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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने वेब स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के विनियमन के लिए याचिका पर नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम और अन्य को नोटिस जारी किया
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने सोमवार को कथित स्ट्रीमिंग अश्लील और यौन रूप से स्पष्ट सामग्री के खिलाफ नियमन के लिए नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम, आदि जैसे ओवर द टॉप (ओटीटी) मीडिया प्लेटफार्मों के खिलाफ दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया। न्यायमूर्ति एससी शर्मा और न्यायमूर्ति शैलेन्द्र शुक्ला की खंडपीठ ने केंद्र सरकार और दस प्रतिवादी कंपनियों को जवाब देने को कहा है। AltBalaji, Netflix, Amazon Prime, Ullu, Voot, Vuclip, Hoichoi, Yashraj Films, Arre और Zee5 ने छह हफ्तों के भीतर इस पर अपना...
NI एक्ट की धारा 138 : मृत दोषी के कानूनी वारिसों को भी दोषसिद्धि को चुनौती देने का अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने यह माना है कि निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराए गए एक मृत अभियुक्त के कानूनी उत्तराधिकारियों को उसकी दोषसिद्धि को चुनौती देने का अधिकार है ताकि वो यह दिखा सकें कि वह व्यक्ति किसी अपराध का दोषी नहीं था।एम. अब्बास हाजी बनाम टी. एन. चन्नाकेशवा मामले में मृतक अभियुक्त द्वारा दायर अपील पर मुकदमा चलाने के लिए कानूनी उत्तराधिकारियों द्वारा दायर आवेदन की अनुमति देते हुए न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा : "कानूनी वारिस, ऐसे...
बेंगलुरु एडवोकेट्स एसोसिएशन ने CJI को लिखा पत्र, जस्टिस ताहिलरामनी, जस्टिस कुरैशी पर लिए गए फैसलों के कारण खुलासा करने का आग्रह
एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ बेंगलुरु ने भारत के मुख्य न्यायाधीश ( CJI) रंजन गोगोई से जजों की नियुक्ति, उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों, सुप्रीम कोर्ट के जजों के तबादलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है और उनसे कुछ जजों के "रहस्यमय" तबादलों के कारणों का खुलासा करने का भी निवेदन किया है। CJI को संबोधित एक पत्र में एसोसिएशन ने कॉलेजियम की निर्णय लेने की प्रक्रिया की अस्पष्टता पर अपनी चिंता व्यक्त की। एसोसिएशन न्यायमूर्ति कुरैशी को त्रिपुरा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में...
सोशल मीडिया का दुरुपयोग खतरनाक स्तर पर, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को गाइडलाइन बनाने के निर्देश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को यह निर्देश दिया है कि वह ऑनलाइन निजता और राज्य की संप्रभुता के हितों को संतुलित करके सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए दिशानिर्देश तैयार करने के बारे में अदालत में एक हलफनामा दायर करे। जस्टिस दीपक गुप्ता और अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंताओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। दरअसल पीठ फेसबुक द्वारा मद्रास, बॉम्बे और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालयों में दाखिल उन याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने के लिए दायर...
पंचायत चुनाव में दो बच्चों की नीति : सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका पर नोटिस जारी किया, हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार
उच्च न्यायालय के पंचायती राज चुनाव में 2 बच्चों से अधिक होने पर अयोग्य करार देने के फैसले को चुनौती देने वाली उत्तराखंड सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने को लेकर सहमति तो जताई है लेकिन फिलहाल उत्तराखंड उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। सोमवार को न्यायमूर्ति एन. वी. रमना, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने उत्तराखंड सरकार द्वारा दायर विशेष अवकाश याचिका पर नोटिस जारी किया लेकिन 5 अक्टूबर को होने वाले पंचायत चुनाव की प्रक्रिया में...
स्लम से बेघर हुए परिवारों को राज्य सरकार व्यवस्था होने तक 15,000 रुपये महीना किराया दे, बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र के महुल में परियोजना प्रभावित व्यक्तियों (पीएपी) को बड़ी राहत प्रदान करते हुए सोमवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह उन लोगों के लिए रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करे, साथ ही जब तक यह व्यवस्था नहीं होती है तब तक उन्हें 15,000 रुपये प्रतिमाह ट्रांजिट किराया तथा 45,000 रुपये जमानत राशि का भुगतान करे। कोर्ट ने कहा कि महुल इलाके में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है और हवा में कैंसरकारी तत्व मौजूद हैं। मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंदराजोग और न्यायमूर्ति भारती डांगरे की...
याचिकाकर्ता को पुलिस अधिकारी ने किया फोन, हाईकोर्ट ने कहा, यह न्याय प्रशासन में सीधा हस्तक्षेप
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को राज्य खुफिया विभाग के एक पुलिस अधिकारी को फटकार लगाई, जिसने अदालत में दायर जनहित याचिका का विवरण एकत्र करने के लिए एक याचिकाकर्ता व्यक्तिगत रूप से फोन किया। मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति मोहम्मद नवाज की खंडपीठ ने कहा, "यह न्याय प्रशासन में सीधा हस्तक्षेप है। हम इस तरह की माफी स्वीकार नहीं करेंगे।" पुलिस निरीक्षक ने एक हलफनामा दायर करने के बाद कहा कि यह एक 'शिष्टाचार कॉल' था जिसे उन्होंने याचिकाकर्ता मल्लिकार्जुन ए को उनकी याचिका पर अदालत में सुनवाई...
पुलिस जांच के दौरान CrPC की धारा 102 के तहत अचल संपत्ति ज़ब्त नहीं कर सकती, सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि पुलिस के पास आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 102 के तहत जांच के दौरान अचल संपत्ति को ज़ब्त करने की शक्ति नहीं है। यह निर्णय जस्टिस दीपक गुप्ता और संजीव खन्ना की पीठ ने सुनाया। हालांकि, पुलिस के पास आरोपियों की चल संपत्तियों को फ्रीज़ करने का अधिकार है, पीठ ने स्पष्ट किया। सीआरपीसी की धारा 102 (1)कहती है कि "कोई भी पुलिस अधिकारी किसी भी संपत्ति को जब्त कर सकता है जो कथित रूप से चोरी की हुई या संदिग्ध हो सकती है, या जो किसी भी अपराध से जुड़ी होने का...
कर्नाटक में अयोग्य विधायकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट दो दिन करेगा सुनवाई, EC ने कहा, दोबारा चुनाव लड़ना उनका अधिकार
कर्नाटक में अयोग्य करार दिए गए 17 बागी विधायकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट बुधवार को इस बात का परीक्षण करने को तैयार हो गया है कि कर्नाटक में उपचुनाव कराने पर रोक लगाई जाए या बागी अयोग्य विधायकों को चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाए।जस्टिस एन. वी. रमना, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश मुकुल रोहतगी की दलीलें सुनने के बाद कहा कि वो अंतरिम राहत के लिए बुधवार और गुरुवार 2 दिन सुनवाई करेगी। हालांकि इस दौरान चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील...
मुस्लिम नाबालिग लड़की की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने लड़की, पति और पिता को तलब किया, गृह सचिव को फटकार
नारी निकेतन में "कैद" एक मुस्लिम लड़की की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम कदम उठाते हुए लड़की, उसके पति और पिता को 1 अक्टूबर को कोर्ट में तलब किया है। जस्टिस एन. वी. रमना, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने सोमवार को कहा कि वो पक्षों से बात करना चाहते हैं । वहीं नोटिस के बावजूद जवाब दाखिल ना करने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराज़गी जताते हुए उत्तर प्रदेश के गृह सचिव को फटकार लगाई। पीठ ने कोर्ट में मौजूद गृह सचिव को यह चेतावनी दी कि अगर कोई वकील अदालत के नोटिस का जवाब नहीं देता है तो...
मराडु फ्लैट मामला : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, आदेश के उल्लंघन के लिए केरल के मुख्य सचिव व्यक्तिगत तौर पर होंगे जिम्मेदार
सुप्रीम कोर्ट ने केरल में कोच्चि के मराडु स्थित अपार्टमेंट को ढहाये जाने के मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को राज्य के मुख्य सचिव को मौखिक चेतावनी दी कि तटीय नियमन क्षेत्र (सीआरजेड ) की अधिसूचना के तहत प्रतिबंधित इलाकों में अनधिकृत निर्माण के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जायेगा। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति रवीन्द्र भट्ट की पीठ के समक्ष मुख्य सचिव टॉम जोस व्यक्तिगत रूप से आज पेश हुए थे। जस्टिस मिश्रा ने कोच्चि के मराडु में पांच अपार्टमेंट परिसरों को ढहाये जाने के...
सुप्रीम कोर्ट ने UP के जेल अधीक्षक के खिलाफ गैर ज़मानती वारंट रद्द किया कहा, ज़रूरत पड़ी तो कराएंगे जांच
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर की जिला जेल के अधीक्षक के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) को उनके पेश हो जाने के बाद रद्द कर दिया। हालांकि सोमवार को जस्टिस एन. वी. रमना, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने यह साफ कहा है कि पीठ इस मामले का परीक्षण करेगी कि आखिर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद आरोपी को जेल से रिहा कैसे किया गया। पीठ ने कहा कि जरूरत पड़ी तो इस मामले की जांच के आदेश भी जारी करेंगे। पीठ इस मामले की सुनवाई अब नवंबर में करेगी। हालांकि पीठ को यह बताया गया कि...
जस्टिस कुरैशी की सिफारिश :सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की याचिका को लंबित रखा
न्यायमूर्ति अकिल कुरैशी की मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति करने में देरी का विरोध करने वाली जनहित याचिका को CJI रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने लंबित रखा है।सुनवाई के दौरान CJI रंजन गोगोई, जस्टिस एस. ए. बोबडे और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर की पीठ ने याचिकाकर्ता गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अरविंद दातार की उस दलील को मान लिया जिसमें यह कहा गया था कि फिलहाल कॉलेजियम ने जस्टिस अकिल को मध्य प्रदेश के स्थान पर त्रिपुरा हाई कोर्ट का मुख्य...
सुप्रीम कोर्ट में 4 नए जजों ने शपथ ली, जजों की संख्या पूरी 34 हुई
जस्टिस कृष्ण मुरारी, जस्टिस एस. रवींद्र भट्ट, जस्टिस वी. रामसुब्रमण्यम और जस्टिस हृषिकेश रॉय ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के जजों के तौर पर शपथ ली। CJI रंजन गोगोई ने उन्हें अपने पद की शपथ दिलाई। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या क्षमता के मुताबिक 34 हो गई है। सुप्रीम कोर्ट में नए नियम सुप्रीम कोर्ट में अब नए नियम बनाए गए हैं जिनके तहत 7 साल की सजा तक के अपराध में जमानत, अग्रिम जमानत याचिकाओं के अलावा ट्रांसफर याचिकाओं पर एकल पीठ सुनवाई करेगी। पहली बार देश की सबसे बड़ी अदालत में...
बाबरी विध्वंस साजिश : विशेष अदालत ने कल्याण सिंह को समन जारी कर 27 सितंबर को पेश होने के निर्देश दिए
1992 बाबरी विध्वंस साजिश के मामले में लखनऊ की विशेष CBI अदालत ने बीजेपी नेता कल्याण सिंह को बतौर आरोपी समन जारी करते हुए 27 सितंबर को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए हैं। दरअसल इस मामले में कल्याण सिंह को अब तक राज्यपाल के तौर पर संवैधानिक पद पर होने के कारण ट्रायल से छूट मिली हुई थी, लेकिन अब उन्होंने पदमुक्त होकर फिर से बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। इसके बाद CBI ने उनके खिलाफ में अर्जी दाखिल कर उन्हें इस मामले में बतौर आरोपी समन जारी करने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने विशेष जज...
जहां महिला रहती है, उसी स्थान पर कर सकती है आईपीसी की धारा 498ए के तहत शिकायत, सुप्रीम कोर्ट ने दी इजाज़त
सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 498ए के तहत दायर शिकायतों पर विचार करने वाली अदालतों के अधिकार क्षेत्र के संबंध में अपने विचार फिर से दोहराए हैं। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने एक महिला को उसकी शिकायत उस स्थान पर अदालत में दायर करने की अनुमति दे दी है, जहां वह निवास कर रही थी। "प्रीति कुमारी बनाम बिहार राज्य" मामले में न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की खंडपीठ ने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर अपील को स्वीकार कर लिया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि उस स्थान पर...
गोहत्या के आरोप में सज़ा काट रहे व्यक्ति को हाईकोर्ट ने रिहा किया, गुजरात हाईकोर्ट का फैसला
गुजरात हाईकोर्ट ने 'गोहत्या' के लिए दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति पर दस साल की जेल की सजा को निलंबित कर दिया है। संभवतः, 2017 में गुजरात पशु संरक्षण अधिनियम के संशोधन के बाद यह पहली सजा थी। ट्रायल कोर्ट ने सलीम कादर मकरानी को गोहत्या के अपराध में दोषी पाया था। इस मामले में प्राथमिक रिपोर्ट इस साल जनवरी में दर्ज की गई थी। सत्तार कोलिया नामक व्यक्ति ने मकरानी के खिलाफ अपनी गाय के बछड़े को चोरी करने, उसे मारने और बाद उसे की बेटी की शादी की दावत में परोसने का आरोप लगाया था। इस मामले में राजकोट में...
सीआरपीसी की धारा 362 आदेश वापस लेने से नहीं रोकती, इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपराधिक मुकदमे में जारी एक आदेश वापस लेते हुए टिप्पणी की कि दंड विधान संहिता (सीआरपीसी) की धारा 362 का निरोधात्मक प्रावधान आदेश या फैसले की समीक्षा के लिए लागू होता है, वापस लेने के मामले में नहीं। सीआरपीसी की धारा 362 कहती है कि कोई भी अदालत अपने फैसले पर हस्ताक्षर करती है या मुकदमे का निपटारा करते हुए अंतिम आदेश देती है तो वह उसमें लेखन अथवा अंकगणितीय गलती को सही करने के अलावा उसमें न तो कोई बदलाव कर सकती है, न उसकी समीक्षा। रिव्यू पिटीशन और रिकॉल पिटीशन में अंतर ...




















