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'वैक्सीन को लेकर लोगों में झूठी उम्मीद ना जगाएं': कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य को दूसरी डोज की खरीद के लिए उठाए गए कदमों को सूचित करने का निर्देश दिया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार को कोविशील्ड (Covishield) की 7,04,050 डोज और कोवैक्सिन (Covaxin) की 2,44,170 डोज की खरीद के लिए उठाए गए कदमों को सूचित करने का निर्देश दिया। दरअसल, राज्य में विशेषज्ञों के निकाय द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर लोगों को दूसरी डोज नहीं मिल पा रही है। कोर्ट ने कर्नाटक राज्य में टीकाकरण की कमी की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह निर्देश दिया।मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की खंडपीठ ने कहा कि,"हम राज्य और केंद्र सरकार को यह दिखाने के...
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने COVID-19 से प्रभावित 2500 वकीलों को आर्थिक राहत के तौर पर 3.5 करोड़ रूपये दिए
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने अपने COVID-19 राहत उपायों के हिस्से के रूप में एक वॉर रूम की स्थापना की है। इसके तहत अब तक बार काउंसिल ने अपने 2500 सदस्य अधिवक्ताओं और उनके परिजनों कोरोना दूसरी लहर के दौरान सुचारू रूप से अस्पताल में भर्ती करने में मदद की है।काउंसिल ने अपने सदस्यों को गुणवत्तापूर्ण उपचार का समर्थन करने के लिए कोविड फंड के माध्यम से वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है।विभिन्न सहायता का विवरण इस प्रकार है:1. होम क्वारंटीन में रहने वाले वकील को - 15,000/- रुपये (गुरुवार तक, 2287 वकील पहले...
'केंद्र सरकार द्वारा दिशा-निर्देश जारी करने के बाद डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन शुरू करेंगे': बीएमसी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट में बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने गुरुवार को बताया कि वह केंद्र सरकार द्वारा दिशानिर्देश जारी होने के बाद बुजुर्गों और विकलांग नागरिकों के लिए "डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन" शुरू करेगा।इसके अलावा, मुंबई निगम ने अपने हलफनामे के माध्यम से कहा है कि उसने केंद्र और राज्य द्वारा जारी किए गए सभी दिशानिर्देशों का पालन किया है। हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार द्वारा "डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन" के लिए नीति या दिशानिर्देशों जारी किए जाना बाकी हैनिगम ने 20 मई को हाईकोर्ट के बुधवार के आदेश के बाद एक...
'पहले कुंभ मेला की अनुमति दी गई, अब चार धाम': उत्तराखंड हाईकोर्ट ने कहा- राज्य सरकार COVID-19 प्रोटोकॉल को लेकर लापरवाह है
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार (20 मई) को कुंभ मेला की अनुमति देने के लिए राज्य सरकार के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणी की, जिसमें COVID-19 महामारी के दौरान कई हफ्तों तक एक करोड़ से अधिक लोग एकत्र हुए थे।कोर्ट ने मंदिरों और धार्मिक उत्सवों में COVID-19 मानदंडों का पालन सुनिश्चित करने में विफल रहने पर राज्य सरकार की जमकर खिंचाई की।मुख्य न्यायाधीश राघवेंद्र सिंह चौहान और न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की खंडपीठ ने कहा कि बद्रीनाथ और केदारनाथ में संबंधित पुजारी सोशल डिस्टेंसिंग COVID-19 प्रोटोकॉल का पालन नहीं...
"उत्तराखंड में नेपाली नागरिकों को आधार कार्ड नहीं होने के कारण टीका नहीं लगाया जा रहा है": उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पत्र को याचिका के रूप में माना
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बुधवार (19 मई) को एक पत्र को 'पत्र याचिका' के रूप में स्वीकार करते हुई इस पर सुनवाई की। इस पत्र याचिका में कानून के एक छात्र ने बताया कि COVID-19 महामारी से लड़ने के लिए वैक्सीनेश प्रक्रिया शुरू होने पर कई नेपाली नागरिकों को आधार कार्ड नहीं होने के कारण वैक्सीन नहीं दी जा रही है।मुख्य न्यायाधीश राघवेंद्र सिंह चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ को दिल्ली विश्वविद्यालय के विधि संकाय के छात्र मेधा पांडे का एक पत्र मिला। इसमें कहा गया कि भारत में रह रहे कई नेपाली...
सुनिश्चित करें कि असली रेमडेसिवीर इंजेक्शन की बर्बादी न हो: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (17 मई) को राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि असली रेमडेसिवीर इंजेक्शन का कोई भी स्टॉक बेकार न जाए।मुख्य न्यायाधीश मो. रफीक और न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की खंडपीठ ने लाखन शर्मा द्वारा दायर जनहित याचिका के रूप में एक रिट याचिका पर इस प्रार्थना के साथ सुनवाई करते हुए कहा:1. उत्तरदाताओं-प्राधिकारियों को सामान्य रोगियों को वितरित किए जाने के लिए बरामद/जब्त किए गए रेमडेसिवीर इंजेक्शन प्रदान करने का निर्देश दिया जाता है और2. सार्वजनिक उपयोग के लिए...
नारदा केस: 'अपरिहार्य परिस्थितियों' के कारण कलकत्ता हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के चार नेताओं की जमानत से संबंधित नारद मामले में गुरुवार को होने वाली सुनवाई स्थगित कर दी गई। किन्हीं "अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण" क्योंकि खंडपीठ गुरुवार को सुनवाई के लिए बैठ नहीं सकी।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ गुरुवार दोपहर 2 बजे मामले की सुनवाई करने वाली थी।हालांकि, कलकत्ता हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर सुबह 11.30 बजे अपलोड किए गए एक नोटिस में कहा गया है,"अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण खंडपीठ गुरुवार...
'निजी अस्पताल COVID-19 मरीजों से अत्यधिक फीस वसूल रहे हैं': आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने जांच के लिए नोडल अधिकारियों के माध्यम से भुगतान करने का निर्देश दिया
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार को निजी अस्पतालों द्वारा COVID-19 मरीजों से अत्यधिक फीस वसूलने पर लगाम कसने के लिए राज्य सरकार को नोडल अधिकारी के माध्यम से बिल का भुगतान करने के तौर-तरीकों पर काम करने का निर्देश दिया।जस्टिस सी. प्रवीण कुमार और जस्टिस ललिता कन्नेगंती की खंडपीठ ने आंध्र प्रदेश में COVID-19 स्थिति से संबंधित याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया।याचिकाकर्ताओं में से अखिल भारतीय वकील संघ ने सुनवाई के दौरान कहा कि इलाज के लिए अत्यधिक फीस वसूलने पर रोक लगाने के लिए...
"अचानक आपूर्ति की कमी कैसे हो सकती है?" हाईकोर्ट ने ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवा के स्टॉक और वितरण पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को ब्लैक फंगस के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एम्फोटेरिसिन बी दवा के स्टॉक पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा और इसकी आपूर्ति और गुरुवार तक इसे वितरित करने की प्रक्रिया के बारे में भी पूछा।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा:"गुरुवार हम आपसे जानना चाहते हैं कि आपके पास कितने स्टॉक हैं, आपकी आपूर्ति क्या है और आप इसे कैसे वितरित करेंगे?"एडवोकेट राकेश मल्होत्रा द्वारा किए गए सबमिशन पर आया, जिसमें ब्लैक फंगस के इलाज के लिए...
लिव-इन-रिलेशनशिप के लिए सामाजिक स्वीकृति बढ़ रही है, विवाहित और लिव-इन कपल के बीच सुरक्षा की मांग को लेकर कोई अंतर नहींः पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
एक महत्वपूर्ण फैसले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार (18 मई) को कहा है कि एक व्यक्ति को शादी या लिव-इन रिलेशनशिप के गैर-औपचारिक दृष्टिकोण के जरिए अपने साथी के साथ रिश्ते बनाने का अधिकार है।न्यायमूर्ति सुधीर मित्तल की खंडपीठ ने यह टिप्पणी एक लिव-इन-रिलेशनशिप कपल से संबंधित एक मामले में की है। कोर्ट ने माना कि वह दोनों बालिग हैं और उन्होंने इस तरह का रिश्ता बनाने का फैसला किया है क्योंकि वे एक-दूसरे के लिए अपनी भावनाओं के बारे में आश्वस्त हैं। महत्वपूर्ण रूप से कोर्ट ने यह भी कहा कि, ...
केरल के महाधिवक्ता सीपी सुधाकर प्रसाद ने इस्तीफा दिया
केरल के महाधिवक्ता सीपी सुधाकर प्रसाद ने इस्तीफा दे दिया है। वह केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान केरल के महाधिवक्ता थे।वरिष्ठ अधिवक्ता ने बुधवार, 19 मई, 2021 को अपना इस्तीफा विधि सचिव को भेज दिया।वरिष्ठ अधिवक्ता सीपी सुधाकर प्रसाद ने इससे पहले वीएस अच्युतनाथन के मुख्यमंत्री कार्याकाल के दौरान 2006 से 2011 तक महाधिवक्ता के रूप में कार्य किया था।एलडीएफ सरकार के दूसरे कार्यकाल के चुनाव के बाद चर्चा चल रही है कि अगले महाधिवक्ता के रूप में किसे नियुक्त किया जा सकता...
लॉकडाउन के दौरान ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को काम करने की अनुमति देना एक नीतिगत निर्णय, हस्तक्षेप नहीं कर सकते: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार (17 मई) को लॉकडाउन के दौरान ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को काम करने की अनुमति देने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि,"यह एक नीतिगत निर्णय है और जब तक यह नहीं दिखाया जाता है कि इस तरह का निर्णय बेतुका है तब तक कोर्ट से संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अधिकार का प्रयोग करते हुए ऐसे मामलों में हस्तक्षेप करने की मांग नहीं कर सकते हैं।"मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की खंडपीठ ने कहा कि अगर राज्य को लगता है कि...
12 घंटे से अधिक समय तक पीठ ने की सुनवाई : बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामलों के निपटारे के लिए देर रात 11.15 बजे तक की सुनवाई
बॉम्बे हाईकोर्ट की अवकाश पीठ ने अपने समक्ष सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई के लिए बुधवार को 12 घंटे से अधिक समय तक मैराथन सुनवाई की।जस्टिस शारुख जिमी कथावाला और जस्टिस एसपी तावड़े की खंडपीठ सुबह 10.30 बजे से देर रात तक सत्र में रही। जब पीठ ने कार्यवाही समाप्त की तब घड़ी 11.15 बजा रही थी।बैठने के दौरान लंच या डिनर के लिए कोई अवकाश नहीं लिया गया। जजों ने बीच-बीच में हल्का-फुल्का नाश्ता किया।पीठ द्वारा बुधवार को लिया गया आखिरी मामला पूर्व गृहमंत्री के खिलाफ परमबीर सिंह की शिकायत पर सीबीआई जांच के संबंध...
अगर रेफरल अस्पताल को COVID सुविधा में बदल दिया गया है तो आरोपी को ऐसे वैकल्पिक अस्पताल में उपचार दिया जाना चाहिए, जो COVID सुविधा ना होः दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि यदि रेफरल अस्पताल को समर्पित COVID सुविधा में बदल दिया गया है तो एक आरोपी व्यक्ति को, वैकल्पिक अस्पताल से संपर्क कर, आवश्यक उपचार प्रदान किया जाना चाहिए, ना कि समर्पित COVID सुविधा में।जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस जसमीत सिंह की खंडपीठ जेलों की भीड़भाड़ कम करने, गैर-COVID रोगियों के अपेक्षित उपचार और अंडरट्रायल रिव्यू कमेटी के कामकाज नहीं करने से संबंधित कई याचिकाओं पर विचार कर रही थी।कोर्ट ने निर्देश दिया, "हम...
'डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन के लिए केंद्र की अनुमति का इंतजार न करें, हम अनुमति देंगे': बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी से कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने डोर-टू-डोर वैक्सीनेशन नीति पर विचार करने के लिए भारत सरकार को बार-बार निर्देश देने के बाद बीएमसी से पूछा कि क्या वे 75 साल से अधिक उम्र, विकलांग और बिस्तर पर पड़े नागरिकों के लिए इस तरह का कार्यक्रम शुरू कर सकते हैं।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की खंडपीठ ने नगर आयुक्त से कहा कि वह गुरुवार तक उन्हें बताएं कि क्या वह केंद्र सरकार की अनिच्छा के बावजूद ऐसी नीति पेश कर सकते हैं।पीठ ने कहा,"हम नगर आयुक्त या निगम के अतिरिक्त नगर आयुक्त से हमें यह अवगत...
'अर्नेश कुमार' मामले के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर हुई गिरफ्तारी के आधार पर आरोपी जमानत लेने का हकदार: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय
कुछ दिनों पहले जेलों में भीड़भाड़ कम करने पर जोर देने के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (17 मई) को उच्चाधिकार प्राप्त समिति को प्राप्त सुझावों पर विचार करने और कैदियों की रिहाई पर अपनी सिफारिश करने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस अतुल श्रीधरन की खंडपीठ ने COVID-19 की दूसरी लहर के बाद देश और मध्य प्रदेश की अभूतपूर्व स्थितियों के मद्देनजर शुरू की गई एक स्वतः संज्ञान रिट याचिका पर यह निर्देश दिया।सोमवार को कोर्ट को बताया गया कि 12 मई को उच्चाधिकार प्राप्त समिति की हुई बैठक में...
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मध्य प्रदेश और गुवाहाटी उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छह न्यायिक अधिकारियों को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने का प्रस्ताव दिया है। वो हैं:1. अनिल वर्मा2. अरुण कुमार शर्मा 3. सत्येंद्र कुमार सिंह 4. सुनीता यादव 5. दीपक कुमार अग्रवाल 6. राजेंद्र कुमार (वर्मा) इसके साथ ही कॉलेजियम ने न्यायिक अधिकारी रॉबिन फुकन को गुवाहाटी हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने का भी प्रस्ताव किया है।नोटिफिकेशन डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें
''नौकरशाही और राजनीतिक नेताओं के लिए विफलताओं और अक्षमताओं को स्वीकार करना बहुत मुश्किल '': दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा है कि नौकरशाही और आज के राजनीतिक नेताओं के लिए विफलताओं और उनकी अक्षमता को स्वीकार करना बहुत मुश्किल है और यह उनकी रगों में नहीं है। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की खंडपीठ दिल्ली ज्यूडिशियल मेंबर एसोसिएशन की तरफ से दायर एक आवेदन पर विचार कर रही थी। इस आवेदन में यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी कि न्यायिक सदस्यों और उनके परिवार को जिलों के भीतर एक केंद्रीकृत तंत्र स्थापित करके और प्रत्येक जिले में अस्पताल बनाकर पर्याप्त...
नारदा केस- 'क्या आप इस बात से इनकार करते हैं कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सीबीआई ऑफिस के सामने धरने पर बैठी थीं'? कोर्ट ने पूछा; 'लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया': सीनियर एडवोकेट एएम सिंघवी ने कहा
कलकत्ता हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने आज (बुधवार) कहा कि नारदा घोटाला मामले में सोमवार को चार टीएमसी नेताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ सीबीआई कार्यालय के बाहर सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन विरोध का लोकतांत्रिक तरीका था।वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी आरोप लगाया कि गैर-कानूनी तरीके से गिरफ्तारियां की गईं और लोगों को केंद्रीय एजेंसी की ऐसी गैर-कानूनी कार्रवाइयों के खिलाफ विरोध करने का अधिकार है।सीनियर एडवोकेट सिंघवी ने उच्च न्यायालय से कहा कि सीबीआई ने गिरफ्तारी से पहले...
राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राज्य में COVID-19 प्रबंधन से संबंधित मामलों की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग किए जाने की मांग की गई
राजस्थान हाईकोर्ट के समक्ष एक जनहित याचिका (PIL) याचिका दायर कर राज्य में COVID-19 की स्थिति से संबंधित मामलों में अदालत की कार्यवाही की लाइव-स्ट्रीम किए जाने की मांग की है, जिससे आम जनता आसानी से उसे समज सके।एडवोकेट अर्पित गुप्ता द्वारा दायर याचिका में राजस्थान हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को लाइव स्ट्रीमिंग तंत्र स्थापित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गई है।याचिका प्रस्तुत करती है,"ये कार्यवाहियां असाधारण सार्वजनिक महत्व की हैं, जैसे कि राजस्थान राज्य में प्रचलित COVID-19...



















