गौतम नवलखा को 2018 में उनके हाउस अरेस्ट की 34 दिनों की अवधि को गिनती में लाते हुए उन्हें डिफ़ॉल्ट जमानत देने से इनकार कर दिया था।जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस केएम जोसेफ की एक खंडपीठ ने सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अनुरोध पर नवलाखा की याचिका पर जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए सुनवाई स्थगित कर दी।नवलखा की ओर से पेश...
"जब आप एमिकस क्यूरी के रूप में पेश होते हैं, तो फीस न मांगें, इसे संस्थान की सेवा के रूप में करें" : सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 32 के तहत फीस वसूली की याचिका पर वकील से कहा
न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने सोमवार को एक वकील से कहा,"जब आप एमिकस क्यूरी के रूप में पेश होते हैं, तो अपनी फीस न मांगें। इसे संस्थान की सेवा के रूप में करें।"न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने याचिकाकर्ता-अधिवक्ता द्वारा अनुच्छेद 32 के तहत एक रिट याचिका पर विचार किया, जिसमें एमिक्स के रूप में उत्तर प्रदेश और झारखंड राज्यों से क्रमश: 10 हजार रुपये और 14 हजार रुपये की फीस के अलावा मुआवजे के माध्यम से प्रत्येक से 5 लाख रुपये भी मांगे थे।शुरुआत में जस्टिस चंद्रचूड़ ने...
'अस्वीकार करने का अधिकार' : सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर नोटिस जारी किया जिसमें कहा गया कि यदि NOTA को अधिकतम मत मिलें तो चुनाव अमान्य हों
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका पर नोटिस जारी किया है जिसमें भारतीय चुनाव आयोग को निर्देश देने को कहा गया कि वो अनुच्छेद 324 के तहत अपनी विशेष शक्ति का इस्तेमाल कर उस चुनाव को शून्य घोषित करे जहां यदि किसी विशेष निर्वाचन क्षेत्र में NOTA के पक्ष में अधिकतम वोट पड़े हैं, और नए सिरे से चुनाव कराए। साथ ही उन उम्मीदवारों को नए चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करें जिन्होंने इस अमान्य चुनाव में हिस्सा लिया था।सुप्रीम कोर्ट के वकील और भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय की याचिका में विकल्प में, अदालत से केंद्र...
मुस्लिम महिला ने हिंदू पुरुष से शादी करने से पहले हिंदू धर्म में परिवर्तन नहीं किया, विवाह मान्य नहीं, हालांकि युगल लिव-इन-रिलेशन में रहने के लिए स्वतंत्र हैं: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
एक अंतर-धार्मिक दंपति द्वारा दायर एक संरक्षण याचिका पर विचार करते हुए, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने हाल ही में देखा कि एक मुस्लिम महिला और एक हिंदू पुरुष के बीच विवाह इसलिए मान्य नहीं होगा क्योंकि महिला, हिंदू संस्कार के अनुसार विवाह से पहले, हिंदू धर्म में परिवर्तित नहीं हुई थी। न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी की पीठ ने हालांकि यह भी फैसला सुनाया कि दम्पत्ति, विवाह की प्रकृति में लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने के और साथ ही अपने जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए भी हकदार होंगे। ...
"वर्चुअल कोर्ट को एक विकल्प के रूप में जारी रखने की अनुमति दें": ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ ज्यूरिस्ट्स ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
सुप्रीम कोर्ट में ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ जुरिस्ट्स ने एक विकल्प के रूप में कोर्ट में वर्चुअल मोड में सुनवाई करने और बार में विविधता बढ़ाने की अनुमति मांगी है।कोर्ट में याचिका के माध्यम से आग्रह किया गया है कि विशेष रूप से बार के सदस्य जो विभिन्न बीमारियों, वृद्धावस्था और अन्य शारीरिक विकृति के कारण COVID19 के पूर्व टीकाकरण के परिदृश्य में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष शारीरिक (फिजिकल मोड) रूप से पेश होने में असक्षम हो गए हैं, कोर्ट द्वारा ऐसे लोगों के लीगल प्रैक्टिस के अधिकार की रक्षा की...
'समाज को तभी फायदा होगा, जब लैंगिक विविधता होगी': जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने विदाई समारोह में कहा
सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने (शुक्रवार) अपने विदाई समारोह में कहा कि जब समाज में लैंगिक विविधता (Gender Diversity) पाई जाती है तभी समाज को फायदा होता है।न्यायमूर्ति मल्होत्रा, जो बार से सीधे सर्वोच्च न्यायालय में पहुंचने वाली एकमात्र महिला ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित विदाई समारोह में कहा कि,"न्यायपालिका में पर्याप्त महिलाएं होंगी जब पुरुष और महिला जजों के बीच भेद नहीं किया जाएगा। यह तभी हो पाएगा जब अधिक से अधिक महिलाएं सक्रिय रूप से प्रैक्टिस करें और योग्यता और...
"मैं इस न्यायालय को पूर्णता की भावना के साथ छोड़ रही हूं", जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में अपने अंतिम कार्य दिवस पर कहा
"मैं खुश हूं और न्यायालय को पूर्णता की भावना के साथ छोड़ रही हूं", जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में अपने अंतिम कार्य दिवस पर यह टिप्पणी की।परंपरा के अनुरूप, जस्टिस मल्होत्रा जज के रूप में अंतिम कार्य दिवस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश के साथ पीठ साझा की। सुनवाई के बाद, CJI बोबडे और बार के सदस्यों ने जस्टिस मल्होत्रा के रिटायरमेंट पर मेंअपने विचार व्यक्त किए।सेरेमोनियल बेंच द्वारा मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद, CJI बोबडे ने कहा कि बेंच तब तक नहीं उठेगी, जब तक बार को...
"मुझे टाइगर बाम का इस्तेमाल करना पड़ा"; जस्टिस एमआर शाह ने हाईकोर्ट के समझ से परे जजमेंट पर टिप्पणी की
सुप्रीम कोर्ट ने (शुक्रवार) उन अनुचित तरीकों पर अपनी नाराजगी जाहिर की, जिस तरह से उच्च न्यायालयों के समझ से परे लिखित निर्णय (जजमेंट) आ रहे हैं।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर एक याचिका में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की खंडपीठ द्वारा पारित एक आदेश के खिलाफ दायर एक विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई कर रही थी, जो केंद्र सरकार के औद्योगिक न्यायाधिकरण के अवार्ड के मामले से संबंधित है। उच्च न्यायालय ने एक कर्मचारी के खिलाफ कदाचार...
ऐसा सरकारी अधिकारी जो राज्य सरकार की सेवा में है, उसे चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त नहीं कर सकते : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि सरकार की सेवा करने वाले एक सरकारी अधिकारी को उस राज्य के चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त नहीं किया जा सकता है। राज्य चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय ने यह महत्वपूर्ण निर्देश पारित किया।न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत निर्देश जारी किया कि भारत के सभी राज्य और क्षेत्र इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि इसके पास संविधान के अनुच्छेद 243 (4) के तहत उनके यहां...
सीबीआई के नियमित निदेशक की नियुक्ति की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गैर सरकारी संगठन कॉमन कॉज द्वारा दायर जनहित याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है जिसमें केंद्रीय जांच ब्यूरो के लिए एक नियमित निदेशक की नियुक्ति की मांग की गई है। जनहित याचिका में इसी साल दो फरवरी को ऋषि कुमार शुक्ला का कार्यकाल समाप्त होने के बाद, अंतरिम / कार्यवाहक सीबीआई निदेशक के रूप में प्रवीण सिन्हा की नियुक्ति का विरोध भी किया गया है।जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस एस रवींद्र भट की एक पीठ ने मामले को दो सप्ताह बाद सूचीबद्ध किया है।याचिकाकर्ता एनजीओ की...
सिर्फ इसलिए कि एक सिविल उपचार मौजूद है, आपराधिक कार्यवाही को रद्द नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि आपराधिक कार्यवाही को रद्द करने के लिए सिविल उपचार का अस्तित्व अपने आप में एक आधार नहीं है।जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने टिप्पणी की,केवल इसलिए कि शिकायतकर्ता के कहने पर शुरू किए गए अनुबंध या मध्यस्थ कार्यवाही को भंग करने के लिए एक उपाय प्रदान किया गया है, जो कि न्यायालय द्वारा किसी निष्कर्ष पर आने के लिए खुद को नहीं रोकता है कि सिविल उपचार एकमात्र उपाय है, और आपराधिक कार्यवाही की शुरुआत किसी भी तरीके से, इस तरह की कार्यवाही को रोकने के लिए धारा...
'आपको ईश्वर से इतनी कानूनी कुशाग्रता उपहार में मिली है, तो आप अपना आपा क्यों खो देते हैं?' जस्टिस आर सुभाष रेड्डी ने वकील यतिन ओझा को कहा
"कई अवसरों पर आपको सुनकर, मुझे आश्चर्य हुआ कि आपको ईश्वर से इतनी कानूनी कुशाग्रता उपहार में मिली है, तो आप अपना आपा क्यों खो देते हैं? आपके खिलाफ इतनी शिकायतें?' गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रह चुके जस्टिस आर सुभाष रेड्डी ने बुधवार को वकील और जीएचसीएए के अध्यक्ष यतिन ओझा को कहा।जस्टिस आर सुभाष रेड्डी गुजरात उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश भी रह चुके हैं। जस्टिस रेड्डी ने ये टिप्पणी यतिन ओझा की गुजरात हाईकोर्ट के वरिष्ठता गाउन को वापस लेने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई के दौरान की। ओझा...
राज्य द्वारा सहमति वापस लेने से ' रेलवे क्षेत्रों' में जांच पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा : सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाबी हलफनामा दायर किया है, जिसके तहत राज्य की सहमति के बिना पश्चिम बंगाल में रेलवे में कोयले के अवैध खनन और परिवहन से संबंधित एक मामले की जांच करने की अनुमति दी गई है।हलफनामे में सबसे पहले ये कहा गया है कि एसएलपी किसी भी योग्यता से रहित है और इसलिए ये खारिज होने के लिए उत्तरदायी है। इसके अलावा, मामले में याचिकाकर्ताओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट के राम किशन फौजी बनाम हरियाणा राज्य...


















