मुख्य सुर्खियां
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू धार्मिक नेताओं की हत्या की साजिश रचने के आरोपी पीएफआई के कथित दो सदस्यों को जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हिंदू धार्मिक नेताओं की हत्या की साजिश रचने और देश में भय और आतंक पैदा करने के आरोपी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कथित दो सदस्यों को जमानत देने से इनकार किया।जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रेणु अग्रवाल की पीठ ने आरोपियों को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा,"इस तथ्य पर विचार करते हुए कि अपीलकर्ताओं से विस्फोटक पदार्थों सहित जब्त आपत्तिजनक वस्तुओं की बरामदगी की जा रही है, जिसका उपयोग उनके द्वारा विभिन्न हिंदू धार्मिक संगठनों के वरिष्ठ नेता पर हमला...
पंचायत चुनाव: कर्नाटक हाईकोर्ट ने पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए वार्डों के परिसीमन को पूरा करने के लिए समय बढ़ाया, ओबीसी आरक्षण प्रदान किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को तालुका और जिला पंचायतों में वार्डों के परिसीमन की कवायद को पूरा करने के लिए कर्नाटक पंचायत राज परिसीमन आयोग को 90 दिनों का विस्तार दिया और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अन्य को आरक्षण प्रदान करने की कवायद भी पूरा करने को कहा।चीफ जस्टिस प्रसन्ना बी वराले और जस्टिस अशोक एस किनागी की खंडपीठ ने राज्य परिसीमन आयोग द्वारा दायर आवेदन को स्वीकार कर लिया। इसके साथ कोर्ट ने राज्य सरकार को 5 लाख रुपये का जुर्माने भी लगाया।पीठ ने कहा,"यद्यपि हम राज्य सरकार और राज्य परिसीमन आयोग...
ओडिशा वकीलों की हड़ताल: बीसीआई ने 14 और वकील के लाइसेंस निलंबित किए; 17 वकीलों की गिरफ्तार हुई
संबलपुर में प्रदर्शन कर रहे वकीलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने मंगलवार को 14 और वकीलों के प्रैक्टिस के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।बीसीआई की प्रेस रिलीज में कहा गया है कि उनके खिलाफ कार्रवाई 12 दिसंबर, 2022 की दो एफआईआर के आधार पर की गई।बीसीआई ने यह भी कहा कि एफआईआर के अवलोकन से पता चलता है कि वकील ऐसे कृत्यों में शामिल थे, जो पेशेवर आचरण और नैतिकता के मानक के खिलाफ हैं।आगे कहा,"एफआईआर के अनुसार वे पुलिस, न्यायिक अधिकारियों और जिला प्रशासन के खिलाफ संबलपुर...
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में बढ़ते नकली दवाओं के व्यापार पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की; सरकार से जवाब मांगा
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस एए सैयद और जस्टिस ज्योत्सना रेवल दुआ की खंडपीठ ने राज्य में नकली दवाओं के अवैध कारोबार के मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की।कोर्ट ने सरकारी अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए कहा,"जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश के बद्दी-बरोटीवाला क्षेत्र में नकली दवाओं के व्यापार का अवैध कारोबार दिन-ब-दिन फल-फूल रहा है" और इस तरह की "नकली दवाओं ने नागरिकों और आम आदमी के स्वास्थ्य को प्रभावित किया।"इसने विभिन्न समाचार पत्रों की रिपोर्टों के आधार पर संज्ञान लिया...
'भारत में तत्काल विश्वसनीय 'चैम्बर ऑफ आर्बिट्रेशन' की आवश्यकता': दिल्ली हाईकोर्ट ने DIAC के गठन में पक्षपात का आरोप लगाने वाली याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यू डेल्ही इंटरनेशनल चैंबर ऑफ आर्बिटेशन (DIAC) एक्ट अधिनियम की धारा 5 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि केवल केंद्र की भागीदारी और समर्थन से ही पूर्वाग्रह और निष्पक्षता की आशंका नहीं बढ़ जाती।प्रावधान निम्नलिखित सदस्यों के साथ न्यू डेल्ही इंटरनेशनल 'चैम्बर ऑफ आर्बिट्रेशन' के गठन का प्रावधान करता है: अध्यक्ष के रूप में हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश; केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त और चुने गए वाणिज्य और...
हाईकोर्ट प्रिमाइसेस में घूम रहे आवारा कुत्ते क्या यहीं रहते हैं? बॉम्बे हाईकोर्ट ने आवारा पशुओं को हाईकोर्ट के भीतर खाना खिलाने के लिए निर्दिष्ट स्थान की मांग करने वाले वकील को अवमानना नोटिस जारी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि कुत्तों को खाना खिलाने के लिए नागपुर में हाईकोर्ट प्रिमाइसेस के भीतर निर्दिष्ट स्थान की मांग करने वाले वकील का पत्र न्यायाधीन मामले में "प्रचार" के लिए है, हाईकोर्ट ने एडवोकेट अंकिता कमलेश शाह और कार्रवाई करने वाले नागरिक अधिकारी के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया।जस्टिस सुनील शुकरे और जस्टिस एमडब्ल्यू चंदवानी की खंडपीठ ने 2006 में कार्यकर्ता विजय तलवार द्वारा दायर जनहित याचिका में आदेश पारित किया, जिसमें उसने आवारा कुत्तों को खाना खिलाने और उनकी देखभाल करने के...
पेपरलेस कोर्ट चलाने में न्यायाधीश आगे हैं; वकीलों को बोर्ड पर लाया जाना है: उड़ीसा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मुरलीधर
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डी. वाई. चंद्रचूड़ ने ओडिशा में 10 डिस्ट्रिक्ट कोर्ट डिजिटाइजेशन हब (DCDHs) का सोमवार को वर्चुअली उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में उड़ीसा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. जस्टिस एस. मुरलीधर, हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीशों और राज्य के न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया।जस्टिस मुरलीधर ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि पेपरलेस कोर्ट के लक्ष्यों को पूरा करने में न्यायाधीश आगे हैं, जबकि वकीलों को बोर्ड पर लाना होगा। उन्होंने तकनीकी प्रगति को अपनाने में आने वाली कठिनाइयों को स्वीकार...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कथित नस्लवाद और अश्लीलता को लेकर टॉक शो 'कॉफी विद करण' के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज की
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने हाल ही में टॉक शो 'कॉफी विद करण (Coffee With Karan)' के खिलाफ दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया कि इसमें अश्लील भाषा है और नस्लवाद और अश्लीलता को बढ़ावा देता है।कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने खुद शो नहीं देखा है और इस तरह की याचिका दायर करने का एकमात्र मकसद 'प्रचार' हासिल करना है।याचिकाकर्ता ने इस मामले में आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग की थी।हालांकि, चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ ने...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- फेसबुक पोस्ट को किसी व्यक्ति के स्थान के निर्धारक के रूप में नहीं माना जा सकता, वकील को राहत दी
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने कहा है कि कम से कम एक अदालत द्वारा फेसबुक पोस्ट को किसी विशेष समय पर किसी व्यक्ति के स्थान के निर्धारक के रूप में नहीं माना जा सकता है।जस्टिस सी हरि शंकर ने दिसंबर 2020 में बौद्धिक संपदा अपीलीय बोर्ड (आईपीएबी) के एक मामले से निपटने के दौरान अवलोकन किया था, जिसमें बार काउंसिल ऑफ इंडिया को कथित तौर पर एक प्रॉक्सी वकील के माध्यम से स्थगन की मांग करने पर दो वकीलों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था। इस आधार पर कि वे COVID-19 के कारण क्वारंटाइन में थे। वकीलों...
सीनियर एडवोकेट डॉ बीरेंद्र सराफ महाराष्ट्र सरकार के अगले एडवोकेट जनरल होंगे
सीनियर एडवोकेट डॉ बीरेंद्र सराफ महाराष्ट्र सरकार के अगले एडवोकेट जनरल होंगे। इस संबंध में हुई सरकार की बैठक में मौजूद अधिकारियों के अनुसार सीनियर एडवोकेट डॉ बीरेंद्र सराफ के नाम को मंजूरी दे दी गई है, हालांकि इस संबंध में अभी अधिसूचना जारी होना शेष है।सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल ने बैठक में अधिकारियों के अनुसार सराफ के नाम को मंजूरी दे दी है, हालांकि, राज्यपाल द्वारा एक आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार है।इससे पहले कैबिनेट ने निवर्तमान एजी आशुतोष अरविंद कुंभकोनी का इस्तीफा मंजूर कर...
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने झारखंड, गुवाहाटी और जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख के हाईकोर्ट के लिए नए मुख्य न्यायाधीशों की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने संबंधित हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नति के लिए तीन न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की है। ये नाम इस प्रकार हैं :झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में उत्तराखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय मिश्रा के नाम की सिफारिश की गई है।गुवाहाटी हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह के नाम की सिफारिश जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में की गई है।गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में केरल हाईकोर्ट के...
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति के लिए पांच नामों की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति के लिए हाईकोर्ट के 5 मुख्य न्यायाधीशों/न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की। ये नाम इस प्रकार हैं1. जस्टिस पंकज मिथल , मुख्य न्यायाधीश, राजस्थान हाईकोर्ट (पीएचसी: इलाहाबाद)2. जस्टिस संजय करोल , मुख्य न्यायाधीश, पटना हाईकोर्ट (पीएचसी: हिमाचल प्रदेश)3. जस्टिस पीवी संजय कुमार , मुख्य न्यायाधीश, मणिपुर हाईकोर्ट (पीएचसी: तेलंगाना)4. जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह , न्यायाधीश, पटना हाईकोर्ट, और5. जस्टिस मनोज मिश्रा , न्यायाधीश, इलाहाबाद...
विशेष अनुबंध के तहत वैधानिक निगम में लगे व्यक्ति अनुच्छेद 311 के तहत 'सिविल पोस्ट' नहीं रखते हैं: जेकेएल हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने दोहराया कि जहां एक व्यक्ति एक विशेष अनुबंध के आधार पर एक वैधानिक निगम में लगा हुआ है, वहां अनुच्छेद 311 लागू नहीं होता है। यह प्रावधान संघ या राज्य के तहत नागरिक क्षमताओं में नियोजित व्यक्तियों की बर्खास्तगी, हटाने या रैंक घटाने से संबंधित है।उस याचिका पर सुनवाई करते हुए जिसमें श्रीनगर नगर निगम में एक निश्चित अवधि के समेकित वेतन पर लगे एक मीडिया सहायक की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं, जस्टिस जावेद इकबाल वानी ने कहा,"तथ्य यह है कि वैधानिक शक्तियों का प्रयोग...
बीमा कंपनियों के साथ बैठक करें, सुनिश्चित करें कि उत्पाद विकलांग व्यक्तियों के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, आईआरडीएआई से दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) को सभी बीमा कंपनियों की एक बैठक बुलाने का निर्देश दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विकलांग व्यक्तियों के लिए प्रोडक्ट डिज़ाइन किए गए हैं ताकि उन्हें स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्राप्त करने में सक्षम बनाया जा सके।यह देखते हुए कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि विकलांग व्यक्ति स्वास्थ्य बीमा कवरेज के हकदार हैं और उत्पादों को उनके लिए डिजाइन करना पड़ सकता है, जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा, "आईआरडीएआई तदनुसार सभी बीमा...
अनुच्छेद 14 | अस्थायी कर्मचारी को समान कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले नियमित कर्मचारी के वेतन के न्यूनतम ग्रेड के बराबर वेतन का भुगतान करने लिए निर्देशित किया जा सकता है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि संविधान के अनुच्छेद 39 के तहत "समान काम के लिए समान वेतन" के दावे के अलावा, समानता की अवधारणा अस्थायी कर्मचारियों पर भी लागू होगी और उन्हें , समान कर्तव्यों का निर्वहन करने वाले नियमित कर्मचारी के वेतन के निम्नतम ग्रेड के बराबर मजदूरी का भुगतान के लिए निर्देशित किया जा सकता है।कोर्ट ने कहा,समानता की अवधारणा को वेतन समानता के मुद्दे पर भी लागू किया जाना है और इस प्रकार, भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 को लागू करके भी एक अस्थायी कर्मचारी...
सीआरपीसी की धारा 340 के तहत जांच अनिवार्य, ऐसा ना कर पाने पर पूरी कार्यवाही गैर-स्थायी (Non-Est) होगी: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि सीआरपीसी की धारा 340 के तहत परिकल्पित जांच अनिवार्य प्रकृति की है। आईपीसी की धारा 192, 193 और 195 के तहत अपराधों से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने से पहले ऐसी जांच की जानी चाहिए।जस्टिस ए बदरुद्दीन ने कहा,...सीआरपीसी की धारा 340 के तहत परिकल्पित जांच अनिवार्य प्रकृति की है। आईपीसी की धारा 192, 193 और 195 के तहत अपराधों के आरोप से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने से पहले ऐसी जांच की जानी चाहिए। मौजूदा मामले में स्पष्ट रूप से ऐसी जांच नहीं की गई थी और इसलिए, उसके बाद की...
इलाहाबाद हाईकोर्ट का राज्य सरकार, डीजीपी को निर्देश, अभियुक्त का आपराधिक इतिहास एक क्लिक में उपलब्ध करवाएं
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य के प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है, ताकि किसी आरोपी का आपराधिक इतिहास एक क्लिक (Stroke) में उपलब्ध हो सके। न्यायालय ने अधिकारियों से निर्देश/जवाब/शपथपत्र के माध्यम से या अन्यथा अभियुक्त के पूरे आपराधिक इतिहास का खुलासा करने के लिए अदालत में जवाब देने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी तय करने के लिए भी कहा।अदालत ने टिप्पणी की," वर्तमान डिजिटल युग में जहां अब सब कुछ संभव है और एक बटन के प्रेस या माउस के एक क्लिक के साथ सबकुछ उपलब्ध है। यह नहीं...
उत्तर प्रदेश सरकार ने 'ट्रिपल टेस्ट' के सवाल का जवाब दाखिल करने के लिए एक दिन का समय मांगा, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निकाय चुनाव अधिसूचना जारी करने पर रोक बढ़ाई
उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से निकाय चुनावों के ओर से पूछे गए सवाल की क्या निकाय चुनाव के लिए सीटों को आरक्षित करने की प्रक्रिया में राज्य सरकार ने 'ट्रिपल टेस्ट' की औपचारिकताओं को पूरा किया है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अनिवार्य किया हुआ है, का जवाब देने के लिए एक दिन का समय मांगा है।उत्तर प्रदेश सरकार को एक दिन का समय देते हुए जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की खंडपीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग को शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की अधिसूचना की घोषणा करने से रोकने के...
केरल विधानसभा ने स्टेट यूनिवर्सिटी के चांसलर के पद से राज्यपाल को हटाने के लिए विधेयक पारित किया
केरल विधानसभा ने मंगलवार को आठ स्टेट यूनिवर्सिटी के चांसलर के पद से राज्यपाल को हटाने के लिए एक विधेयक पारित किया। यूनिवर्सिटी कानून (संशोधन) (नंबर 2) विधेयक, 2022 राज्यपाल को यूनिवर्सिटी के पदेन कुलाधिपति के रूप में हटाने और राज्य सरकार को कुलाधिपति नियुक्त करने के लिए सशक्त बनाने के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों से संबंधित आठ अधिनियमों में संशोधन करना चाहता है।यूनिवर्सिटी का बिल कहता है," सरकार कृषि और पशु चिकित्सा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, चिकित्सा, सामाजिक विज्ञान, मानविकी, साहित्य, कला,...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने नवाब मलिक की जमानत याचिका पर 6 जनवरी, 2023 तक सुनवाई स्थगित की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को एनसीपी नेता नवाब मलिक की मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गुण-दोष और मेडिकल आधार पर जमानत की अर्जी पर तत्काल सुनवाई से इंकार कर दिया, जबकि उनके वकीलों ने कहा कि उनकी किडनी फेल हो गई है।जस्टिस एम एस कार्णिक ने कहा कि मलिक पहले से ही निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं, इसलिए कोई तत्काल आवश्यकता नहीं है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय को दो सप्ताह के भीतर अपील पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले को 6 जनवरी, 2023 को छुट्टी के बाद बहस के लिए पोस्ट कर दिया।जज ने कहा कि...



















