मुख्य सुर्खियां
केरल हाईकोर्ट ने मास्क न पहनने के लिए पूछताछ करने पर दो पुलिस वालों को घायल करने वाले व्यक्ति को जमानत देने से इनकार किया
केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को मास्क न पहनने के लिए पूछताछ करने पर दो पुलिस वालों को बेरहमी से घायल करने वाले व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया।न्यायमूर्ति के हरिपाल ने आवेदक के कृत्य की निंदा करते हुए कहा कि वह अपने अपराध की प्रकृति और इस तथ्य को देखते हुए जमानत पर रिहा होने के योग्य नहीं है कि एक पुलिस अधिकारी को बहुत गंभीर चोटें आई हैं।यह घटना एक जून को तब हुई जब आवेदक सुलेमान को स्टेशन हाउस ऑफिसर ने बिना मास्क पहने सार्वजनिक स्थान पर राज्य में जारी COVID-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर...
हाईकोर्ट परिसर में बिना मास्क के घूमने वाले अधिकारी और कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से फेस-मास्क पहनने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट और उसके राज्यों ने 28 जून को इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की है:"उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के सभी अधिकारी, अधिकारी और कर्मचारी अनिवार्य रूप से फेस-मास्क पहनें, ऐसा नहीं करने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।"न्यायालय ने पहले हाईकोर्ट, इलाहाबाद के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा फेस-मास्क पहनने के संबंध में एक आदेश जारी किया है।हालांकि, अपने 28 जून के आदेश में कहा गया है...
गुलशन कुमार मर्डर: बॉम्बे हाईकोर्ट ने अब्दुल रऊफ मर्चेंट और अब्दुल राशिद को उम्रकैद की सजा सुनाई, रमेश तौरानी को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को 2002 के ट्रायल कोर्ट के फैसले की पुष्टि करते हुए TIPS के सह-संस्थापक रमेश तौरानी को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा और 1997 में टी-सीरीज़ के मालिक गुलशन कुमार की हत्या में अब्दुल रऊफ मर्चेंट को दोषी ठहराया गया।न्यायमूर्ति साधना जाधव और न्यायमूर्ति एनआर बोरकर की खंडपीठ ने हालांकि मर्चेंट के भाई अब्दुल राशिद दाऊद मर्चेंट को बरी करने के निचली अदालत के फैसले को खारिज कर दिया और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।दोनों भाइयों को आईपीसी की धारा (302), (34) और...
मोटर दुर्घटना दावों के लिए विशेष योजना- दिल्ली हाईकोर्ट विशेष समितियों के कामकाज, वित्तीय और बुनियादी ढांचा के संबंध में विचार करेगा
दिल्ली हाईकोर्ट मोटर वाहन दावों के संबंध में बनाई गई विशेष योजना के कार्यान्वयन की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए और योजना को प्रभावी करने के लिए न्यायालय द्वारा गठित कार्यान्वयन समिति, फास्ट ट्रैक समिति और बकाया समिति के कामकाज के संबंध में दिए गए सुझावों पर और वित्तीय और बुनियादी ढांचे की आवश्यकता के संबंध में विचार करने के लिए तैयार है।कोर्ट ने कहा कि मामले को एक जनहित याचिका के रूप में माना जाना चाहिए। न्यायमूर्ति जेआर मिधा की एकल न्यायाधीश पीठ ने रजिस्ट्री को कार्यवाही को एक जनहित याचिका के...
'नीतिगत मामला': राजस्थान हाईकोर्ट ने गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित करने की मांग वाली याचिका खारिज की
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों को COVID-19 महामारी के दौरान फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित करने की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज किया।न्यायमूर्ति सबीना और न्यायमूर्ति मनोज कुमार व्यास की खंडपीठ ने कहा कि यह एक नीतिगत मामला है जिस पर कार्यपालिका को निर्णय लेना है और अदालतों को इसमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है।राजस्थान राज्य सरकार ने मार्च 2021 में मान्यता प्राप्त पत्रकार को फ्रंटलाइन वर्कर्स/कोविड योद्धा का दर्जा दिया और उन्हें COVID-19 राहत के लिए ड्यूटी के...
COVID के टीके के कारण कथित रूप से आदमी की गई आंख: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीएम को पत्नी के प्रतिनिधित्व पर फैसला करने का निर्देश दिया
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जिला मजिस्ट्रेट, बदायूं को COVID-19 के टीके के कारण अंधे हो गए एक पुरुष की पत्नी की ओर से पेश प्रतिनिधित्व पर फैसला करने का निर्देश दिया है।जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी की बेंच पत्नी की ओर से पेश रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने उत्तरदाताओं को COVID-19 के टीके के कारण अंधेपन का शिकार हुए पति के संबंध में मुआवजे का भुगतान करने का निर्देश देने की मांग की थी।मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, इस मुद्दे की योग्यता पर किसी भी प्रकार की राय व्यक्त किए...
बीसीआई ने रिव्यू के लिए 'आलोचना-अयोग्यता नियम' को स्थगित रखने का फैसला किया
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया रूल्स के भाग VI के अध्याय II में हाल ही में सम्मिलित धारा V और V-A के रिव्यू के लिए एक कमेटी बनाने का फैसला किया है और रिपोर्ट प्राप्त होने तक नियमों को स्थगित रखने का फैसला किया है।बार काउंसिल ऑफ इंडिया के उक्त नियम (26 जून की अधिसूचना द्वारा अधिसूचित) में कहा गया है किः ''एक वकील अपने दैनिक जीवन में एक सज्जन पुरुष/सज्जन महिला के रूप में आचरण करेगा और वह कोई गैरकानूनी कार्य नहीं करेगा, वह प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया में ऐसा...
जम्मू और कश्मीर सरकार COVID-19 से प्रभावित अधिवक्ताओं के लिए वित्तीय सहायता के रूप में एक करोड़ रुपए की राशि मंज़ूर की
COVID-19 महामारी के कारण न्यायालयों के प्रतिबंधित कामकाज के परिणामस्वरूप कानूनी पेशे पर प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल ने अधिवक्ताओं के लिए वित्तीय सहायता के रूप में 1 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है।यह राशि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की विभिन्न अदालतों में कार्यरत अधिवक्ताओं के पक्ष में स्वीकृत की गई है।जम्मू-कश्मीर सरकार के अतिरिक्त सचिव ने उक्त राशि के चेक के साथ हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को एक पत्र जारी किया।न्यायमूर्ति अली मोहम्मद माग्रे की पीठ ने मंगलवार...
180 एमबीबीएस डॉक्टरों को दो सप्ताह की अनिवार्य ग्रामीण सेवा के लिए के लिए पंजीकरण करने के लिए मजबूर न करें: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्य ने मंगलवार को 180 डॉक्टरों को राहत देते हुए राज्य को एक अंतरिम निर्देश पारित किया। इसमें इन डॉक्टरों को कर्नाटक अनिवार्य प्रशिक्षण सेवा के प्रावधानों के तहत अनिवार्य ग्रामीण सेवा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करने से रोक दिया गया था।न्यायमूर्ति सचिन शंकर मगदुम की एकल पीठ ने याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई करते हुए कहा,"चूंकि विद्वान अतिरिक्त महाधिवक्ता ने अभी तक अपने तर्क समाप्त नहीं किए हैं और इस न्यायालय को जवाब के रूप में याचिकाकर्ताओं के वकील को सुनना है, पहले प्रतिवादी-राज्य को...
एक विवाहित महिला को अपने माता-पिता के घर में रहने के लिए मजबूर करना क्रूरता के समानः मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि शादी के बाद एक विवाहित महिला को अपने पैतृक घर में रहने के लिए मजबूर करना क्रूरता है और इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि वह बिना उचित कारण के अलग रह रही थी। इस मामले में न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया की पीठ एक आपराधिक रिवीजन याचिका पर सुनवाई कर रही थी,जिसमें फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। फैमिली कोर्ट ने दण्ड प्रक्रिया संहिता(सीआरपीसी) की धारा 125 के तहत पति को निर्देश दिया था कि वह अपनी पत्नी को प्रति माह 7,000 रुपये का भुगतान करे। इसी मामले...
COVID-19: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्कूल फीस के नियमन पर यूपी सरकार, शिक्षा बोर्डों से मांगा जवाब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिजिकल क्लास को फिर से शुरू करने तक राज्य के सभी निजी शैक्षणिक संस्थानों में स्कूल फीस के नियमन की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर यूपी सरकार, सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड और निजी स्कूलों से जवाब मांगा है।सुनवाई के दौरान एसीजे मुनीश्वर नाथ भंडारी और न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार की खंडपीठ ने यूपी सरकार से पूछताछ की कि निजी स्कूलों द्वारा अत्यधिक और मनमाने ढंग से फीस वसूलने को नियंत्रित करने के लिए उसने क्या कदम उठाए हैं।राज्य के वकील ने बेंच को सूचित किया कि एक सर्कुलर लागू...
नारदा केस: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उनके हलफनामों को स्वीकार करने के लिए दायर आवेदनों को अनुमति दी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य के कानून मंत्री मोलॉय घटक द्वारा नारदा घोटाला मामले में उनके हलफनामों को स्वीकार करने के लिए दायर आवेदनों को अनुमति दी है।हलफनामे में कथित तौर पर 17 मई को राज्य में (सीबीआई कार्यालय के बाहर) कानून और व्यवस्था की स्थिति का विवरण दिया गया है। इसी तारीख को चार आरोपी टीएमसी नेताओं को गिरफ्तार किया गया था।कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल, जस्टिस आईपी मुखर्जी, जस्टिस हरीश टंडन, जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस अरिजीत बनर्जी की...
"अदालतें पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे हैं और राजनीतिक नेता रैलियों का आयोजन कर रहे हैं?": बॉम्बे हाईकोर्ट ने COVID-19 के बीच राजनीतिक रैलियों के आयोजन पर आपत्ति जताई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को COVID-19 महामारी के बीच पूरे महाराष्ट्र राज्य में राजनीतिक रूप से संचालित रैलियों पर कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट ने इसके साथ ही रैलियों में शामिल राजनेताओं की तुलना फर्जी टीकाकरण शिविरों को आयोजित करने वाले लोगों से किया।पीठ राज्य में COVID19 प्रबंधन को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की पीठ ने स्वत: संज्ञान मामले में कहा कि क्या वे (राजनेता) फर्जी टीकाकरण शिविर आयोजित करने वालों की तुलना में कम...
अपने फैसलों की आलोचना पर रोक लगाने वाले बीसीआई के नए नियमों का असर नहीं हुआ, सीजेआई की मंजूरी का इंतजार: बीसीआई ने केरल हाईकोर्ट को बताया
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने बुधवार को केरल हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया कि बीसीआई और अन्य बार काउंसिल के खिलाफ आलोचना और असहमति को प्रतिबंधित करने वाले नए नियम प्रभावी नहीं हुए हैं।न्यायमूर्ति पी.बी. सुरेश कुमार उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे जिसमें यह घोषणा करने की मांग की गई है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया रूल्स के भाग VI के अध्याय II के हाल ही में सम्मिलित धारा V और V-A असंवैधानिक हैं और अनुच्छेद 14, 19 (1) (a) और 21 का उल्लंघन करते हैं।याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता संतोष मैथ्यू ने तर्क दिया कि नए...
पत्नी के खिलाफ विश्वासघात और बेवफाई का आरोप लगाना मानसिक क्रूरता के समानः केरल हाईकोर्ट ने कपल को तलाक की मंजूरी दी
केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को एक वैवाहिक अपील को अनुमति देते हुए कहा कि कि एक पति या पत्नी द्वारा दूसरे के खिलाफ निराधार और चरित्र हनन का आरोप लगाना मानसिक क्रूरता का गठन करेगा। न्यायमूर्ति ए. मोहम्मद मुस्तक और न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागथ की खंडपीठ ने कहा किः ''प्रतिवादी उसके द्वारा लगाए गए उन आरोपों को साबित करने में बुरी तरह विफल रहा है कि अपीलकर्ता का किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध है और वह एक अपवित्र महिला है। पत्नी पर अपवित्रता और विश्वासघात जैसे घृणित आरोप लगाना, निस्संदेह मानसिक क्रूरता...
COVID-19 पीड़ितों के परिजन मुआवजे के हकदार; सुप्रीम कोर्ट ने एनडीएमए को 6 सप्ताह के भीतर दिशानिर्देश तैयार करने के निर्देश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का संवैधानिक दायित्व है कि वह COVID-19 महामारी के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए मुआवजा की सिफारिश करने के लिए दिशानिर्देश तैयार करें।कोर्ट ने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 12 राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से राष्ट्रीय आपदा के पीड़ितों के लिए न्यूनतम राहत की सिफारिश करने के लिए एक वैधानिक दायित्व डालती है। इस तरह की न्यूनतम राहत में धारा 12 (iii) के अनुसार अनुग्रह राशि भी शामिल है।कोर्ट ने केंद्र...
'धूम्रपान COVID-19 से बचाता है; धूम्रपान करने वालों को कोरोना वायरस से कोई खतरा नहीं': तंबाकू व्यापारियों ने बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष दावा किया
बॉम्बे हाईकोर्ट यह तय करने के लिए एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था कि धूम्रपान करने वालों को COVID-19 से संबंधित बीमारी होने का खतरा है या नहीं और सरकार को इसके अनुसार आवश्यक कदम उठाने चाहिए।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ ने मंगलवार को मुंबई बीड़ी तंबाखू व्यापारी संघ (एमबीटीवीएस) और फेडरेशन ऑफ रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा दायर दो अंतरिम आवेदनों को अनुमति दी, जिससे उन्हें कार्यवाही में हस्तक्षेप करने की अनुमति मिली।मुंबई बीड़ी-तंबाखू व्यापारी संघ...
स्वेछा से धर्म परिवर्तन करने वाली यूपी की महिला ने उसके खिलाफ मीडिया द्वारा दुर्भावनापूर्ण सामग्री प्रकाशित करने पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
इस्लाम धर्म अपनाने वाली एक हिंदू महिला ने सुरक्षा की मांग करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। महिला ने दावा किया कि उसे अपने और अपने परिवार के सदस्यों के जीवन के लिए अत्यधिक खतरा है, जिन्हें कथित तौर पर उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों द्वारा डराया और धमकाया जा रहा है।महिला ने यह भी दावा किया है कि उसके धर्म परिवर्तन के कारण उसे और उसके परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया जा रहा है। इसे लेकर हर दिन मीडिया में उसके बारे में दुर्भावनापूर्ण सामग्री प्रकाशित की जा रही है।संक्षेप में तथ्य...
लोक अदालत का अवॉर्ड को भूमि अधिग्रहण अधिनियम के भाग III के तहत बने कोर्ट के अवॉर्ड के रूप में नहीं माना जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना है कि लोक अदालत का एक अवॉर्ड, एक निष्पादन योग्य डिक्री होने के कारण पार्टियों के बीच बाध्यकारी है, भूमि अधिग्रहण अधिनियम के भाग III के तहत न्यायालय के एक अवॉर्ड के रूप में सेक्शन 28ए के प्रयोजनों के लिए नहीं विचारणीय नहीं माना जा सकता है, जिसके तहत अवॉर्ड के मुआवजे की राशि के पुन: निर्धारण का प्रावधान है।जस्टिस एससी गुप्ते और जस्टिस एए सैयद की खंडपीठ ने कहा, "लोक अदालत द्वारा पारित एक अवॉर्ड को उस अदालत की डीम्ड डिक्री के रूप में मानने के लिए चीजों की इस योजना में कुछ भी...
'क्या आप राउडी राठौर या हुड़दंगी बनना चाहते हैं', हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने बीसीआई के नए नियमों के खिलाफ दायर याचिका निस्तारित की
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने मंगलवार को एक याचिका का निस्तारण 'विदड्रॉन' यानी 'वापस ले लिया' के रूप में किया, जिसमें बार काउंसिल ऑफ इंडिया रूल्स के भाग VI के चैप्टर II में हाल ही में शामिल सेक्शन V और V-A को असंवैधानिक और अनुच्छेद 14, 19 (1) (a), और 21 के खिलाफ बताया गया था।याचिका हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के एक वकील नीरज शाश्वत ने दायर की थी, जिन्होंने सेक्शन-V को चुनौती दी थी, जिसे बार काउंसिल ऑफ इंडिया रूल्स के भाग VI के चैप्टर II में जोड़ा गया है, जिसमें कहा गया है-"एक वकील दैनिक जीवन...




















