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चंडीगढ़ एयरपोर्ट से केवल दो इंटरनेशनल फ्लाइट क्यों? हाईकोर्ट ने केंद्र और पंजाब सरकार से मांगा जवाब
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और पंजाब सरकार से हलफनामा मांगा कि चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से केवल दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें क्यों हैं।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल ने कहा,"चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट अथॉरिटी लिमिटेड की ओर से भी इस बात का कोई स्पष्टीकरण नहीं आया कि चंडीगढ़ (केंद्र शासित प्रदेश और दो समृद्ध राज्यों की राजधानी) से प्रतिदिन केवल दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें यानी शारजहां और दुबई क्यों हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अमृतसर जैसे जिला मुख्यालय से...
महिला को देखना या उसकी तस्वीरें लेना आईपीसी की धारा 354सी के तहत ताक-झांक नहीं माना जाएगा: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने माना कि आईपीसी की धारा 354सी के तहत ताक-झांक का अपराध तब नहीं माना जाएगा, जब किसी महिला की तस्वीरें दो पुरुषों द्वारा खींची गई हों, जबकि वह बिना किसी गोपनीयता के अपने घर के सामने खड़ी थी।जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने स्पष्ट किया कि यह अपराध केवल तभी माना जाएगा, जब प्रावधान के तहत उल्लिखित 'निजी कार्य' में संलग्न किसी महिला को देखा जाए या उसकी तस्वीरें ली जाएं।धारा 354सी की व्याख्या 'निजी कार्य' को ऐसे स्थान पर किए गए निजी कार्य को देखने के कार्य के रूप में परिभाषित करती है, जहां...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने LLM स्टूडेंट की उत्तर पुस्तिका को 'AI-जनरेटेड' घोषित करने के खिलाफ याचिका पर जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी से LLM स्टूडेंट की याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें उसने परीक्षा में उसके द्वारा दिए गए उत्तर को "AI-जनरेटेड" घोषित करने के यूनिवर्सिटी के निर्णय को चुनौती दी।जस्टिस जसगुरप्रीत सिंह पुरी ने मामले को 14 नवंबर के लिए सूचीबद्ध करते हुए यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया। पेशे से वकील कौस्तुभ शक्करवार ने "अनुचित साधन समिति" के निर्णय को रद्द करने की मांग करते हुए रिट याचिका दायर की, जिसमें उसकी उत्तर पुस्तिका को "AI-जनरेटेड" घोषित किया...
नोटिस की सेवा में दोषों के मामले में डाक लिफाफों में केवल सुधार पर्याप्त नहीं, नया नोटिस जारी किया जाना चाहिए: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि डाक लिफाफों में केवल सुधार नोटिस की सेवा में दोषों को ठीक करने के लिए पर्याप्त नहीं है, इस बात पर जोर देते हुए कि जब गलत पता पाया जाता है तो उचित तरीका मुख्य कार्यवाही में पता सही करना और नए नोटिस जारी करना है।ऐसा करते हुए अदालत ने कहा कि पुनर्विचार याचिकाकर्ताओं को उचित सेवा के अभाव में सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया, क्योंकि नोटिस गलत पते पर दिया गया।यह मामला दो सोसाइटियों - जीयूएम सोसाइटी और टीएपीपी सोसाइटी के...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुबह 11 बजे के बाद दाखिल किए गए उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खारिज करने के फैसले पर सवाल उठाए
बॉम्बे हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग के उस फैसले पर सवाल उठाए, जिसमें उसने राज्य भर के उम्मीदवारों के नामांकन पत्र सुबह 11 बजे के बाद दाखिल करने पर उन्हें खारिज किया था। हाईकोर्ट ने सोमवार को भारतीय चुनाव आयोग (ECI) से जानना चाहा कि उसने किस आधार पर महाराष्ट्र भर के विभिन्न उम्मीदवारों के नामांकन खारिज किए, जिन्होंने आगामी राज्य विधानसभा चुनावों के लिए 30 अक्टूबर को सुबह 11 बजे के बाद अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।जस्टिस आरिफ डॉक्टर और जस्टिस सोमशेखर सुंदरसन की अवकाश पीठ ने चुनाव आयोग को राज्य भर के उन...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने MBBS कोर्ट में ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्टिंग में देरी और बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाने पर नोटिस जारी किया
ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्टिंग में देरी और अनिवार्य ग्रामीण बॉन्ड का उल्लंघन करने पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाने को चुनौती देने वाली याचिका के जवाब में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश राज्य, मेडिकल शिक्षा निदेशक और स्वास्थ्य आयुक्त को नोटिस जारी किया।MBBS ग्रेजुएट करने वाले याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि ये शर्तें उसके करियर की प्रगति और संवैधानिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं।जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की खंडपीठ के समक्ष याचिका को सूचीबद्ध किया गया।यह मामला...
गाजियाबाद कोर्ट हिंसा | इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के खिलाफ आपराधिक अवमानना का मामला दायर करने का संकल्प लिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने हाल ही में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आदेश पर गाजियाबाद कोर्ट में अधिवक्ताओं के खिलाफ किए गए लाठीचार्ज की निंदा की। एसोसिएशन की ओर से पारित एक प्रस्ताव में न्यायिक अधिकारी (न्यायाधीश अनिल कुमार-एक्स) के खिलाफ आपराधिक अवमानना का मामला दर्ज करने का निर्णय लिया गया।अपने प्रस्ताव में एसोसिएशन ने गाजियाबाद में अधिवक्ताओं के खिलाफ हुई 'अनुचित' हिंसा के विरोध में 4 नवंबर को न्यायिक कार्य से दूर रहने का भी फैसला किया। एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि जिला एवं सत्र...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (28 अक्टूबर, 2024 से 01 नवंबर, 2024) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।महाराष्ट्र के कॉलेजों में पदोन्नति के लिए UGC Ph.D की आवश्यकता को पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस मंगेश एस. पाटिल और जस्टिस शैलेश पी. ब्रह्मे की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर पदोन्नति के लिए 2018 में शुरू की गई यूनिवर्सिटी...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ मानहानि मामला खारिज करने से किया इनकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और दो अन्य की याचिका खारिज की, जिसमें उन्होंने 2021 की कुछ अदालती कार्यवाही के संबंध में सीनियर एडवोकेट और सांसद विवेक तन्खा द्वारा उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि शिकायत पर संज्ञान लेने के मजिस्ट्रेट अदालत के आदेश को चुनौती दी थी।ऐसा करते हुए हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने कहा कि यह केवल ट्रायल कोर्ट को देखना है कि धारा 499 आईपीसी के तहत अपराध बनता है या नहीं, जो केवल ट्रायल के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।जस्टिस...
महाराष्ट्र के कॉलेजों में पदोन्नति के लिए UGC Ph.D की आवश्यकता को पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस मंगेश एस. पाटिल और जस्टिस शैलेश पी. ब्रह्मे की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर पदोन्नति के लिए 2018 में शुरू की गई यूनिवर्सिटी अनुदान आयोग (UGC) Ph.D की आवश्यकता भविष्य में लागू होगी। इससे उन शिक्षकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जो पहले के नियमों के तहत योग्य हैं। महाराष्ट्र राज्य को 2016 के नियमों के आधार पर याचिकाकर्ताओं के पदोन्नति आवेदनों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया।मामले की पृष्ठभूमिमहाराष्ट्र के कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों के समूह को...
S.498-A IPC | वैवाहिक विवाद नैतिक पतन नहीं; इसका इस्तेमाल पति-पत्नी के शिक्षा के अधिकार को बाधित करने के लिए नहीं किया जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की पीठ ने हाल ही में महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि वैवाहिक विवाद या मामला 'व्यक्तिगत विवाद' है, जिसे 'नैतिक पतन' से संबंधित अपराध नहीं कहा जा सकता, जिससे पति-पत्नी में से किसी के भी अपने जीवन में आगे की शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार पर असर पड़े।जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और जस्टिस संतोष चपलगांवकर की खंडपीठ ने एक पति को अखिल भारतीय आयुष स्नातकोत्तर प्रवेश परीक्षा (AIAPGET) - 2024 में शामिल होने की अनुमति दी, जिसके लिए उसे इस आधार पर 'अयोग्य' ठहराया गया कि उस पर धारा 498-ए के साथ-साथ...
पार्टनरशिप एक्ट की धारा 69 के तहत लगाया गया प्रतिबंध आर्बिट्रेशन कार्यवाही पर लागू नहीं होता: दिल्ली हाईकोर्ट
जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की दिल्ली हाईकोर्ट की पीठ ने माना कि पार्टनरशिप एक्ट (Partnership Act) की धारा 69 का प्रतिबंध धारा 69(3) में प्रयुक्त “अन्य कार्यवाही” के अंतर्गत नहीं आता। इसलिए धारा 69 के तहत लगाया गया प्रतिबंध आर्बिट्रेशन कार्यवाही पर लागू नहीं होता।संक्षिप्त तथ्यमध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 34 के तहत याचिका दावेदार, भागीदार की ओर से दिनांक 28.04.2017 के अवार्ड और दिनांक 01.07.2017 के संशोधित अवार्ड को चुनौती देने की मांग करते हुए दायर की गई है, जिसके अनुसार विद्वान मध्यस्थ...
जिला कोर्ट के इर्द-गिर्द दलालों का संगठित गिरोह फर्जी विवाह प्रमाण-पत्र जारी करते हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में दलालों के संगठित गिरोह के उभरने के बारे में चिंता जताई, जो जाली दस्तावेजों के माध्यम से फर्जी विवाह पंजीकृत कराने में शामिल हैं।जस्टिस विनोद दिवाकर की पीठ ने कहा कि धार्मिक ट्रस्टों के नाम पर जिला कोर्ट के इर्द-गिर्द दलालों और एजेंटों का संगठित गिरोह पनपा है, जिसमें पुरोहितों और दलालों के अलावा योग्य कानूनी पेशेवर भी शामिल हैं।न्यायालय ने आगे कहा कि स्थानीय पुलिस भी ऐसे 'बदमाश' तत्वों को बचाती है। वे फर्जी विवाह प्रमाण-पत्रों और बनाए गए अन्य दस्तावेजों के स्रोत का...
महिला के साथी, उसके रिश्तेदारों पर कानूनी विवाह के अभाव में क्रूरता के लिए मुकदमा नहीं चलाया जा सकता: हाईकोर्ट
शिकायतकर्ता पत्नी द्वारा धारा 498ए आईपीसी के तहत व्यक्ति के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला खारिज करते हुए केरल हाईकोर्ट ने दोहराया कि पक्षकारों के बीच कानूनी विवाह साबित करने वाले रिकॉर्ड के अभाव में महिला के साथी या उसके रिश्तेदारों के खिलाफ क्रूरता के लिए मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।मामले के तथ्यों में याचिकाकर्ता पति और वास्तविक शिकायतकर्ता पत्नी के बीच विवाह को फैमिली कोर्ट द्वारा 2013 में शून्य और अमान्य घोषित किया गया, यह पाते हुए कि शिकायतकर्ता पत्नी की पिछली शादी कायम थी और भंग नहीं हुई। इस...
अनुशासनात्मक कार्यवाही में बिना किसी स्पष्ट कारण के बर्खास्तगी आदेश और प्रक्रियागत चूक प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जस्टिस संजय द्विवेदी की एकल पीठ ने प्राकृतिक न्याय सिद्धांतों का महत्वपूर्ण उल्लंघन पाते हुए भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) के कर्मचारी की बर्खास्तगी को अमान्य करार दिया। न्यायालय ने माना कि विजय सिंह यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही गवाहों की गवाही की अनुपस्थिति, आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में विफलता और तर्कपूर्ण आदेशों की कमी के कारण मौलिक रूप से त्रुटिपूर्ण थी। भेदभावपूर्ण व्यवहार और प्रक्रियागत चूकों को उजागर करते हुए न्यायालय ने यादव को पूर्ण वेतन और लाभ के साथ...
राजस्थान हाईकोर्ट ने 12 वर्षों तक गिरफ्तारी से बचने वाले व्यक्ति के खिलाफ चेक बाउंस मामला खारिज करने से इनकार किया
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने चेक बाउंस मामले में पक्षकारों के बीच समझौते के आधार पर दर्ज की गई व्यक्ति की याचिका खारिज की। कोर्ट ने कहा कि यह याचिका वास्तव में एक पूर्व पुनर्विचार याचिका की "पुनर्विचार" थी, जिसे न्यायालय ने पिछले वर्ष ही खारिज कर दिया था।ऐसा करते हुए हाईकोर्ट ने उस व्यक्ति की पुनर्विचार याचिका खारिज करने वाले समन्वय पीठ के निर्णय में हस्तक्षेप करने से इनकार किया, जिसे 2011 में निचली अदालत ने एक वर्ष की जेल की सजा सुनाई थी, लेकिन उसे इस वर्ष सितंबर में ही गिरफ्तार किया गया,...
हाईकोर्ट ने विविध मामलों को छोड़कर रिट याचिकाओं की मशीन जांच शुरू की
केरल हाईकोर्ट ने विविध मामलों को छोड़कर रिट याचिकाओं की मशीन जांच शुरू की, जो 1 नवंबर, 2024 से प्रभावी होगी।जुलाई, 2023 में जमानत आवेदनों की स्वचालित जांच के लिए पहली बार मशीन जांच शुरू की गई। यह ई-फाइलिंग प्रक्रिया में दक्षता और गति में सुधार करने के लिए किया गया था।नवंबर, 2023 में रिट अपीलों की जांच के लिए भी मशीन जांच शुरू की गई।उल्लेखनीय है कि यदि न्यायालय अधिकारी को रिट याचिकाओं की मशीन जांच, रजिस्ट्रेशन और लिस्टिंग के बाद कोई दोष या प्रक्रिया का गैर-अनुपालन मिलता है तो न्यायालय अधिकारी...
S.139 NI Act | शिकायतकर्ता के यह साबित कर देने पर कि चेक आरोपी द्वारा ऋण चुकाने के लिए जारी किया गया तो इसका भार आरोपी पर आ जाता है: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 (NI Act) की धारा 139 के तहत साक्ष्य भार में महत्वपूर्ण बदलाव को रेखांकित करते हुए जम्मू-कश्मीर एडं लद्दाख हाईकोर्ट ने कहा कि एक बार जब शिकायतकर्ता यह साबित कर देता है कि चेक आरोपी द्वारा ऋण चुकाने के लिए जारी किया गया था तो धारा 139 के अनुसार साक्ष्य भार आरोपी पर आ जाता है।जस्टिस जावेद इकबाल वानी की पीठ ने स्पष्ट किया,इसके बाद आरोपी को यह साबित करना होता है कि चेक किसी देनदारी के निपटान के लिए जारी नहीं किया गया और जब तक आरोपी द्वारा साक्ष्य भार का निर्वहन...
औद्योगिक न्यायालय के पास नियोक्ता-कर्मचारी के बीच स्पष्ट संबंध न होने के कारण अधिकार क्षेत्र नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस संदीप वी. मार्ने की एकल पीठ ने टाटा स्टील की रिट याचिका स्वीकार की। इसने माना कि औद्योगिक न्यायालय के पास कैंटीन कर्मचारियों की रोजगार स्थिति तय करने का अधिकार क्षेत्र नहीं है, क्योंकि नियोक्ता-कर्मचारी संबंध की प्रकृति ही विवादित है। न्यायालय ने फैसला सुनाया कि महाराष्ट्र ट्रेड यूनियनों की मान्यता और अनुचित श्रम व्यवहार रोकथाम (एमआरटीयू और पल्प) अधिनियम, 1971 के तहत औद्योगिक न्यायालय (Industrial Court) केवल उन मामलों की सुनवाई कर सकता है, जहां निर्विवाद रोजगार संबंध...
धारा 25F नोटिस के बिना बर्खास्तगी; कर्मचारी के समान रोजगार में पाए जाने पर मौद्रिक मुआवजा पर्याप्त: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस अनिल एल. पानसरे की एकल न्यायाधीश पीठ ने श्रम न्यायालय का निर्णय बरकरार रखा, जिसमें आकस्मिक मजदूर को बहाल करने के बजाय मौद्रिक मुआवजा देने का निर्णय लिया गया था, जिसकी सेवाओं को उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना समाप्त कर दिया गया। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 25एफ का पालन किए बिना बर्खास्तगी अवैध है, लेकिन बहाली स्वचालित उपाय नहीं है, खासकर जब कर्मचारी को कहीं और समान रोजगार मिल गया हो।मामले की पृष्ठभूमियह मामला शरद माधवराव...




















