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राजद्रोह के आरोपी कश्मीरी छात्रों की पैरवी नहीं करने के लिए हुबली बार एसोसिएशन ने प्रस्ताव पास किया

LiveLaw News Network
17 Feb 2020 10:28 AM GMT
राजद्रोह के आरोपी कश्मीरी छात्रों की पैरवी नहीं करने के लिए हुबली बार एसोसिएशन ने प्रस्ताव पास किया
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हुबली बार एसोसिएशन ने शनिवार 15 फरवरी को एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें यह निर्णय लिया गया है कि पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार कश्मीर के तीन छात्रों की पैरवी बार का कोई सदस्य नहीं करेगा। कश्मीर के इन तीन छात्रों को राजद्रोह के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था।

शहर के एक कॉलेज में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे तीन आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार किया गया और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने राजद्रोह के आरोपियों को 2 मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

बार एसोसिएशन के महासचिव, गुरु एफ हिरमथ ने कहा, "प्रस्ताव को सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित किया।"

एसोसिएशन में लगभग 1600 सदस्य हैं। प्रस्ताव के अनुसार आरोपी ने देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और इस तरह यह तय किया है कि कोई भी वकील उनके लिए मामले की पैरवी करने के लिए पेश नहीं होगा।

हाल ही में मैसूर बार एसोसिएशन ने भी इसी तरह का एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें कहा गया था कि बार के सभी सदस्य आरोपी नलिनी बालाकुमार के लिए पेश नहीं होंगे। नलिनी पर विरोध प्रदर्शन के दौरान फ्री कश्मीर, तख्ती लहराने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 124A के तहत देशद्रोह का आरोप लगाया गया था।

नलिनी के लिए अदालत में पैरवी न करने का प्रस्ताव पास करने की खबर फैलते ही राज्य भर से लगभग 170 अधिवक्ताओं ने नलिनी के लिए वकालतनामा दायर किया था। बाद में नलिनी को सत्र न्यायालय से अग्रिम जमानत मिली।

एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों को शनिवार को पाकिस्तान समर्थक नारे लगाने और पुलवामा आतंकवादी हमले की पहली बरसी पर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए गिरफ्तार किया गया था।




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