मुख्य सुर्खियां
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य को 4 महीने के भीतर सार्वजनिक नियुक्तियों, शैक्षणिक संस्थानों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आरक्षण देने के निर्देश दिए
राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने राज्य सरकार को ट्रांसजेंडर समुदाय को सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग में शामिल करने और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश और सार्वजनिक नियुक्तियों के मामलों में सभी प्रकार के आरक्षण देने के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।न्यायमूर्ति मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति मदन गोपाल व्यास की खंडपीठ ने इस कवायद को पूरा करने के लिए चार महीने का समय दिया है।कोर्ट ने गंगा कुमारी द्वारा दायर एक रिट याचिका में यह निर्देश दिया। इसमें राष्ट्रीय कानूनी सेवा...
चारा घोटाला: सीबीआई कोर्ट ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया
रांची की विशेष सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार से 139.5 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया। चारा घोटाले से जुड़ा यह पांचवां मामला है, जिसमें कोर्ट ने उन्हें दोषी पाया है।विशेष सीबीआई न्यायाधीश सीके शशि ने फैसला सुनाया। 18 फरवरी को मामले की सजा तय की जाएगी। चारा घोटाले से जुड़े इस पांचवें मामले में वर्ष 1996 में रांची के डोरंडा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में सीबीआई ने इस मामले को अपने हाथ में ले लिया था।चारा घोटाले...
सेक्शन 163ए एमवीए के तहत मोटर वाहन का उपयोग स्थापित करना ही आवश्यक, यह साबित करने की जरूरत नहीं कि कोई और लापरवाही से गाड़ी चला रहा था: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने यह पुष्टि करते हुए कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 163ए के तहत यह साबित करना आवश्यक नहीं है कि कोई अन्य व्यक्ति लापरवाही से वाहन चला रहा था, जिसके कारण पीड़ित की मृत्यु हुई, मृतक के परिवार को मुआवजे देना का दायित्व बीमा कंपनी पर लगाया है।जस्टिस संदीप एन भट्ट की खंडपीठ ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के फैसले से असंतुष्ट अपीलकर्ताओं द्वारा एमवी एक्ट की धारा 173 के तहत दायर पहली अपील के संबंध में यह आदेश दिया।पृष्ठभूमिअपीलार्थी-दावाकर्ता के पिता का ट्रैक्टर घर लौटते हुए पलट...
व्यक्तिगत स्वतंत्रता में केवल इसलिए कटौती नहीं की जा सकती कि समाज अभियुक्तों के खिलाफ भावनाएं रखता है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि केवल आरोपी के खिलाफ समाज की भावनाओं के कारण जमानत के अधिकार से इनकार नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने लूट के मामले में आरोपी व्यक्ति को जमानत दे दी।जस्टिस चंद्रधारी सिंह ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 392, 411 और धारा 34 के तहत दर्ज एफआईआर में नियमित जमानत मांगने वाले तरनजीत सिंह को जमानत दे दी।अदालत ने कहा,"यह अच्छी तरह से स्थापित कानून है कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता एक कीमती मौलिक अधिकार है। इसे तभी कम किया जाना चाहिए जब यह मामले के अजीबोगरीब तथ्यों और...
केरल हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस, मोटर वाहन विभाग को वाहनों पर सरकारी बोर्डों के ओवरलोडिंग, दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए
केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने राज्य पुलिस और मोटर वाहन विभाग के प्रवर्तन अधिकारियों को सड़क सुरक्षा नीति दिशानिर्देशों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों / मालिकों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया है, खासकर उन लोगों के खिलाफ जो अपने वाहनों को ओवरलोड करते हैं या आवश्यक प्राधिकरण की अनुमति के बिना सरकारी नेमप्लेट का उपयोग करते हैं।न्यायमूर्ति अनिल के नरेंद्रन ने सड़क सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट की समिति द्वारा निर्देशित राज्य में सड़क सुरक्षा नीति, मोटर वाहन अधिनियम और मोटर वाहन...
गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात आतंकवाद नियंत्रण अधिनियम के तहत अपराधों के लिए जमानत खारिज की, 'संगठित अपराध' की व्याख्या की
गुजरात हाईकोर्ट ने गुजरात कंट्रोल ऑफ टेररिज्म एंड आर्गनाइज्ड एक्ट, 2015 के तहत एक आरोपी को यह कहते हुए कि जमानत देने से इनकार कर दिया कि वह हाईवे पर चोरी में शामिल 'संगठित अपराध सिंडिकेट' का हिस्सा है।अधिनियम की धारा 2(1)(f) के तहत परिभाषित 'संगठित अपराध सिंडिकेट' का अर्थ दो या दो से अधिक व्यक्तियों का ऐसा समूह है, जो अकेले या सामूहिक रूप से संगठित अपराध की गतिविधियों में लिप्त एक सिंडिकेट या गिरोह के रूप में कार्य करता है।जस्टिस एएस सुपेहिया की खंडपीठ ने 'संगठित अपराध' को ऐसी निरंतर गैरकानूनी...
मुस्लिम महिलाओं पर 'अपमानजनक' टिप्पणी: स्थानीय अदालत ने यति नरसिंहानंद को जमानत दी
उत्तराखंड कोर्ट (हरिद्वार) ने उत्तर प्रदेश में शक्तिशाली डासना देवी मंदिर के प्रमुख यति नरसिंहानंद (Yati Narsinghanand) को मुस्लिम महिलाओं पर उनकी कथित आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी के लिए दर्ज एक मामले में जमानत दे दी।अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश भारत भूषण पांडेय ने सीजेएम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जमानत की मांग वाली याचिका पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया, जिसने उन्हें 19 जनवरी को जमानत देने से इनकार कर दिया था।मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणीइस मामले में आरोप लगाया गया है कि...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट के तहत सभी पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के रूप में नियुक्त करने के राज्य सरकार के फैसले को बरकरार रखा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने हाल ही में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 15 के तहत अपने सभी जिलों में पब्लिक प्रॉसिक्यूटर और सहायक पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के रूप में नियुक्त करने के राज्य सरकार के फैसले को बरकरार रखा।न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन अनिवार्य रूप से एससी/एसटी अधिनियम के तहत स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (एसपीपी) द्वारा दायर एक रिट याचिका से निपट रहे थे, जिसमें वह राज्य सरकार द्वारा पारित आदेश को चुनौती...
मप्र हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत सभी लोक अभियोजकों को विशेष लोक अभियोजक के रूप में नियुक्त करने के राज्य सरकार के निर्णय को बरकरार रखा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही प्रदेश के सभी जिलों में लोक अभियोजकों और सहायक लोक अभियोजकों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 15 के तहत विशेष लोक अभियोजक के रूप में नियुक्त करने के राज्य सरकार के फैसले को बरकरार रखा।जस्टिस अतुल श्रीधरन एससी/एसटी एक्ट के तहत विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) द्वारा दायर एक रिट याचिका का निस्तारण कर रहे थे। याचिका में राज्य सरकार द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी गई थी। राज्य सराकर ने अपने आदेश में सभी लोक अभियोजकों और सहायक लोक...
दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका, यूएपीए मामले में कश्मीरी फोटो जर्नलिस्ट की न्यायिक रिमांड बढ़ाने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती
कश्मीर स्थित 24 वर्षीय स्वतंत्र फोटोग्राफर मोहम्मद मनन डार के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत दर्ज एक मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।अधिवक्ता तारा नरूला, तमन्ना पंकज और प्रिया वत्स के माध्यम से दायर याचिका में सीआरपीसी की धारा 167(1) के तहत, जांच एजेंसी द्वारा गिरफ्तारी के 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल नहीं करने के कारण डिफॉल्ट बेल की मांग की गई है।पिछले साल अक्टूबर में यूएपीए की धारा 18, 18ए,...
बलात्कार महिला के पवित्र शरीर और समाज की आत्मा के खिलाफ सबसे बर्बर अपराधों में से एकः दिल्ली हाईकोर्ट ने सामूहिक बलात्कार मामले में 6 में से 3 आरोपियों की दोषसिद्धि को बरकरार रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सामूहिक बलात्कार के मामले में तीन आरोपियों की दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखते हुए कहा कि बलात्कार एक महिला के पवित्र शरीर और समाज की आत्मा के खिलाफ किए गए सबसे बर्बर अपराधों में से एक है।अदालत ने हालांकि इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को बरी कर दिया है। जस्टिस चंद्रधारी सिंह की पीठ ने कहा कि, ''बलात्कार सबसे बर्बर और जघन्य अपराधों में से एक है जो न केवल बलात्कार-पीड़िता की गरिमा के खिलाफ बल्कि बड़े पैमाने पर समाज के खिलाफ भी किया जाता है। प्रत्येक नागरिक की गरिमा संविधान के...
डीएसपी रैंक की महिला अधिकारी द्वारा गायघाट शेल्टर होम मामले की जांच की जाएगी: राज्य सरकार ने पटना हाईकोर्ट को सूचित किया
बिहार सरकार (Bihar) ने पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) को सूचित किया कि गायघाट शेल्टर होम मामले की जांच एक महिला अधिकारी द्वारा की जाएगी, जो डीएसपी रैंक से नीचे नहीं होगी।यह भी प्रस्तुत किया गया कि जांच अभी जारी है। यह ध्यान दिया जा सकता है कि इस महीने की शुरुआत में, पटना उच्च न्यायालय ने गायघाट शेल्टर होम मामले में स्वत: संज्ञान लिया था, जिसमें जिसमें शेल्टर होम के एक कैदी ने आरोप लगाया कि महिलाओं को बेहोश करके अनैतिक कृत्यों के लिए खुद को प्रस्तुत करने के लिए मजबूर किया गया था।3 फरवरी को,...
केवल यह तथ्य कि एफआईआर प्रतिवाद के रूप में दर्ज की गई, धारा 482 सीआरपीसी के तहत रद्द करने का आधार नहीं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि केवल यह तथ्य कि आरोपी के खिलाफ एफआईआर प्रतिवाद (counterblast) के रूप में दर्ज की गई थी, सीआरपीसी की धारा 482 के तहत एफआईआर को रद्द करने का आधार नहीं हो सकता। जांच के बाद ही यह पता किया जा सकता है।जस्टिस चीकाती मानवेंद्रनाथ राय ने कहा, "आरोप झूठे हैं या नहीं और रिपोर्ट वास्तविक शिकायतकर्ता द्वारा दर्ज की गई रिपोर्ट के प्रतिवाद के रूप में दर्ज की गई है या नहीं, यह जांच के दरमियान जांच अधिकारी द्वारा पता लगाए जाने का विषय है। इसलिए, इस स्तर पर...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने उस नोटरी को समन भेजा, जो 3-4 क्लर्कों के साथ काम कर रहा था; सभी खुद को नोटरी की तरह पेश करते हैं
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक नोटरी को समन भेजा है। उस पर आरोप है कि वह हाईकोर्ट की इमारत के बाहर से 3-4 क्लर्कों के साथ काम कर रहा है और वे क्लर्क खुद को नोटरी के रूप में पेश कर रहे हैं।नोटरी एक ऐसी सेवा है, जिसका उपयोग दस्तावेज को प्रमाणित करने के लिए किया जाता है। नोटरी जब दस्तावेज की नकल को मूल के साथ प्रमाणित कर देता है, उसके बाद उसे नोटरीकृत करना होता है। अदालत के समक्ष किसी व्यक्ति द्वारा किसी दस्तावेज को दाखिल करने के मामले में, नोटरी को उस व्यक्ति के पहचान दस्तावेज की जांच करनी चाहिए।पिछले...
'आरोपी को झुकाने के लिए मामला दायर': दिल्ली हाईकोर्ट ने झूठे यौन उत्पीड़न के मामलों में खतरनाक वृद्धि पर जताई चिंता
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में झूठे यौन उत्पीड़न मामले में खतरनाक वृद्धि पर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि इसे केवल अभियुक्तों को दबाव में लाने और शिकायतकर्ता की मांगों के आगे घुटने टेकने को मजबूर करने के लिए दायर किया जाता है।न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा, "यह कोर्ट इस बात से दुखी है कि धारा 354, 354ए, 354बी, 354सी और 354डी के तहत मामलों में खतरनाक वृद्धि हो रही है, ताकि आरोपी को केवल शिकायतकर्ता की मांगों के आगे झुकने के लिए मजबूर किया जा सके।"कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस द्वारा ऐसे झूठे...
हिजाब की अनुमति देना एक नेशनल प्रैक्टिस, केन्द्रीय विद्यालय भी अनुमति देते हैं, राज्य नहीं कह सकता कि यह आवश्यक नहीं : कामत ने कर्नाटक हाईकोर्ट में कहा
कर्नाटक हाईकोर्ट की एक पूर्ण पीठ ने सोमवार को याचिकाकर्ता, एक मुस्लिम छात्रा की ओर से व्यापक दलीलें सुनीं, जिसने हिजाब (हेडस्कार्फ़) पहनकर उसे कॉलेज में प्रवेश करने से इनकार करने की एक सरकारी कॉलेज की कार्रवाई को चुनौती दी थी।पीठ ने पिछले शुक्रवार को छात्रों को कक्षाओं में किसी भी प्रकार के धार्मिक कपड़े पहनने से रोका था , जबकि मामले की सुनवाई लंबित है। अंतरिम आदेश केवल उन संस्थानों पर लागू किया गया जिन्होंने कॉमन ड्रेस कोड निर्धारित किया है।मुख्य न्यायाधीश ने सोमवार को सुनवाई की शुरुआत में सभी...
यदि पति के किसी अन्य स्त्री को अपने साथ रखने के आधार पर पत्नी ने वैवाहिक घर छोड़ा है तो यह परित्याग नहींः छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि यदि पत्नी इस तथ्य के कारण अपना वैवाहिक घर छोड़ देती है कि उसके पति ने दूसरी महिला (उपपत्नी) को अपने साथ रख लिया है और उसे (पत्नी) शारीरिक और मानसिक यातना देता है तो इसे पत्नी की ओर से परित्याग के रूप में नहीं माना जा सकता है।जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस रजनी दुबे की खंडपीठ ने इस अवलोकन के साथ फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ पति/अपीलकर्ता की तरफ से दायर अपील खारिज कर दी। फैमिली कोर्ट ने पति की तरफ से दायर उस वाद को खारिज कर दिया था,जिसमें...
देवी सरस्वती के बारे में आपत्तिजनक एफबी पोस्ट: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पोस्ट हटाने के लिए फेसबुक इंडिया के साथ यूआरएल शेयर करने का निर्देश दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को याचिकाकर्ता को आपत्तिजनक पोस्ट को हटाने के लिए देवी सरस्वती के बारे में एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट का यूआरएल (URL) विवरण तुरंत फेसबुक इंडिया के अधिकारियों के साथ साझा करने का निर्देश दिया, जिससे फेसबुक उक्त आपत्तिजनक पोस्ट को तुरंंत हटा सके। अदालत ने याचिकाकर्ता को इस वर्तमान कार्यवाही में कथित आरोपी को पार्टी बनाने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया।चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजराशी भारद्वाज की पीठ एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी। इस...
मुख्यमंत्री के इस्तीफा देने पर एडवोकेट जनरल का इस्तीफा देना जरूरी नहीं: पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने कहा कि किसी राज्य के एडवोकेट जनरल (महाधिवक्ता) पर मुख्यमंत्री के इस्तीफे पर मंत्री परिषद के साथ या विधान सभा के कार्यकाल/विघटन की समाप्ति पर अपना इस्तीफा प्रस्तुत करने का कोई दायित्व नहीं है।चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 165 (3) का उल्लंघन करते हुए बिहार के एजी ललित किशोर को हटाने की मांग वाली एक रिट याचिका को खारिज करते हुए कहा।संक्षेप में मामलायाचिकाकर्ता दिनेश ने एक जनहित याचिका दायर कर कहा कि जुलाई 2017 में किशोर को एक नए...
'हमारा विचार है कि इस तरह की याचिका सुनवाई योग्य नहीं': कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्यपाल जगदीप धनकड़ को हटाने की मांग वाली पीआईएल पर फैसला सुरक्षित रखा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर फैसला सुरक्षित रख लिया। इस याचिका में केंद्र सरकार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में जगदीप धनखड़ को हटाने का निर्देश देने की प्रार्थना की गई थी। याचिका में दावा किया गया कि वह 'भारतीय जनता पार्टी के एजेंट' के रूप में काम कर रहे हैं।चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजराशी भारद्वाज की खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा,"हम विचार करेंगे और एक आदेश पारित करेंगे। जाहिर तौर पर हमारा विचार है कि इस तरह की याचिका पर सुनवाई नहीं की जा...


















