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व्यक्तिगत खुन्नस के कारण दायर की गई शिकायतों से सावधान रहें: कर्नाटक हाईकोर्ट ने बीबीएमपी से कहा
कर्नाटक हाईकोर्ट ने बृहत बेंगलुरु महानगर पालिके (बीबीएमपी) को सलाह दी है कि वह दीवानी कार्यवाही के एक पक्षकार द्वारा उसके प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ की गई शिकायतों से सावधान रहे और केवल कानून के अनुसार ही कार्रवाई शुरू करे।जस्टिस सूरज गोविंदराज की एकल पीठ ने राममूर्ति एन द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया और नगर निगम अधिनियम की धारा 321 (3) के तहत उनके भाई द्वारा की गई शिकायत पर निगम द्वारा जारी आदेश को रद्द कर दिया।पीठ ने सलाह दी, "निगम को इन स्थितियों में सावधान रहना चाहिए और कानून के अनुसार...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भारत-पाकिस्तान युद्ध में शहीद हुए जवानों के परिवार को भूमि आवंटन में देरी करने के लिए 5 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में पंजाब सरकार को 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान शहीद हुए भारतीय सेना के शहीद जवानों के परिवार के सदस्यों को भूमि आवंटन में देरी करने के लिए 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है।जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस कुलदीप तिवारी की खंडपीठ ने कहा,“पंजाब राज्य तुरंत प्रायश्चित करेगा, और घोर उदासीनता का प्रायश्चित करेगा, जो उसने सैनिक के जीवित सदस्यों को दिखाया है, जिन्होंने देश के लिए लड़ते हुए अपना जीवन बलिदान कर दिया। याचिकाकर्ता को मुआवजे के...
रामनवमी हेट स्पीच केस: गुजरात कोर्ट ने काजल हिंदुस्तानी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
रामनवमी के मौके पर हेट स्पीच देने के आरोप में गिरफ्तार राइट विंग एक्टिविस्ट काजल हिंदुस्तानी को ऊना की एक अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि उनके भाषण के कारण उना शहर में एक अप्रैल को सांप्रदायिक झड़प हुई थी।गिरफ्तारी के बाद काजल हिंदुस्तानी को ऊना की अदालत के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गुजरात पुलिस ने काजल की पुलिस रिमांड नहीं मांगी थी।गुजरात पुलिस ने 2 अप्रैल को काजल हिंदुस्तानी...
'प्रथम दृष्टया रामनवमी हिंसा पूर्व नियोजित थी': कलकत्ता हाईकोर्ट ने एनआईए/सीबीआई जांच की मांग संबंधी भाजपा नेता की याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा
कलकत्ता हाईकोर्ट रामनवमी के जुलूस के दरमियान पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा की घटनाओं की जांच एनआईए/सीबीआई से कराने संबंधी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी की जनहित याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया है।चीफ जस्टिस टीएस शिवगणनम और जस्टिस हिरण्मय भट्टाचार्य की पीठ ने महाधिवक्ता और अन्य याचिकाकर्ताओं के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया, जिन्होंने हाईकोर्ट के समक्ष इसी तरह की दलीलें दी हैं।महाधिवक्ता सौमेंद्र नाथ मुखर्जी ने आज राष्ट्रीय...
हाईकोर्ट के वरिष्ठतम जजों को चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्त होने का संवैधानिक अधिकार है: पूर्व सीजेआई जीबी पटनायक
पूर्व सीजेआई जस्टिस गोपाल बल्लभ पटनायक ने कहा है कि प्रत्येक हाईकोर्ट के वरिष्ठतम जज को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्त होने का संवैधानिक अधिकार है। आगे कहा कि केवल ट्रांसफर पॉलिसी लागू होने के कारण नियुक्ति करने वाले अधिकारियों को जजों की वरिष्ठता की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए।उन्होंने ये भी कहा,"ये कैसे संभव है कि एक ही हाईकोर्ट के दो या तीन से अधिक जज विभिन्न हाईकोर्ट्स के चीफ जस्टिस हों और उड़ीसा हाईकोर्ट सहित कई उच्च न्यायालय मुख्य न्यायाधीश के बिना जा रहे हों। मैं खुद मुख्य...
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने प्रयागराज और कौशाम्बी के जिलाधिकारियों को यमुना में कथित अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई निर्देश दिया
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की प्रधान पीठ ने उत्तर प्रदेश में प्रयागराज और कौशांबी जिलों के जिलाधिकारियों को यमुना नदी के किनारे कथित अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।जस्टिस आदर्श कुमार गोयल (अध्यक्ष), जस्टिस सुधीर अग्रवाल (न्यायिक सदस्य), डॉ. ए. सेंथिल वेल (विशेषज्ञ सदस्य) ने कहा,"व्यक्तिगत उल्लंघनकर्ताओं की पार्टी होने की अनुपस्थिति में, हमारी राय है कि जिलाधिकारियों, प्रयागराज और कौशाम्बी को इस मामले को देखने और ट्रिब्यूनल के पहले के निर्देशों के आलोक में कानून के अनुसार...
दिल्ली हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में विवेक अग्निहोत्री को 'बिना शर्त माफी' के बाद डिस्चार्ज किया, भविष्य में सावधान रहने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष फिल्म निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने 2018 में माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर पर जस्टिस एस. मुरलीधर के खिलाफ की गई टिप्पणी से संबंधित अवमानना मामले में सोमवार को खेद व्यक्त किया और न्यायपालिका की संस्था के सम्मान" में बिना शर्त माफी मांगी।2018 में अग्निहोत्री ने कथित तौर पर हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और उड़ीसा हाईकोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस मुरलीधर के खिलाफ भीमा कोरेगांव में कार्यकर्ता गौतम नवलखा की नजरबंदी और ट्रांजिट रिमांड के आदेश रद्द करने के न्यायाधीश के आदेश के...
एनडीपीएस एक्ट | प्रोसिक्यूटर स्वतंत्र वैधानिक प्राधिकारी है, जांच के लिए विस्तार को न्यायोचित ठहराने के लिए विवेक का उपोयग करना चाहिए: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में देखा कि स्वतंत्र वैधानिक प्राधिकरण होने के नाते पब्लिक प्रोसिक्यूटर जांच एजेंसी द्वारा उसके सामने पेश की गई सामग्री पर अपने स्वतंत्र विवेक का उपोयग करने की अपेक्षा की जाती है और उसके बाद विस्तार या नहीं के रूप में निर्णय लेते हैं। जांच पूरी करने के लिए समय की अवधि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों में उचित है।जस्टिस संजय धर ने उस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की, जिसके संदर्भ में याचिकाकर्ता ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, श्रीनगर द्वारा पारित...
सीआरपीसी की धारा 427 | अलग-अलग मुकदमों में आदतन अपराधी को दी गई सजा ग्रेवेटी पर विचार किए बिना एक साथ नहीं चल सकती: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पुनर्विचार याचिका का निस्तारण करते हुए हाल ही में यह माना कि अलग-अलग अपराधों और पीड़ितों से जुड़े अलग-अलग मुकदमों में सजा उन अपराधों की गंभीरता और समाज पर उनके प्रभाव पर विचार किए बिना एक साथ नहीं चल सकती।जस्टिस अजय कुमार गुप्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने कहा,"इन ट्रायल में दी गई सजाओं को सीआरपीसी की धारा 427 (1) के तहत समवर्ती चलाने के लिए निर्देशित नहीं किया जा सकता। अपराध की गंभीरता और प्रकृति पर विचार किए बिना दोष सिद्ध होने पर दी जाने वाली अधिकतम सजा...
टेंडर शर्तों का न्यायिक पुनर्विचार सीमित है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने टेंडर आमंत्रित करने वाले अथॉरिटी द्वारा लगाई गई शर्तों को चुनौती देने वाली वह रिट याचिका खारिज कर दी, जिसमें कहा गया कि ऐसे मामलों में न्यायिक पुनर्विचार बहुत सीमित है।जस्टिस रवि नाथ तिलहरी की पीठ ने कहा,"टेंडर आमंत्रण की शर्तें तैयार करना यानी किन शर्तों को शामिल किया जाना है, यह अथॉरिटी के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसी स्थितियों की न्यायिक पुनर्विचार का दायरा सीमित है।”याचिकाकर्ता ने दो शर्तें घोषित करने के लिए रिट याचिका दायर की- अर्थात्, शर्त नबंर 2 और...
दिल्ली हाईकोर्ट ने यौन अपराधों के पीड़ितों को मुआवजे के भुगतान पर दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से स्टेटस रिपोर्ट मांगी
दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) से यौन अपराधों के पीड़ितों को मुआवजे के भुगतान और इस संबंध में अब तक दायर किए गए आवेदनों की संख्या पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।जस्टिस जसमीत सिंह पीड़ितों को अंतरिम मुआवजा देने के उद्देश्य से डीएसएलएसए को यौन अपराधों के मामलों में एफआईआर की आपूर्ति के मुद्दे से संबंधित याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई कर रहे थे।अदालत ने प्राधिकरण को 26 मई को सुनवाई के लिए मामले को सूचीबद्ध करते हुए चार सप्ताह की अवधि के भीतर स्टेटस...
मजिस्ट्रेट शिकायत में अनसुलझे आरोपों की सीआरपीसी की धारा 202 के तहत दूसरी जांच का आदेश दे सकते हैंः जम्ममू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि अगर जांच अधिकारी द्वारा पेश की गई पहली रिपोर्ट में शिकायत में लगाए गए कुछ आरोप में जांच का अभाव है तो यह मजिस्ट्रेट के अधिकार क्षेत्र में है कि वह सीआरपीसी की धारा 202 के तहत गहन जांच का आदेश दे सकते हैं।जस्टिस राजेश ओसवाल ने उस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की, जिसके संदर्भ में याचिकाकर्ता ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, जम्मू की अदालत के समक्ष लंबित शिकायत रद्द करने और एसएसपी द्वारा जांच का निर्देश देते हुए उनके द्वारा पारित आदेश...
मद्रास हाईकोर्ट ने अतिक्रमण कर बनाए गए मंदिर को हटाने में बाधा डालने वाले चार आरोपियों को जमानत दी
मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में वकील सहित दो आरोपियों द्वारा दायर जमानत अर्जी का निपटारा करते हुए कहा कि अदालत मंदिरों पर बुलडोजर चलाने की प्रक्रिया के दौरान मूक दर्शक नहीं रह सकती। उक्त आरोपियों पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने मंदिर की संपत्ति में अतिचार किया और राजस्व अधिकारियों को अवैध अतिक्रमण हटाने से रोका।जस्टिस जी जयचंद्रन ने यह टिप्पणी यह जानने के बाद की कि सरकारी अधिकारियों ने अतिक्रमणकारियों को बेदखल करने की आड़ में सदियों पुराने ढांचे को ध्वस्त कर दिया।अदालत तिरुवन्नामलाई में प्रैक्टिस...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फेमेली पेंशन के लिए विधवा की याचिका खारिज की, दूसरी शादी करने को कहा 'दुराचार'
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने माना कि एक सरकारी कर्मचारी की दूसरी पत्नी पारिवारिक पेंशन की हकदार नहीं है, यदि दूसरी शादी पहली पत्नी से तलाक लिए बिना और राज्य सरकार से पूर्व अनुमति प्राप्त किए बिना की गई हो, जैसा कि प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियमावली 1965 के तहत अनिवार्य है। जस्टिस विवेक अग्रवाल की खंडपीठ ने पति की मृत्यु के बाद परिवार पेंशन पाने के उसके दावे को खारिज करने वाले पुलिस अधीक्षक द्वारा पारित आदेश को चुनौती देने वाली एक महिला द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया।याचिकाकर्ता...
एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अपराध के लिए स्वीकारोक्ति रिकॉर्ड करने का अधिकार नहीं: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने माना कि एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत किए गए अपराधों के लिए स्वीकारोक्ति रिकॉर्ड करने का अधिकार नहीं है। कन्फेशन रिकॉर्ड करने की किसी विशेष प्रक्रिया के न होने पर ऐसे मामलों में सीआरपीसी के प्रावधान लागू होंगे।जस्टिस शशिकांत मिश्रा की एकल न्यायाधीश पीठ ने कानून की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा,"यह शब्द 'या किसी अन्य कानून के तहत समय के लिए लागू' का तात्पर्य है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम जैसे विशेष अधिनियमों के तहत अपराधों के संबंध में की गई जांच भी...
आईपीसी की धारा 195A के तहत अपराध के लिए पुलिस द्वारा लिया गया संज्ञान कानून में गलत है, झूठे साक्ष्य से संबंधित मामलों पर केवल अदालत ही विचार कर सकती है: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पुलिस भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 195ए के तहत अपराध दर्ज करने के लिए सक्षम नहीं है और झूठे सबूत के संबंध में अपराध पर विचार करने के लिए केवल एक अदालत सक्षम है।जस्टिस ए. बदरुद्दीन की एकल पीठ ने कहा,"आईपीसी की धारा 195 में दी गई धमकी झूठे साक्ष्य दे रही है तो यह अदालत द्वारा विचार किया जाने वाला मामला है। इस मामले को देखते हुए यह माना जाना चाहिए कि पुलिस अधिकारी अपराध के संबंध में अपराध दर्ज नहीं कर सकता है। आईपीसी की धारा 195ए के तहत और किस प्रक्रिया के...
उम्मीद है कि मुख्य न्यायाधीश मुरलीधर को जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किया जाएगा : पूर्व सीजेआई जी.बी. पटनायक
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, जस्टिस गोपाल बल्लभ पटनायक ने उम्मीद जताई है कि उड़ीसा हाईकोर्टके वर्तमान मुख्य न्यायाधीश डॉ. एस. मुरलीधर को जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति के लिए विचार किया जाएगा। जस्टिस मुरलीधर जनवरी, 2021 से उड़ीसा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत हैं। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उन्हें मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित करने की सिफारिश की थी, हालांकि सिफारिश को केंद्र की मंजूरी नहीं मिली।जस्टिस पटनायक शनिवार को उड़ीसा हाईकोर्ट...
इलाहाबाद हाईकोर्ट की सात जजों की बेंच ने हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद हड़ताल जारी रखने वाले कानपुर के वकीलों के खिलाफ अवमानना के आरोप तय किये
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कानपुर बार एसोसिएशन और वकील एसोसिएशन कानपुर नगर के पदाधिकारियों के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अपनी हड़ताल जारी रखने और न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक, असंसदीय भाषा का उपयोग करने और अपमानजनक व्यवहार करने के लिए अवमानना के आरोप तय किये।गौरतलब है कि कानपुर जिले के वकील जिला जज कानपुर नगर के तबादले की मांग को लेकर 16 मार्च से लगातार हड़ताल पर हैं।मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाकर, जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस सूर्य प्रकाश केसरवानी, जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता,...
पत्नी पति के विवाहेतर साथी पर केवल इस आधार पर घरेलू हिंसा का मुकदमा नहीं चला सकती कि वह उनके घर में रहती थी: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा है कि पति के अवैध/विवाहेतर साथी पर घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पत्नी केवल केवल इस कारण मुकदमा नहीं चला सकती है कि वह दंपति के घर में रहती थी।कोर्ट ने कहा, दोनों महिलाएं (पत्नी और विवाहेतर साथी केवल इसलिए कि एक ही छत के नीचे रहती हैं, अधिनियम की धारा 2 (एफ) के अनुसार 'घरेलू संबंध' साझा नहीं करती हैं।मामले में आरोपों को खारिज करते हुए जस्टिस शशिकांत मिश्रा की सिंगल जज पीठ ने कहा,"एकमात्र आरोप यह है कि शिकायतकर्ता के पति का याचिकाकर्ता संख्या 2 के साथ अवैध संबंध था और जहां तक...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (03 अप्रैल, 2023 से 07 अप्रैल, 2023) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।पत्नी घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पति के एक्ट्र-मैरिटल पार्टनर पर केवल इसलिए मुकदमा नहीं चला सकती क्योंकि वो दंपति के घर में रहती थी: उड़ीसा हाईकोर्ट उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पति के एक्ट्र-मैरिटल पार्टनर पर केवल इसलिए मुकदमा नहीं चला सकती क्योंकि वो दंपति के घर में...




















