मुख्य सुर्खियां

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
क्या 'फैमिली कोर्ट एक्ट' के प्रावधान हिमाचल प्रदेश में लागू किए गए हैं?: हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इस सप्ताह केंद्र सरकार से पूछा कि क्या फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 के प्रावधानों को हिमाचल प्रदेश राज्य के लिए एक वैधानिक अधिसूचना जारी करने के माध्यम से लागू किया गया है या नहीं।न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल की खंडपीठ एक आपराधिक पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता के वकील ने फैमिली कोर्ट एक्ट, 1984 की धारा एक पर अदालत का ध्यान आकर्षित किया और उपधारा (3) के आधार पर उन्होंने प्रस्तुत किया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश राज्य में इस अधिनियम को लागू करने के लिए...

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की सिफारिश पर रिश्वत लेने के दोषी जज को सेवा से बर्खास्त किया

हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक न्यायिक अधिकारी को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की सिफारिश पर सेवा से बर्खास्त कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने सिविल जज सह अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) गौरव शर्मा को बर्खास्त करने का आदेश पारित किया। जज को एक स्थानीय निवासी से 40,000 रुपये की रिश्वत लेने का दोषी पाया गया था।अधिसूचना में कहा गया कि"राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश ने हाईकोर्ट की सिफारिशों पर विचार किया और सीसीएस (सीसीए) नियम, 1965 के नियम 11 के खंड (ix) के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए...

दिल्ली हाईकोर्ट ने सीआईसी को 8 सप्ताह के भीतर राज्य प्रायोजित इलेक्ट्रॉनिक निगरानी की सांख्यिकीय जानकारी मांगने वाले आरटीआई आवेदन पर निर्णय लेने के निर्देश दिए
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीआईसी को 8 सप्ताह के भीतर राज्य प्रायोजित इलेक्ट्रॉनिक निगरानी की सांख्यिकीय जानकारी मांगने वाले आरटीआई आवेदन पर निर्णय लेने के निर्देश दिए

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) को इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन के संस्थापक अपार गुप्ता द्वारा राज्य प्रायोजित इलेक्ट्रॉनिक निगरानी पर सांख्यिकीय जानकारी मांगने वाले उनके आरटीआई आवेदनों को खारिज करने के खिलाफ दायर अपील पर 8 सप्ताह के भीतर फैसला करने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने कहा,"इस अदालत ने सीआईसी के लिए पेश होने वाले वकील से एक समय सीमा प्रस्तुत करने का अनुरोध किया, जिसके भीतर आयोग के लिए अपीलों का फैसला करना संभव होगा। वकील का कहना है कि लंबित अपीलों को 8 सप्ताह के...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
"आप 1986 में हुई एक नियुक्ति को चुनौती दे रहे हैं? महिला 2021 में सेवानिवृत्त हो गई': दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले में 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया

"एक महिला जो 1986 में नियुक्त हुई, 2021 में सेवानिवृत्त हो गई। आप उसकी नियुक्ति को चुनौती दे रहे हैं?" दिल्ली हाईकोर्ट ने आज एक मामले की सुनवाई में कड़ी टिप्पणी की और अपीलकर्ता पर 15,000 रुपए का जुर्माना लगा दिया।चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस ज्योति सिंह की खंडपीट ने कहा कि न केवल याचिका बहुत विलंब से दायर की गई है, लेकिन यह प्रेरित भी लग रहा है।अपीलकर्ता, प्रतिवादी संख्या 6 के भतीजे कमलेश तिवारी, ने रेलवे में कार्यालय अधीक्षक (चतुर्थ श्रेणी) के पद पर बाद की नियुक्ति के खिलाफ एक याचिका पर विचार...

(अगस्टा वेस्टलैंड केस) भारत में गहरी जड़ें नहीं होने के कारण जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता: क्रिश्चियन मिशेल ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा
(अगस्टा वेस्टलैंड केस) 'भारत में गहरी जड़ें नहीं होने के कारण जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता': क्रिश्चियन मिशेल ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा

जमानत की कोशिश कर रहे अगस्ता वेस्टलैंड मामले के आरोपी क्रिश्चियन मिशेल ने दिल्‍ली हाईकोर्ट से कहा है कि भारत में गहरे संबंध नहीं होना ट्रायल कोर्ट के लिए उसे जमानत से इनकार करने का आधार नहीं हो सकता। जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने मिशेल की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे हैं।मिशेल की ओर से पेश अधिवक्ता अल्जो के जोसेफ ने अदालत के समक्ष दलील दी कि मामले में गिरफ्तार अन्य सभी आरोप‌ियों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है, केवल उन्हें जमानत देने से इनकार किया गया है कारण केवह यह कि उनकी वह एक भारतीय...

शैक्षणिक संस्थानों को महामारी के बाद स्थितियों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए: पटना हाईकोर्ट ने CNLU की लाइब्रेरी शुल्क और परीक्षा शुल्क की मांग खारिज की
'शैक्षणिक संस्थानों को महामारी के बाद स्थितियों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए': पटना हाईकोर्ट ने CNLU की 'लाइब्रेरी शुल्क' और 'परीक्षा शुल्क' की मांग खारिज की

पटना हाईकोर्ट ने कहा है कि चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (CNLU) की शैक्षणिक वर्ष 2020-2021 के लिए सुविधा शुल्क और परीक्षा शुल्क की मांग मनमाना और अवैध है। कोर्ट ने कहा है‌ कि बीते साल छात्रों ने कक्षाओं में भाग नहीं लिया था और COVID-19 के कारण सुविधाओं का लाभ नहीं उठाया था।जस्टिस पीबी बजंथरी ने कहा," छात्रों ने COVID-19 महामारी के दौरान कक्षाओं में भाग नहीं लिया है, इसलिए, सुविधा शुल्क और लाइब्रेरी शुल्क के भुगतान की विश्वविद्यालय की मांग इस कारण से मनमानी और अवैध है कि जब याचिकाकर्ता...

T-20: इलाहाबाद हाईकोर्ट में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की जीत का कथित तौर पर जश्न मनाने वाले कश्मीरी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले में जमानत याचिका दायर
T-20: इलाहाबाद हाईकोर्ट में भारत के खिलाफ पाकिस्तान की जीत का कथित तौर पर जश्न मनाने वाले कश्मीरी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले में जमानत याचिका दायर

भारत के खिलाफ टी20 क्रिकेट विश्व कप मैच में पाकिस्तान की जीत के बाद कथित रूप से पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने के आरोप में अक्टूबर में गिरफ्तार किए गए तीन कश्मीरी छात्रों ने अपनी जमानत याचिका के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया है।आगरा के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के सभी छात्रों अर्शीद यूसुफ, इनायत अल्ताफ शेख और शौकत अहमद गनई को 27 अक्टूबर को आगरा पुलिस ने गिरफ्तार किया था।तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 124 ए (देशद्रोह), 153-ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 505 (1) (बी) (लोगों के किसी...

गवाह लगातार पक्षद्रोही हो रहे हैं, 2008 मालेगांव धमाके के पीड़ित ने एनआईए को लिखा, पत्र कोर्ट के रिकॉर्ड पर रखा
'गवाह लगातार पक्षद्रोही हो रहे हैं', 2008 मालेगांव धमाके के पीड़ित ने एनआईए को लिखा, पत्र कोर्ट के रिकॉर्ड पर रखा

2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में एक पीड़ित के पिता ने आठ महत्वपूर्ण गवाहों के पक्षद्रोही होने के बाद राष्ट्र जांच एजेंसी (एनआईए) को पत्र लिखा है। उल्लेखनीय है कि यह मामला भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित से जुडा है।एनआईए के पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में निसार अहमद ने एजेंसी को "प्रभावी" ट्रायल के लिए राज्य आतंकवाद विरोधी दस्ते की मदद लेने की मांग की है, क्योंकि गवाहों को बेतरतीब तरीके से अदालत में बुलाया जा रहा है।पत्र में कहा गया है कि गवाहों के पैटर्न को...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
"सुनिश्चित करें कि 2019 की तरह वापस शराब त्रासदी न हो; आपराधिक मामलों को पूरी लगन से आगे बढ़ाएं": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में मई, 2019 में जिला बाराबंकी और जिला सीतापुर में हुई शराब त्रासदी के संबंध में दायर एक जनहित याचिका (PIL) याचिका पर विचार करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों।मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह भी कहा कि उम्मीद है कि इस मामले में दर्ज सभी आपराधिक मामले और दोषी अधिकारियों के खिलाफ शुरू की गई विभागीय कार्यवाही को पूरी लगन से आगे बढ़ाया जाए ताकि उन्हें उनके तार्किक अंत...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
'अंबेडकर के लेखनों का प्रकाशन बहुत जरूरी', बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंबेडकर साहित्य के प्रकाशन की रुकी हुई राज्य सरकार की परियोजना का स्वत: संज्ञान लिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने डॉ बाबासाहेब अंबेडकर के लेखन और भाषणों को प्रकाशित करने की महाराष्ट्र सरकार की रुकी हुई परियोजना के बारे में समाचार पत्र लोकसत्ता में छपी एक रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लिया। अदालत ने कहा कि यह देखते हुए कि अंबेडकर के कार्यों का प्रकाशन मौजूदा और भविष्य की पीढ़ी के लिए आवश्यक और वांछनीय है, रिपोर्ट से "मामलों की स्थिति" का पता चलता है।जस्टिस प्रसन्ना बी वरले और जस्टिस श्रीराम एम मोदक ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि वह स्वत: संज्ञान लेकर एक जनहित याचिका दायर करे और इसे चीफ जस्टिस...

बी.एड डिग्री धारक आरईईटी-I की परीक्षा देने के पात्र नहीं; एनसीटीई की साल 2018 की अधिसूचना गैरकानूनी: राजस्थान हाईकोर्ट
बी.एड डिग्री धारक आरईईटी-I की परीक्षा देने के पात्र नहीं; एनसीटीई की साल 2018 की अधिसूचना गैरकानूनी: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा कि प्राथमिक स्तर के छात्रों को पढ़ाने के लिए एनसीटीई की अधिसूचना और इस तरह बी.एड डिग्री धारकों को आरईईटी स्तर I [शिक्षक के लिए राजस्थान पात्रता परीक्षा] की परीक्षा देने की अनुमति देना गैरकानूनी है।मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी और न्यायमूर्ति सुदेश बंसल की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता, जो इस कोर्ट के अंतरिम आदेशों के तहत आरईईटी परीक्षा में उपस्थित हुए, को आगे संसाधित नहीं किया जाएगा।पूरा मामलाअनिवार्य रूप से, एनसीटीई (राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद) ने वर्ष 2018 में एक...

डेटा प्राइवेसी सुनिश्चित करने के लिए क्या उपाय किए गए हैं? केरल हाईकोर्ट ने सबरीमाला वर्चुअल क्यू पर टीसीएस से पूछा
डेटा प्राइवेसी सुनिश्चित करने के लिए क्या उपाय किए गए हैं? केरल हाईकोर्ट ने सबरीमाला वर्चुअल क्यू पर टीसीएस से पूछा

केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के प्रोजेक्ट मैनेजर को सबरीमाला वर्चुअल क्यू पोर्टल में प्रवेश करने वाले तीर्थयात्रियों के डेटा के संबंध में विभिन्न निर्देश जारी किए।जस्टिस अनिल के नरेंद्रन और जस्टिस पीजी अजितकुमार की एक डिवीजन बेंच केरल पुलिस द्वारा लागू 'सबरीमाला तीर्थ प्रबंधन प्रणाली' की वैधता पर सवाल उठाने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि यह सबरीमाला में दर्शन को केवल वर्चुअल कतार सेवाओं का लाभ उठाने वालों तक सीमित रखता...

दुपट्टा(ओरना) खींचना, हाथ खींचना और पीड़िता को शादी के लिए प्रपोज करना POCSO एक्ट के तहत यौन हमला/उत्पीड़न नहींः कलकत्ता हाईकोर्ट
दुपट्टा(ओरना) खींचना, हाथ खींचना और पीड़िता को शादी के लिए प्रपोज करना POCSO एक्ट के तहत यौन हमला/उत्पीड़न नहींः कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने माना है कि 'ओर्ना' (महिला का स्कार्फ) खींचना, पीड़िता का हाथ खींचना और उसे शादी के लिए प्रपोज करना पॉक्सो अधिनियम के तहत 'यौन हमले' या 'यौन उत्पीड़न' की परिभाषा में नहीं आता है। जस्टिस बिबेक चौधरी की पीठ ने रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों के आकलन में ट्रायल कोर्ट की भूमिका पर भी जोर दिया और कहा कि, ''...(भूमिका) इसकी वास्तविक भावना में नहीं हो सकती है परंतु इस पर अधिक जोर दिया जा सकता है क्योंकि ट्रायल कोर्ट न्याय के प्रशासन की बुनियादी संरचना है जिस पर उच्च मंच खड़े हैं। यदि बुनियादी...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी देने वाले व्यक्ति को जमानत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी देने वाले व्यक्ति को जमानत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने सलमान उर्फ अरमान चौधरी नाम के एक व्यक्ति को जमानत दी, जिसने कथित तौर पर उत्तर प्रदेश पुलिस के आपातकालीन सेवा नंबर पर कॉल करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को जान से मारने की धमकी दी थी।जमानत आवेदक ने कथित तौर पर कॉल पर कहा था कि पीएम और सीएम के सार्वजनिक बयानों के कारण वह उन्हें मार कर जेल जाना चाहता है।उक्त कथनों के आधार पर जांच की गई और कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर...

दिल्ली हाईकोर्ट
"प्रशासन को लकवा मार गया, नीतियां केवल लोकलुभावन तरीके से बनाई जा रही हैं": दिल्ली हाईकोर्ट ने डेंगू खतरे को नियंत्रित करने में अधिकारियों की विफलता पर नाराजगी जताई

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने गुरुवार को शहर में डेंगू के खतरे को नियंत्रित करने में अधिकारियों की विफलता पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा,"प्रशासक प्रशासन नहीं कर रहे हैं, नीतियां केवल लोकलुभावन तरीके से बनाई जा रही हैं, यही हो रहा है।" जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस जसमीत सिंह की बेंच ने आगे टिप्पणी की,"प्रशासन को लकवा (Paralysis) मार गया है। किसी को परवाह नहीं है। कोई भी जवाबदेह नहीं है। अगर ऐसा होता है तो होता है। यह आएगा और जाएगा। लोग मरेंगे। हमारे पास इतनी बड़ी संख्या में आबादी...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कफ सिरप को साइकोट्रोपिक पदार्थ के रूप में जब्त करने वाले अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कफ सिरप को 'साइकोट्रोपिक पदार्थ' के रूप में जब्त करने वाले अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में अवैधानिक पदार्थ जब्त करने वाले अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया। इन अधिकारियों ने एक व्यक्ति से तलाशी के दौरान कफ सिरप बरामद किया और उसे साइकोट्रोपिक पदार्थ के रूप में उसे जब्त कर लिया। बाद में उस व्यक्ति को जमानत दे दी।न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने मामले में दर्ज एफआईआर के साथ-साथ मेडिकल रिपोर्ट देखते हुए कहा कि यह अधिकारी द्वारा की गई तलाशी और जब्ती शक्तियों का स्पष्ट दुरुपयोग था।संक्षेप में मामला एक कार से 100 एमएल की 1540 बोतलें...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
भीमा कोरेगांव मामला - यूएपीए जांच के लिए एक ऐसी अदालत ने समय बढ़ाया, जिसके पास सक्षम अधिकार क्षेत्र की कमी थी: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुधा भारद्वाज को डिफॉल्ट जमानत देने के अपने आदेश में कहा कि पुणे के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केडी वडाने को 26 नवंबर, 2018 को यूएपीए एक्ट के प्रावधान के तहत पुणे पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने के लिए समय बढ़ाने के लिए अधिकृत नहीं किया गया था। इसलिए वह डिफॉल्ट जमानत की हकदार थी। गौरतलब है कि भीमा कोरेगांव-एल्गार परिषद मामले में आठ आरोपियों को डिफॉल्ट जमानत देने से इनकार करते हुए अदालत ने कहा कि भारद्वाज के विपरीत, वे डिफॉल्ट जमानत आवेदन दाखिल करने में विफल रहे या समय पर आवेदन दाखिल...

छात्रों को यह कहने का अधिकार नहीं है कि परीक्षा न आयोजित न की जाए : कर्नाटक हाईकोर्ट ने केएसएलयू को एलएलबी परीक्षा आयोजित करने के आदेश को संशोधित करने से इनकार किया
"छात्रों को यह कहने का अधिकार नहीं है कि परीक्षा न आयोजित न की जाए" : कर्नाटक हाईकोर्ट ने केएसएलयू को एलएलबी परीक्षा आयोजित करने के आदेश को संशोधित करने से इनकार किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को 24 नवंबर के अपने आदेश को संशोधित करने से इनकार कर दिया, जिसके द्वारा उसने कर्नाटक स्टेट लॉ यूनिवर्सिटी (KSLU) को एलएलबी छात्रों के लिए इंटरमीडिएट सेमेस्टर परीक्षा आयोजित करने की अनुमति दी थी। हालांकि, परीक्षाओं के परिणाम अदालत के अगले आदेश के अधीन होंगे।मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी और न्यायमूर्ति सचिन शंकर मगदुम की खंडपीठ ने छात्रों को राहत देने से इनकार करते हुए मौखिक रूप से कहा,"छात्रों को यह कहने का अधिकार नहीं है कि परीक्षा न आयोजित न की जाए।"पीठ ने मौखिक रूप...

अदालत की गरिमा को बनाए रखा जाना चाहिए: गुजरात हाईकोर्ट ने शाम पांच बजे तक सुनवाई के दौरान बजने वाले एक मोबाइल फोन को जब्त करने का आदेश दिया
"अदालत की गरिमा को बनाए रखा जाना चाहिए": गुजरात हाईकोर्ट ने शाम पांच बजे तक सुनवाई के दौरान बजने वाले एक मोबाइल फोन को जब्त करने का आदेश दिया

गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार को अदालत की सुनवाई के दौरान एक व्यक्ति के बजते मोबाइल को जब्त करने का आदेश दिया। अदालत के रजिस्ट्रार जनरल को आज शाम पांच बजे तक मोबाइल वापस नहीं करने को कहा।चीफ जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस आशुतोष जे शास्त्री की बेंच जब एक मामले की सुनवाई कर रही थी, तभी एक शख्स के मोबाइल की घंटी बजने लगी। वह तुरंत उठ खड़ा हुआ और कोर्ट रूम के निकास द्वार की ओर बढ़ने लगा। इस दौरान सीजे अरविंद कुमार ने पूछा कि वह कौन हैं।बेंच के सवाल का जवाब देते हुए एक वकील खड़ा हुआ और कोर्ट के सामने यह...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को पशुओं के अवैध वध रोकने का निर्देश दिया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि राज्य के किसी भी जिले में जानवरों का कोई भी अवैध वध नहीं किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि तत्काल उपचारात्मक उपाय किए जाए ताकि ऐसी कोई भी अवैध गतिविधियां न हों।मुख्य न्यायाधीश रितु राज अवस्थी और न्यायमूर्ति सचिन शंकर मगदुम की खंडपीठ ने गौ ज्ञान फाउंडेशन द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए कहा,"जवाब देने वाले प्रतिवादियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है कि राज्य के किसी भी जिले में इस...