मुख्य सुर्खियां

गुजरात हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 439- जमानत- कोर्ट किसी भी अन्य अधिनियम के तहत परिकल्पित शक्तियों का प्रयोग करने के लिए कोई शर्त नहीं लगा सकता: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) के जस्टिस निरल आर मेहता की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा कि सीआरपीसी (CrPC) की धारा 439 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए, अदालत ऐसी कोई शर्त नहीं लगा सकती है, जो किसी अन्य अधिनियम के तहत परिकल्पित शक्तियों का प्रयोग करती हो। अदालत ने माना कि इस तरह की कोई भी शर्त पूरी तरह से अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर होगी।संक्षेप में, मामले के तथ्य यह है कि याचिकाकर्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 420, 114 और 120 (बी) और गुजरात प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स...

चीनी वीज़ा घोटाला : ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट में कार्ति चिदंबरम के खिलाफ 12 जुलाई तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया
चीनी वीज़ा घोटाला : ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट में कार्ति चिदंबरम के खिलाफ 12 जुलाई तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट को चीनी वीज़ा के कथित घोटाले के संबंध में एजेंसी द्वारा की जा रही जांच में कांग्रेस सांसद कार्ति पी चिदंबरम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 12 जुलाई तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने का मौखिक आश्वासन दिया । प्रवर्तन निदेशालय की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अदालत को बताया कि कार्ति के खिलाफ उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख 12 जुलाई तक कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।राजू ने कहा, "मैं बयान नहीं दूंगा लेकिन समझा...

यौन उत्पीड़न के मुद्दों पर चर्चा करने से छात्रों को कभी नहीं रोका: एनएलएसआईयू ने पूर्व छात्रों के खुले पत्र का जवाब दिया
'यौन उत्पीड़न के मुद्दों पर चर्चा करने से छात्रों को कभी नहीं रोका': एनएलएसआईयू ने पूर्व छात्रों के खुले पत्र का जवाब दिया

नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) के प्रशासन ने पूर्व छात्रों द्वारा जारी खुले पत्र के जवाब में एक बयान जारी किया है, जिसमें यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए Code to Combat Sexual Harassment (SHARIC) के तहत नियुक्त दो महिला छात्र फैसिलिटेटरों ( female student facilitators) के खिलाफ एनएलएसआईयू के एक वर्तमान स्टूडेंट द्वारा यौन उत्पीड़न के के अनुभव को बताने के लिए अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने की निंदा की गई है। पूर्व छात्रों के पत्र के अनुसार, यौन...

एक नॉन परफॉर्मिंग न्यायतंत्र को स्वतंत्र नहीं कहा जा सकता: जस्टिस जेबी पारदीवाला ने अपने विदाई भाषण में कहा
एक नॉन परफॉर्मिंग न्यायतंत्र को स्वतंत्र नहीं कहा जा सकता: जस्टिस जेबी पारदीवाला ने अपने विदाई भाषण में कहा

जस्टिस जेबी पारदावाला ने गुरुवार को कहा, "हम अक्सर एक स्वतंत्र न्यायपालिका की बात करते हैं- एक स्वतंत्र न्यायपालिका से हमारा क्या मतलब है? एक न्यायपालिका के स्वतंत्र होने के लिए, उसे परफॉर्मिंग न्यायपालिका होना चाहिए। एक नॉन परफॉर्मिंग न्यायपालिका को स्वतंत्र नहीं कहा जा सकता है। जब मैं कहता हूं कि न्यायपालिका परफॉर्म कर रही है, इसका मतलब है कि प्रत्येक न्यायाधीश तथ्यों के अपने आकलन और कानून की अपनी समझ के अनुसार बिना किसी अनुचित प्रभाव, प्रलोभन या दबाव के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, किसी भी...

केरल हाईकोर्ट
स्कूल की छात्रा द्वारा बस में सवार होने के दौरान कंडक्टर के इशारे पर ड्राइवर द्वारा बस को आगे बढ़ाने पर चोट लगने का मामला: केरल हाईकोर्ट ने आईपीसी की धारा 308 के तहत दोषी की सजा बरकरार रखी

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि एक स्टेज कैरिज बस का कंडक्टर, उसकी घंटी बजाना और ड्राइवर को आगे बढ़ने के लिए संकेत देना जब कोई यात्री उसमें सवार हो, जिससे यात्री को गंभीर चोट लग जाए, यह भारतीय दंड संहिता की धारा 308 के तहत दंडनीय कृत्य है।धारा 308 गैर इरादतन हत्या करने के प्रयास को दंडित करती है।जस्टिस पी.जी. अजितकुमार ने यह पाया कि कंडक्टर के पास यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक वैधानिक कर्तव्य है और इससे उसे पर्याप्त ज्ञान होगा कि घंटी बजाने की उसकी कार्रवाई के घातक...

गुजरात हाईकोर्ट
न्यायिक हिरासत रह रही सरोगेट मां से अपने 3 दिन के बच्चे की कस्टडी की मांग को लेकर दंपत्ति ने गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया

3 दिन के बच्चे के इच्छित माता-पिता ने सरोगेट मां से बच्चे की कस्टडी की मांग करते हुए गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया है। सरोगेट मां वर्तमान में एक आपराधिक अपराध के सिलसिले में न्यायिक हिरासत में है।दरअसल दंपति (जैविक माता-पिता) ने सरोगेसी का विकल्प चुना था और एक 31 वर्षीय तलाकशुदा महिला के साथ एक सरोगेसी समझौता किया था। हालांकि, गर्भावस्था की अवधि के दरमियान, सरोगेट मां को एक आपराधिक मामले में फंसाया गया और साबरमती सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।20 जून, 2022 को सरोगेट मां को...

मद्रास हाईकोर्ट
धारा 148 एनआई एक्ट के तहत पारित आदेश इंटरलोक्यूटरी प्रकृति में, पुनरीक्षण योग्य नहीं: मद्रास हाईकोर्ट

नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 148 के तहत पारित आदेशों के मामले में संशोधन के दायरे पर चर्चा करते हुए, मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि ऐसे आदेश प्रकृति में अंतर्वर्ती हैं और हाईकोर्ट के पुनरीक्षण अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।जस्टिस डी भरत चक्रवर्ती की पीठ प्रधान सत्र न्यायाधीश, चेन्नई के एक आदेश के खिलाफ एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने अधिनियम की धारा 148 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए चेक अनादर के लिए कारावास (अपील के निपटान तक) के आदेश को, चेक राशि का 15%...

दिल्ली हाईकोर्ट ने रिटेल स्टोर पर हेटिच ट्रेडमार्क और ट्रेडनेम का इस्तेमाल करके किसी भी नकली उत्पाद को बेचने पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने रिटेल स्टोर पर 'हेटिच' ट्रेडमार्क और ट्रेडनेम का इस्तेमाल करके किसी भी नकली उत्पाद को बेचने पर रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने एक रिटेल स्टोर को HETTICH और HETTICH लोगो ट्रेडमार्क और ट्रेड नेम का इस्तेमाल करके किसी भी नकली उत्पाद या किसी अन्य संबंधित सामान को बेचने से रोक दिया है।जस्टिस ज्योति सिंह, हेटिच मार्केटिंग-अंड वर्ट्रीब्स जीएमबीएच एंड कंपनी द्वारा गुप्ता स्टोर नाम के एक रिटेल स्टोर के खिलाफ दायर मुकदमे की सुनवाई कर रही थीं, जिसमें उसे ट्रेडमार्क 'HETTICH' और उसके लोगो का उल्लंघन करने से रोकने की मांग की गई थी।यह वादी का मामला था कि ट्रेड नेम और ट्रेडमार्क HETTICH की...

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गन राइट्स का विस्तार किया, सार्वजनिक रूप से हथियार रखने के अधिकार को सीमित करने वाले कानून को रद्द किया
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गन राइट्स का विस्तार किया, सार्वजनिक रूप से हथियार रखने के अधिकार को सीमित करने वाले कानून को रद्द किया

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को न्यूयॉर्क के एक कानून को खारिज कर दिया, जिसमें आत्मरक्षा के लिए सार्वजनिक रूप से छुपाकर आग्नेयास्त्रों को ले जाने पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि सदियों पुराने कानून की आवश्यकता है कि आवेदक "उचित कारण" और "अच्छे नैतिक चरित्र" का प्रदर्शन करें, यह दूसरे संशोधन का उल्लंघन करता है।।6-3 के फैसले में, जिसमें रूढ़िवादी जज बहुमत में और उदारवदी जज अल्पमत में थे, पाया गया कि 1913 में अधिनियमित कानून ने अमेरिकी संविधान के दूसरे संशोधन के तहत एक...

कलकत्ता हाईकोर्ट
एनडीपीएस एक्ट के कठोर प्रावधानों का दुरुपयोग: कलकत्ता हाईकोर्ट ने बरामदगी की प्रक्रिया की अनिवार्य वीडियोग्राफी का आदेश दिया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में निर्देश दिया कि मादक पदार्थों की बरामदगी से जुड़े सभी मामलों में, जब्ती अधिकारी को पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग करनी होगी। रिकवरी की वीडियोग्राफी में विफल रहने के कारणों को विशेष रूप से जांच रिकॉर्ड में बताया जाना चाहिए।जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस अनन्या बंद्योपाध्याय की पीठ ने कहा कि सभी पुलिस अधिकारी आमतौर पर स्मार्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से लैस होते हैं, जो उन्हें इस तरह की वसूली प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करने में...

दिल्ली हाईकोर्ट ने फार्मास्युटिकल उत्पाद निर्माताओं को लूज़आउट ट्रेडमार्क का उपयोग करने से स्थायी रूप से प्रतिबंधित किया, दो लाख रूपये का जुर्माना लगाया
दिल्ली हाईकोर्ट ने फार्मास्युटिकल उत्पाद निर्माताओं को 'लूज़आउट' ट्रेडमार्क का उपयोग करने से स्थायी रूप से प्रतिबंधित किया, दो लाख रूपये का जुर्माना लगाया

दिल्ली हाईकोर्ट ने फार्मास्युटिकल उत्पादों के दो निर्माताओं को ट्रेडमार्क 'लूज़आउट' का उपयोग करने वाले उत्पादों के निर्माण, बिक्री, विज्ञापन और प्रचार से स्थायी रूप से रोक दिया है, जो भ्रामक रूप से रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क 'लूज़' के समान है।जस्टिस ज्योति सिंह ने निर्माताओं को किसी भी अन्य ट्रेडमार्क के तहत उत्पादों के निर्माण और बिक्री से भी रोक दिया, जो समान या भ्रामक रूप से 'लूज़' या इसके वेरिएंट के समान है ताकि उल्लंघन न हो सके।तीन प्रतिवादियों द्वारा ट्रेडमार्क उल्लंघन के संबंध में इंटास...

दिल्ली रेंट कंट्रोल एक्ट के तहत रेंट कंट्रोलर मकान मालिक को किराएदार परिसर की मरम्मत के लिए नहीं कह सकता: हाईकोर्ट
दिल्ली रेंट कंट्रोल एक्ट के तहत रेंट कंट्रोलर मकान मालिक को किराएदार परिसर की मरम्मत के लिए नहीं कह सकता: हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने कहा कि दिल्ली रेंट कंट्रोल एक्ट, 1958 के तहत रेंट कंट्रोलर मकान मालिक को किराएदार परिसर की मरम्मत के लिए नहीं कह सकता है।जस्टिस सी हरि शंकर ने कहा कि रेंट कंट्रोलर किरायेदार को धारा 44(3) के तहत मरम्मत करने की अनुमति दे सकता है। यदि, उस संबंध में किरायेदार से नोटिस प्राप्त होने के बाद, मकान मालिक परिसर की मरम्मत करने में विफल रहता है। फिर खर्चे को मकान मालिक को देय किराए में से घटाया जा सकता है या मकान मालिक से वसूल किया जा सकता है।अदालत ने इस प्रकार...

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
सीआरपीसी धारा 482 के तहत हाईकोर्ट से पैरोल बढ़ाने की मांग नहीं की जा सकती: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि एक कैदी/दोषी दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC), 1973 की धारा 482 के तहत अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए पैरोल बढ़ाने की मांग नहीं कर सकता है।जस्टिस विवेक सिंह ठाकुर की एकल न्यायाधीश पीठ ने यह भी सुझाव दिया कि ऐसे मामलों पर संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में विचार किया जा सकता है।वर्तमान मामले में, सीआरपीसी की धारा 482 के तहत एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें याचिकाकर्ता को चिकित्सा आधार पर दी गई पैरोल की अवधि बढ़ाने की मांग की गई थी।कोर्ट ने...

कानून उन लोगों की मदद करता है, जो अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहते हैं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
कानून उन लोगों की मदद करता है, जो अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहते हैं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि कानून उन लोगों की मदद करता है जो अपने अधिकारों के बारे में सतर्क हैं, न कि उन लोगों की जो इससे बेखबर हैं।जस्टिस जीएस संधावालिया और जस्टिस विकास सूरी की खंडपीठ ने आगे कहा कि विलंबित चरण में उठाए जाने वाले स्वीकृति, देरी और लापरवाही अच्छी तरह से मान्यता प्राप्त अपवाद है, जो दावे को खारिज करने के लिए पर्याप्य आधार हैं।इस मामले में रिट याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि उनके पास मेडिकल डिग्री चाहने वाले छात्रों को शिक्षा प्रदान करने के लिए मेडिकल/डेंटल...

अस्पतालों को पुलिस सुरक्षा में रखने पर विचार करें: केरल हाईकोर्ट ने मेडिकल कर्मियों पर बढ़ते हमलों पर राज्य सरकार से कहा
अस्पतालों को पुलिस सुरक्षा में रखने पर विचार करें: केरल हाईकोर्ट ने मेडिकल कर्मियों पर बढ़ते हमलों पर राज्य सरकार से कहा

केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार से कहा कि वह अस्पतालों में पुलिस की उपस्थिति रखने के अपने सुझाव पर विचार करे। सरकार कम से कम अभी के लिए सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में पर ध्यान दें, जो बाद में नियत समय में अन्य स्थानों पर विस्तारित हो सकता है। हाईकोर्ट ने उक्त निर्देश यह देखने पर दिया कि स्वास्थ्य कर्मियों पर हमलों की रिपोर्ट 'नियमित' हो गई है।जस्टिस देवन रामचंद्रन और जस्टिस कौसर एडप्पागथ की खंडपीठ ने यह भी कहा कि वैधानिक प्रावधान कड़े दंड का प्रावधान करते हैं, लेकिन यह हमलावरों के लिए...

धारा 143A एनआई एक्ट| अंतरिम मुआवजे के लिए आवेदन पर निर्णय लेते समय अभियुक्त के आचरण पर विचार किया जाए: कर्नाटक हाईकोर्ट
धारा 143A एनआई एक्ट| अंतरिम मुआवजे के लिए आवेदन पर निर्णय लेते समय 'अभियुक्त के आचरण' पर विचार किया जाए: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि अदाकर्ता (drawee) द्वारा चेक ड‌िसऑनर के मामलों में, एनआई एक्ट 1881 की धारा 143ए के तहत अंतरिम मुआवजे की मांग संबंधी आवेदन पर फैसला करते समय मजिस्ट्रेट अदालतों को आरोपी के आचरण पर विचार करना चाहिए।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की सिंगल जज बेंच ने कहा, मजिस्ट्रेटों को यह निर्देश देना आवश्यक हो गया है कि अधिनियम की धारा 143ए के तहत दायर आवेदनों पर विचार करते समय, आरोपी के आचरण पर ध्यान दें। यदि आरोपी अनावश्यक रूप से स्थगन की मांग करके कार्यवाही से बच रहा है तो आवेदन...

कस्टोडियल डेथ: त्रिपुरा हाईकोर्ट ने 27 वर्षीय पीड़ित के परिवार के सदस्यों को 10 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया
कस्टोडियल डेथ: त्रिपुरा हाईकोर्ट ने 27 वर्षीय पीड़ित के परिवार के सदस्यों को 10 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया

त्रिपुरा हाईकोर्ट (Tripura High Court) ने बुधवार को राज्य सरकार को जमाल हुसैन के परिवार के सदस्यों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया, जिसकी कथित तौर पर पुलिस लॉकअप में हिरासत में यातना (Custodial Death) के कारण मौत हो गई थी।चीफ जस्टिस इंद्रजीत महंती और जस्टिस सत्य गोपाल चट्टोपाध्याय की खंडपीठ ने आदेश दिया कि मृतक की विधवा, बच्चे और मां मुआवजे की राशि के बराबर हिस्से की हकदार होंगी।क्या है पूरा मामला?27 वर्षीय जमाल हुसैन (पीड़ित) दुबई में एक क्लीनर के रूप में सेवा कर रहा था और सितंबर...