मुख्य सुर्खियां
[OVI, R17, CPC] केवल इसलिए कि प्रस्तावित संशोधन समान संपत्ति से संबंधित हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि पार्टी मुकदमे की प्रकृति बदल सकती है: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि एक संशोधन जो मुकदमे की प्रकृति को पूरी तरह से बदल देता है, की अनुमति नहीं दी जा सकती।जस्टिस संदीप वी मार्ने ने निचली अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें यह देखते हुए कि वादी संशोधन के माध्यम से एक नया मामला ला रहे थे, एक संपत्ति विवाद में प्रार्थनाओं में संशोधन की अनुमति दी गई थी।कोर्ट ने फैसले में कहा,"इस निष्कर्ष पर पहुंचने के बावजूद कि वादी वाद में संशोधन करके एक पूरी तरह से नया मामला पेश कर रहे थे, ट्रायल कोर्ट ने अभी भी इस आधार पर संशोधन के लिए...
किसी बच्चे को ''नाजायज संतान'' के रूप में प्रचारित करना अपने आप में उत्पीड़न के दायरे में होगा : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक नाबालिग की संरक्षकता उसके जैविक माता-पिता को सौंपते हुए कहा है कि माता-पिता की याचिका को केवल इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता है क्योंकि मुस्लिम कानून इंगित करता है कि एक 'नाजायज संतान' के रूप में, उसे विरासत या वंश का कोई अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा, ''इस अदालत की राय है कि चूंकि वर्तमान मामले में याचिकाकर्ता जैविक माता-पिता हैं ... यदि वर्तमान याचिका में की गई प्रार्थनाओं पर विचार नहीं किया जाता है तो यह न्याय का उपहास होगा, वो भी केवल इसलिए कि नाबालिग बच्ची पर...
पीएफआई के पूर्व अध्यक्ष अबुबकर 'बिल्कुल ठीक', इलाज चल रहा है: एनआईए ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि सितंबर में केंद्रीय एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किए गए पीएफआई के पूर्व अध्यक्ष ई अबूबकर बिल्कुल ठीक हैं और उनका इलाज चल रहा है।जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस तलवंत सिंह की खंडपीठ को एनआईए की ओर से पेश वकील ने सूचित किया कि अबूबकर को आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल ले जाया जाता है।अदालत ने पिछले महीने एजेंसी से अबुबकर की मेडिकल कंडिशन पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा था, जिसमें उनकी बीमारियों और आवश्यक उपचार पर एम्स के...
'केवल संदेह और आधी-अधूरी जांच के आधार पर व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता': मद्रास हाईकोर्ट ने पीएमएलए के आरोपी को जमानत दी
मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी व्यक्ति को जमानत देते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता को मनमाने ढंग से तब तक नहीं छीना जा सकता जब तक कि कानून के अनुसार न हो।कोर्ट ने कहा कि यह एक स्थापित कानून है कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार, जो शायद सबसे अधिक पोषित है, किसी भी तरह से मनमाने ढंग से कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना अस्थायी रूप से भी नहीं छिना जा सकता है।जस्टिस एडी जगदीश चंदिरा की पीठ ने देखा कि याचिकाकर्ता भी एक...
पीएमसी बैंक घोटाले का व्हिसलब्लोअर घोषित किए जाने की मांग करने वाले याचिकाकर्ता से दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, 'अगर उसने कोई भूमिका निभाई है तो उसकी सराहना कर सकते हैं'
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें याचिकाकर्ता को पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (पीएमसी) बैंक घोटाले का व्हिसलब्लोअर घोषित करने के लिए निर्देश की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा, व्यक्ति के पास इनाम का दावा करने के लिए कानून का आधार होना चाहिए।कोर्ट ने कहा,"यह अदालत याचिकाकर्ता की सराहना कर सकती है, अगर उसने उक्त घोटाले को उजागर करने में और एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्य का निर्वहन करने में भूमिका निभाई है। उक्त अवलोकन से परे इस अदालत द्वारा कोई और राहत नहीं दी जा सकती...
बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा 2020 | चयन सूची के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर, मुख्य परीक्षा नए सिरे से कराने की मांग
पटना हाईकोर्ट के समक्ष एक रिट याचिका दायर की गई है, जिसमें बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित 31वीं बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा 2020 की चयन सूची (अक्टूबर 2022 में जारी) और मुख्य परीक्षा परिणाम (फरवरी 2021 में जारी) को रद्द करने की मांग की गई है।याचिका में मांग की गई है, बिहार सिविल सेवा (न्यायिक शाखा) (भर्ती) नियम, 1955 के नियम 15 (बी) और नौ मार्च, 2020 के विज्ञापन के खंड 4 (1) के सख्ती से पालन करते हुए नए सिरे से मुख्य परीक्षा आयोजित करने और उसके परिणाम घोषित करने, उसके बाद नए साक्षात्कार आयोजित...
[पोक्सो एक्ट] मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विलंब करने की रणनीति के कारण प्रॉसेक्यूट्रिक्स से जिरह करने के अभियुक्तों के अधिकारों पर रोक लगाने को सही ठहराया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने हाल ही में पोक्सो मामले में अभियुक्त के अधिकारों पर रोक लगाने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। कोर्ट ने यह देखते हुए यह फैसला लिया कि वे नाबालिग अभियोक्ता को गवाही देने से रोकने के लिए विलंब करने की रणनीति में लिप्त थे।आवेदकों/अभियुक्तों को अभियोजन पक्ष से जिरह करने का एक आखिरी अवसर देने के आवेदन को खारिज करते हुए जस्टिस जीएस अहलूवालिया ने कहा कि निचली अदालत में उनके व्यवहार ने आपराधिक मुकदमे के मकसद को विफल करने के परोक्ष इरादे को प्रकट कर दिया...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू धार्मिक नेताओं की हत्या की साजिश रचने के आरोपी पीएफआई के कथित दो सदस्यों को जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हिंदू धार्मिक नेताओं की हत्या की साजिश रचने और देश में भय और आतंक पैदा करने के आरोपी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कथित दो सदस्यों को जमानत देने से इनकार किया।जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रेणु अग्रवाल की पीठ ने आरोपियों को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा,"इस तथ्य पर विचार करते हुए कि अपीलकर्ताओं से विस्फोटक पदार्थों सहित जब्त आपत्तिजनक वस्तुओं की बरामदगी की जा रही है, जिसका उपयोग उनके द्वारा विभिन्न हिंदू धार्मिक संगठनों के वरिष्ठ नेता पर हमला...
पंचायत चुनाव: कर्नाटक हाईकोर्ट ने पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए वार्डों के परिसीमन को पूरा करने के लिए समय बढ़ाया, ओबीसी आरक्षण प्रदान किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को तालुका और जिला पंचायतों में वार्डों के परिसीमन की कवायद को पूरा करने के लिए कर्नाटक पंचायत राज परिसीमन आयोग को 90 दिनों का विस्तार दिया और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अन्य को आरक्षण प्रदान करने की कवायद भी पूरा करने को कहा।चीफ जस्टिस प्रसन्ना बी वराले और जस्टिस अशोक एस किनागी की खंडपीठ ने राज्य परिसीमन आयोग द्वारा दायर आवेदन को स्वीकार कर लिया। इसके साथ कोर्ट ने राज्य सरकार को 5 लाख रुपये का जुर्माने भी लगाया।पीठ ने कहा,"यद्यपि हम राज्य सरकार और राज्य परिसीमन आयोग...
ओडिशा वकीलों की हड़ताल: बीसीआई ने 14 और वकील के लाइसेंस निलंबित किए; 17 वकीलों की गिरफ्तार हुई
संबलपुर में प्रदर्शन कर रहे वकीलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने मंगलवार को 14 और वकीलों के प्रैक्टिस के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।बीसीआई की प्रेस रिलीज में कहा गया है कि उनके खिलाफ कार्रवाई 12 दिसंबर, 2022 की दो एफआईआर के आधार पर की गई।बीसीआई ने यह भी कहा कि एफआईआर के अवलोकन से पता चलता है कि वकील ऐसे कृत्यों में शामिल थे, जो पेशेवर आचरण और नैतिकता के मानक के खिलाफ हैं।आगे कहा,"एफआईआर के अनुसार वे पुलिस, न्यायिक अधिकारियों और जिला प्रशासन के खिलाफ संबलपुर...
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में बढ़ते नकली दवाओं के व्यापार पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की; सरकार से जवाब मांगा
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस एए सैयद और जस्टिस ज्योत्सना रेवल दुआ की खंडपीठ ने राज्य में नकली दवाओं के अवैध कारोबार के मुद्दे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की।कोर्ट ने सरकारी अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए कहा,"जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश के बद्दी-बरोटीवाला क्षेत्र में नकली दवाओं के व्यापार का अवैध कारोबार दिन-ब-दिन फल-फूल रहा है" और इस तरह की "नकली दवाओं ने नागरिकों और आम आदमी के स्वास्थ्य को प्रभावित किया।"इसने विभिन्न समाचार पत्रों की रिपोर्टों के आधार पर संज्ञान लिया...
'भारत में तत्काल विश्वसनीय 'चैम्बर ऑफ आर्बिट्रेशन' की आवश्यकता': दिल्ली हाईकोर्ट ने DIAC के गठन में पक्षपात का आरोप लगाने वाली याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यू डेल्ही इंटरनेशनल चैंबर ऑफ आर्बिटेशन (DIAC) एक्ट अधिनियम की धारा 5 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने कहा कि केवल केंद्र की भागीदारी और समर्थन से ही पूर्वाग्रह और निष्पक्षता की आशंका नहीं बढ़ जाती।प्रावधान निम्नलिखित सदस्यों के साथ न्यू डेल्ही इंटरनेशनल 'चैम्बर ऑफ आर्बिट्रेशन' के गठन का प्रावधान करता है: अध्यक्ष के रूप में हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश; केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त और चुने गए वाणिज्य और...
हाईकोर्ट प्रिमाइसेस में घूम रहे आवारा कुत्ते क्या यहीं रहते हैं? बॉम्बे हाईकोर्ट ने आवारा पशुओं को हाईकोर्ट के भीतर खाना खिलाने के लिए निर्दिष्ट स्थान की मांग करने वाले वकील को अवमानना नोटिस जारी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि कुत्तों को खाना खिलाने के लिए नागपुर में हाईकोर्ट प्रिमाइसेस के भीतर निर्दिष्ट स्थान की मांग करने वाले वकील का पत्र न्यायाधीन मामले में "प्रचार" के लिए है, हाईकोर्ट ने एडवोकेट अंकिता कमलेश शाह और कार्रवाई करने वाले नागरिक अधिकारी के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया।जस्टिस सुनील शुकरे और जस्टिस एमडब्ल्यू चंदवानी की खंडपीठ ने 2006 में कार्यकर्ता विजय तलवार द्वारा दायर जनहित याचिका में आदेश पारित किया, जिसमें उसने आवारा कुत्तों को खाना खिलाने और उनकी देखभाल करने के...
पेपरलेस कोर्ट चलाने में न्यायाधीश आगे हैं; वकीलों को बोर्ड पर लाया जाना है: उड़ीसा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मुरलीधर
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डी. वाई. चंद्रचूड़ ने ओडिशा में 10 डिस्ट्रिक्ट कोर्ट डिजिटाइजेशन हब (DCDHs) का सोमवार को वर्चुअली उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम में उड़ीसा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ. जस्टिस एस. मुरलीधर, हाईकोर्ट के अन्य न्यायाधीशों और राज्य के न्यायिक अधिकारियों ने भाग लिया।जस्टिस मुरलीधर ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि पेपरलेस कोर्ट के लक्ष्यों को पूरा करने में न्यायाधीश आगे हैं, जबकि वकीलों को बोर्ड पर लाना होगा। उन्होंने तकनीकी प्रगति को अपनाने में आने वाली कठिनाइयों को स्वीकार...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने कथित नस्लवाद और अश्लीलता को लेकर टॉक शो 'कॉफी विद करण' के खिलाफ दायर जनहित याचिका खारिज की
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने हाल ही में टॉक शो 'कॉफी विद करण (Coffee With Karan)' के खिलाफ दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया कि इसमें अश्लील भाषा है और नस्लवाद और अश्लीलता को बढ़ावा देता है।कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने खुद शो नहीं देखा है और इस तरह की याचिका दायर करने का एकमात्र मकसद 'प्रचार' हासिल करना है।याचिकाकर्ता ने इस मामले में आपराधिक कार्यवाही शुरू करने की मांग की थी।हालांकि, चीफ जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ ने...
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- फेसबुक पोस्ट को किसी व्यक्ति के स्थान के निर्धारक के रूप में नहीं माना जा सकता, वकील को राहत दी
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने कहा है कि कम से कम एक अदालत द्वारा फेसबुक पोस्ट को किसी विशेष समय पर किसी व्यक्ति के स्थान के निर्धारक के रूप में नहीं माना जा सकता है।जस्टिस सी हरि शंकर ने दिसंबर 2020 में बौद्धिक संपदा अपीलीय बोर्ड (आईपीएबी) के एक मामले से निपटने के दौरान अवलोकन किया था, जिसमें बार काउंसिल ऑफ इंडिया को कथित तौर पर एक प्रॉक्सी वकील के माध्यम से स्थगन की मांग करने पर दो वकीलों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था। इस आधार पर कि वे COVID-19 के कारण क्वारंटाइन में थे। वकीलों...
सीनियर एडवोकेट डॉ बीरेंद्र सराफ महाराष्ट्र सरकार के अगले एडवोकेट जनरल होंगे
सीनियर एडवोकेट डॉ बीरेंद्र सराफ महाराष्ट्र सरकार के अगले एडवोकेट जनरल होंगे। इस संबंध में हुई सरकार की बैठक में मौजूद अधिकारियों के अनुसार सीनियर एडवोकेट डॉ बीरेंद्र सराफ के नाम को मंजूरी दे दी गई है, हालांकि इस संबंध में अभी अधिसूचना जारी होना शेष है।सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल ने बैठक में अधिकारियों के अनुसार सराफ के नाम को मंजूरी दे दी है, हालांकि, राज्यपाल द्वारा एक आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार है।इससे पहले कैबिनेट ने निवर्तमान एजी आशुतोष अरविंद कुंभकोनी का इस्तीफा मंजूर कर...
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने झारखंड, गुवाहाटी और जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख के हाईकोर्ट के लिए नए मुख्य न्यायाधीशों की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने संबंधित हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नति के लिए तीन न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की है। ये नाम इस प्रकार हैं :झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में उत्तराखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय मिश्रा के नाम की सिफारिश की गई है।गुवाहाटी हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एन कोटेश्वर सिंह के नाम की सिफारिश जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में की गई है।गुवाहाटी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में केरल हाईकोर्ट के...
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति के लिए पांच नामों की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति के लिए हाईकोर्ट के 5 मुख्य न्यायाधीशों/न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की। ये नाम इस प्रकार हैं1. जस्टिस पंकज मिथल , मुख्य न्यायाधीश, राजस्थान हाईकोर्ट (पीएचसी: इलाहाबाद)2. जस्टिस संजय करोल , मुख्य न्यायाधीश, पटना हाईकोर्ट (पीएचसी: हिमाचल प्रदेश)3. जस्टिस पीवी संजय कुमार , मुख्य न्यायाधीश, मणिपुर हाईकोर्ट (पीएचसी: तेलंगाना)4. जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह , न्यायाधीश, पटना हाईकोर्ट, और5. जस्टिस मनोज मिश्रा , न्यायाधीश, इलाहाबाद...
विशेष अनुबंध के तहत वैधानिक निगम में लगे व्यक्ति अनुच्छेद 311 के तहत 'सिविल पोस्ट' नहीं रखते हैं: जेकेएल हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने दोहराया कि जहां एक व्यक्ति एक विशेष अनुबंध के आधार पर एक वैधानिक निगम में लगा हुआ है, वहां अनुच्छेद 311 लागू नहीं होता है। यह प्रावधान संघ या राज्य के तहत नागरिक क्षमताओं में नियोजित व्यक्तियों की बर्खास्तगी, हटाने या रैंक घटाने से संबंधित है।उस याचिका पर सुनवाई करते हुए जिसमें श्रीनगर नगर निगम में एक निश्चित अवधि के समेकित वेतन पर लगे एक मीडिया सहायक की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं, जस्टिस जावेद इकबाल वानी ने कहा,"तथ्य यह है कि वैधानिक शक्तियों का प्रयोग...






![[पोक्सो एक्ट] मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विलंब करने की रणनीति के कारण प्रॉसेक्यूट्रिक्स से जिरह करने के अभियुक्तों के अधिकारों पर रोक लगाने को सही ठहराया [पोक्सो एक्ट] मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने विलंब करने की रणनीति के कारण प्रॉसेक्यूट्रिक्स से जिरह करने के अभियुक्तों के अधिकारों पर रोक लगाने को सही ठहराया](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2021/09/25/500x300_401303-madhyapradeshhighcourt.jpg)












