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दिल्ली उच्च न्यायालय ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिया कि COVID मरीजों को 30 से 60 मिनट के भीतर डिस्चार्ज एप्रूवल भेजें
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बीमा कंपनियों को निर्देश दिया कि COVID मरीजों को 30 से 60 मिनट के भीतर डिस्चार्ज एप्रूवल भेजें

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को एक ऑनलाइन पोर्टल पर रेमेडिसविर की उपलब्धता, ऑक्सीजन उपचार सक्षम खाली ब‌िस्तरों की उपलब्धता के सबंध में जानकारी, और कोविड 19 रोगियों के ड‌िस्चार्ज के दौरान बीमा कंपनियों के अनुमोदन के संबंध में कई दिशा-निर्देश जारी किए।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह की पीठ ने रेमेडिसविर की अनुपलब्धता और दिल्ली सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल www.delififightsona.in, जिसमें अस्पताल में भर्ती के संबंध में जानकारी होती है, संबं‌‌ध‌ित दो याचिकाओं पर निर्देश जारी किए।COVID-19 रोगियों के...

सुनिश्चित करें कि मतगणना का दिन सुपर स्प्रेडर इवेंट नहीं बने: मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग और पार्टियों से कहा
सुनिश्चित करें कि मतगणना का दिन सुपर स्प्रेडर इवेंट नहीं बने: मद्रास हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग और पार्टियों से कहा

मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि भारत के चुनाव आयोग, राज्य सरकार और राजनीतिक दलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मतगणना का दिन COVID-19 महामारी के लिए "सुपर-स्प्रेडर" घटना न बने।मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की खंडपीठ ने 2 मई को मतगणना के दिन COVID-19 को उचित व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा उठाए गए कदमों की जांच की।तमिलनाडु के महाधिवक्ता विजय नारायण ने पीठ को बताया कि स्वास्थ्य सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने न्यायालय द्वारा की गई...

सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित कानून को नहीं माना जाता है, तो यह गंभीर मामला है : केरल हाईकोर्ट जज ने शादी के कारण बलात्कार के आरोप रद्द करने के फैसलों को वापस लिया
"सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित कानून को नहीं माना जाता है, तो यह गंभीर मामला है" : केरल हाईकोर्ट जज ने शादी के कारण बलात्कार के आरोप रद्द करने के फैसलों को वापस लिया

विभिन्न आरोपियों के खिलाफ बलात्कार और बाल यौन उत्पीड़न के आरोपों को रद्द करने के आदेशों के बाद, बुधवार को एक विशेष सुनवाई में केरल उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इनमें से तीन आदेशों को वापस ले लिया।न्यायमूर्ति के हरिपाल की पीठ ने उनके तीन आदेशों को निरस्त कर दिया, जहां पीड़ितों के अभियुक्तों से विवाह के आधार पर मामलों को रद्द कर दिया गया था।कोर्ट ने फैसला सुनाया,"जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित कानून को नहीं माना जाता है, तो यह एक गंभीर मामला है और इसलिए, उपरोक्त आपराधिक...

दिल्ली को COVID-19 की लड़ाई में अन्य राज्यों की तुलना में कम ऑक्सीजन आवंटित की गईः दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को बताया
दिल्ली को COVID-19 की लड़ाई में अन्य राज्यों की तुलना में कम ऑक्सीजन आवंटित की गईः दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को बताया

दिल्ली सरकार ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया कि वर्तमान COVID-19 संकट से लड़ने के लिए दिल्ली को अन्य राज्यों की तुलना में कम मात्रा में ऑक्सीजन आवंटित किया गया है।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा की प्रस्तुतियां दर्ज कीं और केंद्र से इस पर जवाब देने को कहा है।एसजी तुषार मेहता ने विभिन्न दाखिलों की रिकॉर्डिंग पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इन्हें रिकॉर्ड नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे दहशत...

क्यों दूसरे राज्यों को मांग की तुलना में अधिक ऑक्सीजन प्राप्त हुआ, लेकिन दिल्ली को कम मिला: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा
'क्यों दूसरे राज्यों को मांग की तुलना में अधिक ऑक्सीजन प्राप्त हुआ, लेकिन दिल्ली को कम मिला': दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को विभिन्न राज्यों द्वारा ऑक्सीजन की मांग और आवंटन में अंतर के संबंध में दिल्ली सरकार की ओर से किए गए सबमिशन के संबंध में केंद्र से जवाब मांगा है। कोर्ट ने एसजी मेहता को जवाब देने और उसे रिकॉर्ड पर रखने के लिए एक दिन का समय दिया है।कोर्ट के समक्ष दिल्ली सरकार ने कहा कि दिल्ली को आवंटित की ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं की जा रही है जबकि मध्य प्रेदश और महाराष्ट्र को अधिक ऑक्सीजन की आपूर्ति हो रही है। इसका जवाब केंद्र को देना चाहिए।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा...

कोविड के कारण हो रही मौतेंः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लापरवाह अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की जनहित याचिका खारिज की
कोविड के कारण हो रही मौतेंः इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लापरवाह अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की जनहित याचिका खारिज की

कोविड-19 महामारी के बीच पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में विफल रहने पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'टीम -11' और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों सहित सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी है।जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस राजीव सिंह की डिवीजन बेंच ने याचिका को सुनवाई योग्य न मानते हुए खारिज कर दिया और याचिकाकर्ता को इलाहाबाद में डिवीजन बेंच से समक्ष आवेदन पत्र स्थानांतरित करने की स्वतंत्रता दी, जो राज्य में कोविड...

5 स्टार होटल में जजों के लिए COVID-19 केयर सेंटर: दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के निर्देश वापस लेने के बाद स्वतः संज्ञान मामले को बंद किया
5 स्टार होटल में जजों के लिए COVID-19 केयर सेंटर: दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के निर्देश वापस लेने के बाद स्वतः संज्ञान मामले को बंद किया

दिल्ली हाईकोर्ट को गुरुवार को सूचित किया गया कि दिल्ली सरकार ने कोर्ट के स्वतः संज्ञान मामले में दिए गए निर्देश का पालन करते हुए अशोका होटल में जजों और उनके परिवारों के लिए 5-स्टार COVID-19 की सुविधा देने के अपने आदेश को वापस ले लिया है। इसके बाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान मामले को बंद कर दिया।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की खंडपीठ ने इसलिए स्वतः संज्ञान कार्यवाही को बंद कर दिया है कि इस मुद्दे और समाचार पत्र की रिपोर्टों के बारे में उसी के संज्ञान में लिया गया था।सुनवाई के...

हमें अपना स्वार्थ छोड़ना होगा: दिल्ली हाईकोर्ट ने दुकानदारों से ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाइयों की जमाखोरी और कालाबाजारी न करने को कहा
'हमें अपना स्वार्थ छोड़ना होगा': दिल्ली हाईकोर्ट ने दुकानदारों से ऑक्सीजन सिलेंडर और दवाइयों की जमाखोरी और कालाबाजारी न करने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की एक खंडपीठ राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की कमी और COVID-19 संकट से संबंधित याचिकाओं की सुनवाई करते हुए कहा, "इसलिए, हम लोगों की अच्छी समझ के लिए आवश्यक दवा और ऑक्सीजन विक्रेताओं से अपील करते हैं कि वे इन चीजों की जमाखोरी और कालाबाजारी न करें, जिससे इन्हें जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराया जा सके।"पीठ ने यह टिप्पणी उस समय की जब नोटबंदी के बाद से ही COVID-19 दवाओं और ऑक्सीजन सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी के मुद्दे पर ध्यान...

धूर्त और बहरूपिये लोग फायदा उठा रहे हैं:पटना हाईकोर्ट ने राज्य को ऑक्सीजन व दवाओं की कालाबाजारी करने वाले के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया
''धूर्त और बहरूपिये लोग फायदा उठा रहे हैं'':पटना हाईकोर्ट ने राज्य को ऑक्सीजन व दवाओं की कालाबाजारी करने वाले के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया

दूसरी लहर में बिहार राज्य में COVID19 के मामलों में आई खतरनाक उछाल और बिहार राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था की कमी से संबंधित मामलों की सुनवाई करते हुए पटना हाईकोर्ट ने बुधवार (28 अप्रैल) को बिहार सरकार को कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं।न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह और न्यायमूर्ति मोहित कुमार शाह की खंडपीठ ने कई मुद्दों पर चर्चा की और तदनुसार आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। ऑक्सीजन की आपूर्ति बिहार राज्य ने न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया कि केंद्र सरकार से 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन के आवंटन का...

फ्लैट बुकिंग करने के अधिकार में बुकिंग रद्द करने का अधिकार भी शामिल, बिल्डर बुकिंग राशि जब्त नहीं कर सकते: महाराष्ट्र रेरा अपीलीय ट्रिब्यूनल
'फ्लैट बुकिंग करने के अधिकार में बुकिंग रद्द करने का अधिकार भी शामिल, बिल्डर बुकिंग राशि जब्त नहीं कर सकते': महाराष्ट्र रेरा अपीलीय ट्रिब्यूनल

महाराष्ट्र रियल एस्टेट अपीलीय ट्रिब्यूनल ने फ्लैट बुकिंग करने वालों को राहत देते हुए आदेश दिया कि फ्लैट बुकिंग करने के अधिकार में बुकिंग रद्द करने का अधिकार भी शामिल है। इसलिए एक बिल्डर बुकिंग रद्द करने वालों की बुकिंग राशि को जब्त नहीं कर सकता है।ट्रिब्यूनल ने फ्लैट बुकिंग फॉर्म के खण्ड का अवलोकन किया कि फ्लैट खरीदने वालों को इस आधार पर व्यवस्था से हटने से रोक जाता है कि उससे बुकिंग रद्द करने पर फ्लैट के मूल्य का 10% जब्त किया जाएगा। यह अनुचित, भेदभावपूर्ण और एकतरफा है।ट्रिब्यूनल ने कहा कि,"...

COVID-19 मामलों में वृद्धि: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेशों की अवधि को 30 जून तक बढ़ाए जाने का निर्देश दिया
COVID-19 मामलों में वृद्धि: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेशों की अवधि को 30 जून तक बढ़ाए जाने का निर्देश दिया

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार (अप्रैल) को इसके और अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा पारित सभी अंतरिम आदेशों/निर्देशों का 30, जून 2021 तक विस्तार करने का फैसला किया।यह आदेश मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा और न्यायमूर्ति सुवीर सहगल की खंडपीठ ने COVID​​-19 महामारी में खतरनाक वृद्धि और इसके परिणामस्वरूप उत्पन्न हुई स्थिति के मद्देनजर शुरू की गई कार्यवाही में पारित किया है।अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया,"यह देखा गया है कि मुकदमेबाजों को वकीलों के संपर्क में आना सही नहीं हैं, जो फाइलों को तैयार करने और...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और उसके अधीनस्थ न्यायालय गर्मियों की छुट्टियों में 10 मई से 4 जून तक बंद रहेंगे
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और उसके अधीनस्थ न्यायालय गर्मियों की छुट्टियों में 10 मई से 4 जून तक बंद रहेंगे

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और उसके अधीनस्थ न्यायालय 10 मई से 04 जून, 2021 तक गर्मियों की छुट्टियों के लिए बंद रहेंगे।इस संबंध में जारी अधिसूचना में कहा गया है कि गर्मियों की छुट्टी [पहले 17 मई से 11 जून के लिए निर्धारित की गई] को 10 मई से 04 जून 2021 तक संशोधित करने का निर्णय लिया गया है।संबंधित समाचार में, तेलंगाना हाईकोर्ट इस वर्ष के लिए 3 मई से 31 मई, 2021 तक गर्मियों की छुट्टियों के लिए बंद रहेगा। हालांकि, इस संबंध में जारी अधिसूचना में कहा गया है कि अवकाश बेंच निर्दिष्ट मामलों की सुनवाई के लिए...

यह सुनिश्चित करें कि मंदिरों में बंधक बनाकर रखे गए हाथियों के साथ मानवीय और गरिमापूर्ण तरीके से व्यवहार किया जाए: मद्रास हाईकोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया
'यह सुनिश्चित करें कि मंदिरों में बंधक बनाकर रखे गए हाथियों के साथ मानवीय और गरिमापूर्ण तरीके से व्यवहार किया जाए': मद्रास हाईकोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया

मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार (27 अप्रैल) को संबंधित अधिकारियों से अपील की कि वे यह सुनिश्चित करें कि विभिन्न मंदिरों में बंधक बनाकर रखे गए हाथियों के साथ मानवीय और गरिमापूर्ण तरीके से व्यवहार किया जाए और उन्हें इस तेज गर्मी में पर्याप्त भोजन और पानी और रहने के लिए आश्रय प्रदान किया जाए और साथ किसी भी तरह से उनके साथ दुराचार न किया जाए और कष्ट न दिया जाए।मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की खंडपीठ एक रंगराजन नरसिम्हन द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही...

मेरे विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा : मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने समलैंगिक संबंधों को बेहतर तरीके से समझने के लिए मनोवैज्ञानिक शिक्षा लेने का निर्णय किया
'मेरे विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा' : मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने समलैंगिक संबंधों को बेहतर तरीके से समझने के लिए मनोवैज्ञानिक शिक्षा लेने का निर्णय किया

मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश एन. आनंद वेंकटेश ने बुधवार को टिप्पणी की कि वह समलैंगिक संबंधों की अवधारणा के बारे में पूरी तरह से 'जागृत' नहीं हैं और इस संबंध को समझने के लिए वह मनोवैज्ञानिक शिक्षा सत्र में हिस्सा लेंगे।न्यायाधीश ने कहा, "मनोविज्ञानी शिक्षा सत्र मुझे समलैंगिक संबंधों को समझने में मदद करेगा और मेरे विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।"यह वाकया समलैंगिक जोड़े द्वारा दायर एक संरक्षण याचिका की सुनवाई के दौरान हुआ।महत्वपूर्ण रूप से न्यायाधीश ने पहले इस समलैंगिक जोड़े और इनके माता-पिता को एक...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को रिकॉल कराने के लिए दायर बैंकों का आवेदन खारिज, फैसले में आरबीआई को आरटीआई के तहत लोन डिफॉल्टर्स की सूची, निरीक्षण रिपोर्ट का खुलासा करने का दिया गया है निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भारतीय रिजर्व बैंक बनाम जयंतीलाल एन मिस्त्री मामले में 2015 के फैसले को वापस लेने की मांग करने वाले कुछ बैंकों द्वारा दायर आवेदनों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि आरबीआई, RTI अधिनियम के तहत बैंकों से संबंधित डिफॉल्टरों की सूची, निरीक्षण रिपोर्ट, वार्षिक विवरण आदि का खुलासा करने के लिए बाध्य है।जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस विनीत सरन की खंडपीठ ने उन आवेदनों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट के नियमों में किसी फैसले को वापस लेने के...

[ऑक्सीजन सप्लाई] दिल्ली हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट राजशेखर राव को कोविड मामलों में एमिकस क्यूरी नियुक्त किया
[ऑक्सीजन सप्लाई] दिल्ली हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट राजशेखर राव को कोविड मामलों में एमिकस क्यूरी नियुक्त किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को सीनियर एडवोकेट राजशेखर राव ने कोविड 19 की स्थिति और राष्ट्रीय राजधानी में मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति से संबंधित मामलों में कोर्ट की मदद के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्‍त किया।जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की खंडपीठ ने मुद्दों की जटिलताओं पर विचार करते हुए एमिकस क्यूरी नियुक्त करने का फैसला किया।बुधवार को सुनवाई के दरमियान दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट राहुल मेहरा ने हलफनामे के जरिए स्टेटस रिपोर्ट रखी और बताया कि सरकार ने दो आदेश पारित किए हैं।...

COVID19- जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाज़ारी :  झारखंड हाईकोर्ट ने ड्रग कंट्रोलर को फटकार लगाते हुए सरकार को दवाओं और ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
COVID19- "जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाज़ारी" : झारखंड हाईकोर्ट ने ड्रग कंट्रोलर को फटकार लगाते हुए सरकार को दवाओं और ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया

अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने और जीवन-रक्षक दवाओं की कालाबाजारी पर रोक लगाने में असफल रहने वाली ड्रग कंट्रोलर (झारखंड राज्य के लिए) को फटकार लगाते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह कहा था कि यह बहुत ही 'दुर्भाग्यपूर्ण' है कि इस अधिकारी ने न्यायालय के समक्ष व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट मांगी है। मुख्य न्यायाधीश रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ कोरोना महामारी की आपातकाल स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा की गई तैयारियों का जायजा लेने के लिए स्वत संज्ञान मामले की...