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कानून की जानकारी न होना कोई बहाना नहीं हो सकता : केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि 'कानून की जानकारी न होना कोई बहाना नहीं हो सकता।' हाईकोर्ट ने यह बात जर्मनी के उस नागरिक को कही जिसने दलील दी थी कि उसे ऐसा लगा था कि उसे भारत की नागरिकता स्वाभाविक रूप से हासिल हो चुकी है। रोनाल्ड मोएजल के खिलाफ पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12(1)(सी) और विदेशी नागरिक अधिनियम की धारा 14(ए) एवं (सी) के साथ पठित धारा 3 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसके बाद उसने अग्रिम जमानत के लिए केरल हाईकोर्ट से गुहार लगायी थी। कोर्ट के समक्ष उसने दलील दी कि वह जर्मनी का...
'घटना के दो साल बाद दायर की गई शिकायत' : बाॅम्बे हाईकोर्ट ने बलात्कार के मामले में आरोपी सेना के मेजर को दी अग्रिम ज़मानत
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक दूरसंचार कंपनी में कार्यरत 28 वर्षीय आईटी इंजीनियर से बलात्कार करने के मामले में आरोपी मेजर अंशुमान झा को अग्रिम ज़मानत दे दी है। यह दोनों एक वैवाहिक साइट के जरिए मिले थे, जहां पर आवेदक ने बताया था कि वह सेना में मेजर के पद पर कार्यरत है और मणिपुर में तैनात है। न्यायमूर्ति भारती डांगरे ने कहा कि बलात्कार की कथित घटना के दो साल बाद शिकायत दायर की गई थी, जो कई सवालों को जन्म दे रही है। इसके अलावा, जस्टिस डांगरे ने यह भी कहा कि इस स्तर पर आवेदक को हिरासत में लेकर ...
2018 के एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, अधिवक्ता की फेसबुक पोस्ट में हाईकोर्ट जज की आलोचना अवमानना नहीं
न्यायपालिका और मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ अपने ट्वीट के लिए अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के फैसले के औचित्य पर हो रही तीखी बहस के बीच, 2018 में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए एक आदेश महत्वपूर्ण है। यह फैसला एक न्यायाधीश के खिलाफ फेसबुक पोस्ट करने के लिए पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक वकील के खिलाफ अवमानना कार्रवाई से संबंधित था। मनीष वशिष्ठ, एक वकील और 'पंजाब केसरी' के एक संवाददाता ने हाईकोर्ट के जज न्यायामूर्ति इंद्रजीत सिंह के खिलाफ 2017 में एक फेसबुक...
छात्रों की पीठ के पीछे परीक्षा पर रोक लगाना, उनके हितों के लिए हानिकारकः बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस, नासिक (MUHS) द्वारा आयोजित बैचलर इन डेंटल सर्जरी और मास्टर्स इन डेंटल सर्जरी की परीक्षाओं पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। दोनों परीक्षाएं क्रमशः 17 अगस्त और 25 अगस्त को आयोजित होनी हैं। हाईकोर्ट ने कहा है कि उन परीक्षार्थियों की पीठ के पीछे ऐसी परीक्षाओं को रद्द करना जो शारीरिक रूप से परीक्षा में बैठने के लिए तैयार हैं, उनके हितों के लिए हानिकारक होगा। चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एसपी तावड़े की डिवीजन बेंच ने आकाश उदयसिंह...
"यदि रुपए दे दिये जाएंं तो अधिकारी झुक जाते हैं और नियमों का उल्लंघन कर देते हैं" :अनाधिकृत आवाजाही के पास जारी करने वाले भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों के मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने रिपोर्ट मांगी
''यह एक क्लासिक मामला है, जो यह दर्शाता है कि सरकारी कर्मचारी किसी भी स्थिति का उपयोग अवैध लाभ कमाने के लिए कर सकते हैं।'' मद्रास हाईकोर्ट ने एक चौंकानेे वाली घटना की पृष्ठभूमि में यह टिप्पणी की है। इसमें महामारी के दौरान बच्चों को बिना उचित ई-पास के ही काम करने के लिए एक यार्न विनिर्माण औद्योगिक इकाई में भेज दिया गया था।जस्टिस एन किरुबाकरन और जस्टिस वीएम वेलुमनी की पीठ ने कहा कि- ''यह समझ नहीं आया कि बिना ई-पास से कैसे बच्चों को एक जिले से दूसरे जिले में लाना संभव हो पाया है। इसका...
'यदि जिम्मेदारी से कार्य कर रहे पत्रकार, समाचार का प्रसार नहीं कर पाएंगे तो लोकतंत्र का मौलिक चरित्र खो जायेगा', कलकत्ता हाईकोर्ट ने पत्रकार को ज़मानत दी
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार (13 अगस्त) को एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए यह कहा कि यदि जिम्मेदारी से कार्य कर रहे पत्रकार समाचार का प्रसार नहीं कर पाएंगे तो लोकतंत्र का मौलिक चरित्र खो जायेगा। न्यायमूर्ति संजीब बनर्जी एवं न्यायमूर्ति अनिरुद्ध रॉय की पीठ ने आगे यह भी कहा कि, "समान रूप से, पत्रकारों के लिए अपने कार्य के प्रति ईमानदार होना और एक बात रखने के लिए तथ्यों पर अधिक भरोसा करना महत्वपूर्ण है।" क्या था अदालत के समक्ष मामला? अदालत के समक्ष 3 याचिकाकर्ता थे जो सीआरपीसी की...
"ईश्वर हमारे भीतर है और ईश्वर सभी जगहों पर है"; बॉम्बे हाईकोर्ट ने जैन समुदाय के सदस्यों को पर्यूषण पर्व पर मंदिरों में पूजा करने की अनुमति देने से इनकार किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को जैन समुदाय के सदस्यों को पर्यूषण पर्व (15 अगस्त से 23 अगस्त तक) की पवित्र अवधि में मंदिरों में पूजा करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि इस समय प्रत्येक समझदार व्यक्ति का कर्तव्य, धार्मिक कर्तव्यों के साथ सार्वजनिक कर्तव्यों को संतुलित करना है और बाकी मानव जाति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना है। जस्टिस एसजे कथावाला और जस्टिस माधव जामदार की खंडपीठ ने अंकित वोरा और श्री ट्रस्टी आत्म कमल लब्धिशुरिश्वरजी जैन ज्ञानमंदिर ट्रस्ट की ओर से दायर दो...
[चेक बाउंस] अपराध समाज के खिलाफ नहीं है, एक अभियुक्त शिकायतकर्ता के साथ समझौता करके सज़ा से बच सकता है: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने मंगलवार (11 अगस्त) को एक निर्णय सुनाया जिसमें यह कहा गया कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत अपराध "समाज के खिलाफ अपराध नहीं है और एक अभियुक्त शिकायतकर्ता के साथ समझौता करके सजा से बच सकता है।न्यायमूर्ति सुधीर मित्तल की एकल पीठ, राकेश कुमार द्वारा दायर एक रिवीजन याचिका से निपट रही थी, जिसने शिकायतकर्ता जसबीर सिंह को एक चेक जारी किया, जो बाउंस हो गया। मामले की पृष्ठभूमि अदालत के समक्ष मौजूद रिवीजन याचिकाकर्ता वह अभियुक्त था, जिसने शिकायतकर्ता (...
हत्यारे भ्रष्ट अधिकारी, क्रूर, रक्त पिपासु भेड़ियों जैसे हैं, उनसे कड़ाई से निपटा जाना चाहिएः मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह COVID 19 महामारी के बीच अधिकारियों को रिश्वत देकर ई-पास खरीदने के मामलों को भष्टाचार का क्लासिक केस कहा है। हाईकोर्ट ने नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा, "ये मामले दिखाते हैं कि सरकारी कर्मचारी किसी भी स्थिति का उपयोग अवैध लाभ कमाने के लिए कैसे करते हैं।" जस्टिस एन किरुबाकरन और वीएम वेलुमणि ने कहा, "दुनिया सबसे बुरी महामारी से प्रभावित है। लोगों को दो महीने तक अपने घरों में रहना पड़ा। अब धीरे-धीरे लॉकडाउन खुल रहा है।" पीठ ने कहा, "आपात स्थितियों में यात्राओं के...
अनुच्छेद 15(6) केवल कानूनी शक्तियां प्रदान करने वाला प्रावधान : केरल हाईकोर्ट ने हायर सेकेण्ड्री के नामांकन में 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण की मांग संबंधी पीआईएल खारिज की
केरल हाईकोर्ट ने हायर सेकेण्ड्री पाठ्यक्रम में वर्ष 2020-21 के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के छात्रों को 10 फीसदी कोटा आरक्षित करने के राज्य सरकार को निर्देश दिये जाने संबंधी एक जनहित याचिका खारिज करते हुए कहा है कि संविधान का अनुच्छेद 15(6) केवल कानूनी शक्ति प्रदान करने वाला प्रावधान है। हालांकि केरल सरकार ने मंगलवार को अनारक्षित वर्ग में ईडब्ल्यूएस के छात्रों के लिए राजकीय हायर सेकेण्ड्री और व्यावसायिक हायर सेकेण्ड्री स्कूलों के विभिन्न बैचों में 10 प्रति सीटें आरक्षित करने का...
अधिवक्ताओं के लिए बीमा योजना- बीमा कंपनियों के साथ बातचीत करके दो सप्ताह के अंदर फाइनल की जाए पाॅलिसी, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया दिल्ली सरकार को निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि वह भारत की तीन शीर्ष राष्ट्रीयकृत बीमा कंपनियों - न्यू इंडिया इंश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस और ओरिएंटल इंश्योरेंस के साथ बातचीत करे और 2 सप्ताह के भीतर अधिवक्ताओं को ग्रुप-मेडिक्लेम प्रदान करने की नीति को अंतिम रूप दे। प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए, न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की एकल पीठ ने इन बीमा कंपनियों को बयाना राशि जमा करने (ईएमडी) और अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता से भी छूट दे दी है।अदालत ने दिल्ली...
वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपने शिखर पर है लेकिन डायन-शिकार (Witch-Hunting) की प्रथा इस सदी में भी बहुत अधिक सक्रिय है: उड़ीसा हाईकोर्ट ने इसको लेकर समान कानून की वकालत की
उड़ीसा राज्य में डायन-शिकार (Witch-Hunting) की अमानवीय और बर्बर प्रथा की व्यापकता को ध्यान में रखते हुए, उड़ीसा उच्च न्यायालय ने हाल ही में देखा कि डायन शिकार, जो कि संस्कृति, धर्म और क्षेत्र में प्रचलन में है, वह मानव के तथाकथित सभ्य समाज के भयानक चेहरे को उजागर करता है और अशिक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग इस प्रथा के नरम लक्ष्य हैं। न्यायमूर्ति एस. के. पाणिग्रही की पीठ ने इस तथ्य को स्वीकार किया कि चुड़ैलों/डायनों या जादू टोना का विचार, आदिवासी समाज में वर्तमान शताब्दी में भी प्रचलित है,...
उड़ीसा हाईकोर्ट ने डॉक्टरों से कहा, परचे पर दवाओं के नाम बड़े अक्षरों में या पढ़ने योग्य लिखें
उड़ीसा हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि सरकारी या निजी या अन्य मेडिकल सेट-अप में काम कर रहे डॉक्टरों को दवाओं का नाम "बड़े अक्षरों" में लिखना चाहिए, ताकि वह पढ़ा जा सके। जस्टिस एसके पाणिग्रही की पीठ ने यह टिप्पणी एक जमानत अर्जी की सुनवाई करते हुए की, जिसमें आवेदक ने अपनी बीमार पत्नी की देखभाल के लिए अंतरिम राहत मांगी थी। आवदेक ने अपनी पत्नी का मेडिकल रिकॉर्ड पेश किया था। अदालत ने पाया कि उक्त मेडिकल रिकॉर्ड को पढ़ना बहुत कठिन है और आम आदमी की समझ से परे है। कोर्ट ने जमानत याचिका की अनुमति...
किसी एक श्रेणी में उम्मीदवारों की उपलब्धता न होने का मामला : राजस्थान हाईकोर्ट ने विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं के बीच आरक्षित रिक्तियों की अंतर्विनिमेयता (Interchangeability) को वैध ठहराया
हमें विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को दिए गए आरक्षण को अंतर्विनिमेय बनाने यानी श्रेणीवार, एक उप-वर्ग के रिक्त पदों को दूसरे उप-वर्ग से भरने में कोई संवैधानिक बाधा नजर नहीं आ रही है।
'एक दिन जब रिश्तों में खटास आई तो उसने शिकायत दायर कर दी' : बाॅम्बे हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी को दी ज़मानत
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को 24 वर्षीय एक महिला से बलात्कार करने के आरोपी व्यक्ति को जमानत दे दी। इस महिला से उसकी दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी। आरोपी को 20 मार्च, 2020 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह जेल में बंद है। न्यायमूर्ति भारती डांगरे की बेंच ने अताउल्लाह अंसारी की तरफ से दायर जमानत अर्जी पर सुनवाई की। अंसारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (2) (एन) के तहत किए गए अपराध के मामले में कांदिवली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने 18 जून, 2020 को आरोप पत्र...
NLSIU में 25 प्रतिशत डोमिसाइल आरक्षण के खिलाफ बार काउंसिल ऑफ इंडिया कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंची
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने कर्नाटक हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर मांग की है कि नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया (संशोधन) एक्ट 2020 (जो कर्नाटक के छात्रों के लिए 25 प्रतिशत हॉरिजान्टल डोमिसाइल याने एक समान निवास स्थान के आधार पर आरक्षण की अनुमति देता है) को भारत के संविधान के उल्लंंघन करने के रूप मेंं घोषित किया जाए। याचिका में दावा किया गया है कि बीसीआई से परामर्श लिए बिना ही राज्य ने अधिनियम में संशोधन कर दिया है। इस संशोधन के तहत सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणियों को एक...
राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के आरोपी की मौत की सज़ा बरकरार रखी
राजस्थान हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते एक हत्या के आरोपी को दी गई मौत की सजा को बरकरार रखा। मोहन सिंह @ महावीर पर एक महिला की गला दबाकर हत्या करने और उसके बाद उसके पेट को काटकर उसके शरीर से कुछ अंगों को निकाल लिया गया था। पोस्टमार्टम जांच रिपोर्ट एक्ज़िबिट P36 के अनुसार मृतक की आंत, यकृत, अंडाशय, मूत्राशय, गर्भाशय और आंत का हिस्सा गायब था। ट्रायल कोर्ट ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 392 और 201 के तहत दोषी ठहराया और मौत की सजा सुनाई। जस्टिस सबीना और जस्टिस चंद्र कुमार सोंगरा की...
न्यायमूर्ति कुरैशी का युवा वकीलों को सुझाव, 'असाधारण वकील बनने के लिए बच्चों जैसी जिज्ञासा का विकास करें'
लाइवलॉ ने हाल ही में एक वेबिनार का आयोजन किया, जिसका विषय था- क्लासरूम ट्रेनिंग का उपयोग बढ़िया वकालत के लिए कैसे करें। कार्यक्रम में त्रिपुरा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अकिल कुरैशी ने वकालत के पेशे से संबंधित कई विषयों पर अपनी बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की। जस्टिस कुरैशी ने छात्रों के व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए लॉ स्कूलों की वर्तमान शैक्षणिक संरचना की पर्याप्तता सहित न्याय वितरण प्रणाली में मजबूत बार की भूमिका का विस्तृत विश्लेषण किया।भाई-भतीजावाद पर उन्होंने कहा कि...
अनुच्छेद 341 के तहत राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचित सूची को संशोधित करने की शक्ति राज्य सरकार को नहीं : पंजाब एवं हरियाणा कोर्ट ने हरियाणा सरकार की अधिसूचनाओं पर लगायी रोक
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 'गड़रिया' समुदाय को अनुसूचित जाति में शामिल करने की हरियाणा सरकार की दो अधिसूचनाओं पर सोमवार को यह कहते हुए रोक लगा दी कि राज्य सरकार को संविधान के अनुच्छेद 341 के तहत किसी भी जाति, वर्ग या जनजाति या समुदाय के किसी हिस्से या समूह को अनुसूचित जाति में वर्गीकृत करने का अधिकार नहीं है। हरियाणा प्रांत में समय-समय पर संशोधित संवैधानिक आदेश 1950 के तहत 'सांसी' अनुसूचित जाति की सूची में शामिल है। राज्य सरकार द्वारा पांच जुलाई 2019 को जारी...







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