मुख्य सुर्खियां
दुर्भावना के बिना प्रशासनिक कारणों से किए गए स्थानांतरण में हस्तक्षेप नहीं कर सकते: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के CISFofficial के स्थानांतरण आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि यह प्रशासनिक कारणों से किया गया है।जस्टिस अनु शिवरामन ने कहा कि इसमें हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा, क्योंकि यह वर्दीधारी सेवा के सदस्य का स्थानांतरण है और इसमें कोई दुर्भावना नहीं है।कोर्ट ने कहा,"एक्ज़िबिट P9 में बताए गए विशिष्ट कारणों के मद्देनजर, प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण की आवश्यकता है। मेरी राय है कि स्थानांतरण के आदेश में हस्तक्षेप करना...
क्षेत्रीय भाषाओं के साथ ऐप अपडेट होने तक आधार को लिंक नहीं करने पर आंगनबाड़ी केंद्रों को खाद्य आपूर्ति बंद न करें: बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिया
बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को तीन महीने के भीतर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए मोबाइल एप्लिकेशन को सुधारने और क्षेत्रीय भाषाओं में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने आदेश दिया कि इस बीच, केंद्र को पोषण ट्रैकर एप्लिकेशन पर लाभार्थी के आधार डेटा को अंग्रेजी में फीड करने में विफलता के लिए महाराष्ट्र के आंगनवाड़ी सेंटर्स को खाद्यान्न के आवंटन को रोकने से बचना चाहिए।जस्टिस एके मेनन और जस्टिस एमएस कार्णिक की खंडपीठ महाराष्ट्र में...
जब बेदखली के फरमान पर रोक लगाई गई तो मकान मालिक किरायेदार से होने वाले मध्यवर्ती मुनाफे का हकदार: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि एक बार बेदखली के लिए एक डिक्री पर रोक लगाने के बाद, अपीलीय अदालत के लिए यह आवश्यक है कि परिसर का कब्जा जारी रखने के लिए किरायेदार द्वारा मकान मालिक को भुगतान किए जाने वाले मध्यवर्ती मुनाफे को तय किया जाए।मेसर्स मार्टिन एंड हैरिस प्राइवेट लिमिटेड बनाम राजेंद्र मेहता के मामले में जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जेके माहेश्वरी की पीठ ने कहा, "इस प्रकार, बेदखली का फरमान पारित करने के बाद किरायेदारी समाप्त हो जाती है और उक्त तिथि से मकान मालिक को परिसर के उपयोग से वंचित...
हाईकोर्ट के पास अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर पंजीकृत अपराधों में ट्रांजिट अग्रिम जमानत देने की शक्ति है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है एक हाईकोर्ट के पास अपने अधिकार क्षेत्र/राज्य के बाहर पंजीकृत/पंजीकृत होने के संभावला वाले अपराध के संबंध में एक आरोपी को ट्रांजिट अग्रिम जमानत देने की शक्ति है।जस्टिस सिद्धार्थ की पीठ ने बुधवार को कहा, "... ट्रांजिट अग्रिम जमानत देने में हाईकोर्ट की ओर से कोई बंधन नहीं है ताकि आवेदक हाईकोर्टों सहित न्यायालयों का दरवाजा खटखटा सकें जहां अपराध का आरोप लगाया गया है और मामला दर्ज किया गया है।"मामलान्यायालय 7 व्यक्तियों द्वारा दायर याचिका पर विचार कर रहा था, जिन्होंने...
गोविंद पानसरे हत्याकांड : एसआईटी से महाराष्ट्र एटीएस को जांच हस्तांतरण की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में आवेदन दायर
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार को कम्युनिस्ट नेता गोविंद पानसरे की हत्या की जांच राज्य एसआईटी से महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते को सौंपने की मांग को लेकर दायर आवेदन पर नोटिस जारी किया। आवेदन में उक्त हत्या के पीछे के असली मास्टरमाइंड का पता लगाने के लिए जांच स्थानांतरित करने की मांग की गई है। पानसरे की बेटी स्मिता पानसरे द्वारा दायर आवेदन में कहा गया कि सुबह की सैर पर उसके पिता की गोली मारकर हत्या करने के लगभग सात साल बाद एसआईटी इस मामले में कोई ठोस सफलता हासिल करने में विफल...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कोर्ट फीस (दिल्ली संशोधन) अधिनियम, 2010 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को न्यायालय शुल्क (दिल्ली संशोधन) अधिनियम, 2010 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया। उक्त अधिनियम के तहत कोर्ट फीस अधिनियम, 1870 में संशोधन किया गया, जो दिल्ली के क्षेत्र में लागू होता है।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने कानून, न्याय और विधायी मामलों के विभाग के माध्यम से कानून और न्याय मंत्रालय और दिल्ली सरकार के माध्यम से केंद्र से जवाब मांगा।मामले की सुनवाई अब आठ सितंबर को होगी।याचिका वकील प्रवीण...
[रेप केस] 'अगर महिला का चरित्र खराब है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसने 'सहमति से संबंध' स्थापित किए हैं': कर्नाटक हाईकोर्ट ने आरोपी पुलिस कांस्टेबल की अग्रिम जमानत रद्द की
कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने शादी का झूठा वादा करके तीन साल से महिला का यौन उत्पीड़न (Sexual Assault) करने के आरोपी पुलिस कांस्टेबल को दी गई अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) को रद्द कर दिया है।जस्टिस एचपी संदेश की एकल न्यायाधीश की पीठ ने आगे कहा कि निचली अदालत ने अग्रिम जमानत के स्तर पर एक राय बनाने में गलती की थी कि शिकायतकर्ता ने सभी तीन वर्षों के लिए आरोपी के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे, यह "सहमति से संबंध" का मामला है।कोर्ट ने कहा,"शिकायत में लगाए गए आरोपों के बारे में आदेश में...
सेवा कानूनों को बनाने और संशोधित करने की शक्ति का मतलब समान स्थिति वाले व्यक्तियों के लिए इसे अलग तरीके से लागू करने की शक्ति नहीं है: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि अपने कर्मचारियों की सेवा शर्तों को निर्धारित करने वाले कानून बनाने या संशोधित करने की सरकार की शक्ति उन्हें समान रूप से स्थित व्यक्तियों के लिए ऐसे कानूनों को अलग तरीके से लागू करने की शक्ति प्रदान नहीं कर सकती है।जस्टिस जयशंकरन नांबियार और जस्टिस मोहम्मद नियास सीपी की खंडपीठ ने कहा कि सरकार को ऐसा करने की अनुमति देना भारत के संविधान में निहित समानता के सभी सिद्धांतों का उल्लंघन होगा।पीठ राज्य की अपील पर विचार कर रही थी जिसके तहत प्रतिवादी को शुरू में 17.08.1996 को...
तमिलनाडु चीफ सेक्रेटरी ने अवमानना की कार्यवाही से बचने के लिए कोर्ट के आदेशों को समय पर लागू करने के लिए सभी विभागों को पत्र लिखा
तमिलनाडु चीफ सेक्रेटरी वी इराई अंबू (V Irai Anbu) ने हाल ही में अपने अधीनस्थों को एक पत्र लिखा, जिसमें अवमानना की कार्यवाही से बचने के लिए कोर्ट के आदेशों को समय पर लागू करने की बात कही गई है।इसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सरकार के सचिव, सभी विभाग प्रमुख और सभी जिला कलेक्टर शामिल हैं।यह पत्र चीफ जस्टिस द्वारा विभागों द्वारा कोर्ट के आदेशों के कार्यान्वयन में देरी पर नाराजगी व्यक्त करने वाली एक टिप्पणी के जवाब में था।मुख्य सचिव ने यह भी देखा कि रिट अपील दायर करने में भी देरी...
तमिलनाडु चीफ सेक्रेटरी ने अवमानना की कार्यवाही से बचने के लिए न्यायालय के आदेशों को समय पर लागू करने के लिए सभी विभागों को पत्र लिखा
तमिलनाडु राज्य के चीफ सेक्रेटरी वी इराई अंबू ने हाल ही में अपने अधीनस्थों को पत्र लिखा है। इस पत्र में अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सरकार के सचिव, सभी विभाग प्रमुख और सभी जिला कलेक्टर से अवमानना की कार्यवाही से बचने के लिए समय पर अदालत के आदेशों को लागू करने का आह्वान किया गया है।यह पत्र चीफ जस्टिस द्वारा विभागों द्वारा न्यायालय के आदेशों के कार्यान्वयन में देरी पर नाराजगी व्यक्त करने वाली टिप्पणी के जवाब में लिखा गया है। मुख्य सचिव ने यह भी देखा कि देर से रिट अपील दायर करने में भी देरी...
मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य के "राजनीतिक माहौल" के आधार पर याचिका दायर करने और दावा वापस लेने पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया
मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य के राजनीतिक माहौल में बदलाव के आधार पर अपनी सनक और शौक पर अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए वादी को फटकार लगाते हुए हाल ही में उसकी याचिका को खारिज कर दिया और भारी जुर्माना लगाया।जस्टिस आनंद वेंकटेश ने कहा कि याचिकाकर्ता के आचरण से यह स्पष्ट है कि जब भी राजनीतिक माहौल उनके पक्ष में नहीं होगा तो वह रिट याचिका दायर करके इस न्यायालय का उपयोग करेंगे। एक बार उनके पक्ष में आने पर वह इसे वापस ले लेंगे।कोर्ट ने निम्नानुसार टिप्पणी की:वादी को यह समझना चाहिए कि न्यायालय की कार्यवाही...
हाईकोर्ट ने चल रही ईडी जांच के बीच दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को निलंबित करने की मांग वाली याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) को निलंबित करने की मांग करने वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जो प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जांच की जा रही मनी लॉन्ड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत में है।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने डॉ नंद किशोर गर्ग द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जो त्रिनगर निर्वाचन क्षेत्र से दिल्ली विधानसभा (तीन बार) के सदस्य रहे हैं।याचिका में...
मुस्लिम कानून | मुस्लिम मां ने अगर एक नाबालिग की ओर से, अभिभावक के रूप में, एक पार्टिशन डीड का निष्पादन किया है तो वह मान्य नहीं होगीः केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट की मिसालों के मुताबिक, एक मुस्लिम मां ने अगर एक नाबालिग की ओर से, गॉर्जियन के रूप में, एक पार्टिशन डीड का निष्पादन किया है तो वह मान्य नहीं होगी।जस्टिस पीबी सुरेश कुमार और जस्टिस सीएस सुधा की खंडपीठ ने कहा कि पर्सनल लॉ में ऐसा कुछ भी नहीं है, जो इसे प्रतिबंधित करता है, लेकिन यह सुप्रीम कोर्ट की मिसालों से बंध हुआ है, जिसने स्थापित किया है कि मुस्लिम मां अपने नाबालिग बच्चे की व्यक्ति या संपत्ति की अभिभावक नहीं हो सकती है..कोर्ट ने कहा, "कुरान या...
सुनवाई से अलग होने पर सदस्य मामले को दूसरी पीठ को दूसरी जगह स्थानांतरित नहीं कर सकते: एनसीएलएटी दिल्ली
नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) की जस्टिस अशोक भूषण (अध्यक्ष), सुश्री श्रीशा मेरला (तकनीकी सदस्य) और डॉ. आलोक श्रीवास्तव (तकनीकी सदस्य) प्रिंसिपल बेंच ने सोनिया खोसला और अन्य बनाम मॉन्ट्रो रिसॉर्ट्स (पी) लिमिटेड और अन्य मामले में माना कि यदि एनसीएलटी बेंच के सदस्य किसी मामले की सुनवाई से अलग होते हैं तो वे इसे दूसरे शहर में स्थित किसी अन्य एनसीएलटी बेंच में स्थानांतरित नहीं कर सकते हैं। मामले को अध्यक्ष/कार्यवाहक अध्यक्ष के समक्ष रखा जाना चाहिए ताकि उन्हें अलग कोरम सौंपा जा...
आय से अधिक संपत्ति का मामला: दिल्ली हाईकोर्ट ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को दी गई 4 साल की जेल की सजा के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला (Om Prakash Chautala) द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें ट्रायल कोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी गई है।ट्रायल कोर्ट ने चौटाला को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराया था और 4 साल की जेल की सजा सुनाई थी।जस्टिस योगेश खन्ना ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तारीख तय करते हुए जेल अधिकारियों से नॉमिनल रोल की मांग भी की।सजा के निलंबन के पहलू पर चौटाला की ओर से पेश वकील ने तर्क दिया कि उन्हें चार...
क्रेडिट कार्ड पर लिए गए लोन की EMI का ब्याज IGST से मुक्त नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा कि किसी बैंक द्वारा क्रेडिट कार्ड पर दिए गए लोन की समान मासिक किस्तों (EMI) के ब्याज पर इंटीग्रेटेड गुड्स एंड सर्विस टैक्स (IGST) से छूट नहीं है।जस्टिस हिरणमय भट्टाचार्य की एकल पीठ ने माना कि बैंक द्वारा लोन द्वारा दी जाने वाली सेवाएं क्रेडिट कार्ड सेवाओं के समान हैं, इसलिए उक्त लोन की EMI का ब्याज क्रेडिट कार्ड सेवाओं में शामिल ब्याज है, जिसे अधिसूचना नंबर 9/2017 - इंटीग्रेटेड टैक्स (दर), दिनांक 28 जून, 2017 के तहत प्रदान की गई छूट से बाहर रखा गया है।याचिकाकर्ता रमेश...
'बैंक के पास गिरवी रखी गई संपत्तियों का प्रतीकात्मक कब्जा है': गुजरात हाईकोर्ट ने 10 करोड़ रुपए का लोन नहीं चुकाने पर 2016 का जमानत आदेश रद्द करने से इनकार किया
गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 467, 468 और 471 सपठित धारा 406 और 420 के तहत अपराधों के लिए प्रतिवादी-अभियुक्त की जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने इस आधार पर जमानत रद्द करने से इनकार किया कि आवेदक-बैंक ने बहुत पहले ही संपत्तियों पर 'प्रतीकात्मक कब्जा' ले लिया था। हालांकि, इन संपत्तियों के संबंध में बैंक लगभग छह वर्षों में आगे नहीं बढ़ा है।हाईकोर्ट ने महसूस किया कि उसे सत्र न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, जिसने 2016 के आदेश के तहत...
केरल हाईकोर्ट ने राज्य से छात्रों को गुमनाम रूप से अपनी शिकायतें जमा करने के लिए स्कूलों में ड्रॉप बॉक्स सुनिश्चित करने के लिए कहा
केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि वह राज्य के सभी स्कूलों में छात्रों के लिए अपनी शिकायतों और चिंताओं को गुमनाम रूप से जमा करने के लिए ड्रॉप बॉक्स स्थापित करें।चीफ जस्टिस एस मणिकुमार और जस्टिस शाजी पी चाली की खंडपीठ ने आदेश जारी करते हुए पाया कि इस संबंध में सरकार द्वारा जारी किए गए सर्कुलर को सभी स्कूलों में लागू नहीं किया गया है।बेंच ने कहा,"हमारा विचार है कि जहां कहीं भी ड्रॉप बॉक्स नहीं लगाए गए हैं, उसे सभी सरकारी/सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त...
बयानों में स्पष्टता की कमी किसी आवेदन को गैर-सुनवाई योग्य होने के रूप में खारिज करने का आधार नहीं हो सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि बयानों में स्पष्टता की कमी किसी आवेदन को गैर-सुनवाई योग्य होने के रूप में खारिज करने का आधार नहीं हो सकता। हाईकोर्ट ने उक्त टिप्पणी यह देखते हुए की कि आवेदन के सुनवाई योग्य होने की शर्तेंऔर स्पष्टता दो पूरी तरह से अलग अवधारणाएं हैं।जस्टिस सी हरि शंकर दीवानी मुकदमे में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश द्वारा पारित 24 मार्च, 2022 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। याचिका में इस बात को चुनौती दी गई थी कि जिला न्यायाधीश के आदेश VII सपठित आदेश XII नियम 6 के तहत...
बांबिहा ग्रुप के गैंगस्टरों ने जेल में मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित करने का आरोप लगाया: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एडीजी से जवाब मांगा
बंबिहा समूह के कथित गैंगस्टर सुखप्रीत बुद्ध और अमित डागर ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और आरोप लगाया है कि उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है और उन्हें पूरी तरह से अलग रखा जा रहा है जिससे उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।जस्टिस अरविंद सिंह सांगवान की पीठ ने पंजाब राज्य और सीबीआई को नोटिस जारी किया है और एडीजीपी (जेल), पंजाब को हाईकोर्ट के वीरेश शांडिल्य बनाम भारत संघ, 2004 एससी ऑनलाइन पी एंड एच 1054 के फैसले में दिए गए निर्देशों के अनुपालन के संबंध में एक हलफनामा दाखिल...



















