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कर्नाटक हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से कहा, बहुत अर्जेंट नहीं होने के आधार पर ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई को न टालें
कर्नाटक हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से कहा है कि वह मामले की तह में जाए बिना इस आधार पर ज़मानत की अर्ज़ी पर सुनवाई को नहीं टाले कि मामला बहुत ज़रूरी नहीं है। न्यायमूर्ति मोहम्मद नवाज़ ने कहा, "क़ानून के अनुरूप ज़मानत की अर्ज़ी पर विचार एक अधिकार है, जिसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार में समाहित किया जा सकता है।" आरोपी इलियाज खान को लॉकडाउन के दौरान 4 अप्रैल को आईपीसी की धारा 341, 353, 504 के तहत गिरफ़्तार किया गया था। उसे एक महीना से अधिक समय तक जेल में रखा गया। ज़िला अदालत...
एडवोकेट के क्लर्कों की संस्था की वित्तीय मदद की मांग वाली याचिका पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और कर्नाटक बार काउंसिल को नोटिस जारी किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को कर्नाटक राज्य और कर्नाटक बार काउंसिल को नोटिस जारी कर एडवोकेटों के क्लर्कों की संस्था द्वारा वित्तीय मदद की मांग करने वाली याचिका पर उनका जवाब मांगा है। कोरोना माहामारी के कारण अदालत का काम काज ठप हो जाने की वजह से एडवोकेटों के क्लर्कों की वित्तीय स्थिति ख़राब हो गई है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अभय ओक और न्यायमूर्ति शिवशंकर अमरन्नवर की पीठ इस मामले की सुनवाई 15 मई को करेगी। याचिकाकर्ता के एडवोकेट मूर्ती दयानंद नाइक को निर्देश दिया गया है कि वह इस याचिका की...
सीआरपीसी की धारा 427 के तहत 'पहले से सजा भुगत रहा है' का मतलब सजा के वारंट के क्रियान्वयन के बाद शारीरिक हिरासत हैः मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 427 के तहत दिए गए एक वाक्यांश "पहले से ही सजा भुगत रहा है" की व्याख्या की है और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मूल अधिकार के साथ संतुलित करन का प्रयास किया है। सीआरपीसी की धारा 427 उन परिस्थितियों से संबंधित है, जहां पहले से ही सजा भुगत रहे दोषी को दूसरे अपराध में सजा सुनाई जाए। धारा 427 (1) में कहा गया है कि बाद की सजा आमतौर पर पिछले सजा की निरंतरता में यानी क्रमवार होती है, - अर्थात बाद की...
वकीलों को भूखा रहने के लिए छोड़ा नहीं जा सकता : जूनियर वकीलों को स्टाइपेंड देने के सरकारी आदेश को लागू करने में देरी के लिए केरल हाईकोर्ट ने बार काउंसिल की खिंचाई की
केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को स्टेट बार काउंसिल की 2018 के सरकारी आदेश के कार्यान्वयन में "गंभीर देरी" के लिए खिंचाई की। इस आदेश के तहत जूनियर वकीलों को 5000 / - रुपये के मासिक स्टाइपेंड का भुगतान करने की मंजूरी दी गई थी, लेकिन स्टेट बार काउंसिल ने आदेश के कार्यान्वयन में देर की। न्यायमूर्ति पी गोपीनाथ की एकल-न्यायाधीश पीठ ने मामले पर प्रतिवादी के वकील को निर्देश देते हुए टिप्पणी की, "सरकारी आदेश 2018 में जारी किया गया था। हम अब 2020 में हैं ... वकीलों को भूखा रहने के लिए छोड़ा नहीं जा...
14 दिनों की क्वारंटीन अवधि प्रत्येक मामले में अनिवार्य नहीं, यह एक सामान्य दिशानिर्देश बनाने का साधन : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि 14 मार्च की होम क्वारंटाइन दिशानिर्देश और COVID19 Regulations of 2020 में निर्धारित 14 दिनों की अवधि अनिवार्य नहीं है, लेकिन एक सामान्य दिशानिर्देश बनाने का साधन है। न्यायमूर्ति हरि शंकर की एकल पीठ ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के सिद्धांतों को संतुलित करने के लिए यह भी कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति, जिसमें COVID-19 के लक्षण नहीं आए हैं और उसका COVID-19 वायरस का टेस्ट भी नेगेटिव आया है। उसके बावजूद भी अगर उसे 14 दिन के लिए घर में क्वारंटीन किया...
सुप्रीम कोर्ट का सीमा विस्तार का आदेश सेक्शन 167(2) सीआरपीसी के तहत डिफॉल्ट जमानत के अधिकार को प्रभावित नहीं करताः उत्तराखंड हाईकोर्ट
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अभियुक्त के अविलोप्य अधिकारों, कि 60 या 90 दिनों की हिरासत की समाप्ति के बाद उसे डिफॉल्ट जमानत पर रिहा किया जाए, पर जोर देते हुए मंगलवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा COVID-19 के मद्देनजर मामले दर्ज करने की सीमा अवधि के विस्तार का सामान्य आदेश, सीआरपीसी की धारा 167 (2) के तहत अभियुक्त की डिफॉल्ट जमानत के अधिकार को प्रभावित नहीं करेगा। जस्टिस आलोक कुमार वर्मा ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि सीमा विस्तार के आदेश का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने पुलिस जांच की अवधि 60 या 90...
गर्भवती लड़की को कलेक्टर उचित आश्रय, सुरक्षा एवं नि:शुल्क उपचार प्रदान करें', मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पिता की अपनी बेटी का गर्भपात कराने की अपील खारिज की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने मंगलवार (12-मई-2020) को इंदौर के कलेक्टर को यह आदेश देते हुए गर्भवती महिला के पिता की रिट अपील को ख़ारिज कर दिया कि लड़की को उचित आश्रय प्रदान किया जायेगा और उसे संपूर्ण उपचार, राज्य द्वारा नि:शुल्क प्रदान किया जाएगा, क्योंकि वह गर्भावस्था के अग्रिम चरण में है और एक या दो सप्ताह के भीतर वह एक बच्चे को जन्म देने वाली है।न्यायमूर्ति एस. सी. शर्मा और न्यायमूर्ति शैलेन्द्र शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश जारी करते हुए लड़की के पिता द्वारा, एकल पीठ द्वारा सुनाये...
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के प्रमुख ज़फरुल इस्लाम को कठोर कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के प्रमुख जफरुल इस्लाम खान को मामले की अगली सुनवाई तक किसी भी कठोर कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण दिया। न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी की एकल पीठ ने कहा कि सुनवाई की अगली तारीख तक दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के प्रमुख के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जा सकती। एडवोकेट वृंदा ग्रोवर के माध्यम से दायर याचिका में झूठे, जानबूझकर और अपुष्ट मामले से बचाव के लिए ज़मानत देने का आग्रह किया गया था।याचिका में कहा गया था कि दिल्ली पुलिस ने खान के ख़िलाफ़ आईपीसी की...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने अधीनस्थ अदालतों के न्यायाधीशों को काला कोट/गाउन पहनने से छूट दी, वकीलों को भी काला कोट पहनने से छूट
गर्मी के मौसम के मद्देनजर बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र, गोवा, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव के अधीनस्थ न्यायालयों के सभी न्यायाधीशों को काले कोट और गाउन पहनने से छूट देने का फैसला किया है। इससे पहले काला कोट पहनने से छूट दी गई थी। यह स्पष्ट किया गया है कि जजों ने डायस आते समय कोट या गाउन पहनना पड़ सकता है। 11 मई को इस संदर्भ में जारी नोटिस पर दिनेश शर्मा, रजिस्ट्रार (निरीक्षण) द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं। जिलों के सभी प्रधान न्यायाधीशों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों के सभी...
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने वकीलों के दिल्ली से बाहर आने जाने की अनुमति के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की
वकीलों के इंटर स्टेट आवाजाही की अनुमति की मांग करते हुए बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (बीसीडी) ने दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दाखिल की। इसमें अदालत से निर्देशों की मांग की गई कि वकीलों को अदालतों और कार्यालयों में जाने के लिए दिल्ली से बाहर जाने की अनुमति दी जाए। बीसीडी चेयरमैन केसी मित्तल के माध्यम से दायर याचिका में हरियाणा और उत्तर प्रदेश के साथ दिल्ली की सीमा को सील करने के फैसले को चुनौती दी गई है, जिससे एनसीआर क्षेत्र में रहने वाले वकीलों के लिए दिल्ली में स्थित अदालतों और उनके...
"क्या मंदिर समिति किसी गैर-धार्मिक उद्देश्य के लिए दान कर सकती है?" केरल हाईकोर्ट ने गुरुवयूर देवास्वोम द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में दान करने के खिलाफ याचिका को बड़ी पीठ के पास भेजा
केरल हाईकोर्ट ने संदेह जताया है कि क्या गुरुवयूर मंदिर की प्रबंध समिति गैर-धार्मिक उद्देश्यों के लिए दान कर सकती है? इसी के साथ हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया है कि वह इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखें ताकि इस मामले को बड़ी पीठ के पास भेजा जा सके। न्यायमूर्ति शाजी पी चैली और न्यायमूर्ति एमआर अनीथा की खंडपीठ इस मामले में हिंदू भक्तों की तरफ से दायर उन कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी,जो COVID-19 स्थिति के मद्देनजर पांच मई 2020 को गुरुवयूर देवास्वोम...
"पुलिस ने अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर काम किया" : केरल हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी 7 साल से कम उम्र के बच्चों के ख़िलाफ़ आपराधिक सुनवाई स्थगित की
केरल हाईकोर्ट ने बलात्कार के एक मामले में जुवेनाइल जस्टिस अधिनियम के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाते हुए सात साल से कम उम्र के तीन बच्चों के ख़िलाफ़ आपराधिक सुनवाई को स्थगित कर दिया। अदालत ने सभी संबंधित अधिकारियों से इस मामले को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश करने को कहा है। इस मामले को एक रिट याचिका द्वारा हाईकोर्ट के संज्ञान में लाया गया जिसमें आरोपी बच्चों के ख़िलाफ़ मामले को आईपीसी की धारा 82 के तहत "अपराध करने की स्थिति में नहीं होने" के आधार पर निरस्त करने की मांग की गई। इस मामले में...
सब्ज़ी और किराना की सभी दुकानों को बंद करने के अहमदाबाद निगम आयुक्त के आदेश के ख़िलाफ़ गुजरात हाईकोर्ट में याचिका
अहमदाबाद निगम आयुक्त के सभी दुकानों/पार्लरों को 9 दिनों के लिए बंद करने के आदेश के ख़िलाफ़ गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। इस आदेश के अनुसार सिर्फ़ दूध और दवा बेचने वाली दुकानें ही खुली रहेंगी। अहमदाबाद निगम आयुक्त ने 6 मई को एक सर्कुलर जारी किया जिसमें सब्ज़ी और किराने की सभी दुकानों को बंद करने का आदेश दिया गया और कहा गया कि सिर्फ़ दूध और दावा की दुकानें ही खुली रहेंगी। यह आदेश को 7 मई से 15 मई तक लागू रहेगा। यह आदेश 6 मई को 5 बजे शाम को जारी किया गया। यह याचिका एडवोकेट नील...
एयर इंडिया कर्मचारी एसोसिएशन ने लॉकडाउन के दौरान 10% वेतन काटने के ख़िलाफ़ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की
एयर इंडिया के तीन कर्मचारी संगठनों ने लॉकडाउन के दौरान 10% वेतन काटने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस याचिका में इंडियन पाइलट्स गिल्ड, एयर इंडिया एयरक्राफ़्ट इंजीनियर्स एसोसिएशन ने कहा है कि मार्च महीने में वेतन में कटौती ग़ैरक़ानूनी है क्योंकि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत केंद्र सरकार ने जो आदेश दिए हैं उसमें COVID-19 की वजह से वेतन में कटौती नहीं करने को कहा गया है, लेकिन कंपनी ने वेतन काटा है। 1 मार्च से 24 के बीच भ कर्मचारियों का वेतन 10% काटा गया था। ...
लॉकडाउन - पुलिस को पालतू जानवर और बीमार पशुओं को पशु डॉक्टर के पास ले जाने वाले वाहनों को नहीं रोकना चाहिए : बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह पुलिस प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दे कि वह बीमार जानवरों को पशु चिकित्सकों के पास ले जाने और वहां से वापस लाने के काम में लगी पालतू जानवरों की टैक्सी या एंबुलेंस को न रोंके। वहीं हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि वह स्पष्ट करें कि क्या वर्तमान लाॅकडाउन में पालतू जानवरों के मालिकों को अपने कुत्ते/पालतू जानवर को टहलाने के लिए ले जाने की अनुमति है? न्यायमूर्ति एससी गुप्ते ने इस मामले में पुणे की एक पशु कल्याण कार्यकर्ता विनीता टंडन की तरफ...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा, COVID-19 से लड़ने के लिए इलाहाबाद शहर के अस्पताल कितने तैयार?
बीते 7 मई 2020 (गुरूवार) को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य के विभिन्न क्वारंटीन केंद्रों की अस्वच्छता और अमानवीय स्थितियों के बारे में संज्ञान लिया था।COVID 19 : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने क्वारंटीन केंद्रों की अस्वच्छता पर स्वत: संज्ञान लिया मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की एक खंडपीठ ने क्वारंटीन केंद्रों पर "दयनीय परिस्थितियों" को उजागर करते हुए हाईकोर्ट के अधिवक्ता गौरव के द्वारा भेजे गए ई-मेल के आधार पर एक जनहित याचिका दर्ज की थी।अधिवक्ता गौरव ने अदालत...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल में बंद एलएलबी छात्र को ऑनलाइन परीक्षा के लिए बाहर से लैपटॉप मंगाने की अनुमति दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 8 मई 2020 को दिए एक आदेश में एक याचिकाकर्ता-छात्र को जेल से ही अपनी यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित ऑनलाइन क्विज परीक्षा में उपस्थित होने के लिए बाहर से जेल मेंं लैपटॉप मंगाने की अनुमति दे दी। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने अपने आदेश में यह कहा कि याचिकाकर्ता-छात्र की ओर से किसी व्यक्ति द्वारा लैपटॉप एवं चार्जर जिला जेल, लखनऊ के सीनियर अधीक्षक के कार्यालय में सौंपा जायेगा। गौरतलब है कि इस अनुमति के बाद छात्र, अपने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ऑनलाइन क्विज...
COVID-19 के कारण रिहाई : क्या निचली अदालत ज़मानत देने से इनकार कर सकती है, जबकि अंडर ट्रायल कैदी राज्य के निर्देशों के अनुसार ज़मानत पाने का हकदार है, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पूछा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कल्याण डोंबिवली के पूर्व बीजेपी पार्षद महेश बाबूराव पाटिल की जमानत के मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया। पाटिल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया क्योंकि उसकी जमानत की अर्जी को सेशंस कोर्ट ने मेरिट के आधार पर खारिज कर दी थी। पाटिल ने कहा कि वह COVID-19 महामारी के दौरान किए गए उपायों के तहत रिहाई के लिए गठित हाई पावर कमेटी द्वारा जारी राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ज़मानत पर रिहा होने के योग्य है। न्यायमूर्ति भारती डांगरे ने 23 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के...
हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद राजस्थान में ट्रायल कोर्ट न्यायिक आदेश में जाति के नाम का उल्लेख कर रहे हैं
पिछले माह एक न्यायिक आदेश में जाति के नाम के उल्लेख के विवाद के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने 27 अप्रैल को एक आदेश जारी किया कि किसी भी व्यक्ति जिसमें अभियुक्त भी शामिल हैं, उसकी जाति का किसी भी न्यायिक या प्रशासनिक मामले में उल्लेख नहीं किया जाना चाहिए। आदेश में कहा गया कि जाति का ऐसा उल्लेख "संविधान की भावना" के खिलाफ है और 2018 में हाईकोर्ट द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के भी विपरीत है। रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेश में कहा कि "इसलिए, यह सुनिश्चित करना सभी संबंधितों पर निर्भर है कि आरोपी...
'पुलिस अधिकारियों के आचरण से संदेह हो रहा', बॉम्बे हाईकोर्ट ने ट्रेड के सदस्य को COVID-19 के कारण नहीं बल्कि पुलिस के साथ दुश्मनी के कारण अवैध क्वारंटाइन करने की याचिका पर कहा
बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीआईटीयू) के अध्यक्ष को जानबूझकर और गलत तरीके से एक क्वारंटाइन सेंटर में भेज दिया गया है क्योंकि उसकी पुलिस के एक वरिष्ठ निरीक्षक के साथ दुश्मनी थी, न कि इसलिए कि वह COVID-19 पाॅजिटिव था। जबकि पुलिस ने यही दावा किया है कि उसे कोरोना पाॅजिटिव होने के कारण क्वारंटाइन किया गया है।जस्टिस रेवती मोहिते डेरे इस मामले में के.नारायणन की तरफ से महेंद्र सिंह द्वारा दायर एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर...




















