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[COVID-19 महामारी] मजबूरों के हालात के प्रति अपनाया गया उदासीन दृष्टिकोण केंद्र और राज्य प्रशासन को अच्छी रौशनी में नहीं दिखाता : उत्तराखण्ड हाईकोर्ट
[COVID-19 महामारी] मजबूरों के हालात के प्रति अपनाया गया उदासीन दृष्टिकोण केंद्र और राज्य प्रशासन को अच्छी रौशनी में नहीं दिखाता : उत्तराखण्ड हाईकोर्ट

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बुधवार (27-मई-2020) को लॉकडाउन के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में फंसे, उत्तराखंड के प्रवासियों को वापस लाने संबंधी दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान अदालत ने कहा कि मजबूरों के हालात सुधारने के लिए अपनाया गया उदासीन दृष्टिकोण, केंद्र और राज्य प्रशासन को अच्छी रौशनी में नहीं दिखाता है।मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं जस्टिस आर. सी. खुलबे की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि,"यदि 01 जून से प्रति दिन केवल 2000 व्यक्तियों को ही ट्रेन से लाया जाएगा तो शेष एक...

मेरठ की मौजूदा स्थिति से अवगत कराएँ, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने COVID-19 से संबंधित याचिका पर राज्य को दिया निर्देश
मेरठ की मौजूदा स्थिति से अवगत कराएँ', इलाहाबाद हाईकोर्ट ने COVID-19 से संबंधित याचिका पर राज्य को दिया निर्देश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरूवार (28-मई-2020) को उत्तर प्रदेश राज्य को निर्देश जारी करते हुए उनसे यह कहा है कि वह मेरठ जिले की मौजूदा स्थिति के बारे में अदालत को अवगत कराएँ।न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं रमेश सिन्हा की खंडपीठ पीठ ने यह निर्देश उस जनहित याचिका पर दिए जिसमे COVID-19 के प्रकोप के कारण जिला मेरठ में "चिंताजनक स्थिति" (Alarming situation) के बारे में कुछ मुद्दे उठाए गए हैं।दरअसल, इस जनहित याचिका के जरिये याचिकाकर्ता द्वारा अदालत के संज्ञान में यह लाया गया कि जिले में COVID -19 के प्रसार...

बॉम्बे हाईकोर्ट का सुझाव, दुकानदारों के व्हाट्सएप डिटेल और 24 घंटे सहायता के लिए बनाई गई हेल्पलाइन का प्रचार करें
बॉम्बे हाईकोर्ट का सुझाव, दुकानदारों के व्हाट्सएप डिटेल और 24 घंटे सहायता के लिए बनाई गई हेल्पलाइन का प्रचार करें

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को औरंगाबाद नगर निगम (एएमसी) को कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, ताकि कोरोनावायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के इस चौथे चरण के दौरान जरूरत की वस्तुओं तक नागरिकों की पहुंच आसान हो सकें। औरंगाबाद में न्यायमूर्ति पीबी वरले और न्यायमूर्ति एस कुलकर्णी की खंडपीठ इस मामले में मुजफ्फरुद्दीन खान की तरफ से दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस 39 वर्षीय व्यापारी ने यह याचिका डिविजनल कमीश्नर द्वारा पारित एक आदेश के खिलाफ दायर की थी। इस...

मुंबई में फंसें 174 प्रवासियों को NLSIU के पूर्व छात्रों ने चार्टर्ड प्लेन किराए पर लेकर उनके गृह राज्य झारखंड पहुंचाया
मुंबई में फंसें 174 प्रवासियों को NLSIU के पूर्व छात्रों ने चार्टर्ड प्लेन किराए पर लेकर उनके गृह राज्य झारखंड पहुंचाया

देशभर में पिछले दो महीनों से मुंबई में फंसे 174 प्रवासी कामगारों को एनएलएसआईयू पूर्व छात्र नेटवर्क की एक अनुकरणीय पहल के तहत गुरुवार को रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतारा गया। जैसा कि पहले बताया गया है, नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बैंगलोर के पूर्व छात्रों ने धन जुटाया था और फंसे हुए प्रवासी कामगारों को एयरलिफ्ट करने के लिए एक एयर एशिया विमान किराए पर लिया था। झारखंड राज्य के 174 मूल निवासी, जो मुंबई में विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत थे, आज सुबह 6 बजे उड़ान भरी।...

 श्रमिक ट्रेन : कर्नाटक हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से प्रवासियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था का ब्यौरा मांगा
 श्रमिक ट्रेन : कर्नाटक हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से प्रवासियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था का ब्यौरा मांगा

कर्नाटक उच्च न्यायालय ने राज्य और केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वे उन प्रवासी श्रमिकों को भोजन और पानी उपलब्ध कराने के लिए किए गए प्रबंधों का विवरण दें, जो श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों से यात्रा कर रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने आदेश दिया: "यह उचित होगा यदि राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों उन व्यवस्थाओं का विवरण दें, जो राज्य सरकार के साथ-साथ भारतीय रेलवे द्वारा उन प्रवासी श्रमिकों को भोजन और पानी उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई हैं, जो विशेष यात्रा...

पटना हाईकोर्ट ने सरकार से कहा,  उन ट्रांसजेंडरों को भी राशन मिले जिनके पास राशन कार्ड नहीं है
पटना हाईकोर्ट ने सरकार से कहा, उन ट्रांसजेंडरों को भी राशन मिले जिनके पास राशन कार्ड नहीं है

पटना हाईकोर्ट ने बुधवार को सरकार को निर्देश दिया कि कि वह ट्रांसजेंडर समुदाय के उन लोगों को भी राशन सुनिश्चित करे जिनके पास राशन कार्ड नहीं है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने दिया है। ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों की दयनीय स्थिति को लेकर वीरा यादव ने एक याचिका दायर की गई थी जिस पर 1 मई को कोर्ट ने नोटिस जारी किया था। याचिका में कहा गया था कि बिहार में इस समुदाय के लोग राशन नहीं प्राप्त कर पा रहे हैं, क्योंकि उनके पास राशन कार्ड नहीं है। याचिका में कहा...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
प्रवेश के समय भरे गए बान्ड का पालन करते हुए छात्रों को सरकारी अस्पताल में सेवा देनी होगी : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गत सप्ताह अपने एक फ़ैसले में कहा कि विशेषकर सरकारी कॉलेजों में जहां मेडिकल की पीजी की पढ़ाई पर सब्सिडी दी जाती है, पढ़ाई करना मौलिक अधिकार नहीं है। छात्रों के लिए यह ज़रूरी है वे प्रवेश के समय भरे गए बान्ड की शर्तों का पालन करें कि उन्हें सरकारी अस्पतालों में अपनी सेवाएं देनी होंगी। पीठ ने कहा, "प्रवेश के समय, बान्ड भरना छात्रों के लिए ज़रूरी होता है क्योंकि उन्हें कम खर्च में शिक्षा दी जाती है। इसलिए उसे बान्ड के अनुरूप विशेष सेवाएं देनी होगी। अगर वह इन शर्तों को...

अदालत के आदेश की बार बार अनदेखी करने वाले ज़िला कलेक्टर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भेजा अवमानना का नोटिस
अदालत के आदेश की बार बार अनदेखी करने वाले ज़िला कलेक्टर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भेजा अवमानना का नोटिस

मध्य प्रदेश के अनूपपुर के ज़िला कलेक्टर के ख़िलाफ़ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अवमानना का नोटिस भेजा है। अदालत का कहना है कि कलेक्टर ने कई मौक़ों पर उसके आदेशों को नहीं माना है। न्यायमूर्ति विशाल धागत की पीठ ने कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर की बिना शर्त माफ़ी को अस्वीकार करत हुए कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है जब कलेक्टर ने एक ग़लती की हो। हाईकोर्ट ने 30 अगस्त 2019 को याचिकाकर्ता के ख़िलाफ़ ट्रांसफर के आदेश को स्थगित कर दिया था जो अनूपपुर में आदिवासी कल्याण के सहायक आयुक्त के पद पर तैनात था। अदालत...

प्रवासी मजदूरों/कामगारों और उनके परिवार के उपचार, उनके पुनर्वास और उनके माईग्रेशन को रोकने के लिए नीति क्या है, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा
प्रवासी मजदूरों/कामगारों और उनके परिवार के उपचार, उनके पुनर्वास और उनके माईग्रेशन को रोकने के लिए नीति क्या है, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार (26-मई-2020) को राज्य सरकार से यह बताने को कहा कि प्रवासी कामगारों (Migrant workmen) और उनके परिवारों को चिकित्सा सुविधा और उपचार प्रदान करने के लिए और उत्तर प्रदेश राज्य के ग्रामीण भागों में कोरोनावायरस बीमारी (COVID-19) के प्रसार को रोकने के लिए सरकार की क्या नीति और नियम (Policy and Norms) बनाए गए हैं।अदालत ने राज्य सरकार से यह भी पूछा कि उत्तर प्रदेश राज्य में प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों के पुनर्वास के लिए सरकार की क्या योजना है?मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति...

कनार्टक हाईकोर्ट ने बार काउंसिल से  कहा, अधिवक्ताओं के क्लर्कों को लाभ पहुंचाने के लिए एक योजना बनाएं
कनार्टक हाईकोर्ट ने बार काउंसिल से कहा, अधिवक्ताओं के क्लर्कों को लाभ पहुंचाने के लिए एक योजना बनाएं

कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ बेंगलुरु और कर्नाटक स्टेट बार काउंसिल को निर्देश दिया है कि वे लॉकडाउन के दौरान अदालतें बंद होने के कारण परेशान पंजीकृत एडवोकेट्स क्लर्कों के लाभ के लिए एक योजना तैयार करें। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति एम नागाप्रसन्ना की खंडपीठ ने कहा कि अधिवक्ताओं के क्लर्क ''बार के सदस्यों को लाभ पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं'' और इसलिए अधिवक्ता संघ के साथ-साथ स्टेट बार काउंसिल को भी इन प्रभावित क्लर्कों की ''मदद करने के...

तब्लीगी जमात घटना से संबंधित किसी भी विदेशी नागरिक को गिरफ्तार नहीं किया गया, दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया
तब्लीगी जमात घटना से संबंधित किसी भी विदेशी नागरिक को गिरफ्तार नहीं किया गया, दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट में बताया

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया है कि तब्लीगी जमात की घटना से संबंधित किसी भी विदेशी नागरिक को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है या दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में नहीं लिया गया है। उक्त जानकारी मोहम्मद जमाल द्वारा दायर आपराधिक रिट याचिका पर दी गई थी, जो संवैधानिक क्वारंटीन केंद्र से मरकज़ घटना से संबंधित विदेशी नागरिकों की रिहाई की मांग कर रहे थे, क्योंकि इन विदेशी नागरिकों का COVID 19 वायरस टेस्ट नेगेटिव आया था। दिल्ली पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि...

पहले प्वॉइंंट बनाएंं और फिर उससे जुड़े तथ्य और कानून पेश करेंः सीनियर एडवोकेट अखिल सिब्‍बल ने केस लड़ने की कला पर कहा
पहले प्वॉइंंट बनाएंं और फिर उससे जुड़े तथ्य और कानून पेश करेंः सीनियर एडवोकेट अखिल सिब्‍बल ने केस लड़ने की कला पर कहा

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिब्बल ने एक वेब‌िनार में कोर्ट में केस की ब्रीफिंग और दलीलों को सुव्यवस्थित करने के अपने दृष्टिकोण पर चर्चा की। वह 'मास्टरींग ब्रीफ्स एंड स्ट्रक्चरिंग आर्ग्यूमेंट्स' विषय पर आर एंड आर लॉ चैम्बर्स की ओर से आयोजित एक वेबिनार में बात कर रहे थे। सत्र का संचालन आर एंड आर लॉ चैंबर्स के पार्टनर्स रोहन बत्रा और रीना चौधरी ने किया। सत्र की महत्वपूर्ण बातें: अखिल सिब्बल ने कहा कि तर्कों को सुव्यस्थित करने का उनके पास कोई स्ट्रेट-जैकेट फॉर्मूला नहीं है, इसके लिए...

महिला अधिवक्ता के बलात्कार और हत्या का प्रयास : BCI चैयरमैन ने त्वरित जांच के लिए एलजी और पुलिस को पत्र लिखा
महिला अधिवक्ता के बलात्कार और हत्या का प्रयास : BCI चैयरमैन ने त्वरित जांच के लिए एलजी और पुलिस को पत्र लिखा

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के अध्यक्ष एमके मिश्रा ने दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर और पुलिस कमिश्नर से जंगपुरा एक्सटेंशन में एक महिला अधिवक्ता के बलात्कार और हत्या के प्रयास की घटना की तुरन्त जांच करने का अनुरोध करते हुए पत्र लिखा है। 19 मई को हुए इस जघन्य और क्रूर अपराध के संबंध में जानकारी देते हुए, मिश्रा ने अपराधी को पकड़ने और गिरफ्तार करने में त्वरित कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, यह आग्रह किया कि महिला को उस समय तक पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए जब तक कि अपराधी को गिरफ्तार नहीं कर लिया...

संरक्षण याचिका के मामलों में अदालत को नैतिकता पर अपने व्यक्तिगत विचार पेश नहीं करना चाहिए: पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट
संरक्षण याचिका के मामलों में अदालत को नैतिकता पर अपने व्यक्तिगत विचार पेश नहीं करना चाहिए: पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट

हाल ही में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक मामले में यह टिप्पणी की कि घर से भागे हुए जोड़ों द्वारा दाखिल संरक्षण की याचिका (Protection plea) पर सुनवाई करने वाली अदालत को, नैतिकता या मानवीय व्यवहार पर उपदेश देने की आवश्यकता नहीं है। अदालत ने यह साफ़ किया कि ऐसे मामलों में, अदालत को नैतिकता को लेकर अपने व्यक्तिगत विचारों को पेश नहीं करना चाहिए। न्यायमूर्ति राजीव नारायण रैना की पीठ ने यह टिपण्णी उस मामले में की जहाँ घर से भागे हुए एक जोड़े ने, राज्य सरकार द्वारा गिरफ्तार किये जाने एवं अन्य...

आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने केवल इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ही पेश किया जाए: केरल हाईकोर्ट ने COVID 19 के फैलने के मद्देनजर लिया निर्णय
आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने केवल इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ही पेश किया जाए: केरल हाईकोर्ट ने COVID 19 के फैलने के मद्देनजर लिया निर्णय

केरल हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि राज्य में मजिस्ट्रेट और विशेष न्यायाधीश के समक्ष किसी अभियुक्त को केवल इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पेश किया जाए, ताकि अदालत परिसर में COVID 19 संक्रमण के फैलने से रोका जा सके। हाईकोर्ट का यह निर्देश इस तथ्य के बाद आया है कि कई मामलों में, अदालत में पेश किए गए आरोपी व्यक्ति को बाद में COVID 19 संक्रमित बताया गया, जिससे संबंधित मजिस्ट्रेटों को क्वारन्टीन से गुजरना पड़ा। कथित तौर पर, तीन मजिस्ट्रेट और कई पुलिस कर्मियों को केरल के दो जिलों में क्वारन्टीन में भेजा गया...

टीका बनाने के लिए फंड देने पर निष्क्रियता बरतने के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका
टीका बनाने के लिए फंड देने पर निष्क्रियता बरतने के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका

कलकत्ता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर कर स्वास्थ्य मंत्रालाय को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वह उस आदेश को वापस ले ले जिसमें कहा गया है कि कोरोना वायरस के इलाज के लिए टीका बनाने संबंधी शोध की सुविधा वह नहीं देगा। यह याचिका कनिष्क सिन्हा ने दायर की है जो ई-रिक्शा सहित कई पेटेंट के मालिक हैं और कहा है कि हाईकोर्ट ने 8 अप्रैल को जारी आदेश में सरकार को शोध सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया था। हालाँकि, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने यह कहते हुए ऐसा करने से मना कर...

एमसीजीएम और राज्य लोगों की अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष हेल्पलाइन शुरू करने पर ग़ौर करने को कहा
एमसीजीएम और राज्य लोगों की अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं, बॉम्बे हाईकोर्ट ने गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष हेल्पलाइन शुरू करने पर ग़ौर करने को कहा

एमसीजीएम और राज्य लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरा है, बॉम्बे हाईकोर्ट ने गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष हेल्पलाइन शुरू करने पर ग़ौर करने को कहा बॉम्बे हाईकोर्ट एक जनहित याचिका पर सुनवाई की, जिसमें कहा गया था कि एक गर्भवती महिला को COVID-19 का संक्रमण नहीं होने का प्रमाणपत्र के अभाव में जेजे अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि एमसीजीएम और राज्य सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैंं और कहा कि उसे बताया गया है कि मार्च 2020 से अब तक अस्पताल ने 10 हज़ार डिलीवरी के केस...

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कोरोना वायरस फैलाने के लिए लोगों को उकसाने वाले आरोपी इंजीनियर को जमानत देने से किया इंकार
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कोरोना वायरस फैलाने के लिए लोगों को उकसाने वाले आरोपी इंजीनियर को जमानत देने से किया इंकार

कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक 38 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर को जमानत देने से इनकार कर दिया। इस इंजीनियर पर आरोप है कि उसने कथित तौर पर सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को नोवल कोरोना वायरस फैलाने के लिए उकसाया था। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा किए गए कथित कृत्यों ने देश की अखंडता को खतरे में डाल दिया, इसलिए भले ही उसने जो अपराध किया है,उसमें अधिकतम 3 साल की सजा का प्रावधान है, परंतु अदालत ने हाई पावर कमेटी की सिफारिशों के बावजूद भी उसे अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति...