मुख्य सुर्खियां
कलकत्ता हाईकोर्ट में 'बोल्ला काली पूजा' पर 10,000 से अधिक बकरियों के की बली को चुनौती देने वाली याचिका दायर
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को आगामी 'बोल्ला काली महोत्सव' के लिए पश्चिम बंगाल राज्य में '10000 से अधिक बकरियों' की बली को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की।चीफ जस्टिस टीएस शिवगणनम और जस्टिस हिरण्मय भट्टाचार्य की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से सवाल किया कि क्या पश्चिम बंगाल राज्य में बकरी वध पर कोई प्रतिबंध है. या इसे प्रतिबंधित करने वाला कोई अधिनियम है।यह तर्क दिया गया,"कोई शिकायत नहीं है, लेकिन पश्चिम बंगाल पशु वध नियम, 1950 जैसे कुछ नियम हैं, जिनके लिए प्रत्येक बकरी को पशु डॉक्टर...
तेलंगाना हाईकोर्ट ने सांसदों, विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों के शीघ्र निपटान के लिए विशेष पीठ का गठन किया
तेलंगाना हाईकोर्ट ने विशेष पीठ का गठन करते हुए सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए अदालतों को नामित करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में स्वत: संज्ञान कार्यवाही शुरू की।कोर्ट ने कहा,"उपरोक्त दिशानिर्देशों के अनुसरण में इस विशेष पीठ का गठन किया गया है और हम रजिस्ट्री को इस रिट याचिका को "सांसदों/विधायकों के लिए नामित अदालतों" के रूप में रिजस्टर्ड करने का निर्देश देते हैं।चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस टी. विनोद कुमार की खंडपीठ ने रजिस्ट्री को...
गार्जियनशिप मामलों में बच्चे का कल्याण सर्वोपरि: दिल्ली हाईकोर्ट ने बच्चे को "बेहतर" स्कूल में ले जाने की पिता की याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने बच्चे को "बेहतर" स्कूल में ट्रांसफर करने के लिए अपने बच्चे की मां को निर्देश देने की मांग करने वाली पिता की याचिका में कहा कि संरक्षकता के मामलों में बच्चे का कल्याण सर्वोपरि है।जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि बच्चा अपनी मां के साथ पीतमपुरा में रह रहा है और पिता द्वारा सुझाया गया स्कूल द्वारका (20 किलोमीटर दूर) में है।अदालत ने कहा,"अपीलकर्ता द्वारा मांगा गया कोई भी आदेश उस नाबालिग बच्चे की असुविधा के लिए...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद के खिलाफ आपराधिक मामला खत्म करने की राज्य की याचिका को अनुमति दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद के खिलाफ 2015 में रेलवे एक्ट के तहत दर्ज आपराधिक मामले को वापस लेने की राज्य सरकार की अर्जी स्वीकार कर ली।जस्टिस राज बीर सिंह की पीठ ने यह आदेश राज्य सरकार द्वारा दायर आपराधिक पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया, जिसमें इस साल सितंबर में अतिरिक्त सीजेएम, गोरखपुर द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी गई थी। उक्त आदेश में विशेष लोक अभियोजक द्वारा सीआरपीसी की धारा 321 के तहत डॉ. संजय कुमार निषाद के खिलाफ अभियोजन की...
झारखंड हाईकोर्ट ने रिमोट हियरिंग के लिए वर्चुअल प्लेटफॉर्म का उद्घाटन किया
झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा ने बुधवार को हाईकोर्ट के जजों, एडवोकेट जनरल और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में रिमोट हियरिंग (Remote Hearing) की सुनवाई के लिए वर्चुअल प्लेटफॉर्म का उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य दूर-दराज के स्थानों से हाईकोर्ट तक पहुंच प्रदान करना है।झारखंड हाईकोर्ट की कंप्यूटर और डिजिटलीकरण कमेटी ने ई-सर्विस सेंटर सुविधाएं खोलने का निर्णय लेकर और वर्चुअल कोर्ट कार्यवाही के लिए जिला डाल्टनगंज, दुमका और पाकुड़ से मौजूदा ई-सर्विस सेंटर के उपयोग की अनुमति...
BharatPe के साथ एम्प्लॉयमेंट एग्रीमेंट के गोपनीयता खंड का पालन करेंगे: अश्नीर ग्रोवर का दिल्ली हाईकोर्ट को आश्वासन
BharatPe के पूर्व प्रबंध निदेशक अश्नीर ग्रोवर (Confidentiality Clause) ने दिल्ली हाईकोर्ट को आश्वासन और वचन दिया कि वह उनके और फिनटेक कंपनी के बीच निष्पादित एम्प्लॉयमेंट एग्रीमेंट के गोपनीयता खंड का ईमानदारी से पालन करेंगे और उसके अनुसार कार्य करेंगे।जस्टिस सचिन दत्ता BharatPe द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें ग्रोवर को माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर फिनटेक कंपनी की गोपनीय जानकारी का खुलासा करने से रोकने के लिए तत्काल अंतरिम निषेधाज्ञा की मांग की गई थी।ग्रोवर ने 01 मार्च, 2022...
क्या सरकारी नीति को किसी व्यक्ति के नाम पर आगे बढ़ाया जा सकता है?: हाईकोर्ट ने 'आंध्र को जगन की आवश्यकता क्यों' अभियान को चुनौती देने वाली जनहित याचिका में एपी सरकार से पूछा
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों को "व्हाई एपी नीड्स जगन" नामक राजनीतिक कार्यक्रम में भाग लेने से रोकने की मांग करने वाली जनहित याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए विभिन्न स्वयं सहायता समूहों में शामिल होना अनसुना नहीं है।चीफ जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और जस्टिस आर. रघुनंदन राव की खंडपीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की:“प्रदेश की विशेष सरकार की उपलब्धियां देश के इस हिस्से के समाचार पत्रों में प्रकाशित होती हैं। हर सरकार अपनी उपलब्धियों को उजागर करने की कोशिश करती है...
अपराध की आय के अस्तित्व को दिखाए बिना जिला कलेक्टरों को ईडी समन " मछली पकड़ने जैसा अभियान' : मद्रास हाईकोर्ट
कथित रेत खनन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जिला कलेक्टरों को जारी किए गए समन पर रोक लगाते हुए, मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि ईडी ने अपराध की आय के अस्तित्व के बिना रेत खनन से संबंधित "मछली पकड़ने जैसी जांच" करने का प्रयास किया ।जस्टिस एसएस सुंदर और जस्टिस सुंदर मोहन की डिवीजन बेंच ने कथित रेत खनन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तमिलनाडु में जिला कलेक्टरों को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी किए गए समन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर बुधवार को अंतरिम आदेश पारित किए थे। हालांकि, अदालत ने...
दिल्ली हाईकोर्ट ने मौजूदा डीम्ड वनों और ऐसे वनों की कमी पर की गई कार्रवाई पर अधिकारियों से स्टेटस रिपोर्ट मांगी
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और अन्य नागरिक प्राधिकरणों से राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद "डीम्ड वनों" और ऐसे वनों की कमी पर की गई कार्रवाई पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी।शहर में डीम्ड वनों के संरक्षण से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए नीरज शर्मा द्वारा दायर की गई।जस्टिस जसमीत सिंह ने संरक्षण की निगरानी के लिए समिति के गठन पर अधिकारियों से प्रतिक्रिया भी मांगी।अदालत ने आदेश दिया,“स्टेटस रिपोर्ट में आज तक मौजूद डीम्ड वनों, डीम्ड वनों की कमी के लिए की गई कार्रवाई और दिल्ली में डीम्ड वनों के संरक्षण की...
कैंसर रोगियों और उनके माता-पिता को मुफ्त आवास सेवाएं प्रदान करने के लिए आवासीय परिसर का उपयोग करना हॉस्पिटल एक्टिविटी नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस सूरज गोविंदराज ने हाल ही में कैंसर के इलाज से गुजर रहे बच्चों और उनके माता-पिता को मुफ्त आवास सेवाओं सहित सहायक देखभाल प्रदान करने वाले गैर-लाभकारी संगठन को बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) द्वारा जारी नोटिस रद्द कर दिया।कुछ पड़ोसियों से प्राप्त शिकायत के आधार पर गैर-लाभकारी संगठन "एक्सेस लाइफ असिस्टेंस फाउंडेशन" को जारी किए गए नोटिस में कहा गया कि यह आवासीय परिसर को कैंसर अस्पताल के रूप में उपयोग कर रहा है और आवश्यक व्यापार लाइसेंस या अन्यथा के बिना इसकी अनुमति...
जब आपराधिक षडयंत्र किसी अनुसूचित अपराध से जुड़ा न हो तो प्रवर्तन निदेशालय आईपीसी की धारा 120बी का इस्तेमाल कर पीएमएलए लागू नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी के तहत दंडनीय आपराधिक षडयंत्र का अपराध धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत केवल तब अनुसूचित अपराध माना जाएगा, जब कथित षडयंत्र पीएमएलए की अनुसूची में विशेष रूप से शामिल अपराध करने की ओर निर्देशित हो।कोर्ट ने कहा,“धारा 120-बी के तहत दंडनीय अपराध तभी अनुसूचित अपराध बनेगा, जब कथित षडयंत्र अनुसूची में विशेष रूप से शामिल अपराध के लिए हो। उस आधार पर, हमने कार्यवाही रद्द कर दी है।''जस्टिस अभय एस ओक और जस्टिस...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 'तेलिया तालाब' में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध बहाल किया, कहा-कलेक्टर नगर परिषद की ओर से पहले ही लागू प्रस्ताव पर रोक नहीं लगा सकते
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मंदसौर नगर परिषद की ओर से तेलिया तालाब में मछली पकड़ने पर लगाए गए प्रतिबंध को बरकरार रखा है। कोर्ट ने हाल ही में परिषद के प्रस्ताव की समीक्षा और मछली पकड़ने का पट्टा देने के जिला कलेक्टर के निर्देश को रद्द कर दिया। बेंच ने मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम (एक परिषद के प्रस्ताव के क्रियान्वयन को निलंबित करने की कलेक्टर की शक्ति) की धारा 323 का अवलोकन किया, जिसका कलेक्टर ने इस्तेमाल किया था। बेंच ने कहा कि पहला प्रस्ताव पांच सालों से अधिक समय से साल 2012 से लागू था।कोर्ट...
मजिस्ट्रेट को एनआई एक्ट के तहत अंतरिम मुआवजे की मात्रा तय करते समय स्पष्ट आदेश पारित करना चाहिए: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने दोहराया है कि अदालतों को एनआई एक्ट के तहत अंतरिम मुआवजे की मात्रा तय करते समय एक स्पष्ट आदेश (Speaking Order) पारित करना आवश्यक है।धारा 143ए(2) का अवलोकन करते हुए, जिसमें कहा गया है कि चेक के अनादरण के मामले की सुनवाई करते समय अदालत अंतरिम मुआवजे का आदेश दे सकती है, जो चेक राशि के 1% से लेकर चेक राशि के 20% तक हो सकता है, जस्टिस पीवी कुन्हिकृष्णन ने कहा कि अदालत रकम तय करते समय कारण बताने के लिए बाध्य होगी।कोर्ट ने कहा,"अगर किसी अदालत ने एनआई एक्ट की धारा 143ए(2) में निर्धारित...
जानबूझकर अवज्ञा नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नई केस निस्तारण योजना के विरोध में हड़ताल पर रहे वकीलों के खिलाफ 2624 अवमानना मामलों को खारिज किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के सभी जिलों में हर तिमाही में 25 लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए शुरू की गई एक योजना के विरोध में अदालतों से गैर-हाज़िर रहने के लिए मार्च 2023 में अधिवक्ताओं के खिलाफ शुरू की गई स्वत: संज्ञान अवमानना कार्यवाही में 2624 अवमानना मामलों और 1938 कारण बताओ नोटिस को खारिज कर दिया। चीफ जस्टिस रवि मलिमठ और जस्टिस विशाल मिश्रा की खंडपीठ ने पाया कि वकीलों की ओर से व्यक्तिगत स्तर पर 'जानबूझकर कोई अवज्ञा' नहीं की गई थी, उन्होंने अदालत के आदेश के बजाय स्टेट बार...
अश्नीर ग्रोवर ने भारतपे के खिलाफ 'अपमानजनक' पोस्ट के लिए माफी मांगी, दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेशों का उल्लंघन करने पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
भारतपे के पूर्व प्रबंध निदेशक अश्नीर ग्रोवर ने सोशल मीडिया पर फिनटेक कंपनी के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक पोस्ट करने के लिए कल दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष माफी मांगी। उन्होंने भविष्य में इस तरह के पोस्ट नहीं करने का वचन दिया।जस्टिस रेखा पल्ली ने दिल्ली हाईकोर्ट बार क्लर्क एसोसिएशन को देय 2 लाख रुपये के जुर्माने के भुगतान के अधीन, ग्रोवर को उनकी ओर से अंडर टेकिंग का पालन करने के लिए बाध्य किया। अदालत ने कहा कि वह ग्रोवर की ओर से न्यायिक आदेशों के "लगातार उल्लंघन" को देखकर आश्चर्यचकित है।कोर्ट ने कहा,...
'तेलिया तालाब' में मछली पकड़ने पर प्रतिबंध फिर से लागू हो, कलेक्टर नगरपालिका परिषद द्वारा पहले ही लागू प्रस्ताव पर रोक नहीं लगा सकता : एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में परिषद के प्रस्ताव की समीक्षा और मछली पकड़ने का पट्टा देने के जिला कलेक्टर के निर्देश को रद्द करने के बाद मंदसौर नगर परिषद द्वारा तेलिया तालाब में मछली पकड़ने पर लगाए गए प्रतिबंध को बरकरार रखा है।धारा 323 का अवलोकन कर एमपी जिला कलेक्टर द्वारा नगरपालिका अधिनियम, 1961 ( परिषद के प्रस्ताव के निष्पादन को निलंबित करने की कलेक्टर की शक्ति) को लागू करते हुए, बेंच ने बताया कि पहला प्रस्ताव 2012 से पांच वर्षों से अधिक समय से लागू था।अदालत ने देवेंद्र कुमार पालीवाल बनाम...
एन एन ग्लोबल में संविधान पीठ का फैसला ए एंड सी अधिनियम धारा 9 के तहत अंतरिम उपाय देने की अदालत की शक्ति को प्रभावित नहीं करता भले ही मध्यस्थता समझौते या मध्यस्थता खंड वाले मुख्य समझौते पर स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान अपर्याप्त हो : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना है कि एन एन ग्लोबल मामले में संविधान पीठ का फैसला ए एंड सी अधिनियम की धारा 9 के तहत अंतरिम उपाय देने की अदालत की शक्ति को प्रभावित नहीं करता है भले ही मध्यस्थता समझौते या मध्यस्थता खंड वाले मुख्य समझौते पर स्टाम्प शुल्क का भुगतान न किया गया हो या अपर्याप्त हो ।जस्टिस भारती डांगरे की पीठ ने कहा कि ए एंड सी अधिनियम की धारा 11 या 8 के विपरीत, अधिनियम की धारा 9 के तहत शक्तियों का प्रयोग करने वाले न्यायालय को मध्यस्थता समझौते के अस्तित्व और वैधता पर निर्णय लेने की आवश्यकता...
आय से अधिक संपत्ति मामला: कर्नाटक सरकार द्वारा सीबीआई जांच के लिए सहमति वापस लेने के बाद हाईकोर्ट ने डीके शिवकुमार को चुनौती वापस लेने की अनुमति दी
कर्नाटक सरकार द्वारा सीबीआई को दी गई सहमति वापस लेने के बाद हाईकोर्ट ने डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई को मुकदमा चलाने के लिए दी गई सहमति को चुनौती देने वाली अपनी याचिका और अपील वापस लेने की अनुमति दे दी।चीफ जस्टिस पीबी वराले और जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित की खंडपीठ ने कहा कि जीओ को किसी भी चुनौती के अभाव में वह सहमति वापस लेने के सरकार के फैसले पर टिप्पणी नहीं कर सकती।सीबीआई और एक हस्तक्षेपकर्ता की ओर से पेश वकील दोनों ने तर्क दिया कि जीओ कांग्रेस नेता के हितों की...
नग्नता और राष्ट्रीय ध्वज का अनादर दिखाने वाली तस्वीर; प्रथम दृष्टया मामला तब बनता है जब आरोपी एडमिन बना रहा और व्हाट्सएप ग्रुप नहीं छोड़ा: एमपी हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि जब आरोपी ने उस व्हाट्सएप ग्रुप को नहीं छोड़ा, जहां आपत्तिजनक सामग्री शेयर की गई और ग्रुप एडमिन के रूप में बना रहा। इस तरह के कारण उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला स्थापित करने के लिए पर्याप्त होंगे।जस्टिस प्रेम नारायण सिंह की एकल न्यायाधीश पीठ ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 124ए, 153ए और 295ए, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67ए और धारा 4 सपठित महिलाओं का अश्लील प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम, 1986 की धारा 6 के तहत तहत अपराधों के लिए दायर एफआईआर...
केरल विस्फोटों के बाद पोस्ट को लेकर मामला रद्द करने के लिए केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने हाईकोर्ट का रुख किया, अदालत ने कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया
केरल हाईकोर्ट ने कलमासेरी बम विस्फोटों के बाद राज्य में कथित रूप से भड़काऊ टिप्पणी करने और धार्मिक विद्वेष पैदा करने के लिए केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आज आदेश दिया।जस्टिस सी.एस. डायस (एमपी/एमएलए के लिए विशेष न्यायाधीश) ने अंतरिम आदेश जारी कर निर्देश दिया कि 14 दिसंबर, 2023 तक मंत्री के खिलाफ कोई दंडात्मक कदम नहीं उठाया जाएगा।सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी मंत्री की ओर से पेश हुए और तर्क दिया कि उन्होंने राज्य में नफरत या धार्मिक वैमनस्य को बढ़ावा...




















