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न्यायपालिका में आम आदमी का विश्वास बनाए रखने के लिए हमें अपना कर्तव्य निभाना चाहिए: जस्टिस सुधांशु धूलिया
न्यायपालिका में आम आदमी का विश्वास बनाए रखने के लिए हमें अपना कर्तव्य निभाना चाहिए: जस्टिस सुधांशु धूलिया

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) द्वारा आयोजित अपने विदाई समारोह में जस्टिस सुधांशु धूलिया ने आज कहा कि आम आदमी के विश्वास ने ही न्यायपालिका को जीवित रखा है और जजों के साथ-साथ वकीलों को भी उस विश्वास को बनाए रखने के लिए अपना कर्तव्य निभाना चाहिए।उन्होंने कहा,"आम आदमी के विश्वास ने न्यायपालिका को जीवित रखा। वकील स्वतंत्रता संग्राम में सबसे आगे थे। वकीलों को साहस के साथ बोलना चाहिए, निडर होना चाहिए। इस देश के लोग हमारी ओर आशा भरी नज़रों से देखते हैं। हमें अपना विश्वास बनाए रखने के लिए अपना...

सुप्रीम कोर्ट ने SCLSC अध्यक्ष से SCLSC के स्थायी कर्मचारियों द्वारा एससी रजिस्ट्री कर्मचारियों के समान वेतन-समानता की मांग पर विचार करने का अनुरोध किया
सुप्रीम कोर्ट ने SCLSC अध्यक्ष से SCLSC के स्थायी कर्मचारियों द्वारा एससी रजिस्ट्री कर्मचारियों के समान वेतन-समानता की मांग पर विचार करने का अनुरोध किया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक रिट याचिका का निपटारा किया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट विधिक सेवा समिति (SCLSC) के स्थायी कर्मचारियों ने अन्य कर्मचारियों के समान वेतन-समानता की मांग की थी। इस याचिका का निपटारा SCLSC के अध्यक्ष, जस्टिस विक्रम नाथ से अनुरोध के साथ किया गया कि वह ऐसे कर्मचारियों के प्रतिनिधित्व पर विचार करें और इस मामले में उचित निर्णय लें।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ के समक्ष SCLSC के स्थायी कर्मचारी याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि उन्हें अन्य आउटसोर्स या संविदा...

सुप्रीम कोर्ट ने एयर इंडिया की सुरक्षा जांच की मांग वाली याचिका खारिज की, पूछा – सिर्फ एयर इंडिया ही क्यों?
सुप्रीम कोर्ट ने एयर इंडिया की सुरक्षा जांच की मांग वाली याचिका खारिज की, पूछा – सिर्फ एयर इंडिया ही क्यों?

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एयर इंडिया की सुरक्षा जांच, रखरखाव प्रक्रियाओं और संचालन संबंधी नियमों की स्वतंत्र जांच की मांग वाली एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। यह याचिका अहमदाबाद विमान दुर्घटना के बाद दायर की गई थी, जिसमें 270 लोगों की जान चली गई थी।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने याचिका को "वापस ली गई" के रूप में खारिज कर दिया और याचिकाकर्ताओं को उचित समय पर उपयुक्त रिट याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता दी।जस्टिस सूर्यकांत ने कहा,"थोड़ा इंतज़ार...

सैफ अली खान भोपाल नवाब वारिस मामला: सुप्रीम कोर्ट ने MP हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक
सैफ अली खान भोपाल नवाब वारिस मामला: सुप्रीम कोर्ट ने MP हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता सैफ अली खान के पूर्वज और भोपाल के अंतिम शासक नवाब हमीदुल्ला खान की निजी संपत्ति से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे संपत्ति विवाद को नये सिरे से सुनवाई के लिये वापस निचली अदालत में भेजने के मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर शुक्रवार को अंतरिम रोक लगा दी।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अतुल चंदुरकर की खंडपीठ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 30 जून, 2025 के आदेश को चुनौती देने वाली दिवंगत नवाब मोहम्मद हमीदुल्ला खान के बड़े भाई के उत्तराधिकारियों उमर और राशिद अली द्वारा दायर याचिका पर...

हाईकोर्ट ने समय से पहले दखल दिया: PMLA मामले में कार्ती चिदंबरम के खिलाफ आरोप तय करने की सुनवाई टालने पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
'हाईकोर्ट ने समय से पहले दखल दिया': PMLA मामले में कार्ती चिदंबरम के खिलाफ आरोप तय करने की सुनवाई टालने पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने चीनी वीजा और एयरसेल मैक्सिस मामलों से संबंधित धन शोधन निवारण अधिनियम की कार्यवाही में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदम् बरम के खिलाफ आरोपों पर दलीलें स् थगित करने के दिल्ली हाईकोर्ट आदेश के खिलाफ ED की याचिका पर आज नोटिस जारी किया। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने ED के लिए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया , जिन्होंने सवाल किया कि पीएमएलए मुकदमे को विधेय अपराध में आरोप तय किए जाने का इंतजार क्यों करना चाहिए। सबसे पहले,...

सुप्रीम कोर्ट असली हिंदुस्तान है, जहां वकील देश के हर कोने से आते हैं: जस्टिस सुधांशु धूलिया का विदाई संबोधन
सुप्रीम कोर्ट असली हिंदुस्तान है, जहां वकील देश के हर कोने से आते हैं: जस्टिस सुधांशु धूलिया का विदाई संबोधन

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सुधांशु धूलिया 9 अगस्त को रिटायर हो रहे हैं। उन्होंने अपने विदाई समारोह में कहा कि सुप्रीम कोर्ट असल में हिंदुस्तान है, जहां की विविधता और समावेशिता पूरे देश की पहचान को दर्शाती है।जस्टिस धूलिया ने कहा,"सुबह मेरी पत्नी ने पूछा कि आपको सबसे ज्यादा किस चीज़ की कमी महसूस होगी। मैंने कहा 'हिंदुस्तान' की। वह सोचने लगी कि शायद मैं अपनी समझ खो रहा हूं। मेरे कहने का मतलब था सुप्रीम कोर्ट बार। यह शायद दुनिया की एकमात्र अदालत है, जहां देश के हर कोने से हर राज्य से वकील आते हैं। यही...

सुप्रीम कोर्ट ने सुरेंद्र गाडलिंग की ज़मानत याचिका पर जल्द सुनवाई पर सहमति जताई
सुप्रीम कोर्ट ने सुरेंद्र गाडलिंग की ज़मानत याचिका पर जल्द सुनवाई पर सहमति जताई

सुप्रीम कोर्ट ने दलित सोशल एक्टिविस्ट और एडवोकेट सुरेंद्र गाडलिंग की 2018 के भीमा कोरेगांव मामले में UAPA के तहत कथित माओवादी संबंधों के आरोप में ज़मानत याचिका पर जल्द सुनवाई के अनुरोध को स्वीकार कर लिया।गाडलिंग की ओर से सीनियर एडवोकेट आनंद ग्रोवर ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया।उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका 2023 से लंबित है और गाडलिंग 6 साल से ज़्यादा समय से...

Banke Bihari Temple | अध्यादेश की वैधता पर हाईकोर्ट के निर्णय लिए जाने तक समिति को निलंबित करने का आदेश पारित किया जाएगा: सुप्रीम कोर्ट
Banke Bihari Temple | अध्यादेश की वैधता पर हाईकोर्ट के निर्णय लिए जाने तक समिति को निलंबित करने का आदेश पारित किया जाएगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश श्री बांके बिहारी जी मंदिर न्यास अध्यादेश, 2025 के तहत समिति के संचालन को निलंबित करने का आदेश पारित करेगा, जिसे मथुरा के वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर का प्रबंधन सौंपा गया है।न्यायालय ने कहा कि वह अध्यादेश की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने के लिए याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट में भेजेगा और जब तक हाईकोर्ट इस मामले का निर्णय नहीं ले लेता, समिति को स्थगित रखा जाएगा। न्यायालय ने कहा कि इस बीच मंदिर के सुचारू प्रशासन को सुनिश्चित करने के लिए वह एक अन्य समिति का...

BREAKING| चीफ जस्टिस के अनुरोध के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट जज को आपराधिक क्षेत्राधिकार से हटाने का निर्देश वापस लिया
BREAKING| चीफ जस्टिस के अनुरोध के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट जज को आपराधिक क्षेत्राधिकार से हटाने का निर्देश वापस लिया

सुप्रीम कोर्ट ने एक असामान्य घटनाक्रम में शुक्रवार (8 अगस्त) को 4 अगस्त को पारित अपने अभूतपूर्व आदेश को वापस ले लिया। इस आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक जज को उनकी रिटायरमेंट तक आपराधिक क्षेत्राधिकार से हटा दिया जाना चाहिए और उन्हें एक अनुभवी सीनियर जज के साथ बैठाया जाना चाहिए।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ ने हाईकोर्ट के जज जस्टिस प्रशांत कुमार द्वारा पारित आदेश पर आपत्ति जताते हुए यह असामान्य आदेश पारित किया था, जिसमें आपराधिक शिकायत को इस आधार...

क्या केवल एक उम्मीदवार वाले चुनावों में मतदाताओं को NOTA का विकल्प नहीं दिया जा सकता? सुप्रीम कोर्ट ने ECI से पूछा
क्या केवल एक उम्मीदवार वाले चुनावों में मतदाताओं को NOTA का विकल्प नहीं दिया जा सकता? सुप्रीम कोर्ट ने ECI से पूछा

सुप्रीम कोर्ट ने कल निर्विरोध चुनावों (अर्थात बिना मतदान के) में उम्मीदवारों के प्रत्यक्ष निर्वाचन को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सवाल करते हुए पूछा, "यदि एक ही उम्मीदवार है, लेकिन मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा NOTA (इनमें से कोई नहीं) के माध्यम से उसे निर्वाचित नहीं देखना चाहता तो क्या उनकी 'अदृश्य इच्छा' को पराजित होने दिया जाना चाहिए?"जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 53(2) और चुनाव संचालन नियम, 1961 के...

माँ का जैविक माँ होना ज़रूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने IAF से सौतेली माताओं को पारिवारिक पेंशन से बाहर रखने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया
'माँ' का जैविक माँ होना ज़रूरी नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने IAF से सौतेली माताओं को पारिवारिक पेंशन से बाहर रखने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया

भारतीय वायुसेना (IAF) द्वारा सौतेली माँ को पेंशन लाभ देने से इनकार करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कल कहा कि पेंशन योजना जैसे कल्याणकारी उद्देश्यों के लिए 'माँ' शब्द एक स्थिर शब्द नहीं होना चाहिए। बता दें, उक्त याचिकाकर्ता ने अपने मृतक अधिकारी पुत्र का 6 साल की उम्र से पालन-पोषण किया थान्यायालय ने कहा कि किसी मामले को उसके विशिष्ट तथ्यों के आधार पर देखा जाना चाहिए ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि वास्तव में बच्चे के जीवन में माँ की भूमिका किसने निभाई और लाभ को केवल जैविक माताओं तक सीमित नहीं...

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ एकजुट हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज, चीफ जस्टिस से की यह मांग
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ एकजुट हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज, चीफ जस्टिस से की यह मांग

एक सशक्त और अभूतपूर्व कदम उठाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के कम-से-कम 13 जजों ने हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर उनसे फुल कोर्ट बुलाने का आग्रह किया ताकि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 4 अगस्त को जारी किए गए कुछ निर्देशों को लागू न करने पर विचार किया जा सके, जिसमें जस्टिस प्रशांत कुमार की रिटायरमेंट तक उनकी आपराधिक सूची हटा दी गई थी।पत्र में निम्नलिखित प्रस्ताव पर विचार करने का अनुरोध किया गया:"फुल कोर्ट यह प्रस्ताव पारित करे कि 4 अगस्त, 2025 के विषयगत आदेश के अनुच्छेद 24 से 26 में दिए गए निर्देशों का...

JSW ने समाधान योजना लागू करने में चूक की, BPSL के परिसमापन की नहीं, बल्कि नए सिरे से CIRP की ज़रूरत: पूर्व प्रवर्तक ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
JSW ने समाधान योजना लागू करने में चूक की, BPSL के परिसमापन की नहीं, बल्कि नए सिरे से CIRP की ज़रूरत: पूर्व प्रवर्तक ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

सुप्रीम कोर्ट ने भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (BPSL) के लिए JSW स्टील की समाधान योजना के खिलाफ अपीलों पर सुनवाई की।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस एससी शर्मा और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने मामले की सुनवाई की। पिछले हफ़्ते, बेंच ने पुनर्विचार शक्ति का प्रयोग करते हुए 5 मई के उस फ़ैसले को वापस ले लिया था, जिसमें JSW की समाधान योजना को खारिज कर दिया गया। मामले की नए सिरे से सुनवाई करने का फ़ैसला किया था। गौरतलब है कि जस्टिस बेला त्रिवेदी और जस्टिस एससी शर्मा की पीठ ने 5 मुख्य...

इलाहाबाद हाईकोर्ट का एक और आदेश जिससे हम निराश हैं: सजा निलंबन संबंधी कानून की अनदेखी पर सुप्रीम कोर्ट
'इलाहाबाद हाईकोर्ट का एक और आदेश जिससे हम निराश हैं': सजा निलंबन संबंधी कानून की अनदेखी पर सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश पर फिर से नाराजगी व्यक्त की, जिसमें सजा निलंबन पर कानून की स्थापित स्थिति को लागू किए बिना निश्चित अवधि की सजा को निलंबित करने से इनकार कर दिया गया।न्यायालय ने हाईकोर्ट का आदेश यह कहते हुए रद्द कर दिया कि वह निश्चित अवधि की सजा में सजा निलंबन से इनकार करने को उचित ठहराने वाली परिस्थितियों का उचित आकलन करने में विफल रहा है, जैसा कि भगवान राम शिंदे गोसाई एवं अन्य बनाम गुजरात राज्य, (1999) 4 एससीसी 421 मामले में कानून स्थापित है, जिसमें कहा गया कि जब...

नियमों के तहत निर्धारित समय सीमा से पहले सरकारी आवास खाली कर देंगे: चीफ जस्टिस बीआर गवई
नियमों के तहत निर्धारित समय सीमा से पहले सरकारी आवास खाली कर देंगे: चीफ जस्टिस बीआर गवई

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई ने गुरुवार को कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के नियमों के तहत निर्धारित समय सीमा से पहले अपना सरकारी आवास खाली कर देंगे।चीफ जस्टिस ने अपनी बाध्यताओं को स्वीकार करते हुए कहा,"24 नवंबर (सेवानिवृत्ति की तिथि) तक मुझे उपयुक्त आवास ढूंढ़ने का समय नहीं मिलेगा। लेकिन मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि नियमों के अनुसार जो भी समय सीमा होगी। मैं उससे पहले ही वहां स्थानांतरित हो जाऊंगा।"सुप्रीम कोर्ट जजेज रूल्स, 1959 के नियम 4 के अनुसार, जज अपने पूरे कार्यकाल के दौरान और उसके...

Justice Yashwant Varma Case | वीडियो और तस्वीरें पब्लिश होने पर भी आंतरिक जांच से कोई नुकसान नहीं हुआ: सुप्रीम कोर्ट
Justice Yashwant Varma Case | वीडियो और तस्वीरें पब्लिश होने पर भी आंतरिक जांच से कोई नुकसान नहीं हुआ: सुप्रीम कोर्ट

आंतरिक प्रक्रिया की समग्र पवित्रता बरकरार रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जस्टिस यशवंत वर्मा के आधिकारिक आवास पर नकदी के वीडियो और तस्वीरें न्यायालय की वेबसाइट पर पब्लिश नहीं की जानी चाहिए थीं। इस संदर्भ में, न्यायालय ने कहा कि आंतरिक प्रक्रिया में ऐसा कुछ भी नहीं है कि अपराध सिद्ध करने वाले साक्ष्य सार्वजनिक डोमेन में प्रकाशित किए जाएं।फिर भी न्यायालय ने यह माना कि चूंकि जस्टिस वर्मा ने पहली बार में यह मुद्दा नहीं उठाया था, इसलिए इसे उनकी ओर से मौन स्वीकृति माना जाएगा।जस्टिस दीपांकर दत्ता और...

चीफ जस्टिस को आंतरिक जांच रिपोर्ट राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजते हुए जज को हटाने की सिफ़ारिश करने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट
चीफ जस्टिस को आंतरिक जांच रिपोर्ट राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को भेजते हुए जज को हटाने की सिफ़ारिश करने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

अघोषित नकदी विवाद में जस्टिस यशवंत वर्मा को दोषी ठहराने वाली आंतरिक समिति की रिपोर्ट के ख़िलाफ़ दायर रिट याचिका खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) को जज को हटाने की सिफ़ारिश करते हुए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को रिपोर्ट भेजने का अधिकार है।न्यायालय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तैयार की गई आंतरिक प्रक्रिया में वह प्रावधान (पैराग्राफ 7(ii)) "कानूनी और वैध" है, जिसके तहत चीफ जस्टिस को समिति की रिपोर्ट के साथ राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को रिपोर्ट भेजने की आवश्यकता...