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सुप्रीम कोर्ट ने उस मजिस्ट्रेट की बर्ख़ास्तगी को जायज़ ठहराया जिसने एक महिला वक़ील के पक्ष में फ़ैसला दिया था, पढ़िए फैसला
एक क्लाइंट और एक महिला वक़ील के रिश्तेदारों के पक्ष में फ़ैसला देने के आरोप में नौकरी से हटाए गए मजिस्ट्रेट को कोई भी राहत देने से सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया। ऐसा माना जाता है कि इस महिला के साथ उनका कथित रूप से नज़दीकी संबंध था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक और निजी जीवन में एक न्यायिक मजिस्ट्रेट की ईमानदारी संदेह से परे होनी चाहिए। मजिस्ट्रेट की अपील को ख़ारिज करते हुए न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि 'परितोषण' का मतलब सिर्फ़ मौद्रिक परितोषण ही नहीं होता है...
इग्नू के पीजीडीसीसी कोर्स को मान्यता देने के आवेदन पर केंद्र पुनर्विचार करे : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) कानून की धारा 11(2) के तहत पीजी डिप्लोमा कोर्स को मान्यता देने के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के आवेदन पर केंद्र सरकार को विचार करने का निर्देश दिया है। इग्नू के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन क्लिनिकल कार्डियोलॉजी (पीजीडडीसीसी) को मान्यता प्राप्त योग्यता के रूप में शामिल करने के लिए भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम की अनुसूची में संशोधन को लेकर याचिका दायर की गयी है। याचिकाकर्ता 'इंडियन एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल कार्डियोलॉजी'...
हमले में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी न हो तो यह हमेशा अभियोजन पक्ष के लिए नुकसानदायक नहीं, सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि अभियोजन के मामले को केवल इसलिए अविश्वसनीय करार नहीं दिया जा सकता क्योंकि हमले में इस्तेमाल हथियार या गोली बरामद नहीं की गई थी। दरअसल प्रभाष कुमार सिंह बनाम बिहार राज्य में हत्या के एक मामले में अभियुक्तों की समवर्ती दोषसिद्धी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपील में मुख्य विवाद यह था कि मृतक की मौत को गोली की चोट से जोड़ने के लिए चिकित्सा साक्ष्य निर्णायक नहीं हैं। दलील दी गई थी कि गोली या उसके किसी भी हिस्से को बरामद नहीं किया गया। पीठ ने रिकॉर्ड पर मौजूद...
गुजरात हाईकोर्ट ने बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली किसानों की याचिकाएं खारिज की
गुजरात हाईकोर्ट ने बुलेट ट्रेन से संबंधित मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली संबंधित किसानों की रिट याचिकाएं खारिज कर दीं। न्यायमूर्ति अनंत एस. दवे और न्यायमूर्ति बिरेन वैष्णव ने भूमि-अधिग्रहण संबंधी उचित मुआवजा और पारदर्शिता, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन (गुजरात संशोधन) अधिनियम, 2016 की धारा 10ए और 2(एक) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाएं निरस्त कर दीं। गुजरात सरकार का संशोधन असंवैधानिक नहीं कोर्ट ने अपने 361 पृष्ठ के फैसले में...
1 अक्टूबर से अब सुप्रीम कोर्ट में होगी पांच जजों की स्थायी संविधान पीठ
सुप्रीम कोर्ट में अब एक स्थायी संविधान पीठ होगी, जिसमें पांच जजों पीठ कानून के सवाल और संविधान की व्याख्या करेगी। टाइम्स ऑफ इंडिया में रिपोर्ट है कि एक अक्टूबर से सुप्रीम कोर्ट में स्थायी तौर पर पांच जजों की संविधान पीठ काम करना शुरू कर देगी। सुप्रीम कोर्ट का यह महत्वपूर्ण फैसला उस समय आया है जब सुप्रीम कोर्ट के नियमों 2013 में संशोधन किया गया है और ट्रांसफर याचिकाओं व सात साल की सजा तक के अपराध पर जमानत के लिए दाखिल विशेष अवकाश याचिकाओं से निपटने के लिए एकल पीठ का प्रावधान किया गया है। SC...
राजस्थान, पंजाब और हरियाणा सहित पांच हाईकोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति
केंद्र सरकार ने मद्रास, केरल, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा और हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालयों में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति को अधिसूचित किया है। न्यायमूर्ति विनीत कोठारी को मद्रास उच्च न्यायालय का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है, क्योंकि राष्ट्रपति ने मुख्य न्यायाधीश वीके ताहिलरमानी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। केरल, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति तब से प्रभावी है, जब उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को...
SC में नए नियम का सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने किया विरोध, संशोधन वापस लेने का प्रस्ताव
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के नियमों में संशोधनों के खिलाफ आपत्ति जताते हुए एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें सात साल तक की जेल की सजा के लिए जमानत के मामलों की सुनवाई के लिए एकल पीठ के गठन का प्रावधान किया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है, "यह आश्चर्य की बात है कि ये संशोधन सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को शामिल किए बिना और / या परामर्श के बिना लाया गया है, जो सुप्रीम कोर्ट में न्याय के वितरण की प्रक्रिया में प्रमुख हितधारक है।" यह कहते हुए कि सुप्रीम कोर्ट...
राष्ट्रपति ने मद्रास हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश वीके ताहिलरमानी का इस्तीफा स्वीकार किया
राष्ट्रपति ने मद्रास उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस वी के ताहिलरमानी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। जस्टिस वी के ताहिलरमानी ने पिछले दिनों अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका यह कदम सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम द्वारा मेघालय उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव के विरोध में माना जा रहा है। कानून और न्याय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना कहती है: "श्रीमती न्यायमूर्ति विजया कमलेश ताहिलरमानी ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 217 के खंड (1) से धारा (1) के तहत मद्रास उच्च न्यायालय के...
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस अकील कुरैशी को त्रिपुरा उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की
एक आश्चर्यजनक कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने त्रिपुरा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति अकील कुरैशी के नाम की सिफारिश की है। इससे पहले कॉलेजियम ने 10 मई केंद्र को भेजी गई अपनी पहली सिफारिश में जस्टिस कुरैशी को मध्य प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने का प्रस्ताव भेजा था, किंतु यह प्रस्ताव केंद्र से वापस आ गया। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कहा कि वह 23 अगस्त, 2019 और 27 अगस्त, 2019 को की गई दो कम्यूनिकेशन (संचार) के बाद न्याय विभाग द्वारा भेजे गए...
दिल्ली विश्वविद्यालय के 10 लॉ ग्रेजुएट फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के जज, चार एक ही बैच से
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कैम्पस लॉ सेंटर के लिए यह गौरव की बात है कि सुप्रीम कोर्ट के करीब एक तिहाई (34 में से 10) मौजूदा न्यायाघीश उसके एलुम्नाई (भूतपूर्व छात्र) रहे हैं। न्यायमूर्ति रवीन्द्र भट और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति की अधिसूचना के बाद शीर्ष अदालत में वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय के कैम्पस लॉ सेंटर से विधि स्नातक किए जजों की संख्या 10 हो गयी है। दिल्ली विश्वविद्यालय से विधि स्नातक करने वाले अन्य सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश हैं:-...
कैंपस में जातिगत भेदभाव रोकने को लेकर वेमुला और पायल तड़वी की माता की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रोहित वेमुला और डॉ. पायल तड़वी की मां द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को समाप्त करने के उपायों के लिए दायर जनहित याचिका में नोटिस जारी किया है। जस्टिस एन. वी. रमना और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ ने सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के लिए पेश वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह से कहा कि UGC के जातिगत भेदभाव के खिलाफ नियम पहले से ही लागू हैं तो कोर्ट के आदेशों की क्या जरूरत है। इस पर इंदिरा जयसिंह ने उत्तर दिया कि ये नियम लागू नहीं होते हैं। UGC द्वारा अनिवार्य...
शैक्षणिक दस्तावेजों में लिंग परिवर्तन करवाने के नियमों के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में ट्रांसजेंडर की पीआईएल
एक ट्रांसजेंडर महिला ने दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर करके भारत सरकार के प्रकाशन विभाग के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें सरकारी रिकॉर्ड में लिंग परिवर्तन के लिए सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी (एसआरएस) को अनिवार्य बनाया गया है। यह सर्जरी पुरुष जननांग को स्त्री जननांग में परिवर्तित करने की एक शल्य प्रक्रिया है। इस पीआईएल के जरिये याचिकाकर्ता ने लिंग परिवर्तन के सार्वजनिक नोटिस की अधिसूचना से संबंधित दिशानिर्देशों तथा दिल्ली विश्वविद्यालय एवं केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई)...
देश की हर तहसील में हों केंद्रीय विद्यालय, दिल्ली हाईकोर्ट में सरकार को निर्देश देने के लिए याचिका
दिल्ली हाईकोर्ट एक जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा, जो प्रत्येक तहसील में कम से कम एक केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) को निर्देश जारी करने के लिए दाखिल की गई है। भाजपा नेता एडवोकेट अश्विनी उपाध्याय द्वारा दायर की गई याचिका में अदालत से मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) को निम्नलिखित निर्देश देने का आग्रह किया गया है। अदालत मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार को निर्देशित करे कि वह भारत के पूरे क्षेत्र में प्रत्येक तहसील, तालुका, उप-मंडल, सर्कल...
जम्मू कश्मीर के व्यवसायी के लिए हैबियस कॉरपस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया, हाईकोर्ट की कार्रवाई पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू- कश्मीर के व्यवसायी डॉक्टर मुबीन शाह के लिए दाखिल हैबियस कॉरपस याचिका पर जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पीठ ने 2 सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। शुक्रवार को CJI रंजन गोगोई, जस्टिस एस. ए. बोबडे और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर की पीठ ने व्यवसायी की पत्नी आसिफा मुबीन शाह की याचिका पर ये नोटिस जारी किया है जिसमें कहा गया है कि सुरक्षा बलों ने उसके पति को 7 अगस्त से अवैध हिरासत में रखा है। सॉलिसिटर जनरल ने किया याचिका का विरोध इस दौरान सॉलिसिटर जनरल...
जम्मू- कश्मीर में क्या बच्चों को अवैध हिरासत में रखा जा रहा है, सुप्रीम कोर्ट ने जुवेनाइल जस्टिस कमेटी से मांगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू- कश्मीर जुवेनाइल जस्टिस कमेटी से रिपोर्ट मांगी है कि क्या राज्य में बच्चों को अवैध रूप से हिरासत में रखा जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने एक सप्ताह में ये रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एस. ए. बोबडे और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर की पीठ ने बाल अधिकार विशेषज्ञ एनाक्षी गांगुली और राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग (एनसीपीसीआर) की पहली अध्यक्षा प्रोफेसर शांता सिन्हा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि उन्हें हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की रिपोर्ट...
सुप्रीम कोर्ट में नया नियम : जमानत, अग्रिम जमानत और ट्रांसफर याचिकाओं पर सुनवाई करेगी एक जज की पीठ
सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों से निपटने के लिए अब एक और नया नियम बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट में अब जमानत, अग्रिम जमानत और ट्रांसफर याचिकाओं पर सुनवाई के लिए एक जज की पीठ का गठन होगा।सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक राष्ट्रपति की मंजूरी से संविधान के अनुच्छेद 145 के तहत सुप्रीम कोर्ट नियम 2013 में संशोधन कर सुप्रीम कोर्ट नियम (संशोधन) 2019 को लागू किया गया है। इनके तहत * CrPC की धारा 437, 438 या 439 के तहत जमानत या अग्रिम जमानत को लेकर SLP, जिन अपराधों में सात साल तक की सजा...
बड़ा सार्वजनिक हित :सुप्रीम कोर्ट ने पान मसाला से उत्पाद शुल्क के भुगतान से छूट वापस लेने के केंद्र के फैसले को सही ठहराया
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार द्वारा तंबाकू युक्त और बिना तंबाकू वाले पान मसाला पर उत्पाद शुल्क के भुगतान से छूट को वापस लेने के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि यह बड़े सार्वजनिक हित में है। जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एम. आर. शाह और जस्टिस बी. आर. गवई की 3 जजों वाली बेंच ने सिक्किम हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले को 'पूरी तरह से गलत' और 'चौंकाने वाला' करार दिया है। सिक्किम हाईकोर्ट के फैसले को बताया 'पूरी तरह से गलत'दरअसल उच्च न्यायालय ने रिट अपील को वापस लेने को चुनौती देने वाली...
आरोपी के खिलाफ चेक बाउंस के अलग अलग मामलों पर एक साथ सुनवाई का कोई प्रावधान नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने दिए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस केस में अभियुक्त के खिलाफ चेक बाउंस के कई मामलों को एक नोटिस से समेकित करने की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता में मामलों को एक दूसरे के साथ समेकन करने का कोई प्रावधान नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अलग अलग मामलों पर एक साथ सुनवाई करने का कोई प्रावधान नहीं है। शिकायतकर्ता द्वारा बाउंस किए गए चार चेक कथित रूप से जारी किए जाने के बाद आरोपी के खिलाफ चार अलग-अलग शिकायतें दर्ज की गईं। शिकायतकर्ता ने सभी चार चेक की बाउंस होने के संबंध में...
दिल्ली हाईकोर्ट का दस्तावेज़ों की कॉपी उपलब्ध कराने का निर्देश कहा, अदालत के क्लर्क नियमों का उल्लंघन करेंगे तो मिलेगी सज़ा
दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को आदेश की प्रतियां उपलब्ध कराने में अदालत के बहुमूल्य समय की बर्बादी को कम करने के लिए निर्देश जारी किया है। वर्तमान मामले में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच एक हलफ़नामा पेश करने को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। प्रतिवादी के वक़ील नौशाद अहमद खान हलफ़नामे के आधार पर अपना दलील पेश करने वाले थे जबकि याचिकाकर्ता के वक़ील वीपी राणा ने कहा कि उन्हें इस हलफ़नामे की प्रति नहीं दी गई है। भोजनावकाश के बाद वकीलों ने कहा कि संबंधित अदालत के क्लर्कों ने इस मामले को आपस...




















