मुख्य सुर्खियां
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुचित पुनर्मूल्यांकन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को उच्चस्तरीय और अनुचित पुनर्मूल्यांकन आदेश जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।जस्टिस सूर्य प्रकाश केसरवानी और जस्टिस जयंत बनर्जी की खंडपीठ ने कहा कि केंद्र सरकार या सीबीडीटी के स्तर पर एक महीने के भीतर निगरानी प्रकोष्ठ स्थापित करना सुनिश्चित किया जाए। प्रकोष्ठ स्थानीय समितियों की नियमित निगरानी के साथ-साथ प्रधान मुख्य आयकर आयुक्तों और क्षेत्रीय सदस्यों द्वारा अनुवर्ती कार्रवाई और समीक्षा के साथ-साथ तिमाही...
मुख्यमंत्री की सुरक्षा में चूक: हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को सीलबंद कवर में स्टेटस रिपोर्ट मुख्यमंत्री सचिवालय के साथ साझा करने का निर्देश दिया
मार्च 2022 में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर हमले और तोड़फोड़ की एसआईटी जांच की मांग वाली याचिका में हाईकोर्ट ने शहर की पुलिस को अपने अधिकारियों की ओर से, आदि मुख्यमंत्री सचिवालय के साथ चल रही जांच, कथित चूक के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट साझा करने का निर्देश दिया है।कोर्ट ने याचिकाकर्ता, विधायक सौरभ भारद्वाज के साथ इसे साझा करने के लिए अनिच्छा व्यक्त की, यह कहते हुए कि सीएम सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में विवरण जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराया जा सकता है।चीफ एक्टिंग जस्टिस...
एक बच्चे का हाथ पकड़ना और यह कहना कि वे सुंदर हैं, इसे पोक्सो अधिनियम के तहत 'यौन हमला' नहीं माना जा सकता: मेघालय हाईकोर्ट
मेघालय हाईकोर्ट ने कहा कि एक बच्चे का हाथ पकड़ने और उसके हाथों को सुंदर कहने के कार्य को पोक्सो अधिनियम के तहत यौन उत्पीड़न का कार्य नहीं माना जा सकता है।अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी ने नौ साल की पीड़िता से एक गिलास पानी मांगा था। पीड़िता जब पानी लेकर आई तो उसने उसका हाथ पकड़ लिया। सीआरपीसी की धारा 164 के तहत अपने बयान में पीड़िता ने कहा कि "उसने मेरा हाथ पकड़ा और मेरा हाथ सहलाया और फिर कहा कि मेरा हाथ बहुत सुंदर है"।हाईकोर्ट के समक्ष, धारा 482 सीआरपीसी के तहत एक याचिका दायर करके आरोपी ने तर्क...
पत्नी कमा रही है, केवल यह तथ्य उसे भरण-पोषण का दावा करने से वंचित नहीं करेगाः राजस्थान हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि पत्नी कमा रही है, केवल यह तथ्य उसे अपने पति पर भरण-पोषण का दावा करने से वंचित नहीं करेगा। कोर्ट ने कहा कि किसी भी तरह से परित्याग के आरोप को आधार बनाकर पति को मासिक भरण-पोषण की राशि का दावा करने से पत्नी को अयोग्य घोषित करने के लिए सक्षम नहीं बनाया जा सकता है।पक्षकारों का विवाह 27.05.2010 को बीकानेर में हुआ था। इसके बाद यह कपल यूएसए में रहने चला गया था। उक्त विवाह से मास्टर अनय (पुत्र) का जन्म 21.05.2011 को हुआ था। अपने वैवाहिक संबंधों में कथित वैमनस्यता के...
सर्च इंजन/ऐप स्टोर पर प्रतिस्पर्धी के ट्रेडमार्क का इस्तेमाल करके किसी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए की-वर्ड का इस्तेमाल ट्रेडमार्क के मालिक के अधिकारों का उल्लंघन है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने कहा कि प्रतिस्पर्धी के ट्रेडमार्क का उपयोग करके किसी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए की-वर्ड का इस्तेमाल ट्रेडमार्क के मालिक के अधिकारों का उल्लंघन होगा।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने देखा कि ऐप स्टोर सर्च पर की-वर्ड के रूप में इस्तेमाल किए जाने के विपरीत सर्च इंजन पर एक की-वर्ड के रूप में ट्रेडमार्क के उपयोग में कोई अंतर नहीं होगा।कोर्ट ने कहा,"जब तक किसी प्रतियोगी के ट्रेडमार्क का उपयोग करके किसी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए कीवर्ड का इस्तेमाल किया जा रहा है, तब...
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीनियर सिटीजन एक्ट के खराब कार्यान्वयन का स्वत: संज्ञान लिया, दिल्ली सरकार, डीएम और एसडीएम को नोटिस जारी
दिल्ली हाईकोर्ट ने माता-पिता और सीनियर सिटीजन भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 के खराब कार्यान्वयन पर स्वत: संज्ञान लिया। जनहित याचिका की प्रकृति की कार्यवाही न्यायालय द्वारा 23 मई को लिखे गए एडवोकेट नेहा राय के पत्र के आधार पर अपने स्वयं के प्रस्ताव पर शुरू की गई, जिन्होंने उक्त अधिनियम को लागू करने के संबंध में वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला।एक्टिंग चीफ जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस सचिन दत्ता की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और राष्ट्रीय राजधानी में...
रेंट एक्ट के तहत अधिकारी केवल यह पता लगाने के लिए कि क्या मकान मालिक द्वारा परिसर की वास्तविक आवश्यकता है, अर्थहीन पूछताछ शुरू नहीं कर सकते: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माना कि वह किसी पक्ष को सबूत इकट्ठा करने में सहायता करने के लिए बेमतलब की और अर्थहीन जांच शुरू नहीं कर सकता है।यह टिप्पणी भारत के संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत रेंट कंट्रोलर के आदेश के खिलाफ एक पुनर्विचार याचिका पर विचार करते हुए की गई थी, जिसमें प्रतिवादी-मकान मालिक को उनके कब्जे में प्रासंगिक दस्तावेज पेश करने का निर्देश देने के लिए आवेदन खारिज कर दिया गया।वर्तमान याचिका और कुछ नहीं बल्कि ऐसे वाद को शुरू करने का प्रयास है जो विवादित मामले से प्रासंगिक नहीं है। एक...
घरेलू हिंसा अधिनियम और धारा 125 सीआरपीसी के तहत भरणपोषण का दावा करने का अधिकार परस्पर अनन्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि डीवी एक्ट, 2005 और धारा 125, सीआरपीसी के तहत भरण-पोषण के दावे का अधिकार परस्पर अनन्य नहीं है। जस्टिस आशा मेनन ने माना कि पीड़ित धारा 125, सीआरपीसी की तहत स्थायी भरण पोषण की मांग करते हुए मजिस्ट्रेट के समक्ष अंतरिम भरण पोषण की मांग कर सकता है।अदालत ने कहा, "एकमात्र चेतावनी यह है कि एक अदालत द्वारा दिए गए भरण-पोषण को दूसरी अदालत द्वारा भरण-पोषण देने या अस्वीकार करने से पहले ध्यान में रखा जाएगा।"मौजूदा मामले में याचिकाकर्ता और प्रतिवादी नंबर 2 पति-पत्नी थे और उनके बीच...
सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर एक संवैधानिक जनादेश लेकिन नियुक्ति का पूर्ण अधिकार के रूप में दावा नहीं किया जा सकता: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने हाल ही में कहा कि सार्वजनिक रोजगार के मामलों में समान अवसर दिए जाने चाहिए। जब भी भर्ती के संबंध में कोई निर्णय लिया जाता है, तो सक्षम अधिकारी सभी उम्मीदवारों को समान अवसर प्रदान करके भर्ती नियमों का पालन करने के लिए बाध्य होते हैं।हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि पूर्ण अधिकार के मामले में कभी भी नियुक्तियों का दावा नहीं किया जा सकता है।जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम 2016 में फील्ड सहायक (प्रशिक्षु) के पद पर नियुक्ति के लिए चयन की प्रक्रिया में भाग लेने वाले...
पटवारी भर्ती: राजस्थान हाईकोर्ट ने दो प्रश्नों के उत्तर पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में राजस्थान अधीनस्थ और मंत्रिस्तरीय सेवा चयन बोर्ड को विभिन्न विशेषज्ञों से पटवारी के पद के लिए भर्ती परीक्षा से संबंधित कुछ विवादित प्रश्नों की पुन: जांच करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने आदेश दिया कि ऐसे विशेषज्ञों के निष्कर्ष के आधार पर बोर्ड अंतिम आंसर शीट में संशोधन करेगा और उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अंकों और परिणाम में अन्य परिणामी परिवर्तनों को प्रभावी करेगा।प्रतियोगी लिखित परीक्षा चार पालियों में आयोजित की गई थी। परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों द्वारा उठाई गई...
गुजरात हाईकोर्ट ने 30 साल से अधिक समय तक प्रतिदिन लगभग 8 घंटे काम करने वाली स्वीपर के नियमितीकरण की पुष्टि की
गुजरात हाईकोर्ट के जज जस्टिस बीरेन वैष्णव ने औद्योगिक न्यायाधिकरण के उस आदेश की पुष्टि की है जिसने याचिकाकर्ता-राज्य अधिकारियों को सफाई कर्मचारी को नियमित करने का निर्देश दिया था। उक्त कर्मचारी पिछले तीस साल से अधिक समय तक प्रतिदिन चार घंटे से अधिक काम कर रही थी। ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिया कि राज्य कर्मचारी के कार्यकाल की अवधि को देखते हुए बहाली की तारीख से सभी बकाया राशि भी माफ कर दी।मामले के तथ्य यह है कि कार्यकर्ता का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिवादी-संघ ने औद्योगिक विवाद उठाया कि...
"अधिकार और कर्तव्य अनुरूप हैं", मद्रास हाईकोर्ट ने कहा- सार्वजनिक कारणों से निपटने के दौरान व्हिसल-ब्लोअर से कर्तव्यपरायण होने की उम्मीद की जाती है
मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने हाल ही में देखा कि भले ही अदालतों का कर्तव्य है कि वे व्हिसलब्लोअर के अधिकारों की रक्षा करें, व्हिसलब्लोअर से कानून के लिए ज्ञात तरीके से अपने अधिकारों का प्रयोग करने की अपेक्षा की जाती है।जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस जे सत्य नारायण प्रसाद एक व्हिसलब्लोअर की वित्तीय और सामाजिक स्थिति में वृद्धि की जांच के लिए एक याचिका पर विचार कर रहे थे।याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि व्हिसलब्लोअर हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती [एचआर एंड सीई] विभाग और मंदिर के...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पाकिस्तान से भारत में हेरोइन की तस्करी मामले में अग्रिम जमानत याचिका खारिज की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab & Haryana High Court) ने पाकिस्तान से भारत में हेरोइन की वाणिज्यिक मात्रा की तस्करी में शामिल आरोपी-याचिकाकर्ता को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत दायर एनसीबी अपराध मामले में अग्रिम जमानत देने की प्रार्थना पर विचार करते हुए कहा कि एनसीबी द्वारा प्रस्तुत जवाब के आधार पर याचिकाकर्ता की भूमिका और सक्रिय भागीदारी स्पष्ट है। इसलिए याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता है।पूर्वोक्त जवाब से, याचिकाकर्ता की भूमिका और सक्रिय भागीदारी...
पक्षकार को उन दस्तावेजों को दर्ज करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते, जिन पर वह सीपीसी में उल्लेखित कुछ विशिष्ट घटनाओं के अलावा भरोसा नहीं करता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि कोई भी अदालत पक्षकार को उन दस्तावेजों को दर्ज करने के लिए मजबूर नहीं कर सकती, जिस पर पक्षकार ने सिविल प्रक्रिया संहिता में शामिल कुछ विशिष्ट घटनाओं के संबंध में भरोसा करने के संबंध में नहीं चुना है।जस्टिस सी हरि शंकर ने कहा कि किसी भी मुकदमेबाजी में दस्तावेजों को लाने का विकल्प उस पक्षकार का एकमात्र विशेषाधिकार है, जो दस्तावेजों को दायर करता है।अदालत सिविल सूट में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश द्वारा 8 जुलाई, 2021 और 6 मई, 2022 को पारित आदेश को दी गई चुनौती पर सुनवाई कर रही...
''काफी अस्वाभाविक है कि एक आदमी भारतीय संस्कृति में रहते हुए किसी अन्य के साथ मिलकर अपनी बहू का बलात्कार करेगा'': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत मंजूर की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह अपनी बहू से बलात्कार करने के आरोपी एक व्यक्ति को अग्रिम जमानत देते हुए कहा कि यह बिल्कुल अप्राकृतिक/अस्वाभाविक है कि हमारी भारतीय संस्कृति में एक ससुर किसी अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर अपनी ही बहू के साथ बलात्कार करेगा। जस्टिस अजीत सिंह की पीठ ने आरोपी-बाबू खान (पीड़िता के ससुर) को अग्रिम जमानत देते हुए कहा, ''... यह मानते हुए कि यह काफी अस्वाभाविक है कि हमारी भारतीय संस्कृति में एक ससुर किसी अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर अपनी ही बहू के साथ बलात्कार करेगा, यह...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (23 मई, 2022 से 27 मई, 2022 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मामलों को सावधानी से निपटाया जाना चाहिए, मौलिक अधिकारों के सम्मान और निष्पक्ष जांच के बीच संतुलन स्थापित किया जाना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्टदिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता से संबंधित मामलों को सावधानी से निपटा जाना चाहिए। इसके लिए उसके मौलिक अधिकारों के सम्मान और...
हरिद्वार धर्म संसद हैट स्पीच मामला : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सागर सिंधु महाराज को जमानत दी
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह हरिद्वार धर्म संसद अभद्र भाषा मामले में सागर सिंधु महाराज उर्फ स्वामी दिनेश आनंद भारती को जमानत दे दी।जस्टिस नारायण सिंह धनिक की खंडपीठ ने उन्हें एक व्यक्तिगत बांड निष्पादित करने और संबंधित अदालत की संतुष्टि के अनुसार समान राशि के दो विश्वसनीय जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर जमानत दी।सागर सिंधु महाराज के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि एक धार्मिक बैठक के दौरान, धर्म संसद (दिसंबर 2021 में आयोजित) के नाम पर उन्होंने और कई अन्य लोगों...
व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मामलों को सावधानी से निपटाया जाना चाहिए, मौलिक अधिकारों के सम्मान और निष्पक्ष जांच के बीच संतुलन स्थापित किया जाना चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता से संबंधित मामलों को सावधानी से निपटा जाना चाहिए। इसके लिए उसके मौलिक अधिकारों के सम्मान और स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के बीच भी संतुलन बनाना होगा।जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376डी, 506 और 34 के तहत दर्ज एफआईआर में व्यक्ति को जमानत देते हुए यह टिप्पणी की।यह शिकायतकर्ता, याचिकाकर्ता की सगी बहन का मामला यह है कि विचाराधीन घटना कथित रूप से मार्च 2019 में हुई थी। जब शिकायतकर्ता के वकील से एफआईआर दर्ज करने में...
एससी/एसटी एक्ट: समन आदेश के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 482 के तहत अपील सुनवाई योग्य नहीं, केवल धारा 14A(1) के तहत अपील सुनवाई योग्यः इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम के अपराध में एक विशेष न्यायाधीश द्वारा पारित समन आदेश के खिलाफ धारा 482 सीआरपीसी के तहत आवेदन नहीं दायर किया जा सकता है। न्यायालय ने एससी/एसटी एक्ट की धारा 14ए(1) को ध्यान में रखते हुए यह टिप्पणी की।न्यायालय के समक्ष मौजूदा मामले में 482 सीआरपीसी के तहत एक आवेदन दायर किया गया था, जिसमें द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश, एससी/एसटी अधिनियम, लखीमपुर खीरी द्वारा धारा 323/504/506 आईपीसी और एससी/एसटी अधिनियम के 3(1) के...
ज्ञानवापी विवाद: मस्जिद समिति ने वाराणसी की अदालत से सर्वे वीडियो, तस्वीरों को पब्लिक डोमेन में नहीं आने देने का आग्रह किया
काशी-विश्वनाथ-ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में मस्जिद समिति ने वाराणसी की अदालत से सर्वेक्षण वीडियो और तस्वीरों को सार्वजनिक डोमेन में नहीं आने देने का आग्रह किया है।मस्जिद समिति ने अदालत से अनुरोध किया है कि गैर-पक्षकारों को सर्वेक्षण के वीडियो और तस्वीरें प्राप्त करने की अनुमति न दें।गौरतलब है कि ज्ञानवापी मस्जिद सर्वेक्षण रिपोर्ट 19 मई को वाराणसी के सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर को कोर्ट के 17 मई के आदेश के अनुसार सौंपी गई थी।कोर्ट के निर्देशानुसार 14, 15 और 16 मई को मस्जिद परिसर का...

















