मुख्य सुर्खियां

अनुच्छेद 12 के तहत क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम राज्य नहीं है, इसके खिलाफ रिट याचिका सुनवाई योग्यता नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
अनुच्छेद 12 के तहत क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम राज्य नहीं है, इसके खिलाफ रिट याचिका सुनवाई योग्यता नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना है कि क्षेत्रीय श्री गांधी आश्रम के खिलाफ रिट याचिका सुनवाई योग्य नहीं है, क्योंकि यह भारत के संविधान के अनुच्छेद 12 के तहत राज्य नहीं है, क्योंकि आश्रम के कार्यों को विनियमित करने या राज्य को इसके मामलों को नियंत्रित करने का अधिकार देने वाला कोई कानून नहीं है।जस्टिस जे.जे. मुनीर ने सुरेश राम बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और राम बचन सिंह बनाम मुख्य कार्यकारी अधिकारी खादी ग्रामोद्योग एवं अन्य के निर्णयों पर भरोसा किया, जहां इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना है कि श्री गांधी आश्रम,...

पत्नी द्वारा पति के साथ शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना क्रूरता के समान: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
पत्नी द्वारा पति के साथ शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना क्रूरता के समान: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी द्वारा पति के साथ शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना पति के साथ क्रूरता के समान है।एक्टिंग चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस अमर नाथ (केशरवानी) की खंडपीठ ने हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13-1 (आई-ए) और (आई-बी) के तहत तलाक के लिए पति के आवेदन स्वीकार करने वाला फैमिली कोर्ट का आदेश बरकरार रखते हुए यह टिप्पणी की।संक्षेप में मामलापति ने जनवरी 2018 में अपीलकर्ता/पत्नी द्वारा क्रूरता और परित्याग के आधार पर प्रधान न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट, सतना के समक्ष तलाक की याचिका...

गुजरात हाईकोर्ट ने रिलीज को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से पहले महाराज फिल्म देखने का फैसला किया
गुजरात हाईकोर्ट ने रिलीज को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से पहले 'महाराज' फिल्म देखने का फैसला किया

गुजरात हाईकोर्ट ने भगवान कृष्ण के भक्तों और पुष्टिमार्ग संप्रदाय के अनुयायियों की ओर से फिल्म की रिलीज को चुनौती देने वाली याचिका पर आगे की सुनवाई से पहले एक्टर आमिर खान के बेटे जुनैद खान अभिनीत फिल्म 'महाराज' देखने का फैसला किया।फिल्म की रिलीज पर अस्थायी रोक को बढ़ाते हुए जस्टिस संगीता के. विसेन की पीठ ने ओपन कोर्ट में टिप्पणी की कि वह न्याय के हित में फिल्म देख रही है। यह यशराज फिल्म्स और नेटफ्लिक्स द्वारा न्यायालय के समक्ष रखे गए सुझावों के अनुरूप है।गौरतलब है कि यशराज फिल्म्स द्वारा निर्मित...

न्यायालय पशुओं के कल्याण के लिए निहित अधिकार क्षेत्र का प्रयोग कर सकता है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
न्यायालय पशुओं के कल्याण के लिए निहित अधिकार क्षेत्र का प्रयोग कर सकता है: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने अपनी रजिस्ट्री को 195 गोजातीय पशुओं की अवैध हिरासत को चुनौती देने वाली और उन्हें पेश करने की प्रार्थना करने वाली याचिका को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।जस्टिस यू दुर्गा प्रसाद और जस्टिस सुमति जगदम की खंडपीठ के समक्ष यह मामला सूचीबद्ध किया गया, जिससे 195 कथित अवैध रूप से हिरासत में लिए गए पशुओं को पेश करने के लिए दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की स्वीकार्यता के संबंध में कार्यालय की आपत्तियों पर सुनवाई की जा सके।खंडपीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि जब तक पशुओं के कल्याण...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने हिजाब प्रतिबंध को चुनौती देने वाली स्टूडेंट की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हिजाब प्रतिबंध को चुनौती देने वाली स्टूडेंट की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

मुंबई के एनजी आचार्य और डीके मराठे कॉलेज ने बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया कि परिसर में हिजाब, नकाब, बुर्का, स्टोल, टोपी आदि पर प्रतिबंध लगाने का उद्देश्य धार्मिक प्रतीकों के प्रदर्शन से बचना है, जब तक कि यह धर्म के मौलिक अधिकार का हिस्सा न हो जैसे कि सिखों के लिए पगड़ी।कॉलेज प्रबंधन के लिए सीनियर एडवोकेट अनिल अंतुरकर ने कहा,“और यह केवल मुसलमानों के मामले में ही नहीं है जैसा कि उनके द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से सुझाया गया। यह सभी के लिए है। कॉलेज का कहना है कि आपको धार्मिक प्रतीकों का खुलासा...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म हमारे बारह के कुछ अंशों को हटाने का आदेश दिया, फिल्म रिलीज की अनुमति दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म 'हमारे बारह' के कुछ अंशों को हटाने का आदेश दिया, फिल्म रिलीज की अनुमति दी

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को फिल्म 'हमारे बारह' को 21 जून, 2024 को रिलीज करने की अनुमति दी, क्योंकि निर्माताओं ने फिल्म में कुछ बदलाव करने पर सहमति जताई।जस्टिस बीपी कोलाबावाला और जस्टिस फिरदौस पूनीवाला की खंडपीठ ने रिट याचिका पर यह आदेश पारित किया, जिसमें इस आधार पर फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई कि यह इस्लाम और मुसलमानों के लिए अपमानजनक है।पीठ ने कहा कि वह अपने आदेश में निम्नलिखित तरीके से बदलावों को दर्ज करेगी,"न्यायालय के सुझावों के अनुसार, और जो सभी पक्षों को स्वीकार्य है, निम्नलिखित...

न्यायालय आपराधिक कार्यवाही रद्द करने के लिए एफआईआर से परे देख सकता है, जब वे प्रकृति में परेशान करने वाले या प्रतिशोध लेने के लिए शुरू किए गए हों: केरल हाईकोर्ट
न्यायालय आपराधिक कार्यवाही रद्द करने के लिए एफआईआर से परे देख सकता है, जब वे प्रकृति में परेशान करने वाले या प्रतिशोध लेने के लिए शुरू किए गए हों: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट के जज जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने माना कि न्यायालय आपराधिक कार्यवाही रद्द करने के लिए एफआईआर से परे देख सकता है, जब वे स्पष्ट रूप से परेशान करने वाले, तुच्छ हों या प्रतिशोध लेने के गुप्त उद्देश्य से शुरू किए गए हों। न्यायालय ने कहा कि जब शिकायतकर्ता बाहरी कारणों से प्रेरित होता है तो वह यह सुनिश्चित कर सकता है कि एफआईआर में कथित अपराध के आवश्यक तत्व शामिल हों।न्यायालय ने कहा,“इसलिए न्यायालय के लिए केवल एफआईआर/शिकायत में किए गए कथनों को देखना पर्याप्त नहीं होगा, जिससे यह पता लगाया जा सके...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कुत्ते के काटने के मामलों में न्यूनतम मुआवजे के लिए न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर अवमानना ​​याचिका पर नोटिस जारी किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कुत्ते के काटने के मामलों में न्यूनतम मुआवजे के लिए न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर अवमानना ​​याचिका पर नोटिस जारी किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कुत्ते के काटने के मामले में प्रति दांत 10,000 रुपये का न्यूनतम मुआवजा देने के हाईकोर्ट के आदेश का कथित रूप से पालन न करने पर कड़ा रुख अपनाया।अवमानना ​​नोटिस जारी करते हुए जस्टिस राजबीर सहरावत ने कहा,"यह स्पष्ट किया जाता है कि न्यायालय गैर-अनुपालन के लिए किसी भी औचित्य को स्वीकार नहीं करेगा, भले ही वह कुछ कथित सत्य तथ्यों पर आधारित हो। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि भले ही कहीं कोई अपील लंबित हो, उसे भी गैर-अनुपालन के औचित्य के रूप में नहीं लिया जाएगा, जब तक कि अपीलीय...

जब तथ्यों से प्रथम दृष्टया आपराधिक अपराध का पता चलता है तो सिविल उपाय का लाभ उठाना आपराधिक कार्यवाही रद्द करने का आधार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट
जब तथ्यों से प्रथम दृष्टया आपराधिक अपराध का पता चलता है तो सिविल उपाय का लाभ उठाना आपराधिक कार्यवाही रद्द करने का आधार नहीं: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने दोहराया कि सिविल उपाय का लाभ उठाना अपने आप में उन तथ्यों के संबंध में दायर आपराधिक शिकायत रद्द करने का आधार नहीं बनता है, जो न केवल सिविल गलत बल्कि आपराधिक अपराध भी बनाते हैं।न्यायालय ने कहा,"केवल इस तथ्य के आधार पर कि शिकायतकर्ता के पास सिविल उपाय था और उसने उस उपाय का लाभ भी उठाया, याचिकाकर्ता के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की शुरुआत को आरोपित एफआईआर में जांच के प्रारंभिक चरण में रद्द करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।"जस्टिस सुदेश बंसल की पीठ याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज एफआईआर...

3 साल की बच्ची को शायद ही समझ में आए कि कोई व्यक्ति उसके गुप्तांग को छू रहा है, उसे डर लगेगा: सिक्किम हाईकोर्ट
3 साल की बच्ची को शायद ही समझ में आए कि कोई व्यक्ति उसके गुप्तांग को छू रहा है, उसे डर लगेगा: सिक्किम हाईकोर्ट

सिक्किम हाईकोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act) के तहत अपीलकर्ता की सजा के खिलाफ आपराधिक अपील पर फैसला करते हुए कहा कि "हमारे विचार से साढ़े तीन साल की बच्ची को शायद ही समझ में आए कि कोई व्यक्ति उसके गुप्तांग को छू रहा है, उसे कैसे डर लगेगा कि यह यौन उत्पीड़न है, यह वास्तव में आश्चर्यजनक और अविश्वसनीय है।" विशेष ट्रायल कोर्ट ने साढ़े तीन साल की बच्ची के खिलाफ यौन उत्पीड़न करने के लिए POCSO Act की धारा 5(m) के तहत अपीलकर्ता को दोषी ठहराया था।जस्टिस मीनाक्षी मदन राय...

जाली दस्तावेज: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NEET अभ्यर्थी की फटी हुई ओएमआर शीट याचिका खारिज की
'जाली दस्तावेज': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NEET अभ्यर्थी की 'फटी हुई ओएमआर शीट' याचिका खारिज की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को NEET अभ्यर्थी (आयुषी पटेल) द्वारा दायर रिट याचिका खारिज की (दबाव न डाले जाने पर), जब यह पता चला कि उसने अपनी याचिका में जाली दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसमें आरोप लगाया गया कि NTA उसका परिणाम घोषित करने में विफल रहा। अपनी याचिका में अभ्यर्थी ने यह भी दावा किया कि उसकी ओएमआर उत्तर पुस्तिका फटी हुई थी।जस्टिस राजेश सिंह चौहान की पीठ ने याचिकाकर्ता की याचिका खारिज की और इसे "वास्तव में खेदजनक स्थिति" माना कि उसने जाली और काल्पनिक दस्तावेज संलग्न करते हुए याचिका दायर...

सिक्किम हाईकोर्ट ने POCSO Act के तहत दोषसिद्धि बरकरार रखी, कहा- 6 वर्षीय पीड़िता की कम उम्र के बावजूद उसकी गवाही उत्कृष्ट
सिक्किम हाईकोर्ट ने POCSO Act के तहत दोषसिद्धि बरकरार रखी, कहा- 6 वर्षीय पीड़िता की कम उम्र के बावजूद उसकी गवाही उत्कृष्ट

सिक्किम हाईकोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act) के तहत दोषसिद्धि बरकरार रखी। इसमें कहा गया कि मुकदमे के दौरान पीड़िता की गवाही सत्य है और दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किए गए उसके बयान के अनुरूप है।जस्टिस मीनाक्षी मदन राय और जस्टिस भास्कर राज प्रधान की खंडपीठ बारह वर्ष से कम उम्र की बच्ची पर गंभीर यौन उत्पीड़न के लिए स्पेशल ट्रायल कोर्ट द्वारा POCSO Act की धारा 5(एम) और धारा 5(एल) के तहत उसकी दोषसिद्धि के खिलाफ...

पुलिस को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि आरोपी पुलिस की इच्छानुसार जवाब देगा: कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपहरण मामले में प्रज्वल रेवन्ना की मां को अग्रिम जमानत दी
'पुलिस को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि आरोपी पुलिस की इच्छानुसार जवाब देगा': कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपहरण मामले में प्रज्वल रेवन्ना की मां को अग्रिम जमानत दी

कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रज्वल रेवन्ना की मां भवानी रेवन्ना को अग्रिम जमानत दी। उन पर महिला के अपहरण का आरोप है।जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित की एकल न्यायाधीश पीठ ने आदेश सुनाते हुए टिप्पणी की,"मैंने महिला को अनावश्यक या टालने योग्य हिरासत से बचाने में कदम आगे बढ़ाया है। हमारे सामाजिक ढांचे में वे परिवार का केंद्र हैं।"पीठ ने कहा कि हालांकि राज्य ने उनकी ओर से असहयोग का आरोप लगाया है, लेकिन भवानी रेवन्ना ने उनसे पूछे गए सभी 85 सवालों के जवाब दिए हैं।पीठ ने कहा,"पुलिस को यह उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि आरोपी...

दिव्यांगता अधिनियम के तहत आयुक्त किसी भी कर्मचारी के रिटायरमेंट पर रोक नहीं लगा सकते: राजस्थान हाईकोर्ट ने दोहराया
दिव्यांगता अधिनियम के तहत आयुक्त किसी भी कर्मचारी के रिटायरमेंट पर रोक नहीं लगा सकते: राजस्थान हाईकोर्ट ने दोहराया

राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस समीर जैन की पीठ ने दोहराया है कि दिव्यांग व्यक्ति (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण और पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 (Disabilities Act) के तहत आयुक्त को किसी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति पर रोक लगाने के लिए अंतरिम निर्देश पारित करने का अधिकार नहीं है।न्यायालय राजस्थान लोक सेवा आयुक्त द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें दिव्यांगता अधिनियम के तहत आयुक्त द्वारा पारित आदेश इस आधार पर रद्द करने का निर्देश देने की मांग की गई कि आयुक्त के पास ऐसे आदेश पारित करने का कोई...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने टॉयलेट वाल पर मोबाइल नंबर लिखने के मामले में एफआईआर रद्द करने से किया इनकार, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने का है आरोप
कर्नाटक हाईकोर्ट ने टॉयलेट वाल पर मोबाइल नंबर लिखने के मामले में एफआईआर रद्द करने से किया इनकार, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने का है आरोप

कर्नाटक हाईकोर्ट ने व्यक्ति के खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही रद्द करने से इनकार किया। उक्त व्यक्ति ने कथित तौर पर बैंगलोर के मैजेस्टिक बस स्टैंड पर पुरुषों के टॉयलेट वाल पर विवाहित महिला का नंबर लिखकर उसे "कॉल गर्ल" कहा था। इसके बाद उसे कई नंबरों से अजीबो-गरीब समय पर अप्रत्याशित कॉल आने लगे, जिसमें उसकी जान को भी खतरा बताया गया।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने अल्ला बक्शा पटेल द्वारा दायर याचिका खारिज किया और कहा,"आज के डिजिटल युग में किसी को शारीरिक नुकसान पहुंचाने की ज़रूरत नहीं है,...

लोक अदालत का मतलब है त्वरित और किफायती न्याय: कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने पोर्ट ब्लेयर में राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन किया
लोक अदालत का मतलब है त्वरित और किफायती न्याय: कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने पोर्ट ब्लेयर में राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन किया

कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस शिवगनम ने हाल ही में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर, मायाबंदर और डिगलीपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन किया।चीफ जस्टिस ने बताया कि लोक अदालतें त्वरित और किफायती न्याय की कुंजी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत की पीठों और मामलों की संख्या के बारे में भेजे गए आंकड़ों से पता चलता है कि SLSA और DSLA ने सभी हितधारकों के सहयोग से बहुत अच्छा काम किया।चीफ जस्टिस ने कहा,"छह पीठों का गठन किया गया। लोक अदालत के लिए 1500 से अधिक मामले भेजे गए।...

आपराधिक अपीलों की लंबी सूची सुनवाई के लिए लंबित: राजस्थान हाईकोर्ट ने 10 साल की सजा काट चुके आजीवन कारावास के दोषी की सजा निलंबित की
आपराधिक अपीलों की लंबी सूची सुनवाई के लिए लंबित: राजस्थान हाईकोर्ट ने 10 साल की सजा काट चुके आजीवन कारावास के दोषी की सजा निलंबित की

राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा पाए व्यक्ति की सजा निलंबित की। कोर्ट ने मामले में उसकी अपील लंबित रहने तक उसे जमानत पर रिहा किया। व्यक्ति ने धारा 389, सीआरपीसी के तहत आवेदन दायर किया था, जिसमें तर्क दिया गया कि वह 10 साल से अधिक समय से हिरासत में है और निकट भविष्य में अपील पर सुनवाई होने की कोई संभावना नहीं है।धारा 389 सीआरपीसी में प्रावधान है कि यदि किसी ऐसे मामले में अपील लंबित है, जिसमें किसी व्यक्ति को दोषी ठहराया गया है तो अपीलीय अदालत उस व्यक्ति की सजा निलंबित...

टेरर फंडिंग केस: PMLA मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को मिली वैधानिक जमानत
टेरर फंडिंग केस: PMLA मामले में कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को मिली वैधानिक जमानत

दिल्ली की एक कोर्ट ने हाल ही में कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को आतंकी फंडिंग मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वैधानिक जमानत दे दी थी।पटियाला हाउस अदालत के एडिसनल जज धीरज मोर ने कहा कि अन्य मामले जिनमें शाह हिरासत में है, वे बहुत गंभीर प्रकृति के हैं, लेकिन जब उन्हें किसी भी अपराध में दोषी नहीं ठहराया गया है, तो उन्हें वैधानिक जमानत देने से इनकार करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हो सकता है। कोर्ट ने कहा, "भले ही उन्हें इस मामले में जमानत दे दी जाती है, लेकिन उन्हें 24.07.2024 से...