मुख्य सुर्खियां
'निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 143A के तहत अंतरिम मुआवजा निर्देशिका है, विवेकाधीन नहीं है': छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने माना कि मुआवजे के लिए नेगोशिएबल इंस्ट्रयूमेंट एक्ट, 1881 की धारा 143A एक निर्देशिका है और विवेकाधीन नहीं है।जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की सिंगल जज बेंच ने देखा कि एनआईए एक्ट की धारा 143A में संशोधन ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के फैसले को बरकरार रखा, जिसने चेक राशि का 20% मुआवजा दिया। मामले यह है कि याचिकाकर्ता के खिलाफ उक्त कानून की धारा 138 के तहत अपर्याप्त धनराशि के कारण चेक अनादरित होने का आरोप लगाते हुए एक शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता ने अंतरिम मुआवजे के लिए एनआई...
"असामाजिक गतिविधि": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित तौर पर बलात्कार, फेसबुक पर उस महिला की अश्लील तस्वीरें पोस्ट करने के आरोपी को जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महिला के साथ बलात्कार करने और उसकी अश्लील तस्वीरें फेसबुक पर पोस्ट करने के आरोपी को प्रथम दृष्टया जमानत देने से इनकार कर दिया है।न्यायमूर्ति जे जे मुनीर की पीठ आईपीसी की धारा 376 (1), धारा 506 और सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा 67-ए के तहत मानव शर्मा की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी।आरोपी की आरे से पेश वकील ने प्रस्तुत किया कि यह एक ऐसा मामला है जहां आवेदक और पीड़िता एक लंबे समय से रिश्ते में थे और जब वह अपनी उच्च शिक्षा के सिलसिले में रूस चली गई, तो...
निवारक निरोध- कर्नाटक हाईकोर्ट ने नजरबंद व्यक्ति के अभ्यावेदन पर विचार करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा कि निवारक निरोध (Preventive Detention) के आदेश की पुष्टि के बाद एक नजरबंद व्यक्ति द्वारा किए गए अभ्यावेदन पर विचार करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत महत्वपूर्ण है। इस तरह के अभ्यावेदन पर विचार न करना यह मनमाना और दमनकारी होगा और इसके साथ ही भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 के साथ-साथ 21 का उल्लंघन होगा।न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति हंचते संजीवकुमार की खंडपीठ ने रिजवान पाशा उर्फ कुल्ला रिजवान द्वारा दायर एक...
COVID- वकीलों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करें, इलाज और वैक्सीनेशन में प्राथमिकता दें: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच के समक्ष COVID-19 के इलाज के लिए कानूनी बिरादरी के सदस्यों के हितों की रक्षा करने, वैक्सीनेशन में प्राथमिकता और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के रूप में विस्तारित लाभ की मांग करते हुए एक याचिका दायर की गई है।याचिका में उल्लेख किया गया है कि कानूनी बिरादरी को आवश्यक सेवाओं को प्रदान करने वाले फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के रूप में वर्गीकृत किए जाने से जानबूझकर उन्हें बाहर करके भेदभाव का शिकार किया गया है। उनके प्रयासों को स्वीकार नहीं किया गया है और न ही उन्हें कोई सहायता...
"गरीब नवाज मस्जिद का विध्वंस प्रथम दृष्टया कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएचओ को अवमानना के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राम सनेही घाट के एसएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया और यह स्पष्ट करने के लिए कहा कि उनके खिलाफ उच्च न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए गरीब नवाज मस्जिद को ध्वस्त करने का आदेश पारित करने के खिलाफ अवमानना कार्यवाही क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए। दरअसल, कोर्ट ने निर्देश दिया था कि COVID-19 महामारी के मद्देनजर विध्वंस से संबंधित कोई भी आदेश 31 मई तक स्थगित रखा जाएगा।न्यायमूर्ति रवि नाथ तिलहरी की एकल न्यायाधीश पीठ ने इस प्रकार कहा कि,"अवमानना याचिका में दिए गए बयानों के...
गंगाजल से COVID-19 का इलाज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंगा जल से फेज थेरेपी के प्रयोगशाला अनुसंधान की मांग पर ICMR को नोटिस जारी किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गंगा जल से फेज थेरेपी के प्रयोगशाला अनुसंधान की मांग वाली याचिका पर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और भारत सरकार को नोटिस जारी किया है।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मुनीश्वर नाथ भंडारी और न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार-चतुर्थ की खंडपीठ ने अरुण कुमार गुप्ता की याचिका पर नोटिस जारी किया।याचिका में कहा गया है कि स्वच्छ गंगा के लिए राष्ट्रीय मिशन ने गंगाजल (फेज थेरेपी) के साथ COVID-19 रोगियों के उपचार पर नैदानिक अध्ययन करने के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के...
'वकील ने अदालत में सड़क के गुंडों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली गंदी भाषा का इस्तेमाल किया': राजस्थान हाईकोर्ट ने बार काउंसिल से कार्रवाई करने को कहा
राजस्थान हाईकोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ राजस्थान को एक वकील के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए कहा, जिसने अदालत के समक्ष गंदी भाषा का इस्तेमाल किया और अदालत को गाली दी यानी अवमानना का मामला बनता है।न्यायमूर्ति देवेंद्र कछवाहा की खंडपीठ ने कहा कि उन्होंने जानबूझकर अप्रिय और गंदी भाषा का इस्तेमाल किया जो आमतौर पर सड़क के गुंडों द्वारा उपयोग की जाती है।कोर्ट ने कहा कि, "वकील रामावतार सिंह चौधरी ने अपने आप को नियंत्रण में नहीं रखा और व्यक्तिगत रूप से इस न्यायालय को सीधे गालियां देते रहे। इसके अलावा...
''अभियुक्त की उम्र बढ़ने के बाद किया गया ऑसिफिकेशन टेस्ट,यह निर्धारित करने के लिए निर्णायक नहीं हो सकता है कि वह घटना के समय नाबालिग था'': इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि आरोपी या दोषी की उम्र बढ़ने के बाद देर से किया गया ऑसिफिकेशन टेस्ट इस बात को निर्धारित करने के लिए निर्णायक नहीं हो सकता है कि वह घटना के समय नाबालिग था। किशोर न्याय बोर्ड द्वारा पारित आयु निर्धारण के आदेश को रद्द करते हुए, न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल की खंडपीठ ने कहा किः ''आरोपी/दोषी की उम्र बढ़ने के बाद देरी से किया गया ऑसिफिकेशन टेस्ट घटना की तारीख पर उसे किशोर के रूप में निर्धारित करने के लिए निर्णायक नहीं हो सकता है,...
अधिवक्ता संरक्षण विधेयकः बीसीआई ने बार काउंसिल और हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से सुझाव मांगे
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 9 जुलाई को या उससे पहले बार काउंसिल, हाई कोर्ट बार एसोसिएशन और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन सहित सभी हितधारकों से 'एडवोकेट्स प्रोटेक्शन बिल' के मसौदे पर सुझाव मांगे हैं।वकीलों और उनके परिजनों पर हाल के हमलों को ध्यान में रखते हुए "एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट" का मसौदा तैयार करने के लिए बनी 7 सदस्यीय समिति की रिपोर्ट के बाद यह निर्णय आया है। उक्त कानून का मकसद वकीलों को अपने कर्तव्यों को पूरा करने के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करना है।बीसीआई की ओर से दो जुलाई को जारी प्रेस...
धर्म का पालन करने का अधिकार जीवन के अधिकार के अधीन है: मद्रास हाईकोर्ट ने मंदिरों को फिर से खोलने की याचिका का निपटारा किया
मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि नागरिकों को धर्म का पालन करने का अधिकार उनके जीवन के अधिकार के अधीन है। इस प्रकार, न्यायालय ने पूरे तमिलनाडु में मंदिरों को फिर से खोलने की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया।मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की खंडपीठ ने यह भी कहा कि जब जीवन का अधिकार खतरे में है, तो धर्म का पालन करने के अधिकार को पीछे हटना होगा।कोर्ट ने कहा कि,"नागरिकों को धर्म का पालन करना उनके जीवन के अधिकार के अधीन है और जब जीवन का अधिकार खतरे में...
'बिहार मद्यनिषेध अधिनियम के तहत कुर्की की कार्यवाही शुरू न करने पर याचिकाओं की बाढ़': पटना हाईकोर्ट ने शीघ्र निपटान के लिए निर्देश जारी किया
पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार को बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 के तहत जब्ती की कार्यवाही को शीघ्र पूरा करने के निर्देश जारी किए।मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति संजय कुमार की एक खंडपीठ ने कहा कि अदालत,"केवल जब्ती की ऐसी कार्यवाही शुरू न करने या उसके संबंध में अवैध आदेश पारित करने के कारण, साथ ही कमी के कारण अधिनियम के तहत प्रदान किए गए उपायों का अनुसरण करने वाले पक्षों की कई याचिकाओं से भरी हुई है।"बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद शुल्क अधिनियम, 2016 किसी भी मादक पदार्थ या शराब के...
"सुवेंदु अधिकारी मेरे घर आए थे, लेकिन मैं उनसे नहीं मिला": भाजपा नेता के साथ कथित मुलाकात पर एसजी तुषार मेहता ने कहा
भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से मिलने की बात से इनकार किया है। हालांकि, उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि सुवेंदु अधिकारी बिना बताए उनके घर आए थे, लेकिन तुषार मेहता सुवेंदु से नहीं मिले।यह स्पष्टीकरण तब आया जब अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारत के सॉलिसिटर जनरल के पद से तुषार मेहता को हटाने की मांग की। दरअसल, तुषार मेहता पर नारद मामले और सारदा चिट फंड घोटाला मामले में आरोपी...
मद्रास हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य केंद्र पर एम्बुलेंस की अनुपलब्धता के कारण पत्नी को खोने वाले व्यक्ति को पांच लाख रूपये मुआवजा देने का आदेश दिया
मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने मेडिकल भाषा में 'गोल्डन ऑवर' की अवधारणा पर दोबारा गौर करते हुए राज्य सरकार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में एम्बुलेंस की अनुपलब्धता के कारण मरने वाली महिला के पति को 5,00,000 / - रुपये के मुआवजा का भुगतान करने का निर्देश दिया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एम्बुलेंस न होने के कारण उसे उचित इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित करने में देरी हुई थी।न्यायमूर्ति एन आनंद वेंकटेश की एकल पीठ ने कहा कि पीएचसी में याचिकाकर्ता की पत्नी के इलाज में कोई...
टीएमसी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा, तुषार मेहता को सॉलिसिटर जनरल के पद से हटाने की मांग की
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारत के सॉलिसिटर जनरल के पद से तुषार मेहता को हटाने की मांग की है। दरअसल, तुषार मेहता पर नारद मामले और सारदा चिट फंड घोटाला मामले में आरोपी भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के साथ उनकी मुलाकात का आरोप लगाया गया है। सीबीआई और ईडी इसकी जांच कर रही है।टीएमसी नेता डेरेक ओ'ब्रायन, सुखेंदु शेखर रॉय और महुआ मोइत्रा ने पत्र लिखा है।पत्र में लिखा गया है कि, "भारत का सॉलिसिटर जनरल भारत के महान्यायवादी के बाद देश का दूसरा...
फुटपाथ पर रहने वाले/बेघर लोगों को COVID-19 से संक्रमण का अधिक खतरा, तुरंत वैक्सीन लगाने की आवश्यकता : मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को तमिलनाडु सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि वह बेघर, फुटपाथ पर रहने वाले आदि कमजोर व्यक्तियों को तत्काल आधार पर वैक्सीन लगाई जाए, क्योंकि उन्हें COVID-19 के संक्रमण का अधिक खतरा है।मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिल कुमार राममूर्ति की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि सभी निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को संवेदनशील बनाया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन कमजोर व्यक्तियों को 'तत्काल वैक्सीनेशन' के लिए उम्मीदवार माना जाए।एक जनहित...
पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हिंसा: कलकत्ता हाईकोर्ट ने मृत भाजपा सदस्य की सेकेंड एटोप्सी करने का निर्देश दिया; पुलिस से एनएचआरसी की सिफारिशों पर एफआईआर दर्ज करने को कहा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को उन सभी व्यक्तियों को उचित चिकित्सा उपचार देने का आदेश दिया है, जो राज्य में कथित चुनाव बाद हुई हिंसा के दौरान घायल हुए थे।एसीजे राजेश बिंदल, जस्टिस आईपी मुखर्जी, जस्टिस हरीश टंडन, जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस सुब्रत तालुकदार की पांच जजों की बेंच ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की एक समिति द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर मामले दर्ज करने का निर्देश दिया है। पीठ ने कुछ क्षेत्रों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को भी...
"वीसी सुनवाई में पेशी": ''वकील का बेड पर आराम करना, महिला का फेसपैक लगाकर पेशी पर आना अस्वीकार्य'': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बार को 'असावधानी' नहीं बरतने के लिए कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट की बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने सदस्यों को सलाह दें कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस न्यायालय के समक्ष पेश होने के दौरान कोई ऐसा लापरवाह/असावधानीपूर्ण दृष्टिकोण न अपनाएं, जिससे न्याय के प्रशासन में बाधा उत्पन्न हो सकती हो।न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की खंडपीठ ने बुधवार को यह टिप्पणी इसलिए की क्योंकि कोर्ट ने पाया कि वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) मोड के माध्यम से एक पक्ष की ओर से पेश एक वकील रंगीन शर्ट पहने हुआ था और...
वैध पुनर्विवाह के बाद विधवा पिछले पति से विरासत में प्राप्त संपत्ति पर अपना अधिकार खो देती हैः छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने माना है कि वैध पुनर्विवाह का प्रभाव यह है कि विधवा अपने पिछले पति से विरासत में प्राप्त संपत्ति में अपना अधिकार खो देती है और इसे तब तक स्थापित नहीं कहा जा सकता जब तक कि यह वैधानिक आवश्यकताओं के तहत सख्ती से साबित न हो।जस्टिस संजय के अग्रवाल की सिंगल जज बेंच ने कहा, "वैध पुनर्विवाह का प्रभाव यह है कि विधवा अपने पिछले पति से विरासत में प्राप्त संपत्ति में अपना अधिकार खो देती है। इसलिए, जहां पुनर्विवाह को रक्षा के रूप में स्थापित किया जाता है, विधवा को संपत्ति के अधिकार...
"वे उपयुक्त पोशाक में नहीं थे": पटना हाईकोर्ट ने लोक अभियोजक की उपस्थिति का नोटिस लेने से इनकार किया
पटना हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक आपराधिक मामले में विद्वान एपीपी की उपस्थिति का नोटिस लेने से इनकार कर दिया, क्योंकि वह उपयुक्त पोशाक में नहीं थे।न्यायमूर्ति मधुरेश प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि अदालत एपीपी की उपस्थिति पर "ध्यान नहीं दे सकी", क्योंकि वह उपयुक्त पोशाक में नहीं थे।इस प्रकार, मामले को शुक्रवार (2 जुलाई, 2021) को सूचीबद्ध करने के लिए स्थगित कर दिया गया था। इससे पहले, उन्हें केस डायरी के साथ न्यायालय की सहायता करने का निर्देश दिया गया था, जो पहले ही प्राप्त हो चुकी है।इलाहाबाद हाईकोर्ट ने...
महिला और बेटे की कथित अवैध हिरासत और धर्मांतरण का मामला: केरल हाईकोर्ट ने पति की याचिका पर मामले की जांच के आदेश दिए
केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को एक व्यक्ति (पति) की याचिका पर सुनवाई की, जिसमें एक महिला (पत्नी) और उसके बेटे को कथित तौर पर कस्टडी में लिया गया और इस्लाम में धर्मांतरण किया गया। कोर्ट ने एक सप्ताह के भीतर अदालत के समक्ष उन्हें पेश करने का आदेश दिया।न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति जियाद रहमान ए.ए. ने पुलिस को मामले की जांच कर रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया है।याचिकाकर्ता गिल्बर्ट पीटी (पूर्व माकपा कार्यकर्ता) ने 29 जून 2021 को एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की, जिसमें कोझीकोड के...




















