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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अवैध तरीके से वसूला गया टैक्स 6% ब्याज के साथ वापस करने का निर्देश दिया
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने अवैध तरीके से वसूला गया टैक्स 6% ब्याज के साथ वापस करने का निर्देश दिया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने माना है कि यदि कानून के किसी भी अधिकार के बिना कर एकत्र किया जाता है, तो यह किसी व्यक्ति को उसकी संपत्ति से कानून के किसी भी अधिकार के बिना वंचित करने के बराबर होगा, और संविधान के अनुच्छेद 300 ए के तहत उसके अधिकार का उल्लंघन होगा।जस्टिस रितु बाहरी और जस्टिस मनीषा बत्रा की खंडपीठ ने कहा कि उचित अधिकारी ने राशि स्वीकार करने के बाद कोई रसीद नहीं दी। याचिकाकर्ता की ओर से विरोधस्वरूप जमा की गई राशि वापस करने योग्य थी, क्योंकि याचिकाकर्ता को उसके अधिकार से वंचित किया गया...

दोषी के बारे में जान-बूझकर यह धारणा बनाने का प्रयास कि उसका व्यवहार अच्छा नहीं है, और उसे छुट्टी/पैरोल से मना करना वैध नहींः केरल हाईकोर्ट
दोषी के बारे में जान-बूझकर यह धारणा बनाने का प्रयास कि उसका व्यवहार अच्छा नहीं है, और उसे छुट्टी/पैरोल से मना करना वैध नहींः केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि किसी दोषी के बारे में यह धारणा कि उसका व्यवहार अच्छा नहीं है, बनाने के लिए जान-बूझकर किया गया कोई भी प्रयास, और बदले में उसे छुट्टी ना देना, अवैध है।जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने एक दोषी के लिए साधारण छुट्टी की मांग वाली याचिका को मंजूर करते हुए कहा,"एक अनुचित प्रक्रिया का सहारा लेकर याचिकाकर्ता को जानबूझकर छुट्टी देने से इनकार करने का प्रयास किया गया है। नि:संदेह यह कार्रवाई यह धारणा बनाने के लिए है कि याचिकाकर्ता एक अच्छा व्यवहार करने वाला व्यक्ति नहीं है और...

बेंगलुरु कोर्ट ने बीजेपी विधायक संजीव मतंदूर की मॉर्फ्ड तस्वीरों को प्रकाशित करने से मीडिया को रोका
बेंगलुरु कोर्ट ने बीजेपी विधायक संजीव मतंदूर की 'मॉर्फ्ड' तस्वीरों को प्रकाशित करने से मीडिया को रोका

बेंगलुरु की एक सिटी सिविल कोर्ट ने राज्य में विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा नेता संजीव मतंदूर की कथित 'मोर्फ्ड' तस्वीरों को प्रकाशित करने से मीडिया को रोक दिया है। कोर्ट ने इस संबंध में एक पक्षीय अंतरिम निषेधाज्ञा आदेश पारित किया है।विधायक ने यह कहते हुए मुकदमा दायर किया था कि चुनाव नजदीक है और उनकी पार्टी पुत्तूर विधायक निर्वाचन क्षेत्र से उन्हें उम्मीदवार बनाने की घोषणा करने वाली है। हालांकि, कुछ बदमाशों ने उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से कुछ अजनबी महिलाओं के साथ उनकी तस्वीर को...

जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने लंबे समय से लंबित मामलों को कम करने के लिए नए उपाय अपनाने की आदेश जारी किया
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने लंबे समय से लंबित मामलों को कम करने के लिए नए उपाय अपनाने की आदेश जारी किया

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने शुक्रवार को हाईकोर्ट में लंबित मामलों को कम करने के उपायों के साथ कार्यालय आदेश जारी किया।चीफ जस्टिस एन. कोटेश्वर सिंह इस विषय पर निर्देश पारित करते हुए इस आशय की अधिसूचना जारी की, जिसमें कहा गया कि 10 वर्ष से ऊपर के सभी अंतिम सुनवाई के मामलों को मंगलवार और गुरुवार को सूचीबद्ध किया जाएगा। इन दिनों को अंतिम सुनवाई के दिनों के रूप में अनन्य रखा जाएगा, जिस दिन किसी अन्य गैर-सुनवाई मामले को तब तक नहीं लिया जाएगा जब तक कि चीफ जस्टिस द्वारा अनुमति नहीं दी...

पत्नी घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पति के एक्ट्र-मैरिटल पार्टनर पर केवल इसलिए मुकदमा नहीं चला सकती क्योंकि वो दंपति के घर में रहती थी: उड़ीसा हाईकोर्ट
पत्नी घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पति के एक्ट्र-मैरिटल पार्टनर पर केवल इसलिए मुकदमा नहीं चला सकती क्योंकि वो दंपति के घर में रहती थी: उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पति के एक्ट्र-मैरिटल पार्टनर पर केवल इसलिए मुकदमा नहीं चला सकती क्योंकि वो दंपति के घर में रहती थी।कोर्ट ने कहा कि दोनों महिलाएं (पत्नी और विवाहेतर साथी) अधिनियम की धारा 2 (एफ) के अनुसार 'घरेलू संबंध' साझा नहीं करती हैं, क्योंकि वे केवल एक ही छत के नीचे रहती हैं।अधिनियम के तहत आरोपों को खारिज करते हुए जस्टिस शशिकांत मिश्रा की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा,"एकमात्र आरोप ये है कि शिकायतकर्ता के पति का याचिकाकर्ता संख्या 2 के साथ अवैध संबंध था...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने टीकाकरण शिविरों में फर्जी COVID टीके देने के आरोपी अस्पताल मालिकों, डॉक्टर को जमानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने टीकाकरण शिविरों में फर्जी COVID टीके देने के आरोपी अस्पताल मालिकों, डॉक्टर को जमानत दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई भर के विभिन्न टीकाकरण शिविरों में फर्जी COVID टीके देने के आरोपी अस्पताल मालिकों और एक डॉक्टर को ये कहते हुए जमानत दे दी कि कथित फर्जी टीकों से किसी मरीज की मृत्यु या कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा।जस्टिस भारती डांगरे ने 8 मामलों में शिवम अस्पताल, कांदिवली के मालिक डॉ. शिवराज पटारिया और नीता पटारिया को जमानत देते हुए कहा,"अभियोजन पक्ष का ये मामला नहीं है कि कथित तौर पर फर्जी टीके पाए जाने के कारण कुछ मौतें हुई थीं या किसी मरीज को किसी प्रतिकूल प्रभाव का सामना करना पड़ा...

कुछ महीनों के लिए भी वकील का निलंबन उनके स्थायी भविष्य की संभावनाओं पर गंभीर प्रतिकूल परिणाम है: बॉम्बे हाईकोर्ट
कुछ महीनों के लिए भी वकील का निलंबन उनके स्थायी भविष्य की संभावनाओं पर गंभीर प्रतिकूल परिणाम है: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एडवोकेट्स एक्ट 1961 के तहत कदाचार के मामले में देखा कि वकील अपने निजी जीवन में क्या करता है, उसे वकील के रूप में उसकी क्षमता के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है।अदालत ने वकील के भविष्य की संभावनाओं पर अस्थायी निलंबन के गंभीर परिणामों पर प्रकाश डाला और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को राज्य बार काउंसिल द्वारा उनके निलंबन पर रोक लगाने के लिए एडवोकेट अमरेश शर्मा के अंतरिम आवेदन पर शीघ्र निर्णय लेने को कहा।खंडपीठ ने कहा,"यहां तक कि कुछ महीनों के निलंबन का आदेश, और वास्तव में उस आदेश...

सीआरपीसी की धारा 329(2) - दिमागी रूप से कमज़ोर होने का निर्धारण करने के लिए अभियुक्त का शारीरिक रूप से पेश होना आवश्यक : उड़ीसा हाईकोर्ट
सीआरपीसी की धारा 329(2) - दिमागी रूप से कमज़ोर होने का निर्धारण करने के लिए अभियुक्त का शारीरिक रूप से पेश होना आवश्यक : उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 329(2) के तहत अभियुक्त की अदालत में भौतिक उपस्थिति आवश्यक है, जिससे यह आकलन किया जा सके कि मानसिक विकार के कारण वह बचाव कर सकता है या नहीं। इसने रेखांकित किया कि संबंधित न्यायालय को केवल मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर अभियुक्तों की जांच किए बिना इस आशय का आदेश पारित नहीं करना चाहिए।जस्टिस राधा कृष्ण पटनायक की सिंगल जज बेंच ने कानून की बात को स्पष्ट करते हुए कहा,"...आरोपी की मानसिक क्षमता का निर्धारण करने के लिए और क्या वह...

कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों से जानबूझकर हटना आर्बिट्रेटर द्वारा दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई के समान हो सकता है: झारखंड हाईकोर्ट
कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों से जानबूझकर हटना आर्बिट्रेटर द्वारा दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई के समान हो सकता है: झारखंड हाईकोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट ने दोहराया कि आर्बिट्रेटर कॉन्ट्रैक्ट से अधिकार प्राप्त करता है और इस प्रकार, कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों की अवहेलना करते हुए उसके द्वारा पारित निर्णय मनमाना प्रकृति का होगा।जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की पीठ ने टिप्पणी की कि कॉन्ट्रैक्ट राशि से जानबूझकर हटना न केवल अपने अधिकार की अवहेलना या आर्बिट्रेटर की ओर से कदाचार प्रकट करने के लिए है, बल्कि यह दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई के समान भी हो सकता है।अदालत ने मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 (ए एंड सी अधिनियम) की धारा 37 के तहत अवार्ड देनदार...

ये समाज का काला चेहरा है कि कई परिवार आज भी अपने बेटे/बेटी की जाति से बाहर शादी करने में शर्म महसूस करते हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
ये समाज का काला चेहरा है कि कई परिवार आज भी अपने बेटे/बेटी की जाति से बाहर शादी करने में शर्म महसूस करते हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने हाल ही में कहा कि यह समाज का काला चेहरा है कि भारतीय परिवार आज भी अपने बेटे या बेटी की शादी अपनी जाति के बाहर करने में शर्म महसूस करते हैं।जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की पीठ ने एक महिला (पीड़ित) और उसके पति (आरोपी) की संयुक्त याचिका पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणी की। याचिका में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 363, 366 और पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत दायर चार्जशीट को रद्द करने की मांग की गई थी।मामले में एफआईआर फरवरी 2019 में आरोपी के खिलाफ दर्ज की गई...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भगवान शिव के खिलाफ आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट करने के आरोपी को राहत देने से इनकार किया, कहा- ‘ऐसे अपराधों को फलने-फूलने की अनुमति नहीं दे सकते
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भगवान शिव के खिलाफ आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट करने के आरोपी को राहत देने से इनकार किया, कहा- ‘ऐसे अपराधों को फलने-फूलने की अनुमति नहीं दे सकते'

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भगवान शिव के खिलाफ आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट करने के आरोपी आसिफ के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया।जस्टिस जे जे मुनीर की पीठ ने कहा,"ऐसे अपराध जिनमें लोगों या समुदायों के वर्गों के बीच नफरत को बढ़ावा देने की प्रवृत्ति होती है, उन्हें सख्ती से खत्म करना होगा। ऐसे अपराधों को समाज में फलने-फूलने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।"आरोपी-आसिफ पर आईपीसी की धारा 153-ए और 295-ए और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया गया है।केस के मुताबिक...

सुनिश्चित करें कि मवेशी कचरा या प्लास्टिक न खाएं, इससे दूध की गुणवत्ता पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा
सुनिश्चित करें कि मवेशी कचरा या प्लास्टिक न खाएं, इससे दूध की गुणवत्ता पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है: दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया कि नागरिकों को स्वच्छ दूध उपलब्ध कराया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि राष्ट्रीय राजधानी में मवेशी प्लास्टिक या कचरा नहीं खाते हैं।चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की खंडपीठ ने कहा कि कचरा या प्लास्टिक खाने वाले मवेशियों के दूध की गुणवत्ता पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है और इसका उपभोग करने वाले लोगों पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है।वकील रितु गौबा द्वारा दायर जनहित याचिका का...

पीड़िता की आशंका मात्र बलात्कार के मामले को पुरुष जज की अदालत से स्थानांतरित करने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
पीड़िता की आशंका मात्र बलात्कार के मामले को पुरुष जज की अदालत से स्थानांतरित करने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल पीड़िता की आशंका के आधार बलात्कार के मामले को पॉक्सो मामलों के लिए नामित विशेष अदालतों या महिला जज की अदालतों में स्थानांतरित नही किया जा सकता है।जस्टिस अनीश दयाल ने कहा कि ऐसी स्थिति ऐसे मामलों की बाढ़ ला देगी, जहां सभी बलात्कार के मामलों को विशेष पॉक्सो अदालतों या महिला जजों को स्थानांतरित करने की आवश्यकता होगी।बलात्कार के एक मामले को पुरुष जज की अदालत से महिला जज की अदालत में स्थानांतरित करने से इनकार करते हुए, अदालत ने कहा,"जैसा भी हो, याचिकाकर्ता की आशंका...

आरोपी-पीड़ित के बीच समझौते के आधार पर बलात्कार, पॉक्सो एक्ट के मामलों को रद्द करना कानूनी रूप से अस्वीकार्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट
आरोपी-पीड़ित के बीच समझौते के आधार पर बलात्कार, पॉक्सो एक्ट के मामलों को रद्द करना 'कानूनी रूप से अस्वीकार्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद ‌हाईकोर्ट ने कहा है कि अभियुक्त और पीड़िता के बीच हुए समझौते के आधार पर बलात्कार के मामले या पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों को रद्द करने की कानूनी रूप से अनुमति नहीं है।जस्टिस अजय कुमार श्रीवास्तव-I की पीठ ने कहा कि एक ऐसे मामले में यह टिप्पणी की, जिसमें उसने पीड़िता की ओर से आरोपी के खिलाफ दायर 9 साल पुराने बलात्कार के मामले को इस आधार पर खारिज करने से इनकार कर दिया कि मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था।इस संबंध में, कोर्ट ने ओम प्रकाश बनाम यूपी राज्य और दूसरा 2023 लाइवलॉ...

असमः विदेशी ट्रिब्यूनल ने याचिका के बावजूद गलत महिला पर खुद को विदेशी नहीं साबित करने का दबाव बनाया; गुवाहाटी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा-ट्रिब्यूनल ने ऐसा क्यों किया, कारण बताएं
असमः विदेशी ट्रिब्यूनल ने याचिका के बावजूद गलत महिला पर खुद को विदेशी नहीं साबित करने का दबाव बनाया; गुवाहाटी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा-ट्रिब्यूनल ने ऐसा क्यों किया, कारण बताएं

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में असम सरकार को एक विदेशी ट्रिब्यूनल के आदेश के संबंध में कारण बताने का निर्देश दिया, जिसमें संदिग्ध विदेशी, जिसे मूल रूप से नोटिस दिया जाना था, के बजाय एक महिला को यह निर्देश दिया था कि वह यह साबित करे की वह विदेशी नहीं है।जस्टिस अचिंत्य मल्ला बुजोर बरुआ और जस्टिस रॉबिन फुकन की खंडपीठ ने कहा,"गृह विभाग, असम सरकार को एक हलफनामा दायर करके यह बताना होगा कि फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल नंबर 2, धुबरी के सदस्य ने ऐसा व्यवहार क्यों किया, जब रिट याचिकाकर्ता ने ट्रिब्यूनल को वापस...

धारा 138 एनआई एक्ट| मांग की स्पष्टता चेक बाउंस नोटिस के लिए अनिवार्य कानूनी आवश्यकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
धारा 138 एनआई एक्ट| 'मांग' की स्पष्टता चेक बाउंस नोटिस के लिए अनिवार्य कानूनी आवश्यकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम अचूक शब्दों में बताती है कि नोटिस में स्पष्ट रूप से क्या दिखाना चाहिए और किस प्रकार की मांग करनी चाहिए। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि चेक बाउंस होने के मामलों में मांग की स्पष्टता एक आवश्यक शर्त है।जस्टिस अजय मोहन गोयल ने एक अपील की सुनवाई के दरमियान यह टिप्पणी की। अपीलकर्ता ने उपमंडल न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय, जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश द्वारा पारित फैसले को चुनौती दी थी, जिसके संदर्भ में एनआई एक्ट की धारा 138...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एडवोकेट गुणरतन सदावर्ते को लाइसेंस निलंबन पर तत्काल राहत देने से इनकार किया, बीसीआई के समक्ष अपील दायर करने के लिए कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एडवोकेट गुणरतन सदावर्ते को लाइसेंस निलंबन पर तत्काल राहत देने से इनकार किया, बीसीआई के समक्ष अपील दायर करने के लिए कहा

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को विवादित एडवोकेट गुणरतन सदावर्ते की याचिका में तुरंत हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।उल्लेखनीय है कि बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र एंड गोवा ने दो साल के लिए सदावर्ते का लाइसेंस दो साल के लिए निलंबित कर दिया है, जिसके खिलाफ उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की है। गुरुवार को कोर्ट ने कहा कि मामले में वैकल्पिक वैधानिक उपाय उपलब्ध है।जस्टिस गौतम पटेल की अगुवाई वाली पीठ ने हालांकि कहा कि वह सदावर्ते के लिए "अपने दरवाजे पूरी तरह से बंद नहीं कर रही है" और अपील में राहत से इनकार...

मोटर व्हीकल एक्ट- मुआवजे के दावे को खारिज करने के लिए एफआईआर दर्ज करने में देरी मुख्य आधार नहीं हो सकता: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
मोटर व्हीकल एक्ट- मुआवजे के दावे को खारिज करने के लिए एफआईआर दर्ज करने में देरी मुख्य आधार नहीं हो सकता: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

सड़क दुर्घटना के एक मामले में मुआवजे के फैसले के खिलाफ एक बीमा कंपनी की अपील को खारिज करते हुए आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि एफआईआर दर्ज करने में देरी दावा याचिका खारिज करने का मुख्य आधार नहीं हो सकती है। कंपनी ने तर्क दिया था कि मुआवजे का दावा करने के बाद दुर्घटना के दो दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई थी।जस्टिस टी. मल्लिकार्जुन राव की बेंच ने कहा,“एफआईआर निश्चित रूप से दुर्घटना के तथ्य को साबित करता है ताकि पीड़ित मुआवजा का मामला दर्ज कर सके, लेकिन एफआईआर दर्ज करने में देरी दावा याचिका को खारिज...

नागरिकों के विरोध करने और अपनी बात रखने का लोकतांत्रिक अधिकार: बॉम्बे हाईकोर्ट ने ग्रीन एक्टिविस्ट के खिलाफ एफआईआर रद्द की
'नागरिकों के विरोध करने और अपनी बात रखने का लोकतांत्रिक अधिकार': बॉम्बे हाईकोर्ट ने ग्रीन एक्टिविस्ट के खिलाफ एफआईआर रद्द की

बॉम्बे हाईकोर्ट ने विरोध करने के लिए टेक्नोलॉजी के उपयोग पर एक महत्वपूर्ण फैसले में मेट्रो III कार के लिए आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई के खिलाफ 2018 में आईएएस अधिकारी अश्विनी भिडे को भेजे गए संदेशों पर उत्पीड़न के आरोप में एक ग्रीन एक्टिविट को बुक करने पर मुंबई पुलिस को फटकार लगाई। जस्टिस सुनील शुकरे और जस्टिस एमएम सथाये की खंडपीठ ने बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स पुलिस स्टेशन में बेंगलुरु निवासी अविजीत माइकल के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी और कहा कि संदेशों में कुछ भी "आपत्तिजनक" नहीं था और...